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दुर्ग / शौर्यपथ / थगड़ा बांध सौंदर्यीकरण का कार्य नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा प्रारंभ कर दिया गया है । ठगड़ा बांध निवासियों ने छठ पर्व के बाद व्यवस्थापन का आश्वासन दिया गया था । अत: समस्त निवासियों से को सूचित किया जाता है कि उन्हें बोरसी स्थित प्रधानमंत्री आवास में आवास दिया जा रहा है । दुर्ग निगम प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी देते हुए कहा है कि जिन लोगों ने भी आवास के लिए पंजीयन राशि और आवेदन जमा नहीं कराया है वे 10.12.2020 के पहले अपना नियमानुसार आवेदन निगम डाटा सेंटर कार्यालय मे जमा करावे 7
उन्हें लाटरी निकाल कर आवास आबंटित किया जाएगा । थगड़ा बांध के समस्त निवासियों को यह भी सूचित किया जाता है की वे 10.12.2020 के पूर्व अपना अतिक्रमण झोपड़ी का व्यवस्थापन कर लेवे, अन्यथा 10.12.2020 को नगर निगम द्वारा बेदखली की कार्यवाही की जावेगी । जिसके बाद उनका कोई भी दावा या आपत्ति मान्या नहीं होगा ।
शौर्यपथ/ भिलाई
रिसाली निगम क्षेत्र में जल्द ही प्रस्तावित दो गोबर खरीदी केन्द्र और शुरू किया जाएगा। शुक्रवार को संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एस. के. दुबे ने नगरीय निकाय के सबसे सुंदर नेवई गौठान और रूआबांधा सेंटर का निरीक्षण करते कहा कि खरीदे गए गोबर के चैथाई हिस्सा से हर रोज गोबर से लकडी व छेना तैयार किया जाए। साथ ही पंजीकृत हितग्राहियों को नियमित गोबर बेचने पे्ररित करने निर्देश दिए। संयुक्त संचालक पाटन ब्लाक का गौठान व गोबर खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करने के बाद दोपहर 3:30 बजे नेवई पहुंचे। निगम के नोडल अधिकारी रमाकांत साहू के साथ गौठान में तैयार किए जा रहे वर्मी खाद का निरीक्षण किया। नेवई व रूआबांधा केन्द्र का अवलोकन करते हुए मिशन मैनेजर व जिला समन्वयक को निर्देश दिए कि वे केवल खाद पर ही निर्भर न रहे। छेना व गो काष्ठ तैयार करने पर भी ध्यान दे। इसके लिए हर दिन एक क्विंटल गोबर को आरक्षित करे। निरीक्षण के दौरान सहायक परियोजना अधिकारी सुरेश देवांगन, जिला समन्वयक टी कश्यप, मिशन मैनेजर अरूणा धृतलहरे समेत ललिता साहू व कुंजेश्वरी साहू उपस्थि थी।
संचालक ने संपर्क बढाने दिया जोर
निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक ने महिला समूह की सदस्यों से भी चर्चा की। उन्होने कहा कि महिला सदस्य खाली समय में संपर्क ब?ाए। इससे बाजार तैयार होगा। वर्मी खाद के उपयोगिता के बारे में सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक चर्चा करे। किचन गार्डन में वर्मी खाद का उपयोग करने महिलाओं को प्रेरित करने कहा।
खाद की क्वालिटि देख खुश हुए
निरीक्षण के दौरान भंडारण कर रखे वर्मी खाद का अवलोकन किया। इस दौरान संयुक्त संचालक ने खाद को देख निगम कर्मचारियों की पीठ थपथपाई। बेहतर खाद बनाने के लिए प्रंशसा की। उललेखनीय है कि रूआबांधा सेंटर में 250 क्विंटल वर्मी खाद बिक्री के लिए तैयार है। वहीं 3.5 क्विंटल खाद की बिक्री किया जा चुका है।
जशपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जशपुर नगर में आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जशपुर जिले को पिछड़ेपन से उबारने की शुरूआत हो चुकी है। आज यहां करीब 800 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास इस दिशा में तेज कदम है। आवागमन, सिंचाई की सुविधा और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्षेत्र में काफी काम करने की जरूरत है। जिले के विभिन्न गांवों में करीब 200 नए विकास कार्यों से समूचे क्षेत्र के विकास को नई गति और दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित आम सभा में सन्ना में अस्पताल, कोतबा में उद्यानिकी कॉलेज, जशपुर में तीरंदाजी अकादमी, जशपुर और सन्ना के बीच 9 किलोमीटर सड़क निर्माण, ईब नदी पर पुल निर्माण, बगीचा अस्पताल के संधारण और मुक्तिधाम के लिए 40 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने सूरजपुर जिले के प्रतापगढ़ में 30 किलोमीटर सड़क उन्नयन की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री बघेल ने आमसभा में कहा कि लोगों की आर्थिक मजबूती के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। गांवों को सम्पन्न बनाने के लिए गौठान निर्माण, चारागाह विकास, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और पशुपालकों से गोबर खरीदी जैसे काम किए जा रहे हैं। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी कार्यक्रम भी इसमें मदद कर रही है। किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों को उनसे खरीदे प्रति क्विंटल धान के लिए 2500 रुपए दिए जा रहे है। वन अधिकार कानून के तहत् पात्र लोगों को व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा देने के साथ-साथ वनांचलों में सामूहिक पट्टे भी दिए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तेन्दूपत्ता संग्राहकों से 4000 रुपए प्रति मानक बोरी की दर से तेन्दूपत्ता खरीदा जा रहा है। उनके द्वारा संग्रहित वनोपजों का सही दाम दिलाने के साथ ही 31 लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की वजह से देश और दुनिया आर्थिक मंदी से जूझ रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ इससे अप्रभावित है। सरकार ने धान खरीदी, वनोपज खरीदी, गोबर खरीदी, तेन्दूपत्ता खरीदी, बिजली बिल में छूट और मनरेगा के माध्यम से व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराकर लोगों की जेब में लगातार पैसे डाले हैं। इससे प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को भी अच्छी गति मिली है। उन्होंने कहा कि जशपुर में पर्यटन के विकास की बहुत संभावनाएं है। जिले को इस दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन विभाग को निर्देश दिए गए है कि वे वनों में साल के बजाय फलदार पौधे लगाएं। इससे वहां रहने वाले लोगों की आय बढ़ेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से फलों का मूल्य संवर्धन (वेल्यू एडिशन) कर आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले के सभी 8 विकासखंडों में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना के लिए जमीन चिन्हांकित कर ली गई है।
खाद्य एवं संस्कृति मंत्री तथा जशपुर जिले के प्रभारी अमरजीत भगत ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास का मॉडल पूरे देश में लोकप्रिय हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के गठन के 2 घंटों के भीतर ही प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ करने का निर्णय ले लिया था। किसानों की मेहनत का पूरा दाम दिलाने राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। किसानों को धान की इतनी अधिक कीमत देने वाला छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है। इस साल बोरों की कमी के बावजूद सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जा रही है।
मंत्री भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे आर्थिक संसाधनों के प्रबंधन की तारीफ भारतीय रिजर्व बैंक ने भी की है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में छत्तीसगढ़ सरकार पूरे समय अपने लोगांे के साथ खड़ी रही। इस दौरान पीडीएस के माध्यम से तीन माह का राशन निःशुल्क दिया गया। देश के विभिन्न शहरों से लौटे करीब 7 लाख लोगों को प्रदेश भर में स्थापित करीब 22 हजार क्वारेंटाइन सेंटरों में उनकी सेहत और अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखा गया। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले दूसरे राज्यों के लोगों को भी परिवहन, भोजन, राहत कैम्प जैसी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गई जिन्हें वे लोग आज भी याद करते है।
उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने आमसभा में कहा कि जशपुर में इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों की शुरूआत और लोकार्पण आज पहली बार हो रहा है। इससे वनांचल के इस जिले में निश्चित ही विकास की रौशनी तेजी से पहुंचेगी। उन्होेंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी फैसले लिए है। गांव, गरीबों और किसानों का जीवन खुशहाल बनाया है। इस दौरान बैंक सखियों के माध्यम से बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों तक सामाजिक पेंशन की राशि घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। कमजोर आय वर्ग के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई कर सके, इसके लिए सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी प्रदेश भर में शुरू किए गए हैं। आम सभा को स्थानीय विधायक श्री विनय भगत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लालजीत सिंह राठिया, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विधायकगण सर्वश्री चक्रधर सिंह सिदार, प्रकाश नायक और श्रीमती उत्तरी जागड़े, सरगुजा संभाग की आयुक्त सुश्री जिनेविवा किण्डो, सरगुजा पुलिस रेंज के महानिरीक्षक रतनलाल डांगी, कलेक्टर महादेव कावरे तथा पुलिस अधीक्षक बालाजी राव भी उपस्थित थे।
परम्परागत पगड़ी और गमछा पहनाकर तथा तीर-कमान देकर मुख्यमंत्री का किया गया सम्मान
खाद्य मंत्री भगत ने उरांव गीत गाकर मुख्यमंत्री का किया स्वागत
जशपुर में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और आमसभा को संबोधित करने पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कार्यक्रम में परम्परागत पगड़ी और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। सिर पर पगड़ी पहनाकर उस पर मोर पंख भी खोंसा गया। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में तीर-कमान भी सौंपा गया। खाद्य एंव संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने मंच पर दो उरांव गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
रायपुर / शौर्यपथ / जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जब मांदर भेंट किया तो वे उस पर थाप देने से स्वयं को रोक नहीं सके। इसी तरह पाषण-शंख को देखकर उन्होंने उसे बजाकर उसकी ध्वनि सुनी। अपनी इस पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय सांस्कृतिक तत्वों में खूब रुचि ली।
मुख्यमंत्री बघेल जब जशपुर के नवनिर्मित पुरातत्व संग्रहालय पहुंचे तो उनका स्वागत मांदर भेंटकर किया गया। श्री बघेल मुस्कुराते हुए मांदर पर थाप देने लगे। संग्रहालय में रखे गए पाषाण शंख की ध्वनि सुनने के बाद उन्होंने इसकी सराहना करते हुए कहा कि ये सारी चीजें हमारी विरासत हैं। यह संग्रहालय हमारी विरासतों को सहेजने का माध्यम बनेगा। जशपुर में निर्मित गढ़कलेवा के अवलोकन के दौरान उन्होंने खास तौर पर प्रदर्शित जशपुरिया-व्यंजनों में भी खासी रुचि ली। इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत स्थानीय जनजातीय नृत्यों, वाद्यों तथा गीतों के माध्यम से किया गया। जिले के प्रभारी मंत्री श्री अमरजीत भगत ने भी मंच से अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री बघेल के स्वागत में उरांव गीत गाए। उन्होंने गीतों के भाव समझाते हुए कहा कि हे अतिथि आप आए हैं, तो हमारे मन को बहुत अच्छा लग रहा है। संबोधन शुरु होने से पहले मुख्यमंत्री को जशपुरिया पगड़ी पहनाकर तथा तीर-कमान सौंपकर स्वागत किया गया।
सेहत /शौर्यपथ / सर्दियों का मौसम खान-पान के लिहाज से काफी अहम होता है। इस सीजन में कुछ खास फल और सब्जियां ऐसी हैं, जिन्हें खाने से आपकी इम्युनिटी पावर बढ़ने के साथ आप छोटी-मोटी बीमारियों से भी बचे रहते हैं। आज हम आपको ऐसी फल-सब्जियां बता रहे हैं, जिन्हें आयुर्वेद के अनुसार शक्तिवर्धक और रोगनाशक माना जाता है।
पालक से दूर रहता है इंफेक्शन
इस सब्जी की खपत से शरीर को बेहद फायदेमंद एंटी-ऑक्सीडेंट विटामिन मिलते हैं। जैसे विटामिन ए और सी। इसमें विटामिन-के की मात्रा भी काफी होती है, जिससे बोन मास को स्ट्रेंथ मिलती है। यह सब्जी मौसम में इन्फेक्शन से दूर रहने में भी मदद करती है।
चुकंदर भी फायदेमंद
चुकंदर पूरे साल मिलता है लेकिन इस मौसम में शरीर का मेटाबॉलिज्म कम हो जाता है, इसलिए ऐसे फूड लेने के लिए कहा जाता है, जो कम कैलरी के हों मगर जिनमें पोषण यानी न्यूट्रिएंट वैल्यू ज्यादा हो, जो चुकंदर यानी बीटरूट में है।
मूली से बढ़ती है इम्युनिटी
ठंड की सबसे लोकप्रिय सब्जियों और सलाद में से एक है मूली। मूली में मैग्निशियम, आयरन, कॉपर, कैल्शियम, मिनरल्स की काफी मात्रा में होती है। आयुर्वेद के अनुसार इसे डाइट में लेने से बॉडी हमेशा हेल्दी बनी रहती है।
गाजर में है विटामिन का भरमार
इसमें कैरोटिन की मात्रा बाकी के फल और सब्जियों से ज्यादा होती है। साथ ही इसमें काफी तरह के विटामिन भी मौजूद होते हैं। जैसे विटामिन बी, सी, डी, ई और के। मूली की तरह इसे सलाद में भी लिया जा सकता है और सब्जी भी बनाई जा सकती है। दोनों ही तरह से गाजर बहुत हेल्दी है.
बैक्टीरिया से लड़ता है संतरा
संतरे को सर्दी में लेने के काफी फायदे हैं। इसमें विटामिन सी की मात्रा काफी होती है, जिससे इस मौसम में बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है। सबसे खास है कि यह लो-कैलरी फ्रूट है यानी इसे लेने से वजन नहीं बढ़ेगा।
खाना खजाना /शौर्यपथ / मीठा खाने के शौकीनों को खीर भी बेहद पसंद होती है। खीर बनाने के कई तरीके होते हैं। आज हम आपको ट्रेडिशनल चावल और दूध की खीर से हटकर मखाने-काजू की खीर बनाने की रेसिपी वता रहे हैं। आइए, जानते हैं आसान रेसिपी-
सामग्री :
1 लीटर दूध
1 कप मखाने
1 छोटा चम्मच घी
1 छोटा चम्मच चिरौंजी
10 काजू
10 बादाम
1 चम्मच इलायची पाउडर
¼ कप चीनी
विधि :
सबसे पहले काजू और बादाम महीन-महीन काटकर अलग रख लें।
मखानों को महीन-महीन काट लें और फिर मिक्सी में दरदरा पीस लें।
अब एक भारी तली के पैन में घी गरम करें और उसमें मखानों को 1 मिनट के लिए भून लें।
अब मखानों में दूध डालकर पहले उबाल के बाद आंच को धीमा कर दें।
दूध को तब तक पकने दें जब तक कि मखाने पूरी तरह से गल जाएं।
5-7 मिनट के गैप में खीर को चलाते रहें ताकि वो तली में लगने ना पाए।
अब कटे हुए मेवे और चीनी को खीर में डालकर अच्छी तरह मिलाएं और 5 मिनट बाद इलायची पाडउर डालकर गैस बंद कर दें।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / बासी रोटी सुनते ही ज्यादातर लोग मुंह बना लेते हैं लेकिन स्वाद की बजाय सेहत की बात करें, तो बासी रोटियां पोषण से भरपूर होती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि गेहूं के आटे से बनी रोटियों को सबसे ज्यादा पौष्टिक और सुपाच्य माना जाता है लेकिन इन रोटियों के गुण तब और भी बढ़ जाते हैं, जब ये बासी हो जाती हैं। आइए, जानते हैं बासी रोटी खाने फायदे-
बासी रोटी के फायदे
बासी रोटी को रोज दूध के साथ खाने से डायबिटिज और बीपी नियंत्रित रहता है। रोटी के बासी हो जाने से उनमें कुछ लाभकारी बैक्टिरिया आ जाते हैं इसके अलावा ग्लूकोज की मात्रा भी कम होती है।
बासी रोटी को दूध के साथ खाने से पेट की बीमारियों से भी राहत मिलती है। इससे एसिडिटी, कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती है। बासी रोटी में फाइबर होने से यह पाचन को भी ठीक करता है।
बासी रोटी शरीर के तापमान को भी संतुलित बनाए रखने में मददगार है। दूध के साथ बासी रोटी को खाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। खासकर गर्मियों में इसका सेवन करने से हाई स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा नहीं रहता है।
दूध के साथ बासी रोटी खाने से शरीर का दुबलापन भी दूर होता है और शरीर में बल की वृद्धि होती है। शरीर के दुबलेपन को दूर करने का यह सबसे कारगर उपाय भी है। खासकर रात के समय बासी रोटी खाना ज्यादा फायदेमंद होगा।
खेल /शौर्यपथ / कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के तमाम क्रिकेट इवेंट्स स्थगित या रद्द करने पड़े थे। इसमें एशिया कप 2020 भी शामिल था, जिसे स्थगित कर दिया गया था। एशियाई क्रिकेट परिषद की नई बैठक में यह फैसला हुआ है कि पाकिस्तान 2022 में एशिया कप आयोजन करेगा, जबकि 2021 में श्रीलंका को टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला है।
पीटीआई से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के सीईओ वसीम खान ने कहा, '2021 में होने वाले एशिया कप का आयोजन श्रीलंका में होगा जबकि 2022 में पाकिस्तान को मेजबानी का मौका मिलेगा।' पहले एशिया कप इस साल अगस्त और सिंतबर के बीच पाकिस्तान में होना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण टूर्नामेंट आयोजित नहीं किया जा सका। अब इसे 2021 जून में श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए आसान नहीं होगी राह
2022 में भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को टूर्नामेंट को पाकिस्तान में आयोजित करवाना आसान नहीं होगा। 2009 में श्रीलंका टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद से ही दुनिया भर की क्रिकेट टीमें पाकिस्तान जानें से कतराती हैं, हालांकि पिछले एक साल के दौरान जिम्बाब्वे, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमों ने पाकिस्तान का दौरा किया है।
इन सबके बावजूद बहुत कुछ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख पर निर्भर करेगा। अगर भारत अपनी आपत्ति जताता है तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बोर्ड को दिक्कतों का समाना करना पड़ सकता है। पिछले कई सालों से पाकिस्तान का होम ग्राउंड यूएई बना हुआ था। टीमों के दौरा न करने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को काफी नुकसान उठाना पड़ता था।
मनोरंजन /शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर आदित्य रॉय कपूर ने अपनी नई फिल्म ओम: द बैटल विदिन का पोस्टर जारी कर दिया है। इस फिल्म में दिल बेचारा फेम एक्ट्रेस संजना सांघी लीड में नजर आएंगी। फिल्म के पोस्टर में आदित्य रॉय कपूर एक्शन अवतार में दिख रहे हैं। उनके इस लुक को काफी पसंद किया जा रहा है।
पोस्टर में आदित्य अपने हाथ में भारी-भरकम गन पकड़े हुए दिख रहे हैं। उन्होंने अपना फर्स्ट लुक शेयर करते कैप्शन में लिखा, 'फाइटिंग का जज्जा कायम रखने के लिए अपने अंदर की लड़ाई।' फिल्म के पोस्टर पर सेलेब्स और फैन्स रिएक्शन्स दे रहे हैं। यह फिल्म अगले साल समर सीजन में रिलीज होगी।
इससे पहले आदित्य ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर बताया था कि उन्होंने संजना सांघी के साथ इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्ममेकर अहमद खान ने आदित्य के जन्मदिन पर फिल्म ओम: द बैटल विदिन का ऐलान किया था। इस फिल्म का निर्देशन एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा के बेट कपिल वर्मा कर रहे हैं। बता दें कि इससे पहले आदित्य रॉय कपूर का एक्शन अवतार फिल्म मलंग में देखने को मिला था। वह दूसरी बार फिल्म ओम में धांसू एक्शन करते नजर आएंगे।
आदित्य रॉय कपूर पिछली बार अनुराग बासू के निर्देशन में बनी फिल्म लूडो में नजर आए थे। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसमें उन्होंने पंकज त्रिपाठी, सान्या मल्होत्रा, अभिषेक बच्चन, राजकुमार राव और फातिमा सना शेख के साथ काम किया था। फिल्म में आदित्य के काम को बहुत पसंद किया गया।
धर्म संसार /शौर्यपथ / जिस महीने की पूर्णिमा तिथि जिस नक्षत्र से युक्त होती है, उस नक्षत्र के आधार पर ही उस महीने का नामकरण किया जाता है। चूंकि मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है, इसलिए इस माह को मार्गशीर्ष कहा जाता है। इसके अलावा इसे मगसर, मंगसिर, अगहन, अग्रहायण आदि नामों से भी जाना जाता है। ये पूरा मास बड़ा ही पवित्र माना गया है। इसकी महिमा स्वयं श्री कृष्ण भगवान ने गीता में बताई है। गीता के 10वें अध्याय के 35वें श्लोक में भगवान श्री कृष्ण ने कहा है -
बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम्।
मासानां मार्गशीर्ष Sहमृतूनां कुसुमाकरः।।
अर्थात् गायन करने योग्य श्रुतियों में मैं बृहत्साम और छंदों में मैं गायत्री छंद हूं तथा महीनों में मार्गशीर्ष और ऋतुओं में बसंत मैं हूं। अतः इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की उपासना की बड़ी ही महिमा है। इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की उपासना करने से व्यक्ति को जीवन में हर तरह की सफलता प्राप्त होती है और वो हर तरह के संकट से बाहर निकलने में सक्षम होता है।
सतयुग में देवों ने वर्ष का आरंभ मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही किया था। साथ ही ऋषि कश्यप ने भी इसी महीने के दौरान कश्मीर नामक जगह की स्थापना की थी, जो कि इस समय भारत का अभिन्न अंग है। मार्गशीर्ष मास के दौरान स्नान-दान का बड़ा ही महत्व है।
विशेषकर इस महीने के दौरान यमुना नदी में स्नान का महत्व है। मार्गशीर्ष महीने के दौरान यमुना नदी में स्नान करने से भगवान सहज ही प्राप्त होते हैं। अतः जो लोग जीवन में भगवान का आशीर्वाद बनाए रखना चाहते हैं और हर संकट से छुटकारा पाना चाहते हैं, उन्हें मार्गशीर्ष के दौरान कम से कम एक बार यमुना नदी में स्नान करने अवश्य जाना चाहिए, लेकिन जिन लोगों के लिए ऐसा करना संभव नहीं है, वो लोग घर पर ही अपने स्नान के पानी में थोड़ा-सा पवित्र जल मिलाकर स्नान कर लें।
स्नान
मार्गशीर्ष के दौरान सुबह जल्दी उठकर स्नान
से पवित्र होकर भगवान का ध्यान करना चाहिए और उनकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए। स्नान से पहले तुलसी की जड़ की मिट्टी से भी स्नान करें, यानी अपने शरीर पर उसका लेप लगाएं और लेप लगाने के कुछ देर बाद पानी से स्नान करें। साथ ही स्नान के समय 'ॐ नमो भगवते नारायणाय' या गायत्री मंत्र का जप करें।
दान
इस मौसम में शीतलहर आरंभ हो जाती है अत: गर्म कपड़े,कंबल,मौसमी फल,शैया,भोजन और अन्नदान का विशेष महत्व है। साथ ही इस माह में पूजा संबंधी सामग्री जैसे आसन, तुलसी माला,चंदन,पूजा की प्रतिमा,मोर पंख,जलकलश,आचमनी,पीतांबर,दीपक आदि का दान शुभ माना गया है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
