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जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / वर्तमान सरकार के 2 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर विकासखंड स्तरीय विकास फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बलौदा जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में राज्य सरकार की उपलब्धियों और जन कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को आकर्षक चित्र और संक्षिप्त जानकारी के साथ प्रदर्शित किया गया । प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, सुराजी गांव योजना, रामवन गमन वन परिपथ पर्यटन विकास योजना, मनरेगा, स्वालंबन योजना आदि को आकर्षक और संक्षिप्त जानकारियों के साथ प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शनी देखने पहुंचे सर्वश्री संतोष गुप्ता, राजू देवांगन, प्रेम श्रीवास, सुरेश देवांगन वासु, यशपाल सिंह, दिनेश पटेल, शत्रुघन नरेश पटेल सहित बड़ी संख्या में लोगो ने शासकीय योजनाओं की सराहना करते हुए योजनाओं को जनकल्याणकारी बताया। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित विचार माला, जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका जनमन एवं योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री का निशुल्क वितरण भी किया गया। कल 19 दिसंबर को अकलतरा, 20 दिसंबर को पामगढ़ में विकास प्रदर्शनी का आयोजन कि जाएगा।
कोलकाता /शौर्यपथ / अगले साल होने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज होती जा रही है. गृह मंत्री अमित शाह के शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शाह पर हमला बोला है. ब्रायन ने आरोप लगाया कि अमित शाह के एक भाषण में मनगढ़ंत और झूठी जानकारियों के 7 अंश हैं.
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रविवार को अपने ट्वीट में लिखा कि "टूरिस्ट गैंग" के हैंचमैन की ओर से बंगाल में दिए गए भाषण का फैक्ट चेक किया. उन्होंने कहा, "एक भाषण में मनगढ़ंत और झूठी जानकारी के 7 अंश हैं." टीएमसी सांसद ने अपने ट्वीट में अमित शाह के भाषण के 7 अंश लिए हैं. उन दावों के नीचे रियल्टी लिखकर सफाई दी गई है.
गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को टीएमसी प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, "क्यों इतने सारे लोग तृणमूल कांग्रेस छोड़ रहे हैं. इसके पीछे ममता का कुशासन, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद है. दीदी यह तो सिर्फ आगाज है, चुनाव आने तक आप अलग-थलग पड़ जाएंगी."
बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के कई विधायकों और सांसद के साथ अन्य नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा. तृणमूल के कद्दावर नेता रहे सुवेंदु अधिकारी ने भी शाह की मौजूदगी में भाजपा ज्वाइन की. शाह ने उनका स्वागत किया.
मुंबई / एजेंसी / शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को दावा किया कि केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन पर चर्चा से बचने के लिये संसद का शीतकालीन सत्र रद्द किया गया है. शिवसेना के मुखपत्र ''सामना'' में अपने साप्ताहिक लेख “रोकटोक” में राउत ने ऐसे समय में सेंट्रल विस्टा परियोजना पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने की जरूरत पर भी सवाल उठाए जब नरेन्द्र मोदी सरकार चचा कराने और संसद सत्र बुलाने की इच्छुक नहीं दिख रही है.
केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वे कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं. राउत ने कहा, “संसद का शीतकालीन सत्र इसलिये रद्द किया गया ताकि दिल्ली के निकट चल रहे किसानों के आंदोलन पर कोई चर्चा न हो.”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 दिसंबर को नए संसद भवन की आधारशिला रखते हुए इसे “भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर” करार दिया था. इस त्रिकोणीय आकार वाले संसद भवन में 900 से 1200 सांसदों के बैठने की क्षमता होगी. अगस्त, 2022 में देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
राउत ने इसे लेकर केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूद संसद भवन ठीक है और इसमें अलगे 50 से 75 साल तक अच्छी तरह से काम चल सकता है.
मुंबई / शौर्यपथ / महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आरे मेट्रो कार शेड को लेकर अहंकारी होने के BJP के तंज पर पलटवार किया है. ठाकरे ने रविवार को जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे को लेकर जल्दबाजी में उठाया गया कदम व्यर्थ हो जाता है और यह असल में विकास नहीं रह जाता. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुछ दिनों पहले ठाकरे की अगुवाई गठबंधन सरकार को आरे मेट्रो कार शेड पर अहंकार छोड़कर निर्माण कार्य शुरू करने की सलाह दी थी. कांजुरमार्ग की तरह मुंबई की आरे कालोनी में मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट को लेकर भी काफी विवाद हुआ था.
महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार ने सिविल सोसायटी और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बाद आरे से मेट्रो कार शेड परियोजना को कांजुरमार्ग स्थानांतरित करने का फैसला अक्टूबर में किया था. ठाकरे ने कहा, अगर मुंबई की बेहतरी के लिए उन्हें अहंकारी भी होना पड़े तो वह यह दोष भी अपने सिर लेने को तैयार हैं. ठाकरे ने कहा कि मेट्रो कार शेड के मुद्दे पर उन्हें अहंकारी कहा जा रहा है. हां यह सही है कि मुंबई को लेकर मैं अभिमानी हूं. हमने मेट्रो कार शेड को आरे से कांजुरमार्ग ले जाने का फैसला वन क्षेत्र को बचाने के लिए किया था. पहले कार शेड के लिए पेड़ काटे गए होते और फिर किसी अन्य कार्य के लिए. धीरे-धीरे पूरा वन क्षेत्र वहां से गायब हो जाता.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का मतलब यह नहीं है कि कार्य को बेहद तेजी से पूरा कर दिया जाए. जल्दबाजी में पूरे किए गए कार्य नुकसान और बर्बादी का कारण बनते हैं. लेकिन यह मौजूदा और भविष्य की पीढ़ी का सवाल है. आरे में सिर्फ मेट्रो 3 शेड ही संभव था लेकिन कांजुरमार्ग पर मेट्रो 3, 4 और 6 बनाया जा सकता है. वहां परियोजना को और विस्तार देना भी संभव है. अगर हम आरे में निर्माण कार्य करते तो यह सिर्फ 5 साल के लिए ही पर्याप्त होता. कांजुरमार्ग पर यह 50 साल की जरूरतों को पूरा करता है. मालिकाना हक जताने से ज्यादा जरूरी है कि कैसे लोगों को फायदा होगा. विकास के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
खाना खजाना / शौर्यपथ / सर्दी का मौसम हो या बरसात का, भुट्टा दोनों ही मौसम में सबका पसंदीदा होता है। सर्दियों के मौसम में आग तापते हुए, भुट्टे का आनंद लेना भला कौन नहीं चाहता। लेकिन इस साल सर्दियों में कुछ अलग ट्राई करें, हाथों में भुना हुआ भुट्टा नहीं बल्कि भुट्टे के कबाब को जगह दीजिए। आइए जानते हैं आपकी सर्द शाम को खूबसूरत बनाने के लिए कैसे बनाए जाते हैं भुट्टे के कबाब।
भुट्टे के कबाब बनाने के लिए सामग्री-
-भुट्टे- 2
-उबले हुए आलू- 2
-ब्रेड- 4
-बारीक कटा हुआ प्याज- 1
-बारीक कटे हुए पुदीना पत्ते
-मक्खन- 1 चम्मच
-गरम मसाला- 1 चम्मच
-काली मिर्च पाउडर- 1/2 चम्मच
-हरी मिर्ची- 2 बारीक कटी हुई
-नमक- स्वादानुसार
-तेल- 2 चम्मच
भुट्टे के कबाब बनाने का तरीका-
भुट्टे के कबाब बनाने के लिए सबसे पहले दरदरे पीसे हुए भुट्टे और उबले हुए आलू को छीलकर एक बाउल में डालकर उसे अच्छे से मिला दें। अब ब्रेड को भी बारीक तोड़कर बाउल के मिश्रण में मिला दें। अब इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्ची, पुदीना पत्ते, नमक और बताई गई सभी सामग्री डालकर अच्छे से मिला लें। अब ओवन को 180 डिग्री पर preheat कर लें। कबाब के मिश्रण को आप सीख पर अच्छी तरह से लगाने के बाद ब्रश से इस पर मक्खन भी लगाएं।
अब पहले से preheat ओवन में 15-20 मिनट के लिए इन कबाब को रख दें। जब ये गोल्डन रंग में bake होने लगे तो आप इसे पलट दें। कबाब को हर 5-6 मिनट बाद पलटती रहें इससे हर तरफ से कबाब अच्छी तरह से bake होने के साथ क्रिस्पी भी बनेंगें। भुट्टे के कबाब बनकर तैयार हैं, गर्मागर्म सर्व करें।
मनोरंजन / शौर्यपथ /एक्टर रणधीर कपूर और बबीता ने साल 1971 में शादी की थी, लेकिन शादी के 17 साल बाद दोनों एक-दूसरे से अलग-अलग रहने लगे। हाल ही में करीना कपूर खान ने अपने पैरेंट्स के अलग रहने पर खुलकर बात की। बता दें कि दोनों की दो बेटियां हैं, करीना और करिश्मा। एक इंटरव्यू के दौरान करीना ने कहा कि त्योहार हो या फिर कोई सेलिब्रेशन अभी भी हम सभी साथ ही मनाते हैं।
