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नवागढ़ / शौर्यपथ / नगर में शनिवार को दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। घरों में दीप जलाकर दीपावली मनाया गया। पूरा शहर रोशनी से नहाया हुआ था। लोगों ने अपने घरों में रंगोली बनाकर एवं दुकानों व प्रतिष्ठानों के सामने केले का पेड़ एवं गेंदा फूल के अलावा रंग-विरंगे झालरों से दुल्हन की तरफ सजाया गया। पुलिस भी पर्व को लेकर सतर्क नजर आई। पर्व को लेकर बाजार में भारी भीड़ देखने को मिली। इसके साथ-साथ लोगों में उत्साह सा दिखाई दिया। दीपावली का त्योहार शांतिपूर्वक मनाया गया। सभी लोगों में शाम को माता लक्ष्मी व गणेश की पूजा-अर्चना की। लोगों ने आतिशबाजी का खूब मजा लिया। बच्चे, महिलाओं व पुरुषों ने खूब पटाखे फोड़े। लोगों ने परिवार के साथ मिलकर खूब मस्ती की और त्योहार का लुत्फ उठाया। सुरक्षा को लेकर पुलिस द्वारा शहर में चाकचौबंद व्यवस्था की गई थी।
रविवार को गोवर्धन पूजा का उत्सव पारंपरिक हर्षाेल्लास के बीच धूमधाम और उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस मौके पर नगर प्रधान विकास धर दीवान, नगर पंचायत अध्यक्ष तिलक घोष,पूर्व नप अध्यक्ष गिरेन्द्र महिलांग एवं पार्षदगण ने शंकर नगर,सुकुल पारा, बावली पारा आदि स्थानों के गौरा-गौरी का पूजन कर नगर की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। शाम होते ही नगर के प्रमुख गौठान बस स्टैंड स्थित सहाड़ा देव में विकास दीवान ने नंदी का पूजन अर्चन किया। नगर के यादव समाज के राउत नाचा दल ने आकर्षक धुनों के साथ सहाड़ा देव की परिक्रमा करते हुए परंपरागत नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चरवाहों ने लोगों के माथे पर गोबर का तिलक लगाया। जिसके पश्चात माँ लक्ष्मी के पंडाल का दर्शन किया गया।
दीवान ने कहा कि गायों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए गोवर्धन की पूजा की जाती है और उसके प्रतीक के रूप में गायों की पूजा की जाती है। जिस प्रकार नदियों में गंगा को पवित्र माना है उसी प्रकार शास्त्रों में गाय को लक्ष्मी स्वरूपा कहा गया है। गौसेवा से कायिक, मानसिक एवं वाचिक सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं तथा गौसेवा कभी भी निष्फल नहीं जाती।
इस दौरान बंशीधर दीवान,राकेश जायसवाल, हेमकांत यादव, दयावंत धर बांधे, अजय अरोरा, रूपप्रकाश यादव, गोलू सिन्हा,मनीष श्रीवास, टीकम पूरी गोस्वामी, जुगरु साहू, छल्ली श्रीवास, शेखर महिलांग, सुरेश निषाद, कृष्णा ध्रुव, दुर्गेश शर्मा, तातु यादव, पंचू यादव सहित नगरवासी उपस्थित रहे।
गोवर्धन पूजा के दिन शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंच कर गौरी गौरा की पूजा अर्चना कर शहर एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की सांसद सरोज पांडे ने
दुर्ग / शौर्यपथ / गोवर्धन पूजा के अवसर पर राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने शहर के विभिन्न भागों में आयोजित गौरी गौरा पूजन अवसर पर सम्मिलित होकर मां पार्वती और बाबा भोलेनाथ को वस्त्र एवं श्रीफल अर्पित कर एवं पूजा अर्चना कर शहर एवं प्रदेश की खुशहाली की कामना की इस दौरान अपनी पूर्व महापौर को शहरवासियों के द्वारा अपने बीच पाकर काफी प्रफुल्लित महसूस कर अपनी मन की बात एवं समस्याओं से उन्हें अवगत कराया जिन्हें राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय के द्वारा जल्द निवारण करने की बात कही गई
