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दुर्ग / शौर्यपथ / धमधा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत राजपुर में नवीन सहकारी समिति का कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने लोकार्पण किया। राजपुर में सोसायटी खोलने से अब राजपुर सहित ग्राम अंगार अ, अंगार ब, पेंड्री और ग्राम रकसा के किसान सुविधा पूर्वक यहां धान बेच सकेंगे। पहले इन गांवों के किसानों को यहां से 12 किलोमीटर दूर पेण्ड्रावन सोसायटी जाना पड़ता था। इससे किसानों को कई प्रकार की असुविधा से जूझना पड़ता था। अब किसानों को सहुलियत मिलेगी और राजपुर में धान का विक्रय कर सकेंगे।
लोकार्पण के अवसर पर उपस्थित किसानों को सम्बोधित करते हुए मंत्री श्री चैबे ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित के लिए संकल्पित है। सरकार किसानों की तकलीफ को समझती है। सरकार बनते ही किसानों से किये गए वादा को अमल करते हुए पूरा करने का काम किया है। किसानों से समर्थन मूल्य 25 सौ रुपये में धान की खरीदारी का वादा पूरा किया है। प्रदेशभर में किसानों का कर्ज माफ किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार किसानों से किये वादे के मुताबिक 25 सौ में खरीदारी आगे भी करती रहेगी। केंद्र सरकार की नीति के चलते 25 सौ में खरीदारी करने में आ रही बाधा से भी किसानों की धान खरीदी जारी रखने का काम किया गया है। राजीव किसान न्याय योजना बनाकर किसानों को राशि दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में नवीन धान खरीदी केंद्र खोला गया है। धमधा विकासखंड में इस साल 9 नवीन धान खरीदी केंद्र खोला गया। पहले केवल 8 समिति के माध्यम से धान की खरीदी होती थी। अब 17 सोसायटी से धान की खरीदी की सहुलियत मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुकाम पर किसानों के साथ खड़ी है। किसान और जनता की समस्या को दूर करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह विधानसभा पाटन के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों प्रतिबंधित पेड़ कौहा का कटाई व उसका परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने में वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारी असफल है। अल सुबह से दिन भर पेड़ो की कटाई की जाती है और देर रात से सुबह तक उसका परिवहन किया जाता है। इस विषय पर जब पाटन वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी से जानकारी लेना चाहें तो बताया गया की इसके बारे में वरिष्ठ अधिकारी ही जवाब दे सकते है। जब वरिष्ठ अधिकारी से फोन के माध्यम से सम्पर्क करना चाहा तो फोन ही रिसीव नही किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पाटन क्षेत्र में धान की कटाई पचास फीसदी हो चुका है। धान की कटाई होते ही खेतों में फसल खाली हो जाती है और खेतों में स्थित प्रतिबंधित पेड़ पौधों की कटाई का सिलसिला शुरू हो जाता है। वन विभाग राजस्व विभाग द्वारा कई बार इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किया गया है कि कौहा सहित अन्य पेड़ों की कटाई प्रतिबंधित है और अगर जरूरत हो तो शासन की अनुमति के बाद ही निर्धारित मात्रा में प्रतिबंधित पेड़ की कटाई की जा सकती है । लेकिन अब स्थिति यह है कि प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई धड़ल्ले से चल रही है कटाई ही नहीं यहां पर अल सुबह से लेकर शाम तक पेड़ों की कटाई की जाती है और शाम से लेकर रात तक लकड़ी का परिवहन भी किया जाता है । लकड़ी का परिवहन पाटन क्षेत्र से बहुतायत मात्रा में होती है ।
कई बार फॉरेस्ट विभाग व राजस्व विभाग द्वारा कार्रवाई भी की गई है। ऐसा भी मामला सामने आया है कि पिछले 6 माह में एक से अधिक आरा मिक लकड़ी की अवैध रूप से भंडारण के लिए सील किया जा चुका है। लेकिन वन विभाग की निचली अधिकारियों की मेहरबानी से यह सब सिर्फ करवाई तक ही सीमित रह जाती है । आलम यह है कि अब फॉरेस्ट विभाग क मौन हो गए हैं।
इस मौन के कारण अब अवैध रूप से लकड़ी काटने वाले और परिवहन करने वाले एक हो गए हैं। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री के विधानसभा होने के बाद भी इस तरह से अवैध कारोबार चल रही है इस पर किसी का अंकुश नहीं है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कोविड वैक्सीन के टीकाकरण को लेकर तैयारियां आरंभ हो गई हैं। इसके लिए गठित किये गए टास्क फोर्स की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में उन हितग्राहियों को चिन्हांकित किया गया जिन्हें सबसे पहले टीका लगाया जाना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से तथा कोविड कार्य में लगे अन्य शासकीय विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की सूची ली गई। साथ ही इस क्षेत्र में कोविड नियंत्रण के लिए निजी क्षेत्र से सहयोग कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में 44 शासकीय संस्थाएं कार्य कर रही हैं। इसमें अधिकारी-कर्मचारियों को मिलाकर हितग्राहियों की संख्या 2377 है। इसके अलावा निजी क्षेत्र से कोविड नियंत्रण के लिए कार्य कर रहे लोगों को भी चिन्हांकित किया गया है।
कलेक्टर ने कहा कि कोविड नियंत्रण को लेकर निगम अमले ने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने भी बडा काम किया है। जो भी कोविड नियंत्रण से जुड़ हैं सबसे पहले उन्हें टीका लगाया जाए ताकि उन्हें कोविड के जोखिम से मुक्त किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए 400 दल गठित किये जा सकते हैं। दल में एक वैक्सीनेटर के साथ तीन अन्य सहयोगी भी होंगे। एक टीम एक दिन में डेढ सौ से दो सौ हितग्राहियों को टीका लगा सकेगी। कलेक्टर ने कहा कि कोविड नियंत्रण कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को टीका लगाया जाना है। वैक्सीन की उपलब्धता होते ही इस पर कार्य आरंभ हो जाना चाहिए। कोशिश यह हो कि न्यूनतम समय में अधिकतम लोगों को कवर किया जा सके। इसके लिए जितने संसाधनों की जरूरत है उस संबंध में अवगत कराएं। टीकाकरण को लेकर अपनी तैयारियां पूरी तरह मुकम्मल होनी चाहिये।
अभी उपलब्ध संसाधन- अभी जिले में 38 कोल्ड चेन प्वाइंट हैं। फंक्शनल वैक्सीन करियर की संख्या 1196 है। 4800 फंक्शनल आईस पैक उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि वैक्सीन को माइनस ट्वेंटी से माइनस थर्टी डिग्री टेम्प्रेचर के बीच रखना होगा। अभी 56 कोल्ड बाक्स उपलब्ध हैं। पूर्व के टीकाकरण कार्यक्रमों के अनुभवों की भी समीक्षा- कलेक्टर ने पूर्व के टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा भी की। अधिकारियों ने बताया कि मीजल्स के टीके के दौरान रियेक्शन आदि के संबंध में विस्तार से गाइडलाइन जारी की गई थी। कोविड वैक्सीन के संबंध में जिस तरह की गाइडलाइन जारी की जाएगी, उसका ध्यान रखा जाएगा।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा से सौजन्य मुलाकात की एवं प्रदेश सरकार के कामकाज एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान मोतीलाल वोरा ने मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाते हुए प्रदेश सरकार के दो वर्षों के कामकाज की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि बघेल सरकार ने जो कहा सो किया के सिद्धांतों पर चलते हुए कांग्रेस पार्टी की रीति नीति का शानदार प्रदर्शन किया है। युवाओं को रोजगार, किसानों की कर्ज माफी, धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य, वनोपजों का लाभदायक समर्थन मूल्य, वन अधिकार पट्टों का वितरण, बिजली बिल आधा, सहायक प्राध्यापकों की भर्ती, शिक्षा कर्मियों का संविलियन समेत अपने ज्यादातर वादे पूरे करने में सरकार अल्प समय मे ही सफल रही है। सरकार के कामकाज की बदौलत ही प्रदेश में कांग्रेस और अधिक मजबूत हुई है और विधानसभा में उपचुनाव जीत कर 70 सीटों पर पहुंच गई है। उन्होंने आने वाले वर्षों में भी सर्वहारा वर्ग का ध्यान रखते हुए काम करने की सलाह दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग एक घंटे से अधिक समय तक प्रदेश की राजनीति एवं विकास के विषय मे चर्चा की।
वरिष्ठ पत्रकार सुरजन के निधन पर मोतीलाल वोरा ने जताया शोक
पूर्व केंद्रीय मंत्री मोतीलाल वोरा ने देशबंधु के प्रधान संपादक वरिष्ठ पत्रकार ललित सुरजन के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि श्री सुरजन बेहद सुलझे हुए एवं मिलनसार व्यक्तित्व के मालिक थे उनके निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए उन्होंने शोक संतप्त परिवार के लिए इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति देने ईश्वर से प्रार्थना की।
धमतरी / शौर्यपथ / आदिवासी बाहुल्य नगरी विकासखण्ड के सिहावा क्षेत्र के ग्राम सोनामगर निवासी इमरान खान ने आधुनिक तकनीकी से मछली उत्पादन के जरिए ऊंचा मुकाम हासिल किया है। मछलीपालन के कारोबार ने उनके जीवन स्तर को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया है। उनके उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट मत्स्योत्पादन को देखते हुए विश्व मास्यिकी दिवस के अवसर पर केन्द्रीय मछलीपालन एवं पशुपालन राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी ने पूसा कैम्पस नई दिल्ली में 21 नवम्बर को आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें एक लाख रूपए का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इमरान ने बताया कि मछलीपालन की शुरूआत उनके पिता अब्दुल जब्बार खान ने लगभग 30 साल पहले बहुत ही छोटे स्तर पर की थी। अपनी मेहनत और विभाग के सतत् मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीकी ज्ञान और उत्पादन के वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल से कारोबार में लगातार इजाफा हुआ। उन्होंने बताया कि कारोबार में जैसे-जैसे मुनाफा होता गया, वैसे-वैसे साल-दर-साल मछलीपालन का रकबा भी बढ़ता गया। एक समय ऐसा आया कि यहां की मछलियों की मांग उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र जैसे सीमावर्ती प्रदेशों से आने लगी। उन्होंने बताया कि उनके जलाशयों में प्रतिवर्ष 10 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है। आज कम्पनी के पास खुद के संसाधन उपलब्ध हैं जिनमें आइसकेन प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, आइस फिशिंग प्लांट, ट्रांसपोर्टिंग व्हीकल्स, इंसोलेटेड एफआरसी, बोट मैनुफैक्चरिंग आदि शामिल हैं। पहले किराए पर वाहन लेकर मछलियों की ट्रांसपोर्टिंग करते थे, अब खुद की मालवाहक गाड़ियों से जरिए मछलियों का निर्यात किया जाने लगा। श्री इमरान खान ने यह भी बताया कि उनकी फिश कम्पनी ने आधुनिक तकनीकी से मछलीपालन तथा जलाशय प्रबंधन के क्षेत्र में पूरे देश में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किया है।
उल्लेखनीय है कि उन्हें पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के सम्मान से नवाजा जा चुका है, जिसमें वर्ष 2012 में राष्ट्रपति के हाथों, 2013 में गुजरात मुख्यमंत्री, 2014 में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल तथा वर्ष 2015 में राष्ट्रीय पुरस्कार के अलावा प्रदेश सरकार के द्वारा अनेक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। श्री खान ने बताया कि उन्होंने विभागीय अधिकारियों के सतत् मार्गदर्शन और मातहत कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और लगन के बूते यह मुकाम हासिल किया है। मछलीपालन को स्वावलम्बी और आर्थिक सुदृढ़ीकरण का बेहतर जरिया बताते हुए इमरान खान ने युवाओं को इस क्षेत्र में आगे आने का आव्हान किया है।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया और कृषि मंत्री रविन्द्र चैबे के हाथों
माना कैम्प रायपुर में आयोजित दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह 2020 में
धमतरी / शौर्यपथ / दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार 2020 समारोह का आयोजनआज रायपुर स्थित फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेन्टर माना कैम्प में किया जाएगा। समारोह में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया और कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे द्वारा दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति/संस्था तथा जिले को पुरस्कृत किया गया। उप संचालक समाज कल्याण ने बताया कि धमतरी जिले से दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय प्राथमिक शाला टेंगना के प्रधान अध्यापक संतोष कुमार बांधव को समारोह में राज्य स्तरीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। उन्हें 5001 रूपए के चेक, प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
इसी तरह निःशक्तजन वित्त विकास निगम द्वारा स्वरोजगार ऋण के तहत प्राप्त ऐसे ऋणी, जिन्होंने पूरी तरह से ऋण जमा कर चुके हैं, ऐसे हितग्राहियों को उत्थान सब्सिडी योजना के तहत छूट की राशि भी प्रदाय की गई, जो कि सीधे हितग्राहियों के खाते में हस्तांतरित कर दी गई। इनमें ग्राम बिरझुली के टीकाराम, दर्रा के थलेन्द्र कुमार साहू, मड़ेली के कमलेश साहू, सेहराडबरी के केशव साहू, भठेली की श्रीमती डामेश्वरी साहू, भेण्डरवानी के शत्रुघन साहू और ग्राम मुड़केरा के कृपाराम ध्रुव शामिल हैं। इस मौके पर संचालक समाज कल्याण पी.दयानंद और संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री दिव्या मिश्रा उपस्थित रहे।
धमतरी / शौर्यपथ / नवा छत्तीसगढ़ के दो साल पूरे होने पर 13 दिसम्बर को प्रदेश में एक साथ वर्चुअल मैराथन का आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा। खेल अधिकारी सुश्री सुधा कुमार ने बताया कि वर्चुअल मैराथन दौड़ के प्रतिभागी अपने घर/पार्क/मैदान/रोड अथवा किसी भी सुरक्षित स्थान पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर दौडते हुए अपनी कुछ सेकंड का वीडियो, फोटो हैशटैग #runwithchhattisgarh के साथ फेसबुक अथवा ट्विटर पर अपलोड कर सकते हैं। फोटो एवं वीडियो को अपलोड करने का समय 13 दिसंबर को सुबह 06 से 11 बजे तक नियत किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल मैराथन के लिए 04 से 10 दिसम्बर तक http://jansampark.cg.gov.in, http://dpreg.gov.in अथवा http://www.sportsyw.cg.gov.in पर जाकर प्रतिभागी जनसंपर्क विभाग अथवा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वेबसाइड में उपलब्ध लिंक पर क्लिक कर अपना आॅनलाईन पंजीयन कर सकते है। बताया गया है कि रजिस्टेªशन लिंक के साथ वर्चुअल मैराथन के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अधिकृत लोगो एवं स्लोगन की तस्वीर भी आॅनलाईन उपलब्ध है। इच्छुक प्रतिभागी जो मैराथन दौड़ में हिस्सा लेना चाहते हैं, प्रिंटआउट निकालकर अपने किसी भी सफेद शर्ट में चिपका कर दिनांक 13 दिसम्बर को सुबह 06 से 11 बजे तक दौड़ते हुए वीडियो एवं फोटो उक्त हैशटैग के साथ फेसबुक अथवा ट्विटर पर अपलोड कर सकते हैं।
200 पंजीयन कराने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप टी-शर्ट खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से वितरण किया जाएगा। साफ तौर पर कहा गया है कि कोविड-19 के दिशा निर्देश को पालन करते हुए वर्चुअल मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा प्रतिभागी किसी भी स्थान पर समूह में एकत्रित नहीं होंगे। एकत्र होना अथवा एक साथ दौड़ लगाना पूरी तरह वर्जित होगा।
सेहत /शौर्यपथ / रक्तचाप बढ़ने के डर से एकदम फीका खाना खाते हैं? अगर हां तो संभल जाइए। नमक के सेवन में जरूरत से ज्यादा कटौती संक्रामक रोगों का सबब बन सकती है। लंदन स्थित रॉयल फ्री हॉस्पिटल का हालिया अध्ययन तो कुछ यही बयां करता है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक नमक की अति की तरह ही, इसकी कमी भी बुरी है। दरअसल, लंबे समय तक कम मात्रा में नमक खाने से शरीर में ‘इंटरल्यूकिन-17’ का उत्पादन ठप पड़ जाता है।
‘इंटरल्यूकिन-17’ एक तरह की श्वेत रक्त कोशिका है, जो विषाणुओं को पहचानने और उन्हें नष्ट करने में प्रतिरोधक तंत्र की मदद करती है। इसकी कमी से इनसान संक्रामक रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।
