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April 05, 2026
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शौर्यपथ

शौर्यपथ

नवागढ़/शौर्यपथ / स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर हायर सेकंडरी स्कूल नवागढ़ में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूम धाम के साथ मनाया गया। जहां केजी 1 से 5 तक के छात्र छात्राओं ने बाल कृष्ण व राधा की मनमोहक वेशभूषा में आए हुए थे । कक्षा 9वी से 12वी तक के छात्र छात्राओं ने बाल कृष्ण की पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत किया।
       विद्यालय प्रमुख विरेन्द्र जायसवाल ने सभी छात्र छात्राओं को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए कहा कि ये पर्व भगवान श्री कृष्ण के विविध लीलाओं के माध्यम से मानव जीवन में मर्यादा के साथ जीवन व्यतीत करने का माध्यम प्रदान करता है।साथ ही दही हांडी फोड़ का आयोजन किया गया। जिसमें बालक एवम् बालिका समूह के छात्र छात्राओं ने पिरामिड बनाते हुए दही हांडी फोड़ कर कार्यक्रम का समापन किया। विद्यालय प्रबंधक सीमा जायसवाल द्वारा छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
   विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार साहू ने सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दिया। इस अवसर पर  गीतेश्वर यादव,भूनेश साहू, शुभम साहू,अजय साहू,कौशल जायसवाल,ताम्रध्वज  साहू ,रामेश्वर यादव,नीतीश देवांगन,बीरेंद्र महिलांग संजय साहू,रेशमी देवांगन,चंद्रकली यादव,गंगा निषाद,,रामेश्वरी बंजारे ,बिना साहू,विमलेश्वरी सप्रे,पोषण साहू,चंद्रकिरण मांडले, राखी यादव, लक्ष्मीन अनंत ,इंदु साहू,शकुन यादव सहित समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

कलेक्टर जनदर्शन में 22 आवेदन प्राप्त हुए

  मोहला /शौर्यपथ / कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जिला कार्यालय में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आम लोगों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर जनदर्शन में आज 22 आवेदन प्राप्त हुए प्राप्त सभी आवेदनों को ऑनलाइन पंजीयन करने के साथ ही संबंधित विभाग में भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।
        जनदर्शन में आज मानपुर वि.ख. के ग्राम जक्के के समस्त ग्रामवासीयों ने जक्के से कमानसुर तक प्रधानमंत्री सड़क बनवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। ग्रामवासीयों ने आवेदन देते हुए बताया की ग्रामीण जनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया की उप स्वास्थ्य केन्द्र कमानसूर 6-7 किमी दुर पर सड़क हेतु उचित मार्ग प्रधानमंत्री सड़क बन जाता तो ग्रामीण जनों को आवागमन में परेशानी नही होगी। उन्होंने जल्द-से-जल्द शासन प्रशासन से समस्या का निराकरण करने की मांग की है। इसी प्रकार वि.ख मोहला के ग्राम मोतीपुर हाईस्कुल में सायकल स्टैण्ड निर्माण को लेकर आवेदन दिया। इसी तरह अं.चौकी वि.ख. अंतर्गत कोरचाटोला के समस्त ग्रामवासी ने गांव में सेवा सहकारी समिति धान उपार्जन केन्द्र खोले जाने के संबंध में आवेदन दिया। इसी तरह ग्राम पंचायत बागनारा के सरपंच ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने के संबंध में आवेदन प्रेषित किया। जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में आम नागरिक अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिला कार्यालय पहुँचे थे। कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली।

खाद की काला बाजारी पर रखें पैनी नजर
 कुपोषित सभी बच्चों का पोषण ट्रैकर एप में हो डाटा एंट्री
 लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से गुणवत्ता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश
 कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक
         मोहला /शौर्यपथ /कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री के कार्यालय से प्राप्त पत्रों को बेहद गंभीरता से लें। प्राप्त सभी पात्रों को प्राथमिकता के साथ गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना सुनिश्चित करें।  प्रभारी मंत्री द्वारा पूर्व में लिये गये बैठक के दौरान दिये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए शीघ्र लक्ष्य पूर्ति करने एवं निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
        कलेक्टर श्री जयवर्धन ने सोसाइटीयों में खाद की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि जिले में कहीं भी खाद की कालाबाजारी की शिकायत ना मिले, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद की बिक्री होने पर भी नियमानुसार कार्रवाई करें। राजस्व अधिकारियों को निजी खाद विक्रेताओं की खाद्य भंडारण और विक्रय पंजी की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
       कलेक्टर ने जिले में कुपोषण को एक अभियान चलाकर पूर्ण रूप से समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कुपोषण  को समाप्त करने के लिए जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषणयुक्त आहार का वितरण करना सुनिश्चित करें। बच्चों की वजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण नियमित अंतराल में करें। कुपोषित बच्चों का पोषण ट्रैकर ऐप में डाटा एंट्री करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे कुपोषण एवं स्वास्थ्य के संबंध में वास्तविक जानकारी संकलित किया जा सके।
         कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों की समय सीमा की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने विभागों में लंबित प्रकरणों का निराकरण गंभीरता से करें। लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती प्रेमलता चंदेल, जिला परियोजना निदेशक श्री हेमंत ठाकुर, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, डिप्टी कलेक्टर श्री अविनाश ठाकुर सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

  नई दिल्ली /शौर्यपथ /गृह मंत्री अमित शाह कल नई दिल्‍ली में पुलिस अनुसंधान और विकास ब्‍यूरो के 54 वें स्‍थापना दिवस समारोह में हिस्‍सा लेंगे। गृह मंत्री इस अवसर पर डॉक्‍टर आनंद स्‍वरूप गुप्‍ता स्‍मारक व्‍याख्‍यान भी देंगे। इस वर्ष के व्‍याख्‍यान का विषय है- नये आपराधिक कानून-नागरिक केन्द्रित सुधार। श्री शाह 2023 और 2024 के लिए विशिष्ट सेवा के लिए राष्‍ट्रपति पदक विजेताओं को सम्‍मानित भी करेंगे। समारोह के दौरान गृह मंत्री नये आपराधिक कानूनों के बारे में ब्‍यूरो की पत्रिका इंडियन पुलिस जनरल के विशेषांक का विमोचन भी करेंगे।
  पुलिस अनुसंधान और विकास ब्‍यूरो पुलिस व्‍यवस्‍था में उत्‍कृष्‍टता लाने के लिए प्रमुख वैचारिक संगठन के रूप में काम करता है। इस संस्‍थान का प्रमुख लक्ष्‍य पुलिस के लिए नीतियां और प्रक्रियाएं विकसित करना है। इसके अलावा ब्‍यूरो नागरिकों के लिए बेहतर सेवा वितरण में सहायक प्रौद्योगिकी की खोज करने, पुलिस व्‍यवस्‍था में सुधार लाने, और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने के उपायों पर भी ध्‍यान केंद्रित करता है।

नई दिल्ली /शौर्यपथ /कोलकाता में छात्र संगठन नबन्‍ना अभियान रैली निकालने पर आमादा हैं। पुलिस ने रैली की मंजूरी प्रदान नहीं की है। फिर भी, छात्र संगठन-पश्चिम बंगाल छात्र समाज और संग्रामी जोथा मंच ने पुलिस की अनुमति के बिना रैली का आयोजन करने की घोषणा की है। उन्‍होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्‍पताल की एक डॉक्‍टर के साथ कथित दुष्‍कर्म और हत्‍या के मामले में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है।
  पश्चिम बंगाल पुलिस ने दावा किया है कि उन्‍हें इस आशय की विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली है कि शरारती तत्‍व प्रदर्शनकारियों के बीच मिलकर रैली के दौरान हिंसा और अव्‍यवस्‍था फैलायेंगे। राज्‍य सरकार ने बी एन एस एस की धारा- 163 के अंतर्गत नबन्‍ना के निकट पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके अनुसार पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी है।कोलकाता पुलिस ने शहर की सड़कों पर छह हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किये हैं। कानून व्‍यवस्‍था बनाये रखने के लिए 19 स्‍थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। विभिन्‍न स्‍थानों पर करीब 26 पुलिस उपायुक्त तैनात किये गए हैं। कई शैक्षणिक संस्‍थानों ने आज अवकाश की घोषणा की है अथवा ऑनलाइन कक्षा लगाने का फैसला किया है। राज्‍यपाल सी वी आनंद बोस ने राज्‍य सरकार से कहा है कि वे रैली को दबाने के लिए बल प्रयोग न करें।