छत्तीसगढ़ के सर्वोच्च त्योहारों के गोवर्धन पूजा के अवसर पर दुर्ग शहर के लगभग सभी हिस्सों में गौरी गौरा के पूजन का कार्य किया जाता है और यह आयोजन एक उल्लास एक आस्था का केंद्र होता है जिसका पूरे साल भर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसका इंतजार में रहते हैं राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय के द्वारा प्रातः काल से ही दुर्ग शहर के शक्ति नगर ,उरला सिकोला बस्ती, डिपरा पारा,पोटिया सहित विभिन्न हिस्सों में आयोजित गौरी गौरा पूजन में सम्मिलित हुई तत्पश्चात सायं काल के समय दुर्ग शहर की आस्था का केंद्र चंडी चौक में स्थित जहां से कुछ कदम की दूरी पर दुर्ग शहर के कई हिस्सों का आने वाली मां गौरी और भगवान भोलेनाथ की प्रतिमाओं का एक साथ विसर्जन होता है वहां पहुंचकर उनका पूजा अर्चना किया इस दौरान अपनी पूर्व महापौर को अपने बीच पाकर महिलाओं व युवाओं के बीच में आकर्षण और खुशी का माहौल बन गया लोगों ने अपनी पुरानी बातें उन्हें याद कर बताएं और कई लोगों के द्वारा खासकर युवा पीढ़ी के नौजवानों व युवतीयो के द्वारा उनके साथ सेल्फी लेने होड़ सी लगी रही।
इस अवसर पर सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ की परंपरा संस्कृति और रिती रिवाज हमें पूरे देश भर में एक अलग पहचान दिलाती है और प्रदेश की इन्हीं परंपराओं में से गौरी गौरा पूजन हमारे लिए एक अलग महत्व रखता है जिसका बच्चों से लेकर वृद्धजन तक पूरे उत्साह और उमंग के साथ इस त्योहार को मनाते हैं तत्पश्चात हमारी प्रदेश की संस्कृति की झलक में से एक सुआ नृत्य भी पूरे विश्व पटल परछत्तीसगढ़ की परंपरा और संस्कृति के रूप में रेखांकित है आज प्रदेश और शहर की खुशहाली की कामना मैंने भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती से की है उनकी कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे और हमारा देश जल्द ही इस वैश्विक महामारी कोरोना से हो रही जंग में लड़कर पूरी तरह से यह जंग जीत जाए
इस दौरान पूर्व महापौर चंद्रिका चंद्राकर, भाजपा जिला मंत्री संतोष सोनी भाजयुमो जिलाध्यक्ष दिनेश देवांगन किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष रत्नेश चंद्राकर नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा मंडल अध्यक्ष लुकेश बघेल, दीपक चोपड़ा पूर्व मंडल अध्यक् व पार्षद नरेंद्र बंजारे ,सुरेश दीक्षित, बानी सोनी कुमुद बघेल संजय सिंह पूर्व मंडल महामंत्री अभिषेक गुप्ता,अश्वनी चंदेल, नितेश साहू ओम यादव,राहुल दीवान राजा महोबिया तेखन सिन्हा नीलेश अग्रवाल देवनारायण चंद्राकर पटरी पार के स्थानीय पार्षद शिवेंद्र परिहार पुष्पा गुलाब वर्मा शशि द्वारका साहू गुलाब वर्मा द्वारका साहू शशी रायजादा रोशनी देवांगन,पीलिया बाई साहू अमित पटेल गोपू पटेल कीर्तन साहू यश देवांगन कन्हैया देवांगन पीलिया साहू श्वेता मानिकपुरी नवीन तिवारी बंटी हेमराज सोनकर उपस्थित थे।
नक्सलवाद को खत्म करने बस्तर अंचल में रोजगार के अवसर बढ़ाने का किया आग्रह
बस्तर में लगने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत डिस्काउंट पर लौह अयस्क देने की मांग की
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा बढ़ाने मोबाइल टावरों की होगी स्थापना
गृहमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर छत्तीसगढ़ को हरसंभव मदद का दिया आश्वासन
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर अंचल में नक्सल समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया है। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा बढ़ाने, बस्तर में सीआरपीएफ की दो और बटालियन की तैनाती सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। जिस पर गृह मंत्री ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बस्तर अंचल में लौह अयस्क प्रचुरता से उपलब्ध है। यदि बस्तर में स्थापित होने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत डिस्काउन्ट पर लौह अयस्क उपलब्ध कराया जाए, तो वहां सैकड़ों करोड़ का निवेश तथा हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर निर्मित होंगे। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक क्षेत्रों के कारण बड़े भाग में अभी तक ग्रिड की बिजली नहीं पहुंच पाई है। सौर उर्जा संयंत्रों की बड़ी संख्या में स्थापना से ही आमजन की उर्जा आवश्यकता की पूर्ति तथा उनका आर्थिक विकास संभव है।
मुख्यमंत्री ने वनांचलों में लघु वनोपज, वन औषधियां तथा अनेक प्रकार की उद्यानिकी फसलें के प्रसंस्करण एवं विक्रय की व्यवस्था के लिए कोल्ड चेन निर्मित करने अनुदान दिये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने राज्य के बस्तर अंचल के सातों आकांक्षी जिलों में आजीविका के साधनों के विकास हेतु कलेक्टरों को कम से कम 50-50 करोड़ रूपये की राशि प्रतिवर्ष दिए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास के लिए एनएमडीसी का निजीकरण नहीं करने की बात कही, जिस पर गृह मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने आजीविका विकास, नक्सल क्षेत्रों में बैंकों, सड़कों, आधारभूत संरचनाओं के विकास संबंधी मुद्दों पर गृहमंत्री से चर्चा की। इसके साथ ही विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधिकारियों और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की रायपुर में जल्द ही बैठक भी नियत की गई है। मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने सुझावों और आग्रह पर गंभीरता पूर्वक विचार कर मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित थे।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के गुपकर घोषणापत्र गठबंधन में शामिल होने को लेकर हमला किया था, जिसपर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला की तीखी प्रतिक्रिया आई है. उमर अब्दुल्ला ने शाह के ट्वीट के जवाब में तीन ट्वीट किए और यह कहते हुए अपनी बात की शुरुआत की कि वो अमित शाह का गुस्सा समझ सकते हैं.
उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में लिखा, 'मैं आदरणीय गृहमंत्री के इस हमले के पीछे के गुस्से को समझ सकता हूं. उन्हें बताया गया था कि पीपुल्स अलायंस चुनावों का बहिष्कार करने की तैयारी कर रहा है. अगर ऐसा होता तो बीजेपी और नई बनी पार्टी को जम्मू-कश्मीर में मनमर्जी छूट मिल जाती. हमने उनके मनमुताबिक फैसला नहीं लिया.'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला ने कहा, 'बस जम्मू-कश्मीर में ही नेताओं को हिरासत में लिया जा सकता है और लोकतांत्रिक प्रकियाओं और चुनावों में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रविरोधी बुलाया जा सकता है. सच्चाई यह है कि जो भी बीजेपी की विचारधारा का विरोध करता है, उसे भ्रष्ट और राष्ट्रद्रोही का लेबल दे दिया जाता है.'
उन्होंने आखिर में कहा, 'हम कोई 'गैंग' नहीं है अमित शाह जी, हम वैध तरीके से बने राजनीतिक गठबंधन हैं, जो चुनावों में लड़ता रहा है, और लड़ता रहेगा, जिससे कि आपको निराशा हो रही है.'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / वाराणसी दिल्ली मैं कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है. इसके लिए एक तरफ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन दलील दे रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री फिर से लॉकडाउन की बात कर रहे हैं. दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने आज बनारस में थे. बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने कोरोना के मामले बढऩे के लिए अन्य राज्यों से आ रहे लोगों को जिम्मेदार ठहराने पर दिल्ली सरकार को निशाना बनाया. उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी (्र्रक्क) सरकार नमक हराम की श्रेणी में आ गई है. वह जिनका दिया हुआ नमक खा रही है, जिनके कारण सत्ता में है, उन्हीं को बार-बार चोट पहुंचा रही है. मनोज तिवारी ने यह बात दिल्ली में रह रहे यूपी, बिहार और झारखंड के लोगों के संदर्भ में कही.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में बाहर से आकर लोग ज्यादा टेस्टिंग करा रहे हैं इसलिए संक्रमितों का आंकड़ा बड़ा नजर आ रहा है. इस पर मनोज तिवारी का कहना है कि 'Óअसल में दिल्ली में जो आम आदमी पार्टी की सरकार है वह नमक हराम की श्रेणी में आ गई है. वह जिनका दिया हुआ नमक खा रही है, जिनके कारण सत्ता में है, उन्हीं को बार-बार चोट पहुंचा रही है. आप सोचिए बिहार के दिल्ली में जो लोग हैं, छठ मनाने वाले जो लोग हैं, उनके बल पर ही उनकी सरकार है. लेकिन उन्हीं को कहेंगे कि कोरोना में उनका इलाज नहीं करेंगे. कभी कहेंगे कि इन्हीं के कारण कोरोना बढ़ रहा है. कभी कहेंगे कि यही ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करा रहे हैं इसीलिए कोरोना बढ़ रहा है. तो अरविंद केजरीवाल जी को, सत्येंद्र जैन जी को छठ मां देख रही हैं, वहीं इंसाफ करेंगी. दिल्ली राजधानी है देश की, वहां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के लोग रह रहे हैं, जो इनके लिए बोझ हो गए हैं.ÓÓ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा हा कि फिर से लॉकडाउन किया जाएगा. विवाहों में 200 लोगों की मौजूदगी की इजाजत दे दी गई थी. यह संख्या शायद घटाई जाएगी. इस बारे में सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि 'Óदेखिए अगर दिल्ली में वापस कोरोना का कहर है तो इसका सारा कारण दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार है. इसके पहले जब कोरोना का अटैक हुआ था, यह तो घरों में दुबके हुए थे. यह तो धन्यवाद अमित शाह का जो निकलकर एलएनजेपी अस्पताल आ गए, 10008 बना दिया. नहीं तो अरविंद केजरीवाल जी तो खाली एडवर्टाइजमेंट-एडवर्टाइजमेंट खेलते रहते. वह सड़कों पर ही नहीं निकले. हम लोग राहत देने में लगे थे, अनाज दे रहे थे, दवाई दे रहे थे, फल दे रहे थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, सड़क पर नहीं थे. आप एनडीटीवी का उस समय का फुटेज निकाल लीजिए वह कहीं नहीं थे. और आज भी जो परिस्थिति हुई है तो फिर अमित शाह को आना पड़ा है. दिल्ली को अरविंद केजरीवाल से भी बचाना महत्वपूर्ण है.ÓÓ