किडनी रोगियों के लिए घातक-
-अध्ययन दल में शामिल प्रोफेसर जैक पमबेरटॉन-व्हिटली की मानें तो किडनी रोगियों को चिकित्सकीय सलाह के बगैर खाने में नमक की मात्रा नहीं घटानी चाहिए। खासकर ‘जिटेलमैन सिंड्रोम’ और ‘बार्टर सिंड्रोम’ से जूझ रहे मरीजों को। दरअसल, इन दोनों ही बीमारियों में किडनी से सोडियम छनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। यही वजह है कि इनकी जद में आए मरीजों को बार-बार फंगल और मूत्र संक्रमण से जूझना पड़ता है।
डायबिटीज के मरीज भी रहें सतर्क-
व्हिटली ने बताया कि डायबिटीज रोगी या फिर थायरॉयड और डिप्रेशन के इलाज में कारगर दवाएं खाने वाले मरीजों को बार-बार पेशाब लगने की शिकायत सता सकती है। इससे उनके शरीर में सोडियम का स्तर घटने का जोखिम रहता है। सोडियम की कमी चक्कर, कमजोरी, सुस्ती, थकान और भ्रम की शिकायत को जन्म दे सकती है। अध्ययन के नतीजे ‘जर्नल नेचर कम्युनिकेशन्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं।
शरीर को कितनी जरूरत-
-स्वस्थ वयस्कों को रोजाना 2300 मिलीग्राम अधिकतम सोडियम का सेवन करना चाहिए
-अमेरिकी सीडीसी के मुताबिक 3400 मिलीग्राम से ज्यादा सोडियम खा रहे औसत वयस्क
ये तीन खतरे भी मौजूद-
1.सोडियम की मात्रा में अत्यधिक कमी इंसुलिन के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने का सबब बन सकती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ने लगता है।
2.शरीर के विभिन्न अंगों में खून की आपूर्ति करने के लिए हृदय को सोडियम की जरूरत पड़ती है, इसकी कमी से हार्ट फेल होने का खतरा रहता है।
3.विभिन्न अध्ययनों में देखा गया है कि सोडियम का स्तर घटने से बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड का स्तर बढ़ता है, जो दिल के लिए घातक है।
मनोरंजन / शौर्यपथ /तीन बच्चों के पिता सैफ अली खान अपने बड़े बेटे इब्राहिम को सोशल मीडिया से दूर रखना चाहते हैं। तैमूर, सारा अली खान और इब्राहिम के पिता सैफ चाहते हैं कि उनका बेटा सोशल मीडिया से दूरी बरते और सीधे स्क्रीन पर ही धमाल मचाए। वह इसके लिए इब्राहिम को ऋतिक रोशन का उदाहरण देते हैं, जो सोशल मीडिया से दूर रहते हैं और समय आने पर स्क्रीन पर धमाल मचाते हैं। अकसर सोशल मीडिया पर चर्चा पाने वाले इब्राहिम सैफ के सबसे बड़े बेटे हैं। उसके बाद सारा अली खान और तैमूर हैं। बता दें कि सैफ अली खान चौथी बार पिता बनने वाले हैं। उनकी पत्नी करीना कपूर खान दोबारा गर्भवती हैं।
इससे पहले करीना ने तैमूर को जन्म दिया था, जो अकसर सोशल मीडिया पर चर्चा की वजह बनते रहे हैं। वहीं इब्राहिम और सारा अली खान उनकी पहली पत्नी अमृता सिंह की संतान हैं। अमृता सिंह से तलाक के बाद सैफ ने करीना कपूर से शादी की थी। इब्राहिम की खुद से तुलना किए जाने को लेकर सैफ अली खान कहते हैं कि ऐसा करना गलत होगा। इब्राहिम खुद को तैयार कर रहे हैं।
वहीं सारा अली खान को लेकर सैफ कहते हैं कि उसे स्क्रीन पर देखना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है। हालांकि अब भी मैं उसे बच्ची ही समझता हूं। सारा अली खान की 25 दिसंबर को 'कुली नंबर वन' मूवी रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में वह लीड रोल में हैं और उनके हीरो वरुण धवन होंगे। 1995 में करिश्मा कपूर और गोविंदा की कुली नंबर वन मूवी का यह रिमेक होगी। इस फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इसे भी दर्शकों का प्यार मिलेगा। इस मूवी का डायरेक्शन डेविड धवन कर रहे हैं, उन्होंने ही पुरानी वाली कुली नंबर वन फिल्म को भी डायरेक्ट किया था।
बता दें कि सैफ अली खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म 'भूत पुलिस' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अलावा वह प्रभास और कृति सैनन की फिल्म 'आदिपुरुष' में भी नजर आने वाले हैं। इन दिनों सैफ अली खान हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पत्नी करीना कपूर खान और छोटे बेटे तैमूर के साथ वक्त बिता रहे हैं।
