August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    पटना /शौर्यपथ / बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने की सिफारिश के बाद उन्होंने अपना त्यागपत्र बिहार के राज्यपाल को दिया है. इससे पहले आज एनडीए गठबंधन की बैठक में फैसला लिया गया कि गठबंधन अब दीवाली बाद अपना नया नेता चुनेगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर बुलाई गई बैठक 15 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है. राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि अब 15 नवंबर यानी रविवार को दोपहर 12.30 बजे एनडीए के विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. हालांकि, आज मौजूदा नीतीश कैबिनेट की आज बैठक बुलाई गई है, जिसमें मौजूदा विधान सभा भंग करने पर मुहर लगाई जाएगी.
    गौरतलब है कि मंगलवार को आए चुनावी नतीजों में नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए गठबंधन को 243 सदस्यों वाली विधानसभा में 125 सीटें आई हैं. एनडीए में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को 74 जबकि जेडीयू को 43 सीटें मिली हैं. 2015 में जेडीयू को 71 सीटें मिली थीं. इनके अलावा गठबंधन में वीआईपी और हम को चार-चार सीटें मिली हैं.
    इससे पहले सातवीं बार राज्य का मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर नीतीश कुमार ने कहा था कि इसका फैसला एनडीए विधायक दल करेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने खुद कभी ये दावा नहीं किया कि वही राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. चुनाव बाद नीतीश कुमार ने गुरुवार को पहली बार नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात की थी और फिर मीडियाकर्मियों से भी बात की थी.

    लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / राजस्थान में बीकानेर संभाग मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत आह्वान का असर इस दीपावली पर ऐसा नजर आ रहा है कि इस बार बाजारों में चीन में बने सामान दिखाई नहीं दे रहे हैं। आमजन का स्वदेशी वस्तुओं के प्रति काफी रूझान देखने को मिल रहा है। इस बार गाय के गोबर से बने दीपकों के प्रति भी लोगों का काफी रुझान नजर आ रहा है। बीकानेर गोशाला संघ के अध्यक्ष सूरजमालसिंह नीमराना ने आज बताया कि राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के आह्वान पर इस अभियान के तहत प्रदेश के 33 जिलों में 33 लाख गायों के गोबर से बने दीपक लोगों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इस बार दीपावली पर गौमय दीपक जलाए जाएंगे। बीकानेर में अब तक 15 हजार से ज्यादा दीपक लोग स्वेच्छा से अपने घर ले जा चुके हैं और लगातार इन दीपकों के ऑर्डर भी आ रहे हैं।
    उन्होंने बताया कि यह दीपक दो प्रकार के हैं। एक दीपक जो तेल से जला कर सामान्य दीपक की तरह उसे घर में सजाया जाएगा, दूसरा दीपक घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए हवन सामग्री के साथ बना है, उस दीपक को देसी घी से जलाया जाएगा, उससे घर का वातावरण शुद्ध होगा। इस दीपक के जलने से घर में हवन की खुशबू महकेगी। जिससे घर के वातावरण को पटाखों की गैस को कम करने में सहायक होगी। नीमराणा के अनुसार देसी गाय के गोबर से बने दीपक में गोबर के साथ गोंद का उपयोग किया गया है। इसमें 4० प्रतिशत ताजा गोबर और 6० प्रतिशत सूखा गोबर गोंद के साथ मिलाकर यह दीपक बनाए जा रहे हैं। गोबर के साधारण दीपक की कीमत 2 रुपए व हवन सामग्री मिलाकर बनाए गए गोबर के दीपक की कीमत 5 रुपए है। गोबर के दीपक के साथ-साथ गोबर से लक्ष्मी-गणेशजी की प्रतिमा भी बनाई गई है। लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा की कीमत 31 रुपए रखी गई है।

    सेहत / शौर्यपथ / क्या आप हर रात कुछ न कुछ सोचते रहते हैं और कई तरह के ख्याल आपकी नींद उड़ा देते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप मेडिटेशन के साथ अखरोट खाना शुरू कर दीजिए, इससे आपकी यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। आज हम आपको खाली पेट भिगाए हुए अखरोट खाने के फायदे बता रहे हैं।
    सूखे अखरोट की बजाय खाएं भीगा हुआ अखरोट
    अखरोट को कच्चा खाने की बजाए अगर भिगोकर खाया जाए, तो इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। इसके लिए रात में 2 अखरोट को भिगोकर रख दें और सुबह के समय खाली पेट इसे खा लें। यकीन मानिए भीगे हुए बादाम खाना जितना फायदेमंद है उतना ही फायदेमंद भीगे हुए अखरोट खाना भी है। भीगा हुआ अखरोट कई बीमारियों से निजात दिलाने में मदद करता है।
    डायबिटीज का खतरा करता है कम
    ब्लड शुगर और डायबिटीज से बचना चाहते हैं, तो भीगे हुए अखरोट का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि जो लोग रोजाना 2 से 3 चम्मच अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।
    पाचन शक्ति होती है बेहतर
    अखरोट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखता है। पेट सही रखने और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त चीजें खानी जरूरी है। ऐसे में अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट भी सही रहेगा और कब्ज भी नहीं होगा। भीगे हुए अखरोट को पचाना भी आसान हो जाता है।
    हड्डियों की मजबूती के लिए खाएं अखरोट
    अखरोट में ऐसे कई घटक और प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी ऐसिड सूजन को भी दूर करता है।
    तनाव को दूर करने में कारगर
    अखरोट खाने से कई मायनों में आपका तनाव और स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छी नींद भी आती है। अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और फिर ऑटोमैटिकली आपका स्ट्रेस कम हो जाता है।
    वेट लॉस करके आपको फिट रखता है अखरोट
    अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपकी बॉडी से एक्स्ट्राभ फैट कम करने में हेल्प करता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अखरोट का सेवन न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे कंट्रोल में रखने में भी मदद करता है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / 13 नवंबर यानी आज धनतेरस के साथ उत्तर भारत में हनुमान जयंती भी मनाई जा रही है। कहते हैं हनुमान जयंती पर रामायण, रामचरित मानस का अखंड पाठ, सुंदरकाण्ड का पाठ और हनुमान बाहुक आदि का पाठ करने से बजरंगी बली प्रसन्न होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी का जन्मदिन एक साल में दो बार मनाते हैं। इसके पीछे का कारण है कि कर्क राशि से दक्षिण वासी इनका जन्मदिन चैत्र पूर्णिमा को मानते हैं, जबकि कर्क राशि से उत्तर वासी हनुमान जी का जन्म कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी को मानते हैं।
    इसलिए नाम पड़ा हनुमान-
    वायुपुराण में एक श्लोक वर्णित है- आश्विनस्या सितेपक्षे स्वात्यां भौमे च मारुतिः। मेष लग्ने जनागर्भात स्वयं जातो हरः शिवः।। यानी- भगवान हनुमान का जन्म कृष्ण पक्ष चतुर्दशी मंगलवार को स्वाति नक्षत्र की मेष लग्न और तुला राशि में हुआ था। हनुमान जी बाल्यकाल से ही तरह-तरह की लीलाएं करते थे। एक दिन उन्हें ज्यादा भूख लगी तो सूर्य को मधुर समझकर उसे अपने मुंह में भर लिया। जिसके कारण पूरे संसार में अंधेरा छा गया। इसे विपत्ति समझकर इंद्र भगवान ने हनुमान जी पर व्रज से प्रहार किया। इसके प्रभाव से उनकी ठोड़ी टेढ़ी हो गई। यही वजह है कि इनका नाम हनुमान पड़ा।
    दोहा
    श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
    बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
    बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
    बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।
    चौपाई
    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
    जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
    रामदूत अतुलित बल धामा।
    अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।
    महाबीर बिक्रम बजरंगी।
    कुमति निवार सुमति के संगी।।
    कंचन बरन बिराज सुबेसा।
    कानन कुंडल कुंचित केसा।।
    हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
    कांधे मूंज जनेऊ साजै।
    संकर सुवन केसरीनंदन।
    तेज प्रताप महा जग बन्दन।।
    विद्यावान गुनी अति चातुर।
    राम काज करिबे को आतुर।।
    प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
    राम लखन सीता मन बसिया।।
    सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
    बिकट रूप धरि लंक जरावा।।
    भीम रूप धरि असुर संहारे।
    रामचंद्र के काज संवारे।।
    लाय सजीवन लखन जियाये।
    श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
    रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
    तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।
    सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
    अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
    सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
    नारद सारद सहित अहीसा।।
    जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
    कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।
    तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
    राम मिलाय राज पद दीन्हा।।
    तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
    लंकेस्वर भए सब जग जाना।।
    जुग सहस्र जोजन पर भानू।
    लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
    प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
    जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
    दुर्गम काज जगत के जेते।
    सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।
    राम दुआरे तुम रखवारे।
    होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
    सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
    तुम रक्षक काहू को डर ना।।
    आपन तेज सम्हारो आपै।
    तीनों लोक हांक तें कांपै।।
    भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
    महाबीर जब नाम सुनावै।।
    नासै रोग हरै सब पीरा।
    जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
    संकट तें हनुमान छुड़ावै।
    मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।
    सब पर राम तपस्वी राजा।
    तिन के काज सकल तुम साजा।
    और मनोरथ जो कोई लावै।
    सोइ अमित जीवन फल पावै।।
    चारों जुग परताप तुम्हारा।
    है परसिद्ध जगत उजियारा।।
    साधु-संत के तुम रखवारे।
    असुर निकंदन राम दुलारे।।
    अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
    अस बर दीन जानकी माता।।
    राम रसायन तुम्हरे पासा।
    सदा रहो रघुपति के दासा।।
    तुम्हरे भजन राम को पावै।
    जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
    अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
    जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।
    और देवता चित्त न धरई।
    हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।
    संकट कटै मिटै सब पीरा।
    जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
    जै जै जै हनुमान गोसाईं।
    कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
    जो सत बार पाठ कर कोई।
    छूटहि बंदि महा सुख होई।।
    जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
    होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
    तुलसीदास सदा हरि चेरा।
    कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।
    दोहा
    पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
    राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

    खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन समाप्त हो चुका है। मुंबई इंडियंस की टीम ने फाइनल मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 5 विकेट से हराकर आईपीएल के खिताब को पांचवीं दफा अपने नाम कर लिया है। मुंबई अपने टाइटल को इस साल डिफेंड करने में भी कामयाब रही है। टूर्नामेंट के खत्म होने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्टार बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने आईपीएल 2020 की अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम का नाम बताया है।

    दिल्ली के खिलाफ मुंबई इंडियंस को मिली जीत के बाद एबी डिविलियर्स ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'शाबाश मुंबई इंडियंस, बिना किसी संदेह के इस साल की बेस्ट टीम' डिविलियर्स ने अपने ट्वीट के जरिए मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2020 की सबसे बेहतरीन टीम बताया है। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम इस सीजन आईपीएल के प्लेऑफ में जगह बनाने में कामयाब रही थी, लेकिन टीम को एलिमिनेटर मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
    एबी डिविलियर्स ने इस सीजन 15 मैचों में 158.74 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 454 रन बनाए, इस दौरान स्टार बल्लेबाज ने 5 हाफसेंचुरी भी लगा। डिविलियर्स ने एलिमिनेटर मैच में भी सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलते हुए बैंगलोर की टीम की तरफ से सबसे अधिक 56 रन बनाए थे, लेकिन इसके बावजूद टीम 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 131 रन ही बना सकी थी।

    मनोरंजन / शौर्यपथ /वेब सीरीज आश्रम चैप्टर-2 में सनातन धर्म से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सीन फिल्माये जाने का आरोप लगाते हुए दीवानी न्यायालय के एक अधिवक्ता ने गुरुवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद अभिनेता बाबी देओल व डायरेक्टर प्रकाश झा के खिलाफ स्थानीय कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने कोर्ट में अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से गुरुवार को प्रार्थना पत्र दिया।

    उन्होंने प्रार्थना पत्र में कहा कि वह सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं। बचपन से ही आश्रम एवं पवित्र हिन्दू ग्रंथों के बारे में जानते व सुनते आए हैं। आश्रम ऋषि मुनियों के रहने का पवित्र स्थान बताया जाता है। सुसंगठित आश्रम संस्था भारतवर्ष की अपनी विशेषता रही है। आश्रम चैप्टर -2 में आश्रम में आस्था के नाम पर भोले भाले लोगों को फंसाया जाना, आस्था, अपराध और राजनीति का गठबंधन, आश्रमों में व्यभिचार और नशे का व्यापार आदि कैसे चलता है। इस संबंध में ट्रेलर रिलीज हो रहा है।

    कथित रूप से इसमें आश्रम का डार्कसाइड दिखाया गया है। काशीपुर वाले बाबा निराला का किरदार अभिनेता बाबी देओल ने निभाया है। आश्रम की कहानी ड्रग्स, रेप, नरसंहार और राजनीति के ईद-गिर्द घूमती है। सिरीज में ढोंगी, भोगी, अपराधी को सनातन धर्म का बाबा दिखाकर सनातन धर्म को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने के लिए सिरीज का नाम आश्रम रखा गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की कोर्ट में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग की गई है। इसके पहले भी जिलाधिकारी को एक हिन्दू संगठन ने प्रार्थना-पत्र देकर मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।

