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सेहत /शौर्यपथ / वैसे तो किशमिश का सेवन हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन इसका सेवन अगर ठंड में किया जाए तो ये ज्यादा लाभदायक होती है. ठंड के मौसम में किशमिश का सेवन करने से कब्ज, एनीमिया, दुबलापन और शारीरिक कमजोरी जैसी गंभीर समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. किशमिश का सेवन करने से आपका वजन भी संतुलित रहता है. साथ ही आंख, दांत और हड्डियां भी मजबूत बनी रहती हैं. आइए हम आपको बताते हैं कि किशमिश का किस तरह से सेवन करने से आप ठंड के दिनों में स्वस्थ रह सकते हैं.
बॉडी को करता है डिटॉक्सीफाई
किशमिश के सेवन से उसके अंदर मौजूद फाइबर हमारी आंतों से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे हमारा पाचन तंत्र सही रहता है. किशमिश के सेवन से हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में ऊर्जा मिलती है क्योंकि इसमें ग्लुकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है जो हमारे शरीर को ताकतवर बनाता है.
किशमिश में कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने में आपकी मदद करता है. किशमिश त्वचा में मौजूद कोशिकाओं की रक्षा करता है जिससे आपकी त्वचा चमकदार और सुंदर दिखाई देने लगती है.
कैसे करें सेवन
किशमिश के सेवन से पूरा शरीर स्वस्थ रहता है. ऐसे में जरूरी है कि आप किशमिश का सेवन रोजाना करें. प्रतिदिन दूध में 12 से 14 किशमिश को अच्छे से उबाल लें और रोज रात को सोने से पहले इसका सेवन करें, जिससे आप काफी स्वस्थ रहेंगे.
बुखार में होता है लाभकारी
प्रोनोलिक फाइटोन्यूट्रीएंट्स जो कि अपने जीवाणुनाशक, एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंस गुणों के लिए जाना जाता है. यह तत्व किशमिश में काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है जो बुखार में काफी लाभकारी होती है.
सेहत /शौर्यपथ / अक्सर छोटे बच्चों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कभी उन्हें सर्दी-जुखाम हो जाता है, तो कभी पेट दर्द की समस्या. इसके अलावा भी कुछ अन्य समस्याएं हैं जो बच्चों को परेशान करती हैं. डायपर रैशेज की समस्या भी इनमें से एक है. दरअसल, लंबे समय तक डायपर पहने रहने की वजह से भी कई बार बच्चों को यह समस्या हो जाती है. यह समस्या डायपर में देर तक गीलापन रहने, इसे देर तक न बदला जाना आदि वजह से हो भी हो सकती है. इसमें उनकी स्किन पर हल्के दाने और रैश उभर आते हैं. साथ ही बच्चों को स्किन पर रेडनेस (Skin Redness), जलन और दर्द (Pain) की समस्या हो सकती है. ऐसे में बच्चे की नाजुक स्किन की ज्यादा देखभाल करनी चाहिए. आप कुछ उपाय अपना कर बच्चों को इस समस्या से बचा सकते हैं.
हर समय न पहनाएं डायपर
डायपर इस्तेमाल करने के कई फायदे होते हैं. मगर इसके ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए. इसलिए बच्चे को कुछ समय डायपर के बिना ही रखें. इससे बच्चों की स्किन सूखने लगेगी और उन्हें आराम मिलेगा. अगर बच्चा रैशेज की समस्या से गुजर रहा है, तो इस दौरान बच्चे को सूती आरामदेह कपड़े पहनाएं. इससे दाने जल्दी सूखेंगे.
बच्चे के रैशेज जल्दी ठीक हों और उसे जल्दी आराम मिले इसके लिए रैशेज वाली स्किन पर एंटी रैश क्रीम लगाई जा सकती है. या फिर नारियल का तेल भी उस स्थान पर लगा सकते हैं. नारियल तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं. इसे लगाने से रैश ठीक होने लगेंगे.
ऑलिव ऑयल है गुणकारी
ऑलिव ऑयल भी बच्चों को होने वाले डायपर रैशेज में लाभ पहुंचाता है. इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल गुण रैशेज को ठीक करने में मदद करते हैं. बच्चे को डायपर रैशेज वाली स्किन पर अपने हाथों से ऑलिव ऑयल लेकर हल्के हाथों से लगा दें. इससे स्किन मुलायम बनी रहेगी और इंफेक्शन भी दूर होने लगेगा.
