August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    सेहत /शौर्यपथ / सर्दी में धूप सेंकने का अलग ही मजा है। धूप सेंकने से शरीर को आराम ही नहीं मिलता बल्कि इससे शरीर के अंग मजबूत भी बनते हैं। आप चाहे कितनी भी विटामिन डी की गोलियां खा लें या फिर खुद को गर्म रखने के लिए हीटर का इस्तेमाल कर लें लेकिन धूप सेंकने के गजब फायदे हैं। आइए, जानते हैं धूप सेंकने के फायदों के बारे में-

    हड्डी होती है मजबूत
    विटामिन डी शरीर में हड्डी की मजबूती के लिए अहम है। इस विटामिन का जरूरी नेचरल सोर्स सूर्य की रोशनी ही है। शरीर में उचित मात्रा में विटामिन डी मौजूद होने पर ही शरीर कैल्शियम का अवशोषण कर पाता है।
    सनबाथ करने शरीर रहता है गर्म
    अग्नि (ऊष्मा) का मुख्य सोर्स होने के कारण सूर्य की रोशनी ठंड से सिकुड़े शरीर को गर्माहट देती है, जिससे शरीर के भीतर की ठंडक और पित्त की कमी दूर होती है। आयुर्वेद में सनबाथ को 'आतप सेवन' नाम से जाना जाता है।
    इम्यूनिटी बढ़ती है
    सूरज की रोशनी में ऐसे चमत्कारी गुण होते हैं, जिनके कारण शरीर पर विभिन्न प्रकार के इन्फेक्शंस के असर की आशंका कम हो जाती है। इससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है।
    कैंसर से बचाव
    सूरज की किरणों से शरीर को कैंसर से लड़ने वाले तत्व मिलते हैं। इससे कैंसर का खतरा टलता है, तो जिन्हें कैंसर है उन्हें भी लाभ होता है।
    पॉजिटिव हॉर्मोन बनते हैं
    आपको अच्छा महसूस कराने वाले हॉर्मोन सेरेटॉनिन और एंडोर्फिन का धूप के असर से शरीर में पर्याप्त स्राव होता है, जो डिप्रेशन, सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर, साइकॉलजिकल-इमोशनल हेल्थ और बॉडी क्लॉक-रिद्म के संतुलन में फायदेमंद है।

    खाना खजाना /शौर्यपथ / सर्दियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में इस मौसम में खाने-पीने का एक अपना ही मजा है। आप चटपटे के शौकीन हैं, तो आपको गोल गप्पे भी पसंद होंगे। ऐसे में आप इस डिश को घर में ट्राई कर सकते हैं। घर में गोलगप्पे बनाना इतना भी मुश्किल नहीं है-
    सामग्री-
    एक चौथाई कप मैदा
    एक कप सूजी
    तलने के लिए तेल
    नमक स्वादनुसार
    विधि- गोलगप्पे बनाने के लिए आपको सबसे पहले आटा तैयार करना होगा। इसके लिए आप सबसे पहले एक बर्तन में सूजी और मैदा डालकर मिक्स करें। अब इसमें नमक और थोड़ा सा तेल डालें और फिर पानी की सहायता से आटा गूंथ लें। इसके बाद आप आटे को कुछ देर के लिए एकतरफ रख दें ताकि आटा अच्छी तरह सेट हो जाए। इसके बाद आप फिर से आटे को एक बार ओर मसल कर नरम कर लें। अब आप छोटी-छोटी लोइयां लेकर उसे गोल बेल लें और फिर किसी बोतल के ढक्कन की सहायता से गोल काट लें। इस तरह आप सभी तरह के गोलगप्पे तैयार कर लें। गोलगप्पे बनाते समय आप उसे किसी नम कपड़े से ढक दें अन्यथा सारे गोलगप्पे सूख जाएंगे। अब आप एक कड़ाही में तेल डालकर उसे गरम करें। जब तेल गरम हो जाए तो आंच को धीमा करके उसमें गोलगप्पे सेंके। इस तरह गोलगप्पे करारे बनते हैं। अंत में आप इन्हें दो-तीन घंटों के लिए किसी खुले बर्तन में रख दें। इससे गोलगप्पे सख्त और करारे हो जाएंगे। आपके जो गोलगप्पे न फूलें, उन्हें आप बतौर पापड़ी भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
    गोलगप्पे बनाने के बाद इसे सर्व करने के लिए आप आलू और छोलों को उबाल लें और फिर इन्हें भरकर साथ में खट्टे-मीठे पानी का इस्तेमाल करके सर्व करें। गोलगप्पे का पानी बनाने के लिए आप मार्केट में रेडीमेड मिलने वाले जलजीरा पैकेट को पानी में डालकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

