August 06, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर ऋषि कपूर को उनकी बेहतरीन एक्टिंग के लिए जाना जाता है। आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने फैन्स के दिलों में वह आज भी जीवित है। बताया जा रहा है कि वह बेटे रणबीर कपूर के साथ गुजराती फिल्म चाल जीवी लाइए के हिंदी रीमेक में काम करने वाले थे।
    सोर्स ने बताया कि ऋषि कपूर ने यह फिल्म देखी थी और उन्हें बहुत आई थी। इसलिए जब उन्हें फिल्म के रीमेक के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने दिलचस्पी दिखाई थी। यह भी बताया गया कि ऋषि ने रणबीर कपूर को भी फिल्म में बेटे की भूमिका निभाने के लिए मना लिया था। हालांकि, इस फिल्म को करने से पहले ही वह इस दुनिया को छोड़कर चले गए।
    कोकोनट मोशन पिक्चर्स के सीईओ रितेश लालन ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, 'हां हम, ऋषि कपूर और रणबीर कपूर को इस फिल्म के हिंदी रीमेक में कास्ट करने के लिए प्लान बना रहे थे। हमने मार्च में लॉकडाउन से ठीक पहले ऋषि के मैनेजर से बात करने की शुरुआत की थी, लेकिन महामारी के कारण सब खराब हो गया। इसके बाद ऋषि कपूर गुजर गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस फिल्म को लेकर रणबीर से अभी तक कोई बात नहीं है।
    चाल जीवी लाइए फिल्म एक ऐसे बेटे की कहानी है, जो हमेशा काम में व्यस्त रहता है। वह अपने पिता की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें वेकेशन पर लेकर जाता है। बताते चलें कि ऋषि कपूर और रणबीर कपूर फिल्म बेशरम में साथ काम किया था हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। इस फिल्म में नीतू कपूर ने ऋषि की पत्नी की भूमिका निभाई थीं।
    ऋषि कपूर आखिरी बार फिल्म द बॉडी में नजर आए थे। वहीं, रणबीर कपूर की पिछली फिल्म संजू साल 2018 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म बड़ी सुपरहिट साबित हुई। अब उनकी अपकमिंग फिल्में ब्रह्मास्त्र और शमशेरा है जो एक के बाद एक रिलीज होंगी।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / अहोई अष्टमी पर माताएं अपनी संतान की दीर्घ आयु के लिए व्रत रखती हैं। इस साल रविवार 8 नवंबर को अहोई का व्रत रखा जाएगा। इस व्रत में महिलाएं शाम को तारों को देखकर जल अर्पित करने के बाद व्रत को खोलेंगी। यह व्रत निर्जला रखा जाता है और इसमें अहोई मईया की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि कार्तिक मास की अष्टमी के दिन निर्जला व्रत रखकर अहोई माता की पूजा करने से संतान की लम्बी आयु होती है। अहोई माता की पूजा के लिए कहीं कहीं चांदी के दानें लाएं जाते हैं और हर अहोई अष्टमी पर दो दानें माला में पिरोए डाले जाते हैं। इस तरह हर साल माला में दो चांदी के दाने पिरोए जाते हैं और उस माला को माताएं पूजा के बाद धारण करती हैं। इसके बाद किसी भी अच्छे दिन इस माला की पूजा करके उतारा जाता है। इसके बाद अगली होई पर फिर चांदी के दो मनके माला में पिरोए जाते हैं। इस माला को भी पूजा में शामिल किया जाता है।
    अहोई अष्टमी शुभ मुहूर्त-
    अष्टमी तिथि प्रारंभ: 08 नवंबर को सुबह 07 बजकर 29 मिनट
    अष्टमी तिथि समाप्त: 09 नवंबर को सुबह 06 बजकर 50 मिनट पर
    पूजा का मुहूर्त: 5 बजकर 37 मिनट से शाम 06 बजकर 56 मिनट के बीच।
    करवा चौथ के ठीक चार दिन बाद अष्टमी तिथि को देवी अहोई व्रत मनाया जाता है । गोबर से या चित्रांकन के द्वारा कपड़े पर आठ कोष्ठक की एक पुतली बनाई जाती है और उसके बच्चों की आकृतियां बना दी जाती हैं। माताएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को या प्रदोष काल उसकी पूजा करती हैं।
