August 08, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    भिलाई / शौर्यपथ / नगर के औद्योगिक क्षेत्र के एक डामर फैक्ट्री में गुरूवार को दोपहर के समय भीषण आग लग गई। बताया जा रहा कि आग की लपटें 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दी, काले धुएं के गुबार से क्षेत्र ढक गया। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में खडी दो जेसीबी भी जलकर खाक हो गई है। हादसा जामुल थाना क्षेत्र के औद्योगिक नगर स्थित उत्कल हाइड्रो कार्बन में हुआ है। आग को काबू पाने के लिए 2 गाडियां मौके पर पहुंची है और आग को काबू करने का प्रयास किया जिसें बहुत मुश्किल से आग पर काबू पाया जा सका। । मिली जानकारी के अनुसार जिस सेक्शन में आग लगी है, वहां डामर के टैबलेट बनाने काम किया जा रहा था। बताया जा रहा है की आग लगने के दौरान फैक्ट्री में एक के बाद एक 4 ब्लास्ट हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि वहां कैमिकल से भरे ड्रम में आग लगने से विस्फोट हुआ है।

    रायपुर / शौर्यपथ / राजीव गांधी किसान न्याय योजना में खरीफ 2020 में जिन कृषकों के द्वारा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी फसल ली गई है, उनके बोये गये रकबे का पंजीयन संबंधित सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से प्रारंभ हो गया है। योजना में प्रावधानित फसलों के रकबे का पंजीयन हेतु कृषक पंजीयन फार्म में अपना पूर्ण विवरण भरकर अपने संबंधित सेवा सहकारी समिति में सत्यापन एवं पंजीयन हेतु जमा कर सकते हैं। सहकारी समितियों को कृषकों का पंजीयन 30 नवम्बर 2020 तक अनिवार्य रूप से करना होगा।
    कृषकों के आवेदन पत्र का सत्यापन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भूईयाँ पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम के गिरदावरी के आकड़ों के आधार पर किया जायेगा। सत्यापन उपरांत कृषक को संबंधित सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। समय-सीमा में पंजीयन कराने वाले कृषकों को फसल हेतु आदान सहायता राशि देने का प्रावधान शासन द्वारा निर्धारित है। इन फसलों हेतु आदान सहायता राशि की गणना संबंधित फसलों के गिरदावरी के अनुसार भूईया पोर्टल में संधारित रकबा के आधार पर आनुपातिक रूप से की जाएगी। इस प्रक्रिया के अनुसार प्राप्त कृषकों के डेटाबेस के आधार पर नोडल बैंक द्वारा आदान सहायता राशि सीधे कृषकों के खातों में अंतरित की जाएगी।
    अपंजीकृत कृषकों को योजनान्तर्गत आदान सहायता अनुदान की पात्रता नहीं होगी। योजनान्तर्गत शामिल फसलों के अतिरिक्त अन्य फसल जैसे धान, मक्का एवं गन्ना पर आदान सहायता राशि देय नहीं होगी। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर पंजीयन आवेदन प्राप्त कर सकते है।

    मंत्री गुरु रूद्रकुमार : हाथकरघा संघ ने लांच की 'रामायण साड़ी'

    रायपुर / शौर्यपथ / ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की विशेष पहल पर जांजगीर-चांपा जिले के चंद्रपुर के सिद्धहस्त बुनकरों द्वारा कोसा की साडिय़ों के आंचल में भगवान श्री राम के अलौकिक दरबार की डिजाईन की बुनाई की जा रही है। फलस्वरूप माताओं-बहनों के आंचल में अब भगवान श्री राम के दरबार का अलौकिक नजारा दिखाई देने लगा है। हाथकरघा विभाग ने इन साडिय़ों को 'रामायण साड़ी' के नाम से लांच किया है। रामायण साड़ी इतनी आकर्षक है कि लोग इसको पसंद करने के साथ ही हाथों-हाथों खरीदने लगे हैं। रामायण साड़ी बिलासा एंपोरियम रायपुर में उपलब्ध होने के साथ-साथ ऑनलाइन बिक्री के लिए भी उपलब्ध है।
    मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राम वन गमन पथ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल विकसित करने के साथ ही हाथकरघा विभाग द्वारा चंद्रपुर के बुनकरों द्वारा कोसा की साडिय़ों के आंचल पर अपनी कल्पनाशीलता से श्री राम जी के दरबार के डिजाईन बुनी जा रही है। गौरतलब है कि इससे पूर्व हाथकरघा विभाग द्वारा कौशिल्या कलेक्शन के नाम से सांडिय़ों की नई श्रृखंला लांच की गई थी। इन साडिय़ों में चंदखुरी स्थित माता कौशिल्या के मंदिर के वास्तुकला की डिजाईन उकेरी गई थी। उल्लेखनीय है कि राज्य के बुनकरों और शिल्पियों द्वारा तैयार वस्त्रों एवं उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू की गई है। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने हाथकरघा संघ को छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला-संस्कृति की डिजाईन को प्रमोट करने को कहा है।
