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नई दिल्ली / शौर्यपथ / अयोध्या उत्तर प्रदेश के अयोध्या में इस बार की दीवाली स होने जा रही है. योगी सरकार अयोध्या में पहली बार वर्चुअल दीपोत्सव का आयोजन कर रही है. वर्चुअल दीप जलाकर आप रामलला का आशीर्वाद पा सकते हैं. इस आयोजन के जरिए रामलला दरबार में हर श्रद्धालु अपनी हाजिरी लगा सकेगा. दीपोत्सव के लिए जल्द नई वेबसाइट लांच की जाएगी. दीप जलाने के बाद श्रद्धालुओं को धन्यवाद-पत्र भी दिया जाएगा.
वर्चुअल दीपोत्सव पर संतगणों ने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं. अगर हमारी श्रद्धा, भावना और आचार-विचार में शुद्धता है तो हमारी प्रार्थना आराध्य तक जरूर पहुंचेगी. कुछ इसी विश्वास के साथ इस बार 'अयोध्या दीपोत्सव' में करोड़ों राम भक्त श्रीरामलला दरबार में वर्चुअल हाजिरी लगाएंगे. करीब पांच शताब्दी की प्रतीक्षा के बाद अब जबकि श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण का सपना पूरा हो रहा है, ऐसे में कोई भी श्रद्धालु राम दरबार में आस्था-दीप जलाने से वंचित न रहे, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी की सहभागिता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर सरकार एक पोर्टल तैयार करवा रही है, जहां वर्चुअल दीप जलाए जा सकेंगे.
रियल जैसा अनुभव देगा वर्चुअल दीपोत्सव
प्रदेश सरकार द्वारा तैयार कराया जा रहा यह अनूठा वर्चुअल दीपोत्सव प्लेटफार्म बिल्कुल रियल जैसा अनुभव देगा. पोर्टल पर श्रीरामलला विराजमान की तस्वीर होगी, जिसके समक्ष दीप वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलन होगा. यहां सुविधा होगी कि श्रद्धालु अपने भावानुसार मिट्टी, तांबे, स्टील अथवा किसी अन्य धातु के दीप-स्टैंड का चयन करे. घी, सरसों अथवा तिल के तेल का विकल्प भी उपलब्ध होगा. यही नहीं श्रद्धालु अगर पुरुष है तो पुरुष अथवा महिला है तो महिला के वर्चुअल हाथ दीप प्रज्ज्वलित करेंगे. दीप जलाने के बाद श्रद्धालु के विवरण के आधार पर रामलला की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से धन्यवाद-पत्र भी जारी होगा. 13 नवम्बर को प्रस्तावित मुख्य समारोह से पूर्व यह वेबसाइट आमजन के लिए उपलब्ध हो जाएगी. बता दें कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीपोत्सव में वर्चुअली सहभागिता कर रहे हैं.
भव्यता में कमी नहीं पर कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव को भव्य-दिव्य बनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन स्पष्ट कहा है कि कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. प्रतिदिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं. जितने भी कार्यक्रम होंगे सभी में COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा है कि दीपोत्सव पर राम की पैड़ी के साथ सभी मठ मंदिरों व घरों में ऐसे दीप जलेंगे, जिससे भगवान राम की नगरी अयोध्या दीप के प्रकाश से पूरी तरह से अलोकित हो जाए. इस बार करीब साढ़े पांच लाख दीप जलाने की तैयारी है. मुख्यमंत्री योगी रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियों का अवलोकन करेंगे. साथ ही, श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप, की आरती कर श्री राम का राज्याभिषेक करेंगे और जन्मभूमि परिसर में रामलला की आरती भी उतारेंगे. मुख्यमंत्री खुद सभी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं.
खाना खजाना / शौर्यपथ /सर्दियों में अलग-अलग तरह के पराठे खाने का अलग ही मजा है। ब्रेकफास्ट के लिए पराठे बेस्ट ऑप्शन है। आइए, जानते हैं आज मूली के पराठे बनाने का तरीका-
सामग्री :
2 मूली
2 हरी मिर्च बारीक कटी
आधी कटोरी हरा धनिया बारीक कटा
अदरक एक टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ
एक चम्मच चाट मसाला
एक छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
स्वादानुसार नमक
आटा गूंदने के लिए सामग्री
3 कप गेहूं का आटा
आधा चम्मच अजवाइन
आधा छोटा चम्मच नमक
घी या मक्खन (पिघला हुआ पराठे सेंकने के लिए)
विधि : सबसे पहले एक बर्तन में आटे में अजवाइन, नमक और पानी डालकर आटा गूंद लें। ध्यान रहे आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही ज्यादा नर्म।
मूली को छीलकर धो लें और फिर इसे कद्दूकस करें। कद्दूकस की हुई मूली को दोनों हाथों से दबाकर उसका पानी अच्छी तरह निचोड़ लें।
अब मूली में हरी मिर्च , चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, हरी धनिया और नमक डालकर मिक्स करें।
फिर आटे की लोई बनाकर उसकी छोटी पूरी बेलकर, इसके बीच में मूली का मिश्रण रखें और पूरी को चारों ओर से पलटकर मिश्रण को उसमें बंद करके फिर लोई बनाएं। अब इस लोई को बेलकर पराठा बनाएं।
इसके बाद गैस पर तवा रखकर गर्म करें। फिर गर्म तवे पर थोड़ा घी डालें। उस पर पराठा डालकर मध्यम आंच पर सेंकें। - अब पराठे के ऊपरी तरफ भी चम्मच से घी लगाएं और इसे पलटकर दूसरी तरफ से भी सेंकें। ऐसे ही सभी पराठे सेंक लें।
लीजिए तैयार हैं गर्मागर्म मूली के पराठे।चटनी या दही के साथ इनका स्वाद लें।
सेहत / शौर्यपथ / फिटनेस पाने के लिए लोग क्या-क्या जतन करते हैं। कई सर्वे के अनुसार आप शरीर पर चर्बी होने के कारण कई बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में आपको बैली फैट कम करने के साथ फिट रहने की कोशिश करनी चाहिए। खुद को फिट रखने में ब्रेकफॉस्ट का भी अहम रोल होता है, ऐसे में आपको अगर हमेशा स्लिम ट्रिम रहना है, तो ऐसी 5 चीजें हैं, जो आपको नाश्ते में बिल्कुल नहीं खानी चाहिए-
प्रोसेस्ड फूड
ऐसे खाद्य पदार्थों को कई बार पकने की क्रिया से गुजरना पड़ता है। साथ ही तेल, मसाले, घी होने की वजह से ये सेहत के लिए भी अच्छे नहीं होते। आपको चिप्स, पॉपकॉर्न, ड्राई फ्रूट्स, स्नैक्स आदि से दूर रहना चाहिए।
केक, कुकीज
केक और कुकीज में मैदे के अलावा घी और क्रीम का इस्तेमाल होता है, जो आपकी फिटनेस के हिसाब से बिल्कुल भी सही नहीं है इसलिए आपको नाश्ते में इन चीजों को नहीं खाना चाहिए।
नूडल्स
नूडल्स खाने में तो बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन इसे हेल्दी ब्रेकफॉस्ट नहीं माना जा सकता है, इसी वजह से आपको नूडल्स नाश्ते में बिल्कुल नहीं खाने चाहिए।
फ्रूट जूस
आपको कोशिश करनी चाहिए कि मार्केट में उपलब्ध फ्रूट जूस बिल्कुल न पिएं बल्कि आप घर में ही फलों का जूस निकालकर पी सकते हैं। आपके पास अगर जूस की जगह फल खाने का समय है, तो नाश्ते के लिए सबसे बेहतरीन रहेगा।
पकौड़े-कचौड़ी
सुबह-सुबह तली चीजें खाना बिल्कुल भी सही नहीं है। आप पकौड़े और कचौड़ी जैसी तली हुई चीजें सुबह नहीं खाएंगे, तो आपकी सेहत के लिए अच्छा रहेगा।
शौर्यपथ / त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। कुछ ही दिनों में दिवाली, भैया दूज भी आने वाले हैं। ऐसे में हर उत्सव का मजा दोगुना करने और रिश्तों में मिठास घोलने के लिए लोग घर पर ही कई तरह की मिठाइयां बनाते हैं। ज्यादातर मिठाइयां मावा से बनाई जाती हैं, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होती हैं। लेकिन मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला मावा अगर नकली हो तो न सिर्फ त्योहार का मजा खराब हो जाता है बल्कि सेहत को भी काफी नुकसान होता है। अगर आप भी नकली माला खरीदने और सेहत को होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं तो मावा खरीदते समय ध्यान रखें ये जरूरी बातें।
-मावा खरीदते समय ध्यान रखें ये जरूरी बातें-
1-मावा पहचानने का सबसे आसान तरीका है कि यह ध्यान रखें कि असली खोया मुलायम और नकली खोया दरदरा होता है।
2- मावा खरीदने से पहले थोड़ा मावा खाकर देखें, मावा अगर असली होगा तो मुंह में चिपकेगा नहीं जबकि नकली मावा चिपक जाएगा।
3- हथेली पर खोया को लेकर उसकी गोली बनाएं। अगर यह फटने लग जाए तो समझ जाएं मावा नकली है या फिर इसमें मिलावट की गई है।
4- मावा या खोया को अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़ें। अगर यह असली है तो इसमें से घी की महक आएगी।
5- असली मावे को खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा। जबकि नकली मावा चखने पर स्वाद में कसैला होता है
6- मावे में थोड़ी चीनी डालकर गरम करें।अगर ये पानी छोड़ने लगे तो यह नकली खोया है।
7- असली खोया पानी में जल्दी घुल जाता है जबकि नकली खोया पानी में जल्दी नहीं घुलता।
8- असली खोया चिपचिपा नहीं होता बल्कि नकली खोया चिपचिपा होता है।
9- नकली मावे का पता लगाने के लिए उसे पानी में डालकर फेंटने से वह दानेदार टुकडों में अलग हो जाएगा।
10-असली खोया सफेद रंग का और नकली हल्का पीले रंग का होता है।
धर्म संसार / शौर्यपथ / सुख-समृद्धि की कामना के साथ त्योहार मनाए जाते हैं। हर त्योहार से जुड़ी तैयारियां वास्तु के सिद्धांत पर ही आधारित हैं। दीपावली के अवसर पर वास्तु के अनुसार त्योहारों की तैयारियां करें। आइए जानते हैं इनके बारे में।
त्योहारों के अवसर पर अपने घर या प्रतिष्ठान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर या प्रतिष्ठान के प्रवेश द्वार पर की जाने वाली सजावट के लिए चावल के आटे, रंगीन पाउडर, फूल, आम के पत्ते का प्रयोग करें। घर में रखे अनुपयोगी सामान को घर से बाहर कर दें। घर की साज सज्जा में विविध रंगों का इस्तेमाल करें। घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीया जलाएं। त्योहार के अवसर पर किसी को भी पानी वाली चीजें या शोपीस उपहार में न दें। अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित चीजें भी किसी को उपहार में न दें। किसी को भी भगवान श्रीगणेश-माता लक्ष्मी की मूर्ति उपहार में न दें। घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के निशान लगाना शुभ माना जाता है। पैरों की दिशा द्वार से अंदर आते हुए हो। दीपावली पर घर या दुकान के मुख्यद्वार के पास किसी बर्तन में पानी भरकर उसमें फूल डाल दें। इस बर्तन को मुख्यद्वार की पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। त्योहार पर बर्तनों में पीतल, तांबे या चांदी के बर्तन ख़रीद सकते हैं। सोने या चांदी का सिक्का ख़रीदना भी शुभ होता है। दीपदान के लिए मिट्टी का दीपक ही जलाएं। दीपावली पर मिट्टी के दीए जरूर जलाएं। त्योहारों पर मखाने की खीर बनाने से घर में संपन्नता आती है। पूजाघर में सभी देवी-देवताओं की मूर्तियां बैठी हुई अवस्था में होनी चाहिए। दीपावली के दिन नई झाडू खरीदे। इस नई झाडू की पूजा कर आप पूरे घर की सफाई नई झाडू से करें।
शौर्यपथ / त्योहार हमारे जीवन में नई खुशियां, नई ऊर्जा और नया उत्साह लेकर आते हैं। दीपावली के साथ कई त्योहार आने वाले हैं। घर और प्रतिष्ठानों में त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वास्तु में कुछ आसान से उपाय बताए गए हैं जो इन त्योहारों पर आपके परिवार में सुख और समृद्धि में वृद्धि करने में सहायक हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
घर या प्रतिष्ठान का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। त्योहारों के स्वागत में घर या प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार को तोरण, रंगोली से सजाएं। घर के प्रवेश द्वार की सफाई का विशेष ध्यान रखें और प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक जलाएं। अगर घर या प्रतिष्ठान में रंग-रोगन की आवश्यकता है तो इसे जरूर कराएं। दीवारों पर दरारें, टूट-फूट, सीलन के निशान सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण नहीं कर पाती हैं। घर में जो वस्तुएं अनुपयोगी हैं और नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर रही हैं तो उन्हें घर से बाहर कर दें। त्योहारों पर घर या प्रतिष्ठान का वातावरण धूप-अगरबत्ती से सुगंधित करें। घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें और फूल, आम के पत्ते, रंगोली, रंगीन बल्ब आदि से घर या प्रतिष्ठान की साज सज्जा करें। रंगोली बनाते समय काले या भूरे रंग का प्रयोग न करें। त्योहार पर घर में बच्चों, बहू-बेटियों को रुपया-पैसा या दूसरी वस्तुओं का दान अवश्य करें। किसी को भी उपहार में चाकू या चमड़े आदि का सामान न भेंट करें। घर के कोने-कोने में नमक मिश्रित जल का छिड़काव करें। त्योहारों पर ध्यान रखें कि घर में कोई कमरा बंद न हो। पूजा में पीले वस्त्रों का प्रयोग करें। पीले आसन पर बैठकर पूजा करें। त्योहारों पर तुलसी के पौधे पर लाल या पीले रंग का वस्त्र चढ़ाएं और घी का दीप जलाकर रखें।
खेल / शौर्यपथ / अमेरिका में लंबे समय के इंतजार के बाद राष्ट्रपति के लिए हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं। जो बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप को इस चुनाव में हरा दिया है और बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। बाइडेन की इस जीत के बाद ट्विटर पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। क्रिकेट जगत में भी इस चुनाव को लेकर कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी राय रखी है। इसी बीच, जो बाइडेन की जीत के बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का एक छह साल पुराना ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
दरअसल, साल 2014 में जोफ्रा आर्चर द्वारा किए गए इस ट्वीट में आर्चर ने एक शब्द लिखा था, 'जो' लोग आर्चर के इस ट्वीट को जो बाइडेन की जीत के साथ जोड़कर देख रहे हैं और आर्चर की 6 साल पहले की गई भविष्षवाणी को सही मान रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स की टीम ने आर्चर के इस ट्वीट को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
जोफ्रा आर्चर का प्रदर्शन इस सीजन आईपीएल में काफी दमदार रहा था, उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की तरह से खेले 14 मैचों में 20 विकेट अपने नाम की थी। इस दौरान आर्चर काफी किफायती भी रहे थे और उनका इकॉनमी महज 6.55 का रहा था। हालांकि, आर्चर के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी राजस्थान की टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही थी। राजस्थान के बल्लेबाजों का प्रदर्शन इस पूरे टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा, कप्तान स्टीव स्मिथ का बल्ला भी शुरुआती मैचों के बाद खामोश ही दिखाई दिया। बेन स्टोक्स ने आखिरी के मैचों में कुछ अच्छी पारियां जरूर खेली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मनोरंजन / शौर्यपथ /करोड़ों लोगों के दिल में बसने वाले अभिनेता शहीर शेख जल्द शादी करने वाले हैं। जी हां, खबरों के मुताबिक, शहीर शेख रूमर्ड गर्लफ्रेंड रुचिका कपूर संग इस महीने के आखिर में शादी के बंधन में बंध जाएंगे। हाल ही में शहीर ने रुचिका कपूर संग फोटो शेयर कर रिलेशनशिप कन्फर्म किया।
रुचिका कपूर, एकता कपूर फिल्म्स की हेड हैं। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शहीर ने इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर कर रिलेशनशिप स्टेटस कन्फर्म किया है। एक एंटरटेनमेंट पोर्ट्ल के मुताबिक, दोनों नवंबर के अंत तक शादी कर सकते हैं। इसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार के लोग शामिल होंगे। कोर्ट मैरिज के बाद दोनों एक छोटा-सा सेलिब्रेशन घर पर रखेंगे।
सूत्र के मुताबिक ईटाइम्स के हवाले से पता चला है कि शहीर शेख काफी प्राइवेट इंसान हैं। वह अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में बात करना पसंद नहीं करते हैं। पहले भी उन्होंने कभी नहीं किया है। दो साल पहले शहीर की मुलाकात रुचिका से एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। उस समय रुचिका फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के काम में व्यस्त थीं। दोनों अच्छे दोस्त बने और डेढ़ साल पहले ही डेट करना शुरू किया। अब दोनों ही इस रिलेशनशिप को आगे लेकर जाना चाहते हैं।
बता दें कि शहीर शेख ‘महाभारत’, ‘ये रिश्ते हैं प्यार के’, ‘झांसी की रानी’ और ‘तेरी मेरी लव स्टोरी’ समेत कई सीरियल्स का हिस्सा रह चुके हैं।
बालोद / शौर्यपथ / राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी अंतर्गत निर्मित गौठानों में ‘‘गोधन न्याय योजना‘‘ के तहत् खरीदी गई गोबर से बनाई गई उत्पाद आजीविका का साधन बन रहे है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ही अन्य उत्पादन जैसे गोबर के दीए व जैविक कीटनाशक का निर्माण किया जा रहा है। जिला बालोद के महिला स्वसहायता समूहों एवं गौठान समितियों के द्वारा गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट के अलावा, फिनाइल, गोबर के दिये आदि अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही है।
वर्मी कम्पोस्ट एवं वर्मी कल्चर निर्माण हेतु बालोद जिले के गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों को सरकारी विभागों द्वारा गोबर, फसल व अन्य जैविक अवशेष एकत्रीकरण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्मी कल्चर उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग, भण्डारण एवं विक्रय की जानकारी से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। कृषि विभाग उप संचालक ने बताया कि जिले के 158 गौठानों में 2857 वर्मी बेड स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 1805 वर्मी बेड का निर्माण हो चुका है। 1351 वर्मी टांके भरे गये है तथा 955 वर्मी टांका में केचुआ (वर्म) डाला गया है, जिससे 287.10 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसका प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण के पश्चात समितियों के माध्यम से 250 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का विक्रय किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि रबी के अनाज दलहन, तिलहन, सब्जियों में इसका उपयोग होने लगा है। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोगों को जैविक खाद से उत्पादित अनाज, दाल, तिलहन, फल, सब्जी मिल सकेगा। इससे कृषकों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
रायपुर / शौर्यपथ / कोरोना संक्रमण की बेहतर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। राज्य में शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में दो हजार 686 आक्सीजन युक्त बेड हैं और 4827 बेड और बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्तमान में 25196 जनरल बेड, 1120 आई सी यू बेड, 724 एच डी यू बेड उपलब्ध हैं। कोविड मरीजों को लाने ले जाने के लिए 213 एबंुलेंस जिसमें 193 बेसिक लैब सुविधाओं वाली और 20 आधुनिक लैब सुविधाओं से लैस है। मुक्तांजलि के तहत 60 वाहन उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में 29 डेडिकेटेड कोविड केयर अस्पताल, 127 कोविड केयर सेंटर हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