    रायपुर / शौर्यपथ /  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने देश की सीमा में एवं छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न भागों में तैनात सैनिक, अर्द्धसैनिक बलों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि जब पूरा देश दीपावली पर्व मना रहा है तब हमारे ये साथी देश की सुरक्षा में डटे हुए हैं। उनकी बदौलत ही आज हम अपना त्यौहार शांतिपूर्वक मना पा रहे हैं। मैं उनके परिजनों को भी धन्यवाद देती हूं और उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देती हूं। सैनिकों तथा उनके परिवार का यह योगदान अमूल्य है।

    फर्जी चिटफंड कम्पनी की सम्पत्ति कुर्क कर
    16 हजार 796 निवेशकों को साढ़े सात करोड़ से ज्यादा वापस
    छत्तीसगढ़ के साढ़े 13 हजार से अधिक निवेशकों के साथ ओड़िशा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के निवेशकों को भी लौटाई गई राशि

    रायपुर / शौर्यपथ / निवेशकों से धोखाधड़ी करने वाली एक चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों को 7 करोड़ 33 लाख रूपए आज लौटा दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों के खाते में ऑनलाईन राशि अंतरित की। इस अवसर पर विधायक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दलेश्वर साहू और छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और रूचिर गर्ग, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, विशेष पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री बघेल पहले ही कह चुके थे कि फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर केवल एफआईआर करना पर्याप्त नहीं है। हम उनकी सम्पत्ति कुर्क करके निवेशकों के पैसे लौटाने की दिशा में काम करेंगे। आज धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर भी अमल के साथ निवेशकों को न्याय मिलना शुरू हो गया है।
    मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फर्जी चिटफंड कम्पनियों पर कार्रवाई कर निवेशकों को उनकी जमा राशि दिलाने के विषय को अपनी प्राथमिकता में रखा। ऐसे प्रकरणों में प्रगति की समीक्षा मुख्यमंत्री स्वयं लगातार करते हैं। बीते दो वर्षो के कार्यकाल के दौरान शासन ने धोखाधड़ी के मामलों की जांच शुरू करते हुए फर्जी कम्पनियों के खिलाफ एफआईआर करने तथा निवेशकों को राशि लौटाने का सिलसिला शुरू किया था। साथ ही कम्पनी में काम करने वाले स्थानीय युवाओं के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए गए। इसी दौरान जन घोषणा पत्र में किए गए वादों से भी आगे बढ़कर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए फर्जी कम्पनियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ उनकी सम्पत्तियां भी कुर्क करके राशि लौटाई जाएगी।
    राजनांदगांव की चिटफंड कम्पनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड के विरूद्ध शिकायतें प्राप्त होने पर राजनांदगांव कलेक्टर ने सम्पत्तियों की जानकारी प्राप्त की थी, जिसमें डायरेक्टरों के स्वामित्व की कुल 292.36 एकड़ अचल सम्पत्ति पाई गई। इस भूमि की कुर्की का अंतिम आदेश विशेष न्यायालय द्वारा पारित किया गया था। इसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा कुर्क-सम्पत्तियों की नीलामी कराई गई। इस नीलामी से अब तक 8 करोड़ 15 लाख 34 हजार 345 रूपए प्राप्त हुए हैं। राजनांदगांव एवं छुरिया तहसीलों की एक-एक सम्पत्ति की नीलामी अभी शेष है।
