August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुसीबत की घड़ी में भला कौन साथ देता है और जो हाथ थामकर सहारा दे जाए, वही शायद ‘अपना’ होता है। सेवाभावी संस्था ‘इंडियन रोटी बैंक’ बिल्कूल इसी सोच के साथ कार्य करते हुए इन दिनों अशक्तों का सहारा बन रहा है। अशक्तों की पीड़ा को महसूस करते हुए उनकी मदद के लिए संस्था की ओर से कई प्रेरक पहल की जा रही है और यही वजह है कि ‘इंडियन रोटी बैंक’ का सेवाभाव शहर में अब चर्चा का विषय बन गया है।
    कोरोना संक्रमण के दौर में लोगों की जीवनशैली का एक बड़ा हिस्सा जहां, अस्त-व्यस्त पड़ गया है, वहीं ‘इंडियन रोटी बैंक’ की ओर से जरूरतमंदों को मॉस्क, कंबल और भोजन वितरित किए जा रहे हैं। इस सेवाभाव से प्रेरित होकर संस्था से अब कई लोग जुड़ने लगे हैं, ताकि संस्कारधानी में सहयोग की एक नई पंरपरा को आकार दिया जा सके। सेवाभावी संस्था ‘इंडियन रोटी बैंक’ का सबसे महत्वपूर्ण नारा ‘इंडियन रोटी बैंक का सपना, कोई भूखा न सोये अपना’ है और इन दिनों इसी टैग लाइन पर कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा राजनांदगांव के फ्लाई ओवर व सड़क के किनारे सोने वालों को ठंड से बचाने के लिए कंबल बांटे गए। इस दौरान ठंड में ठिठुरते बुजुर्गों को जब कंबल मिला तो वे अपने खुशी के आंसू नहीं रोक पाए और संस्था के लोगों को भरपूर आशीर्वाद दिया।
    इस संबंध में संस्था के जिला कोर्डिनेटर भावना तिवारी (टेरो कार्ड रीडर) ने बताया कि ‘इंडियन रोटी बैंक’ संस्था द्वारा अशक्त लोगों को कुछ महीने से लगातार मॉस्क, सेनेटाइजर, कंबल व भोजन के अलावा जरूरत के अन्य सामान्य सामान वितरित किए जा रहे हैं। यानी अशक्तों की पीड़ा को भांपकर उनकी मदद करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है और संभवतः इसी सेवाभाव का परिणाम है कि संस्था में राजनांदगांव से बहुत से सेवाभावी लोग जुड़ भी रहे हैं। इस मॉस्क, कंबल और भोजन वितरण के मौके पर जिला समन्वयक भावना तिवारी के साथ संस्था के सदस्य कमलेश तिवारी, विकास शर्मा, आकाश, खुशी, पूजा, अक्षय व ओजस्विनी सहित अन्य सेवाभावी लोग मौजूद थे और सभी ने इस पहल की खुलकर तारीफ की। इस पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।

    अपनों से अपनी बात करने पूर्व मंत्री कुवर बादशाह सिंह भिलाई पहुचे

    दुर्ग / शौर्यपथ / उत्तर प्रदेश राज्य के बुन्देल खंड के मौदाहा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं केबिनेट मंत्री कुवर बादशाह सिंह अपने छत्तीसगढ़ के अल्प प्रवास के दौरान भिलाई स्थित फरीद नगर निजामी चौक जहा पर बड़ी संख्या में उनके क्षेत्र के निवासी निवासरत है इस बात को मद्देनजर रखते हुए अपनों से अपनी बात करने के लिए उनके बीच उपस्थित हुए, जहा एक चर्चा में उन्होंने कहा कि मै अपनों से अपनी बात करने के लिए काफी समय से उत्सुक रहा हूँ और आज वो समय आ ही गया मेरा यहाँ उपस्थित होना पारिवारिक यात्रा है !
    उन्होंने आगे कहा कि मैने पूर्व में भाजपा से आस्था रखते हुए पार्टी के अन्दर महती भूमिका निभाई मगर जब मै भाजपा में था उस समय की पार्टी और आज की भारतीय जनता पार्टी में मुझे बहुत अंतर दिखाई देता है, जिसके कारण ही मैंने भाजपा छोड़ सपा से विधायक बना अब मै वर्तमान में कांग्रेस का एक सच्चा सिपाही बनकर अपनी सेवा दे रहा हूँ, आगे उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि हमारी बुंदेलखंड के अलग राज्य की मांग को जब मै मंत्री था उस समय विधान सभा में पास करवाया मगर भाजपा की दोहरी निति के कारण बुंदेलखंड आज तक अलग राज्य नहीं बन पाया, बुंदेलखंड की धरती में प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद सरकार ने बुंदेलखंड वासियों के लिए कोई कार्ययोजना नहीं बनाई जिसके कारण आज लगभग 32 लाख लोग पलायन कर गए है, इसका नज़ारा भिलाई में भी देखा जा सकता है जहा बुंदेलखंड से आकर बड़ी संख्या में लोग रह रहे है !
    हमारी इस लड़ाई में चौधरी अजित सिंग का अभूतपूर्व सहयोग रहा तथा तेलंगाना के वर्तमान मुख्यमंत्री चन्द्र शेखर राव हमारी इस मांग पर समर्थन भी कर चुके है मगर दुर्भाग्य यह है कि तेलगाना राज्य तो बन गया परन्तु पूर्व भाजपा सरकार ने बुंदेलखंड राज्य की पूर्ण रूप से उपेक्षा की इस बात को लेकर हमारा संघर्ष जारी है और जब तक अलग बुंदेलखंड राज्य नहीं बनेगा तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा ! जब कुवर बादशाह सिंह से यह पूछा गया की वर्तमान समय में किसान के द्वारा किये जा रहे आन्दोलन को आप किस रूप में देखते है तो उन्होंने कहा कि वर्तमान किसान आन्दोलन जायज है, साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार किसान बिल के माध्यम से किसानों को और कंगाल बानाएगी, केंद्र में बैठी भाजपा की सरकार ने हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशन, भारतीय जीवन बिमा निगम, एच पी सी एल, जैसे महत्वपूर्ण लाभ देने वाली कंपनियों को बेच दिया है अब किसान बचे थे अब किसान बिल बनाकर उनको भी बेचने की तैयारी कर उद्योगपतियों को लाभ पहुचाने के लिए एक कठोर बिल के माध्यम से किसानो को मरनाशन की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है जिसके लिए आज देश का किसान अपनी जान की परवाह किये बगैर आन्दोलन के लिए मजबूर हो चूका है उनका कहना है कि किसानों के मुलभुत मुद्दों को बिल के माध्यम से नहीं बताना और उद्योगपतियों को चोर दरवाजे से किसानों की जमीन हडपने का एक षड़यंत्र है जिसकी मै घोर निंदा करता हु क्योकि मै भी एक किसान हूँ और आज आन्दोलन करने वाले किसान भाइयों का मै धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने आज दिखा दिया और पुरे देश को बता दिया की लोकतंत्र में आम जनता के क्या अधिकार है !
    एक चर्चा में उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी की निति वासुदेव कुटुम्बकम की रही है और सभी वर्ग को लेकर चलने की निति के तहत मै आज भिलाई में आया हूँ तथा आने वाले निगम चुनाव में कांग्रेस का महापौर एवं पार्षद बने इसका संदेश भिलाई वासियों को दे रहा हूँ,
    कार्यक्रम की अध्यछ्ता कर रहे छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने मंच के माध्यम से इस कार्क्रम की प्रशंसा करते हुए कुवर बादशाह सिंह के आगमन पर उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा की कार्यक्रम के आयोजकगणों द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री को लाकर भिलाई की धरती को एकता में अनेकता में मिशाल से अवगत भी कराया, कुरैशी ने आगे कहा कि उनके नगर आगमन से निश्चित रूप से पार्टी के भीतर एक अच्छा संदेश जाएगा और आने वाले नगर निगम चुनाव में भिलाई नगर निगन में कांग्रेस का महापौर होगा ! तथा हमारी इच्छा है कि कुवर बादशाह सिंह निगम चुनाव के समय भिलाई वासियों को अपनी सेवाएं देने में तत्पर रहेंगे ! कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता आमिर अहमद ने किया और आयोजन का समापन शाहिद अहमद उर्फ़ रज्जन ने शायराना अंदाज में यूँ किया “दुःख दर्द अपने दिल का किसी से कहेगा कौन, आपस में लड़ मरे तो आखिर बचेगा कौन, होगे ना तुम तो लायेंगे भाई कहा से हम और होने ना हम तो भाई तुन्हें कहेगा कौन”
    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों के अलावा कब्रस्तान कमेटी के अध्यक्ष शमशेर कुरैशी, मिर्ज़ा मुकीम बेग तथा पूर्व साडा उपाध्यक्ष व वैशाली नगर के छाया विधायक बृजमोहन सिंह भी उपस्थित थे !

