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नई दिल्ली / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अधिकारी बाबूलाल अग्रवाल की 27 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां प्रवर्तन निदेशालय ने कुर्क की हैं. ईडी ने शनिवार को यह जानकारी दी. प्रवर्तन निदेशालय कथित भ्रष्टाचार और आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति से जुड़े धन शोधन के मामले के सिलसिले में अग्रवाल, उनके परिवार के सदस्यों एवं अन्य की जांच कर रहा है. उसने एक बयान में कहा, ‘‘कुर्क संपत्तियों में संयंत्र एवं मशीनरी, बाबूलाल अग्रवाल एवं उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा रकम और अचल संपत्तियां शामिल हैं.''
उसने बताया कि कुर्क की गयी संपत्तियां 27.86 करोड़ रुपये मूल्य की हैं. भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1988 बैच के अधिकारी अग्रवाल को ईडी ने नौ नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उनके निवास से गिरफ्तार किया था. वह पांच दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं.
अग्रवाल छत्तीसगढ़ सरकार में प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं. उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी गिरफ्तार कर चुका है. अग्रवाल को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था. आरोप है कि अग्रवाल जब राज्य सरकार में स्वास्थ्य सचिव थे, तब वह अपने विरूद्ध चल रही सीबीआई जांच रफा-दफा कराना चाहते थे, जो 2010 में दर्ज की गयी थी.
जब ईडी ने इस महीने के प्रारंभ में उन्हें गिरफ्तार किया तब उसने कहा था कि अपराध से कमाई गयी रकम का मुखौटा कंपनियों के जरिए धनशोधन करने और उसे अपने परिवार के कारोबार में लगाने को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी. ईडी ने कहा था कि अग्रवाल, उनके चार्टर्ड एकाउंटेंट सुनील अग्रवाल और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और सीबीआई की 2010 की प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद दर्ज किया गया.
जिन संपत्तियों को अंतरिम रूप से कुर्क किया गया है, उनमें 26.16 करोड़ रुपये के संयंत्र और मशीनरी, 291 बैंक खातों में जमा 20.43 लाख रुपये की धनराशि, एक कंपनी के नाम पर 39.52 लाख रुपये के आवासीय भूखंड, एक्सप्रेस माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, जिसके मालिक बाबूलाल अग्रवाल का परिवार है, और 15 लाख रूपये नकद हैं.
सेहत / शौर्यपथ / सर्दियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे मौसम में अगर शहद को अपनी डाइट में शामिल कर लिया जाए तो यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। शहद पोषक तत्वों से से भरपूर है। यह सिर्फ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि ज्यादा उम्र के लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन- बी, सी, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं।
शहद हमारी सेहत के लिए सबसे बेहतर और अनमोल नेचुरल प्रोडक्ट्स में से एक है। यह खाने में जितना टेस्टी लगता है, उतना ही हमारे शरीर को फायदा भी पहुंचाता है। शहद का इस्तेमाल सिर्फ श0रीर को पोषण देने के लिए ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए भी किया जाता है। इसका इस्तेमाल घाव भरने से लेकर कैंसर के उपचार तक में किया जाता है।
किन समस्याओं में लाभकारी है शहद
आमतौर पर शहद का इस्तेमाल नेत्र रोग , ब्रोंकियल अस्थमा , तपेदिक , प्यास, हिचकी, थकान, चक्कर आना, हेपेटाइटिस, कब्ज, अपच, बवासीर, एक्जिमा, अल्सर और घावों को भरने के उपचार में किया जाता है। साथ ही शरीर में पोषण की कमी को दूर करने के लिए भी शहद को एक सप्लीमेंट की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
क्लिनिकल रिसर्च के मुताबिक ऐसे कई सबूत हैं, जिनमें घावों, मधुमेह मेलेटस , कैंसर, अस्थमा, और हृदय, न्यूरोलॉजिकल और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के नियंत्रण और उपचार में शहद के उपयोग का सुझाव दिया गया है।
क्या कहती है स्टडी
क्लीनिकल रिसर्च के एक रिव्यू के मुताबिक शहद को विभिन्न औषधीय प्रयोजनों के लिए एक नेचुरल मेडिकल एजेंट माना जा सकता है। इसके लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं कि रोगों के प्रबंधन के लिए शहद काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है शहद
1 एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर
शहद में एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी इसे आपकी त्वचा और बालों के साथ ही संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक बनाती है।
2 खराब कॉलेस्ट्रोल को कम करता है
शहद का सेवन करने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। साथ ही यह शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ाता है। इसके अलावा इससे शरीर में सूजन की समस्या दूर होती है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
3 गले के लिए है फायदेमंद
सर्दियों का मौसम है, ऐसे में आपको खांसी-जुकाम जैसी समस्याएं होना आम बात है। सर्दियों में रोजाना नियमित रूप से 1 चम्मच शहद का सेवन करने से आपके गले को पोषण मिलता है, जो आपको खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
4 दिल का रखता है ख्याल
शहद में मीठी सौंफ मिलाकर खाने हमारा हृदय मजबूत बनता है। दिल के स्वास्थ्य के लिए शहद बहुत गुणकारी है। शहद के सेवन से हृदय को ठीक तरह से काम करने में भी मदद मिलती है।
5 पाचन को दुरुस्त करता है
कब्ज, पेट फूलने और जैसी समस्याओं से निजात पाने के लिए शहद का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। तो ऐसे में आप दवा की जगह शहद का सेवन कर सकती हैं। शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में मददगार साबित होते हैं।
खाना खजाना//शौर्यपथ / खाने का स्वाद बढ़ाने में उसके साथ परोसी जाने वाली चटनी का बहुत बड़ा हाथ होता है। ऐसी ही एक चटनी का नाम है अमरूद की चटनी। यह एक खट्टी मिट्ठी चटनी है जिसे अमरूद से बनाया जाता है। अमरुद की चटनी खाने में बहुत मजेदार और चटपटी होती है। यदि आप भी खाने के साथ चटनी खाना पसंद करते हैं तो ट्राई करें अमरूद की यह टेस्टी चटनी।
अमरूद की चटनी के लिए सामग्री-
-250 ग्राम अमरूद बारीक कटा हुआ
-1/2 टी स्पून नमक
-1 टेबल स्पून नींबू का रस
-1 हरी मिर्च कटी हुई
-1 टेबल स्पून अदरक कटा हुआ
-1 टी स्पून लाल मिर्च
-2 टेबल स्पून हरा धनिया कटा हुआ
अमरूद की चटनी बनाने का तरीका-
अमरूद की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले आप सभी सामग्री को एक साथ मिक्सी में डालकर पीस लें। आपकी अमरूद की चटनी सर्व करने के लिए तैयार है।
सेहत /शौर्यपथ / ज्योतिष विज्ञान में स्वर शकुन का बहुत ही महत्व है। स्वर दो होते हैं चंद्र स्वर और सूर्य स्वर। नासिका के दाहिने छिद्र से आने वाली सांस को सूर्य स्वर कहते हैं और बांयी ओर के छिद्र से आने वाली श्वांस को चंद्र स्वर कहते हैं। इसे हम स्वर विज्ञान भी कहते हैं। यात्रा करते समय या अन्य किसी महत्वपूर्ण कार्य के समय यदि हमें कहीं जाना होता है तो इस शकुन को आप अपना सकते हैं। शास्त्रों में लिखा है- ’जेहिं स्वर चले, ताहीं पग दीजे। भद्रा या भरणी, कोई न लीजे।’ अर्थात बाहर जाते समय या यात्रा करते समय या किसी महत्वपूर्ण काम के लिए बाहर निकलते समय अपनी नाक पर हथेली रखे और महसूस करें कि नाथ के कौन से छिद्र से अधिक गहरी सांस आ रही है। दाहिने छिद्र से या बांये छिद्र से। जिस तरफ की सांस तेज चल रही हो, उसे स्वर चलना कहते हैं। यदि आपकी नाक के दाहिने छिद्र से सांस तेज चल रही है तो आप घर की देहरी को दाहिने पैर से लांघकर बाहर निकलेंगे। आपकी यात्रा, आपका कार्य होने की बहुत अधिक सफल होने की संभावनाएं बन जाती हैं। इसी प्रकार यदि आपकी नाक का बांया स्वर अधिक तेज चल रहा हो तो आप सबसे पहले बांया पैर ही बाहर निकालें।
इसके अलावा भी स्वर विज्ञान के बहुत से उपयोग हैं। भोजन करते समय आपका सूर्य स्वर नासिका के दाहिने छिद्र से तेज सांस आ रहा हो तो आपको भोजन के संपूर्ण रस मिलेंगे और वह आपकी पाचन क्रियाएं चुस्त-दुरुस्त रहेंगी। भोजन जल्दी हजम होगा। दाहिना स्वर सूर्य स्वर माना जाता है। इसका स्वभाव गर्म होता है और यह पेट की जठराग्नि को तेज कर देता है जिससे खाया हुआ समस्त भोजन ठीक प्रकार से पच जाता है।
चंद्र स्वर अर्थात नाक के बाएं छिद्र से सांस आने के समय भोजन करने से भोजन को पचने में देर लगती है। कभी-कभी तो कब्ज की भी शिकायत हो जाती है। किसी राजनेता, अधिकारी और वरिष्ठजन से मिलते समय ध्यान रखें आपका चंद्र स्वर चलना चाहिए। इससे आपके कार्य विनम्रता पूर्वक पूर्ण हो सकेंगे। जोश, हिम्मत, आवेश एवं शीघ्रता के काम में सूर्य स्वर महत्वपूर्ण है। सूर्य स्वर चलने से खेलकूद,भागदौड़ एवं किसी विरोधी से बात करना, मेहनत और परिश्रम के कार्य आदि ऐसे कार्य सूर्य स्वर के चलने में सफल होते हैं।
यदि हमारे स्वर कार्य के अनुसार नहीं चल रहा है तो स्वर को बदला भी जा सकता है। मान लीजिए हमें किसी अधिकारी के पास जाकर बात करनी है और हमारा दाहिना स्वर यानी कि सूर्य स्वर चल रहा है तो वहां कार्य की संभावना क्षीण हो जाती है। इसलिए स्वर को बदलने के लिए भी एक उपक्रम है। यदि आपका दाहिना स्वर चल रहा है तो आप अंगूठे से अनुलोम-विलोम प्रक्रिया के तरह अपनी नाक का दाहिना छिद्र दबाएंगे और बाएं छिद्र से बार-बार सांस लेंगे। धीरे-धीरे आपका स्वर बदल जाएगा और चंद्र स्वर चलना आरंभ हो जाएगा।
लाइफस्टाइल /शौर्यपथ / कई बार जाने-अनजाने हम ऐसी आदतों को अपना लेते हैं, जो आगे चलकर सफलता से हमें दूर ले जाती हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि जीवन में सफलता पाने के लिए हम कुछ बातों से किनारा कर लें, वर्ना इसका असर न सिर्फ हमारे व्यक्तित्व पर पड़ेगा बल्कि हम जीवन में कभी सफल नहीं हो पाएंगे। आइए, एक नजर उन बातों पर-
अपनी क्षमताओं पर संदेह न करें
कई बार ऐसा होता है कि हम किसी के कुछ नकारात्मक कहने पर शंकाओं से घिर जाते हैं लेकिन आपको दूसरे लोगों की बातों में आकर खुद पर अविश्वास नहीं करना है। आपसे बेहतर आपको कोई नहीं आंक सकता। मन के भटकाव से बचते हुए अपनी क्षमताओं पर काम करें।
किसी भी बात को दोहराना बंद करें
आपके जीवन में कोई अच्छी बात हुई है या बुरी लेकिन उन बातों को लगातार दोहराना सही नहीं है। ऐसा करने से आपका मन भटकता रहेगा और आप अपने लक्ष्य से दूर होते चले जाएंगे।
अति भावुक होने से बचें
इंसान में भावनाएं होना बुरा नहीं है लेकिन उसे नियंत्रित न करना आपके लिए घातक हो सकता है। अत्यंत खुशी या दुख दोनों ही सोचने-समझने की तार्किक बुद्धि को कमजोर करते हैं इसलिए अतिभावुक होने से बचें।
गलतियों से बचें
जीवन में गलतियां सभी से होती है इसलिए जो गलती आप कर चुके हैं उससे आगे बढ़े और आने वाले कल पर ध्यान दें। हमेशा गलतियों पर रोने से कोई नया रास्ता नहीं निकलने वाला।
मनोरंजन / शौर्यपथ / सना खान निकाह के बाद शादी की फोटोज शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी नई तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें वह व्हाइट गाउन में नजर आ रही हैं। सना इसमें काफी खूबसूरत लग रही हैं। एक फोटो में सना अपने पति मौलाना मुफ्ती अनस के साथ नजर आ रही हैं।
इन फोटोज को शेयर करते हुए सना ने लिखा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि हलाल प्यार इतना खूबसूरत होगा जब तक कि मैंने तुमसे शादी नहीं की थी। हर हलाल कामों में बरकत है। शादी को 1 हफ्ता भी हो गया।'
निकाह के बाद सना इन दिनों अपने ससुराल वालों के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रही हैं। हाल ही में वह पति के साथ ड्राइव पर गई थीं। इसके अलावा उनकी सास ने उनके लिए स्पेशल बिरयानी भी बनाई थी।
सना ने परिवारवालों की मौजूदगी में मौलाना मुफ्ती अनस के साथ सूरत में निकाह किया। मौलाना मुफ्ती ने सना से शादी करने के बाद उनके लिए स्पेशल मैसेज लिखा था, 'और तुम अपने रब की कौन-कौन सी नैमतों को झुठलाओगे। शुक्रिया मेरी लाइफ में आने के लिए और एक खूबसूरत जर्नी बनाने के लिए। थैंक्यू आपके प्यार और सपोर्ट के लिए।'
कुछ दिनों पहले सना ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को छोड़ने का ऐलान सोशल मीडिया पर किया था। सना खान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी-चौड़ी पोस्ट लिखकर फैन्स को शुक्रिया कहा था और साथ ही बॉलीवुड को छोड़ने के पीछे की वजह भी बताई थी।
सना ने लिखा था, 'भाईयों और बहनों, आज मैं अपनी जिंदगी के एक अहम मोड़ पर आप से बात कर रही हूं। मैं सालों से शोबिज फिल्म इंडस्ट्री की जिंदगी गुजार रही हूं और इस अरसे में मुझे हर तरह शोहरत, इज्जत और दौलत अपने चाहने वालों की तरफ से नसीब हुई है, जिसके लिए मैं उनकी शुक्रगुजार हूं, लेकिन कुछ दिन से मुझ पर ये अहसास कब्जा जमाए हुए है कि इंसान के दुनिया में आने का मकसद क्या सिर्फ यह है कि वह दौलत और शोहरत कमाए?'
क्या यह नहीं सोचता कि वह अपनी जिंदगी उन लोगों की खिदमत में गुजारे जो बे आसरा और बे सहारा हैं? क्या उस इंसान को यह नहीं सोचना चाहिए कि उसे किसी भी वक्त मौत आ सकती है? और मरने के बाद उसका क्या बनने वाला है। इन दोनों सवालों का जवाब मैं मुद्दत से तलाश रही हूं, खास तौर पर इस दूसरे सवाल कि मरने के बाद मेरा क्या बनेगा?
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिला पुरे प्रदेश में एक व्हीआईपी जिला के नाम से जाना जाता है दुर्ग जिला प्रदेश में कई मायनों में काफी ख़ास है . दुर्ग जिला में प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित गृहमंत्री व् लोक यांत्रिकी मंत्री का गृह निवास होने के साथ कांग्रेस के राष्ट्रिय स्तर के कद्दावर नेता मोतीलाल वोरा का भी गृह क्षेत्र है . वर्तमान में प्रदेश के परिवहन मंत्री जिले के प्रभारी मंत्री भी है . जिले के प्रभारी मंत्री मो.अकबर ने पूर्व में अपनी प्रथम समीक्षा बैठक की मीटिंग के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कांग्रेस सरकार किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार को पनपने नहीं देगी वही अपने विभाग ( परिवहन विभाग ) के बारे में चर्चा के दौरान कहा था कि विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दास्त नहीं की जाएगी .
किन्तु शायद मंत्री जी ये बात कहकर भूल गए या फिर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा मंत्री के बात को गंभीरता से नहीं लिया गया कारण जो भी किन्तु प्रदेश के इस व्हीआईपी जिले में परिवहन विभाग के अंतर्गत आने वाले ऐसी कई संस्था है जो परिवहन विभाग के नियमो की अनदेखी कर खुले रूप से संचालित हो रही है किन्तु क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मौन है अब ये मौन कार्य की अधिकता / कोरोना आपदा या अन्य कोई भी कारण से हो किन्तु ये भी अपनी जगह आज यथार्त है कि जिला मुख्यालय दुर्ग में ही ऐसी दो से तीन संस्था है जो नियम विरुद्ध संचालित हो रही है और विभाग मौन है .
्यढ्ढ्र सर्विस सेंटर या चार पहिया वाहन शोरुम
दुर्ग के धमधा नाका टोल प्लाज़ा के समीप ्यढ्ढ्र मोटर्स चार पहिया वाहन का शोरुम है एक बारीकी देखने से तो लगता है कि यह सर्विस सेंटर है और यहाँ सिर्फ वाहन की सर्विसिंग होती है किन्तु अन्दर जाने से ही ज्ञात होता है कि यहाँ सर्विस सेंटर के नाम पर वाहन का विक्रय भी किया जाता है . वैसे तो वाहन विक्रय करने का अधिकार सर्विस सेंटर के संचालको को है किन्तु वाहन विक्रय करने का ये अधिकार रायपुर आरटीओ से प्राप्त है और रायपुर जिले में ही वाहन विक्रय किया जा सकता है जिसके लिए संचालको द्वारा रायपुर आरटीओ से ट्रेड लाइसेंस लिया गया है उसी तरह अगर दुर्ग में भी वाहन विक्रय करना है तो दुर्ग आरटीओ से भी ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है किन्तु इस सर्विस सेंटर / शोरुम के संचालको द्वारा ऑनलाइन पद्दति का पूरा लाभ उठाते हुए विक्रय तो दुर्ग सर्विस सेंटर से किया जा रहा है जिसके लिए एक पूरी टीम ( सेल्स ) की यहाँ तैनात है किन्तु बिलिंग की सारी प्रक्रिया रायपुर से ही होती है और वही से दुर्ग पासिंग का नंबर भी अलाट किया जाता है जबकि शासन के नियमानुसार यह सारा कार्य दुर्ग आरटीओ की अनुमति से ट्रेड लाइसेंस के साथ होना चाहिए किन्तु संचालको द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा वही इस बात की जानकारी दुर्ग आरटीओ के पास होने के बाद भी महिना गुजर गए किन्तु कार्यवाही के नाम पर शून्य क्या ऐसी ही भ्रष्टाचार मुक्त विभाग की कल्पना जिले के प्रभारी मंत्री और प्रदेश के परिवहन मंत्री मो. अकबर ने की थी ? क्या विभाग मामले को गंभीरता से लेकर कार्यवाही / जाँच करेगा या मौन रहकर परिवहन मंत्री के वादे को गलत साबित करेगा ?
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 28 नवम्बर को 8वें छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के सभागार में पूर्वान्ह 11.30 बजे से आयोजित गोष्ठी का अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल रूप से शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर श्री बघेल छत्तीसगढ़ी राजभाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदेश की 11 विभूतियों को सम्मानित करेंगे।
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत कार्यक्रम विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बघेल इस अवसर पर जिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा सेवियों को सम्मानित करेंगे, उनमें श्री नंदकिशोर शुक्ला बिलासपुर, श्री वैभव पाण्डेय बेमेतरिहा, रायपुर, डॉ. चितरंजन कर रायपुर, मुकुंद कौशल दुर्ग, डॉ. परदेशीराम वर्मा भिलाई, रामेश्वर वैष्णव रायपुर, संजीव तिवारी भिलाई, व्याख्यता, संजीव तिवारी दुर्ग अधिवक्ता, डॉ. राजन यादव खैरागढ़, देवेश तिवारी रायपुर और सुश्री सुधा वर्मा रायपुर शामिल हैं।
महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय सभागार में आयोजित गोष्ठी में डॉ. परदेशीराम वर्मा भिलाई, वैभव पाण्डेय बेमेतरिहा रायपुर, संजीव तिवारी दुर्ग अधिवक्ता, डॉ. चितरंजन कर रायपुर और नंदकिशोर शुक्ला बिलासपुर अपने विचार प्रकट करेंगे।
दुर्ग / शौर्यपथ / जिला कलेक्टर सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे द्वारा आज नगर पालिक निगम दुर्ग पहुॅचकर निगम आयुक्त के कक्ष में आयुक्त, एवं कार्यपालन अभियंतागण, राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में निर्माण कार्यो के साथ-साथ निगम के राजस्व एवं साफ-सफाई की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होनें अधिकारियों का निर्देशित कर कहा अमृत मिशन के कार्य को 15 जनवरी 2020 तक पूर्ण करने कहा। उन्होनें स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर युद्ध स्तर पर शहर की सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होनें आयुक्त समेत सभी अधिकारियों को निर्देशित कर कहा अधिकारी सुबह के समय शहर का दौरा सफाई व्यवस्था में सुधार लावें । मैं, भी स्वयं सुबह-सुबह शहर का भ्रमण कर रहा हूॅ, मेरे द्वारा सफाई का निरीक्षण किया जा रहा है।
उन्होनें समीक्षा बैठक में कहा शहर में जो विकास और निर्माण कार्य निरस्त कर जिन्हें ब्लेक लिस्टेट किया गया है उन्हें दोबारा निगम के कोई भी कार्य नहीं दिया जावे। और शहर में किये जाने वाले विकास कार्यो को गुणवत्ता पूर्ण किया जावे। उन्होनें कहा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के लिए पूरे निगम को एक टीम के रुप में कार्य करें ताकि जनता तक शासन की योजनाएॅ भली भांति पहुॅच सके । समीक्षा बैठक में निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन के अलावा कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी, सुशील कुमार बाबर, राजेश पाण्डेय, सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया, जगदीश केशरवानी, ए0आर0 रहंगडाले, भीमराव, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, थान सिंह यादव, अंकुर राहुल, शुभम गोईर, मनोहर साहू, सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने किया बेलौदी जलाशय का भ्रमण
-बर्ड वाचिंग के लिए बड़ी संभावनाओं से भरा निर्णय
दुर्ग / शौर्यपथ / प्रवासी पक्षियों के लिए मशहूर मुख्यमंत्री के गांव बेलौदी में पक्षी विचरण प्रक्षेत्र बनाया जाएगा। बर्ड सेंचुरी बनने से यहां स्वाभाविक रूप से प्रवासी पक्षियों की संख्या में अभिवृद्धि होगी, साथ ही बर्ड वाचिंग के लिए और टूरिज्म के लिए भी अनूठी संभावनाएं यहां उत्पन्न होंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने साइट का अवलोकन किया। उनके साथ मौजूद डीएफओ श्री केआर बढ़ाई एवं संलग्न अधिकारी वनमंमडल दुर्ग श्री विवेक शुक्ला ने उन्हें विस्तार से इस साइट की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि जिले के जाने माने बर्ड वाचर एवं वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर श्री राजू वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के समक्ष बेलौदी में माइग्रेटरी बर्ड्स के कर्जवेशन के संबंध में निहित संभावनाओं के बारे में प्रस्ताव रखा था। उन्होंने बताया था कि यहां 63 प्रकार की प्रजाति के पक्षियों में से 31 तो प्रवासी पक्षी हैं। इनके संरक्षण और विकास पर काम हुआ तो बर्ड वाचिंग के मैप में बेलौदी और छत्तीसगढ़ का नाम प्रमुखता से उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस पर प्रशंसा जताई और इस पर कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। आज साइट में मौजूद तहसीलदार एवं बर्ड वाचिंग में रूचि रखने वाले श्री अनुभव शर्मा ने विस्तार से कलेक्टर को इस सीजन में हो रही बर्डिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां पर अलग-अलग मौसम में कैस्पियन सागर, तिब्बत और साइबेरिया से प्रवासी पक्षी आते हैं। कुछ पक्षी सीजन तक यहीं बसेरा बना लेते हैं और कुछ अच्छी खुराक लेकर आगे बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि यह प्रवासी पक्षियों के पैसेज का महत्वपूर्ण पड़ाव है। श्री शर्मा ने बताया कि आज ही यहां पर सुरखाब देखा गया जो दुर्लभ प्रजाति का पक्षी है।
इस तरह होगा विकसित- वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस साल इंवेटरी पर काम होगा। इसका मतलब यह है कि साल भर यहां प्रवासी पक्षियों के आने का ट्रेंड देखेंगे। इसके आधार पर इनकी खाद्य जरूरतों के डिटेल तैयार किये जाएंगे। उसके अनुरूप हैबिटेट के विकास पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए पक्षी विज्ञानी पूरे समय रिसर्च करेंगे।
पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं- फिलहाल बेलौदी ऐसी साइट है जहां बर्ड वाचिंग के लिए काफी दूर से पक्षी प्रेमी आ रहे हैं। इसका कारण यह है कि यहां दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के देखे जाने की खासी संभावना होती है। अच्छी तरह से विकसित हुआ तो यहां पक्षियों का संरक्षण तो होगा ही, भरतपुर के केवलादेव पक्षी विहार की तरह ही यहां पर्यटन के लिए असीम संभावनाएं पैदा होंगी।
ये पक्षी पाये जाते हैं बेलौदी में- बार हेडेड गूस, ब्लैक हेडेड आइबिस,ब्लैक विंग काइट, कॉमन क्रेस्टल,करमोरेंट,गोल्डन प्लोवर,ग्रीन सेंड पाइपर,हुदहुद,लिटिल रिंग प्लावर,नॉर्थन पिनटेल,पेंटेड स्टोर्क,रेड नेपड आइबिस,रेड क्रेस्टेड पोचार्ड,बुलबुल,स्पून बिल स्टोर्क, शार्ट टोड स्नैक ईगल,वाइट ऑय बजार्ड, वूली नेकेड स्टोर्क,ब्लैक विंग स्टिल्ट,कॉटन पिग्मी गूस, गार्गने,लिटिल इग्रेट,ग्रेट इग्रेट,ओपन बिल स्टोर्क,सिकरा, मार्श हैरियर,बूटेड ईगल,ग्रेटर स्पॉटेड ईगल,ऑसप्रे,स्पॉटेड आउल,बर्न आउल,येल्लो ऑय बाबलर, ब्लैक रेड स्टार्ट,ब्लू थ्रोट ,कॉमन रेड शेंक,करलीव,विमरेल, ग्लॉसी आइबिस,ग्रीन बी ईटर,ग्रे हेडेड लापविंग, रेड लैप्विंग, येलो लैप्विंग, लेजर विजलिंग डक, सुर्खाब(रूडी शेलडक),चातक(कूकू),ओरिएंटल डार्टर,रॉसी स्टर्लिंग,चेस्टनट स्टर्लिंग,सफेद खंजन(वाइट वैगटेल),पिला खंजन(येल्लो वैगटेल),कापर स्मिथ बर्बेट, हनी बजार्ड,नाईट हेरॉन,पर्पल हेरॉन,ग्रे हेरॉन,गोल्डन ओरियल,इंडियन पैराडाइस फ्लाईकेचर ,डिजर्ट वीटर पर्पल मोरहेन, जैकाना कामन टील, गढ़वाल,लिटिल ग्रेबे, साइबेरियन स्टोनचैट,इंडियन क्राउसर,ईगल आउल,नाईट जार,यूरेशियन राइनेक, इंडियन रोलर,ग्रे हॉर्न बिल,येल्लो फूटेड ग्रीन पिजन,श्राईक,स्नैप,कॉमन कूट, कॉमन पोचार्ड,क्रेस्टेड ग्रेबे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
