August 08, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग महानदी भवन, नवा रायपुर के पत्र के अनुसार कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्र में धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रम का आयोजन हेतु जारी मानक संचालन प्रक्रिया(एस.ओ.पी) का कड़ाई से पालन करते हुए नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम को दृष्टिगत करते हुए दिनांक 20 नवंबर 2020 को छठ पूजा के आयोजन के संबंध में निर्देश प्रसारित किए गए हैं। जिसके अनुसार छठ पूजा स्थलों पर केवल पूजा करने पर वाले व्यक्ति ही शामिल होंगे, अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी आयोजक समितियों की होगी। छठ पूजा स्थलों पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क व सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के मापदंडों का पालन तथा सैनिटाइजर का उपयोग करना होगा।
    छठ पूजा में किसी प्रकार की जुलूस, सभा, रैली सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन नहीं किया जाएगा। छठ पूजा स्थलों में पान, गुटखा इत्यादि खाकर थूकना प्रतिबंधित रहेगा।छठ पूजा में प्रातः 6:00 बजे से प्रातः 8:00 बजे तक की हरित (ग्रीन)पटाखे फोड़ने की अनुमति रहेगी। आयोजनकर्ता व आयोजक कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर कोरोनावायरस से सुरक्षा हेतु दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
    इन सभी निर्देशों के अतिरिक्त भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के आदेश दिनांक 4 जून 2020 के अंतर्गत एस.ओ.पी का पालन अनिवार्य रूप से होगा। निर्देश का उल्लंघन करने पर एपिडेमिक डिजीज एक्ट एवं विधि अनुकूल अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    नवागढ़ / शौर्यपथ / भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली व राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के मार्गदर्शन में 67 वें सहकारी सप्ताह के 5 वें दिवस का आयोजन राज्य सहकारी संघ रायपुर, बेमेतरा जिला सहकारी संघ और इफको बेमेतरा के संयुक्त तत्वाधान में सेवा सहकारी समिति मर्यादित हटहाडाडू के प्रांगण में हुआ
    सहकारी सप्ताह कार्यक्रम के आरम्भ में भारतमाता और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के तैल्यचित्र में अतिथियों के हाथों दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर किया गया,राज्य सहकारी संघ अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता ने सहकारी सम्मेलन की बधाई देते हुए कहा कि सहकारिता हमें शक्तिशाली बनाता है,सहकारिता ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य सहकारी संघ रायपुर, सेवा सहकारी समितियों और जिला सघों ने अपना आर्थिक और शारिरिक सहयोग किए हैं पुनर्गठन के बारे में बताया कि प्रदेश में 725 समितियों का पंजीयन किया गया हैं देश के प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया और प्रदेश के राज्य सरकार ने नरवा गरवा घुरवा बारी का नारा दिया है,सहकारी सप्ताह इसी तरह प्रति वर्ष आयोजित होगा जिसमें आप सभी का भागीदारी होनी चाहिए,
    राज्य सहकारी संघ उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटिया ने दीपावली की बधाई देते हुए अपनी बात कृषक बंधुओ के समक्ष रखी कहा कि कोरोना काल के चलते पिछले 7-8 माह में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा,कोविड 19 के दौर में बाहर कार्य करने वाले लोग और किसान,नॉकरी पेशा वाले सभी को एक बहुत बड़ी चिंता आगामी समय की सताने लगी लेकिन लोगो ने हार नही मानी,
    नए समितियों के निर्माण में 21 सदस्यों की जरूरत होती थी जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक प्रस्ताव पारित किया की 10 सदस्य मिल कर समिति बना कर कार्य कर सके, उपस्थित कृषक बन्धुओं से आग्रह किया की ऐसे सहकारी समिति का गठन करें जिसमे से उत्पादित पूर्व विधायक एवं जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष डोमेन्द्र भेड़िया ने सहकारिता के नारों के साथ अपनी बात रखी कहा वर्तमान राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान के हित का कार्य कर रहे हैं तभी 2500 रुपए क्विंटल में भी धान खरीदी करवा रहें हैं
    पुरषोतम पटेल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि बिन सहकार नही उद्धार आप सभी को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि कोरोना काल मे हमारे सहकारी बन्धुओ और कृषको ने डट कर कोरोना जैसे महामारी से निपटा है वो काबिले तारीफ़ है,
    राज्य विपरण प्रबंधक एस के चौहान ने बताया कि किसानों के खेतों में खाद के रूप में चौथी बोरी इफको है,राज्य सरकार का धन्यवाद किया गोबर को कम्पोस्ट खाद बनाकर खेतो में खाद के रूप में उपयोग करने को लेकर जागरूक किया है जिससे स्वयं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम किया हैं,हम स्वयं के निर्मिति उत्पादों को मार्केट से या बाहरी कम्पनी से अधिक मूल्य में खरीद कर हम ला रहे है मतलब मेहनत आप हम किये और फायदा और लाभ किसने कमाया वो जो घर मे बैठा है तो आप अपना कीमत पहचाने तभी आपको अपना मूल्य मिल पाएगा,
    विनय कुमार शुक्ला ने कहा यह सहकारिता का महापर्व सहकारिता के माध्यम से घर बैठे हम कार्य कर पैसे कमा सकते हैं और उसको बेच भी सकते हैं,पशुपालन से किस प्रकार कार्य कर आगे बढ़ सकते है किस प्रकार पैसे का आवक हो सकता है।
    कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतिथियों में राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता,राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटिया,पूर्व विधायक एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के पूर्व अध्यक्ष डोमेन्द्र भेड़िया,पुरषोत्तम पटेल,संचालक सदस्य हरीश तिवारी,विपरण प्रबंधक एस के चौहान, मुख्य प्रबंधक इफको एस के सिंह,राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर सीईओ विनय कुमार शुक्ला, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक महेन्द्र कुमार टेकाम,जिला सहकारी संघ मर्यादित बेमेतरा प्रबंधक सोमेन्द्र कुमार साहू,समिति प्रबन्धक शेष नारायण टोन्ड्रे,जीवराखन साहू,नजीरुद्दीन शेख,रघुनंदन वैष्णव, लखन लाल साहू,गोपेश साहू,बलभद्र ठाकुर दिनेश गांधी इफको बेमेतरा दिलीप जायसवाल सहित कृषक बन्धु उपस्थित रहे, उक्त समस्त जानकारी बेमेतरा जिला सहकारी संघ मर्यादित बेमेतरा सहायक प्रबंधक सृजन धर दीवान ने दी ।।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग ग्रामीण के कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ शासन के वरिष्ठ मंत्री ताम्रध्वज साहू इन दिनों सीधे तौर पर एक्शन मोड में देखे जा रहे है। लगातार ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों का दौरा कर क्षेत्रवासियों से उनकी समस्याएं व मांगों की जानकारी लेकर उसे पूरा करवाने व उसके लिए जल्द से जल्द भूमिपूजन कर कार्य को शुरू करने को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का कार्य इन दिनों वे कर रहे हैं। उन्होने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ये स्पष्ट लहजे में कहा है कि रिसाली जो नया नगर निगम बना है, उसके लिए चुनाव होना है। हर हाल में हमें रिसाली के इस निगम चुनाव में परचम लहराना है। रिसाली के 40 वार्डो में दो वार्ड करके बैठकों का दौर भी शुरू करने का निर्देश भी कार्यकर्ताओं को दिया है।
    वही स्पष्ट रूप से कार्यकर्ताओं से कहा है कि टेंट लगाना, स्वागत करना, फूलमाला पहनाना, पटाख फोडऩे पर ध्यान नही देते हुए नये कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक जोडऩे का कार्य करे, जिसमें उर्जावान युवाओं को अधिक जोडे जिसके पार्टी को अधिक लाभ मिले। गत दिवस उनके निवास पर नरेश कोठारी, श्री कोरी सहित अन्य नेताओं ने मंत्री श्री साहू से कहा कि नये व उत्साही युवा लोग वार्डों में विकास कार्यों सहित जनसेवा के कार्यों को अंजाम दे रहे हेै, उन्हें पुराने कार्यकर्ता व नेता पचा नही पा रहे हैं। उस पर मंत्री साहू ने कहा कि आप क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता दे, बाकी लोगों को मैं समझ लूंगा। इस दौरान नरेश कोठारी ने ताम्रध्वज साहू को यह भी बताया कि हम जहां भाजपा का गढ है, वहां कैसे आगामी निगम चुनाव में कैसे कांग्रेस का परचम लहरा सकते है। आप रिसाली निगम क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में इतना अधिक विकास कार्य करा रहे है लेकिन भाजपाई आपका कोई नाम नही ले रहे हैं। मंत्री साहू ने इस दौरान स्पष्ट कहा कि होने वाले कार्यों का तुरंत नारियल फोडकर भूमिपूजन भी करूंगा, इन क्षेत्रों में विकास के लिए राशि की कोई कमी नही होने दूंगा। दुर्ग ग्रामीण के दौरे के बाद अब शहरी इलाकों में अपना दौरा कार्यक्रम शुरू कर वहां जनता से जानकारी ले रहे है इन क्षेत्रों में किस प्रकार का विकास कार्य कराना है।