    करवाचौथ में इस्तेमाल किए गए करवे में जल भर लिया जाता है। शाम को माता की विधि-विधान से पूजा और कथा के बाद उन्हें फल, फूल और मिठाई भोग लगाते हैं। उसके बाद तारों को करवे से अर्घ्य देने के बाद रात में व्रत का समापन किया जाता है। मान्यता है कि अहोई माता की पूजा करके उन्हें दूध-चावल का भोग लगाना शुभ होता है।

    धर्म संसार / शौर्यपथ / कार्तिक मास 1 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर 2020 तक रहेगा। हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक मास में धन और धर्म की प्राप्ति होती है। कहते हैं कि कार्तिक मास मां लक्ष्मी को अतिप्रिय होता है। ऐसे में इस माह के शुक्रवार को कुछ खास उपायों को करने से मां लक्ष्मी होती हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं।
    कार्तिक मास में मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए शुक्रवार के उपाय-

    1. शुक्रवार को लाल या सफेद वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। कहते हैं कि हाथ में चांदी की अंगूठी या छल्ला धारण करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
    2. कहते हैं कि रात में लोग अंधेरा करके सोते हैं। रात में पूरे घर में अंधेरा करना शुभ नहीं होता है। मान्यता है कि रात में मध्यम रोशनी रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न रहती हैं।
    3. कहते हैं कि शुक्रवार को मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूजा करने से धन-संपदा की प्राप्ति के साथ दांपत्य जीवन भी खुशहाल होता है। माना जाता है कि मां लक्ष्मी की पूजा से प्रेम-संबंध भी सुधरते हैं।
    4. यूं तो गाय को हर दिन रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। हालांकि शुक्रवार के दिन गाय को ताजी रोटी खिलाने से भी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
    5. माना जाता है कि मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुक्रवार को रात के समय घर के पूजा स्थल पर शुद्ध घी का दीपक जलाएं। कहते हैं कि तुलसी के पौधे के सामने भी दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
    6. कहते हैं कि शुक्रवार को मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा के दौरान शंख और घंटी बजाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसे घरों में मां लक्ष्मी का हमेशा वास रहता है।
    7. शुक्रवार के दिन माता महालक्ष्मी के मंदिर जाकर उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करना शुभ माना जाता है। संभव हो तो मां लक्ष्मी को लाल बिंदी, सिंदूर, लाल चुनरी और लाल चूडियां भी अर्पित करें। कहते हैं कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी अपनी कृपा भक्त पर बरसाती हैं।
    8. कहते हैं कि शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हाथ में पांच लाल रंग के फूल लेकर माता का ध्यान लगाना चाहिए। इसके बाद लक्ष्मीजी को प्रणाम करते हुए प्रार्थना करें कि वह आपके घर पर सदैव विराजमान रहें। इसके बाद इन फूलों को तिजोरी या अलमारी में रख दें।
    9. माना जाता है कि शुक्रवार के दिन श्री लक्ष्मी नारायण पाठ करने से भी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। कहते हैं कि पाठ करने के बाद श्री लक्ष्मी नारायण भगवान को खीर का भोग लगाना चाहिए।
    10. शुक्रवार के एक लाल रंग का कपड़ा लें और इस कपड़े में सवा किलो चावल रखें। ध्यान रहे कि चावल का एक भी दाना टूटा नहीं होना चाहिए। चावल की पोटली बनाकर हाथ में लेकर ओम श्रीं श्रीये नम: का पांच माला जाप करें। फिर इस पोटली को तिजोरी में रख दें। कहते हैं कि ऐसा करने से धन प्राप्ति का योग बनता है।

    मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन की तुलना अक्सर उनके पिता अमिताभ बच्चन से होती है। साल 2000 में फिल्म रिफ्यूजी से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिषेक बच्चन का मानना है कि अगर ऑडियंस आपके काम को स्वीकार नहीं करती है तो आप इंडस्ट्री में सर्वाइव नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने नेपोटिज्म को लेकर कहा कि उनके पिता ने कभी भी उनके लिए किसी से सिफारिश नहीं की है।
    एक इंटरव्यू के दौरान अभिषेक ने कहा, 'फैक्ट यह है कि उन्होंने (पिता अमिताभ बच्चन) कभी किसी को कॉल नहीं किया। उन्होंने कभी भी मेरे लिए फिल्म नहीं बनाई। इसके विपरीत मैंने उनके लिए फिल्म पा को प्रोड्यूस किया था।' उन्होंने आगे कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि यह एक बिजनेस है। पहली फिल्म के बाद अगर उन्हें आपके अंदर कुछ नहीं दिखता है या फिर फिल्म अच्छा परफॉर्म नहीं करती है तो आपको काम नहीं मिलेगा। यही जीवन की कड़वी सच्चाई है।
    अभिषेक ने आगे कहा कि जब मेरी फिल्में नहीं चलती है तो मुझे पता होता है, मैं जानता हूं कि मुझे कई फिल्मों में रिप्लेस किया गया। कई फिल्में नहीं बन सकीं। कई शुरु हुईं लेकिन बजट के कारण नहीं बन पाई क्योंकि उस वक्त मैं बैंकेबल नहीं था। लोग समझते हैं कि मैं अमिताभ बच्चन का बेटा हूं, ओह वह तो चांदी के चम्मज के साथ पैदा हुआ है। इस तरह मेरे बारे में सोचते हैं जबकि हकीकत यह नहीं है।
    एक्टर की अपकमिंग फिल्मों की बात करें तो वह फिल्म लूडो में नजर आएंगे। इस डार्क कॉमेडी फिल्म का निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। फिल्म में वह राजकुमार राव, रोहित शराफ, पंकज त्रिपाठी, सान्या मल्होत्रा जैसे सितारों के साथ काम करते नजर आएंगे। यह फिल्म 12 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई निगम प्रशासन द्वारा लगातार अवैध अतिक्रमण पर अवैध निराबर प्रेस विज्ञपति जारी कर दी जाती रही है . भिलाई के ऐसे क्षेत्र जहाँ नई नई बसाहट है एस स्थानों पर भी अतिक्रमण पर कार्यवाही कर वाह वाही लुटने वाली भिलाई निगम प्रशासन अपने खुद की संपत्ति पर हो रहे अतिक्रमण पर मौन है क्या खुद की संपत्ति पर अतिक्रमण कर , मूल नक़्शे में बदलाव करने वालो पर निगम प्रशासन का मौन रहना सही है क्या सिर्फ मझोले वर्ग व गरीब वर्ग के लोगो पर भिलाई निगम प्रशासन कार्यवाही कर अपने कर्तव्य का पालन कर रही है . भिलाई निगम में ऐसे कई क्षेत्र है जो मुख्य बाज़ार के रूप में जाने जाते है अगर उन स्थानों या आस पास के स्थानों पर कोई गरीब एक ठेला भी लगा ले तो कर्तव्य से चूर भिलाई के अधिकारी और तोडू दस्ता अपनी फौज के साथ अतिक्रमण को धराशाई कर एक विजेता की तरह वाह वही लुटते हुए और सुशासन की बात करते हुए आम जनता को ये सन्देश देता है कि भिलाई निगम प्रशासन किसी भी कीमत पर अतिक्रमण बर्दास्त नहीं करेगा एवं अनुमति प्राप्त मूल नक़्शे में बदलाव को अवैध करार देते हुए कार्यवाही करेगा जैसा कि कल निगम प्रशासन ने जोन 1 के क्षेत्र में अतिक्रमण पर कार्यवाही को अंजाम दिया है .
    निगम की इस तह की कार्यवाही को देखकर अच्छा भी लगता है कि अवैध निर्माणकर्ता कीखैर नहीं एक आईएएस अधिकारी के आयुक्त बन्ने से शहर की दशा सुधरेगी किन्तु अज भी ऐसे कुछ क्षेत्र है जिसमे निगम की कार्यवाही लगभग शून्य के बराबर है आखिर कार छोटे मझोले लोगो पर कार्यवाही करने वाले निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी आकाश गंगा में निगम परिसर में हो रहे अतिक्रमण पर मौन क्यों है इस क्षेत्र में निगम प्रशासन और प्रशासनिक मुखिया कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे है , सुपेला आकाश गंगा क्षेत्र में कार्यवाही के लिए जोन आयुक्त कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठा रहे है .
    आकाश गंगा सुपेला में निगम द्वारा निर्मित 5 ब्लाक है ्र,क्च,ष्ट,ष्ठ,श्व इन 5 ब्लाक में सभी ब्लाक के मूल नक़्शे को परिवर्तित कर दिया गया है कही कही सड़क तक कब्ज़ा कर पक्की दूकान बना दी गयी तो कही आम जनता के लिए बने बरामदे को कब्ज़ा कर निर्माण कर दिया गया है साल 2015 में तात्कालिक निगम आयुक्त द्वारा कार्यवाही की गयी और बहुत से अवैध निर्माण पर निगम का बुलडोजर चला किन्तु बीते 5 साल में कोई भी निगम का प्रशासनिक मुखिया अतिक्रमण पर कार्यवाही के लिए आगेनाही आया . जैसा कि शौर्यपथ समाचार पत्र ने अपने पिछले अंक में परस ज्वेलर्स द्वारा किये गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिस प्रकार पारस ज्वेलर्स द्वारा निगम से आबंटित निर्धारित भूमि से ज्यादा भिमी जो कि निगम की संपत्ति है कब्ज़ा कर भव्य शोरुम बना लिया गया वैसी ही स्थिति पृथ्वी इलेक्ट्रिकल के रो की भी है जहां हर दुकानदार द्वारा बरामदे को कब्ज़ा कर कही कच्चा तो कही पक्का निर्माण कर निगम के भवन की मूल संरचना के साथ खिलवाड़ किया गया जो कि खुली आँखों से निगम के अधिकारियों की नजर में है किन्तु निगम प्रशासन की कार्यवाही इन स्थानों पर शून्य है ताकत दिखती है तो ठेलो के अतिक्रमण पर , छोटे मोटे कब्जों पर . क्या निगम प्रशासन अतिक्रमण में कार्यवाही पर भी भेदभाव की नियत से कार्य करता रहेगा क्या ऐसे ही सुशासान की बात और अपील कर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे निगम के जिम्मेदार अधिकारी ?

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / डोंगरगढ़ विधायक अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण अध्यक्ष भुनेश्वर बघेल घुमका क्षेत्र के लोकार्पण एवम भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधायक बघेल सुबह 11 बजे परसबोड़ पहुंचे, वहां डाक विभाग का लोकार्पण, दशहरा मैदान के सामने प्योर ब्लॉक निर्माण भूमिपूजन, गौठान निर्माण का भूमिपूजन किया गया। कर्मा भवन परसबोड़, सकामभरी भवन, परसबोड़ महिला घाट, सामुदायिक भवन, ग्राम पचपेड़ी हेतु 19 लाख के विकास कार्यो के घोषणा किये। उनके बाद विधायक बघेल पदुमतरा में बुनकर कर्मशाला, स्कूल भवन लोकार्पण, नवीन धान खरीदी केन्द्र का भूमिपूजन किया गया।
    विधायक बघेल ने सहकारी समिति पदुमतरा खाद गोदाम हेतु 10 लाख व बुनकर पहुच मार्ग में सीसी रोड-पुलिया सहित 4 लाख की घोषणा किये। उनके बाद खैरा (ब) गौठान निर्माण भूमिपूजन करने पहुंचे, जहां राउत नाचा से स्वागत किया गया। विधायक बघेल ने पुलिया निर्माण हेतु 5 लाख व महिला घाट हेतु 5 लाख की घोषणा किये। उनके पश्चात विधायक खैरझिटि पहुंचे नाली निर्माण भूमिपूजन व साइकिल स्टैंड का लोकार्पण किये। विधायक बघेल ने वार्ड 15 में सीसी रोड व नाली निर्माण के लिए 5 लाख की घोषणा किये।
    कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत सभापाति अशोक देवांगन, जिला पंचायत सदस्य हर्षिता स्वामी बघेल, जनपद अध्यक्ष प्रतिक्षा भंडारी, शोभाराम बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश द्विवेदी, जनपद सभापाति ओमप्रकाश साहू, दिलीप पटेल, गीतालाल वर्मा, सौरभ वैष्णव, चंद्रेश वर्मा, राजेन्द्र यदु, कुलेश्वर वर्मा, योगेन्द्र वैष्णव, रतन यदु, ललित चंदतारे, दमयनतीं साहू, सावित्री देवी देवांगन, ललिता साहू, नेमदास साहू, संतोष वर्मा, देरहा वर्मा, अजय वर्मा, मोहन साहू, राकेश साहू, भागवत वर्मा, मनराखन निर्मलकर, शिशुपाल कुर्रे आदि उपस्थित रहे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल की तबियत बिगडऩे पर उन्हें सेक्टर 9 हॉस्पिटल दाखिल किया गया वहा से उन्हें एम्स रायपुर रिफर किया गया . बता दे कि सांसद विजय बघेल पाटन आमरण अनशन के बाद से लगातार नवरात्रि पर्व में दौरा के बाद मरवाही विधानसभा चुनाव में सक्रिय हो गये थे , जहां उनके स्वास्थ्य में गड़बड़ी हुई,वे लगातार रायपुर एम्स,भिलाई सेक्टर 9 अस्पताल में डाक्टरों से चेक करवा रहे थे।आज अचानक सेक्टर 9 में भर्ती होने के बाद दोपहर में रायपुर एम्स में रिफर हूए हैं। एम्स डांक्टरो ने सांसद बघेल के स्वास्थ्य को फिलहाल ठीक बताते हुए चिन्ता की बात नहीं है बताया है।
    वही एम्स रायपुर से सांसद ने लोकसभा वासियों को सन्देश दिया तथा अपने हितैषियो का आभार माना सांसद बघेल ने कहा - आप सभी की दुआ और ईश्वर की कृपा से मैं बिल्कुल ठीक हुं,आप सभी शुभचिंतक एवं कार्यकर्ताओं के लगातार मैसेज वह फोन काल अब रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह पर रायपुर एम्स हास्पिटल में स्वास्थ लाभ ले रहा हूं। डॉक्टरों ने चिन्ता जनक कोई बात नहीं होना बताया है। आप सभी शुभ-चिंतकों को मेरी स्वास्थ की चिंता करने के लिए हृदय से आभार - धन्यवाद....

     रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज शाम दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। गौरतलब है कि सांसद विजय बघेल को स्वास्थ्यगत कारणों से एम्स रायपुर में  भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    रायपुर / शौर्यपथ / अब छत्तीसगढ़ के भूतपूर्व सैनिकों को राज्य सैनिक बोर्ड छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं तथा आर्थिक सहायता के लिए आनलाईन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही भूतपूर्व सैनिकों के रिकार्ड का भी डिजिटलाईजेशन किये जाएंगे। इससे भूतपूर्व सैनिकों को ऑफलाइन आवेदन करने में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। इसके लिए एक साफ्टवेयर भी बनाया जाएगा। यह निर्णय राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके की अध्यक्षता में आयोजित राज्य सैनिक बोर्ड की अमलगेटेड स्पेशल फंड के राज्य प्रबंधन समिति की ऑनलाइन बैठक में लिया गया।
    राजभवन में हुई इस बैठक में राज्यपाल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने वाले कलेक्टर एवं जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को गवर्नर ट्राफी से सम्मानित किया।
    राज्यपाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि आज की बैठक में लिए गये निर्णय से भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं एवं उनके आश्रितों को अवश्य लाभ प्राप्त होगा। गत 14 मार्च 2020 को छत्तीसगढ़ के 26 वीर नारियों एवं माताओं का राजभवन में पहली बार सम्मान किया गया जो कि अत्यंत गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान पूर्व सैनिकों द्वारा जनसेवा में जो योगदान दिया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि हमारे भूतपूर्व सैनिक कठिन परिस्थितियों में सदैव आगे बढ़कर नि:स्वार्थ सेवा प्रदान करेंगे।
    राज्यपाल ने कैंसर से पीडि़त भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं को आयुष्मान भारत योजना के तहत चिन्हित अस्पतालों में तथा अन्य शासकीय अस्पतालों में इलाज कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कैंसर से पीडि़त भूतपूर्व सैनिकों की विधवाओं को दी जाने वाली सहायता राशि को 25 हजार रूपए निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि इस बीमारी के इलाज में काफी धनराशि खर्च होती है। अत: उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
    बैठक में भूतपूर्व सैनिकों के दिव्यांग (मानसिक रूप से) बच्चों को दी जाने वाले सहायता राशि देने का दायरा बढ़ाया गया है। पहले केवल 100 प्रतिशत दिव्यांगता पर ही सहायता दी जाती है, लेकिन अब दिव्यांगता (मानसिक रूप से) की विभिन्न श्रेणियों के तहत आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 100 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर 1500 रूपए, 50 प्रतिशत से कम में 700 रूपए और 25 प्रतिशत से कम में 500 रूपए प्रतिमाह दिये जाने का प्रावधान किया गया। साथ ही इस बैठक में भूतपूर्व सैनिक की मृत्यु पश्चात्् उनके विधवा/उत्तराधिकारी को मिलने वाली मृत्यु अनुदान राशि को 15,000 रूपए से बढ़ाकर 25,000 रूपए की गई। भारतीय रक्षा सेवाओं में प्रवेश के लिए होने वाली सर्विस सेलेकशन बोर्ड परीक्षा के पूर्व प्रषिक्षण के लिए आर्थिक अनुदान 5,000 रूपए से बढ़ाकर 20,000 रूपये किया गया। सुश्री उइके ने कहा कि इससे बच्चों को कोचिंग प्राप्त करने में सुविधा होगी।
    राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भूतपूर्व सैनिकों की 75 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पष्चात्् मिलने वाली 15,000/- रूपये की सम्मान राशि में प्रति 10 वर्ष पष्चात् 5,000/- रूपये की बढ़ोतरी किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में सामाजिक गतिविधियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए कार्यालय के साथ एक हॉल मुहैया कराने तथा भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रावास को किराये पर लिये जाने का सुझाव दिया गया। राज्यपाल ने सुझाव पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
    बैठक में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर वर्ष 2017 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए दुर्ग जिले के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को प्रथम पुरस्कार और रायपुर जिले के कलेक्टर एस. भारतीदासन को दूसरा पुरस्कार दिया गया। इसी तरह वर्ष 2018 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए रायपुर जिले के कलेक्टर एस. भारतीदासन को प्रथम पुरस्कार और दुर्ग जिले के कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को दूसरा पुरस्कार दिया गया
    इसी तरह वर्ष 2017 में सर्वाधिक धनराशि एकत्रित करने के लिए कैप्टन (आई एन) पुरनेन्दु विद्यांता (से.नि) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग को प्रथम पुरस्कार तथा कैप्टन (भा.नौ.) ए. सी. पोखरियाल (से.नि.) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2018 में कैप्टन (भा.नौ.) ए. सी. पोखरियाल (से.नि.) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रायपुर को प्रथम पुरस्कार तथा कैप्टन (आई एन) पुरनेन्दु विद्यांता (से.नि) जिला सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
    बैठक में अमलगमेटेड स्पेशल फण्ड के राज्य प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव श्री आर.पी. मण्डल एवं छत्तीसगढ़ ओडिशा सब एरिया के कमाण्डर ब्रिगेडियर प्रशांत चौहान, समिति के पदेन सदस्य के रूप में अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू एवं राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो सहित रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी, सैन्य अधिकारी एवं पुनर्वास महानिदेशालय के अधिकारी भी ऑनलाईन उपस्थित थे।

    नई दिल्ली / शौर्यपथ / अमरावती आंध्र प्रदेश में बड़ी कक्षाओं के स्कूल खुलने का राज्य सरकार का फैसला उल्टा पड़ता दिख रहा है. आंध्र की जगन मोहन रेड्डी सरकार ने 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए स्कूल दो नवंबर को खोले थे. उसके महज तीन दिन में ही 422 छात्र और शिक्षक कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. इनमें 262 छात्र और 160 शिक्षक शामिल हैं.
    स्कूल शिक्षा आयुक्त वी चिन्ना वीरभद्रदू ने गुरुवार को कहा कि यह चिंता की बात की नहीं है. स्कूल आ रहे छात्रों की संख्या के मुकाबले संक्रमित छात्रों की संख्या चिंताजनक नहीं है. प्रत्येक शिक्षण संस्थान में कोविड-19(Covid-19) सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि एक दिन में करीब चार लाख छात्र स्कूल पहुंचे, इनमें संकमित छात्रों की संख्या 262 है, जो 0.1 प्रतिशत भी नहीं है. यह कहना सही नहीं होगा कि स्कूल जाने से छात्र संक्रमित हुए. सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक कक्षा में केवल 15 या 16 छात्र ही मौजूद रहें. आंध्र प्रदेश में 9वीं और 10वीं कक्षा के लिए 9.75 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं. इनमें से 3.93 लाख विद्यार्थी स्कूल आए. कुल 1.11 लाख शिक्षकों में से 99,000 से अधिक शिक्षकों ने शैक्षिक संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाया. आंध्र में 1.11 लाख शिक्षकों में से करीब 160 शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.
    उन्होंने कहा कि गरीब विद्यार्थी स्कूल बंद होने से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. क्योंकि ऑनलाइन कक्षाएं उनकी पहुंच से बाहर हैं. स्कूल बंद रहने का असर आदिवासी और ग्रामीण इलाकों की छात्राओं पर भी पड़ेगा. पढ़ाई रुकने के बाद उनके अभिभावक बच्चों का बाल विवाह भी कर सकते हैं.आंध्र प्रदेश में 9वीं, 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए सभी सरकारी स्कूल और कॉलेज दो नवंबर से दोबारा खुल गए हैं. कक्षाओं में रोज आधे-आधे छात्रों को बुलाया जा रहा है.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision