August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    चार महिला स्व सहायता समूह लघु वनोपज प्रसंस्करण से जुड़ कर रही जीविकोपार्जन

    धमतरी / शौर्यपथ / हरा-भरा वन जहां पर्यावरण संतुलन और जीव-जन्तुओं, पक्षियों के बसेरा के लिए जरूरी है। वहीं वनवासियों की जीवनशैली और दैनिक गतिविधियों, जीविकोपार्जन में अहम् भूमिका निभाता है। धमतरी जिला 52 प्रतिशत जंगलों से भरा है। सिहावा के श्रृंगी ऋषि पहाड़ से निकलकर प्रदेश की जीवनदायिनी महानदी धमतरी वनमण्डल को दो भागों में बांटती है। एक ओर उत्तरी भाग में अपेक्षाकृत कम जंगल हैं, वहीं दक्षिणी भाग जिसमें विकासखण्ड नगरी और मगरलोड है, घने जंगलों से भरा है। जिले के अधिकांश वनवासी इसी दक्षिणी भाग में बसे हुए हैं। जंगलों में मिलने वाले वनोपज वनवासियों की जिंदगी की पटरी को आगे बढ़ाने में मददगार होते हैं। लेकिन जंगलों का बेतरतीब दोहन ना हो और वनवासियों को जंगलों से इकट्ठा किए हुए वनोपज का उचित दाम मुहैय्या कराने के अलावा उन्हें जीविकोपार्जन की सहुलियत देने वर्ष 2004-05 में नगरी के दुगली में स्थापित किया गया, लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र। यहां वनवासियों से लघु वनोपज खरीदकर महिला स्व सहायता समूहों के जरिए उन वनोपजों का प्रसंस्करण किया जाता है।
    प्रसंस्करण केन्द्र प्रभारी बताते हैं कि यहां चार महिला स्व सहायता समूह क्रियाशील है। इन्हें हर मौसम में कोई ना कोई लघु वनोपज प्रसंस्करण का काम मिल जाता है। वन विभाग इन्हें संसाधन के साथ ही समय-समय पर नई तकनीकों का प्रशिक्षण और मशीन उपलब्ध कराता है। इसके बाद तैयार उत्पाद को स्थानीय स्तर पर अगर खरीददार तय दर पर लेने पहुंचे तो, उन्हें बेच दिया जाता है। साथ ही एन.एफ.डब्ल्यू.पी. मार्ट में तैयार उत्पाद बेचने के लिए भेज दिया जाता है। बताया गया है कि सितंबर से जनवरी तक यहां सतावर का पाउडर, जो कि महिलाओं, खासतौर पर शिशुवती माताओं के लिए पौष्टिकता से भरपूर होता है, उसे तैयार किया जाता है।
    लघु वनोपज आंवला से मीठा/ नमकीन कैण्डी, जूस, पाउडर बनाने का काम अक्टूबर से फरवरी तक समूह करता है। वहीं उपवास और गर्मी में शीतलता देने शरबत के तौर पर इस्तेमाल करने वाले तिखुर पाउडर भी समूह तिखुर कंद से बनाता है। यह काम दिसंबर से फरवरी तक चलता है। इसके साथ ही बैचांदी से चिप्स बनाने का काम दिसंबर से फरवरी तक समूह करता है, जो कि कृमिनाशक होने के साथ ही फलाहारी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यहां कार्यरत महिला समूह को मार्च से जून तक केक्ती से सूखा रेशा बनाने का काम भी मिलता है। इसके रेशे से रस्सी बनाकर पायदान, थैला इत्यादि बनाया जाता है और वन विभाग के उत्पादन क्षेत्रों में भी इसे बाड़ी के तौर पर लगाया जाता है।
    इसके अलावा जिले में लगभग 140 कमार परिवार गर्मी के दिनों में जंगल से 100 क्विंटल के आसपास शहद लाकर बेचते हैं। पहले यह कमार परिवार स्थानीय व्यापारियों को सस्ते दर में शहद बेच दिया करते थे, किन्तु इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने के बाद कमार जनजाति के लोग इसे प्रसंस्करण केन्द्र में बेच उचित दाम पा रहे हैं और उन्हें शहद लेकर इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ रही। इसके साथ ही माहुल पत्ते से दोना और पत्तल बनाने का काम कोभी समूह को मिल जाता है। हालांकि यह काम गर्मी के दिनों में खासकर मार्च-अप्रैल में होता है, किन्तु अगर वे बाकी समय भी खाली रहते हैं, तो दोना-पत्तल बनाने का काम कर लेते हैं। इसके अलावा हर्रा, बहेड़ा चूर्ण भी दुगली लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र में बनाया जाता है।