    भिलाई / शौर्यपथ / बीएसपी के डॉन यानि बीएसपी के एक बड़े जिम्मेदार विभाग के एक अधिकारी फिल्मों में डान का रोल अदा करके चर्चा में आने वाले इस प्रसिद्ध अधिकारी को आजकल जान का खतरा हो गया है। वो कोई और नही बल्कि भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप पीएचडी विभाग के उपमहाप्रबंधक के के यादव है। उन्होंने इसकी शिकायत एस पी प्रशांत ठाकुर और कलेक्टर दुर्ग से करते हुए आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने आवेदन दिया है। इसके अलावा श्री यादव ने इसकी जानकारी प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद विजय बघेल एवं भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव, मुख्य सचिव, डीजीपी, ईडी पीएण्डडे, उप महाप्रबंधक डायरेक्टर इंचार्ज सचिवालय बीएसपी, अध्यक्ष आफिसर एसोसिएशन और सीएसपी भिलाई नगर को अपने जान जाने की आशंका जताते हुए धमकी देने वालों पर कार्यवाही करवाने की मांग की है।
    टाउनशिप के स्वास्थ्य प्रभारी के के यादव ने अपने आवेदन के माध्यम से एसपी, गृहमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से बताया कि 01 अगस्त 2020 से टाउनशिप क्षेत्र में डोर टू डोर गार्वेज कलेक्शन का कार्य एक निजी एजेंसी के द्वारा कराया जा रहा है। बीएसपी और शासन के सभी नियम और शर्तों के तहत श्रमिकों का पूरा वेतन आनलाईन, आरटीजीएस, एनईएफटी के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खाते में डाला जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप ईपीएफ और ईएसआई का पैसा भी जमा कराया जा रहा है। वर्ष में एक बार बोनस व एनुवल बेनीफिट जैसे ईएल रिट्रिजमेंट सुविधा भी श्रमिकों के खाते में आनलाईन वेतन डाला जा रहा है,आईआर सीएलएसी विभाग द्वारा पेमेंट से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। कचरा कलेक्शन में लगे कचरा ट्राली भी निविदा नियमों के तहत कमर्शियल रजिस्ट्रे्रशन के तहत काम कर रहे हैं।
    सीटू ठेका प्रकोष्ठ के नेता योगेश सोनी, जमील अहमद, प्रितम बंजारे, सुखीराम, अभिषेक गुप्ता सहित कुछ असामाजिक तत्व और बाहरी श्रमिक जो कि डोर टू डोर गार्वेंज कलेक्शन के सेक्टर 4 और 5 के 50 से अधिक श्रमिक गत 11 नंवबर को सेक्टर 8 पीएचडी विभाग में घुसकर वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मियों पर हमला बोल दिये और मुझे जान से मारने की कोशिश की, इस दौरान पुलिस वालों ने मेरी रक्षा की जिसके कारण मेरी जान बच गई। घटना स्थल पर इनफोर्समेंट विभाग, आईआर विभाग, सीएलसी व पीएचडी के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे। इन सबकी मौजूदगी में सीटू नेताओं और श्रमिकों ने मेरे साथ गाली गलौच करते हुए अशोभनीय अपशब्द के साथ धमकी भी दिये कि तुम्हारे पूरे विभाग का कार्य ठप्प कर देंगे। इन लोगों ने शासकीय कार्य में एक ओर बाधा डाले हैं। शासन द्वारा पीएचडी क्षेत्र को संरक्षित घोषित होने के बावजूद भी सीटू नेताओं ने यहां आकर हल्ला बोला जो कि कानून का उल्लंघन है। चूंकि यह कार्यालय सेन्ट्रल एवन्यू के मुख्य मार्ग के किनारे है। सीटू नेता श्रमिकों को उकसाने का कार्य कर रहे हैँ। भिलाई की शंात वातावरण को बिगाडऩे की कोशिश भी ये नेता कर रहे हैं। इसके कारण अधिकारी और कर्मचारियों में भय व दशहत का वातावरण है। सीटू नेताओं द्वारा संयंत्र के ठेकेदारों से उगाही की कोशिश की जाती रही है, जो इनकी बातें नही मानता उन्हें ये विभिन्न तरीके से परेशान करते हैं। पिछले कुछ दिनों से ये नेता सेक्टर 9 हॉस्पिटल, एजूकेशन विभाग, टीएण्डडी विभाग में भी दहशत और भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
    यादव ने एसपी प्रशांत ठाकुर से आग्रह किया है कि इन सीटूओं के विरूद्ध हत्या का प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा डालना, श्रमिकों को जबरन उकसाने ओैर पीएचडी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमलो करने वालों लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करें। ये लोग मुझे झूठे और फर्जी केस में फंसाने की धमकी भी देते हुए कहते है कि मुझे ये एससी, एसटी केस में भी तुमकों फंसा देंगे। पुलिस विभाग पीएचडी विभाग को सुरक्षा प्रदान करें।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा एवं पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने आज कोविड-19 संक्रमण के मद्देनर राजनांदगांव शहर के प्रमुख मार्केंट एवं सब्जी बाजार का आकस्मिक निरीक्षण कर मास्क का उपयोग नहीं करने वालों पर चालानी कार्रवाई एवं कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने वाले दुकानों पर सील बंद की कार्रवाई की गई। कलेक्टर, एसपी एवं उनकी टीम ने मानव मंदिर चौक, सिनेमा लाईन, गुड़ाखू लाईन, सब्जी मार्केट एवं जयस्तंभ चौक का भ्रमण कर निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि दीपावली त्यौहार के दौरान लोगों में बिना मास्क के निकलने की प्रवृत्ति बढ़ी है। दुकानदार एवं लोगों को मास्क का प्रयोग आवश्यक रूप से करने के लिए कहा गया है, अन्यथा चालानी एवं दुकान सीलबंद की कार्रवाई की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही से कोरोना संक्रमण बढऩे की संभावना बनती है। जैसे ही कोरोना के लक्षण दिखाई दे तत्काल जांच कराना चाहिए, ताकि जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि दीपावली के दौरान लोगों में मास्क लगाने के प्रति सिथिलता आयी है। सभी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन करें तथा सर्तक एवं सजग रहे।
    इस अवसर पर बिना मास्क के दिखाई देने वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई कर उन्हें मास्क लगाने की समझाईश दी गई। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर अग्रवाल मेटल स्टोर्स को सील बंद करने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर वर्मा ने कालीचरण गुप्ता के परिवार में उनके परिजनों को कोविड-19 होने के बावजूद दुकान खुला रखने पर राष्ट्रीय आपदा अधिनियम 188 का उल्लंघन करने पर सील बंद करने तथा एफआईआर करने के निर्देश दिए है। भ्रमण के दौरान बिना मास्क के दिखाई देने वाले युवक-युवतियों एवं महिलाओं सभी को कोविड-19 के दुष्परिणामों से आगाह करते हुए समझाईश दी गई। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, एसडीएम मुकेश रावटे, सीएसपी श्री मणिशंकर चंद्रा, प्रशिक्षु डीएसपी मयंक रणविजय एवं रूचि वर्मा सहित जिला, पुलिस, राजस्व एवं नगर निगम की टीम उपस्थित थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / हिंदी भवन में आज संभाग के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में अधिकारियों को राजस्व एवं कानून व्यवस्था से जुड़े सैद्धांतिक एवं मैदानी क्षेत्र में उपयोगी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संभागायुक्त टीसी महावर ने कहा कि राजस्व अधिकारी बहुमुखी अधिकारी होते हैं। वे अपने अधिकारों का पूरी तरह क्रियान्वयन कर जनहित में बेहतरीन कार्य कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे भू राजस्व संहिता सहित रेवेन्यू एवं नियमों एवं कानूनों पर लिखी पुस्तकों का नियमित अध्ययन करें। नियमों की जानकारी जितनी ज्यादा होगी, प्रशासनिक रूप से आप उतने ही प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक पक्ष के साथ ही अपने मैदानी स्तर की व्यावहारिक समझ एवं संवेदना भी बेहद जरूरी है। पूरे ध्यान से आवेदक की बातें सुने एवं यथासंभव उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी न्यायालय के लिए नियत दिनों में कोर्ट में बैठकर कोर्ट में न्यायालयीन कार्य करें। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा भ्रमण करने एवं मौके पर ही मामलों के निराकरण के लिये निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अपने रूटीन कामों के साथ ही शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विशेष नजर रखें और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
    इस मौके पर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला बहुत उपयोगी होती है क्योंकि मैदानी स्तर पर की अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। पूर्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने जिस कुशलता के साथ इन्हें हल किया, उनके अनुभव का लाभ आप लोगों को मिलता है। सीसीफ श्रीमती शालिनी रैना ने कहा कि वनाधिकारपत्रों के मामले में वन विभाग के समन्वय से बहुत सारे लोगों की मदद की जा सकती है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि कोर्ट बहुत महत्वपूर्ण होता है। लोग काफी उम्मीद लेकर आते हैं। यथासंभव कोर्ट में मौजूद रहने की कोशिश करें। इस तरह का समन्वय बनायें कि कोर्ट के कार्य प्रभावित न हों। एसपी प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए राजस्व विभाग और पुलिस में अच्छा समन्वय बहुत आवश्यक होता है। यहां एक और एक मिलकर दो नहीं होता ग्यारह हो जाते हैं।
    वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है-
    संभागायुक्त ने कहा कि मैदानी स्तर में लगातार काम करने के दौरान हमारी पढऩे की आदत छूटती हैं और हम अक्सर नियमों से संबंधित किताबें नहीं पढ़ पाते। यह बेहद जरूरी है इससे त्वरित और न्यायपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने प्रश्न भी राजस्व अधिकारियों से पूछे। भू राजस्व संहिता में फारसी के शब्दों के अर्थ और उनका प्रशासनिक उपयोग भी उन्होंने पूछा। मसलन वाजिब उल अर्ज और निस्तार पत्र में क्या अंतर है अथवा तौजियां पत्र किसे कहते हैं इस तरह के प्रश्न, साथ ही उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं जैसे गोधन न्याय योजना आदि के नवीन निर्देशों के बारे में भी अधिकारियों से पूछा। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से भी अपने विचार रखने कहा।
    टूर सेगमेंट प्रोग्राम पर दिया फोकस-
    संभागायुक्त ने कहा कि टूर सेगमेंट प्रोग्राम राजस्व अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इससे अपने कार्यक्षेत्र की समझ बढ़ती है। लोगों से प्राथमिक जानकारी मिलती है जिससे उनके लिए बेहतर कार्य करने की गुंजाइश बनती है। उन्होंने कहा कि दौरे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की स्थिति, अस्पतालों की स्थिति, स्कूलों में मध्याह्न भोजन, पटवारी हल्कों का निरीक्षण, छात्रावास, पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के अप्रत्याशित आवागमन आदि बातों पर भी विशेष ध्यान रखें।
    कार्य की प्राथमिकता और समन्वय सबसे जरूरी-
    संभागायुक्त ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के लिए कार्य की प्राथमिकता तय करना और अन्य विभागों से समन्वय बेहद जरूरी है। इन दोनों क्षेत्रों में विशेष ध्यान देकर बेहतरीन कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सक्रिय मौजूदगी के साथ ही कार्यालयीन प्रणाली में भी दक्षता बेहद आवश्यक है। इन दोनों गुणों का संयोग आपको अच्छा अधिकारी बनाएगा और लोग अच्छे अधिकारी को केवल काम के कारण ही याद करते हैं। संभागायुक्त ने आशा की कि इस कार्यशाला से अधिकारियों को काफी मदद मिलेगी। समय-समय पर इस तरह की कार्यशाला का आयोजन किया जाता रहेगा।

    व्रत /त्यौहार /शौर्यपथ / छठ महापर्व न सिर्फ एक साधना है बल्कि यह आपको बीमारियों से बचने और स्वस्थ रहने की भी सीख देता है। छठ महापर्व में अर्घ्य देने में प्रयुक्त होनेवाली सामग्रियों में से अधिकांश स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहती हैं और आयुर्वेद में इनका खास महत्व भी है। इनमें प्रयुक्त होनेवाले फल व अन्य खाद्य सामग्री रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ठंड से लड़ने में शरीर को तैयार करती है। साथ ही इनसे कई बीमारियों से बचाव भी होता है।

    आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी छठ में प्रयुक्त होनेवाले आंवला, हल्दी, ईंख, अनानास, पानी फल सिंघाड़ा, नारियल, सुथनी, ठेकुआ आदि को स्वस्थ रहने का माध्यम बताया है। वहीं सूर्योपासना से विटामिन डी मिलता है और कुष्ठ रोग से भी बचाव होता है। सभी सामग्री पित्त संबंधी विकारों को दूर करती है। पटना आयुर्वेदिक कॉलेज के अधीक्षक डॉ. वीएस दूबे, उपाधीक्षक डॉ. धनंजय शर्मा और आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. मधुरेंदु पांडेय ने छठ में प्रयुक्त होनेवाली सामग्रियों को गुणों की खान बताते हुए ठंड में होनेवाली बीमारियों से बचाव का साधन बताया।

    आंवला
    विटामिन सी, कैल्शियम, ठंड ऋतु के प्रकोप से बचाव, प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करता है।

    हल्दी
    एंटी एलर्जिक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी सेप्टिक, घाव, दर्द और सूजन में राहत। कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल।

    अदरक
    शरीर को गर्म रखता है। कोरोना काल में इसका महत्व काफी बढ़ा है। कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल।

    गुड़
    पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार, शरीर के विकारों को निकालता है, शरीर को गर्म रखता है।

    अनानास
    पोटैशियम, रिच फाइबर, विटामिन ए, सी, एंटी ऑक्सीडेंट, पाचन शक्ति बढ़ाने में मददगार।

    नारियल
    हाई फाइबर, कैल्शियम, मिनिरल, विटामिन बी, हाई बीपी, किडनी, पेट की बीमारियों से बचाव।

    सेव
    विटामिन ए, बी, सी, ई और के, वजन कम व कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार, शुगर, अस्थमा वाले मरीज के लिए फायदेमंद, सर्वगुण संपन्न फल

    गागर नींबू
    विटामिन सी, पोटैशियम, रिच फाइबर, वजन कम करने में मददगार, एंटी ऑक्सीडेंट, पाचन शक्ति बेहतर करने में मददगार।

