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रायपुर । शौर्यपथ । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक,कैबिनेट मंत्री,दर्जा प्राप्त आगामी 23 नवंबर से सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई करेंगी। महिला आयोग द्वारा पति-पत्नी विवाद, दैहिक शोषण, मारपीट, प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, घरेलू हिंसा से सम्बंधित प्रकरणों पर सुनवाई की जाएगी।इस तारतम्य में 23 नवंबर को सरगुजा, जिला से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई जिला पंचायत सभा कक्ष सरगुजा, 24 नवंबर को सूरजपुर, जिला से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई कलेक्टर सभा कक्ष सूरजपुर, 25 नवंबर को कोरिया जिला से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई कलेक्टर सभा कक्ष कोरिया और 27 नवंबर को जशपुर जिला से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई कलेक्टर सभा कक्ष जशपुर मे किया जाएगा।
दुर्ग । शौर्यपथ । एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा द्वारा जिला चिकित्सालय दुर्ग में हुई घटना को लेकर नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया कि कल रात दिनांक 19.11.2020 को लगभग रात्रि 9.30 बजे डॉ.जयंत चन्द्राकर के द्वारा तेज रफ्तार दो पहिया वाहन में जिला चिकित्सालय परिसर में प्रवेष कर रहा था, जिसे अस्पताल परिसर के पार्किग के कर्मचारियों द्वारा रोकने की कोषिष की गई, किंतु उसके द्वारा बाईक की रफ्तार को और तेज करते हुए अस्पताल के अंदर ले जाकर खड़ी कर दिया गया। जिसे पार्किग के कर्मचारियों द्वारा समझाया गया, तो उसके द्वारा अस्पताल परिसर में ही मॉ-बहन की बुरी-बुरी गाली गलौज करने लगा जिससे वहॉ पर अन्य लोगों को बहुत बुरा लगा, तब कर्मचारियों के द्वारा उससे कहा गया कि भैया गाली गलौज मत करो अपनी वाहन स्टैण्ड पर लगाओ तब उसके द्वारा कहा गया कि मैं यहॉ स्टाफ का आदमी हॅू, तुम लोगों को जो करना है करो, जिसको बताना है बताओ मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता है,तुम लोग मुझे अभी जानते नहीं हो। बहुत समझाइष देने के बाद भी उसके द्वारा लगातार गाली गलौच करते रहा। उसके पष्चात् उसके द्वारा कुछ अन्य लोगों को बुलाकर पार्किग में अस्थायी रूप से बनाए गए गुमटी में तोड़-फोड़ किया गया जहॉ पर रखे पार्किग के हिसाब-किताब के रूपये-पैसे को भी ले गया। इसके पूर्व भी एनएसयूआई के द्वारा षासकीय चिकित्सालय के कुछ कर्मचारियों व डाॅक्टरों के खिलाफ षिकायत किया गया था। जिसको लेकर चिकित्सालय के सी.एस. बालकिषोर देवांगन के द्वारा देख लेने व झूठे केस में फॅसा देने की बात कहीं गई थी। ऐसा महसूस होता है कि पूर्व में किए गए षिकायतों को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को झूठे केसों में फॅँसाया जा रहा है। डाॅक्टरो द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए मरीजो को प्राईवेट अस्पतालों में ले जाने के लिए बाध्य करना, एवं डिलवरी के समय महिलाओं की नाजूक स्थिति का, हवाला देकर, प्राइवेट अस्पतालों का पता बताकर भर्ती करवाने का दबाव बनाना। जिला चिकित्सालय दुर्ग में लगे हुए सीसीटीवी के फूटेजो को निकलवाकर देखा जाए व उक्त घटनाओं की निश्पक्ष जॉच करवाने के लिए डॉ. जयंत चन्द्राकर के खिलाफ एफ.आई.आर.दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। एनएसयूआई ने माँग की गई कि सीसी फुटेज को देखकर चिन्हित करे और दोशीयों व्यक्तियों के उपर कार्यवाही किया जावें। ज्ञापन सौंपने वालों में हितेष सिन्हा,अमोल जैन,विनिष,हरीष,विकास राजपूत,विकास साहू,सोनू यादव,गोल्डी कोसरे,नैमूर सहित एनएसयूआई के कार्यकर्ता मौजूद थे।
कमीशनखोरी के लिये अट्टालिकाओं का निर्माण करने वाली रमन सिंह सरकार ने किसान और धान के लिये क्यों कुछ नहीं किया?
