August 06, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    दुर्ग / शौर्यपथ / ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए गौठान का सशक्तिकरण आवश्यक है। गौठान के बनने से यहां जानवरों के रखने की व्यवस्था हो गई। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुधन को लोग ज्यादा सहेजने लगे हैं। इससे फसल सुरक्षा भी हो रही है। कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने काफी समय पहले ओन्हारी फसल ली थी। इस बार उन्होंने फिर से यह फसल लगाई है। यह बताता है कि मवेशियों से फसल सुरक्षा बेहद आवश्यक थी।
    गौठान और गोधन न्याय योजना से इसका रास्ता खुला। यह खेती और पशुपालन की बेहतरी के लिए शानदार योजना है। साथ ही जैविक खेती की ओर भी इससे राह प्रशस्त होती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार किसानों ने गौठान के लिए मुक्त हस्त से पैरादान किया था। गोमाता के संवर्धन के लिए ये सबसे उत्तम कार्य है। इस बार भी खेतों में फसल अवशेष जलाएं नहीं अपितु पैरादान करें।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गौठान ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में स्थापित होंगे। अभी स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दीपावली को देखते हुए उत्पाद तैयार किये हैं। इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। इन्हें स्थानीय जरूरत के मुताबिक चीजें तैयार करने के लिए कहा जा रहा है। अपने हुनर, गुणवत्ता और मेहनत से ये अपने उत्पादों की बाजार में जगह बना लेंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि धान उत्पादन करने वाले किसानों को एथेनॉल का प्लांट लगने से विशेष मदद मिलेगी। इसके लिए केंद्र से अनुमति मांगी गई थी, प्लांट आरम्भ होने से धान उगाने वाले किसानों की समृद्धि और बढ़ेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को खेती किसानी में किसी तरह की दिक्कत न आये, इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त ऐसे समय में दी गई जब किसानों को खेती के लिए सबसे ज्यादा राशि की जरूरत होती है।

    संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक शहीदों के परिजनों को भेंट करेंगे मुख्यमंत्री का संदेश
    शहीद जवानों का बलिदान अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
    परिजनों को विगत दो वर्षों में प्रदान की गई 21 करोड़ रुपये की सहायता राशि

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीपावली के पावन पर्व पर शहीद जवानों के परिजनों को शुभकानाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री बघेल का शुभकामना संदेश पुलिस महानिदेशक स्वयं शहीद के परिजनों को भेंट करेंगे। शुभकामना संदेश संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी माध्यम से शहीदों के परिजनों को भेंट किया जायेगा। पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी पुलिस अधीक्षकों को शहीदों के परिजनों को सम्मान सहित शुभकामना संदेश भेंट करने हेतु निर्देशित किया गया है।
    मुख्यमंत्री बघेल ने शहीदों की शहादत को नमन करते हुए कहा है कि राज्य बनने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ पुलिस के 517 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर राज्य और देश के लिए बलिदान दिया है। हमारे जवानों के शौर्य और पराक्रम को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। शासन द्वारा शहीदों के परिजनों के कल्याण हेतु तत्परता से कार्यवाही की जा रही है। विगत दो वर्षों में 47 शहीदों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है। इसके साथ ही शहीदों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, विगत दो वर्षो में शहीदों के परिजनों को लगभग 21 करोड़ रूपए की सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के परिजनों को आर्थिक कठिनाई न उठाना पड़े इसके लिए हम सदैव चिंतित हैं। इसी तारतम्य में शहीद जवानों के परिजनों को दी जाने वाली एक्सग्रेशिया राशि (अनुग्रह अनुदान) 03 लाख रूपये से बढ़ाकर 20 लाख रूपए भी कर दी गयी है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर शहीदों के परिजनों की समस्याओं का तत्काल निराकरण किया गया। परिजनों द्वारा निजी कारणों से स्थानांतरण और आवास आवंटन की मांग की गई, जिस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए मौके पर ही उन्हें स्थानांतरण और आवास आबंटन के आदेश प्रदान कर दिये गये।
    मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शहीदों के परिजन स्वयं को अकेला ना समझें, आप हमारे परिवार का हिस्सा हैं और आपके हर सुख-दुख में हम हमेशा आपके साथ हैं। दीपावली अंधकार को मिटाकर रोशनी फैलाने का पर्व है। इस पर्व पर मेरी शुभकानाएं हैं कि आपके परिवार में हमेशा खुशियों की रोशनी बनी रहे।
    मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों के शौर्य को याद करते हुए कहा कि उन्होंने असाधारण वीरता और कर्तव्य निष्ठा का परिचय देते हुए अपनी जान की भी परवाह नहीं की। जवानों का साहस और शौर्य हम सभी के लिए हमेशा अनुकरणीय रहेगा। हमारे जवानों की शहादत को सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरा देश याद रखेगा।

    जांजगीर-चांपा / शौर्यपथ / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जांजगीर-चांपा के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय हस्त निर्मित उत्पादों का विक्रय एवं प्रदर्शन केन्द्र (बिहान बाजार) कचहरी चौक पर लगाया जा रहा है। धनतेरस से दीपावली तक यहां पर स्व सहायता समूह की ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं के द्वारा मिट्टी, गोबर आदि से बनाए गए दीपक, सुगन्धित अगरबत्ती, धूपबत्ती, कोसा के कपड़े, फिनायल आदि सामग्री एक ही स्थान पर आमजन के लिए उपलब्ध कराएंगी। कलेक्टर यशवंत कुमार ने नागरिकों से अपील की कि वे स्थानीय स्व सहायता समूहों के द्वारा विभिन्न हस्त निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक कचहरी चौक एवं अन्य बिहान समूहों से खरीदारी करें। इसको लेकर बुधवार को जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तीर्थराज अग्रवाल ने स्थल निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को समूह के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने कहा।
    कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में स्थानीय लोगों को बढ़ावा देने के लिए धनतेरस से दीपावली पर्व तक स्व सहायता समूह के द्वारा विभिन्न हस्त निर्मित उत्पादों को एक मंच प्रदान करने के लिए तीन दिवसीय विक्रय एवं प्रदर्शन केन्द्र (बिहान बाजार) का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे हमारे परंपरागत व्यवसाय से जुड़े लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे और उनकी आमदनी भी होगी। शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत निर्मल जांजगीर स्व सहायता समूह की महिलाएं द्वारा मिट्टी, गोबर से बनाए गए आकर्षक सुंदर दीये, मूर्तियां, पूजन सामग्री का स्टॉल लगाया जाएगा। समूह द्वारा मिट्टी, गोबर से पिछले कई दिनों से मेहनत करते हुए रंगबिरंगे दिए तैयार किए गए है, जिन्हें बाजार में नागरिकों के लिए विक्रय के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा जय मॉ मौली दाई स्व सहायता समूह नवापारा, सरस्वती स्व सहायता समूह पेंड्री द्वारा जिले की शान कोसा के कपड़ों का स्टॉल लगाया जाएगा। जिसमें समूह के द्वारा तैयार की गई साड़ी, ठंड से बचने के लिए शॉल, लेडीस सूट एवं अन्य कपड़ों को नागरिकों को उपलब्ध कराया जाएगा। तो वहीं जनपद पंचायत नवागढ़ के प्रगतिशील स्व सहायता समूह पेंड्री एवं छग मछुवारा स्व सहायता समूह गोद के द्वारा घरों के फर्श को साफ-स्वच्छ एवं बीमारियों से बचाने के लिए तैयार बिहान फिनायल का विक्रय किया जाएगा।
    इसके अलावा अन्य समूहों द्वारा भी गांव-गांव में समूहों के द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों को भी स्थानीय स्तर पर नागरिकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। समूह की महिलाओं ने भी अपील करते हुए कहा कि-दीदी बहिनी मन हर आए छत्तीसगढ़ के दुलारी, समूह के समान बिसाके मनावव सुघ्घर दीवाली।

    डीजीपी अवस्थी ने 12वीं के 88 मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
    मेधावी विद्यार्थियों को 3 हजार रूपए प्रतिमाह मिलेगी स्कॉलरशिप

    रायपुर / शौर्यपथ / डीजीपी डी.एम. अवस्थी ने आज मैरिट स्कॉलरशिप योजना के तहत् कक्षा बारहवी के 88 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में रायपुर एवं आसपास के जिलों के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए एवं शेष बच्चों को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा गया।
    डीजीपी अवस्थी ने इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं से मुलाकात करते हुए कहा कि अच्छे अंकों के साथ ही अच्छा इंसान भी बनें, इससे ही जीवन में सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 90 मेधवी छात्र-छात्राओं की तुलना में इस वर्ष करीब 200 छात्र-छात्राओं ने 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े हुए छात्र-छात्राएं कभी भी आकर मुझसे मार्गदर्शन ले सकते हैं। जो बच्चे मेरिट स्कॉलरशिप में शामिल हुए हैं उन्हें 3 हजार रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जायेगा।
    डीजीपी अवस्थी ने बच्चों से कहा कि आप अपने आसपास और अपने भाई बहन को अपने जैसा और प्रतिभावान बनायें। जो बच्चे कुछ नम्बरों से पीछे रह गये हैं वे हार ना मानें। आज का दिन अविस्मरणीय है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करने में कोई पीछे ना रहे इसके लिए यह आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में एक मेधावी छात्र की मां ने कहा कि बच्चों की वजह से ही हमारा सम्मान हुआ है।
    कार्यक्रम में सम्मिलित बच्चों ने बताया कि उनका चयन उच्च शिक्षण संस्थानों में हो चुका है। छात्रा करीना भास्कर ने बताया कि उनका चयन एनआईटी रायपुर, अंजली जगने का एनआईटी भोपाल, विकाश टिकरिहा का एनडीए, श्रुति वासनिक का एग्रीकल्चर साइंटिस्ट एवं लीसा उईके का क्लैट जैसे संस्थानों में चयन हुआ है। कार्यक्रम में एडीजी हिमांशु गुप्ता, डीआईजी विनीत खन्ना एवं एआईजी राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे।

    // शुभारंभ समारोह में 27 तहसील भवनों और एक-एक वाहन के लिए दी मंजूरी
    // 27 तहसीलों के कार्यालय भवन के लिए कुल 19.20 करोड़ रूपए की स्वीकृति
    // नई तहसीलों में वाहन के लिए 1.75 करोड़ रूपए की मंजूरी
    // बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिले में 3-3, रायपुर, दुर्ग, कोरबा और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2-2 नवीन तहसीलें
    // धमतरी, राजनांदगांव, बालोद, मुंगेली, सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर,जशपुर और सुकमा जिले में एक-एक नई तहसीलें
    // प्रदेशवासियों से स्थानीय शिल्पियों और विक्रेताओं द्वारा निर्मित मिट्टी के दीये,मूर्तियों, पूजन सामग्री खरीदने की अपील
    // पारंपरिक विक्रेताओं के लिए समस्त प्रकार के बाजार शुल्क समाप्त: इन विक्रेताओं को कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में प्रदेश के 23 नवीन तहसीलों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नई तहसीलों के बनने से जिलों में राजस्व प्रशासन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, विकास कार्यों को गति मिलेगी और आम जनता को प्रशासनिक सुविधाएं बेहतर ढंग से मिल सकेंगी। इसके साथ ही किसानों और जनहितकारी योजनाओं के हितग्राहियों को बेहतर सेवा और जतन का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने शुभारंभ समारोह में ही 23 नवीन और 4 पुरानी तहसीलों के लिए कार्यालय भवन निर्माण और एक-एक वाहन की मंजूरी की घोषणा भी की।
    मुख्यमंत्री ने 23 नवीन और 4 पुरानी तहसीलों कुल 27 तहसीलों के लिए कार्यालय भवन निर्माण के लिए कुल 19 करोड़ 20 लाख रूपए और सभी तहसील कार्यालयों में एक-एक वाहन की व्यवस्था के लिए कुल 1 करोड़ 75 लाख रूपए की मंजूरी की घोषणा की। प्रत्येक तहसील कार्यालय भवन का निर्माण 71.12 लाख रूपए की लागत से किया जाएगा। इसी तरह वाहन क्रय के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए के मान से राशि स्वीकृत की गई है।
    इन 23 नवीन तहसीलों का गठन राज्य के 15 जिलों में जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। नवगठित तहसीलों में रायपुर जिले में 2 नवीन तहसीलें खरोरा और गोबरा नवापारा, धमतरी जिले में 1 नवीन तहसील भखारा, दुर्ग जिले में 2 नवीन तहसील बोरी और भिलाई-3, राजनांदगांव जिले में 1 नवीन तहसील गंड़ई, बालोद जिले में 1 नवीन तहसील अर्जुन्दा, बिलासपुर जिले में 3 नवीन तहसील सकरी, रतनपुर और बेलगहना, मुंगेली जिले में 1 नवीन तहसील लालपुर थाना, जांजगीर-चांपा जिले में 3 नवीन तहसील सारागांव, बम्हनीडीह और बाराद्धार, कोरबा जिले में 2 नवीन तहसील दर्री और हरदीबाजार, सरगुजा में 1 नवीन तहसील दरिमा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 नवीन तहसील रामचन्द्रपुर और सामरी, कोरिया जिले में 1 नवीन तहसील केल्हारी, सूरजपुर जिले 1 नवीन तहसील लटोरी, जशपुर जिले में 1 नवीन तहसील सन्ना और सुकमा जिले में 1 नवीन तहसील गादीरास गठित की गई है। नवीन तहसीलों के गठन की अधिसूचना के आज 11 नवम्बर को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही ये तहसीलें प्रभावशील हो गई हैं।
    नवीन तहसीलों के शुभारंभ कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक मोहन मरकाम, धनेन्द्र साहू, पुरूषोत्तम कंवर, श्रीमती रश्मी सिंह, श्रीमती अनिता शर्मा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय राजेश तिवारी और विनोद वर्मा उपस्थित थे।
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नई सरकार के गठन के बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2019 को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही नया जिला और 25 नई तहसीलों की घोषणा की गई थी। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला 10 फरवरी 2020 को बना और वहां 500 करोड़ रूपए के अधिक के विकास कार्यों की स्वीकृति दी गई। जिससे नए जिले में विकास कार्यों को गति मिली। घोषित कि गई 25 नई तहसीलों में से आज एक साथ 23 नई तहसीलों का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी नई तहसीलों के निवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इस बार दीवाली कोरोना कोविड-19 महामारी के साये में मनाई जा रही है। त्यौहारों की उमंग के साथ कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और सुरक्षा उपायों का पालन जरूरी है।
    मुख्यमंत्री ने दीपावली के शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों से परंपरागत रूप से कार्य करने वाले शिल्पियों द्वारा निर्मित मिट्टी के दीये, मूर्तियों, पूजन सामग्री, गौठानों में महिला स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्रियों और पकवानों का क्रय कर उन्हें प्रोत्साहन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि समस्त प्रकार का बाजार शुल्क समाप्त कर दिया गया है। अब इन विक्रेताओं को कोई शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है। जिला प्रशासन और नगर निगम को यह निर्देश दिए गए है कि वे वेंडिंग जोन के अतिरिक्त शहर के मुख्य मार्गों पर रोड मार्किंग कर तथा नगरीय निकाय शासन के स्वामित्व के मैदान, बाजार, स्टेडियम आदि के विक्रेताओं के बैठने की व्यवस्था करें।
    इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज बहुत खुशी का दिन है, जब एक साथ 23 नई तहसीलों का शुभारंभ हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि नई तहसीलों के शुभारंभ के साथ-साथ इनके कार्यालय भवन और वाहन के लिए भी मुख्यमंत्री जी ने स्वीकृति प्रदान की है। लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, विधायक धनेन्द्र साहू, मोहन मरकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नई तहसीलों के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि इन नई तहसीलों के अलावा 12 से 13 नई तहसीलों के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इस अवसर पर राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य भी उपस्थित थीं।
    गौरतलब है कि तहसीलों के पुनर्गठन को लेकर आम जनता की बहुप्रतिक्षित मांग को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप प्रदेश शासन द्वारा मूर्तरूप दिया गया है। इन नवीन तहसीलों के शुरू हो जाने से अब ग्रामीणों औैर किसानों को अपने राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण में सहूलियत होगी।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच चल रहा सीमा विवाद जल्द ही सुलझ सकता है, दरअसल जानकारी है कि दोनों देशों की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख के सेक्टर में डिस्इंगेजमेंट को लेकर चर्चा की है, जिसके तहत दोनों देशों के जवान अप्रैल-मई वाली अपनी पुरानी यथास्थिति पर लौट जाएंगे. इस पर 6 नवंबर को चुशुल में कॉर्प्स-कमांडर लेवल की आठवें चरण की बातचीत में चर्चा हुई थी.
    सेना ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नही की है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस पर सहमति बन गई है, हालांकि हस्ताक्षर नहीं हुए हैं. मामला संवेदनशील है इसलिए जब तक जमीन पर पूरी तरह से अमल नही हो जाता तब तक वो कुछ कहने से बच रही है. इस प्लान पर जल्द फिर से कोर कमांडर लेवल पर मीटिंग हो सकती है.
    डिस्इंगेजमेंट प्लान को तीन चरणों में बांटा गया है, जो बातचीत के अगले एक हफ्ते में लागू किया जाएगा. पहले दौर में इसके तहत पैंगॉन्ग झील के इलाके से दोनों देशों की आर्म्ड व्हीकल यानी कि तोप और टैंक एलओसी से पीछे जाएंगे. दूसरे दौर में पेंगोंग लेक के उत्तरी किनारे से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे. चीन अपनी सेना को फिंगर 8 के पीछे यानी अपनी पुरानी जगह पर ले जाएगा और भारत अपनी सेना को ध्यान सिंह पोस्ट के प्रशासनिक ब्लॉक के पास लेकर आएगा.
    तीसरे स्टेप में पेंगोंग के दक्षिणी इलाके से दोनों देशों की सेनाएं भी पीछे हटेंगी. इस एरिया में भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले रणनीतिक पोजीशन पर कब्जा कर रखा है और चीन ने अपनी पोजीशन मजबूत कर ली थी. दोनो पक्षों ने यह भी तय किया है वो मिलकर यूएवी के जरिए इसकी निगरानी करेंगे. भारतीय पक्ष इसको लेकर काफी सतर्क है क्योंकि पिछले बार ऐसी ही घटना में गलवान घाटी में 20 जवानों की जान चली गई थी.
    दोनो पक्ष इसलिए भी इस योजना पर तैयार हुए हैं क्योंकि फिलहाल पूर्वी लद्दाख में चोटियों पर भारी बर्फबारी हो रही है. करीब 15-16 हज़ार की ऊंचाई पर तापमान माइनस 45 डिग्री तक चला जाता है. इससे दोनों देशों की सैनिको की परेशानी बढ़ सकती है अगर कुछ समाधान निकल जाता है तो सेना पहले की तरह अप्रैल-मई वाली अपनी पुरानी जगह पर चली जाएगी.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / एक नीले रंग की स्कूटी, जिस पर नंबर प्‍लेट नहीं और उस पर 2 लड़के सवार...इस स्‍कूटी को बीते एक महीने से दिल्ली के पांच जिलों की पुलिस सरगर्मी से खोज रही थी. धरपकड़ के लिए वायरलेस सेट पर अफसर मैसेज पर मैसेज दे रहे थे. जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई जाती थी, लेकिन यह स्कूटी पकड़ में नहीं आ रही थी. स्कूटी पर सवार दोनों लड़के दक्षिणी और दक्षिणी पूर्वी दिल्ली में झपटमारी की सबसे ज्यादा वारदात कर रहे थे और ज्यादातर ऑटो में बैठे लोगों को टारगेट करते थे
    दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर के मुताबिक, मैदानगढ़ी थाने के एसएचओ जतन सिंह की टीम ने CCTV फुटेज के जरिये इनका पूरा रूट मैप बनाया, जिससे पता चला कि ये लोग दक्षिणी दिल्ली से वारदात के बाद सीलमपुर जाते हैं. ये रुट मैप करीब 30 किलोमीटर लम्बा था. इसके बाद सीलमपुर में इनके बारे में पता किया गया और पहले अब्दुल्लाह और फिर उसकी निशानदेही पर उसके साथी मोहम्मद सलमान को गिरफ्तार कर लिया गया.
    दोनों ने झपटमारी की करीब 35 वारदात की हैं. दोनों आरोपियों की उम्र करीब 25 साल है और दोनों सीलमपुर के रहने वाले हैं. दोनों ने बताया कि वो समय और जगह बदल-बदल कर हर रोज दक्षिणी और दक्षिणी पूर्वी दिल्ली आकर लोगों से मोबाइल छीनते थे और अपने एक साथी फरदीन को बेचते थे.पुलिस अब फरदीन की तलाश कर रही है.

    नई दिल्ली / शौर्यपथ /दिल्ली में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में बेड्स की संख्या को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को पत्र लिखा है. पत्र में केजरीवाल ने केंद्र सरकार के अस्पतालों में 1,092 बेड्स बढ़ाने को कहा है जिनमें 300 आईसीयू बेड्स भी शामिल हैं. केजरीवाल ने डॉक्टर वीके पॉल समिति की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए लिखा है कि समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में 11,909 मामले प्रतिदिन सामने आ सकते हैं, जिसके लिए 20,604 बेड्स की जरूरत होगी.
    पत्र में लिखा है कि एंपावर्ड ग्रुप की तीसरी रिपोर्ट के हिसाब करीब 4900 बेड्स की कमी है, जिनकी संख्या दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के अस्पतालों में बढ़ानी होगी. बता दें कि दिल्ली में कुल कोरोना बेड की संख्या 16508 है. ऐसे में मौजूदा स्थिति की बात करें तो कोरोना एप के मुताबिक, 11 नवंबर को दोपहर 1 बजे तक दिल्ली में 8487 बेड पर मरीज भर्ती है जबकि 8021 बेड अभी खाली पड़े हैं.
    वहीं कोविड -19 आईसीयू बेड की बात करें तो वेंटिलेटर युक्त आईसीयू बेड की कुल संख्या 1270 है, जिसमें से 1108 आईसीयू बेड पर मरीज भर्ती हो चुके हैं जबकि 108 आईसीयू बेड ही अब खाली पड़े हैं. इसके साथ ही कोविड-19 के बिना वेंटिलेटर के आईसीयू बेड की संख्या की बात करें तो इनकी कुल संख्या 2066 है, जिसमें से 1718 आईसीयू बेड पर मरीज भर्ती है जबकि 348 बेड खाली पड़े हैं.

    दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक, 'बेड्स बढ़ाने के लिए हमने केंद्र को चिट्ठी लिखी है. केंद्र सरकार ने दो-ढाई महीने पहले कहा था कि एक हजार के करीब बेड बढ़ाए जाएंगे. हमने चिट्ठी लिखकर कहा है कि केंद्र अपने कोरोना अस्पतालों में ये हजार बेड्स बढ़ाए और साथ ही 300 के करीब आईसीयू बेड्स भी बढ़ाए जाएं.'

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / हैदराबाद बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से उत्‍साहित असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुसिलमीन अब उत्‍तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्‍यों में भी अपने पैर फैलाने पर विचार कर रही है. बिहार चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुसिलमीन ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है. हैदराबाद में संवाददाताओं से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी बिहार के सीमांचल क्षेत्र में न्‍याय के लिए लड़ेगी. इन आरोपों पर कि उनकी पार्टी ने बीजेपी विरोधी वोटों को विभाजित किया, ओवैसी ने कहा कि वह एक राजनीतिक पार्टी चला रहे हैं और इसे अपनी मर्जी से चुनाव लड़ने का अधिकार है.
    उन्‍होंने कहा, 'क्‍या आपका मतलब यह है कि हम चुनाव न लड़े. आप (कांग्रेस) जाकर शिवसेना की गोद (महाराष्‍ट्र) में बैठ गई. यदि कोई पूछता है कि आप यहां चुनाव क्‍यों लड़े....मैं पश्चिम बंगाल, उत्‍तर प्रदेश और देश की हर इलेक्‍शन में लड़ूंगा.' क्‍या उनकी पार्टी किसी अन्‍य राज्‍य में चुनाव लड़ेगी, इस सवाल पर ओवैसी ने कहा, 'क्‍या मुझे चुनाव लड़ने के लिए किसी की अनुमति लेने की आवश्‍यकता है.'
    हालांकि उन्‍होंने यह स्‍पष्‍ट नहीं किया कि उनकी पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी या अन्‍य पार्टियों के साथ गठबंधन करके. ओवैसी ने कहा, 'ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्‍तेहादुल मुसिलमीन वर्ष 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में लड़ेगी. वक्‍त बताएगा कि हम किसके साथ गठजो़ड़ करते हैं.' ओवैसी ने इस दौरान बंगाल के कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा बिहार के चुनावों में उनकी पार्टी को 'वोटकटवा' कहने पर भी निशाना साधा. उन्‍होंने पूछा कि चौधरी ने अपने संसदीय क्षेत्र में मुस्लिमों के कल्‍याण के लिए क्‍या किया है.

    त्यौहार स्पेसल / शौर्यपथ / धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा के प्रसाद में कई तरह के भोग तैयार किए जाते हैं। ऐसे ही एक भोग का नाम है खोए की बर्फी । मावा या खोए की बर्फी देश भर में खूब पसंद की जाती है। इस मिठाई को व्रत और त्योहार के मौके पर खास तौर से तैयार किया जाता है। खोए की बर्फी न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है, साथ ही बनने में भी बेहद आसान होती है। तो आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है यह स्वादिष्ट खोए की बर्फी।

    खोए की बर्फी बनाने के लिए सामग्री-
    -1 कप खोया
    -1/4 कप घी
    -1/2 कप चीनी पाउडर
    -¼ टी स्पून इलायची पाउडर

    -खोए की बर्फी बनाने की वि​धि-
    खोए की बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी पैन में घी गर्म करके उसमें खोया डालकर भून लें। ध्यान रहे खोए के मिक्सचर को लगातार चलाते रहे। जब यह मिक्सचर बीच में इकट्ठा होने लगे, तो इसमें चीनी डालकर हल्की आंच पर अच्छी तरह भूनें ताकि चीनी पूरी तरह मिश्रण में घुल जाए।जब मिक्सचर बीच में एक बॉल की तरह बन जाए, तो इसे एक घी लगी प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने पर इसे अपनी पसंद की शेप में काटकर सर्व करें।

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