    ईंख
    इसका रस शक्तिदायक, पाचनशक्ति, ताकत, स्फूर्ति बढ़ाने में मददगार।

    पानी फल
    लो फैट, विटामिन बी 6, पोटैशियम से भरपूर।

    सूर्य को अर्घ्य देने का है खास महत्व
    शाम और सुबह को सूर्य को अघ्र्य देते समय सूर्य निकलनेवाली पारा बैंगनी किरणें तिरछी निकलती हैं। शरीर पर इन किरणों के पड़ने से विटामिन डी का निर्माण होता है। विटामिन डी स्वस्थ रहने के लिए काफी महत्वपूर्ण तत्व है। यही कारण है कि हमारे पूर्वजों ने छठ के एक-एक विधानों को स्वस्थ शरीर रखने की आवश्यकतानुसार तैयार किया है। इससे एक ओर सूर्य, गंगा, स्वच्छता के महत्व को बताया गया है तो कठोर व्रत से शरीर के विकारों को दूर कर स्वस्थ रखने की कवायद की जाती है।

    सेहत /शौर्यपथ / कोरोना के मद्देनजर चल रहे वर्क फ्रॉम होम में वजन कम करना बेहद मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कुछ लोग स्ट्रिक्ट डाइट की सलाह देते हैं तो अन्य भारी वर्कआउट के महत्व पर जोर देते हैं। लेकिन वजन घटाने के इन नियमों का पालन करने के अलावा, आपको इन दोनों और अन्य चीजों के बीच संतुलन बनाना भी सीखना चाहिए। ऐसा करने के लिए, आपको जीवन जीने के स्वस्थ विकल्प बनाने चाहिए जो न केवल आपको सही मात्रा में वजन कम करने में मदद करते हैं, बल्कि आपको हेल्दी भी रखते हैं। फेस्टिव सीजन में पूरी, पकवान और मिठाई खाने बाद इन 6 तरीकों से आप आसानी से अपना वजन कम कर सकते हैं-
    1.एक हेल्दी डाइट चार्ट प्लान करें
    हेल्दी खाना वजन कम करने की कुंजी है। आपको तृप्त रखने के अलावा, यह दूसरे बाहर के अनहाइजीनिक खाने से आपको दूर रखता है। बाहर का खाना वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में से एक है। इसके अलावा, जरुरी है कि आप एक साप्ताहिक डाइट प्लान बनाए, इससे आपको अपने भोजन को पहले से तय करने में मदद मिलेगी जो आपको दूसरे किसी भी प्रकार के बाहर के खाने से बचाएगा।
    2. रोज वर्कआउट या एक्सरसाइज करें
    अपने टाइम-टेबल में एक्सरसाइज या वर्कआउट एड करने से आप आसानी से कैलोरी बर्न कर सकते हैं। यह न केवल आपको वजन कम करने और फिट शरीर बनाए रखने में मदद करता बल्कि आपको डाइटिंग नाम पर न खाने और न भूखे रहने की आजादी देता है।
    3. जंक फूड की जगह खाएं घर का खाना
    कई लोग, विशेष रूप से युवा पीढ़ी, एक टोंड और स्लिम बॉडी प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हालांकि, जब खाने की बात आती है, तो वे अपने आसपास उपलब्ध सभी जंक फूड को ‘न’ नहीं कह पाते हैं। इसलिए, यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो अपने खाने की आदतों में कुछ बदलाव करें। बाहर के खाने के बजाय घर का खाना खाएं।
    4. कभी खाना न छोड़ें
    भोजन छोड़ना और खुद को भूखा रखना वजन कम करने के लिए एक अच्छे विकल्प की तरह लग सकता है। हालाँकि, यह एक मिथक है जिसे आपको दूर करना चाहिए। भोजन स्किप करने से आपको अधिक भूख लगती है। जिसके बाद आप नॉर्मल से अधिक खाना खाते हैं। इसलिए, आपको कभी भी खाना नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि आपको इसे नियंत्रित करना चाहिए।
    5. पानी पीते रहें
    पानी एक कुशल मात्रा में वजन कम करने के लिए जरुरी होता है। आप इससे हाइड्रेटेड रहते हैं। इसके साथ ही यह आपको हेल्दी रखता है और आपको लंबे समय तक तृप्त भी रखता है। भोजन से पहले पानी पीना बेहद प्रभावी हो सकता है क्योंकि यह आपकी क्रेविंग्स को कम करता है और आपकी कैलोरी की मात्रा को भी कम करता है।
    6. योग और मैडिटेशन आपको तनावमुक्त रखते हैं
    तनाव और चिंता वजन बढ़ने के प्रमुख कारणों में से एक है, जो बदले में नींद की कमी का कारण बनता है। कोर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन में आपकी भूख को बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है और यह आपको अधिक खाने पर मजबूर करता है, विशेषकर ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें हाई कैलोरी होती हैं। यह कुछ ऐसा है जो न केवल आपके दिन की प्रोडक्टिविटी को प्रभावित करता है, बल्कि आपके वजन को भी बढ़ाता है।