    सेहत /शौर्यपथ / दुनियाभर में कोविड-19 नाम की महामारी ने सेहत के प्रति लोगों के दिलों में दहशत भर दी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो यह रोग एक बार ठीक होने के बाद भी दोबारा लोगों को अपना शिकार बना सकता है। खासतौर पर ऐसा उन लोगों के साथ देखा जा रहा है जो बुर्जुग हैं या फिर ठीक होने के बाद उचित सावधानी नहीं बरतने की वजह से इंफेक्शन के जोखिम का खतरा उठा रहे हैं। बता दें, इस बीमारी को मात देने वाले लोगों का शरीर भीतर से इतना कमजोर हो जाता है कि उन्हें मौसमी संक्रमण भी आसानी से घेर सकते हैं। ऐसे में कोरोना को मात दे चुके लोगों के लिए बताते हैं कुछ ऐसे सेहतमंद टिप्स जो रोजाना करने पर ये महामारी आपको दोबारा छू भी नहीं पाएगी।
    डायट में पोषक तत्व-
    कोरोना से ठीक होने के बाद अपनी डाइट को लेकर लापरवाही बरतने की गलती न करें। डाइट में प्रोटीन की मात्रा अधिक लें। इसके लिए आप अपनी डाइट में दाल, हरी फलियां या अंडों को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा दिनभर में 8-9 गिलास पानी भी पिएं। इसके अलावा एक साथ पेट भरकर खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ न कुछ खाते रहें। ऐसा करने से आपके पाचन तंत्र पर असर भी नहीं पड़ेगा और आपके शरीर की ऊर्जा भी बनी रहेगी।
    एक्सरसाइज-
    कोरोना से ठीक हुए व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में हल्का-फुल्का व्यायाम जरूर शामिल करना चाहिए। इसके लिए रोजाना 30 मिनट की वॉक या कोई आसान योगा किया जा सकता है।
    ब्रेन से जुड़ी एक्सरसाइज-
    देखा जा रहा है कि कोरोना से ठीक हुए मरीजों की दिमागी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। जिसमें चीजें रखकर भुलने की समस्या सबसे ज्यादा है। इस समस्या से बचने के लिए आप अपनी दिनचर्या में लूडो, चेस जैसे कुछ खेल शामिल कर सकते हैं, जिनसे आपकी दिमागी कसरत हो सके।
    ऑक्सीजन लेवल का रखें ध्यान-
    कोरोना के दौरान मरीज के फेफड़ों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। कोरोना संक्रमण से पूरी तरह ठीक होने के बाद भी आपको अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहना है। अगर यह 90 से नीचे जाए तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
    ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर से करें सपंर्क-
    कोरोना से ठीक हुए मरीज को अगर कुछ समय बाद खुद में सांस का छोटा होना, सीने में जकड़न का अहसास होना, अचानक से सिर चकराना, अचानक पसीना अधिक होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे बिना देर किए अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम ने कल लोककला मार्ग का लोकार्पंमुख्य्मंत्री बघेल से करवा तो लिया किन्तु क्या अधूरे निर्माण पर हुए लोकार्पण पर जिम्मेदार ठेकेदार पर नगर पालिक निगम दुर्ग और विधायक वोरा कोई कार्यवाही की अनुशंसा करेंगे . बता दे कि २ दिसंबर को निगम के मद से साईं द्वार कसारीडीह से राजेन्द्र पार्क चौक तक के सौन्दर्यीकरण और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक वाली लोककला मार्ग का लोकार्पण प्रदेश के मुखिया के हाँथ हुआ . पुरे शहर को ये बताया गया कि मार्ग का सौन्दर्यीकरण का कार्य पूर्ण हुआ और लोकार्पण प्रदेश के मुखिया के हांथो होगा इसके लिए विधायक द्वारा शहर में जगह जगह पोस्टर भी लगाये गए जिसमे ये दर्शाया गया कि किस तरह विधायक ने लोकार्पण के पहले स्थल पर कार्य की प्रगति का जायजा लिया और कार्य करने के निर्देश दिए ये अलग बात है कि लोकार्पण से ४-५ दिन पहले की ये फोटो पोस्टर में स्थान पा गयी किन्तु लोकार्पण के अनितिम दिनों में निगम का पूरा अमला आयुक्त के निरिक्षण में कार्य करता रहा साथ ही कार्य के ठेकेदार भी अपनी फौज के साथ कार्य को पूर्ण करने में लगे थे ताकि लोकार्पण तक कार्य पूरा हो जाये किन्तु लोकार्पण के समय तक राजेन्द्र पार्क से दादा दादी पार्क तक के पेवर ब्लओच्क का कार्य अधुरा ही रहा जबकि कार्य का ठेका हुए और कार्यादेश हुए ढेढ़ माह का समय हो गया और मुख्यमंत्री के लोकार्पण की तारीख भी ५-६ दिन पहले घोषित हो गयी बावजूद इसके १९ लाख के इस कार्य को ठेकेदार द्वारा समय पर पूरा नहीं किया जा सका और उपरी लीपापोती से कार्य का मार्ग का लोकार्पण भी हो गया अधूरे कार्य पर लोकार्पण शहर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है .
    शहर में चर्चा जोरो पर है कि आखिर अधूरे कार्य पर लोकार्पण किये जाने पर कौन जिम्मेदार है और निगम प्रशासन / शहर विधायक आखिर प्रदेश के मुखिया को अँधेरे में रखकर लोकार्पण कैसे करवा लिए जबकी अभी तक कार्य अधुरा है आखिर लोकार्पण की इतनी क्या जल्दी थी कि अधूरे कार्य पर लोकार्पण करवा दिया गया . शहर में निगम क्षेत्र में हर कार्य का श्री विधायक को जाता है तो क्या इस अधूरे कार्य की जिम्मेदारी भी विधायक वोरा लेंगे और लोकार्पण तक कार्य को पूरा नहीं करने वाले ठेकेदार पर कार्यवाही की अनुशंषा विधायक वोरा करेंगे ?