    यहां जिन चार महिला समूहों को प्रसंस्करण से रोजगार मिल रहा, उनमें जागृति बालिका स्व सहायता समूह, जय मां बम्लेश्वरी, जय मां संतोषी और जय मां लक्ष्मी स्व सहायता समूह हैं। प्रत्येक समूह में दस-दस सदस्य हैं। जागृति बालिका समूह की अध्यक्ष कुमारी ज्योति बताती हैं कि फिलहाल समूह आंवला प्रसंस्करण में लगा हुआ है। वन विभाग उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण देकर अपडेट (अद्यतीकृत) करता रहता है। हाल ही में आई.आई.टी.कानपुर से समूह को आॅनलाईन प्रशिक्षण मिला है। इसके जरिए उन्हें लघु वनोपज की ग्रेडिंग, पैकिंग और मार्केटिंग के नुस्खे सिखाए गए हैं। इन दस सदस्यीय समूह में अधिकाशं बालिकाएं जुड़ी और स्वरोजगार के अवसर का पूरा-पूरा लाभ उठा रही हैं। जागृति बालिका समूह की अध्यक्ष कुमारी ज्योति यह भी बताती हैं कि पहले निजी स्कूल में बतौर शिक्षिका काम करने पर उन्हें एक हजार रूपए मिलता था, किन्तु समूह से जुड़ने के बाद हर माह 3600 रूपए हर सदस्य काम करके कमा लेता है।
    इससे उनके परिवार को भी थोड़ी आर्थिक राहत मिल जाती है। इसी समूह की अन्य सदस्य कुमारी दिव्या और कुमारी चंद्रावली मरकाम बताती हैं कि घर में खाली बैठे रहने से बेहतर कोई रोजगार तलाश कर खुद को उसमें हुनरमंद बनाने की उम्मीद उन्हें समूह से जुड़ने अपनी ओर खींच लाई। कुमारी चंद्रावली यहां तक बताती हैं कि वे समूह में काम कर मिलने वाली मासिक राशि को जोड़-जोड़ कर खुद की शादी के लिए गहने भी तैयार कर ली हैं। इसमें सोने का मंगलसूत्र, कान के टाॅप्स, चांदी की पायल, करधन शामिल है। यह बालिका समूह खुश है कि हुनर के साथ-साथ उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र से आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।

    दुर्ग / शौर्यपथ /आईआईटी के भूमिपूजन के दौरान आयोजित कार्यक्रम में स्वागत भाषण के दौरान आईआईटी के डायरेक्टर रजत मूना ने राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय को सुश्री की जगह गलती से श्रीमती कहकर संबोधित कर दिया, इससे नाराज होकर सांसद सरेाज पाण्डेय तुरंत कार्यक्रम छोड़कर चली गई। इस मामले में डायरेक्टर मूना ने कहा कि मुझे जानकारी नही थी कि वे अविवाहित है, इसलिए श्रीमती कह दिया । इस भूल के कारण मैं उनसे टेलिफोन से माफी मांग लूंगा।
    प्रो. मूना सुश्री सरोज पाण्डेय से माफी मांगे -मुख्यमंत्री

    आईआईटी प्रमुख प्रो मूना ने सांसद सरोज पाण्डेय को भूलवंश श्रीमती सरोज पाण्डेय कहने पर जब सरोज पाण्डेय बीच में ही कार्यक्रम से उठ कर चली गई। तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रो. मूना को सुश्री पाण्डेय से उनके निवास जाकर अपनी गलती के लिए माफी मांगने अनुरोध करने कहा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय दुर्ग में बी.एस.एन.एल भवन परिसर में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के प्रदेश कार्यालय का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण अवसर पर कार्यालय का अवलोकन किया। उन्होंने अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्यालय को इन वर्ग के लोगों के विकास के लिए कारगर कदम बताया। कार्यालय का शुभारंभ होने पर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने हर्ष व्यक्त किया और मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। विदित हो कि प्रदेश सरकार के द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण और विकास के लिए अनेक महत्वकांक्षी योजना संचालित की जा रही है। अनुसचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्यालय का शुभारंभ होने से विभाग विकास योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी। साथ ही साथ समुदाय के विकास के लिए नए द्वार भी खुलेंगे।
    अनुसूचित जाती विकास प्राधिकरण विभाग के लिए यह एक गौरव का क्षण कि इसका कार्यालय का शुभारम्भ आज प्रदेश के छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हांथो हुआ . विगत के १५ वर्षो तक यह विभाग पूर्व मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ही कार्यरत था किन्तु अब इस विभाग का स्वयं का प्रदेश कार्यालय का लोकार्पण हो गया .
    अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश्वर बघेल ने कहा कि आज के इस कार्यालय के उद्घाटन पर समाज के सभी साथियो को बधाई देता एवं छत्तीसगढ़िया मुखिया बघेल जी को धन्यवाद देता हूँ कि सत्ता में आने के बाद उनके द्वारा अनुसूचित जाती विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष समाज से ही चुना एवं समाज को आगे बढाने व विकास की राह पर नई उंचाइयो तक ले जाने के प्रयास में एक सार्थक पहल की है

    -आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक क्षेत्र कारिडोर के भूमिपूजन एवं विभिन्न भवनों की अधिरचना स्थापन कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा
    -मुख्यमंत्री ने कहा आईआईटी ऐसी टेक्नालाजी पर काम करें जिससे कृषि आधारित उद्योगों की लागत कम हो सके, एथेनाल प्लांट की कास्ट कटिंग पर की गई ऐसी रिसर्च छत्तीसगढ़ के लिए उपयोगी हो सकती है

    दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई की शान में आज एक और सितारा जड़ा है। पंडित जवाहर लाल नेहरू के विजन इस भिलाई शहर की दुनिया भर में शान, मान और अभिमान है। पंडित नेहरू द्वारा आरंभ किये गए आईआईटी की यह श्रृँखला भिलाई तक पहुंची है। भिलाई देश का तेईसवां आईआईटी है। यह हमारा गौरव है। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आईआईटी भिलाई के शैक्षणिक क्षेत्र कारिडोर के भूमिपूजन एवं विभिन्न भवनों की अधिरचना स्थापन कार्यक्रम के अवसर पर कही। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल में सबसे पहले सुपर स्ट्रक्चर पर ईंट रखी। यह ब्रिक लेयिंग सेरेमनी का हिस्सा होता है। इसके बाद कार्यक्रम स्थल से मुख्यमंत्री ने शिला पट्ट का अनावरण किया। इसके बाद उन्होंने थ्री डी माडल का अनावरण भी किया। इस अवसर पर आईआईटी के फस्र्ट फेज के डिजाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आईआईटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, जो यहां लौह आधारित उद्योगों के लिए काफी उपयोगी होगा।
    उन्होंने कहा कि हम लोग छत्तीसगढ़ में धान आधारित एथेनाल उद्योग पर काम करने वाले हैं। आईआईटी में यदि इसकी कास्ट कटिंग पर कोई रिसर्च होता है तो इस उद्योग के लिए यह काफी उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के लिए आईआईटी इस तरह के रिसर्च माडल विकसित करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आईआईटी परिसर का निर्माण 2022 तक पूरा हो जाएगा और यह संस्थान हर मायने में उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नालाजी अनेक तरीकों से जीवन बदलती है पहले एलुमीनियम काफी महंगी वस्तु होती थी अब यह सुलभ है। इलेक्ट्रानिक घडिय़ां काफी महंगी होती थी अब ये काफी सस्ती है। आईआईटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ में भी विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।
    इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि नेहरू जी ने भिलाई स्टील प्लांट की सौगात हमारे प्रदेश को दी। इससे तेजी से विकास के रास्ते खुले। आईआईटी भिलाई के माध्यम से भी छत्तीसगढ़ में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। इस मौके पर कृषि एवं जलसंसाधन मंत्री रविंद्र चैबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नीतियों की वजह से कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही। उन्होंने कहा कि किसानों को खुशहाल करने के माध्यम से हर वर्ग को खुशहाल किया जा सकता है यह नीति सफल रही, इसका श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है।
    इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि आईआईटी जैसी संस्थाएं कास्ट कटिंग पर रिसर्च करें। छत्तीसगढ़ में जहां लौह उद्योग की संख्या काफी है। आईआईटी का यह रिसर्च वरदान साबित हो सकता है। पीएचई मंत्री श्री गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि भिलाई आईआईटी के माध्यम से टेक्नालाजी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए नई संभावनाएं बनती रहेंगी। यह संस्थान हमारे प्रतिभाशाली छात्रों को सर्वोत्तम प्लेटफार्म उपलब्ध कराएगा। आईआईटी के डायरेक्टर रजत मूना ने संस्थान की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 18 लेक्चर हाल और क्लास रूम बनाए जाएंगे। इंजीनियरिंग और साइंस डिपार्टमेंट के साथ ही लाइब्रेरी और आईटीआईएल बिल्डिंग तथा आब्जर्वेटरी टावर भी बनाये जाएंगे। इसके साथ ही तीन हास्टल और तीन रेसीडेंशियल टावर भी बनेंगे। इस मौके पर राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पांडे, भिलाई विधायक एवं महापौर देवेंद्र यादव, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, एसपी प्रशांत ठाकुर एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / यौन उत्पीडऩ मामले में जमानत देने के लिए गाइडलाइन तैयार करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. दरअसल 30 जुलाई को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने छेड़छाड़ के आरोपी को सशर्त जमानत दी थी. इसमें शर्त यह है कि आरोपी रक्षाबंधन पर पीडि़त के घर जाकर उससे राखी बंधवाएगा और रक्षा का वचन देगा. नौ महिला वकीलों ने जमानत की शर्त को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. दलीलों में कहा गया है कि इस तरह के आदेश महिलाओं को एक वस्तु की तरह दिखाते हैं.
    अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में लिखित दलीलें दाखिल कर कहा है कि न्यायपालिका में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए. इससे यौन हिंसा से जुड़े मामलों में ज्यादा संतुलित और सशक्त दृष्टिकोण अपनाया जा सकेगा. ्रत्र ने कहा कि कभी कोई महिला भारत की मुख्य न्यायाधीश नहीं रही है. सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की क्षमता है लेकिन सिर्फ दो ही महिला जज हैं. ्रत्र ने विभिन्न हाईकोर्टों व ट्रिब्यूनल की जानकारी भी दी है.
    पीडि़ता से राखी बंधाने के लिए यौन उत्पीडऩ के आरोपी को जमानत देने के मामले में ये लिखित दलीलें दी गई हैं. पिछली सुनवाई में अटॉर्नी जनरल ने आरोपियों को पीडि़ता से राखी बंधवाने के लिए कहने के मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर टिप्पणी की थी कि इस नाटक की निंदा की जानी चाहिए और ऐसा लगता है कि अदालत अपने दायरे से बाहर चली गई है. जजों को शिक्षित करने की जरूरत है. जज भर्ती परीक्षा में लिंग संवेदीकरण का एक हिस्सा होना चाहिए. जजों, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी और राज्य न्यायिक अकादमी के लिए परीक्षा में लैंगिक संवेदनशीलता पर कार्यक्रम होना चाहिए. जब तक संवेदनशीलता का संबंध है, लिंग संवेदीकरण और शिकायत निवारण समिति सुप्रीम कोर्ट में है. जिला और अधीनस्थों अदालतों के अलावा हाईकोर्ट में भी लिंग संवेदीकरण के बारे में लेक्चर दिए जाने की जरूरत है.
    सुप्रीम कोर्ट ने एजी, याचिकाकर्ताओं और हस्तक्षेपकर्ताओं से इस मुद्दे पर नोट प्रसारित करने को कहा था. पहले सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की मदद मांगी थी.