    दुर्ग / शौर्यपथ / शिक्षा का अधिकार कानून के अंतर्गत प्रदेश के 6400 प्रायवेट स्कूलों में लगभग 2.85 लाख अध्ययनरत् है और इस वर्ष 2020-21 में भी अब तक लगभग 30 हजार बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश दिया गया है। ऐसे प्रवेशित बच्चों के ऊपर किये जा रहे व्यय की प्रतिपूर्ति राज्य के द्वारा की जा रही है, लेकिन लगभग 250 करो? प्रतिपूर्ति राशि बकाया है, जो विगत दो वर्षो से प्रायवेट स्कूलों को प्राप्त नहीं हुआ है, जिसको लेकर प्रायवेट स्कूलों के द्वारा लगातार मांग किया जा रहा है।
    छत्तीसगढ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर प्रायवेट स्कूलों की बकाया प्रतिपूर्ति राशि अविलंब जारी करने और राशि भी बढाने की मांग किया गया है।
    पॉल का कहना है कि प्रतिवर्ष विधानसभा मे प्रश्न भी पूछे जाते है कि आरटीई की राशि कितना आंबटन हुआ और कितना बकाया है, कितने बच्चो को प्रायवेट स्कूलों को प्रवेश दिया गया है, लेकिन यह प्रश्न नहीं पूछा जाता है कि कितने आरटीई के प्रवेशित बच्चों ने प्रायवेट स्कूलों को छोड़ दिया और शालात्यागी बच्चे किन कारणों से प्रायवेट स्कूल छोड रहे है। प्रदेश में अब तक लगभग 15 हजार आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों ने प्रायवेट स्कूल छोड दिया है, इसकी जानकारी लगातार एसोसियेशन के द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को भी दिया जा रहा है, लेकिन इस पर विभाग ने कभी गंभीरता से जांच तक नहीं कराया, जो चिंता का विषय है, क्योंकि समय पर राशि जारी नहीं होने से प्रवेशित बच्चों को स्वयं अपने लिए कॉपी-किताब, जूते-मोजे और ड्रेस खरीदने पढते है, जिसके लिए प्रत्येक पालक को लगभग 10 हजार व्यय करना पड़ता है, जो एक गरीब पालक के लिए समस्या बन जाता है, जिससे तंग आकर पालक अपने बच्चों को प्रायवेट स्कूलों से निकाल कर सरकारी स्कूलों में डालने के लिए मजबूर हो रहे है। राज्य कि यह जिम्मेदारी है, वे गरीब तबके के बच्चों को प्रायवेट स्कूलों में प्रवेश दिलाये और शिक्षा पूर्ण होने तक उनकी निगरानी करें, मगर ऐसा नहीं हो रहा है, क्योंकि पहले प्रवेश देने में आना-कानी किया जाता है और प्रवेश देने के पश्चात् उनका कोई सुध लेने वाला नहीं होता है। शिक्षा का अधिकार कानून को कागजों में नहीं क्लास रूम में कड़ाई से पालन कराने की जरूरत है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग पुलिस द्वारा समाज मे शांति स्थापना सही अवैधानिक कार्य करने वालो पर भी लगातार शिकंजा कसा जा रहा है । कुछ दिनों पहले पद्मनाभपुर चौकी द्वारा वाहन चोर गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 13 चोरी के वाहन जप्त किये गए थे वही अब मोहन नगर पुलिस थाना के प्रभारी बृजेश कुशवाहा की त्वरित कार्यवाही से एक एयर वाहन चोर गिरोह को पकड़ा गया और 8 चोरी की गाड़ी जप्त की गई । थाना मोहन नगर ( दुर्ग ) प्रभारी बृजेश कुशवाहा के नेतृत्व में लगातार कार्यवाही की जा रही है इसी बीच प्रार्थी सजीवन प्रसाद ब्रह्मभट्ट निवासी उरला द्वारा दिनांक 28 11:00 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी हीरो होंडा क्रमांक सीजी 07 एजी 1520 को किसी अज्ञात चोर द्वारा चुरा लिया गया है थाने में रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी प्रारंभ की गई इसी दौरान सूचना प्राप्त हुई कि कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी के वाहन को बेचने की फिराक में है अज्ञात व्यक्ति को संदेह के आधार पर उरला अटल आवास दुर्ग से घेराबंदी कर पकड़ा गया और चोरी के वाहनों को भी जप्त किया गया आरोपी से जब पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम दिख आंसर आधे बताया वह वार्ड क्रमांक 10 कालका पारा डोंगरगढ़ जिला राजनांदगांव का निवासी होना बताया सघन पूछताछ में आरोपी ने अन्य थाना क्षेत्रों से भी चोरी करने का अपराध कबूल किया आरोपी ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से पल्सर स्प्लेंडर होंडा साइन सीडी डीलक्स गाड़ियों को चुराना कबूल किया जिनकी कीमत लगभग ₹1000000 बताई जा रही है फिलहाल इस पूरी कार्यवाही में मोहन नगर थाना प्रभारी बृजेश कुशवाहा व उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही

    खाना खजाना /शौर्यपथ /सरसों का साग और मक्की की रोटी बनाने के लिए सामग्री-
    साग के जरूरी चीजें-
    -750 ग्राम सरसों का साग
    -250 ग्राम पालक का साग
    -250 ग्राम बथुए का साग
    -2 कप पानी
    -एक चुटकी नमक
    -1 1/2 कप मक्की का आटा
    -4 हरी मिर्च
    -25 ग्राम अदरक
    -6 लहसुन की कली
    -2 प्याज
    -घी
    -1/2 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर
    -1/2 टी स्पून गरम मसाला
    -1/2 टी स्पून धनिया पाउडर
    सरसों का साग बनाने का तरीका-
    सरसों का साग बनाने के लिए सबसे पहले प्रेशर कुकर में तीनों साग को डालकर उसके साथ नमक और पानी डालकर धीमी आंच पर 1 1/2 घंटे तक पकाएं। अब
    साग का पानी निचोड़कर उसका पानी एक तरफ रख दें। साग को कुकर में अच्छे से मैश कर लें। अब इसमें मक्की का आटा डालकर साग में मिला लें। इसके बाद कुकर में साग के पानी के साथ नॉर्मल ताजा पानी डालकर कर इसे धीमी आंच पर पकाएं। साग में हरी मिर्च और अदरक डालकर साग को गाढ़ा होने तक पकाएं।
    साग का तड़का-
    साग के लिए तड़का तैयार करने के लिए प्याज, अदरक, लहसुन, लाल मिर्च, गरम मसाला, धनिया डालकर भून लें। ध्यान रखें प्याज को गोल्डन ब्राउन होने तक भूने। अब तड़के को साग में डालकर मिक्स कर लें। अब गार्निशिंग के लिए जूनियन कटी अदरक का इस्तेमाल करते हुए गर्मा-गर्म साग मक्की की रोटी के साथ सर्व करें।
    मक्की की रोटी-
    -1/2 किलो मक्की का आटा
    -आटा गूंथने के लिए पानी
    -तलने के लिए घी
    मक्की की रोटी बनाने का तरीका-
    मक्की की रोटी बनाने के लिए सबसे पहले मक्की का आटा लकर उसे आटे की ही तरह गूंथ लें। अब तवा गर्म करके उस पर थोड़ा सा घी डालें ताकि रोटी तवे पर चिपके नहीं। अब चकले पर गोल आकार की मक्की की रोटी तैयार करके आराम से तवे पर डालें। रोटी पर घी लगाकर गोल्डन ब्राउन होने तक सेकें। मक्के की रोटी को सरसों का साग, गुड़ और सफेद मक्खन के साथ सर्व करें।

    सेहत /शौर्यपथ /सिर दर्द, बदन दर्द जैसी परेशानियों से निजात पाने के लिए अगर आप भी बिना डॉक्टर को दिखाए कोई भी पेन किलर ले लेते हैं तो सतर्क हो जाएं। ऐसा करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। क्या आप जानते हैं डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवाई का सेवन करने की आदत गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। आइए जानते हैं किस दवा का सेवन करने से शरीर को होता है क्या नुकसान।
    क्यों पड़ती है पेन किलर की जरूरत-
    -जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए
    -किसी दुर्घटना में लगी चोट के दर्द को कम करने के लिए
    -जलने या कटनी की अवस्था में
    डॉक्टर से बिना सलाह लिए पेन किलर खाने से होते हैं ये साइड इफेक्ट-
    पेन किलर दवाओं में एडिक्टिव तत्व पाए जाते हैं। लंबे समय तक इन दवाओं का सेवन करने पर शरीर को इनकी आदत हो जाती है। इसके अलावा यह दवाएं लीवर और किडनी की सेहत को भी काफी नकसान पहुंचाती हैं। इनका सेवन करने से ब्रेन हेमरेज और खून पतला होने का खतरा बढ़ जाता है। पेन किलर लेने वाले व्यक्ति में गैस की समस्या, पेट में तेजी से दर्द, लूज मोशन, जी मिचलाना आदि लक्षण साइड इफेक्ट के रूप में नजर आने शुरू हो जाते हैं।
    कफ सिरप -
    -गले में दर्द या खराश
    -छाती में जकड़न
    -खांसी के साथ कफ या सूखी खांसी
    कफ सिरप के साइड इफेक्ट-
    कफ सिरप के साइड इफेक्ट होने पर व्यक्ति में सुस्ती, याददाश्त में कमी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन का अनियमित होना, नोजिया आदि जैसे लक्षण देखाई देने लगते हैं।
    सलाह-
    अगर आपको मामूली खांसी है तो आप गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे कर सकते हैं। इसके अलावा अदरक और तुलसी से बने काढ़े का सेवन भी राहत देने का काम करता है।
    लैक्जेटिव मेडिसिन-