    हाथकरघा संघ द्वारा रामायण साड़ी की मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। राम वन गमन पथ में शामिल सभी पर्यटन स्थलों पर पूर्व में लांच की गई कौशल्या कलेक्शन के साथ-साथ रामायण साडिय़ों और वस्त्रों का स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी-सह-विक्रय किया जाएगा। माता कौशल्या मंदिर सहित अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक इन वस्त्रों को खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि रामायण साड़ी को चंद्रपुर के परमेश्वरी बुनकर सहकारी समिति द्वारा तैयार किया जा रहा है। ग्रामोद्योग संचालक श्री सुधाकर खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बुनकरों ने कोविड संक्रमणकाल को भी अपनी लगन और मेहनत से आपदा को भी अवसर में बदला है। इस अवधि में बुनकरों ने अपनी कल्पनाशीलता से छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहरों जैसे माता कौशिल्या मंदिर की वास्तुकला और भगवान श्री राम के दरबार के अलौकिक दृश्य को साडिय़ों में उतारने का सराहनीय काम किया है। उल्लेखनीय है कि चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। इसकी धार्मिक महत्ता एवं मंदिर की मान्यता को देखते हुए हाथकरघा विभाग द्वारा इससे पूर्व कौशिल्या कलेक्शन के नाम से साडिय़ों एवं वस्त्रों की नई श्रृंखला लॉन्च की गई थी, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बुनकरों को फायदा हुआ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / महापौर धीरज बाकलीवाल ने आज शहर में चल रहे विकास कार्यो के अंतर्गत गवली पारा और राजेन्द्र पार्क क्षेत्र और सिकोला बस्ती वार्ड का भ्रमण कर निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया गया । उन्होनें गवलीपारा में पुलिया निर्माण को तीन दिनों में पूरा कर अवगत कराने अधिकारी और ठेकेदार को निर्देश दिये । इस दौरान लोक कर्म प्रभारी अब्दुल गनी, एल्डरमेन अजय गुप्ता सहा0 अभियंता जितेन्द्र समैया व अन्य उपस्थित थे ।
    नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा वार्ड 31 लंगूरवीर वार्ड के गवली पारा में अमृत मिशन का पाइप लाईन विस्तार कार्य के दौरान पुलिया को तोड़ दिया गया था जिसका निर्माण किया जा रहा है। महापौर के द्वारा निरीक्षण दौरान गवली पारा स्थित पुलिया का निरीक्षण करते हुये कहा उन्होनें कहा यह मार्ग अधिक आवाजाही वाला है आम नागरिक परेशान हो रहे हैं। उन्होनें अमृत मिशन के ठेकेदार को बुलाकर तीन दिनों में पुलिया निर्माण पूरा कर अवगत कराने कहा। महापौर ने वार्ड 29 में राजेन्द्र पार्क से दादा-दादी, नाना-नानी पार्क तक सड़क किनारे लगाये जा रहे पेवर ब्लाक कार्य का अवलोकन किया गया । उन्होनें सड़क के दूसरे साईड भी पेवर ब्लाक निर्माण करने का प्रस्ताव बनाने अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होनें कहा सडृक को बीच में खुला न छो?ें, मार्ग में चलने वाले दिव्यांगों के अनुसार रेम्प भी बनायें । सडक के क्राम में भी पेवर ब्लाक लगायें । साथ ही कार्यो की गुणवत्ता का ध्यान अवश्य रखें । भ्रमण के दौरान महापौर ने वार्ड 16 सिकोला बस्ती के पार्षद खिलावन मटियारा से भी मुलाकात कर उनके वार्ड में चल रहे विकास कार्यो की जानकारी ली ।

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एक और लैब को कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए आरटीपीसीआर जांच की अनुमति प्रदान की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच की सुविधा वाले लैबों की कुल संख्या 11 हो गई है। इनमें सात शासकीय और चार निजी क्षेत्र के लैब हैं। प्रदेश में रायपुर स्थित एम्स सहित सभी सात शासकीय मेडिकल कॉलेजों में यह सुविधा है। वहीं निजी क्षेत्र के दो मेडिकल कॉलेजों रिम्स रायपुर एवं श्रीशंकराचार्य भिलाई सहित रायपुर के लाइफवर्थ अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। राज्य शासन द्वारा आज रामकृष्ण केयर अस्पताल में भी आरटीपीसीआर जांच की अनुमति दी गई है।
    स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए प्रतिदिन अधिक से अधिक संख्या में सैंपलों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रदेश में जांच की सुविधा लगातार बढ़ाई जा रही है। अब 11 आरटीपीसीआर लैबों के साथ रोजाना आरटीपीसीआर जांच की क्षमता आठ हजार हो चुकी है। कोविड-19 की पहचान के लिए इस पद्धति से जांचे गए सैंपल के परिणाम सबसे सटीक होते हैं। इसमें गलत परिणाम की आशंका सबसे कम होती है। कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर जांच को सबसे अच्छा माना जाता है।
