August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिंदगी की यही रीत है, हार के बाद ही जीत है गीत की ये पंक्तियां मतवारी की जागृति साहू पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जिन्होंने शिक्षिका बनने की चाहत पूरी न होने के बाद फिर से कोशिश की हारने के बाद फिर उठीं और तय किया नया रास्ता और जीत भी हासिल की। पति का साथ और प्रोत्साहन मिला और 2 साल में जागृति साहू को मिला दुर्ग की ''मशरूम लेडीÓÓ का खिताब। सफर आसान तो नहीं था मगर खुद को साबित करने के जुनून में जागृति ये मंजिल पाई है। सीईओ जिला पंचायत श्री सच्चिदानंद आलोक ने उनके काम को देखकर यह उपमा उन्हें दी है।
    पति और बेटी को पसंद था मशरूम खाना,इसलिए शुरू किया उत्पादन- जागृति साहू बीएससी और एमए पास हैं। इसलिए उनकी इच्छा थी कि नौकरी करें। जागृति बताती है कि शिक्षाकर्मी के लिए चयनित होने के बाद भी कुछ तकनीकी कारणों से जागृति का शिक्षिका बनने का सपना अधूरा रह गया था। वह कुछ उदास रहने लगी थी । लेकिन कहते हैं ना जिंदगी ठहरने का नाम नहीं है। जागृति बताती है कि उनके पति और बच्ची को मशरूम खाना बहुत पसंद था। सप्ताह में करीब दो से तीन बार उनके घर मशरूम जरूर आता था। वे 200 रुपए प्रति किलो में मशरूम खरीदा करतीं।
    एक दिन उनके पति ने कहा कि घर पर यूं ही खाली बैठने से अच्छा क्यों ना वह मशरूम का उत्पादन शुरू करें। जागृति को ये आइडिया जम गया पति की प्रेरणा के बाद उन्होंने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लेने की सोची। जागृति प?ी लिखी तो थी हीं और लगन की पक्की भी। जब उनको पता चला कि जिला पंचायत द्वारा बिहान कार्यक्रम के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं को उनकी इच्छा अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि वह स्वरोजगार की स्थापना कर सकें। उन्होंने मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लेने की इच्छा व्यक्त की 2018 में पहले पीएनबी से 3 दिवसीय और देना बैंक के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 दिवसीय प्रशिक्षण लिया। इसके बाद पीछे मुड्कर नहीं देखा शुरुआत में 5 हजार रुपए से मशरूम उत्पादन शुरू किया। फिर बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज के माध्यम से 99 हजार रुपए का ऋण मिला। जिसमें से 50 हजार रुपए से उन्होंने अपनी मशरूम उत्पादन की यूनिट को बड़ा रूप दिया। बाकी के रुपए समूह की महिलाओं को कृषि कार्य के रूप में ऋण के रूप में दिया। जागृति न केवल खुद काबिल बनी बल्कि मतवारी गांव की दूसरी महिलाओं को भी उन्होंने अपने काम से जो?ा। आज घर बैठे महिलाएं अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं।
    अपनी मेहनत से गायत्री स्व सहायता समूह ने मशरूम उत्पादन कर 2 साल में 6 लाख रुपए कमाए - जागृति साहू बताती है कि उनके समूह में 12 महिलाएं हैं वर्ष 2018 से लेकर अब तक उन्होंने 6 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस साल उनके इस समूह द्वारा 2 लाख 20 हजार रुपए का मशरूम बेचा गया है। जागृति ने बताया कि बताया कि मशरूम में लागत का दोगुना फायदा होता है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से 120 रु. प्रति किलो में मशरूम के बीज खरीदती हैं और 1 किलो बीज से 10 किलो मशरूम का उत्पादन होता है। सभी खर्चे निकाल कर भी अच्छी आमदनी हो जाती है।
    बनीं मास्टर ट्रेनर, अब तक प्रदेश की 850 महिलाओं को दिया प्रशिक्षण 750 महिलाएं कर रहीं उत्पादन- जागृति ने मशरूम उत्पादन करना सीखा लेकिन उनकी यात्रा यही समाप्त नहीं हुई उनके कौशल को देखते हुए पीएनबी द्वारा राजधानी रायपुर में संचालित एकमात्र कृषक प्रशिक्षण केंद्र में मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित कर लिया गया। आज वह प्रदेश भर की महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। जागृति बताती है कि अब तक उन्होंने 850 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है जिसमें से 750 महिलाएं मशरूम उत्पादन कर आमदनी अर्जित कर रही हैं। जागृति दुर्ग जिले के तीनों जनपद पंचायतों एवं आसपास की सभी जिलों की महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं। जागृति कृषि विभाग की आत्मा योजना और बिहान योजना में भी प्रशिक्षण दे रही हैं।
    नेशनल लेवल के प्रशिक्षक के रूप में हुई चयनित- जागृति अब केवल प्रदेश में ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी अपने गांव मतवारी और दुर्ग जिले का नाम रोशन करने वाली हैं रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट में प्रशिक्षण देने के लिए उनका चयन नेशनल लेवल ट्रेनिंग के लिए भी हुआ है।
    मशरूम की डिमांड इतनी है कि लोग इंतजार करते हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से करती हैं प्रचार- गायत्री स्व सहायता समूह द्वारा उत्पादित मशरूम की इतनी डिमांड है कि लोग कई दिन तक इंतजार करते हैं। समूह द्वारा ओयस्टर मशरूम का उत्पादन किया जाता है जुलाई 2020 से प्रोटीन रिच पिंक ओयस्टर मशरूम का उत्पादन शुरू किया है। जिसकी और भी डिमांड है। हर दिन कम से कम 4 से 5 किलो मशरूम का उत्पादन होता है इस लिहाज से यदि 200 प्रति किलो का हिसाब लगाएं तो 800 से 1000 रुपए की आमदनी ली जा सकती हैं।
    मशरूम उत्पादन के साथ-साथ हर्बल फिनाइल हर्बल सोप डिटर्जेंट इत्यादि का उत्पादन भी करता है इनका समूह- जागृति बताती हैं कि उन्होंने केवल एक काम तक खुद को सीमित नहीं रखा है मशरूम उत्पादन के अलावा उनका समूह हर्बल फिनायल ,डिटर्जेंट इत्यादि का उत्पादन भी कर रहा है। जिसकी अच्छी खासी डिमांड है। इनको अच्छे ऑर्डर भी मिल रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित बिहान बाजार में भी गायत्री स्व सहायता समूह ने काफी अच्छी बिक्री की थी।

    00 वारदात की वजह और आरोपी का अब तक नही मिल पाया कोई सुराग
    00 गंभीर रूप से घायल नाबालिग के बयान पर टिकी जांच

    दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के पाटन विकासखण्ड के अमलेश्वर के पास तथा राजधानी रायपुर से लगे ग्राम खुड़मुड़ा में बिती रात्रि एक ही परिवार के चार लोगों परिवार के मुखिया बालाराम सोनकर (60 वर्ष) उसकी पत्नी दुलारी बाई सोनकर (55 वर्ष) पुत्र रोहित सोनकर (32 वर्ष) व पुत्र वधु कीर्ति सोनकर (27 वर्ष) की निर्मम हत्या हो कर दी गई है। दिल दहला देनेवाली इस घटना से आस पास के क्षेत्रों में भारी भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। बताया जाता है कि मृतक का पूरा परिवार यहां बाड़ी में रहकर काम करते थे। घटना की जानकारी मिलते ही आईजी विवेकानंद सिन्हा,एसपी प्रशांत ठाकुर, एएसपी ग्रामीण प्रज्ञा मेश्राम, एसडीओपी आकाश गिरपुंजे, टीआई सहित सभी पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच कर मौका मुआयना किये और जांच के लिए फोरेंसिंक एक्सपर्ट को बुलाकर जांच करवाये और हत्यारों को पता लगाने एसपी श्री ठाकुर ने आवश्यक दिशा निर्देश दिये । हालांकि हत्या की वजह और हत्यारे को लेकर पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस वारदात में गंभीर रूप से घायल परिवार के 11 वर्षीय बालक के बयान पर पुलिस की जांच टिक गई है।
    राजधानी से लगी दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र के खुड़मुड़ा गांव में पिता-पुत्र और उनकी पत्नियों की हत्या हो गई है। यह परिवार यहां पर बाड़ी में रहकर काम करता था। परिवार के एक 11 वर्षीय बालक पर भी हमला किया गया है। फिलहाल इस बालक को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। यह बालक वारदात का चश्मदीद गवाह है। उसके बयान के बाद ही वारदात की वजह और आरोपियों के बारे में कोई सुराग मिल सकता है।
    पुलिस ने बताया कि आज सुबह दुलारी बाई सोनकर की लाश बाड़ी में सिंचाई के लिए बनाए गए पानी की टंकी में तैरती हुई मिली। उसी के नजदीक खुली जगह पर बहू कीर्ति सोनकर की रक्तरंजित लाश पड़ी थी। दोनों की हत्या किसी वजनी पत्थर से सिर कुचलकर की गई प्रतीत हो रही थी। इस बीच घर के दोनों व्यस्क पुरुष सदस्य बालाराम व रोहित कहीं भी नजर नहीं आ रहे थे। घर का दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने उसे खुलवाया तो वहां कोई नहीं मिला। फिर जिस पानी टंकी में दुलारी बाई की लाश मिली थी, उसके तह में जाकर तलाश किया गया तो घनाराम व रोहित की लाशें वहां मिल गई।
    डीजीपी अवस्थी पहुंचे घटना स्थल
    छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने आज दोपहर अमलेश्वर थाने के खुड़मुड़ा पहुंचकर एक ही परिवार के चार लोगों की हुई हत्या की विस्तृत जानकारी लेकर जिले के आला अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इससे पहले सुबह घटना की जानकारी मिलते ही श्री अवस्थी ने दूरभाष पर आईजी विवेकानंद सिन्हा को घटना स्थल पहुंचने का निर्देश दिया। फिर विधानसभा से होकर वे खुड़मुड़ा के लिए रवाना हुए। यहां पहुंचकर उन्होने वारदात के चश्मदीद गवाह परिवार के नाबालिग बालक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्री अवस्थी ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आईजी विवेकानंद सिन्हा व एसपी प्रशांत ठाकुर से भी वारदात से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए जरुरी निर्देश दिए।

    रायपुर / शौर्यपथ /  अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मोतीलाल वोरा के 21 दिसम्बर को दुखद निधन पर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य में 21 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक तीन दिवस का राजकीय शोक घोषित किया है। राजकीय शोक की अवधि में राज्य में स्थित समस्त शासकीय भवनों और जहां पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाते हैं वहां पर राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे तथा शासकीय स्तर पर कोई मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जाएंगे। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि श्री वोरा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया है।

    रायपुर / शौर्यपथ /  वन मंत्री  मोहम्मद अकबर ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मोतीलाल वोरा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री वोरा एक कुशल राजनीतिज्ञ थे और उन्होंने छत्तीसगढ़ अंचल सहित देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान निभाया। वन मंत्री अकबर ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को दुःख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की है। 

    रायपुर / शौर्यपथ /  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता श्री मोतीलाल वोरा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि स्व. श्री वोरा ने सार्वजनिक जीवन में उच्च मानदंड स्थापित किए। वे मृदुभाषी और सरल, सौम्य व्यक्तित्व के धनी थे। वे अंतिम समय तक समाज के लिए कार्य करते रहे और उनके निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। राज्यपाल ने श्री वोरा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर मिली एक और बड़ी उपलब्धि
    खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना तेजी से हो रही साकार

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केन्द्र सरकार ने बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में 5 करोड़ की लागत से सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल ग्राउण्ड के साथ खिलाड़ियों के लिए रनिंग ट्रेक की स्वीकृति प्रदान की है। जगदलपुर में सिंथेटिक टर्फ फुटबॉल मैदान बन जाने से बस्तर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
    गौरतलब है कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खेल अधोसंरचनाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में खेलबो-जीतबो-गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को तेजी से साकार किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय ने खेलो इंडिया योजना के तहत जगदलपुर बस्तर में सिंथेटिक फुटबाल ग्राउण्ड और रनिंग ट्रेक निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया था। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के विशेष प्रयासों से भारत सरकार ने जगदलपुर में 5 करोड़ रुपए के सिंथेटिक फुटबाल टर्फ ग्राउण्ड के साथ खिलाड़ियों के लिए रनिंग ट्रेक के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति 18 दिसंबर 2020 को जारी कर दी है।
    इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं खेल मंत्री उमेश पटेल ने हर्ष व्यक्त करते हुए खेल विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए अधिक से अधिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बस्तर के युवा अब खेलों में अग्रणी होंगे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के अंतिम संस्कार में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रिय अध्यक्ष राहुल गाँधी , राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सही कई कांग्रेसी नेता दुर्ग आयेंगे .
    बता दे कि ९३ वर्षीय मोतीलाल वोरा की तबियत अचानक बिगड़ने से उन्हें दिल्ली के एस्कार्ट में भर्ती कराया गया था जहाँ उन्होंने अंतिम साँस ली . कुछ समय पहले मोतीलाल वोरा कोरोना से भी संक्रमित हुए थे किन्तु इस बिमारी से उबार कर घर में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे . २० दिसंबर को उन्होंने परिवार वालो के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया था देर रात अचानक तबियत बिगड़ने से उन्हें एस्कार्ट हॉस्पिटल ले जाया गया जहा सोमवार दोपहर उन्होंने अंतिम साँस ली .
    पूर्व मुख्यमंत्री वोरा के निधन पर छत्तीसगढ़ में तीन दिन का राजकीय शोक मनाया जाएगा इस दौरान तिरंगा आधा झुका रहेगा एवं शासकीय स्तर पर किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे .

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का बचाव करते हुए कहा कि चंद लोग "राजनीतिक कारणों" से इन अधिनियमों का विरोध कर रहे हैं. खट्टर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है लेकिन सड़क बंद कर दबाव बनाने के लिए कोई जगह नहीं है. दक्षिण हरियाणा के नारनौल में "जल अधिकार रैली" को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है. इस रैली में BJP के वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय कई चरणों में दोगुनी की जाएगी जिनमें से एक कृषि सुधार हैं. उन्होंने कहा, "चंद लोग राजनीतिक कारणों से इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं जिन्हें मैं किसानों का प्रतिनिधि नहीं कहूंगा."
    खट्टर ने कहा कि विरोध के कई तरीके हैं. यह विधानसभा में किया जा सकता है, मीडिया के जरिए किया जा सकता है, लोगों के बीच जाकर किया जा सकता है और बड़ी या छोटी जनसभाओं के जरिए किया जा सकता है, लेकिन "50-70 हजार लोग इकट्ठा हो जाएं और सड़कें बंद करके दबाव बनाएं... लोकतंत्र ऐसी चीजों के लिए नहीं है." उन्होंने कहा, "अगर सरकार इसके आगे झुक जाती है तो देश गलत दिशा में जाएगा. बड़ी मुश्किलों से हमने इस लोकतंत्र को स्थापित किया है." पंजाब और हरियाणा समेत देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले चार हफ्तों से कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. वे इन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. इन कानूनों के बारे में सत्तारूढ़ दल का दावा है कि ये किसानों के फायदे के लिए हैं.
    प्रदेश भाजपा प्रमुख ओपी धनखड़ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए हैं और वे उनके समर्थन में हैं. धनखड़ ने कहा कि कुछ दिन पहले टीवी पर एक परिचर्चा के दौरान एक किसान नेता से पूछा गया कि यह आंदोलन कब खत्म होगा तो उन्होंने कहा कि यह उस दिन खत्म हो जाएगा जब इसमें कोई राजनीति नहीं रहेगी. प्रदेश भाजपा प्रमुख ने दावा किया, ‘‘यह आंदोलन किसानों का नहीं है, बल्कि राजनीति के लिए है. यह लाल झंडे वालों (वामपंथियों) का आंदोलन है.'' खट्टर ने फिर दोहराया कि अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को किसी तरह का खतरा होता तो वह राजनीति छोड़ देते.
    सतलुज-यमुना संपर्क नहर के मुद्दे पर खट्टर ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में राज्य मनमानी नहीं कर सकते हैं और पंजाब को मुद्दे पर अपनी जिद छोड़नी होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि हरियाणा को अपने हिस्से का पानी निश्चित रूप से मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से कहा कि वह केंद्र के साथ बातचीत के दौरान अपनी मांगों में पंजाब में नहर बनाने का मुद्दा भी शामिल करें. केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान किसानों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं. रैली के दौरान एक व्यक्ति को कथित रूप से काला झंडा लहराने को लेकर पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने इस बात के संकेत दिए हैं कि हाथरस केस में उत्तर प्रदेश की पुलिस अपना काम करने में असफल रही थी. हाथरस जिले में 20 साल की एक महिला के कथित वीभत्स गैंगरेप और मर्डर केस की जांच देख रहे सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने पिछले हफ्ते केस की चार्जशीट फाइल की है, जिसके बाद यूपी के मंत्री का यह बयान आया है.
    सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, 20 साल की दलित महिला के साथ ऊंची जाति से आने वाले चार आरोपियों ने 14 सितंबर को गैंगरेप किया था. बाद में पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. यूपी पुलिस ने पीड़िता का शव उसके गांव ले जाकर रात के अंधेरे में ही उसका दाह-संस्कार कर दिया था, जिस घटना पर पूरे देश में आक्रोश फैल गया था.
    यूपी के श्रम राज्य मंत्री सुनील भराला ने कहा, 'यूपी सरकार हमेशा से परिवार के साथ खड़ी रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसला किया था कि यह केस सीबीआई को दे देना चाहिए. उनको यह भी भरोसा नहीं था कि यूपी पुलिस अपना काम अच्छे से करेगी. ऐसा नहीं है कि सारे पुलिसवाले अच्छे होते हैं. सारे पुलिस अफसर दूध के धुले नहीं हैं. पहले दिन से योगी जी पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं.'
    इस मामले में सीबीआई ने चार आरोपियों के खिलाफ पीड़िता के गैंगरेप और प्रताड़ना देने के आरोप में चार्जशीट फाइल की है. सीबीआई ने इनपर SC/ST Act की धारा भी लगाई है. जांच एजेंसी ने हाथरस के एक कोर्ट में पिछले हफ्ते अपनी चार्जशीट फाइल की है.
    उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस केस को जैसे हैंडल किया- खासकर बिना परिवार की अनुमति के आधी रात में दाह-संस्कार- करने की घटना ने पूरे देश में विरोध का माहौल बना दिया था. हालांकि, पुलिस अधिकारियों को कहना था कि शवदाह 'परिवार की मर्जी से हुआ था.'
    अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने था कि सीबीआई की जांच को इलाहाबाद हाईकोर्ट मॉनिटर करेगा. पिछले हफ्ते सीबीआई ने मामले की जांच खत्म करने के लिए और वक्त मांगा, जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अगली सुनवाई की तारीख 27 जनवरी रखी है.
    इस मामले में मुख्य आरोपी ने जेल से यूपी पुलिस को एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि उसे और तीन अन्य आरोपियों को फंसाया जा रहा है और उन्हें 'न्याय' दिलाने की मांग की थी. उसने पीड़िता की मां और भाई पर पीड़िता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. पीड़िता के परिवार ने इन आरोपों से इनकार किया है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली और आसपास डटे किसानों ने आंदोलन और तेज करने की कवायद शुरू कर दी है. किसानों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है. किसानों का एक समूह बारी-बारी से 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेगा. पांच दौर की बैठक विफल रहने के बाद, सरकार ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों से अगले दौर की बातचीत के लिए तारीख तय करने को कहा है. इस महीने की शुरुआत से किसानों का यहा तीसरा बड़ा प्रदर्शन है. इससे पहले, किसानों ने भूख हड़ताल और भारत बंद का आह्वान किया था. सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बार-बार भरोसा दिए जाने के बीच प्रदर्शन को तेज किया जा रहा है.
    मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
    केंद्र सरकार ने आंदोलन कर रहे किसान संगठनों को रविवार को आमंत्रित किया और कहा कि वे वार्ता के लिए तिथि तय करें. सरकार ने कहा है कि कृषि कानूनों में पहले जिन संशोधनों का प्रस्ताव दिया गया था, उन्हें लेकर जो चिंताएं हैं, संगठन वे भी बताएं.
    स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने रविवार कहा, ‘‘किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ सभी प्रदर्शन स्थलों पर सोमवार को एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे. इसकी शुरुआत सिंघु बॉर्डर समेत यहां प्रदर्शन स्थलों पर 11 सदस्यों का एक दल करेगा.''उन्होंने कहा, ‘‘हम देशभर में सभी प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद सभी लोगों से इसमें भाग लेने की अपील करते हैं.''
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक या दो दिन में प्रदर्शनकारी समूहों से उनकी मांगों पर बातचीत कर सकते हैं. शाह ने कहा, ‘‘मुझे समय की सही जानकारी नहीं है, लेकिन तोमर के कल या परसों किसान प्रतिनिधियों से उनकी मांगों पर बातचीत करने की संभावना है.''
    पंजाब और हरियाणा के किसानों ने रविवार को श्रद्धांजलि दिवस मनाया और उन किसानों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी मौत आंदोलन के दौरान हुई है. किसान संगठनों का दावा है कि आंदोलन में शामिल 30 से अधिक किसानों की दिल का दौरा पड़ने और सड़क दुर्घटना जैसे विभिन्न कारणों से मौत हुई है.
    भारतीय किसान यूनियन (एकता-उग्राहां) ने रविवार को कहा कि एक केंद्रीय एजेंसी ने उससे उसकी पंजीकरण की जानकारी जमा करने को कहा है, जो उसे विदेशी धनराशि प्राप्त करने की इजाजत देती है. बीकेयू (एकता-उग्राहां) के अध्यक्ष जोगिंदर उग्राहां और महासचिव सुखदेव सिंह ने केंद्र सरकार की मांग के बारे में खुलासा किया और आरोप लगाया कि ‘‘केंद्र सभी रणनीति का उपयोग कर रहा है क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य आंदोलन को विफल करना है.''
    भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी टोल बूथ पर हम टोल वसूली नहीं होने देंगे, हम उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे. 27 दिसंबर को हमारे प्रधानमंत्री अपने ‘मन की बात' करेंगे और हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि उनके भाषण के दौरान ‘थालियां' बजाएं.''
    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि चंद लोग "राजनीतिक कारणों" से इन अधिनियमों का विरोध कर रहे हैं. खट्टर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपने विचार रखने का अधिकार है लेकिन सड़क बंद कर दबाव बनाने के लिए कोई जगह नहीं है. खट्टर ने दोहराया कि अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली को किसी तरह का खतरा होता तो वह राजनीति छोड़ देते.
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है क्योंकि उनकी सम्पन्नता से ही देश की प्रगति सुनिश्चित होगी. योगी ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे किसान आंदोलन का भी जिक्र किया और विपक्ष पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया.
    केंद्रीय मंत्री वी के सिंह ने आज कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का प्रदर्शन ‘राजनीतिक अधिक' है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री ने किसानों के साथ संवाद से पूर्व यहां संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि ‘‘पिछले छह महीने में जो कुछ किया गया है, उनसे वास्तविक किसान बहुत खुश हैं.''
    नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान डटे हुए हैं. केन्द्र सरकार सितम्बर में पारित तीन नए कृषि कानूनों को कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे.

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