    लैक्जेटिव मेडिसिन की जरूरत कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए पड़ती है। इसके अलावा सर्जरी या डिलीवरी से पहले भी पेट साफ करने के लिए डॉक्टर इन दवाइयों का सेवन करने की सलाह देते हैं।
    लैक्जेटिव मेडिसिन के साइड इफेक्ट-
    लंबे समय तक इन दवाओं का सेवन करने पर व्यक्ति को पेट में दर्द, लूज मोशन, किडनी में स्टोन, डिहाइड्रेशन, हार्ट मसल्स का कमजोर पड़ना आदि जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।
    सलाह-
    लैक्जेटिव मेडिसिन के साइड इफेक्ट नजर आने पर डॉक्टर रोगी को खूब पानी पीने की सलाह देते हैं। ऐसे मरीज अपनी डाइट में अमरूद पपीता जैसे फाइबर युक्त फलों और हरी सब्जियों को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा रोगी ब्रेकफास्ट में स्प्राउट, दलिया, उपमा आदि जैसी चीजें शामिल कर सकता है।
    एंटीबायोटिक्स-
    व्यक्ति को एंटीबायोटिक्स खाने की सलाह तब दी जाती है जब उसे बुखार या किसी तरह की एलर्जी की कोई शिकायत हो। इस तरह की दवाएं बैक्टीरिया और फंगस को नष्ट करने में मदद करती हैं।
    एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट-
    बिना पूछे एंटीबायोटिक्स का सेवन करने पर त्वचा में एलर्जी, लूज मोशन जैसी समस्याएं व्यक्ति को परेशान कर सकती हैं। लंबे समय तक इन दवाओं का सेवन करने पर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के साथ अच्छे बैक्टेरिया भी खत्म होने शुरू हो जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दवाइयों से वायरस और बैक्टीरिया अपना रेंजिस्टेंस बढ़ा लेते हैं, जिससे उन पर किसी भी तरह की दवा का असर नहीं होता।

    सेहत /शौर्यपथ किसी सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो या फिर सलाद की प्लेट सजानी हो, दोनों ही चीजें प्याज के बिना अधूरी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके अलावा भी प्याज का सेवन करने के कई जादुई फायदे होते हैं, जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे। जी हां सर्दियों में प्याज का सेवन न सिर्फ आपकी सेहत का ध्यान रखता है बल्कि आपकी मुसकुराहट भी खूबसूरत बने रहे, इसका भी ध्यान रखता है। आइए जानते हैं प्याज का सेवन करने के कुछ ऐसे ही गजब के फायदे।
    सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए अक्सर गर्म तासीर वाली चीजें खाने की सलाह दी जाती है। ऐसे आहार में प्‍याज का नाम भी शामिल है। सर्दियों में प्याज का सेवन करने से शरीर गर्म रहने के साथ कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से भी बचा रहता है।
    प्याद का सेवन करने के कई गजब के फायदे-
    -शरीर को गर्म रखता है प्याज-
    प्याज की तासीर गर्म होती है। इसका सेवन करने से शरीर गर्म बना रहता है। प्राचीन चीनी उपचार पद्धतियों में भी प्याज के रस का उपयोग शरीर को गर्म रखने के लिए किया गया है। इतना ही नहीं चीन में तो प्याज को ऊर्जा का पावरहाउस तक माना जाता है।
    -मौसमी संक्रमण से बचाता है-
    प्याज एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीसेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यही वजह है कि प्याज का सेवन सर्दियों में काफी लाभकारी माना जाता है। प्याज का सेवन करने से सर्दी, खांसी, कान का दर्द, बुखार और त्वचा की समस्याओं में भी राहत मिलती है।

    -दांतों की देखभाल
    कच्चे प्याज को चबाने से मुंह के स्वाद को संतुलित करते हुए मसूड़ों के संक्रमण और मुंह के रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है।
    स्तन कैंसर से बचाव-
    कच्चे प्याज का सेवन करने से महिलाओं में स्तन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। 2008 से 2014 के बीच किए गए एक अध्ययन के अनुसार, देखा गया कि प्‍याज का सेवन करने से महिलाओं में स्‍तन कैंसर का खतरा कम हुआ।
    -बेहतर पाचन और वजन घटाने में मददगार-