    27 जुलाई 2020 से 20 अगस्त 2020 तक कम्पनी के निवेशकों से दावा आपत्ति प्राप्त की गई। कुल 17 हजार 171 निवेशकों ने 24 करोड़ 75 लाख 47 हजार 337 रूपए का दावा प्रस्तुत किया। आवेदनों की समीक्षा के बाद 16 हजार 796 निवेशकों ने पूरी जानकारी के साथ दावा प्रस्तुत किया। अब तक सम्पत्तियों की नीलामी से जो राशि प्राप्त हुई है, वह दावा राशि का केवल एक तिहाई। जिला स्तरीय पांच सदस्यीय समिति ने 16 हजार 796 निवेशकों द्वारा प्रस्तुत दावे की राशि का 30 प्रतिशत यानी 7 करोड़ 32 लाख 95 हजार 528 रूपए लौटाने का निर्णय लिया है। अब नीलामी की बचत राशि 82 लाख 38 हजार 817 रूपए शेष रहेगी।
    जिन 16 हजार 796 निवेशकों को राशि लौटाई जा रही है, उनमें 13 हजार 586 छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के हैं। इसी प्रकार 197 ओड़िशा के, 2971 महाराष्ट्र के और 42 निवेशक मध्यप्रदेश के हैं। इन निवेशकों के खाते में एन.ई.एफ.टी. के माध्यम से राशि स्थानांतरित की गई।
    विगत दो वर्षों में चिटफण्ड कंपनियों से वसूली गई 9 करोड़ से अधिक की राशि
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा चिटफंड कंपनी संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इसी क्रम में विगत 02 वर्षों में कुल 34 कंपनियों के विरूद्ध धोखाधड़ी की शिकायत प्राप्त होने पर 63 प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्यवाही करते हुये 43 डायरेक्टरों, 08 पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर तत्काल न्यायालय प्रस्तुत किया गया। विगत 02 वर्षों में वर्ष 2018 के पूर्व के प्रकरणों में से कुल 43 प्रकरणों के 80 आरोपियों को अन्य राज्यों से गिरफ्तार कर लाया गया है, जिनमें मध्यप्रदेश के 39 आरोपी, महाराष्ट्र के 09 आरोपी, राजस्थान के 05 आरोपी, ओड़िशा के 09 आरोपी, दिल्ली के 07 आरोपी, पश्चिम बंगाल के 02 आरोपी, उत्तर प्रदेश के 07 आरोपी, बिहार के 02 आरोपी शामिल हैं।
    राज्य में वर्ष 2018 तक किसी भी कंपनी की संपत्ति की नीलामी नहीं किया गया था और न ही कोई राशि जप्त की गई थी। वर्ष 2019 में पुलिस द्वारा चिटफण्ड कंपनियों एवं उनके डायरेक्टरों की चल-अचल सम्पत्ति के पहचान की लगातार कार्यवाही करके कुल 123 प्रकरणों मंे कुर्की की कार्यवाही हेतु जिला कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा गया। जिला कलेक्टरों द्वारा 29 अनियमित वित्तीय संस्थानों, डायरेक्टरों की सम्पत्ति को कुर्की का अंतिम आदेश हेतु न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसमें से अब तक 17 प्रकरणों में न्यायालय द्वारा कुर्की का अंतिम आदेश पारित कर नीलामी, वसूली की कार्यवाही कर 09 करोड़ 04 लाख 40 हजार 220 रूपये शासन के खाते में जमा की गई। कुल 10 निवेशकों को कुल 22 लाख 94 हजार 243 रूपये वापस की गई। 02 प्रकरणों में नीलामी वसूली की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 84 प्रकरणों में जिला कलेक्टर द्वारा कुर्की का अंतरिम आदेश हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
    एजेंटों को राहत-
    एजेंटों के प्रति शासन पूर्ण संवेदनशील है। पूर्व में स्थानीय एजेंटों को अपराधी बना दिया था, परन्तु वर्ष 2019 के बाद गिरफ्तार किये गये स्थानीय एजेंटों को 59 प्रकरणों में 104 एजेंटों को न्यायालय में शासकीय गवाह बनने हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत कराया है। विवेचनाधीन प्रकरणों में 42 प्रकरणों में 130 एजेंटों को शासकीय गवाह बनाया गया है।

    मुंबई / शौर्यपथ / आईसीयू में भर्ती कोविड के मरीजों को बीमारी से ज्यादा तनाव, दहशत और आशंका खाए जा रही है. बड़ी-बड़ी मशीनों के बीच पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मी और कई घंटे एकांत में रहने के कारण मरीज मानसिक रोगों का शिकार हो रहे हैं. इससे उनकी हालत और बिगड़ती जा रही है. मुंबई के अस्पतालों में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है.
    डॉक्टरों ने इस स्थिति को 'आईसीयू साइकोसिसÓ नाम दिया है, जहां मरीज वायरस से ज्यादा भयावह स्थिति के कारण जल्द ठीक नहीं हो पा रहा है. कुछ मरीज़ों ने तो इस कारण जान भी गंवा दी है. आईसीयू में भर्ती कोविड के लगभग सभी मरीज़ 'आईसीयू साइकोसिसÓ यानी एक तरह के मानसिक डिसॉर्डर से गुजऱ रहे हैं. बहकी-बहकी बातें, वहम, और भ्रम का शिकार ये मरीज जल्द ठीक नहीं हो पाते हैं.
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मरीजों को ऐसे मेंटल डिसऑर्डर से बचाने के लिए उनकी काउंसिलिंग औऱ मनोरंजन की सुविधा देना शुरू की है. ताकि वे शारीरिक के साथ मानसिक तौर पर मजबूत हो सकें. एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर सुरेश ककानी ने कहा कि बीएमसी ने गंभीर मरीज़ों के लिए ढ्ढष्ट के अंदर ही मनोरंजन की सुविधा मुहैया कराई है. मरीज़ों का फोन पर फिल्म देखने, गेम खेलने, संगीत, पढऩा, पहेली सुलझाना, साथी मरीजों से बात करना, वीडियो-कॉल और मेडिटेशन जैसी सहूलियत दी जा रही है.
    मौत का खतरा और डरावने सपनों से परेशान
    हीरानंदानी हॉस्पिटल में डायरेक्टर इंटेंसिव केयर डॉ. चंद्रशेखर तुलसीगिरी ने कहा कि ये मरीज़ बहुत बेचैन और घबराहट में रहते हैं. उन्हें मौत का खतरा, डरावने सपने, अनिद्रा और मतिभ्रम हो जाता है. वह हर वक्त अलग-अलग चीजों के लिए छटपटाते हैं. इतनी गंभीर अवस्था में अस्पताल में आने वाले मरीज बीमारी को लेकर आशंका में रहते हैं कि वे बच भी पाएंगे या नहीं. घरवालों से उनका संपर्क हो पाएगा या नहीं.
    गंभीर मरीजों से बातचीत करना आवश्यक
    बीएमसी के अस्पतालों से जुड़े मनोचिकित्सक डॉ अनुपम बोराडे बताते हैं कि ढ्ढष्ट के कोविड मरीज़ों से जितना और जैसे मुमकिन हो बातचीत ज़रूरी है, ये डिसऑर्डर ढ्ढष्ट से निकलने के बाद भी उन्हें परेशान करता है. निजी अस्पतालों के क्रिटिकल केयर विभाग में भी कुछ मामलों में ऐसे डिसऑर्डर से ग्रस्त मरीजों के समक्ष बड़ा ख़तरा है.
    बीमारी से उबरने में मानसिक स्थिति ठीक होना जरूरी
    फ़ोर्टिस क्रिटिकल केयर के डॉक्टर चारुदत्त वइती ने कहा कि अगर मरीज वेंटीलेटर पर है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसे बाहर ला पाना बेहद मुश्किल हो जाता है. उसे वेंटीलेटर से सामान्य स्थिति में लाना बेहद कठिन हो जाता है. एक समस्या के कारण दूसरी परेशानी या संक्रमण घेर लेता है. मुंबई में फि़लहाल 1,263 मरीज़ ढ्ढष्ट में भर्ती हैं. इनमें से ज़्यादातर मरीज़ ऐसी दिमाग़ी तकलीफ़ से गुजऱ रहे हैं. इन्हें दवा के साथ काउंसिंलिग की भी सख़्त ज़रूरत है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / हरियाणा के पंचकुला में रहने वाली एक महिला इस दिवाली इको-फ्रेंडली पटाखे बेचकर लोगों में जागरुकता फैला रही है. उसने पौधों के बीजों से पटाखे बनाए, जो काफी हटकर है. पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए तनिका बंसल ने एक अलग तरह का पटाखे बनाए हैं. तनिका को पेड़ों से बहुत प्यार है और उसने सोचा कि ये अनोखे बीज बम पौधों में परिवर्तित हो जाएंगे.
    तनिका बंसल ने बम को तैयार करने के लिए अलग-अलग तरह के बीजों को एकत्रित किया. उन्होंने विभिन्न प्रकार के बीजों का उपयोग किया, जैसे फूल और सब्जियों के बीज जो सामान्य बीजों की तरह लगाए जा सकते हैं. तनिका ने मिट्टी के दीयों में भी बीज डाला ताकि लोग ये दीये मिट्टी में डाले और यह पौधे में विकसित हो जाए.
    न्यूज एजेंसी एएनआई से तनिका बंसल ने बात की. उन्होंने कहा, 'Óयह लोगों को पर्यावरण और प्रदूषण के बारे में जागरूक करने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए एक छोटा कदम है."

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