कश्मीर को लेकर वहां की पार्टियों ने एक ग्रुप बनाया है और कर कह रही हैं कि इंटरनेशनल दबाव बनाकर 370 को खत्म करेंगे. इस पर मनोज तिवारी का कहना है कि 'Óसरासर देश के साथ धोखा है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें राहुल गांधी की पार्टी शामिल हो रही है. वे जम्मू कश्मीर को अलग-थलग करने के लिए फिर से 370 लगाने के लिए प्रयास करेंगे. हम बनारस में हैं और बनारस में हमारे एक मित्र हैं मुर्तजा जाफरी. उनके दादाजी ने एक शेर लिखा था - अपनी इज्जत आबरू तौकीर दे सकते नहीं, जान दे सकते हैं पर कश्मीर दे सकते नहीं... तो देश के इन हिस्सों में घुसते हैं तो एक नारा चलता है कि दूध मांगोगे तो खीर देंगे कश्मीर मांगोगे तो चीर देंगे. कश्मीर मस्तक है, भारत का गर्व है. हमारी अखंडता को कोई नजर भी दिखाए तो आंखें फोड़ दी जाएंगी. अब यह भारत राहुल गांधी का पन्ना फाडऩे वाला भारत नहीं है. यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब लोगों की शक्ति से खड़ा भारत है. जितने लोग इस तरह की कोशिश कर रहे हैं वह जम्मू कश्मीर और लद्दाख की प्रगति में बाधक हैं. जो दर्द हो रहा है, बड़े-बड़े लीडरों को उनके दर्द को अब जम्मू कश्मीर के लोग जान गए हैं.ÓÓ
नई दिल्ली / शौर्यपथ / मुंबई के धारावी इलाके में कपड़ों का व्यवसाय करने वाले मसीउद्दीन अंसारी की फैक्ट्री लॉकडाउन के समय बंद थी, लेकिन फिर भी उन्हें हर महीने हज़ारों रुपयों का बिल बिजली विभाग की ओर से दिया गया. महाराष्ट्र सरकार ने पहले लोगों को आश्वासन देते हुए कहा था कि उन्हें राहत देने के लिए जल्द ही कोई कदम उठाया जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. मार्च महीने से अब तक मसीउद्दीन अंसारी का 56 हजार रुपयों का बिल बकाया है. उन्हें नहीं पता कि वे अब बिल का भुगतान कैसे करेंगे. मसीउद्दीन अंसारी ने कहा कि मार्च से बिल बकाया है जो धीरे-धीरे अब 56 हज़ार हो गया है. रीडिंग के हिसाब से अगर बिल दिया जाएगा तो हम भर देंगे, लेकिन अब जब खाने के पैसे नहीं हैं तो यह बिल कैसे भरेंगे.. कारोबार 5 महीने से बंद था.
धारावी की तबस्सुम खातून के पति मजदूरी करते हैं और महीने का 10 से 12 हज़ार रुपये कमाते हैं. घर में एक पंखा और दो ट्यूब लाइट हैं और उनका एक महीने का बिल 13 हजार रुपये आया. उन्हें नहीं समझ आ रहा कि वो इतनी बड़ी रकम कैसे चुकाएंगे. तबस्सुम खातून कहती हैं कि ''हम खाएंगे या पैसे भरेंगे, मजदूर आदमी तो मर ही जाएगा. क्या करें.. मर जाएंगे. जो कमाते हैं, उससे घर में कुछ सब्ज़ी लाते हैं, बाकी पैसा बिजली का बिल भरने में खर्च करते हैं.''
महाराष्ट्र में लॉकडाउन के दौरान बिजली के मीटरों की रीडिंग नहीं ली गई थी और पिछले साल के औसत निकालकर लोगों को बिल भेजा गया था. सभी जगह पर इसका विरोध होने पर सरकार ने राहत देने की बात कही थी. लेकिन अब सरकार का कहना है कि सरकार की ओर से राहत नहीं दी जा सकती और इसके लिए ऊर्जा मंत्री ने केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने कहा कि जब केंद्र सरकार से पैसों की मांग की तो उन्होंने 10 फीसदी ब्याज मांगा. हमने कहा कि आपको बिना ब्याज पैसे देने चाहिए, केंद्र ने वो किया नहीं.
महाराष्ट्र बीजेपी बिजली बिलों के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरती नज़र आ रही है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ /शिलॉन्ग, मेघालय: पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित मेघालय की वरिष्ठ पत्रकार और शिलॉन्ग टाइम्स की एडिटर पट्रीशिया मुखिम ने ए़डिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया में अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उनका आरोप है कि पत्रकारों की यह बड़ी संस्था बस 'सेलेब्रिटी पत्रकारों का बचाव करती है.' अपने इस्तीफे में, पट्रीशिया मुखिम ने टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे संस्था ने उस केस में फुर्ती से बयान जारी कर निंदा की थीजबकि उनके केस में पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई है.
पिछले हफ्ते मेघालय हाईकोर्ट ने जुलाई में उनके एक फेसबुक पोस्ट को लेकर पुलिस में दाखिल की गई शिकायत पर कोई टिप्पणी करने या आदेश देने से इनकार कर दिया था.
मुखिम ने दावा किया कि उन्होंने एडिटर्स गिल्ड को इस केस के बारे में डिटेल में जानकारी दी थी. उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'मैं अपनी सदस्यता से इस्तीफा देना चाहती हूं. इसके पीछे कई कारण हैं. पहला, एक पत्रकार के तौर पर मैं उन सेलेब्रिटी पत्रकारों की श्रेणी में नहीं आती हूं, जिनके अखबार खूब पढ़े जाते हैं, या फिर जिनकी वेबसाइटें बहुत पॉपुलर हैं. मैं भौगोलिक तौर पर और संस्था की हायरार्की में भी अलग-थलग पड़े जगह से आती हूं. मैंने हाईकोर्ट के इस आदेश को गिल्ड के साथ साझा किया था इस उम्मीद के साथ कि वो कम से कम इसकी निंदा करते हुए बयान जारी करेंगे लेकिन अधिकारियों की ओर से इसपर पूरी तरह से चुप्पी है.'
उन्होंने गिल्ड की नई नियुक्त हुई अध्यक्ष सीमा मुस्तफा के नाम लिखे इस पत्र में कहा है कि 'विडंबना है कि गिल्ड ने अर्नब गोस्वामी (जोकि गिल्ड के सदस्य भी नहीं हैं) की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए बयान जारी किया था, वो भी उस केस में जिसका पत्रकारिता से कुछ लेना-देना नहीं था, बल्कि खुदकुशी के लिए उकसाए जाने का आरोप था. मेरे हिसाब से गिल्ड सेलेब्रिटी एडिटरों/एंकरों' को बचाने और जानबूझकर अपने ही एक सदस्य की आवाज को नजरअंदाज करने का का काम कर रही है.'
बता दें कि 4 जुलाई को पट्रीशिया मुखिम ने एक फेसबुक पोस्ट में लॉशोतुन विलेज काउंसिल की उस घटना को लेकर आलोचना की थी, जिसमें बास्केटबॉल कोर्ट में पांच लड़कों पर चेहरा ढंके हुए कुछ लोगों ने हमला किया था. इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी. मुखिम ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और स्थानीय प्रशासन दॉरबार श्नोंग से आरोपियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की की थी. इसपर विलेज काउंसिल ने उनपर सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाया था. इसके आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया था. उनपर मानहानि का केस भी दर्ज था.
इसके खिलाफ वो हाईकोर्ट पहुंची थीं. हालांकि, हाईकोर्ट ने उनके केस को खारिज करने से इनकार कर दिया था. अब वो हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही हैं.
पट्रीशिया मुखिम ने अपनी चिट्ठी में लिखा है, 'जाहिर तौर पर यह हाशिए से आने वाले लोगों के खिलाफ भेदभाव और उन्हें और दूर धकेलने की कोशिश का मामला है ताकि वो राष्ट्र की मुख्यधारा से बिल्कुल अलग हो जाएं और अपनी मुश्किलों का सामना अपनी क्षमता से करने को मजबूर हो जाएं.'
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को चुनाव आयोग ने पंजाब का स्टेट आइकन नियुक्त किया है। इसपर सोनू सूद ने कहा कि यह पल उनके लिए बहुत मायने रखता है, इमोशनली। बता दें कि सोनू सूद का जन्म पंजाब में हुआ था। वह पंजाब में चुनाव संबंधी जागरूकता फैलाते नजर आएंगे। इस सिलसिले में चुनाव आयोग ने सोमवार को एक पत्र जारी किया था।
सोनू सूद कहते हैं कि मैं इस सम्मान के लिए खुद को खुशकिस्मत मानता हूं। सभी का शुक्रिया। पंजाब में जन्म लेना, मेरे लिए इमोशनली यह बहुत मायने रखता है। मुझे खुशी है कि मेरा राज्य मुझपर गर्व महसूस करता है। आगे अच्छा कार्य करने के लिए मैं प्रेरित हुआ हूं।
बता दें कि सोनू सूद ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की मदद की थी। उन्हें घर पहुंचाने से लेकर बेरोजगारों को रोजगार देने तक, सोनू सूद ने कई लोगों की जिंदगी बदली। पंजाब के मोगा जिले से ताल्लुक रखने वाले सोनू सूद फिल्म इंडस्ट्री में भी काफी सक्रिय हैं। वह हिन्दी, तमिल और पंजाबी समेत कई भारतीय भाषाओं में फिल्में कर चुके हैं।
मालूम हो कि लॉकडाउन में किए कार्यों को लेकर सोनू सूद ने एक किताब भी लिखी है। उनकी किताब का नाम ‘आई एम नो मसीहा’ है। यह दिसंबर में लॉन्च होगी। इस समय सोनू सूद फिल्म ‘पृथ्वीराज’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर मुख्य भूमिका में नजर आएंगे।
खाना खजाना /शौर्यपथ / कुछ चटपटा खाने का मन है, तो आप मटर की कचौड़ी ट्राई कर सकते हैं। इसकी रेसिपी बहुत ही आसान है।
सामग्री : 2 कप गेहूं का आटा या मैदा, 2 टीस्पून तेल, नमक स्वादानुसार, 1 कप हरी मटर, 2 टीस्पून तेल पिट्ठी भूनने के लिए, चुटकी भर हींग, 1/2 टीस्पून जीरा, 1 टीस्पून धनिया पाउडर , 1/2 टीस्पून सौंफ पाउडर, 1/2 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर, 1 टीस्पून गरम मसाला, 1/4 टीस्पून अमचूर पाउडर, हरी मिर्च बारीक कटी हुई, 1 इंच अदरक, नमक स्वादानुसार, तेल तलने के लिए
विधि : गूंथे हुए आटे को सेट होने के लिए 20 मिनट के लिए एक तरफ रख दें। पिट्ठी तैयार करने के लिए मटर के दानों को ग्राइंडर में दरदरा पीस लें। पैन में तेल डालकर गर्म करें। फिर उसमें हींग और जीरा डालें। जीरा ब्राउन होने के बाद धनिया पाउडर, सौंफ, हरी मिर्च, अदरक डालकर हलका सा भूनें और मटर का पेस्ट डालें। फिर लाल मिर्च, गर्म मसाला, अमचूर, हरा धनिया और नमक डालकर मटर को 3-4 मिनट तक भूनें। अब पिट्ठी तैयार है।
नींबू के आकार का आटा लेकर लोई बनाएं। उसे हथेली पर रखकर थोड़ा दबाकर बीच में एक छोटी चम्मच पिट्ठी भरकर गोल करें। अब भरी हुई लोई को हथेली से दबाकर उसका आकार थोड़ा सा बढ़ा लें, इससे लोई में मटर की पिट्ठी एकसार हो जाती है। भरी हुई लोई को बेलन से बेल लें। इसी तरह बाकी कचौरियां भी तैयार कर लें। बेली हुई कचौरी को एक-एक करके गर्म तेल में डालें और पलट कर दोनों ओर से सेंकें।
तली हुई कचौरियां किसी प्लेट पर पेपर नैपकिन बिछाकर निकाल लें। इसी तरह सारी कचौरियां तल लें।
अब कचौरियों को हरे धनिये की चटनी के साथ गर्मागर्म सर्व करें।