करीना कहती हैं, “मेरे माता-पिता लवली रिलेशनशिप में हैं, कई बार लोग महसूस करते हैं कि उनकी जिंदगी वैसी नहीं जा रही है, जैसी उन्होंने प्लान की थी। इसमें अच्छा ही है कि वे दोनों लोग साथ न रहें, लेकिन हां, वे दोस्त जरूर बने रह सकते हैं। बच्चों के लिए निर्णय भी साथ ले सकते हैं। जरूरी नहीं कि दोनों को 24 घंटे और सातों दिन साथ रहना है। मुझे लगता है कि पैरेंट्स की यह बात मैंने और करिश्मा ने जल्द ही छोटी उम्र में समझ ली थी। शादी के बाद अलग रहना और फिर दोस्ती करना, यह भी एक रिलेशनशिप हो सकता है।”
करीना आगे कहती हैं कि मेरे पैरेंट्स के साथ यह चीज पिछले 35 सालों से है। जब उन्हें साथ होने की जरूरत होती है और कोई सेलिब्रेशन की बात आती है तो वे साथ होते हैं। बस दोनों की रोजमर्रा की जिंदगी अलग है। और सच कहूं तो वह शानदार भी है।
करीना कहती हैं कि मेरी मां मेरी बेस्टफ्रेंड हैं। मैं पापा की काफी इज्जत करती हूं और वह मेरी प्रेरणा हैं। पापा हमेशा हमारे साथ होते हैं, वह चाहे कुछ बोले न, लेकिन साथ हर चीज में देते हैं।
शिक्षा /शौर्यपथ /आचार्य चाणक्य एक कुशल अर्थशास्त्री और राजनीतिक के साथ एक महान शिक्षाविद भी थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़ी कई समस्याओं का हल बताया है। चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को दोस्ती के समय भी सावधानी बरतनी चाहिए। बिना सोचे-समझे व्यक्ति से दोस्ती करने वाले व्यक्ति को जीवन में धोखा मिलता है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में सच्चे मित्र की पहचान के गुण बताए हैं। जानिए कैसे करते हैं सच्चे मित्र की पहचान-
1.सही मार्ग दिखाएं- चाणक्य कहते हैं कि आज के समय में कई मित्र मिलते हैं। लेकिन सच्चा मित्र बहुत मुश्किल से मिलता है। चाणक्य के अनुसार, सच्चा मित्र वही होता है जो सही मार्ग दिखाता है। हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। चाणक्य का मानना है कि गलत कामों पर नहीं टोकने वाला मित्र दुश्मन के समान होता है।
2. दूसरों की पीड़ा में दुखी होने वाला- चाणक्य कहते हैं कि दूसरों का दुख समझने वाले व्यक्ति को समाज में हमेशा सम्मान मिलता है। नीति शास्त्र के अनुसार, दूसरों के दुख में साथ देने वाला व्यक्ति अपने मुश्किल समय में कभी अकेला नहीं होता है। व्यक्ति को हमेशा विनम्र स्वभाव के साथ दूसरों से मिलना चाहिए।
3. घमंड नहीं करने वाला- चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने पद और धन पर घमंड करता है, वह कभी सुखी नहीं हो पाता है। ऐसे व्यक्ति को समाज में कभी सम्मान नहीं मिलता है। पद और पैसा अस्थाई होते हैं। ऐसे में जब व्यक्ति से पद और पैसा छिन जाता है तो, वह अकेला रह जाता है। चाणक्य कहते हैं कि सच्चा मित्र भी कभी किसी बात पर घमंड नहीं करता है।
4. सीखने के लिए तत्पर- चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को हमेशा कुछ न कुछ नया सीखते रहना चाहिए। नीति शास्त्र के अनुसार, जो व्यक्ति हर किसी से कुछ न कुछ सीखने के लिए तैयार रहते हैं, ऐसे व्यक्ति कुशल होते हैं। इसी तरह सच्चा मित्र भी अपने मित्र से कोई भी नई चीज सीखने में कतराता नहीं है।