 नई दिल्‍ली /शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी 2 सितम्‍बर से एक सदस्‍यता अभियान की शुरूआत करेगी। नई दिल्‍ली में आज मीडिया को जानकारी देते हुए भाजपा के महासचिव विनोद तावड़े ने बताया कि मौजूदा सभी सदस्‍यों को अपनी सदस्‍यता नवीनीकृत कराने की आवश्‍यकता होगी। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी दो सितम्‍बर को पार्टी अध्‍यक्ष जे पी नड्डा से अपनी सदस्‍यता प्राप्‍त करेंगे। इसके बाद पूरे देश में सदस्‍यता अभियान की शुरूआत होगी। श्री तावड़े ने बताया कि भाजपा के संविधान के अनुसार सदस्‍यता अभियान प्रत्‍येक पांच से छह वर्ष में नए सिरे से सदस्यता अभियान चलाया जाता है। उन्‍होंने कहा कि इस सदस्‍यता अभियान का पहला चरण 25 सितम्‍बर को सम्‍पन्‍न होगा।

    रायपुर /शौर्यपथ / बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम लरंगी के प्रगतिशील कृषक श्री अमलू के पास 02 एकड़ खेत है और इनका पारिवारिक पेशा खेती-बाड़ी है। श्री अमलू परम्परागत् तरीके से खेती करते थे, पर विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं एवं उन्नत तकनीकी ज्ञान के अभाव में उत्पादन इतना कम होता था कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता था। इसके अलावा भविष्य की पारिवारिक जिम्मेदारियां भी अंधकारमय दिखाई दे रहीं थी। अमलू कहता है कि मिर्च की खेती करने से मेरे आय के स्त्रोत में बढ़ोत्तरी होने पर मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आ रही है। श्री अमलू के इस जुनून को देखते हुए आस-पास के कृषक भी उद्यानिकी फसल को अपनाने हेतु प्रेरित हो रहे हैं।
    श्री अमलू अपनी आय को बढ़ाने के लिए एक दिन विकासखण्ड के उद्यानिकी विभाग गया तथा अधिकारियों से सम्पर्क कर खेती की उन्नत तकनीक के बारे में चर्चा की। उन्हें बताया गया कि विकासखण्ड में संचालित राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजन किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेकर अमलू ने सब्जी उत्पादन के साथ-साथ अंतरवर्ती फसल करने का निर्णय लिया। उन्होंने उद्यान विभाग से मिर्च बीज प्राप्त कर अपने 02 एकड़ खेत में मिर्च की खेती की, जिसके लिए 80 हजार रूपये खर्च करना पड़ा। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा उन्हें मिर्च की खेती करने के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ।
    श्री अमलू की मेहनत और उद्यानिकी विभाग की मदद से मिर्च की बम्पर फसल हुई ह,ै जिससे किसान अमलू के चेहरे की मुस्कान और आय स्त्रोत में बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने बताया कि खेती से लगभग 100 क्विंटल मिर्च प्राप्त हुये जिसका बाजार मूल्य 02 लाख 30 हजार रूपये है। खर्च काटकर अमलू को लगभग 01 लाख 50 हजार रूपये की बचत प्राप्त हुई।

वनस्पति और जीवों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने में मददगार है ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम
   रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा राज्य में जनजातीय वनवासियों के हितों के संरक्षण के लिए और पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने जनजातीय समुदायों के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता को बखूबी समझा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में इन समुदायों को सशक्त बनाने एवं छत्तीसगढ़ राज्य की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है।
  छत्तीसगढ़ वन विभाग ने हाल ही में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए ग्रीन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत एक अनूठा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय युवाओं को विशेष प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करके उन्हें स्वावलंबी बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को पैराटैक्सोनॉमी जैसे महत्वपूर्ण विषय में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो जैव विविधता संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
   पैराटैक्सोनॉमी एक ऐसी विधा है जिसमें जैविक अनुसंधान के लिए विभिन्न प्रजातियों की त्वरित पहचान और वर्गीकरण किया जाता है। छत्तीसगढ़ जैसे जैव विविधता से भरपूर क्षेत्रों में यह विधा विशेष रूप से उपयोगी है। इस प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित युवा नेशनल पार्क गाइड, पर्यटक गाइड, नेचर कैंप मैनेजर, पारंपरिक चिकित्सक जैसे विभिन्न पेशों में काम कर सकते हैं एवं बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया तथा जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं में रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
   वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि हमारे राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजातियों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाई है। जिसके उचित क्रियान्वयन से सभी लोगों को समय पर लाभ मिल रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पीछे की अवधारणा को साझा करते हुए कहा कि यह पहल स्थानीय समुदायों को छत्तीसगढ़ की जैव विविधता संरक्षण में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं के रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय वनस्पतियों और जीवों के बारे में पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और इसे अगली पीढ़ी को सौंपने का भी अवसर प्रदान करता है।
  छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी ने इस पहल के व्यापक प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी अवसर है। पैराटैक्सोनॉमी में कौशल प्रदान करके हम एक ऐसी पीढ़ी को बढ़ावा दे रहे हैं जो न केवल अपने पर्यावरण के बारे में जानकार है, बल्कि उसे संरक्षित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री राजेश कुमार चंदेले, आईएफएस ने पर्यावरण संरक्षण में पैरा टैक्सोनॉमी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में कहा कि जैव संकेतक (बायो इंडिकेटर) पौधों की पहचान करके पैरा टैक्सोनॉमी पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और संसाधन संरक्षण में सहायता करती है।
     इस प्रशिक्षण में भाग लेने वाले 53 प्रतिभागियों में से 40 जनजातीय युवा थे, जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि 10$2 से लेकर स्नातक तक थी और वे कांकेर, कोंडागांव, केशकाल, भानुप्रतापपुर और नारायणपुर जैसे विभिन्न वन-मंडलों से आए थे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में 22 जुलाई से 18 अगस्त तक आयोजित किया गया था। 30 दिवसीय इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने कक्षा शिक्षण और फील्डवर्क दोनों में भाग लिया, जिसमें उन्होंने जंगल सफारी, मोहरेगा, सिरपुर, अर्जुनी, बारनवापारा और उदंती वन्यजीव अभयारण्य जैसे स्थलों पर जाकर विभिन्न प्रजातियों की पहचान और दस्तावेजीकरण किया। प्रशिक्षण के दौरान 93 प्रकार के मैक्रोफंगी, 153 प्रकार की वनस्पतियाँ, 47 औषधीय पौधे और 187 प्रकार के बीज का पहचान और दस्तावेजीकरण किया गया।
   यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हुआ है। छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीतू हर्मुख ने इस प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि सभी प्रतिभागी पैराटैक्सोनॉमी में कौशल सीखने के लिए उत्सुक और तत्पर थे। कांकेर जिले के डुमरपानी गांव के 24 वर्षीय जनजातीय युवक त्रिभुवन कुमार करगा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “पैराटैक्सोनॉमी’’ में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मेरा आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ा है। अब मेरे लिए आय सृजन के नए रास्ते खुल गए हैं। इसी प्रकार ग्राम मुढ़ोवा चारामा, कांकेर जिले के 39 वर्षीय जनजातीय समुदाय के प्रतिभागी राकेश नेताम ने कहा इस प्रशिक्षण ने हमारे जंगलों की जैव विविधता को समझने का ज्ञान दिया है। अब मुझे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति एक अहम जिम्मेदारी का एहसास होता है।
    जनजातीय महिलाओं ने भी इस कार्यक्रम से काफी लाभ उठाया है। कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विश्रामपुरी गांव की 22 वर्षीय महिला सुश्री दिव्या मरकाम ने कहा कि एक जनजातीय क्षेत्र की महिला के रूप में विशेष शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित रहे हैं। पैरा टैक्सोनॉमी के इस प्रशिक्षण से मुझे एक नया अनुभव प्राप्त हुआ है, इससे हमें रोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे एवं जनजातीय महिला सशक्तिकरण भी होगा। साथ ही साथ क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी।
    प्रशिक्षण की सफलता को देखते हुए छत्तीसगढ़ वन विभाग इस कार्यक्रम का विस्तार राज्य के अन्य हिस्सों जैसे जगदलपुर, सरगुजा, बिलासपुर और दुर्ग में भी करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा वन विभाग ने आगामी पैराटैक्सोनॉमी प्रशिक्षण सत्रों के लिए पहले बैच के प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में उपयोग करने की योजना बनाई है, जिससे न केवल पहले बैच के प्रतिभागियों को अनुभव और रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि कार्यक्रम की निरंतरता और स्थिरता भी सुनिश्चित होगी।
 इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने जैव विविधता संरक्षण में पहले ही महत्वपूर्ण परिणाम दिखाए हैं। प्रतिभागियों ने अपने स्थानीय क्षेत्रों में कई दुर्लभ वनस्पति और जीवों की प्रजातियों की पहचान और दस्तावेजीकरण किया है, जिसमें पीले चमकदार खोल वाला एक अनूठा कछुआ   और दुर्लभ पौधे जैसे Gloriosa superba, Ophioglossum और Nervelia शामिल हैं।
 छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाने और राज्य की समृद्ध जैव विविधता को संरक्षित करने के इस प्रयास ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारी प्राकृतिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।

 जशपुर /शौर्यपथ / जिला प्रशासन की टीम द्वारा  जशपुर विकास खंड ग्राम गम्हरिया स्थित अरिहंत डेली नीड्स का जांच किया गया । जांच में प्रोपराइटर विमल जैन के पास 100 बैग यूरिया स्टॉक पाया गया । जांच के आधार पर पंचनामा बनाकर विधिवत कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में खेती किसानी का सिजन चल रहा है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि खाद की कालाबजारी खत्म हो और किसानों को समय सीमा में खाद उपलब्ध हो।

हितग्राहियो को राशन लेने आठ किलोमीटर पदयात्रा से मिली मुक्ति
ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार
   जशपुरनगर/शौर्यपथ /बगिया स्थित सीएम कैम्प कार्यालय की पहल पर मड़ियाझरिया में  सार्वजनिक राशन वितरण दुकान (पीडीएस) संचालित करने का आदेश बगीचा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने जारी कर दिया है। इससे ग्रामीणों को राशन लेने के लिए 8 किलोमीटर की दौड़ लगाने से बड़ी राहत मिली है। इस पहल के लिए ग्रामीणों ने सीएम कैम्प कार्यालय का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापन सौंपा है। उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व ही जिले के कांसाबेल ब्लाक के  ग्राम पंचायत केनाडांड़ के आश्रित ग्राम मड़ियाझरिया से आए ग्रामीणों ने सीएम कैम्प में ज्ञापन सौंपा था। इसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंर्तगत,सरकार द्वारा दिया जाने वाला राशन लेने के लिए हर महिने 8 किलोमीटर की दौड़ लगानी होती है। भीषण गर्मी के महिना हो या बरसात का,मौसम का मार झेलते हुए वे चेटबा,ठूठरूडांड़ पार कर बंदरचुआं पहुंचते भी है लेकिन शाम हो जाने के कारण उन्हें कई बार खाली हाथ लौटा दिया जाता है। इस समस्या को देखते हुए उन्होनें मड़ियाझरिया में ही राशन दुकान संचालित करने का अनुरोध किया था। इस पर कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत ने प्रशासन को प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव का निरीक्षण कर,खाद्य विभाग प्रशासन को प्रतिवेदन भी भेज चुकी है। लेकिन गाँव में  दुकान का संचालन शुरू नहीं हो पाया था । इससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी।सीएम कैंप कार्यालय ने ग्रामीणों इस समाधान को निराकरण के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया था,जिस पर जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेते हुए अब एसडीएम के आदेश के बाद,मड़ियाझरिया में जल्द ही सरकारी राशन दुकान का संचालन शुरू हो जाएगा। ग्रामीणों को अपने गांव में ही अब राशन मिल जायेगा,जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

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