    प्रदेश में अभी प्रतिदिन 32 हजार सैंपलों की जांच की जा रही है। इसमें ट्रू-नाट पद्धति और रैपिड एंटीजन किट से की जा रही जांच भी शामिल है। जांच की संख्या बढऩे से पिछले चार सप्ताह में संक्रमण की दर में कमी आई है। 25 नवम्बर को संक्रमण दर (स्क्कक्र) 5.5 प्रतिशत, 15 नवम्बर को 8.5 प्रतिशत, 01 नवम्बर को 8.6 प्रतिशत तथा 15 अक्टूबर को 10 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    रायपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर जिले में लगभग ढाई वर्ष पूर्व हुई सड़क दुर्घटना में घायल मरीज के इलाज के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल एक लाख रूपए की सहायता मंजूर की है। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल के लिए परिवार के लोगों ने आभार व्यक्त किया है।
    बिलासपुर जिले के विकासखंड तखतपुर निवासी श्रीमती भगवती यादव ने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व उनके बेटे जय यादव को सड़क दुर्घटना के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया। श्रीमती भगवती यादव की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके बेटे की आय से ही परिवार का खर्च चलता था, लेकिन दुर्घटना के बाद परिवार की माली स्थिति और खराब होती गई। श्रीमती भगवती के सामने अब परिवार चलाने के साथ ही बेटे का इलाज करवाना भी एक समस्या थी। उन्होंने जहां से भी संभव हो सकता था वहां आर्थिक मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
    श्रीमती भगवती यादव को उनके बेटे के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की सलाह मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इलाज में सहायता के लिए आवेदन किया। आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर बेटे की इलाज के लिए एक लाख रूपये की सहायता स्वीकृत की गई। यह राशि कलेक्टर बिलासपुर द्वारा रेडक्रास सोसायटी बिलासपुर द्वारा प्रदान की गई।

    संविधान दिवस पर आयोजित वेबिनार में मुख्यमंत्री के संदेश को सुना बच्चों ने
    राज्य स्तरीय वेबिनार में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और पालक शामिल हुए

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविधान दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय वेबिनार में अपने संदेश में कहा कि व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता सुनिश्चित करना हमारे संविधान का अंतिम लक्ष्य है। हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि हम अपने महान संविधान की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। जब तक हमारा संविधान सुरक्षित है तभी तक हमारा देश और यहां रहने वाला हर व्यक्ति और उसका भविष्य सुरक्षित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी और संविधान निर्माताओं को नमन किया। वेबिनार का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और पालक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नई पीढ़ी के मन में अपने संविधान के प्रति आस्था और गौरव का भाव जगाने के लिए छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना के वाचन और संविधान के महत्वपूर्ण अंशों पर चर्चा की शुरूआत की गई है। मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित समस्त संविधान निर्माताओं की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हमारे महान नेताओं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे मनिषियों ने यह सुनिश्चित किया कि हमारा देश अपने संविधान पर चलेगा। हमारा संविधान हम सब भारतीय मिलकर बनाएंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान के निर्माण में देश के हर वर्ग, हर समाज और हर क्षेत्र के विचारकों, चिंतकों और विधि विशेषज्ञों की भूमिका रही। गौरवशाली संविधान बनाने का काम पूरा करते हुए 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने इसे अंगीकार कर लिया, इसलिए आज का दिन संविधान दिवस कहलाया और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया। उन्होंने कहा कि संविधान की रचना उदारता और समग्रता के साथ की गई, उसमें न सिर्फ संविधान निर्माण प्रक्रिया में शामिल सभी लागों को भावनात्मक रूप से जोड़ा गया, बल्कि आने वाली पीढियों और जन-जन को, यह संविधान अपनेपन से जोड़ता है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसे हम भारत के लोगों ने स्वयं बनाया और स्वयं समर्पित किया है। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का पठन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अपने संविधान में बताए गए रास्ते पर चलने के लिए संकल्पबद्व हो।
    स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बेबीनार में अपने संदेश के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप स्कूलो में प्रार्थना के दौरान संविधान के विषय में चर्चा की जाए, ताकि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप विद्यालय की व्यवस्था संचालन में बच्चों की भूमिका सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि संविधान महज एक किताब नहीं, वरन वह भारत की आत्मा है। संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है। मंत्री डॉ. टेकाम ने शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौरान और बाद में अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए अपना नियम, कानून या संविधान बनाए और सभी मिलकर अपने स्कूल या क्षेत्र में इसका पालन करे।
    संचालक लोक शिक्षण संचालनालय श्री जितेन्द्र शुक्ला ने बेबीनार को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में शासन के मंत्रियों की तरह बच्चों को मंत्री बनाया जाए तथा उन्हें तदनुरूप भूमिका भी प्रदान की जाए, ताकि वे संवैधानिक प्रक्रियाओं से परिचित होते रहें। छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रो. व्ही. के. गोयल ने संविधान की उद्देशिका का वाचन किया तथा संविधान के महत्व पर चर्चा की। सहायक संचालक समग्र शिक्षा डॉ. एम. सुधीश ने संविधान से संबंधित गतिविधियों के आयोजन के संबंध में चर्चा की। विषय विशेषज्ञ के पैनल में श्रीमती अर्चना वर्मा सहायक प्राध्यापक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, श्रीमती प्रीति शुक्ला सहायक प्राध्यापक, धर्मेश शर्मा व्याख्याता, राजकुमार गेण्ड्रे व्याख्याता और विश्वदीप शुक्ला भूतपूर्व प्राचार्य केन्द्रीय विद्यालय सम्मिलित हुए। इन्होंने संविधान के दर्शन प्रस्तावना, स्त्रोत, महत्व, विशेषताएं एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओ पर सारगर्भित जानकारी वेबीनार में दी। वेबिनार का प्रसारण सोशल मीडिया पर भी किया गया।
    कार्यक्रम का संचालन राज्य मीडिया प्रभारी प्रशांत कुमार पाण्डेय ने किया। आभार प्रदर्शन छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के उपसचिव जे. के. अग्रवाल ने किया। आयोजन में कुणाल, रोहित, भास्कर देवांगन ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / भोपाल उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश में BJP सरकार लव जिहाद पर कानून लाने जा रही है. शिवराज सिंह चौहान सरकार ने लव जिहाद रोकने के तहत धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस प्रस्तावित कानून के तहत, मध्यप्रदेश में भी धर्म छिपाकर किसी को धोखा देकर शादी करने पर 10 साल की सज़ा होगी. मदद करने वाली संस्था का पंजीयन रद्द होगा. बगैर आवेदन धर्मांतरण कराने वाले धर्मगुरु को भी 5 साल की सज़ा होगी. सूत्रों के मुताबिक दिसबंर के दूसरे हफ्ते में इस कानून को कैबिनेट में पेश कर मंजूरी ली जाएगी और दिसंबर के आखिरी हफ्ते में होने वाले शीतकालीन सत्र में इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा.
    मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को पुलिस और कानून विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 के साथ उत्तराखंड और यूपी के कानूनों पर चर्चा हुई. बैठक में तय हुआ कि कानून में सज़ा 5 से बढ़ाकर 10 साल की जाएगी. गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ऐसे विवाह कराने वाले धर्मगुरु, काजी या मौलवी को 5 साल सजा हो सकती है. उनका पंजीयन निरस्त हो जाएगा. धर्मांतरण कराने से पहले एक माह पूर्व सूचना देनी होगी. धर्मांतरण और जबरन विवाह की शिकायत स्वयं पीड़ित, माता- पिता, परिजन या संरक्षक अभिभावक द्वारा की जा सकती है. यह अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होगा.
    ऐसे विवाह कराने वाली संस्थाओं पर भी कार्रवाई
    जबरन धर्मांतरण या विवाह कराने वाली संस्थाओं का पंजीयन निरस्त किया जाएगा. इस प्रकार के धर्मांतरण या विवाह कराने वाली संस्थाओं को डोनेशन देने वाली संस्थाएं या लेने वाली संस्थाओं का पंजीयन भी निरस्त होगा. इस प्रकार के धर्मांतरण या विवाह में सहयोग करने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध मुख्य आरोपी की तरह ही न्यायिक कार्रवाई की जाएगी. आरोपी को स्वयं ही प्रमाणित करना होगा कि ये काम बगैर दबाव, धमकी, लालच या बहकाए किया गया है. मध्य प्रदेश की सरकार भले ही इस कानून को किसी धर्म विशेष के विरूद्ध मानने से इंकार कर रही हो, लेकिन राज्य के प्रोटेम स्पीकर इस मामले को पाकिस्तान और आईएसआई तक से जोड़ रहे हैं.