    आरोपी विक्रम बागरी उज्जैन जेल में बंद था. अप्रैल में पड़ोस में रहने वाली महिला के घर में घुसकर छेड़छाड़ के आरोप में जेल में बंद विक्रम बागरी ने इंदौर में जमानत याचिका दायर की थी. सभी पक्षों के तर्क सुनने के बाद जस्टिस रोहित आर्या की सिंगल बेंच ने आरोपी को 50 हजार के मुचलके के साथ जमानत दी. उसमें शर्त यह भी थी कि वह 3 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन 11 बजे अपनी पत्नी को साथ लेकर पीडि़त के घर राखी और मिठाई लेकर जाएगा और पीडि़ता से आग्रह करेगा कि वह उसे भाई की तरह राखी बांधे. इसी के साथ विक्रम पीडि़त की रक्षा का वचन देकर भाई के रूप में परम्परा अनुसार उसे 11 हजार रुपये देगा और पीडि़ता के बेटे को भी 5 हजार रुपये कपड़े और मिठाई के लिए देगा. इतना ही नहीं, इस सबकी तस्वीरें रजिस्ट्री में जमा कराने के निर्देश भी कोर्ट ने दिए थे. कहा गया कि आरोपी को लिखित में ये भी देना होगा कि वह कोविड-19 को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग के साथ समय-समय पर जारी निर्देशों का पालन करेगा.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / सभी को कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं देने के केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के बयान पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि 'यह केंद्र सरकार की नीति है, वे ही बता सकते हैं. लेकिन हमारा मानना है कि अगर वैक्सीन सफल होती है, तो सबको दी जानी चाहिए.' उन्होंने कहा कि 'हम फिर से कह रहे हैं कि अगर दिल्ली को केंद्र सरकार वैक्सीन देती है, तो हम तीन-चार हफ्ते में पूरी दिल्ली को लगा देंगे, केंद्र सरकार को सबको वैक्सीन देनी चाहिए.'
    केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा था कि कोरोना वैक्सीन सबके लिए नहीं है. राजेश भूषण से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया गया कि 'पूरे देश का वैक्सीनेशन कब तक होगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा ' पूरे देश के टीकाकरण की बात सरकार ने कभी नहीं कही. मैं यह बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं. मैं बार-बार यह कहता हूं कि जो साइंस से संबंधित विषय होते हैं अच्छा होता उस पर चर्चा करने से पहले उसके बारे में जो तथ्यात्मक जानकारी है उसको पता कर लें तब विश्लेषण करें. तो पूरे देश के टीकाकरण की बात कभी नहीं कही गई.'
    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने इस विषय पर कहा 'यह अच्छा सवाल है. यह सवाल इस बात पर निर्भर करेगा कि वह टीका कितना प्रभावशाली है. जाहिर सी बात है किसी व्यक्ति में यह 60 फ़ीसदी प्रभावशाली हो सकता है तो किसी में यह 70 फ़ीसदी प्रभावशाली हो सकता है. यह पहला मुद्दा है. दूसरा मुद्दा यह है कि हमारा मकसद है कि हम वायरस की ट्रांसमिशन चेन को ब्रेक करें. तो अगर हम जनता के नाज़ुक हिस्से को वैक्सीन दे दें और वायरस के ट्रांसमिशन को ब्रेक कर दें तो तो शायद हमें पूरे देश की जनता को वैक्सीन देने की जरूरत ना पड़े.
    दूसरी बात यह भी है कि मास्क का रोल भी बहुत अहम है और यह वैक्सीनेशन के बाद भी जारी रहेगा क्योंकि शुरुआत में हम छोटी सी जनसंख्या से वैक्सीनेशन शुरू करेंगे. इसलिए मास्क सुरक्षा देगा और इसका इस्तेमाल जारी रखना होगा जिससे वायरस के ट्रांसमिशन को रोका जा सके.
    क्या जो लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं उनको भी वैक्सीन दी जाएगी? इस सवाल पर स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा 'वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में जो नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप है जिसकी अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल करते हैं उसके कार्यक्षेत्र में यह भी है और इसके बारे में विश्व के अनेक देश सोच रहे हैं कि क्या आपको वैक्सीनेशन के समय यह देखना चाहिए कि जिस व्यक्ति को आप वैक्सीन दे रहे हैं उसमें एंटीबॉडीज है कि नहीं है? इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है लेकिन यह वैज्ञानिक समुदाय में भी और देशों के बीच में भी चर्चा का विषय है.'
    आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने इस पर और विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस सवाल से दो मुद्दे जुड़े हुए हैं
    1. अगर किसी के शरीर में पहले ही एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं और आप उसको वैक्सीन देते हैं तो कहीं इसका प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ेगा?
    2. क्या हम एंटीबॉडीज देखकर वैक्सीन दें और अगर किसी के शरीर में पहले से ही एंटीबॉडीज हो तो वैक्सीन बचाएं?
    तो जहां तक वैक्सीन से जुड़े प्रतिकूल प्रभाव का सवाल है तो हमारे पास अच्छा खासा डाटा है जो यह बताता है कि एंटीबॉडीज पहले से विकसित होने पर वैक्सीन का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता. हालांकि अंतरराष्ट्रीय तौर पर इस पर चर्चा चल रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन आपने सॉलिडेरिटी वैक्सीन ट्रायल में यह साफ कर चुका है कि एंटीबॉडी देखने की जरूरत नहीं है आप वैक्सीन दे सकते हैं.

    शौर्यपथ / पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने खानपान से लेकर रहन सहन से जुड़ी कई तरह की बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। अधिकतर महिलाएं इस दौरान बेचैनी और कमजोरी महसूस करती हैं। ऐसे में इस दौरान की गई ये 5 गलतियां उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। आइए जानते हैं आखिर कौन सी हैं वो गलतियां।
    ये हैं वो 5 काम जिन्हें पीरियड्स के दौरान करने से बचना चाहिए-
    पौष्टिक आहार की कमी-
    लड़कियां अक्सर वेट लॉस के चक्कर में डाइटिंग करने लगती हैं। लेकिन पीरियड्स के दौरान आहार ठीक से नहीं लेने पर यह आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि पीरियड्स के दौरान सेहतमंद बने रहने के लिए आपको अपनी डाइट में पौष्टिक आहार शामिल करना है।
    लंबे समय तक एक ही पैड-
    अक्सर महिलाएं कम ब्लीडिंग होने पर एक ही पैड को लंबे समय तक यूज करती रहती हैं। जो संक्रमण की बड़ी वजह बन सकता है। पैड बदलने में आलस न करें। एक निश्चित अंतराल पर अपना पैड बदलते रहें। ऐसा करने से आप संक्रमण से बची रहेंगी।
    जंक फूड की क्रेविंग-
    पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को चिड़चिड़ापन महसूस होने के साथ मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग महसूस होती है। लेकिन ऐसा करने से बचें और अनहेल्दी खाने से दूर रहें।
    हैवी एक्सरसाइज रुटीन-
    अगर आप अपने डेली रूटीन में हैवी एक्सरसाइज रूटीन फॉलो करती हैं, तो पीरियड्स के दौरान ऐसा करने से बचें। ऐसा करना कमर दर्द या अकड़न की वजह बन सकता है। इसके अलावा इस दौरान बहुत तंग कपड़े भी नहीं पहनने चाहिए वरना चिड़चिड़ापन होने की आशंका बढ़ जाती है।
    हार्ड सोप का इस्तेमाल-
    पीरियड्स के दौरान हार्ड सोप से अपने जननांगों को साफ करने की गलती न करें। ऐसा करने से त्वचा में ड्राईनेस बढ़ सकती है जो आगे चलकर खुजली या संक्रमण की वजह बनकर आपको असहज कर सकती है। अपने जननांगों को साफ करने के लिए एल्कोहोल वाले वेट टिशू पेपर का इस्तेमाल करें।

    सेहत /शौर्यपथ /सर्दियों में शहद का सेवन किसी एनर्जी बूस्टर से कम नहीं है। शहद के स्वाद की तरह इसके गुण भी बहुत मीठे हैं। वजन कम करने के साथ शहद आपके शरीर को डिटॉक्स करता है लेकिन आपको शहद के सेवन से जुड़ी कुछ सावधानियों को भी ध्यान रखना चाहिए, जिससे कि शहद आपको फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान न पहुंचा दे।
    शहद के पोषक तत्व
    शहद जरूरी पोषक तत्वों, खनिजों और विटामिन का भंडार है। शहद (honey in hindi) में मुख्य रुप में फ्रक्टोज पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट, राइबोफ्लेविन, नायसिन, विटामिन बी-6, विटामिन सी और एमिनो एसिड भी पाए जाते हैं। एक चम्मच (21 ग्राम) शहद में लगभग 64 कैलोरी और 17 ग्राम शुगर (फ्रक्टोज, ग्लूकोज, सुक्रोज एवं माल्टोज) होता है। शहद में फैट, फाइबर और प्रोटीन बिल्कुल भी नहीं होता है।
    शहद के फायदे
    शहद के औषधीय गुणों की बात करें तो यह अनगिनत बीमारियों के इलाज में उपयोगी मानी जाती है। यही कारण है कि प्राचीन काल से ही शहद को औषधि माना गया है। आज के समय में मुख्य रुप से लोग त्वचा में निखार लाने, पाचन ठीक रखने, इम्युनिटी पावर बढ़ाने, वजन कम करने आदि के लिए शहद का उपयोग करते हैं।
    इन बातों का रखें ध्यान
    -शहद में गर्मी होती है। इसे गर्म खाने के साथ खाने से बचना चाहिए, नहीं तो दस्तु की संभावना होती है।
    -चाय या कॉफी के साथ शहद के सेवन से शरीर का तापमान बढ़ा देता है। इससे घबराहट बढ़ने की संभावना होती है।
    -शहद के साथ मूली खाने से बचना चाहिए, इससे शरीर में टॉक्सिन्स बनने लगते हैं।
    -मीट और मछली के साथ शहद खाने से शरीर में टॉक्सिन पैदा होता है। इससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है।
    -घी व शहद की समान अनुपात में मिलाकर सेवन न करें। यह विषाक्त हो सकता है।

    शौर्यपथ / वास्तु शास्त्र एवं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पक्षियों के जोड़े, नारियल, एकाक्षी नारियल और श्रीफल सुख-समृद्धि बहुत ही उपयोगी माने गए हैं। इन वस्तुओं का प्रयोग मानव की समृद्धि और शांति के लिए किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य पं.शिवकुमाार शर्मा से जानिए इनका जीवन में समृद्धि के लिए कैसे और किस तरह से इनका प्रयोग किया जा सकता है।

    पक्षियों का जोड़ा: पक्षियों का जोड़ा प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। पक्षियों के जोड़े का इतिहास हमें महर्षि वाल्मीकि के युग से प्राप्त होता है जब वे तमसा नदी में स्नान कर रहे थे, तब एक क्रोंच पक्षी का जोड़ा जलविहार कर रहा था। सुंदर पक्षियों का जोड़ा वास्तु के अनुसार भी बहुत शुभ होता है। हंस, तोता, मोर, चकवा-चकवी शुभ पक्षियों के जोड़े की तस्वीर या मूर्ति घर में लगाने से घर के सदस्यों में परस्पर प्रेम का भाव जागृत होता है। नव दंपत्ति के कक्ष में या बेडरूम में ऐसे पक्षियों का जोड़ा रखना शुभ माना गया है। लेकिन यह भी ध्यान रहे कि चित्र में पक्षियों का जोड़ा उस कक्ष में पानी के अंदर दिखाई ना पड़े। पक्षियों का जोड़ा हमेशा उत्तर अथवा पूर्व दीवार पर रखें ताकि सोते समय और जागते समय सामने दिखाई पड़े। इससे पति-पत्नी के बीच में संबंध मधुर होते हैं। घर के ड्राइंग रूम में भी इन पक्षियों के जोड़े रखे जा सकते हैं। ड्राइंग रूम में इन जोड़ों को रखने से हमारे सामाजिक संबंध बहुत अच्छे और मधुर हो जाते हैं। विवाह योग्य कन्या के कक्ष में भी ऐसे जोड़े रखने से शीघ्र ही उनका विवाह संबंध तय हो जाता है।

    नारियल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल कई रूपों में मिलता है। पहला है साधारण नारियल। यह नारियल ऊपर से जटा से युक्त कठोर परत वाला नारियल पूर्णता का प्रतीक है। इसे हम ब्रह्मांड की परिकल्पना भी कर सकते हैं। नारियल प्रत्येक शुभ कार्य में उपयोग किया जाता है। महालक्ष्मी के स्वागत के लिए द्वार पर कलश भरकर आम्रपल्लव डालकर उसके ऊपर नारियल सजाते हैं। ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मी जी को पूर्ण कलश बहुत प्रिय है और वे उस घर में निवास के लिए तत्पर रहती हैं। इसीलिए सभी हिंदू परिवारों में शुभ अवसर पर सज्जा के समय नारियल युक्त कलश का चित्र और नारियल का चित्र बनाकर सकारात्मक उर्जा का निर्माण किया जा सकता है।
    एकाक्षी लघु नारियल: सामान्य रूप से जब हम नारियल के जटाओं को हटाते हैं उसकी कठोर परत पर तीन काले बिंदु दिखाई देते हैं। जिसमें दो बिंदु आंखों के रूप में और एक बिंदु मुंह के रूप में माना गया है। कभी-कभी हजारों में कोई एक नारियल ऐसा निकलता है जिसमें केवल दो बिंदु होते हैं। इसे एक आंख और एक मुंह माना जाता है। ऐसे नारियल को एकाक्षी नारियल बोलते हैं। य‌द्यपि यह बहुत दुर्लभ होता है यदि आपको कहीं मिल जाए, इसकी घर में स्थापना करें। दैनिक पूजा करें और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष मंत्र के द्वारा इस को अभिमंत्रित करें। तंत्र में यह नारियल बहुत ही उपयोगी माना गया है।‌ इससे घर में धन-धान्य प्रेम और इच्छापूर्ति तक की संभावनाएं होती हैं।

    श्रीफल: श्रीफल एक कंचे के आकार का नारियल की तरह एक फल होता है। इसे अति लघु नारियल या श्रीफल कहते हैं। श्री फल लक्ष्मी जी अर्थात लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का फल माना गया है। दीपावली के पर्व पर 5 या 11 श्रीफल लेकर दीपावली पूजन के समय चौकी पर रखें और लक्ष्मी जी के मंत्रों से ही उन पर अक्षत, पुष्प, नैवेद्य आदि से पूजन करें। अगले दिन अपनी तिजोरी या मंदिर में स्थापित कर दें। घर का उत्तर पूरब कोना यदि दूषित हो या कटा हुआ हो तो 11 श्रीफल 11 पीली कौड़ियां पीले वस्त्र में बांध कर टांगे या किसी पात्र में रख दें। श्रीफल को अपनी जेब या व्यापार स्थान में या तिजोरी में रखने से भी लक्ष्मी जी कृपा बनी रहती है।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर के साहबजादे तैमूर अली खान इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं. इन दिनों वह अपनी मम्मी और पापा के साथ क्वालिटी टाइम पालमपुर में स्पेड कर रहे हैं. करीना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं, हाल ही में तैमूर ने मम्मी करीना के साथ मिट्टी के बर्तन बनाने सीखे थे. अब सैफ और करीना का लाडला सेफ बनकर कप केक्स बनाना सीख रहे हैं. सोशल मीडिया पर तस्वीरें खूब वायरल हो रही है.
    एक्ट्रेस करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरों को साझा किया है. तस्वीरों में एप्रेन पहने तैमूर कप केक बनाना सीख रहे हैं और सैफ और करीना उन्हें बैठे देख रहे हैं. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि तैमूर अली खान ट्रे में चॉकलेट डाल रहे हैं.
    करीना ने तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा है- 'शैफ तैमूर'
    तैमूर की इन तस्वीरों को देख करीना के फैंस और फ्रेंड खूब कमेंट कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर करीना के फैंस अकाउंट्स से भी तैमूर की ये तस्वीरें वायरल हो रही है.

    करीना कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो एक्ट्रेस जल्द ही फिल्म लाल सिंह चड्ढा में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में करीना कपूर एक्टर आमिर खान के साथ मुख्य भूमिका अदा करती हुई नजर आएंगी. करीना कपूर ने हाल ही में लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग पूरी की है. वहीं, सैफ अली खान फिल्म भूत पुलिस में नजर आने वाले हैं. इस फिल्म में उनके साख अर्जुन कपूर, यामी गौतम और जैकलीन फर्नांडिस अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे. इस फिल्म के साथ वह प्रभाष के साथ भी फिल्म करने वाले हैं.

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