आधी अधूरी जानकारी को लेकर लगाये जा रहे भाजपा के आरोप गलत एवं निराधार है
रायपुर/ शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि धान की बर्बादी पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले भाजपा नेता जवाब दें कि छत्तीसगढ़ में 15 साल सरकार चलाने के दौरान भाजपा सरकार ने धान को सुरक्षित भंडारण के लिये कितने गोडाउन का निर्माण करवाया था? 15 साल में कमीशनखोरी के लिये बिना आवश्यकता के सिर्फ कमीशनखोरी की नियत से बड़ी-बड़ी अट्टालिकायें बनाने वाली तत्कालीन रमन सरकार ने धान के सुरक्षित भंडारण के लिये कोई योजना क्यों नहीं बनाया? धान की रक्षा के लिये कोई निर्माण क्यों नहीं करवाया? भाजपा की रमन सिंह सरकार ने 15 साल धान को संरक्षित करने और धान खरीदी को सुव्यवस्थित करने की कोई व्यवस्था क्यों नहीं बनाई? कांग्रेस सरकार तो धान को सुरक्षित करने के लिये चबूतरे बना रही है। कांग्रेस सरकार में तो स्थिति बहुत बेहतर है। भाजपा शासनकाल में तो इससे ज्यादा धान बारिश में भीगने और सड़ने से खराब हो जाता था।
रमन सिंह के शासनकाल में उपार्जित धान के खराब होने का विवरण जारी करते हुये संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि वर्ष 2019-20 में कुल उपार्जित 83.94 लाख मे.टन धान में से 78.80 लाख मे. टन (94.3 प्रतिशत) धान का निराकरण किया जा चुका है। शेष 5.14 लाख मे.टन धान का निराकरण जारी है, जिसे 15 दिसंबर 2020, तक निराकृत कर लिया जायेगा। संपूर्ण धान के निराकरण हुये बिना ही सूखत अथवा खराब धान की मात्रा को लेकर भाजपा नेताओं का बयान आधारहीन और कोरी बयानबाजी है। कांग्रेस सरकार का प्रयास है कि खराब धान की मात्रा न्यूनतम रहे। विगत सत्र के धान का निराकरण लगातार जारी है। आधी अधूरी जानकारी को लेकर लगाये जा रहे भाजपा के आरोप गलत एवं निराधार है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2500 रू. धान का दाम देने वाली कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ भाजपा नेताओं का दुष्प्रचार सीधे-सीधे जनता की आंखो में धूल झोकने की कोशिश है। धान खरीदी पर भाजपा किस मुंह से बोल रही है? भाजपा को किसानों और ग्रामीण मतदाताओं से अब कोई समर्थन इसलिये नहीं मिलेगा क्योंकि छत्तीसगढ़ के लोग भाजपा के किसान विरोधी, गरीब विरोधी चरित्र, मजदूर विरोधी चरित्र को बखूबी समझ चुके है।
किसान और धान का सम्मान की बड़ी बड़ी बाते करने वाले भाजपा नेताओं से प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर अनुमानित धान उपार्जन हेतु लगभग 3.50 लाख गठन नये बारदानों की आवश्यकता के विरूद्ध जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से भारत सरकार द्वारा केवल 1.45 लाख गठन नये बारदाने ही क्यो उपलब्ध कराये जा रहे है? शेष बारदानों की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जा रही है।
नई दिल्ली / शौर्यपथ /रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ में एक बार फिर पालघर में साधुओं पर हमले का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मंदिरों की परिक्रमा करने वाले, अपने गोत्र बताने वाले, जनेऊ दिखाने वालों ने संतों के लिए आवाज उठाना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने दावा किया महाराष्ट्र की सीआईडी ने इस मामले में जो चार्जशीट सौंपी है उसमें भी इस ‘साजिश’ को दबाने कोशिश की गई है। चार्जशीट में संतों की हत्या की वजह अफवाह बताई गई। डिबेट शो में मौजूद भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि पालघर में साधुओं की हत्या के दिन एनसीपी नेता काशीनाथ चौधरी और सीपीएम के दो नेता मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि साधुओं की हत्या एक सोची समझी साजिश थी जो कि एक राजनीतिक षडयंत्र भी है। पात्रा ने डिबेट के दौरान राहुल गांधी के जरिए महाराष्ट्र की पुलिस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार सिर्फ गिरफ्तार करना जानती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘मैं तो बराक ओबामा से भी कहूंगा कि वो यहां ना आएं। उनके खिलाफ भी महाराष्ट्र में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। क्योंकि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कहा है। इसलिए किसी थाने में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।’ भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि गलती से ओबामा मुंबई आ गए तो उन्हें भी हिरासत में भेजा जा सकता है। उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। बकौल पात्रा ओबामा जी जरा सावधान रहिए मुंबई पुलिस कभी भी उठा सकती है। कंगना रनौत और अर्नब गोस्वामी के बाद ओबामा का नंबर ना आ जाए। इसलिए वो सावधाना रहें। बता दें कि बराक ओबामा ने हाल में रिलीज हुई अपनी एक किताब में राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि वो एक नर्वस और तैयारी करते छात्र की तरह लगे जो अपने शिक्षक को प्रभावित करना चाहता है मगर उसके भीतर ‘विषय का मास्टर’ बनने के लिए जुनून या योग्यता की कमी है। ओबामा ने अपने कार्यकाल के संस्मरणों पर लिखी किताब ‘ए प्रॉमिस्ड लैंड’ में इसका जिक्र किया है।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को किसी भी मामले की जांच करने से पहले उस राज्य की सहमति अनिवार्य तौर पर लेनी होगी. आठ राज्यों द्वारा सामान्य सहमति वापस लिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है. एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप है. कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम के तहत वर्णित शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के लिए सीबीआई को किसी भी मामले की जांच से पहले संबंधित राज्य सरकार से सहमति की आवश्यकता जरूरी है.
कोर्ट ने कहा कि DSPE अधिनियम की धारा 5 केंद्र सरकार को केंद्र शासित प्रदेशों से परे सीबीआई की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने में सक्षम बनाती है, लेकिन जब तक कि DSPE अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य संबंधित क्षेत्र के भीतर इस तरह के विस्तार के लिए अपनी सहमति नहीं देता है, तब तक यह स्वीकार्य नहीं है. जाहिर है, प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप हैं, जिसे संविधान की बुनियादी संरचनाओं में से एक माना गया है.
जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने ये फैसला उत्तर प्रदेश में फर्टिको मार्केटिंग एंड इनवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मामले में सुनाया है. अभियुक्त द्वारा इस मामले में कहा गया था कि धारा 6 के तहत राज्य सरकार की सहमति के अभाव में सीबीआई के पास निहित प्रावधानों के मद्देनज़र जांच कराने की कोई शक्ति नहीं हैं.
फैसले में आगे कहा गया कि एफआईआर दर्ज करने से पहले सहमति प्राप्त करने में विफलता पूरी जांच को समाप्त कर देगी. दूसरी ओर, राज्य ने तर्क दिया कि DSPE अधिनियम की धारा 6 के तहत पूर्व सहमति अनिवार्य नहीं है बल्कि यह सिर्फ निर्देशिका है. इस पर अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 और
अन्य अपराधों की जांच के लिए पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में सीबीआई की शक्तियों के विस्तार और अधिकार क्षेत्र के लिए सामान्य सहमति प्रदान की है. हालांकि, यह एक राइडर के साथ है, कि राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना, राज्य सरकार के नियंत्रण में, लोक सेवकों से संबंधित किसी भी मामले में ऐसी कोई भी जांच नहीं की जाएगी. लोक सेवकों की जांच के लिए अधिकारियों को डीएसपीई अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य सरकार की अधिसूचना द्वारा सहमति दी जानी चाहिए.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि एक "गोपनीय कानूनी मुद्दे" के तहत भगोड़े विजय माल्या के प्रत्यर्पण में बाधा आ रही है. बता दें कि माल्या भारत में हजारों करोड़ रुपये के कर्ज का डिफॉल्टर होने के चलते वांछित है. मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, "हमें बताया गया है कि एक गोपनीय कानूनी मुद्दा है जिस पर कार्यवाही चल रही है. जिसके बाद विजय माल्या को भारत को सौंपा जा सकता है. हमें किसी विशेष समयरेखा का संकेत नहीं दिया गया है और हम इस मामले पर बातचीत जारी रखना चाहते हैं."
गौरतलब है कि विजय माल्या, 9,000 करोड़ के कर्ज का डिफॉल्टर है. वह मार्च 2016 से यूनाइटेड किंगडम में है और भारत को अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. 64 वर्षीय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश एक ब्रिटिश अदालत ने मई में दिया था, लेकिन देश में शुरू की गई "गुप्त कार्यवाही" में देरी हुई है. विजय माल्या, जो अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करता है, ने बार-बार कहा है कि भारतीय बैंक उस पर बकाया मूल राशि को 100 प्रतिशत वापस ले सकते हैं.