    प्रोटेम स्पीकर ने लव जिहाद को आईएसआई से जोड़ा
    प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि धर्म बदलकर हिन्दू बहन बेटियों को प्रलोभन देकर उनका फोटो लेना बाद में ब्लैक मेलिंग करना इसमें शामिल है, ये लव अकेला नहीं है, जेहाद है और कहीं ना कहीं पाकिस्तान और आईएसआई शामिल है. इस मामले में BJP शासित राज्यों में वैसे एक के बाद एक फैसले हो रहे हैं. यूपी, मध्यप्रदेश के बाद हरियाणा ने भी लव जिहाद के खिलाफ कानून के लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी है.

    हैदराबाद / शौर्यपथ / ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है. इस बीच हैदराबाद से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी नेताओं को चुनौती दी है कि वो चुनाव प्रचार के लिए अपने स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाकर आजमा लें और देखें कि बीजेपी इस शहर में कितनी सीटें जीतती हैं.
    समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “आप नरेंद्र मोदी को पुराने शहर में ले आइए और चुनाव प्रचार कीजिए. हम देखते हैं कि क्या होता है? यहां उनकी बैठकें और रैलियां आयोजित करवा लें हम देखेंगे कि आप कितनी सीटें जीतते हैं?"
    ओवैसी ने आगे कहा, "ये नगरपालिका चुनाव है, फिर भी वे विकास के बारे में बात नहीं करेंगे.. हैदराबाद एक विकसित शहर बन गया है, कई MNCs यहां स्थापित किए गए हैं, लेकिन भाजपा हैदराबाद के ब्रांड नाम को नीचे लाकर इसे नष्ट करना चाहती है."
    हैदराबाद से चार बार सांसद ओवैसी द्वारा प्रधानमंत्री को तब चुनौती दी गई है जब बीजेपी ने वहां चुनाव जीतने के लिए अपने धुरंधरों को उतारने का फैसला किया है. इसके अलावा बीजेपी वोटरों के ध्रुवीकरण के लिए भी काम कर रही है. उसके नेता ग्रेटर हैदराबाद के पुराने शहर में सर्जिकल स्ट्राइक करने की बात कर रहे हैं.
    बता दें कि तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बांदी संजय ने पिछले दिनों पुराने हैदराबाद शहर में विदेशी बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या घुसपैठियों के होने की बात कहते हुए कहा था कि उसकी सत्ता आने पर शहर में सर्जिकल स्ट्राइक की जाएगी और विदेशी घुसपैठियों के खदेड़ दिया जाएगा. बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने सांसद ओवैसी को मॉडर्न जिन्ना बताते हुए कहा था कि उनकी पार्टी हैदराबाद में हजारों विदेशी घुसपैठियों को सुरक्षा देती है.

    वास्तु शाश्त्र /शौर्यपथ / हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है। गाय की पूजा की जाती है और मान्यता है कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि गाय हर प्रकार के वास्तु दोष को दूर करने में सक्षम है।
             वास्तु के अनुसार घर में गाय का होना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि गाय की पूजा करने और सेवा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू धर्म में गाय को मां के समान दर्जा दिया जाता है। गोमाता के गोबर से बने उपलों से रोजाना घर या प्रतिष्ठान में धूप करने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। घर के दरवाजे पर अगर कभी गोमाता आए तो भोजन अवश्य कराएं। गाय की सेवा से संतान प्राप्ति में आ रही बाधा दूर हो जाती है। सुबह गोसेवा करने से अत्यंत लाभ होता है। भोजन से पूर्व गाय के लिए रोटी निकालकर खिलाना चाहिए। घर में बंधी गाय का रंभाना शुभ माना जाता है। गाय के घर में होने से गृह क्लेश दूर हो जाते हैं। गाय की पूजा से कुंडली में मौजूद दोष समाप्त हो जाते हैं। गाय को अमावस्या को रोटी, गुड़, चारा खिलाने से पितृदोष समाप्त हो जाते हैं। यदि बुरे स्वप्न दिखाई दें तो गोमाता का नाम लें। यदि यात्रा आरंभ कर रहे हैं और गाय सामने आ जाए अथवा अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने दिखाई दे तो आपकी यात्रा सफल होती है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision