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मनोरंजन / शौर्यपथ / सिंगर और मिमिक्री की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा सुदेश भोसले सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल, हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे अमिताभ बच्चन की आवाज उनके लिए डिप्रेशन का कारण बनी।
बता दें कि सुदेश भोसले ने अमिताभ बच्चन की कई फिल्मों के लिए गाने गाए। इसके अलावा इन्होंने राजकुमार, दिलीप कुमार, मिथुन चक्रवर्ती, अमिताभ बच्चन, असरानी, जीवन, शत्रुघ्न सिन्हा और बहुत सारे एक्टर्स की आवाज की नकल की। एक न्यूज चैनल से बातचीत में सुदेश कहते हैं, “अमिताभ बच्चन की आवाज ने मुझे इंडस्ट्री में पहचान दी। नहीं जानता था कि एक दिन यही आवाज मेरी लिए डिप्रेशन का सबब बन जाएगी। लोग मुझसे केवल अमिताभ बच्चन की आवाज में ही काम कराने में इंट्रस्टेड रहने लगेंगे।”
सुदेश आगे कहते हैं कि मैं जिन और एक्टर्स की आवाज की नकल कर पाता था, उनमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं रही। इसके कारण मैंने कई बार रिजेक्शन भी फेस किया। करियर को लेकर चिंतित रहने लगा। फिर भी मैंने इंडस्ट्री में काफी नाम कमाया है। मैं फैन्स और भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं।
गौरतलब है कि सुदेश भोसले का गाना ‘जुम्मा जुम्मा’ आज भी काफी मशहूर है। सुदेश भोसले का कहना है कि आज भी मैं अगर कहीं जाता हूं तो वहां मौजूद लोग इसी गाने को सुनाने की अपील करते हैं।
मनोरंजन /शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने खुद को 14 दिनों के लिए आइसोलेट कर लिया है। दरअसल, उनके पर्सनल ड्राइवर अशोक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा घर के दो स्टाफ मेंबर्स भी इससे संक्रमित हो चुके हैं। इन चीजों को ध्यान में रखते हुए सलमान खान ने खुद को 14 दिनों के लिए आइसोलेट करने का फैसला लिया है।
केवल सलमान खान ही नहीं, पूरा खान परिवार 14 दिनों के लिए सेल्फ-आइसोलेशन में रहने वाला है। खबरों के मुताबिक, सलमान खान के स्टाफ मेंबर्स को मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है। हालांकि, इसपर अभी तक सलमान खान और उनके परिवार की ओर से कोई बयान नहीं आया है।
एक्टर के करीबी सोर्स ने पिंकविला को बताया कि सलमान खान निश्चित कर रहे हैं कि उनके स्टाफ को अच्छे से अच्छा ट्रीटमेंट मिले। सुपरस्टार और परिवार हाल ही में सलीम खान और मां सलमा खान की एनिवर्सरी सेलिब्रेट करने वाला था। बुकिंग्स और तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के कारण सेलिब्रेशन पर ब्रेक लगा दिया गया है।
बता दें कि सलमान खान इस हफ्ते ‘बिग बॉस 14’ के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड की शूटिंग कर पाएंगे या नहीं, यह तो समय ही बता पाएगा। कुछ समय पहले ही सलमान खान ने फिल्म ‘राधेः यॉर मोस्ट वॉन्टेड भाई’ की शूटिंग पूरी की है। इस फिल्म में वह दिशा पाटनी संग नजर आने वाले हैं। इसके अलावा जैकी श्रॉफ और रणदीप हुड्डा भी मुख्य किरदार में होंगे।
धर्म संसार / शौर्यपथ / कार्तिक मास में तुलसी की पूजा करने का विधान है। वैसे तो साल भर तुलसी की पूजा की जाती है, लकिन कहा जाता है कि कार्तिक मास में तुलसी के सामने दीपक जालने से मंनवांछित फल मिलता है। कार्तिक के महीने में तुलसी की नियमपूर्वक पूजा करने व दीपक जलाने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक महीने में भगवान श्री हरि को तुलसी चढ़ाने का फल गोदान के फल से कई गुना अधिक हो जाता है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में एकादशी के दिन यानी देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह भी किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु निद्रा से जागते हैं। इसलिए देव के उठने पर तुलसी विवाह को पवित्र मुहूर्त माना जाता है| इस साल तुलसी विवाह गुरुवार 26 नवंबर को किया जाएगा।
ऐसी मान्यता है कि जिस घर में तुलसी जी होती हैं ऐसे घर में यमदूत प्रवेश नहीं करते। तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से हुआ था, इसलिए कहा जाता है कि जो तुलसी जी की भक्ति करता है, उसको भगवान की कृपा मिलती है। एक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने तुलसी जी को वरदान दिया था कि मुझे शालिग्राम के नाम से तुलसी जी के साथ ही पूजा जाएगा और जो व्यक्ति बिना तुलसी जी मेरी पूजा करेगा, उसका भोग मैं स्वीकार नहीं करुंगा।
इस प्रकार करें पूजा
शास्त्रों के अनुसार तुलसी के चारों ओर स्तंभ बनाकर उसे तोरण से सजाना चाहिए तथा स्तंभों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाना चाहिए। रंगोली से अष्टदल कमल के साथ ही शंख चक्र व गाय का पैर बनाकर सर्वांग पूजा करना चाहिए। तुलसी का आवाहन करके धूप, दीप, रोली, सिंदूर, चंदन, नैवेद्य व वस्त्र अर्पित करना चाहिए। तुलसी के चारों और दीप दान करके उनकी विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए।
धर्म संसार / शौर्यपथ / गुरुवार को खरना के साथ निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। छठ पूजा का पहला दिन नहाय खाय होता है और व्रत का दूसरा दिन खरना होता है। हिंदु पंचांग के अनुसार यह कार्तिक मास की पंचमी को मनाया जाता है। गोधूली बेला में खीर और फलों का प्रसाद बना कर व्रतियां अघ्र्य देंगी। खरना का प्रसाद ग्रहण करने के साथ 36 घंटे का कठिन निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा।
21 नवंबर की सुबह उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देने के बाद व्रतियां व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ ही छठ महापर्व संपन्न होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व सभी छठ मैया की भक्ति में लगे रहते हैं।
खरना: सूर्योदय सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त शाम 05 बजकर 26 मिनट पर होगा।
क्या है खरना
छठ पूजा का व्रत में खरना के दिन पूरे दिन व्रत रखा जाता है। इसमें 36 घंटे के व्रत के दौरान न कुछ खाया जाता है और न ही जल पिया जाता है। शाम को छठवर्ती के घरों में गुड़, अरवा चावल व दूध से मिश्रित रसिया बनाए जाते हैं। रसिया को केले के पत्ते में मिट्टी के ढकनी में रखकर मां षष्ठी को भोग लगाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मां षष्ठी एकांत व शांत रहने पर ही भोग ग्रहण करती हैं।
इससे पहले नहायखाय के दिन व्रतियों ने घर को गंगा जल से पवित्र करने के बाद कद्दू (लौकी) की सब्जी, अरवा चावल, चने की दाल और अगस्त के फूल का पकौड़ा बनाया जाता है। नहाय खाय के दिन पहले व्रती प्रसाद (कद्दू-भात) ग्रहण करते हैं। इसके बाद घर के अन्य सदस्य और आसपास के लोगों ने प्रसाद ग्रहण करते हैं।
आज मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से बनेगा खीर
छठ व्रत के दूसरे दिन यानी गुरुवार को खरना में शाम में मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी से गन्ने की रस या गुड़ के साथ अरवा चावल मिला कर खीर बनाया जाएगा। खीर के साथ घी चुपड़ी रोटी और कटे हुए फलों का प्रसाद भगवान सूर्य को अर्पित किया जाएगा। दूध और गंगा जल से प्रसाद में अघ्र्य देने के बाद व्रतियां इसे ग्रहण करेंगी। खरना के बाद 21 नवंबर की सुबह अघ्र्य देने के बाद ही व्रत करने वाले जल और अन्न ग्रहण करेंगे।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई निगम प्रशासन में वर्तमान में प्रशासनिक मुखिया एक आईएएस अधिकारी है . ऐसा माना जाता है कि आईएएस स्तर के अधिकारी राजनितिक दबाव से परे शासन के नियमो का पालन करवाने में सर्वथा अग्रणी रहते है इन्ही आईएएस स्तर के अधिकारियो पर जिले ही नहीं प्रदेश तथा देश के विभागों की जिम्मेदारी रहती है जनप्रतिनिधि आते जाते रहते है किन्तु आईएएस स्तर के अधिकारी अपने कार्य का निर्वहन बिना भेदभाव के करते रहते है . वर्तमान में भिलाई निगम जो लगभग दो विधान सभा क्षेत्र के बराबर है की समस्त प्रशासनिक जवाबदारी आईएएस ऋतुराज रघुवंशी के ऊपर है और जनता को उम्मीद है की प्रशासनिक व्यवस्था एक मजबूत हांथो में है किन्तु भिलाई के ऐसे कई इलाके है जहां खुलेआम अतिक्रमण का बोलबाला है किन्तु भिलाई निगम विभाग मौन है ऐसा क्या कारण है कि गरीबो और छोटे तबको पर निगम प्रशासन की कार्यवाही त्वरित हो जाती है किन्तु कई मामलो में निगम प्रशासन मौन साधे बैठा होता है क्या इन मामलो में निगम प्रशासन किसी राजनितिक दबाव में कार्य करता है .

ऐसा ही मामला है भिलाई के सबसे व्यस्त बाज़ार माना जाने वाला बाज़ार आकाश गंगा . आकाश गंगा में निगम प्रशासन द्वारा निर्मित 5 ब्लाक है जिसे निगम प्रशासन द्वारा शर्तो के आधार पर लीज में दिया है किन्तु वर्तमान में निगम कार्यालय के समीप इस बाज़ार में अतिक्रमण का खुला खेल चल रहा है और भिलाई निगम प्रशासन और निगम के प्रशासनिक मुखिया मौन है . जबकि कुछ वर्ष पूर्व इसी तरह के अतिक्रमण पर भिलाई निगम के तात्कालिक प्रशासनिक मुखिया ( आयुक्त ) ने कार्यवाही कर निगम के पोर्च / बरामदे पर हो रहे कच्चे पक्के निर्माण को खाली करवाया था और बाज़ार की खूबसूरती लौटाने की पहल की थी किन्तु वर्तमान निगम आयुक्त द्वारा ऐसी कोई पहल जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रही जबकि इस अतिक्रमण की जानकारी निगम आयुक्त सहित बाज़ार विभाग , भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारियो सहित क्षेत्र के इंजीनियरों को भी है . क्या रसूखदारी के आगे भिलाई निगम प्रशासन बेबस है क्या भिलाई निगम प्रशासन का अतिक्रमण का डंडा सिर्फ मजबूर और निम्न तबके तक ही सिमित है क्या महापौर देवेन्द्र यादव का सुन्दर भिलाई का सपना ऐसे ही पूरा होगा क्या निगम प्रशासन जिस तरह गरीब तबको पर त्वरित कार्यवाही करता है ऐसी ही कार्यवाही आकाश गंगा के शापिंग काम्प्लेक्स पर भी करेगा या मौन रहकर अतिक्रमण को बढ़ावा देगा ?
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में रोज नए नए भ्रष्टाचार की ओर इशारा करने वाले मामले का खुलासा हो रहा है और भ्रष्टाचार का यह आलम निगम के पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली की लापरवाही को दर्शा रहा है . एक ओर जहाँ निगम के हर कार्य की वाहवाही लेने में दुर्ग विधायक अरुण वोरा सर्वेसर्वा होते है किन्तु जब भ्रष्टाचार की जाँच की बात आती है तो सभी एक दुसरे की ओर इशारा करते है .आखिर निगम के पीडब्ल्यूडी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर क्यों लगाम नहीं लगा पा रहे है शहर के विधायक अरुण वोरा और महापौर बाकलीवाल. क्या पीडब्ल्यूडी विभाग के भ्रष्टाचार पर इसी तरह की लगाम लगाने के लिए विधायक वोरा और महापौर बाकलीवाल ने मदन जैन को दरकिनार कर अब्दुल गनी को प्रभार दिया था .
मामला है दुर्ग निगम के मुख्यालय की पोताई के कार्य का . निगम मुख्यालय में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद दो निविदाये निकली जिसमे से एक निविदा में एमआईसी भवन के पोताई का कार्य तथा दुसरे निविदा में निगम मुख्यालय की पोताई का कार्य , कर्मशाला , जनसंपर्क , जन्म मृत्यु , स्वास्थ्य विभाग , अवाक् जावक , राजस्व विभाग और बाज़ार विभाग के बाहरी हिस्से एवं आयुक्त कार्यालय , लेखा शाखा ,व दोनों बरामदा की पोताई का कार्य करने की निविदा जारी हुई दोनों ही निविदा में कार्य दो अलग अलग ठेकेदार द्वारा कार्य किया गया एमआईसी भवन को छोड़ शेष निगम के पोताई का कार्य एवरग्रीन के द्वारा किया गया जिसकी निविदा राशि सवा लाख की थी किन्तु भुगतान 80 हजार का हुआ वही एमआईसी भवन के 12 कमरे जिसमे एक एक एक दीवाल पर वाल पेपर जो निविदा से हटकर है किया गया जिसकी निविदा राशि डेढ़ लाख है और यह कार्य संजीत कुमार के द्वारा किया गया है व भुगतान भी पूरा हो गया. दोनों ही कार्य में भारी अंतर के बाद भी इस कार्य की जांच तो होना दूर इसका भुगतान तक कर दिया गया है और एक बार फिर पीडब्ल्यूडी विभाग एक नए भ्रष्टाचार के भवर जाल में मौन सहमती देते हुए नए भ्रष्टाचार जिसमे एमआईसी भवन में अन्य कार्यो को मनचाहे ठेकेदार के द्वारा कराने की राह में निकल पडा .
क्या 15 साल बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़कर सुशासन की बात करने वाली कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के रिकार्ड तोडऩे की ओर कदम बढ़ा रही है या फिर दुर्ग के विधायक इस भ्रष्टाचार के मामले को संज्ञान में लेकर कोई सख्त कदम उठाएंगे या मौन रहकर विभाग के भ्रष्टाचार कार्य पर अपनी सहमती देंगे ? क्या दुर्ग निगम के सबसे वरिष्ठ पार्षद और एमआईसी प्रभारी मामले को संज्ञान में लेकर कार्य करने वाले ठेकेदार पर कार्यवाही की अनुशंषा करेंगे या मौन रहेंगे ? नाली में कचरा फेकते पाए जाने पर आम जनता से जुर्माना वसूलने का आदेश देने वाले निगम आयुक्त क्या एमआईसी भवन के पोताई कार्य की निष्पक्षता से जाँच कर सम्बंधित ठेकेदार / अधिकारियो पर कार्यवाही करेंगे या मौन रहेंगे ?
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल 19 नवम्बर को अपने निवास कार्यालय से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजधानी रायपुर में टेनिस स्पोर्ट अकादमी निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सांस्कृतिक भवन से लगी 4 एकड़ भूमि में टेनिस स्पोर्ट अकादमी का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 17 करोड़ 75 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यादेश जारी कर दिया गया है। अकादमी के निर्माण के लिए 15 माह का समय निर्धारित किया गया है।
टेनिस स्पोर्ट अकादमी के अंतर्गत एडमिन बिल्ंिडग, हॉस्टल बिल्ंिडग और टेनिस कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। एडमिन बिल्ंिडग के भू-तल में वेटिंग रूम, रिसेेप्शन, दो चेंजिंग रूम, दो हॉल, पार्किंग एरिया एवं प्रथम तल में जिम, डायनिंग एरिया, वेटिंग एरिया तथा द्वितीय तल में व्ही.आई.पी. लॉज और 3500 क्षमता के पावेलियन का निर्माण किया जाएगा। हॉस्टल बिल्ंिडग के भू-तल में रिसेप्शन एवं वेटिंग रूम, अधीक्षक रूम, कार्यालय, व्ही.आई.पी. रूम और पार्किंग, प्रथम तल में कैरम रूम, टेबल टेनिस रूम, किचन, डायनिंग। द्वितीय तल में 17 रूम, हाऊस किपिंग एवं तृतीय तल में 17 रूम हाऊस किपिंग का निर्माण किया जाएगा साथ ही एक इंटरनेशनल टैनिश कोर्ट (सिंथेटिक कोर्ट) और 5 प्रेकटिस कोर्ट (सिंथेटिक कोर्ट) का निर्माण किया जाएगा।
रायपुर / / शौर्यपथ /मुख्यमंत्री बघेल 19 नवम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर महिलाओं के लिए स्पेशल क्लीनिक दाई-दीदी क्लीनिक का शुभारंभ करेंगे। महिलाओं के लिए शुरू की जाने वाली यह स्पेशल महिला मेडिकल मोबाइल क्लीनिक देश में अपनी तरह की पहली अनूठी क्लीनिक होगी। क्लीनिक की गाड़ियों में केवल महिला मरीजों को ही निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। दाई-दीदी क्लीनिक गाड़ियों में केवल महिला स्टाफ तथा महिला डॉक्टर, महिला लैब टेक्नीशियन एवं महिला एएनएम ही कार्यरत रहेंगे। इस क्लीनिक के शुरू होने से महिला श्रमिकों एवं स्लम क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं एवं बच्चियों को अपने घर के निकट ही महिला डॉक्टरों के माध्यम से इलाज की सुविधा मिलेगी।
इस क्लीनिक का संचालन मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश के तीन बड़े नगर पालिक निगम रायपुर, भिलाई एवं बिलासपुर में महिलाओं के लिए एक-एक दाई-दीदी क्लीनिक शुरू की जा रही है। इस क्लीनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं विशेष जांच आदि की अतिरिक्त सुविधा होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से शहरों में स्थित आंगनबाड़ी के निकट पूर्व निर्धारित दिवसों में यह क्लीनिक स्लम क्षेत्र में लगाया जाएगा। इस क्लीनिक के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं, बच्चों आदि के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न हितग्राहीमूलक परियोजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
गौरतलब है कि जनरल क्लीनिक में महिलाओं के लिए पृथक जांच कक्ष और काउंसलर नहीं होने से महिलाएं परिवार नियोजन के साधन, कॉपर-टी निवेशन, आपातकालीन पिल्स की उपलब्धता, गर्भनिरोधक गोलियां, साप्ताहिक गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन, परिवार नियोजन परामर्श, एसटीडी परामर्श में शर्म का अनुभव करती है। इस महिला क्लीनिक में डेडीकेटेड महिला स्टाफ होने से अब इस प्रकार के परामर्श निःसंकोच ले सकेंगी।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ राज्य खाद्य आयोग की वेबसाइट khadya.cg.nic.in/cgsfc/ का लोकर्पण किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इस वेबसाइट के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित खाद्य और पोषण सुरक्षा से जुड़ी 5 योजनाओं की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निराकरण हो सकेगा। इन योजनाओं के हितग्राही आवश्यकता होने पर सीधे वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें राज्य खाद्य आयोग के कार्यालय या इससे संबंधित कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य खाद्य आयोग का गठन सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्यान्ह भोजन योजना, पूरक पोषण आहार योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना और छात्रावास आश्रमों को बीपीएल दर पर पोषण आहार सहायता योजना के क्रियान्वयन की निगरानी और शिकायत निवारण के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के भ्रमण में जाने पर कई बार इन योजनाओं के संबंध में शिकायतें मिलती रही हैं। लेकिन शिकायतों के निवारण के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई थी। खाद्य आयोग की इस वेबसाइट के माध्यम से ऐसी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से त्वरित निराकरण हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गठित किए गए इस आयोग के माध्यम से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा संबंधी योजनाओं की सतत् निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा। तकनीक का उपयोग कर शिकायत निवारण की बेहतर प्रणाली आयोग द्वारा बनायी गई है। इस वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान से अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। वेबसाइट पर ही शिकायत के निराकरण की स्थिति की जानकारी भी मिल सकेगी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि केन्द्र की यूपीए सरकार ने भोजन का अधिकार कानून के तहत हर व्यक्ति को पांच किलो अनाज देने का अधिकार दिया था। छत्तीसगढ़ में प्रति परिवार 35 किलो चावल दिया जा रहा है। उन्होंने इस अच्छी पहल के लिए राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष सहित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर कहा कि हमारी कोशिश है कि राज्य सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से पारदर्शिता के साथ हो। इस वेबसाइट से इस कार्य में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वेबसाइट के माध्यम से आयोग की कार्य प्रणाली का लोगों के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार होगा और वे योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से उठा सकेंगे। राज्य सरकार के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरूप्रीत सिंह बाबरा ने कहा कि काफी कम समय में राज्य खाद्य आयोग द्वारा यह वेबसाइट तैयार की गई है। इसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सकेगा। खाद्य सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आयोग की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य खाद्य आयोग द्वारा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शिकायत निवारण अधिकारी बनाया गया है। शिकायतकर्ता सीधे राज्य खाद्य आयोग में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राज्य खाद्य आयोग स्वयं भी शिकायतों के बारे में संज्ञान ले सकेगा। राज्य खाद्य आयोग को सिविल कोर्ट का दर्जा प्राप्त है।
राज्य खाद्य आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल ने बताया कि अब तक 634 शिकायतें दर्ज की गई थी, जिनमें से 560 निराकृत कर दी गई है। कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि खाद्य और पोषण सुरक्षा योजनाओं के हितग्राही इस वेबसाइट पर अपने सुझाव भी दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य खाद्य आयोग की निगरानी के अधीन योजनाओं के हितग्राहियों को पात्रतानुसार नियमित रूप से निर्धारित गुणवत्ता की राशन सामग्री प्राप्त न होने की दशा में राज्य खाद्य आयोग की वेबसाइट, खाद्य विभाग के कालसेंटर नम्बर 1967, 1800-233-3663 अथवा राज्य खाद्य आयोग के नंबर 0771-2972924 में सीधे शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा सहित प्रदीप चौबे और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक निरंजनदास भी उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उत्तर भारतीय और भोजपुरी समाज सहित समस्त प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सभी लोगों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की है। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छठ पूजा सूर्य और छठी मइया की उपासना का पर्व है। इस पर्व में माताओं और बहनों द्वारा कठिन तपस्या कर परिवार की बेहतरी और सुख-समृृद्धि के लिए नदी, तालाब के किनारे सूर्य को अर्ध्य देकर मंगल कामना की जाती है। भारत के विभिन्न प्रदेशों के समान छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा करते हैं। श्री बघेल ने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्था और भावना का सम्मान करते हुए बिहार के बाद छत्तीसगढ़ में छठ पूजा के दिन सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सूर्य जीवन ऊर्जा का स्रोत और आधार है। छठ पूजा सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता और आभार प्रकट करने का पर्व हैं। यह पर्व भाईचारा, सामुदायिक सौहार्द लाने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति के करीब लाता है। श्री बघेल ने कहा कि कोराना संकट अभी टला नहीं है। कोरोना संक्रमण के दौर में पूजा के साथ अपनों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने अपील की है कि सभी लोग छठ पूजा के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