शौर्यपथ / विटामिन बी 12 की कमी सबसे आम पोषण संबंधी कमियों में से एक है। इस स्थिति के दो मुख्य कारण हैं वे प्रथाएं जिन्हें अक्सर स्वास्थ्य में सुधार के लिए अपनाया जाता है, एक स्ट्रिक्ट वेजिटेरियन डाइट और दूसरा वेट लॉस सर्जरी
रक्त में विटामिन बी 12 की कमी के लक्षणों की एक विस्तृत विविधता है। जबकि विटामिन बी 12 कई शारीरिक कार्यों के लिए एक शक्तिशाली औषधि है। निराशा की बात यह है कि विटामिन बी 12 की कमी के चलते लोग तनाव, या बहुत व्यस्त होने के लक्षणों को महसूस करते हैं।
हमने आपके लिए विटामिन बी 12 की कमी के लिए 5 मुख्य लक्षणों की एक लिस्ट बनाई है। जिससे कि आप अपने रक्त में विटामिन बी 12 की कमी के बारे में जान सकें, और यह तय कर सकें कि क्या आपको अधिक विटामिन की जरूरत है।
जानें क्या है विटामिन बी 12 की कमी के संकेत और लक्षण
कमजोरी, प्रकाशहीनता, थकान
क्लीवलैंड क्लिनिक वेलनेस इंस्टीट्यूट में वेलनेस के निदेशक, माइकल रोइज़ेन के अनुसार कमजोरी और थकावट लो लेवल पर विटामिन बी 12 के स्तर के सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है।
जब आपकी विटामिन की आपूर्ति कम हो जाती है, तो आपका शरीर कम लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है, जो ऑक्सीजन के प्रसार के लिए आवश्यक होते हैं। विटामिन की कमी के परिणाम स्वरूप आप नींद, थका हुआ और यहां तक कि चक्कर महसूस करती हैं।
सांस लेने में तकलीफ
व्यायाम करते समय सांस की तकलीफ होना, विटामिन बी 12 की कमी के शारीरिक संकेतों में से एक है। विटामिन बी 12 हीमोग्लोबिन के उत्पादन में योगदान देता है। साथ ही प्रोटीन रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन का परिवहन करता है। विटामिन की कमी से ऊतकों (tissues) में ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो सकता है, जो एनीमिया, सांस की तकलीफ और कमजोरी जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
पेट में कब्ज, गैस होना
ऐसे कई कारण हैं जो पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं, जैसे कि कब्ज या गैस, और उनमें से एक विटामिन बी 12 की कमी भी है। अगर इसे नजरअंदाज कर दिया जाए, तो विटामिन बी 12 की कमी से पुरानी कब्ज, पेट खराब, गैस, दस्त और भूख में कमी जैसी समस्याएं हो सकती है।
कम विटामिन का स्तर जठरांत्र संबंधी मार्ग के सामान्य कार्य को प्रभावित करता है। विटामिन बी 12 के सामान्य स्तर को बहाल करने और कब्ज को राहत देने के लिए, आप विटामिन बी 12 के पूरक ले सकती हैं। साथ ही आप विटामिन बी 12 इंजेक्शन भी ले सकते हैं।
पीलिया की समस्या
विटामिन बी 12 की कमी का एक और शारीरिक संकेत है पीलिया , जिससे कि आपकी त्वचा और आंखों का रंग पीला या सफेद हो जाता है। लाल रक्त कोशिका का उत्पादन विटामिन बी 12 पर निर्भर करता है। साथ ही लाल रक्त कोशिका का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में न होने से एनीमिया की समस्या हो सकती है। जिसके चलते आपकी स्किन रूखी और बेजान पीली सी दिखने लगती है।
जीभ का सूजना या लाल होना
यदि आप शाकाहारी हैं, तो पाचन तंत्र के कुछ रोग और अल्कोहल के सेवन से आपको विटामिन बी 12 की कमी होने का अधिक जोखिम है। रक्त में विटामिन बी12 की कमी होने पर आपकी जीभ चिकनी और लाल हो जाती है। क्योंकि आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन भी न होने के कारण डीएनए संश्लेषण बिगड़ जाता है।
इसके परिणामस्वरूप मुंह में उपकला कोशिकाएं तेजी से विभाजित होने लगती हैं, जिससे ग्लोसाइटिस , एंगुलर चेइलिटिस , रिकरंट ओरल अल्सर और ओरल कैंडीडायसिस जैसी समस्याएं होती हैं।
यदि आप इन लक्षणों में से किसी को भी नोटिस करती हैं, तो अपने खाने की आदतों को बदलने की कोशिश करें। अपनी डाइट में अधिक पशु उत्पाद, जैसे मांस, चिकन, क्लेम , ओयस्टर , अंडे, या बी 12 से भरपूर अनाज को शामिल करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