अहमदाबाद / शौर्यपथ / गुजरात के अहमदाबाद शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए शुक्रवार से निगम सीमा अंतर्गत 57 घंटे का सप्ताहांत कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया है. इस बीच, एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मौजूदा हालात के मद्देनजर गुजरात सरकार ने राज्य में 23 नवंबर से माध्यमिक स्कूल और कॉलेज खोलने के अपने फैसले पर रोक लगा दी है. अधिकारियों ने कहा कि अहमदाबाद शहर में शुक्रवार (20 नवंबर) रात नौ बजे से कर्फ्यू शुरू होगा, जो सोमवार (23) सुबह छह बजे तक जारी रहेगा. अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि इस ''पूर्ण कर्फ्यू'' के दौरान केवल दूध और दवा की दुकानें ही खुली रहेंगी.
गुप्ता को गुजरात सरकार ने विशेष कार्याधिकारी नियुक्त किया है और उनका काम अहमदाबाद नगर पालिका के कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी कामकाज की निगरानी करना है. गुप्ता ने शाम को घोषणा की थी कि शुक्रवार (20 नवंबर) से अगले आदेश तक रोजाना रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक रात्रि कर्फ्यू लागू रहेगा. हालांकि इसके कुछ घंटों बाद ही गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक “पूर्ण कर्फ्यू” लागू होगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि रात्रि कर्फ्यू शहर में सोमवार रात नौ बजे से प्रभावी होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / चीन ने भूटान के इलाके में 2 किमी भीतर एक गांव बसाया है, जो डोकलाम के बहुत करीब है. जहां 2017 में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी थी. चीन की सरकारी मीडिया के एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों में गांव नजर आया है. हटाए गए ट्वीट्स में, चीनी सीजीटीएन न्यूज़ के एक वरिष्ठ प्रोड्यूसर शेन शिवेई ने गांव की तस्वीरों को पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि वह डोकलाम क्षेत्र था.
चीनी गांव पंगड़ा भूटानी क्षेत्र के भीतर 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इस बात का एक संकेत है कि भारत ने हमेशा जिसकी आशंका जताई है. चीन भारतीय और भूटानी क्षेत्र में कटौती करने का प्रयास कर रहा है. यह कदम भारत के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि वह भूटान की क्षेत्रीय अखंडता के लिए जिम्मेदार है जिसके पास एक सीमित सशस्त्र बल है.
बता दें कि डोकलाम गतिरोध भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में टकराव से पहले सबसे गंभीर मुद्दा था. लद्दाख में गतिरोध के बाद से परमाणु-हथियारों से लैस दोनों देशों ने सीमा पर हजारों सैनिकों को भेजा है. पिछले हफ्ते, सरकारी सूत्रों ने एक निजी न्यूज़ चेनल को बताया कि भारत और चीन ने तनाव को कम करने के लिए तीन चरण की योजना बनाई है. हालांकि, योजना के कार्यान्वयन पर अभी तक कोई हस्ताक्षर या समझौता नहीं हुआ है. योजना को लागू करने के लिए किसी भी समय अवधि पर सहमति नहीं दी गई है. दोनों पक्षों के बीच यह तय नहीं होगा कि यह किस हद तक होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / देश में कोरोना (Coronavirus India) के संक्रमण की चपेट में आए करीब 94 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं और 5 फीसदी से कम मरीजों का ही इलाज चल रहा है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को कोविड-19 के आंकड़े जारी करते हुए यह जानकारी दी. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने कहा कि लगातार 47 दिनों से ऐसा है कि रोज संक्रमण के नए मामलों के मुकाबले स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा रही.
देश में कोविड-19 से 48,493 और लोग गुरुवार को स्वस्थ हो गए. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश में 83 लाख 83 हजार 602 लोगों के स्वस्थ होने के साथ ही स्वस्थ होने की दर (रिकवरी रेट) सुधरकर 93.58 प्रतिशत हो गया है. संक्रमण के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. देश में संक्रमण के 4,43,303 मामले हैं जो कि कुल मामलों का महज 4.95 प्रतिशत है. स्वस्थ होने वालों में 77.27 प्रतिशत मरीज 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के हैं. केरल में एक ही दिन में 7066 लोग बीमारी से उबर गए. दिल्ली में 6901 लोग और महाराष्ट्र में 6608 लोग 24 घंटे में स्वस्थ हुए.