    प्याज फाइबर और प्री-बायोटिक्स का एक बड़ा स्रोत हैं, जो आंत के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक माना जाता हैं। विशेषज्ञों की मानें तो प्री-बायोटिक्स आहार शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में सुधार करने में मदद कर सकता है, जो मजबूत हड्डियों के लिए बेहद जरूरी है। लाल प्याज में क्वेरसेटिन नाम का फ्लेवोनॉइड होता है, जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में वसा के संचय को रोकने में मदद करता है। यह फ्लेवोनॉइड चयापचय दर को बढ़ाता है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ /कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली का पर्व कल देशभर में मनाया जाएगा। इसी के साथ ही कार्तिक मास स्नान भी कल से समाप्त हो जाएगा। एक मास के कार्तिक स्नान के आखिरी दिन पूर्णिमा को श्रद्धालु मंदिरों में दीप दान करते हैं। इसी दीप दान को देव दीपावली के नाम से जाना जाता है।
    पौराणिक कथाओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही माता तुलसी वनस्पति के रूप में पृथ्वी पर प्रगट हुई थीं। पुराणों में कार्तिक मास की महत्ता के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के महत्व को भी विस्तार से वर्णन किया गया है।
    हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस बार कार्तिक पूर्णिमा 29 और 30 नवंबर 2020 (रविवार, सोमवार) को है। 29 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे पूर्णिमा तिथि शुरू होगी और 30 नवंबर को दोपहर 02:25 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा का व्रत करने वालों के लिए रविवार को पूर्णिमा होगी जबकि स्नान-दान करने वाले सोमवार को पूर्णिमा मनाएंगे।
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन मंदिरों में दीपदान करना व दीपदर्शन करना बहुत ही शुभ होता है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दि भगवान के विष्णु के साथ गौरी-महादेव का पूजन किया जाता है। साल की 12 पूर्णिमाओं में से कार्तिक, माघ और वैशाख पूर्णिमा को विशेष ही पुण्यदायी माना गया है।
    कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि-
    कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रात: गंगा स्नान या पास की नदी/जलाशय में स्नान करना चाहिए।
    घर के बाहर जाना संभव न हो तो घर में ही स्नान के बाद गंगाजल छिड़क सकते हैं।
    स्नान करने के बाद भगवान विष्णु, शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
    कार्तिक पूर्णिमा की शाम को मंदिरों दीपक जलाना चाहिए। साथ शिव मंदिर में जाकर शिव परिवार (शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी) का दर्शन करना चाहिए।
    कार्तिक पूर्णिमा को हुआ था त्रिपुरासुर का अंत
    इस संदर्भ में एक कथा है कि त्रिपुरासुर नाम के दैत्य के आतंक से तीनों लोक भयभीत थे। त्रिपुरासुर ने स्वर्ग लोक पर भी अपना अधिकार जमा लिया था। त्रिपुरासुर ने प्रयाग में काफी दिनों तक तप किया था। उसके तप से तीनों लोक जलने लगे। तब ब्रह्मा जी ने उसे दर्शन दिए, त्रिपुरासुर ने उनसे वरदान मांगा कि उसे देवता, स्त्री, पुरुष, जीव, जंतु, पक्षी, निशाचर न मार पाएं। इसी वरदान से त्रिपुरासुर अमर हो गया और देवताओं पर अत्याचार करने लगा।
    सभी देवताओं ने मिलकर ब्रह्मा जी से इस दैत्य के अंत का उपाय पूछा, ब्रह्मा जी ने देवताओं को त्रिपुरासुर के अंत का रास्ता बताया। देवता भगवान शंकर के पास पहुंचे और उनसे त्रिपुरासुर को मारने के लिए प्रार्थना की। तब महादेव ने त्रिपुरासुर के वध का निर्णय लिया। महादेव ने तीनों लोकों में दैत्य को ढूंढ़ा। कार्तिक पूर्णिमा के दिन महादेव ने प्रदोष काल में अर्धनारीश्वर के रूप में त्रिपुरासुर का वध किया। उसी दिन देवताओं ने शिवलोक यानि काशी में आकर दीपावली मनाई।
    कार्तिक पूर्णिमा का पर्व सोमवार (30 नवंबर 2020 को) को अगर भरण और रोहिणी नक्षत्र में स्नान-दान के साथ मनाया जाएगा। सोमवार को सुबह पूर्णिमा तिथि को रोहणी नक्षत्र होने से इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है। पू्र्णिमा तिथि तो रविवार को दोपहर 12:30 के बाद शुरू हो जाएगी, लेकिन उदया तिथि सोमवार को होने के करण ग्रहस्थ लोग सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा मनाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली, तुलसी प्राकट्योत्सव और गुरुनानक देव जी का प्रकाश पर्व भी मनाया जाएगा। इस प्रकार गुरुनानक देव जी का 151 प्रकाशोत्सव होगा।
    कार्तिक पूर्णिमा 2020 तिथि:
    29 नवंबर 2020, रविवार: पूर्णिमा तिथि आरंभ-दोपहर 12 बजकर 47 मिनट पर
    30 नवंबर 2020, सोमवार: पूर्णिमा तिथि समाप्‍त - दोपहर 02 बजकर 59 मिनट पर
    देव दीपावली का पर्व भगवान विष्णु से जुड़ा है। मान्यता है कि इस दिन बनारस के घाटों पर देवता देव दीपावली मनाने आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली को लेकर पुराणों में कई कथाओं का वर्णन मिलता है।
    लक्ष्मी जी की कृपा पाने को कार्तिक पूर्णिमा को करें ये 3 उपाय
    1- तुलसी की पूजा करें। तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। कार्तिक पू्र्णिमा को ही तुलसी पृथ्वी पर वनस्पति के रूप में आई। इसलिए आज के दिन उनकी पूजा का विधान है। मान्यता है कि ऐसे करने वालों पर माता लक्ष्मी कृपा बरसाती हैं।
    2- गंगा/नदी में स्नान कर पूजापाठ और दान करने के बाद मंदिरों में घी का दिया जलाएं। ऐसा करने से देवता प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद देते हैं।
    3- घर अपने अपने पितरों के नाम पर दीपक रखें। परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पितरों को खुश करना बेहद जरूरी माना जाता है। देव दीपावली को पितर देवताओं को दीप दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं।
    कार्तिक पूर्णिमा 30 नवंबर सोमवार को है। इस दिन स्नान के साथ दान का भी बहुत महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि योग व वर्धमान योग बन रहे हैं। इस योग के कारण कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में या तुलसी के पास दीप जलाने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
    कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार कोरोना के कारण कई जगह गंगा स्नान की अनुमति नहीं है। इसलिए श्रद्धालु घर पर नहाने के लिए रखे गए पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान का पुण्य ले सकते हैं।
    ज्योतिषाचार्य डा.सुशांत राज के अनुसार इस दिन किए जाने वाले दान-पुण्य समेत कई धार्मिक कार्य विशेष फलदायी होते हैं। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की संध्या पर भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। दूसरी मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन महादेव ने त्रिपुरासुर का वध किया था।
    तीसरा उपच्छाया ग्रहण 30 नवंबर को
    तीसरा उपच्छाया ग्रहण भी 30 नवंबर को ही है। यह वास्तव में चंद्रग्रहण नहीं होता। इस उपच्छाया ग्रहण की समयावधि में चंद्रमा की चांदनी में केवल धुंधलापन आ जाता है। इससे ग्रहण के सूतक भी नहीं लगेगा। भारत सहित यह उपच्छाया अधिकतर यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, दक्षिण-पश्चिमी दक्षिण अमरीका (पूर्वी ब्राजील, उर्गवे, पूर्वी अर्जेन्टीना), प्रशांत तथा हिन्द महासागर आदि क्षेत्रो में दिखाई देगा। भारत के कई प्रांतों में यह उपच्छाया दिखाई नही देगी।

    मनोरंजन /शौर्यपथ /बहुत कम ऐसे सेलेब्स हैं, जिनकी जोड़ी की सराहना फैन्स करते हैं। वरना ज्यादातर तो ट्रोल्स का शिकार होते रहते हैं। हाल ही में ऋत्विक धनजानी का गर्लफ्रेंड आशा नेगी संग ब्रेकअप चर्चा में रहा था। अब कहा जा रहा है कि ऋत्विक धनजानी एक्ट्रेस मोनिका डोगरा संग रिलेशनशिप में हैं। ऐसे में फैन्स गुस्से में आ गए हैं और उन्हें ट्रोल करने लगे हैं।
    दरअसल, ऋत्विक धनजानी ने मोनिका डोगरा संग सेट पर शूट करते हुए का एक मस्तीभरा वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, “सेट पर पुराने अंदाज में।” इसपर मोनिका ने रिप्लाई किया, “मोनी कौन है? मेरा वीडियो चुरा रही है।” इसके बाद ऋत्विक ने रिप्लाई करते हुए लिखा, “यह मेरी सॉसेज फिंगर है।”
