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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

  नई दिल्ली /शौर्यपथ /केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता सचिव अतुल कुमार तिवारी ने कहा है कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज नई दिल्ली में किशोरियों और महिलाओं को सशक्त बनाने पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने महिलाओं के कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय तथा महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इन मुद्दों से निपटने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  केन्‍द्रीय महिला और बाल विकास सचिव अनिल मलिक ने कहा कि समझौता ज्ञापन के तहत दोनों मंत्रालय महिलाओं को गैर-पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने पर जोर दे रहे हैं।

नई दिल्ली /शौर्यपथ /त्रिपुरा में बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव बी.सी. जोशी के नेतृत्व में छह सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम आज अगरतला पहुंच रही है।
यह टीम मुख्यमंत्री मानिक साहा के साथ बातचीत के बाद राज्य के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेगी। टीम कुछ बाढ़ प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेगी।
इस बीच मुख्यमंत्री मानिक साहा की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में सरकार और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे बाढ़ के कारण होने वाली जल जनित बीमारियों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करें। मुख्यमंत्री ने स्थिति बिगड़ने की स्थिति में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार बनाए रखने को भी कहा है।

दुर्ग। शौर्यपथ । बाज़ार विभाग में भ्रष्टाचार के अनेक मामले सामने आ रहे है । एक समय बाज़ार विभाग में सहायक राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत ईश्वर वर्मा वर्तमान समय में बाज़ार विभाग के प्रभारी है । सालो से बाजार विभाग की बारीकी जानने वाले ईश्वर वर्मा ने विभागीय कर्मचारी के रुप में विभाग के कई भ्रष्टाचार पर बेबाक अपनी बात रखी कर्मचारी रहते हुए ईश्वर वर्मा ने जानकारी दी थी कि शहर में दुग्ध संघ के नाम से आबंटित गुमठियो पर अवैधानिक रूप से अन्य व्यापार किया जा रहा है किंतु विभागीय अधिकारी मामले पर मौन है बाज़ार विभाग के शशि यादव जिनके कार्य क्षेत्र में यह विषय आता है उनके द्वारा भी किसी तरह की कार्यवाही की दिशा में आगे न बढ़ना कही न कही शशि यादव की गुमठी संचालकों से मिली भगत की ओर इशारा कर रहा है । कर्मचारी के रुप में उक्त जानकारी देने वाले ईश्वर वर्मा अब बाजार प्रभारी है ऐसे में देखने वाली बात होगी कि पूर्व में की गई बड़ी बड़ी बाते करने वाले बाजार अधिकारी ईश्वर वर्मा अब क्या दुग्ध संघ में संचालित अन्य व्यापार के मामले पर जिम्मेदार कर्मचारी शशि यादव और गुमठी संचालक पर जांच एवम कार्यवाही करते हैं या वह भी मामले को दबाते हुए संवैधानिक पद की गरिमा को चूर चूर करते है ..

मंकी पॉक्स को डब्ल्यूएचओ ने 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स घोषित किया
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को शिविर लगाकर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने किया निर्देशित
एडवायसरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक किया जाए पालन- श्री जायसवाल
    रायपुर /शौर्यपथ / प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु जारी एडवायजरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक पालन करने के निर्देश दिए हैं।
    गौरतलब है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 20 अगस्त 2024 को मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु एडवायजरी जारी की गई है। मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स (पीएचईआईसी) को घोषित किया गया है। विभिन्न देशों में संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्वेलेंस, जांच एवमं उपचार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंकी-पॉक्स प्रकरणों की सर्वेलेंस, त्वरित पहचान, जांच एवं उपचार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।
मंकी-पॉक्स क्या है
    मंकी-पॉक्स एक जीनेटिक बीमारी है जो मुख्य रुप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रों में होता है, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में कुछ अन्य देशों में प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं तथा भारत के केरल राज्य में मार्च 2024 में प्रकरण प्राप्त हुए हैं।  
    मंकी-पॉक्स से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, चकत्ते एवं लिम्फ नोड्स में सूजन पायी जाती है। मंकी-पॉक्स एक स्व-सीमित (सेल्फ-लिमिटेड) संक्रमण है, जिसके लक्षण सामान्यतः 2-4 सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं। मंकी-पॉक्स संक्रमण के गंभीर प्रकरण सामान्यतः बच्चों में पाए जाते हैं। जटिलताओं एवं गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर 1 से 10  प्रतिशत है। मंकी-पॉक्स संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने का इनक्यूबेशन पीरियड सामान्यतः 6-13 दिन का होता है, परन्तु यह 5 से 25 दिवस तक हो सकता है। मंकी-पॉक्स का संक्रमण त्वचा में चकत्ते आने के 1-2 दिवस पूर्व से लेकर सभी चकत्तों से पपड़ी के गिरने/समाप्त होने तक मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में फैल सकता है।
     मंकी-पॉक्स वायरस का संक्रमण पशु से मनुष्य में एवं मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण मुख्य रूप से लार्ज रेस्पिरेटरी सिस्टम के माध्यम से लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से होता है। वायरस का संक्रमण शरीर के तरल पदार्थ घाव के सीधे संपर्क में आने से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित कपड़ों, लिनेन इत्यादि के उपयोग से फैल सकता है। पशुओं से मनुष्यों में संक्रमण का प्रसार गांव के सीधे संपर्क में आने से हो सकता है।
     मंकी पॉक्स संभावित प्रकरणों के सर्वेलेंस हेतु दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार मंकी पॉक्स के संभावित प्रकरणों का सर्विलांस कर त्वरित पहचान जांच एवं उपचार किए जाने हेतु प्रकरण को आइसोलेट कर संक्रमण का प्रसार रोका जाना, मरीज को उपचार दिया जाना, मरीज के संपर्क व्यक्तियों की पहचान किया जाना, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को संक्रमण से बचाव हेतु आगाह किया जाना एवं संक्रमण के नियंत्रण और प्रसार को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाया जाना आवश्यक है।
       मंकी-पॉक्स सर्वेलेंस हेतु इस दिशा-निर्देश में दिए मानक-परिभाषाओं का उपयोग किया जाना, प्रत्येक संभावित प्रकरण की सूचना जिला सर्वेलेंस इकाई/राज्य सर्वेलेंस इकाई में अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। इसके एक भी पुष्टिकृत प्रकरण को माना जाए एवं जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा तत्काल विस्तृत आउटब्रेक इनवेस्टिगेशन कर प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। मंकी-पॉक्स के संभावित प्रकरणों की जांच हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार सैंपल संग्रहण कर जांच हेतु चिन्हांकित लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। मंकी-पॉक्स के प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के सभी संपर्क व्यक्ति की पहचान करने हेतु सभी जिलों में जिला सर्वेलेंस अधिकारी के अधीन कांटेक्ट ट्रेसिंग दल का गठन किया जाएगा। संपर्क व्यक्ति को मंकी-पॉक्स मरीज के संपर्क में आने के 21 दिवस तक बुखार या त्वचा में चकत्ते हेतु दैनिक मॉनिटरिंग किया जाएगा। संपर्क व्यक्तियों को 21 दिवस तक ब्लड, ऑर्गन, टिसू, सीमन इत्यादि डोनेशन करने से रोका जाए एवं ऐसे चिकित्सा कर्मी जो बिना प्रतिरक्षा उपकरण के मंकी-पॉक्स मरीज या उसके द्वारा उपयोग किये हुए वस्तुओं के संपर्क में आया हो उसे 21 दिन तक मॉनिटर किया जाए व लक्षण-रहित चिकित्सा कर्मी को चिकित्सा कार्य से ना रोका जाये, ऐसे निर्देश दिए गए हैं।
      स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीमारी को सज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी विकासखण्डों एवं विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर नागरिकों को एम-पॉक्स बीमारी, इसके संक्रमण व बचाव हेतु उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवायसरी में दिए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करने कहा है।

श्री कृष्ण झांकी एवं दही लूट महोत्सव में हुए शामिल
दही लूट विजेताओं को नकद राशि और शील्ड से किया सम्मानित
    रायपुर /शौर्यपथ / खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेलन कहा कि  भगवान श्री कृष्ण ने हमें कर्म की प्रधानता की शिक्षा दी है। उन्होंने अपनी लीला से हमें जीवन जीने की कला सिखाई है। महाभारत में श्री कृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध लड़ने का संदेश दिया। खाद्य मंत्री श्री बघेल मंगलवार को बेमेतरा जिले अंतर्गत नगर पंचायत नवागढ़ में आयोजित भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण झांकी एवं दही लूट महोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बाते कही। उन्होंने इस दौरान भगवान श्री कृष्ण और हलधर बलराम के प्रति रूप का पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
  मंत्री श्री बघेल ने कहा कि श्री कृष्ण प्रकृति प्रेमी थे। जब हम भगवान कृष्ण को याद करते हैं तो हमें यमुना नदी का किनारा याद आता है, बांसुरी की तान याद आती है और गौ माता का झुंड याद आता है। सनातन धर्म में प्रकृति की पूजा की जाती है। पीपल, बरगद आदि वृक्षों को पूजनीय माना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया है। मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि वे अपनी माँ के नाम से एक पेड़ जरूर लगाएं। भगवान कृष्ण के प्रति भी हमारी सच्ची श्रद्धा तभी प्रकट होगी, जब हम एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रकृति के प्रति अपना दायित्व पूरा करेंगे।
  महोत्सव के दौरान आनंद कंद ब्रजनंदन योगेश्वर श्याम सुन्दर भगवान श्री कृष्ण की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई एवं विभिन्न गांवों से आए हुए हरिकीर्तन मंडलियों के द्वारा भजन-कीर्तन भी किया गया। मंत्री श्री बघेल ने दही लूट-हांडी-फोड़ टोलियों का उत्साहवर्धन किया और दही लूट के विजेताओं को पुरस्कार एवं शील्ड से सम्मानित किया।  
   इस अवसर पर श्री कृष्ण सेवा समिति के प्रतिनिधि मंडल तथा नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन का काम समय-सीमा में पूर्ण करने किए जा रहे सभी उपाय
प्रदेश में अब तक 79 प्रतिशत काम पूर्ण, 39 लाख से अधिक घरों में नल से पहुंच रहा पेयजल   
   रायपुर/शौर्यपथ /लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में जल जीवन मिशन का काम समय-सीमा में पूर्ण करने सभी उपाय किए जा रहे हैं। मिशन के कार्यों में गति लाने लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही प्रगतिरत कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। कार्य के प्रति उदासीन और गलत रिपोर्टिंग करने वाले छह जिलों के कार्यपालन अभियंताओं के विरूद्ध निलंबन और चार जिलों के कार्यपालन अभियंताओं के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई पिछले महीने की गई है। जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूर्ण करने निलंबित अधिकारियों के बदले उस क्षेत्र में पहले से ही मिशन का काम कर रहे अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है।
    जल जीवन मिशन के कार्यों में कसावट और तेजी लाने निलंबित कार्यपालन अभियंताओं के स्थान पर नवीन कार्यपालन अभियंताओं की पदस्थापना की गई है। चार जिलों में सहायक अभियंताओं को प्रभारी कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है। इन चारों सहायक अभियंताओं के पहले से ही उन क्षेत्रों में कार्यरत रहने से उन्हें मिशन के कार्यों और क्षेत्र की बेहतर जानकारी है। इन सहायक अभियंताओं की पदस्थापना से बेहतर कार्य प्रगति की संभावनाओं को देखते हुए ही इनका चयन किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या प्रभारवाद को प्रश्रय नहीं दिया गया है, वरन् कार्य की गंभीरता, महत्व और कार्य-पूर्णता की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए प्रभार सौंपे गए हैं। किसी अन्य क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी को पदस्थ करने पर उसे क्षेत्र को जानने एवं कार्य पूर्ण कराने के लिए वातावरण को समझने में समय लग सकता था। चूँकि मिशन का कार्यक्रम समयबद्ध है, इसलिए वरिष्ठता के स्थान पर स्थानीय स्तर पर प्रभावी व्यवस्था और कार्य-पूर्णता के लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
    केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ की 11 हजार 658 ग्राम पंचायतों के 19 हजार 657 गांवों में हर घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राज्य के सभी गांवों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध जल प्रदान करना एक अति विस्तारित कार्य है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कोरोना महामारी की वजह से और उसके बाद विभागीय निविदा प्रक्रिया असफल होने के कारण छत्तीसगढ़ में इस मिशन की शुरूआत वर्ष 2019 के स्थान पर 2021 में हुई। मिशन के लिए पांच वर्षों के स्थान पर छत्तीसगढ़ को तीन वर्ष का ही समय उपलब्ध हो पा रहा है। इसके कार्यों को सीमित समय में पूर्ण किया जाना है। मिशन के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण किया जाना है।
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन को समय पर पूर्ण करने सभी उपाय किए जा रहे हैं। विभाग में अभियंताओं की कमी के बावजूद सभी जिलों में तेजी से कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। उप अभियंताओं के कुल स्वीकृत पदों के विरुद्ध अभी केवल 25 प्रतिशत ही कार्यरत हैं। चूँकि कार्यावधि कम है और कार्यों की संख्या ज्यादा है, इसलिए विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण कार्यों के साथ वांछित प्रगति को प्राथमिकता में रखकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में अब तक जल जीवन मिशन का 79 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। प्रदेश में 50 लाख पांच हजार 111 घरों में नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 39 लाख 35 हजार 597 घरों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंच रहा है। राज्य के 16 जिलों में मिशन का 80 प्रतिशत से अधिक काम पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 3600 गांवों के हर घर में नल से जल की आपूर्ति हो रही है।

   रायपुर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को नुआखाई पर्व शोभायात्रा के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।
   मुख्यमंत्री को समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी 3 सितम्बर को शाम 5 बजे राजधानी रायपुर के ग्रास मेमोरियल खेल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को नुआखाई पर्व की अग्रिम बधाई देते हुए आमन्त्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर से श्री प्रताप,श्री गोपाल  सोना,श्री रघुचंद्र निहाल,श्री जितेन्द्र,श्री गणेश हरपाल, श्री वैष्णव,श्री भरत छुरा जी,श्री चंदु बघेल जी,श्री सुरज, श्री पंकज, श्री राजु,श्री रमन ताण्डी उपस्थित रहे ।

रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम केंदुडीही पहुंचकर वहां केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती झिंगिया उरांव के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने स्वर्गीय श्रीमती झिंगिया उरांव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री जुएल उरांव और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जब वर्ष 1999 में प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने पहली बार आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। इस मंत्रालय के पहले मंत्री श्री जुएल उरांव बने। उन्होंने श्री उरांव के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों को याद करते हुए कहा कि श्री जुएल उरांव उनके बड़े भाई जैसे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय जब सांसद थे, तब श्री उरांव ने उनके संसदीय क्षेत्र में अनेक विकास कार्यों के लिए राशि दी।
मुख्यमंत्री ने श्रीमती झिंगिया उरांव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उनकी धर्मपत्नी का बड़ा योगदान होता है। बीते वर्षों में हमारे भाई जुएल उरांव जी ने जनहित में जो काम किए हैं, उनमें हमेशा भाभी जी सहभागी रहीं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, पूर्व मंत्री सुश्री लता उसेंडी भी मुख्यमंत्री के साथ थीं।

बिजली आपूर्ति पुनः बहाल होने से लोगों को मिली राहत
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल लगाया गया ट्रांसफार्मर
 जशपुरनगर /शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप बिजली आपूर्ति शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों में निर्बाध रूप संचालित हो इसके लिए विद्युत विभाग के द्वारा दिन हो या रात  सतत रूप से ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया जा रहा है।  
   इसी कड़ी में हाथी प्रभावित क्षेत्र दुलदुला के ग्राम केन्दापानी बरडांड में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। इसके समाधान के लिए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन किया था। कैंप कार्यालय के निर्देश पर तत्काल यहां पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। जिससे बिजली आपूर्ति पुनः बहाल हो गई है। पिछले एक सप्ताह के भीतर ही मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के निर्देश पर ही बुतकछार सुखबासुटोली में नया ट्रांसफार्मर,  फरसाबहार के ग्राम सिंगीबहार के पहलवान टोली एवं नेगीटोली में नया ट्रांसफार्मर, नारायणपुर डिस्ट्रीब्यूशन के अंतर्गत कुहापानी में ट्रासंफार्मर और तहसील फरसाबहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत पगुराबहार (सरईटोली) में 25 केव्ही का ट्रांसफार्मर और केबल लगाया लगाया गया है।
                   विद्युत विभाग  के द्वारा 16 से 22 अगस्त तक लगभग 20 स्थलों में ट्रांसफॉर्मर, केबल और ग्रिप चेंज का कार्य किया गया था। इनमें मनोरा विकासखण्ड के अंधल, पटिया, अधरझर, धौनापाठ और कुनकुरी तथा जशपुर विकासखण्ड के कोमड़ो, कदमकछार, झोलंगा, हरीजनपारा, कुहापानी, बघला, खुटीटोली, घारेन, दुलदुला अम्बाटोली, बेहराखार, पगुरा, चराईमरा और ढोढ़ीबहार शामिल हैं।

  रायपुर /शौर्यपथ /संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र के लिये 01 सितंबर से 30 सितंबर 2024 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है।
   प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 30 सितंबर 2024 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।
   लिपिक वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर इसी प्रकार केवल सचिवालय, वन विभाग के ऐसे स्टेनो जो केम्प कलर्क के रूप में कार्य करते हो तथा संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के स्टेनोग्राफर को छोड़कर अन्य विभागों के स्टेनोग्राफर्स प्रवेश के पात्र नही है।
  मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए।

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