संक्रमितों की संख्या 90 लाख के करीब
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण के 45,576 नए मामलों से भारत में कुल 89.58 लाख संक्रमित हो गए हैं. संक्रमण के कारण 585 और लोगों ने दम तोड़ा और मृतकों की संख्या 1,31,578 पहुंच गई. कोविड-19 के 77.28 प्रतिशत नए मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 24 घंटे में 7486 मामले आए. केरल में 6419 और महाराष्ट्र में 5011 नए मामले आए.
महाराष्ट्र और बंगाल में सर्वाधिक मौतें
कुल 585 मौत में से 79.49 प्रतिशत मामले 10 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए. दिल्ली में 131 लोगों की मौत हुई. महाराष्ट्र में 100 और पश्चिम बंगाल में 54 और मरीजों की मौत हो गई.
रायपुर / शौर्यपथ / विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर राज्य स्वच्छता पुरस्कार 2020 में सरगुजा जिले को राज्य में प्रथम स्थान मिलने पर प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन विकास, श्रम विभाग मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने सरगुजावासियों को बधाई दी। महानदी भवन से आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार राशि का वितरण भी किया। इस दौरान उन्होेंने कहा कि सरगुजा छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण जिला है। जिस तरह से नगरीय निकाय क्षेत्र स्वच्छता के क्षेत्र में अव्वल स्थान हासिल करता है, उसी तरह सरगुजा जिला ने भी स्वच्छता में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। मंत्री डॉ. डहरिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, उपाध्यक्ष राकेश गुप्ता, कलेक्टर संजीव कुमार, जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा सहित जनपद स्तर के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को बधाई दी।
स्वच्छता के अंतर्गत राज्य स्तर पर सरगुजा जिले से 9 श्रेणियों में 11 विजेताओं का और जिला स्तर पर 8 श्रेणियों में 19 विजेता प्रतिभागियों का चयन किया गया था। सरगुजा जिले को राज्य में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रथन स्थान प्राप्त हुआ। जिसके तहत जिले को एक करोड़ रुपए की राशि तथा जनपद पंचायत लुण्ड्रा को ओडीएफ स्थायित्व हेतु 50 लाख रूपए व ग्राम पंचायत पुहपुटरा को ओडीएफ स्थायित्व के लिए 20 लाख रुपए से पुरस्कृत किया गया। कुल 4 करोड 35 लाख में से एक करोड़ 70 लाख की राशि सरगुजा को मिली है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्चुअल सम्मान समारोह में प्रभारी मंत्री डॉ. डहरिया ने स्वच्छ सुंदर शौचालय के अंतर्गत लुण्ड्रा ब्लॉक के श्री रामलाल, अलबिना, सरजूराम, पतिराम को अलग-अलग पांच हजार एक रुपए, स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय अंतर्गत ग्राम पंचायत लुण्ड्रा को 21 हजार रुपए, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन युक्त गांव अंतर्गत ग्राम पंचायत-दोरना, लुण्ड्रा को 21 हजार, प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत-बटवाही को 21 हजार, स्वच्छ सुन्दर शौचालय अंतर्गत बेलगांव सीतापुर के हितग्राही मनबोध व अगरसाय को पांच हजार एक रुपए, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत दुर्गा स्व सहायता समूह बेलगांव को पांच हजार एक रुपए, उत्कृष्ट निबंध लेखन में खुशी कुमारी अच्चगले जवाहर नवोदय विद्यालय बतौली को 21 हजार, उत्कृष्ट स्वच्छाग्राही समूह अंतर्गत जीवन दीप महिला स्व सहायता समूह पंडरीपानी को 21 हजार, स्वच्छाग्राही समूह द्वारा उत्कृष्ट दीवार लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार जीवन दीप महिला स्व-सहायता समूह पंडरीपानी और द्वितीय पुरस्कार गौरी मां स्वयं सहायता समूह देवटिकरा को पांच हजार एक रुपए, मिछिल स्कूल अंतर्गत उत्कृष्ट निबंध लेखन में पूजा गुप्ता को प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपए, पुनिया धीचा को 11 हजार और अंकुश पैकरा को 5 हजार की राशि प्रदान किया। उत्कृष्ट नारा सृजन लेखन अंतर्गत प्रथम पुरस्कार श्रीमती मीना राजवाड़े पुहपुटरा को 21 हजार, द्वितीय श्रीमती करूणा (करूणा महिला स्वयं सहायता समूह काराबेल) को 11 हजार और तृतीय पुरस्कार, श्रीमती आभा (ज्योति स्व-सहायता समूह जजगा) को पांच हजार की राशि दी गई।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