एलोवेरा जेल देगी आराम
एलोवेरा को स्किन संबंधी समस्याओं में रामबाण माना जाता है. बच्चों को होने वाले डायपर रैशेज में भी यह फायदेमंद होता है. इसके लिए एलोवेरा जेल बच्चे की रैशेज वाली जगह पर हल्के हाथों से मलें. उसे आराम मिलेगा.
खाना खजाना / शौर्यपथ / आपने प्याज, आलू, बैंगन और पनीर आदि के पकौड़े तो खाए होंगे मगर कटहल के पकौड़ों के स्वाद से शायद ही वाकिफ हों. इनका जायका बेहद अच्छा होता है. इन्हें शाम की चाय के साथ या फिर जब कुछ अलग खाने की इच्छा हो तब बनाया जा सकता है. अब तक आपने जितनी तरह के भी पकौड़े खाए होंगे, कटहल के पकौड़ों का मजा भी कभी नहीं भूलेंगे आप. इन्हें बनाना भी बेहद आसान है और यह झटपट तैयार हो जाते हैं. तो आइए जानते हैं कटहल के पकौड़े की रेसिपी...
कटहल के पकौड़े बनाने की सामग्री
कच्चा कटहल- 500 ग्राम
नमक- 1.5 छोटी चम्मच
हींग- ½ चुटकी
बेसन- 1 कप
चावल का आटा- ½ कप
हरी मिर्च- 2 बारीक कटी हुई
लाल मिर्च पाउडर- 1.5 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर- 1.5 छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर- ½ छोटी चम्मच
गरम मसाला- ½ छोटी चम्मच
अजवाइन- ½
तेल- तलने के लिए
कटहल के पकौड़े बनाने की विधि
सबसे पहले कटहल को छोटे छोटे पीस में काट लें और बीज के पीछे का भाग निकाल लें. अब कूकर में ½ कप पानी, ¾ चम्मच नमक और 1 चुटकी हींग डालकर कटा हुआ कटहल डालकर ढक्कन बंद कर आंच पर रख दें और एक सीटी आने दें. थोड़ी देर बाद कूकर का ढक्कन खोलकर इसे निकाल लीजिए और बचा हुआ पानी फेंक दीजिए. अब एक गहरे तले वाले पैन में कच्ची घानी तेल डालकर हल्की आंच पर गर्म करें. एक गहरे बर्तन में बेसन, चावल का आटा, स्वादानुसार नमक और अंदाज से थोड़ा सा पानी डालकर एक घोल बना लें. इस घोल में लाल मिर्च पाउडर, हरी मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, गरम मसाला और अजवाइन डालकर अच्छे से मिला लीजिए और इसमें 1 स्पून तेल भी डालकर मिलाएं. अब इस घोल में उबले हुए कटहल के टुकड़े डालकर मिला लें और हल्दी डालकर मिलाएं. लीजिए तैयार है क्रिस्पी पकौड़ा बनाने के लिए आपका घोल.
कड़ाही में तेल डालकर अच्छे से गर्म कर लें इसके बाद पकौड़े के घोल को थोड़ा थोड़ा कर इस तेल में टपकाएं. मद्धम आंच पर पकौड़ों को गोल्डन ब्राउन होने तक तल लें. अब इन पकौड़ों को एक कागज़ लगी प्लेट पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल सोख लें. इसी तरह सारे पकौड़ों को तल लीजिए. अब इन पकौड़ों को एक सर्विंग प्लेट में निकालकर टोमेटो केचप या धनिये और टमाटर की खट्टी चटनी के साथ सर्व करें. इनका स्वाद लाजवाब कर देगा.
दुर्ग / शौर्यपथ / रवि शंकर स्टेडियम के पिछे नगर निगम द्वारा पूर्व निर्मित फ्लावर स्ट्रीट का संधारण करने के पश्चात विवेकानंद मार्ग का नाम बदलकर पुन: लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथो कल लोकार्पण कराए जाने के कार्य पर कटाक्ष करते हुए निगम के पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर व पूर्व सभापति दिनेश देवांगन इसे नई बोतल पर पुरानी शराब की संज्ञा देते हुए कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार व विधायक अरुण वोरा के पास अब नया कुछ करने को नहीं होने के चलते पुराने कामो को ही अपनी उपलब्धि बताकर लोकार्पण करा रहे है।
इस सम्बन्ध में पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर व पूर्व सभापति दिनेश देवांगन ने जारी बयान में कहा कि आज से 13वर्ष पूर्व तात्कालीन महापौर सुश्री सरोज पाण्डेय ने शहर में नए नए विकास के परिकल्पना के अनुरूप रविशंकर स्टेडियम मानस भवन से लेकर चौपाटी तक तथा साई द्वार के सामने रानी दुर्गावती प्रतिमा से लेकर एसपी बंगला व पॉलीटेक्निक कॉलेज के पीछे तक मॉर्निंग व इवनिंग वॉक करने वालों लोगो को शद्ध हवा मिले इसके लिए आक्सीजन जोन के रूप में सड़क की दोनों ओर सुंदर उद्यान विकसित कर फ्लावर स्ट्रीट का निर्माण कराई थी तथा इस मार्ग का नाम विश्व के महान महापुरुष स्वामी विवेकानन्द जी के नाम पर किया गया था जिसका एक बोर्ड पूर्व में लगाई गई थी चूंकि उद्यान सहित अन्य निर्मित कार्यों का समय समय पर संधारण किया जाना निगम का दायित्व होता है और 12वर्ष से अधिक समय होने पर वैसे भी इस गार्डन का नए सिरे संधारण आवश्यक था किंतु राज्य से लेकर निगम तक कांग्रेस कि सत्ता आने बाद से प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार व विधायक, महापौर को कोई नए निर्माण कार्य की योजना नहीं सूझ नहीं रहा है और विधायक अरुण वोरा अपनी वाहवाही लेने के फेर में उन कार्यों के लिए मुख्यमंत्री को बुला लिया है जिनका संधारण प्रक्रियागत है पूर्व महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर ने आगे कहा कि सत्ता के मद में चूर कांग्रेस सरकार में विधायक व महापौर अब महापुरूषों कि अभी अव्हेलना करने लगी है जिसका ताजा उदाहरण यह मार्ग उद्यान है जिसे छत्तीसगढ़ी लोक कला संस्कृति के पहचान के आड़ में स्वामी विवेकानंद जी का ही नाम मिटा दिया स्वामी जी विश्व के उन महापुरूषों में से है जिनकी आदर्शो का विश्व के कई देश अनुसरण करते है ऐसे महात्मा पुरुष के नाम बदलकर वाहवाही लेना कांग्रेसियों के लिए शर्म की बात है पूर्व महापौर ने आगे कहा कि वास्तव ने राज्य कि भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार में न कोई सोच न कोई विजन नरवा घुरवा गरवा बाड़ी के अलावा उनके पास अन्य नया कोई कांसेप्ट नहीं है जिसे जनता को बता सके इसलिए पूर्व स्वीकृत व निर्मित कार्यों को ही सुधार कर या बदलकर अपनी पीठ थपथपाती है ताकि वाहवाही लूट सके और इस कार्य ने विधायक अरुण वोरा को महारथ हासिल है जिन्होंने अपनी निधि से 19 लाख व निगम की संधारण मद 18 लाख खर्च कराकर महज 37 लाख के कार्यों के लिए पर मुख्यमंत्री को बुलाकर अपनी व मुख्यमंत्री का स्तर बता रहे है किंतु दुर्ग शहर की जनता बहुत ही जागरूक है वे सब जानती व समझती है।
छत्तीसगढ़ की लोककला को रक्षित करने का प्रयास नहीं भा रहा छत्तीसगढिय़ा पूर्व महापौर को
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग में आज होने वाले लोककला मार्ग के उद्घाटन पर भाजपा के पूर्व महापौर और पूर्व पीडब्ल्यूडी प्रभारी के कटाक्ष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दुर्ग निगम के महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि दुर्ग निगम की पूर्व महापौर एवं पूर्व पीडब्ल्यूडी प्रभारी को छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संजोय रखने एवं मार्ग में छत्तीसगढ़ के संस्कृति की छाप को प्रदर्शित करना शायद पसंद नहीं आ रहा है और यही कारण है कि विधायक के सोंच को सार्थक करता छत्तीसगढिय़ा मुख्यमंत्री के विचार को जमीनी स्तर पर पहुँचाने के निगम की कांग्रेस सरकार के कार्य को पूर्व महापौर औचित्यहीन बता रही है जबकि उनके ही कार्यकाल में इस मार्ग के संधारण की कोई कोशिश नहीं की गयी . 15 सालो पूर्व हुए निर्माण की खस्ता हाल व एस.पी. बंगले से राजेन्द्र पार्क चौक के बीच में नव निर्मित छत्तीसगढ़ी लोक कला की झांकी को पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर इसे सिर्फ संधारण का नाम दे रहे है जबकि यह निर्माण नया है एवं जर्जर फुटपाथ जो पूर्व के भाजपा कार्यकाल की असफलता का प्रतिक है को नया रूप दिया जा रहा है उस पर सिर्फ राजनीती वश विरोध करना आम जनता की भावनाओ के साथ खिलवाड़ है . कांग्रेस की निगम सरकार दुर्ग निगम क्षेत्र को नया रूप देने सतत प्रयासरत है जहा एक ओर कोरोना आपदा से जंग जारी है वही विकास की दिशा में भी निरंतर कार्य प्रगति पर है जिसे जनता तो मान रही किन्तु पूर्व महापौर अभी भी जनता को गुमराह कर रही है जिस तरह अपने 5 साल के कार्यकाल में दुर्ग निगम क्षेत्र की जनता को गुमराह किया . पूर्व महापौर के कार्यकाल में शहर के मध्य स्थित राजेन्द्र पार्क , दादा दादी पार्क , चौपाटी और गौरव पथ संधारण की बाट देखता रहा किन्तु पूर्व महापौर ने कभी सुध नहीं ली अपितु नए नए असफल प्रयोग से सिर्फ जनता को गुमराह किया जाता रहा वही जब से दुर्ग निगम में कांग्रेस की सरकार ने सत्ता संभाला तब से कोरोना आपदा से जंग लड़ते हुए विकास के कार्य को भी गति प्रदान की है इसी कड़ी में नव निर्माण सहित जर्जर निर्माण का पुनर्संधारण किया जा रहा है . निगम की वर्तमान सरकार इसके बाद करोडो खर्च कर बने चौपाटी जो सालो से खस्ता हाल में है उस पर भी कार्य करने व अन्य स्थानों पर ऐसे जगह जहां का निर्माण पूर्व के शासनकाल में निम्न स्तर का हुआ है उसे सुधारने का कार्य निगम की सरकार करती रहेगी .
भाजपा के शासन में दुर्ग में कितने निर्माण कार्य कागजो पर हुए है और कितने जमीनी स्तर पर वो शहर की जनता ने देख ही लिया . भाजपा की पूर्ववर्ती निगम की सरकार ने अपने मुखिया के शौचालय तक के सापने को पूरा नहीं किया जिसका जीवंत उधाहरण दादा दाई पार्क , राजेन्द्र पार्क , चौपाटी आदि जैसे कई सार्वजनिक स्थान है जिस पर भी कांग्रेस की स्थानीय सरकार कार्य कर रही है किन्तु शहर की बदहाल व्यवस्था को सुचारू बनते हुए नहीं देख पा रही है पूर्व की निगम सरकार और उनके मंत्रीगण तभी बिना जानकारी के ही 56- 60 लाख के कार्य की जानकारी नहीं है सिर्फ हवा हवाई बात कर आम जनता को गुमराह कर रहे है किन्तु अब दुर्ग की जनता ये समझ चुकी है कि पूर्व की निगम की सरकार ने सिर्फ सत्ता सुख ही लिया आम जनता के सुविधाओ से परहेज किया . अब चूँकि वर्तमान की सरकार विकास की दिशा में प्रदेश के मुखिया के मागदर्शन और दुर्ग विधायक के निर्देश पर लगातार विकास के कार्य कर रही है तब केवल हताशा भरा ब्यान देकर जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रही है .
धमतरी / शौर्यपथ / दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार 2020 समारोह का आयोजन आगामी 03 दिसम्बर को रायपुर स्थित फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेन्टर माना कैम्प में किया जाएगा। सुबह 10 बजे से आयोजित इस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति/संस्था तथा जिले को पुरस्कृत किया जाएगा। उप संचालक समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले से सर्वश्रेष्ठ अस्थिाबाधित कर्मचारी श्री संतोष कुमार बांधव को समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। इसी तरह नि:शक्तजन वित्त विकास निगम द्वारा स्वरोजगार ऋण के तहत प्राप्त ऐसे ऋणी, जिन्होंने पूरी तरह से ऋण जमा कर चुके हैं, ऐसे 09 हितग्राहियों को उत्थान सब्सिडी योजना के तहत छूट की राशि का चेक वितरित किया जाएगा।
भिलाई / शौर्यपथ / सेल चेयरमैन अनिल कुमार चौधरी ऑनलाइन आयोजित सेल कार्मिकों के बड़े समूह से चर्चा की। सेल चेयरमैन श्री चौधरी डिजिटल माध्यम से आयोजित इस इन्टरैक्शन कार्यक्रम में सेल के पांच एकीकृत इस्पात संयंत्रों के 2000 से अधिक कर्मचारियों से क्रमवार जुड़े। भिलाई इस्पात संयंत्र के 500 से अधिक कर्मचारियों ने इस बड़े समूह इन्टरैक्शन (एलजीआई) में भाग लिया, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया था। इस चर्चा के माध्यम से कर्मचारियों के प्रोडक्शन से जुड़ाव को बढ़ाने के प्रयासों पर ध्यान केन्द्रित किया गया था, जिससे वर्तमान में बढ़ते स्टील बाजार का लाभ उठाए जा सके तथा उत्पन्न चुनौतियों पर विजय पाया जा सके। श्री अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि सेल को बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सभी प्रयासों पर जोर देना होगा। वर्तमान परिस्थितियांँ बेहद अनुकूल हैं, विशेष रूप से सेल जैसे इस्पात निर्माताओं के लिए यह एक अतिरिक्त लाभ है जो अपने ग्राहकों को बहुत सारे उत्पादों का विकल्प पेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाने के लिए सेल के सभी संयंत्रों और इकाइयों के कर्मचारियों को कमर कसनी होगी। जहाँ बेहतर प्रदर्शन और लाभप्रदता में सुधार से संगठन को अच्छी छवि बनती है, वहीं कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। भिलाई इस्पात संयंत्र की कंपनी के समग्र प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका है, सेल अध्यक्ष, श्री चौधरी ने आगे कहा कि बीएसपी में बड़ी क्षमताएँ हैं, जिसका प्रदर्शन वह समय-समय पर करता रहा है। हाल ही में लॉकडाउन अवधि के दौरान भी उन्होंने इसे प्रदर्शित किया है। हम सभी ने वर्तमान वित्तवर्ष की पहली छमाही में इसका अनुभव किया है। ऐसे में कंपनी को स्टील उद्योग के लिए आज बनी इन सकारात्मक और अनुकूल परिस्थितियों में भिलाई बिरादरी से बेहद उम्मीदें हैं। भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए प्राथमिकताओं तथा इसे प्राप्त करने की रणनीति का जिक्र करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि संयंत्र हाल ही में कई मॉडेक्स सुविधाओं से सुसज्जित हुआ है और बीएसपी को इससे अधिकतम लाभ प्राप्त करना है।
इस भारी निवेश की उपयोगिता को सिद्ध करते हुए बीएसपी बिरादरी को लाँंग रेल के उत्पादन को बढ़ाने हेतु अपनी कमर कसनी होगी। साथ ही इसके अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों जैसे वायर रॉड्स और टीएमटी बार्स की बाजार में अच्छी माँग है। जिसका नेट सेल्स रियालाइजेशन (एनएसआर) बेहतर होने से क पनी की लाभार्जन क्षमता बढ़ेगी। सेल चेयरमैन ने जोर देते हुए कहा कि प्लेटों के लिए भी पर्याप्त मांँग है जिसे संयंत्र, उत्पादन करने में सक्षम है। सेल, चेयरमैन ने कहा कि जबकि रेलवे ने अस्थायी रूप से छोटी रेलों की खरीद बंद कर दी है, लेकिन भारतीय रेलवे से लंबी रेल्स के आदेशों में कोई कमी नहीं है। श्री चौधरी ने जोर देते हुए कहा कि स्टील मेल्टिंग शॉप्स के लिए भी जरूरी है कि वे अपने निष्पादन गति को प्रभावी बनाए रखें
धमतरी / शौर्यपथ / कुरूद विकासखण्ड के ग्राम कोलियारी (भखारा) में आज नवीन धान उपार्जन केन्द्र का विधिवत् शुभारम्भ किया गया, जिसमें कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगण शामिल हुए। इस अवसर पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर किसान से धान का एक-एक दाना खरीदने कृत्संकल्पित है और इसके लिए शासन-प्रशासन के द्वारा सभी प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सरकार की यह नीति तभी सही ढंग से सफल होगी, जब समिति में किसान अपनी मेहनत से उपजाए धान का ही विक्रय करेंगे। किसी अन्य या मध्यस्थ व्यक्ति का धान ना बेचें, जिससे कि इसका अनुचित लाभ ना मिले।
कलेक्टर ने अपने संबोधन में ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में धान खरीदी की निर्धारित तिथि से पहले ही सभी पंजीकृत किसानों का धान लिया जाएगा, इसलिए वे जल्दबाजी ना करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे किसान को एक बार, मध्यम का दो तथा बड़े किसान का तीन बार टोकन जारी किए जाएंगे, लेकिन उन्हें बार-बार कतार में लगने की आवश्यकता नहीं है। पहली बार में ही उनसे धान लेने की तिथियों का निर्धारण कर लिया जाएगा, जिसका प्रदर्शन सूचना पटल पर किया जाएगा। इससे किसानों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी और शासन की भी यही मंशा है कि निर्विवाद, निर्विघ्न रूप से धान-खरीदी का कार्य सम्पन्न हो। कलेक्टर ने बताया कि धान की गुणवत्ता परखने स्थानीय स्तर पर ही समिति गठित की जा रही है। कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नागरिक श्री शरद लोहाणा ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और धान-खरीदी इसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
जिला पंचायत के उपाध्यक्ष नीशु चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के मुखिया क्षेत्र की मांगों को लेकर गम्भीर हैं और इसमें कोई शक नहीं कि किसान के एक-एक दाने का मोल सरकार चुका रही है। इसके अलावा अन्य मंचस्थ अतिथियों ने भी आज से शुरू हुए धान खरीदी केन्द्र की बधाई देते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
उल्लेखनीय है कि प्राथमिक सहकारी साख समिति के तहत नवीन धान उपार्जन केन्द्र कोलियारी का आज शुभारम्भ किया गया। इस दौरान अतिथियों के द्वारा धान, बारदाना तथा नापतौल मशीन की पूजा कर इसका उद्घाटन किया। अतिथियों ने सांकेतिक रूप से बारदाने में धान भी भरा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती तारिणी चंद्राकर, नगर पंचायत भखारा की पार्षद श्रीमती संतोषी निषाद, नगर पंचायत भखारा के पूर्व अध्यक्ष श्री भरत नाहर सहित समिति के पदाधिकारीगण तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। विदित हो कि धान खरीदी केन्द्र कोलियारी के तहत 1153 पंजीकृत कृषक हैं जिनमें 754 सीमांत, 276 लघु तथा 123 दीर्घ किसान शामिल हैं। इन किसानों के द्वारा 42 हजार क्विंटल धान क्रय करने का लक्ष्य है।
कलेक्टर ने अछोटा समिति का किया औचक निरीक्षण:- कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आज दोपहर 12 बजे धमतरी विकासखण्ड के ग्राम अछोटा स्थित धान उपार्जन केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र में पहुंचकर समिति प्रबंधक तथा किसानों से चर्चा की। इस दौरान किसानों ने टोकन वितरण में पारदर्शिता नहीं बरते जाने की बात कही, जिस पर कलेक्टर ने जारी किए गए टोकन का डिस्प्ले करने के निर्देश नोडल अधिकारी व समिति प्रबंधक को दिए। उन्होंने किसानों को समझाइश देते हुए कहा कि आज धान खरीदी का पहला दिन है, आगे सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएंगी। कलेक्टर ने यह भी बताया कि किसानों को बार-बार कतार में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि रकबा के अनुसार ही उन्हें तिथिवार अधिकतम तीन बार टोकन जारी किए जाएंगे।
उन्होंने समिति प्रबंधक पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बार-बार निर्देश के बाद भी यदि रकबा के अनुसार टोकन जारी नहीं किया गया, तो उन पर सीधी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न पंजियों का भी निरीक्षण करते हुए सभी आवश्यक प्रविष्टि पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 2 से 5 दिसम्बर तक सघन दौरे पर रहेंगे।मुख्यमंत्री 2 दिसम्बर को भिलाई-दुर्ग में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात 9 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री 3 दिसम्बर की रात रायगढ़ लौटेंगे और 4 तथा 5 दिसम्बर को जशपुर तथा बिलासपुर में आयोजित अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार रायपुर से दोपहर 1.30 हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.55 बजे कुटेलाभाठा, भिलाई पहुंचेंगे और वहां 2 बजे आई.आई.टी. भिलाई के ब्रिक लेइंग सेरेमनी में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल शाम 4.10 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रविशंकर स्टेडियम दुर्ग पहुंचेंगे और 4.15 बजे लोककला मार्ग का लोकार्पण, 4.30 बजे मुख्य अभियंता कार्यालय, लोकनिर्माण विभाग दुर्ग का शुभारंभ तथा 4.45 बजे पटेल चौक दुर्ग में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के कार्यालय का लोकार्पण करेंगे।