    फैन्स कह रहे हैं कि वह ऋत्विक के साथ केवल आशा नेगी को ही देखना चाहते हैं। एक यूजर ने कॉमेंट किया, “उस कपल को अलग होते देख बहुत बुरा लगा, वह भी इस तरह। ऋत्विक और आशा को अलग होते देख प्यार से विश्वास सा ही उठ गया है।”
    कुछ समय पहले मोनिका डोगरा की एक पोस्ट के वायरल होने के बाद दोनों के रिलेशन की खबरें आने लगी थीं। मोनिका ने ऋत्विक के लिए एक लंबी पोस्ट लिखी थी। इस पोस्ट के जरिए मोनिका ने ऋत्विक के साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताया था। इसके साथ ही ऋत्विक की तारीफ करते हुए मोनिका ने एक्टर को आई लव यू भी बोला था।
    मोनिका ने लिखा, “हम डायनिंग हॉल में मिले थे। मेरे दांतों में पालक फंसा हुआ था और उन्होंने मुझे बताया नहीं। मैं फिर वॉशरूम गई और मैंने देखा मेरे दांत पर कुछ फंसा है। मैं वापस आई और मैंने ऋत्विक से पूछा कि आपने मुझे बताया भी नहीं कि मेरे दांत में कुछ फंसा है। ऋत्विक ने एक बड़ी स्माइल देते हुए कहा मैं जेंटलमैन बनना चाहता था। इसके बाद वह हमेशा मेरे सपोर्ट बने रहे। जब भी मुझे डर लगता, वह मेरे साथ थे।”
    मोनिका ने आगे लिखा कि हम वैसे नहीं घूम पाए जैसे मुझे अच्छा लगता है, लेकिन मैं आपको बता दूं कि यह आदमी मेरे जीवन में प्रकाश की तरह है। वह एक जबरदस्‍त एक्टर हैं। मैं ऋत्विक के साथ काम करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। जब हम पहली बार मिले थे, तब हम लगभग एक साथ मरने वाले थे और अब हम एक साथ काम करने वाले हैं। अभी के लिए मैं यह कह सकती हूं कि आप जिन्‍हें प्‍यार करते हैं उनके आसपास रहिए। आप जो पसंद करते हैं वह कीजिए। मैं इसे ग्रांटेड नहीं लेना चाहती। ऋत्विक आप शानदार इंसान हैं। एक जबरदस्‍त कलाकार। मेरे लिए लड़ने के लिए शुक्रिया। आई लव यू।

    मनोरंजन /शौर्यपथ /कपिल शर्मा ने किसानों के सपोर्ट में एक ट्वीट किया जिसके बाद एक यूजर ने उन्हें ट्रोल कर दिया। लेकिन कपिल ने भी उस यूजर को करारा जवाब देकर उसकी बोलती बंद कर दी। दरअसल, कपिल ने ट्वीट किया, 'किसानो के मुद्दे को राजनीतिक रंग ना देते हुए बातचीत से इस मसले का हल निकालना चाहिए।कोई भी मुद्दा इतना बड़ा नहीं होता के बातचीत से उसका हल ना निकले।हम सब देशवासी किसान भाइयों के साथ हैं। यह हमारे अन्नदाता हैं।'
    किसानो के मुद्दे को राजनीतिक रंग ना देते हुए बातचीत से इस मसले का हल निकालना चाहिए।कोई भी मुद्दा इतना बड़ा नहीं होता के बातचीत से उसका हल ना निकले।हम सब देशवासी किसान भाइयों के साथ हैं। यह हमारे अन्नदाता हैं।
    कपिल के ट्वीट पर यूजर ने कमेंट किया, 'कॉमेडी कर चुप चाप , राजनीति करने की कोशिश मत कर ज्यादा किसान हितैसी बनने की कोशिश मत कर ,जो काम तेरा है उस पर फोकस रख।
    कॉमेडी कर चुप चाप , राजनीति करने की कोशिश मत कर
    ज्यादा किसान हितैसी बनने की कोशिश मत कर ,जो काम तेरा है उस पर फोकस रख ,
    यूजर के इस ट्वीट पर कपिल ने करारा जवाब देते हुए लिखा, 'भाई साहब मैं तो अपना काम कर ही रहा हूं, कृपया आप भी करें। देशभक्त लिखने से कोई देशभक्त नहीं हो जाता, काम करें और देश की तरक्की में योगदान दें। 50 रुपये का रीचार्ज करवा के फालतू का ज्ञान ना बांटे। धन्यवाद।'
    भाई साहब मैं तो अपना काम कर ही रहा हूँ, कृपया आप भी करें, देशभक्त लिखने से कोई देशभक्त नहीं हो जाता, काम करें और देश की तरक़्क़ी में योगदान दें ? 50 rs का रीचार्ज करवा के फ़ालतू का ज्ञान ना बांटे। धन्यवाद
    बता दें इन दिनों कपिल शर्मा शो भारती सिंह को लेकर काफी सुर्खियों में है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि शो के मेकर्स भारती को शो से बैन करना चाहते हैं। वह नहीं चाहते कि भारती की वजह से शो किसी कॉन्ट्रोवर्सी में आए। लेकिन कपिल मेकर्स के खिलाफ हैं।
    कीकू शारदा ने कही यह बात
    कीकू शारदा से जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, 'मैंने तो नहीं सुना कि भारती शो को अलविदा कह रही हैं। बस वह कल शूट पर मौजूद नहीं थी, इसके अलावा कोई और बात नहीं है। लेकिन यह काफी नॉर्मल बात है। वह हर एपिसोड के लिए शूट नहीं करती हैं।'

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