सेहत / शौर्यपथ / ‘संडे हो या मंडे, रोज खाएं अंडे।’ नाश्ते के मामले में दुनिया की ज्यादातर आबादी भले ही इस फंडे पर यकीन करती है। लेकिन, चायना मेडिकल यूनिवर्सिटी और कतर विश्वविद्यालय के हालिया अध्ययन की मानें तो हर चीज की तरह ही, अंडे की अति भी बुरी है। ज्यादा मात्रा में अंडे का सेवन टाइप-2 डायबिटीज का सबब बन सकता है।
साल 1991 से 2009 के बीच हुए इस अध्ययन में दो हजार चीनी वयस्क शामिल हुए। शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों की सेहत पर अंडे के नियमित सेवन का असर आंका। इस दौरान पाया कि रोज 50 ग्राम (एक बड़ा अंडा) से ज्यादा अंडा खाने वाले लोगों के टाइप-2 डायबिटीज का शिकार होने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है।
चीन में डायबिटीज का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौजूदा समय में 11 फीसदी से अधिक चीनी आबादी के टाइप-2 डायबिटीज से जूझने का अनुमान है। यह आंकड़ा वैश्विक औसत (8.5 फीसदी) से कहीं ज्यादा है। डायबिटीज अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा बोझ बनकर उभरी है।
वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होने वाली दस फीसदी राशि डायबिटीज रोगियों पर खर्च हो रही है। शोधकर्ता डॉ. मिंग ली के मुताबिक डाइट टाइप-2 डायबिटीज का खतरा निर्धारित करने वाले प्रमुख कारकों में शुमार है। ऐसे में खानपान से जुड़ी उन वस्तुओं का पता लगाना बेहद अहम है, जो ब्लड शुगर में उछाल का कारण बन सकती हैं। इससे खानपान में जरूरी बदलाव लाकर डायबिटीज का जोखिम टालने में मदद मिलना तय है।
ली ने बताया कि अंडे में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फैट ब्लड शुगर में वृद्धि ला सकते हैं। चूंकि, 1991 से 2009 के बीच चीन में अंडे की दैनिक खपत दोगुनी हो गई है, इसलिए यह अध्ययन आंखें खोलने वाला है। लोगों का फास्टफूड, मीठे और सोडा ड्रिंक के साथ ही अंडे के सेवन पर भी लगाम लगाना जरूरी है।
सुबह देर से उठने वाले हो जाएं सतर्क
-‘नाइट आउल्स’ यानी रात में देरी से सोने और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में शारीरिक सक्रियता का स्तर बेहद कम रहता है। यही कारण है कि ऐसे लोग टाइप-2 डायबिटीज के खतरे के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। लिसेस्टर और साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने हालिया अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है।
मुख्य शोधकर्ता जोसेफ हेनसन के मुताबिक ‘नाइट आउल्स’ सुबह जल्द उठने वाले लोगों से 56 फीसदी कम व्यायाम करते हैं। इससे उनका ब्लड शुगर ही नहीं, वजन और रक्तचाप भी सामान्य से अधिक होता है। लंबे समय तक सोने-उठने की आदत में सुधार न करने पर वे डायबिटीज और हाइपरटेंशन की जद में आ जाते हैं।
संकट
-46.3 करोड़ वैश्विक आबादी के डायबिटीज पीड़ित होने का अनुमान
-7.8 करोड़ मरीज दक्षिणपूर्वी एशिया में, इनमें 7.7 करोड़ भारतीय शामिल
-25 फीसदी से अधिक रोगी खुद के बीमारी से जूझने की खबर से अनजान
-70 करोड़ तक पहुंच सकता है डायबिटीज रोगियों का आंकड़ा 2045 तक
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