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग नगर पालिक निगम क्षेत्र में 20 सालो तक भाजपा ने राज किया किन्तु इन 20 सालो में गौरव पथ के अलावा ऐसा कोई निर्माण नही दिख जिसे दुर्ग की जनता अच्छे निर्माण के तौर पर याद रखे वही ऐसे कई निर्माण हुए जो जनता के पैसे की बर्बादी के लिए जाने जाते है उन्ही निर्माणों में चौपाटी , दादा दादी पार्क , पुष्प वाटिका , फ्लावर स्ट्रीट , समृद्धि बाजार , नल घर काम्प्लेक्स , गंज पारा काम्प्लेक्स जैसे कई निर्माण है जिसमे जनता के टेक्स से मिले लाखो करोड़ो रूपये बर्बाद हुई इन निर्माणों की वर्तमान स्थिति आज किसी से छुपी नही है । शहर में ऐसे कई निर्माण में से एक निर्माण है फ्लावर स्ट्रीट का जिसका लोकार्पण तो बड़े ही धूमधाम से 2009 में हुआ किन्तु सिर्फ लोकार्पण तक ही सीमित रह गया । दुर्ग के इस फ्लावर स्ट्रीट में कभी फ्लावर दिखा हो ऐसी कोई तस्वीर शायद ही किसी के पास हो किन्तु जब इसी तथाकथित फ्लावर स्ट्रीट पर छत्तीसगढ़ की लोककला का चित्रण कर नया रूप दिया गया जो कि आज जमीनी स्तर पर नजर आ रहा किन्तु विपक्ष में बैठी भाजपा को शायद यह रास नही आ रहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति की झलक आम जनता तक पहुंचे और एक मार्ग सुसज्जित हो । दुर्ग में ऐसे कई मार्ग है जो भाजपा शासन में निर्मित हुए किन्तु रखरखाव के बदहाल व्यवस्था की मार झेल रहे जिस पर कोई सुध नही लिया गया आज अगर नई सरकार सुध ले रही तो इसमे गलत क्या ..

    पूरे देश में सूरजपुर जिले का थाना झिलमिली चौथे स्थान पर
    गृह मंत्रालय भारत सरकार ने जारी की सर्वश्रेष्ठ थाना की रैकिंग
    डीजी छत्तीसगढ़ ने जिले के पुलिस अधीक्षक एवं कर्मचारियों को दी बधाई

    छत्तीसगढ़ / शौर्यपथ / सूरजपुर उत्कृष्ट पुलिस थाने 2020 भारत सरकार ने घोषित किया है। देश के 10 शीर्ष थानों में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले का ’झिलमिली थानें’ को चौथा स्थान हासिल हुआ है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के द्वारा उत्कृष्ट थाना को लेकर पूरे भारतवर्ष में सर्वे कराया था और इनमें से 10 शीर्ष पुलिस थानों की रैंकिंग की गई है। इसके लिए पहले थानों में डाटा विश्लेषण, सीधी परख और मिले फीडबैक के आधार पर रैंकिंग प्रक्रिया के तहत सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रदर्शन करने वाले थानों की संक्षिप्त सूची तैयार की गई। जिसमें थाना की साफ-सफाई, रंग-रोगन, कैम्प सुरक्षा प्रबंध, पब्लिक बिहेवियर, क्वीक रिस्पांस, रिकार्ड संधारण, सीसीटीएनएस व अपराधों के समाधान के आधार पर बनाई गई।
    गृह मंत्रालय ने उत्कृष्ट थाना को लेकर कराए गए सर्वे में वर्ष 2019-20 नेशनल क्राइम ब्यूरो के तय मानकों पर जिले के थाना झिलमिली ने देश के सर्वश्रेष्ठ थाना केटेगरी में चौथा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर ’छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम.अवस्थी’ ने ’आईजी सरगुजा श्री रतनलाल डांगी’ व ’पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा’ तथा जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है।
    पुलिस अधीक्षक कुकरेजा’ ने कहा कि यह गौरव का क्षण है कि छत्तीसगढ़ पुलिस के सूरजपुर जिले के थाना झिलमिली को देशभर के सर्वश्रेष्ठ थानों में चौथा स्थान हासिल हुआ है। उन्होंने इसके लिए एसडीओपी ओड़गी मंजूलता बाज, थाना प्रभारी झिलमिली चित्ररेखा साहू सहित थाने के कर्मचारियों को बधाई दी है।

    नीट क्वालिफाई बच्चे जो नेटवर्क प्राब्लम के चलते काउंसिलिंग के लिए तय समय पर नही करा सके थे अपना पंजीयन इन होनहार बच्चों का अब सरकार संवारेगी भविष्य

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ओर संवेदनशील पहल करते हुए प्रदेश के सुदुर अंचल जहां नेटवर्क और अन्य तकनीकी कारणों से नीट क्वालिफाई होनहार छात्र-छात्राएं जो काउंसलिंग के लिए निर्धारित समय पर अपना पंजीयन नही करा सके थे उन्हें अब प्रदेश के निजी काॅलेजों में पेमेंट सीट पर प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए है। इन होनहार बच्चों का भविष्य अब सरकार संवारेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि एमबीबीएस के लिए निजी काॅलेजों के पेमेंट सीट में बच्चों को राज्य सरकार के खर्च पर दाखिला दिलाया जाएगा।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नही होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों के ऐसे सभी होनहार बच्चों के एमबीबीएस मेें दाखिला के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में जैसे ही यह बात आयी कि दंतेवाड़ा जिले के 27 होनहार छात्र-छात्राएं जिन्होंने नीट क्वालिफाई किया है परन्तु नेटवर्क प्राब्लम के चलते प्रथम काउंसलिंग में उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इस सम्बन्ध में जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर पंजीयन कराने का प्रयास किया गया और राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय काउंसलिंग पूर्व इनका रजिस्ट्रेशन कराया गया परंतु ये छात्र चयन से वंचित रह गए । राज्य में पंजीयन हेतु द्वितीय अवसर नहीं होने से उनका पंजीयन नहीं कराया जा सका । प्रथम काउंसलिंग के पश्चात इसमें दो छात्रा कुमारी पदमा मडे और पीयूषा बेक एमबीबीएस में प्रवेश की पात्रता रखती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कलेक्टर दंतेवाड़ा द्वारा इन छात्राओं का प्रदेश के निजी काॅलेजों में दाखिला की कार्यवाही की जा रही है।
    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आगे भी यदि इनमें से कोई छात्र कटअप के बाद प्रवेश के लिए पात्र पाया जाता है तो उन्हें भी निजी काॅलेजों की पेमेंट सीट पर दाखिला दिलाया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