    सेहत /शौर्यपथ / दिवाली के बाद मिठाइयों और स्पाइसी पकवान खाने का साइड इफेक्ट्स दिखता है. वहीं, मौजूदा समय में बढ़ता वायु प्रदूषण और बदलते मौसम के कारण अस्थमा, म्यूकस बनना, साइनस, सांस लेने में होने वाली तकलीफ, खांसी-जुकाम और सांस से संबंधित दूसरी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक असरदार मैजिक लंग टी जिसे आप बड़ी आसानी से घर पर ही बना सकते हैं और वह भी किचन में मौजूद बेसिक मसालों और जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से। इस चाय की मदद से लंग्स डीटॉक्स होते हैं और कंजेशन से भी छुटकारा मिलता है।
    घर में ऐसे बनाएं डीटॉक्स चाय
    एक बर्तन में 2 कप पानी लें और उसे उबलने दें। इसके बाद इसमें आधा इंच अदरक, दालचीनी का छोटा टुकड़ा या एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर, थोड़ा सा गुड़, आधा चम्मच तुलसी के पत्ते, 1 चम्मच सूखा ओरिगैनो, 3 काली मिर्च, 2 इलायची कुटी हुई, एक चौथाई चम्मच सौंफ, चुटकी भर अजवाइन, एक चौथाई चम्मच जीरा, लहसुन की 1-2 कली- इन सभी साम्रगियों को उबले पानी में डालें और करीब 10 मिनट तक इन सारी चीजों को धीमी आंच पर पानी में अच्छी तरह से मिक्स होने दें। फिर गैस बंद कर दें और चाय को कप में छान लें। इस चाय का फायदा तब ही है जब आप इसे गर्म-गर्म पिएं।

    खेल /शौर्यपथ / टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के किस खिलाड़ी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन में सबसे ज्यादा निराश किया। विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी टीम प्लेऑफ में तो पहुंची, लेकिन पहले ही एलिमिटेर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से हारकर बाहर हो गई। इस सीजन में आरसीबी की ओर से ऑस्ट्रेलियाई लिमिटेड ओवर कप्तान आरोन फिंच खेले, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके।
    फिंच को आरसीबी ने 4.4 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। फिंच आरसीबी की ओर से 12 मैचों में 22.33 के मामूली औसत से 268 रन ही बना सके। फेसबुक पर अपलोड किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने कहा, 'आरोन फिंच आरसीबी के लिए इस सीजन में सबसे बड़ी निराशा रहे। आरसीबी को उनसे काफी भरोसा था, और इसीलिए टीम मैनेजमेंट उन पर भरोसा दिखाता गया। उन्हें बल्लेबाजी के काफी मौके मिले। कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें मौका नहीं मिला। आप ऐसा मोइन अली के लिए कह सकते हैं कि वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन फिंच ने काफी मैच खेले।'
    आकाश चोपड़ा ने कहा, 'लेकिन वह फॉर्म में बिल्कुल नजर नहीं आए। ना ही फॉर्म दिखी और ना ही रन दिखे। उन्हें ड्रॉप किया गया, लेकिन फिर से उन्हें वापस लाया गया क्योंकि जोशुआ फिलिप भी कुछ खास नहीं कर पाए। आपको फिंच से अपेक्षाएं रहती हैं, क्योंकि सोचिए देवदत्त पडीक्कल अच्छी फॉर्म में थे और अगर फिंच भी अच्छा खेलते तो विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर दबाव काफी कम रहता।

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