धर्म संसार / शौर्यपथ /सूर्य भगवान की उपासना हर दिन की जाती है। लेकिन रविवार के दिन सूर्य उपासना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि रविवार के दिन सूर्य को जल चढ़ाने, मंत्र का जाप और सूर्य नमस्कार करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए कई मंत्र हैं। इन मंत्रों में से 'राष्ट्रवर्द्धन' सूक्त से लिया गया सूर्यदेव का एक दुर्लभ मंत्र है। मान्यता है कि रविवार के दिन इस दुर्लभ मंत्र के जाप से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सूर्यदेव का दुलर्भ मंत्र-
'उदसौ सूर्यो अगादुदिदं मामकं वच:।
यथाहं शत्रुहोऽसान्यसपत्न: सपत्नहा।।
सपत्नक्षयणो वृषाभिराष्ट्रो विष सहि:।
यथाहभेषां वीराणां विराजानि जनस्य च।।'
श्लोक का अर्थ है कि सूर्य ऊपर चला गया है, मेरा यह मंत्र भी ऊपर गया है। ताकि मैं शत्रुओं का विनाश करने वाला बन सकूं। प्रजाओं की इच्छाओं को पूरा करने वाला, देश को सामर्थ्य प्राप्त कराने वाला और जीतने वाला बन जाऊं। मैं शत्र पक्ष के वीरों और अपने-पराएं लोगों का शासक बन सकूं।
रविवार को इन उपायों से मिलता है शुभ फल-
रविवार को कुछ उपायों को करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य ऊर्जा और आत्मा का कारक है। कहते हैं कि जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में होते हैं, वह व्यक्ति राजा के समान जिंदगी बिताता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में उच्च पद और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।
1. केसरिया रंग के वस्त्र पहनें।
2. सूर्यदेव की उपासना के साथ संभव हो तो रविवार व्रत करें।
3. सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए रविवार को गुड़, गेहूं, तांबा आदि का दान करें।
4. एक मुखी रूद्राक्ष धारण करें।
5. गाय को रोटी खिलाएं।
वास्तु शास्त्र / शौयापथ / नए साल को आने में अब कुछ ही दिन बाकी है। सभी को 2021 का बेसब्री से इंतजार है। नए साल को खास बनाने के लिए लोगों ने अभी से तैयारी शुरु कर दी है। लोगों ने नए साल का स्वागत करने के लिए अपने घरों का सजाना भी शुरू कर दिया है। अगर आप भी नए साल के स्वागत के लिए घर को डेकोरेट करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो वास्तु शास्त्र का खास ख्याल रखें। कहते हैं कि ऐसा करने से नए साल की शुरुआत न केवल अच्छी होती है बल्किआर्थिक रूप से भी लाभकारी होती है। जानिए नए साल के स्वागत में घर को किस तरह से सजाना चाहिए-
1. इन रंगों का करें चुनाव- नए साल के स्वागत के लिए सबसे पहले अपने घर की सफाई करें। घर की सफाई के दौरान कोनों और किनारों को अच्छे से साफ करें। अगर आपने बहुत समय से कलर नहीं करवाया है तो दीवारों को पेंट भी करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में ब्राइट कलर का पेंट कराने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।
2. मेनगेट को ऐसे सजाएं- नए साल के स्वागत के लिए मेनगेट को अच्छे से सजाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, मेनगेट के सामने गड्ढा या गंदगी होना अशुभ माना जाता है। ऐसे में घर के दरवाजे पर कभी भी डस्टबिन भी नहीं करनी चाहिए।
3. रुकी हुई घड़ी- अगर आपके घर में बंद या खराब घड़ी है तो फौरन ठीक करा लेना चाहिए। कहते हैं कि घर में बंद घड़ी रखना अशुभ होता है। इसके साथ ही टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी नए साल के आने से पहले घर से बाहर कर देना चाहिए।
4. पौधों को लगाएं- घर की साज-सज्जा के लिए पौधों को भी शामिल करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ध्यान रहे कि घर के आंगन में गुल्लर का पौधा नहीं लगाना चाहिए।
5. टूटे बर्तनों को निकाल दें- नए साल का स्वागत करने से पहले रसोई से टूटे बर्तनों को निकाल देना चाहिए। कहते हैं कि रसोईघर में टूटे बर्तन रखने से घर में बरकत नहीं आती है।
शौर्यपथ / सर्दियों का मौसम सेहत बनाने के लिहाज से सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि तापमान में गिरावट आने से भोजन में संचित उष्मा हमारे शरीर को गर्म रखती है। इसका अर्थ यह है कि ठंड के मौसम में खाना आसानी से पच जाता है। खाने के अलावा अगर कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए, तो हम ठंड के मौसम में न सिर्फ सेहतमंद रह सकते हैं बल्कि इस मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।
संतुलित भोजन करें
कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, पर सेहत के लिए यही काफी नहीं होते। शरीर को वसा, प्रोटीन, फाइबर और तरल पदार्थों की भी उतनी ही जरूरत होती है। आमतौर पर सर्दियों में तला-भुना, डिब्बाबंद व जंक फूडखाने की इच्छा बढ़ती है, इस कारण कार्बोहाइड्रेट का सेवन बढ़ जाता है। दूसरा, शारीरिक सक्रियता घटने से अतिरिक्त कैलोरी की खपत नहीं हो पाती। इससे शरीर में तेजी से वसा जमने लगती है। इस मौसम में मौसमी फल व सब्जियों पर जोर दें। भोजन के साथ हरी सब्जियां, सलाद व सूप लें। इससे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व व फाइबर मिलेगा। शरीर में पानी की कमी न होने दें।
धूप सेंकना न भूलें
क्या पर्याप्त आराम के बावजूद आपको थकान होती है? या हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द रहता है? अगर आपका जवाब हां है, तो संभव है कि आपको विटामिन डी की खुराक की जरुरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, 100 में से 70 लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। सर्दियों का मौसम इस कमी को पूरा करने का अच्छा अवसर है। दोपहर के आसपास त्वचा पर धूप लगना विटामिनडी के लिहाज से सबसे बेहतर माना जाता है। ।दोपहर में सोना एक ओर जहां विटामिन डी से दूर करता है, वहीं रात में नींद का पैटर्न भी डिस्टर्ब हो जाता है। दोपहर में कुछ देर धूप में जरूर बैठना चाहिए।
व्यायाम करें
सर्दियों में हर रोज व्यायाम करने की आदत को न छोड़ें। नियमित व्यायाम करना शरीर में खुशी का एहसास कराने वाले हार्मोन का स्राव करता है। अवसाद में कमी लाता है। यूं भी सर्दियों में शारीरिक सक्रियता घटने से शरीर का वजन बढऩे की आशंका बढ़ जाती है। व्यायाम करना शरीर के लचीलेपल को भी बनाए रखता है।
घर के भीतर न सुखाएं कपड़े
विशेषज्ञों के अनुसार, घर के भीतर गीले कपड़े सुखाने से घर में एसलडीहाइडेट और बेंजीन कण हवा में फैलते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं। अस्थमा से परेशान लोगों की समस्या भी इससे बढ़ती है। यदि अस्थमा की परेशानी नहीं है, तो भी गीले कपड़ों को भीतर सुखाना सिरदर्द, गले में खराश और आंखों में जलन पैदा कर सकता है। अगर घर के भीतर गीले कपड़े सुखाते हैं, तो खिड़कियां खुली रखें।
अधिक क्रीम न लगाएं
सर्दियों की ठंडी हवा, त्वचा को शुष्क बना देती है। त्वचा को नमी की ज्यादा जरूरत होती है, पर इसका मतलब यह नहीं कि आप अनावश्यक क्रीम व लोशन लगाएं। अधिक क्रीम लगाने से त्वचा पर धूल-मिट्टी के देर तक जमे रहने की आशंका बढ़ती है। मृत त्वचा चेहरे पर ही रहती है, जिससे मुहांसे व त्वचा की एलर्जीकी आशंका बढ़ जाती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