     

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे प्रदेश के सरप्लस धान से एथनॉल उत्पादन के लिए केन्द्र से अनुमति देने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम में उपलब्ध सरप्लस चावल से एथनॉल उत्पादन हेतु विक्रय की अनुमति दी गयी है। छत्तीसगढ़ में हर वर्ष किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाता है। राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की आवश्यकता और भारतीय खाद्य निगम को चावल देने के पश्चात हर वर्ष 6 लाख मीटरिक टन सरप्लस धान बचता है, जिससे राज्य के आर्थिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ता है। श्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में जैव ईंधन उच्च प्राथमिकता उद्योगों की सूची में शामिल है। जैव ईंधन उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया गया है। बायो एथनॉल संयंत्र स्थापना हेतु चार निजी निवेशकों के साथ एमओयू भी किया गया है।
    मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति, 2018 एवं उसके लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में राज्य में उत्पादित अतिरिक्त धान से बायो-एथनॉल उत्पादन की अनुमति के लिए विगत 18 माह से लगातार प्रयास किए गए हैं। राष्ट्रीय जैव ईंधन समन्वय समिति की 20 अप्रैल 2020 की बैठक में एफ.सी.आई. में उपलब्ध सरप्लस चावल से एथनॉल के उत्पादन हेतु विक्रय की अनुमति प्रदान की गयी है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान की मात्रा केन्द्रीय पूल एवं राज्य पूल में राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आवश्यक मात्रा एवं केन्द्रीय पूल में भारतीय खाद्य निगम को परिदान किए गए चावल के पश्चात भी अतिशेष रही, जिसके कारण राज्य के आर्थिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ पड़ा।
    मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि बायो-एथनॉल उत्पादन के क्षेत्र में निवेशकों को आकृष्ट करने के लिए राज्य सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ की नवीन औद्योगिक नीति, 2019-24 के अन्तर्गत उच्च प्राथमिकता उद्योगों की सूची में जैव-ईंधन को शामिल किया गया एवं इस हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज (ठमेचवाम च्वसपबल) की घोषणा की गयी। इसके फलस्वरूप माह सितम्बर 2020 में 04 निजी निवेशकों के साथ राज्य में बायो-एथनॉल संयंत्र की स्थापना हेतु समझौता (डव्न्) साझा किया गया, जिससे राज्य में आगामी वर्ष से प्रतिवर्ष 12 करोड़ लीटर से अधिक एथनॉल उत्पादन होगा, जिसमें लगभग 3 लाख 50 हजार टन अतिशेष धान की खपत होगी। इस उत्पादन क्षमता के उपयोग के लिए अतिशेष धान से एथनॉल उत्पादन हेतु केन्द्र शासन की अनुमति आवश्यक है।
    मुख्यमंत्री ने पत्र मंे लिखा है कि राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 अन्तर्गत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जैव ईंधन समिति (छठब्ब्) की स्थापना की गयी है, जिसके द्वारा अतिशेष धान से एथनॉल उत्पादन हेतु अनुमति दिए जाने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ राज्य में यदि राज्य औद्योगिक नीति के तहत बायो-एथनॉल जैसे विशेष क्षेत्र में वास्तवित निवेश होता है, तो ऐसे में बायो-एथनॉल उत्पादन की क्षमता वृद्धि से न केवल प्रदेश के सरप्लस धान का निराकरण होगा, बल्कि एफ.सी.आई. से भी सरप्लस चावल के निराकरण की संभावना बनेगी। एफ.सी.आई. द्वारा (क्ब्च्) राज्यों में भंडारित अतिशेष चावल का आबंटन बायो-एथनॉल संयंत्रों को किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से अनुरोध किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य को समर्थन मूल्य पर उपार्जित एवं राज्य तथा केन्द्र पूल में आवश्यक चावल के प्रदाय पश्चात प्रतिवर्ष अनुमानित अतिशेष 6 लाख मे.टन धान से एथेनाल उत्पादन की अनुमति प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय को प्रसारित करने का कष्ट करें।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के मार्गदर्शन में धान के अवैध परिवहन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ श्री अविनाश भोई के नेतृत्व में सेवा सहकारी समिति बोरतालाब के प्रांगण से 147 कट्टा धान वाहन सहित जप्त किया गया। प्राप्त जानकारी अनुसार बुढानछापर निवासी धान कोचिया श्री आशाराम सिन्हा द्वारा आपने पुत्र के ट्रेक्टर से बुढानछापर के किसान श्री तनगूराम के धान को खपाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मौके पर टीम द्वारा जांच करने पर पाया गया कि किसान के पर्चे का धान, कोचिया के घर से लोड किया गया था। इसके साथ ही हमालों एवं किसान के ब्यान लेने पर विरोधाभास भी पाया गया।
    मामला संदिग्ध होने के कारण 147 कट्टा धान वाहन सहित जप्त कर थाना बोरतालाब की सुपुर्दगी में कर दिया गया। प्रकरण अग्रिम कार्रवाई के लिए कलेक्टर खाद्य शाखा राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। ट्रेक्टर बिना नम्बर प्लेट के चलाया जा रहा था। इस पर थाना बोरतालाब द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट के अधीन पृथक से कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में सहायक खाद्य अधिकारी मनीष चितले, मंडी सचिव भूनेश्वर सिंह ठाकुर, मंडी निरीक्षक ईश्वरी चन्द्राकर तथा पटवारी रामकिशोर कबीरे व अनिल वर्मा शामिल थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण काल में भी अपने कार्य को पूरा करते हुए नवोदय विद्यालय चयन समिति द्वारा 6वीं प्रवेश हेतु चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन पंजीयन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस हेतु जिले के एकमात्र नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ के शिक्षकों द्वारा जिले के सभी विकासखंड में जाकर ऑनलाइन पंजीयन के लिए दिशा-निर्देश दिया जा रहा है। इस कड़ी में पढ़ई तुंहर दुआर अभियान के तहत बच्चों को घर बैठे सुरक्षित एवं सतत् शिक्षा प्रदान करने में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले मोहला विकासखंड में प्राचार्य संतोष सिन्हा, संतोष कुमार मंडल व अनिल कुमार पाल द्वारा पंजीयन के नियम, पोर्टल की स्थिति तथा परीक्षा पात्रता सम्बन्धी नियमों से सभी सीएसी को अवगत कराया गया।
    शिक्षक मंडल ने बताया कि पूर्व वर्षो में राजनांदगांव जिला पूरे देश मे पंजीयन संख्या में अव्वल रहा है। पिछले साल 25,490 बच्चों का पंजीयन परीक्षा के लिए किया गया था। इस साल भी ऑनलाइन पंजीयन के लिए पोर्टल खोल दिया गया है तथा 15 दिसम्बर अंतिम तिथि है। इस कार्यशाला में मोहला एबीईओ राजेन्द्र देवांगन, बीआरसी खोमलाल वर्मा व सभी सीएसी उपस्थित रहे। मोहला एबीईओ राजेन्द्र देवांगन ने बताया कि इस साल ब्लॉक में 5वीं में 1460 बच्चे पंजीकृत है। ब्लॉक के शिक्षकों द्वारा पंजीयन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है तथा 200 से अधिक बच्चों का पंजीयन पूर्ण हो गया है। पंजीयन हेतु 1 मई 2008 से 30 अप्रैल 2012 तक जन्म तिथि वाले 5वीं में अध्ययनरत बच्चे परीक्षा देने के लिए पात्र है। परीक्षा 10 अप्रैल 2021 को आयोजित होगी।
    ज्ञातव्य है कि मोहला के बच्चों को शिक्षकों की मदद से शिखर कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क कोचिंग भी दिया जाता है ताकि बच्चों को परीक्षा के लिए गाइड लाइन मिल सके। संसदीय सचिव श्री इन्द्रशाह मण्डावी, समाज सेवी श्री संजय जैन, एपीसी श्री सतीश ब्यौहरे व स्थानीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बच्चों को दिशा-निर्देश दिया जाता है।

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