मुख्यमंत्री शाम 5.05 बजे कार द्वारा नेहरू नगर भिलाई पहुंचकर उप पुलिस अधीक्षक यातायात मुख्यालय दुर्ग तथा नेहरू नगर अंडर ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। श्री बघेल शाम 5.25 बजे बापू नगर भिलाई में बापू नगर तालाब का लोकार्पण करने के बाद अंडा चौक मैदान में लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे और शाम 6 बजे मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री रात 9 बजे रायपुर से विमान द्वारा रवाना होकर रात 10.45 बजे नई दिल्ली पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे।
मुख्यमंत्री अगले दिन 3 दिसम्बर को नई दिल्ली से शाम 7 बजे विमान द्वारा रवाना होकर रात 9 बजे रायगढ़ पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल 4 दिसम्बर को रायगढ़ से पूर्वान्ह 11 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.45 बजे जशपुर पहुंचेंगे और अंग्रेजी माध्यम स्कूल का निरीक्षण करने के बाद रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे और आमसभा को सम्बोधित करेंगे। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री जशपुर में पुरातात्विक संग्रहालय, गढकलेवा और जंगल बाजार का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री यहां से दोपहर 2.10 बजे कार द्वारा सरना एथनिक रिसोर्ट बालाछापर पहुंचेंगे और वहां समाज प्रमुखों, संगठन प्रमुखों से चर्चा करने के बाद रात्रि विश्राम करेंगे।
मुख्यमंत्री बघेल 5 दिसम्बर को पूर्वान्ह 11.30 बजे सरना एथनिक रिसोर्ट चाय बागान में पौध रोपण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ग्राम गम्हरिया में धान खरीदी केंद्र और गौठान का निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री वहां से कार द्वारा दोपहर 1.15 बजे सोगड़ा आश्रम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 3 बजे जशपुर पुलिस लाईन हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.45 बजे बिलासपुर आएंगे और शाम 4 बजे लाल बहादुर शास्त्री स्कूल में आयोजित 43वें राउत नाचा महोत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद बिलासपुर से कार द्वारा रवाना होकर रात 8 बजे रायपुर लौटेंगे।
निरीक्षण करने कलेक्टर पहुंचे जेवरा सिरसा धान उपार्जन केंद्र , सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए निर्देश , दिनभर डटी रही जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश के साथ-साथ आज दुर्ग जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में भी धान खरीदी शुरू हो गई । धान खरीदी कार्य का निरीक्षण करने के लिए दिन भर जिला प्रशासन की टीम लगी रही. संभाग आयुक्त टीसी महावर ,कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने आज जेवरा सिरसा स्थित धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने जारी किये जाने वाले टोकन की जानकारी ली। पहले दिन आये किसानों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। धान खरीदी केंद्रों में सभी तरह की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति प्रबंधक बारदानों आदि की व्यवस्था भी देख लें। कलेक्टर ने एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा तथा खाद्य नियंत्रक को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने धान खरीदी से सम्बंधित रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेज भी देखे। उन्होंने कहा कि खरीदी पूरी तरह पारदर्शी हो। इसके लिए शासन ने जो मानक तय किये हैं उसके अनुरूप कार्य हो। उन्होंने स्टैकिंग आदि की जानकारी भी ली। उन्होंने यह कार्य व्यवस्थित रूप से करने कहा। उन्होंने समिति प्रबंधकों से कहा कि आने वाले समय में धान की आवक बढ़ेगी, अभी से इसके प्रबंधन की तैयारी कर लें। एसडीएम श्री हेमलाल वर्मा ने बताया कि जिले के 90 धान उपार्जन केंद्रों में आज 45 हजार क्विंटल से अधिक धान खरीदी की गई है उन्होंने बताया कि हर केंद्र में 35,000 बारदाने उपलब्ध है। श्री वर्मा ने बताया कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र में करीब12 से 15 टोकन जारी किए गए थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
