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रायपुर । शौर्यपथ । प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ में दो लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें प्रथम बच्चे हेतु एक लाख 46 हजार और दूसरे बालिका संतान हेतु 75 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति के अंतर्गत इस योजना में पहले बच्चे के जन्म पर महिला को दो किश्तों में पांच हजार रूपए और दूसरी संतान बालिका होने पर एकमुश्त छः हजार रूपए देने का प्रावधान है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का शत् प्रतिशत लाभ मिल सके।
गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार एवं गर्भावस्था के दौरान मजदूरी में हुई हानि की प्रतिभूति राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक जुलाई 2017 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना देश के सभी जिलों में शुरू की गई है। योजना के तहत ऐसी गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को छोड़कर जो केंद्र सरकार या राज्य सरकारों या सार्वजनिक उपक्रमों के साथ नियमित रोजगार में हैं या जो वर्तमान में लागू किसी कानून के अंतर्गत समान लाभ प्राप्त कर रही है, सभी गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं पात्रता रखती हैं।
समाचार सार ..
मुख्यमंत्री ने किसानों को दो साल के धान का बकाया बोनस 3716 करोड़ रूपए की राशि हस्तांतरित की
अभनपुर ब्लॉक के ग्राम बेन्द्री में आयोजित हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री की घोषणा: जरूरत पड़ने पर धान खरीदने की अवधि भी बढ़ाएंगे
पूरी पारदर्शिता के साथ एक लाख लोगों के लिए सरकारी नौकरी की करेंगे व्यवस्था
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी की गारंटी का तीसरा वादा सुशासन दिवस के मौके पर पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अभनपुर के ग्राम बेन्द्री में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस के रूप में 3716 करोड़ रूपए की राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की। उन्होंने कार्यक्रम में कहा कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदेंगे। जरूरत पड़ने पर समर्थन मूल्य में धान खरीदी की अवधि भी बढ़ाई जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी के अंतर्गत हमने दो साल के बकाया बोनस के भुगतान का वायदा किया था और इसे आज अटल जी की जयंती सुशासन दिवसर पर पूरा कर दिया गया है। हमारी कथनी-करनी समान है। प्रदेश ही नहीं पूरे देश ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। आज किसानों के बैंक खाते में बोनस की राशि पहुंच गई है। कई किसानों को तो दो लाख से अधिक की राशि मिली है। किसानों में बहुत खुशी है। हमने प्रदेश की जनता से जो भी वादा किया है वे सभी वादे पूरे किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शपथ लेने के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में गरीबों के 18 लाख आवासों के निर्माण की मंजूरी दी। इससे उन लोगों को आवास मिल सकेगा जो पिछले पांच साल में आवास से वंचित रहे थे। पिछले पांच सालों में कुछ लोगों ने पीएम आवास की एक किश्त मिलने पर मकान का काम तो शुरू किया था, फिर दूसरी, तीसरी किश्त नहीं मिली तो कई बेघर रह गए, किसी ने कर्ज लेकर मकान बनवाया। हमने ऐसे बेघर लोगों की चिंता की है और उन्हें आवास देने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी के अंतर्गत जो भी वायदा हमने किया है। सभी वायदे पांच साल के अंतर्गत पूरा करेंगे। हमने वायदा किया है कि जो विवाहित महिलाएं हैं उनके खाते में हर महीना एक हजार रुपए महतारी वंदन योजना के अंतर्गत देंगे। इसके लिए भी हमने अनुपूरक बजट में प्रावधान कर दिया है। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैसकार्ड धारी परिवारों को पांच सौ रुपए में सिलेंडर देने का भी काम करेंगे। भूमिहीन कृषि मजदूरों को एक साल में दस हजार रुपए देने का काम करेंगे। विभिन्न विभागों के एक लाख रिक्त पदों को पूरी पारदर्शिता के साथ भरेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग तेंदूपत्ता को हरा सोना कहते हैं। हमारी सरकार तेदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक का भुगतान करेगी। इसके साथ ही संग्राहकों के लिए चरण पादुका सहित अन्य लाभकारी योजनाओं को निरंतर जारी रखा जाएगा। मुझे आप लोगों को यह बताते हुए खुशी होती है कि अब आपको आयुष्मान कार्ड में 5 लाख रूपए की जगह 10 लाख रूपए तक की इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अब बीमारी के इलाज के लिए ऋण लेने, खेत बेचने की जरूरत नहीं होगी। हम किसानों से धान 21 क्विंटल प्रति एकड़ 3100 रुपए प्रति क्विंटल के मान से खरीदेंगे। आवश्यकता पड़ने पर धान खरीदी का समय भी बढ़ाएंगे। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने सुशासन दिवस के अवसर पर अटल जी का स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी के प्रधानमंत्री बनते ही गांवों में भी सड़के पहुँची। किसानों को क्रेडिट कार्ड मिलना आरंभ हुआ। आज हमने सुशासन दिवस के अवसर पर ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप दो साल का धान का बकाया बोनस देने का निश्चय किया।
जिन किसानों के खाते में पैसे पहुंचे, उनसे वीडियो कांफ्रेंसिंग से की चर्चा-
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीडियो क्रांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसानों से सीधे चर्चा की। उन्होंने पूछा कि अभी अभी जो आपके खाते में बोनस के पैसे डाले गये, वो आपके खाते में पहुंचे की नहीं। महासमुंद जिले के किसान श्री रामपाल ने बताया कि उन्हें 23 हजार 280 रुपए का बोनस मिला। बालोद जिले के तमोरा ग्राम के किसान बिशेसर राम साहू ने बताया कि मुझे 89 हजार 640 रुपए धान बोनस मिला। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के हितग्राहियों को चेक और सर्टिफिकेट वितरित किया। साथ ही किसानों को कृषि एटीएम का भी वितरण किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टाल का अवलोकन किया और इन स्टाल में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से चर्चा भी की।
कार्यक्रम को अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू ने भी संबोधित किया। इस मौके पर आरंग विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व मंत्री श्री चंद्रशेखर साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
देश भर के हितग्राहियों से करेंगे चर्चा ,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअली कार्यक्रम में होंगे शामिल
छत्तीसगढ़ के 4 शहरी क्षेत्र एवं 70 ग्रामीण क्षेत्र सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग से होंगे कनेक्ट
केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए कार्यक्रम स्थल पर आयोजित होंगे कैंप
कैम्प में भी प्रधानमंत्री का संदेश और हितग्राहियों से चर्चा सुनी जा सकेगी
छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में 4 और ग्रामीण क्षेत्रों में 70 लोकेशन में होगा कार्यक्रमों का आयोजन
रायपुर / शौर्यपथ / केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने एवं इनसे लाभ लेने वाले हितग्राहियों से संवाद करने के उद्देश्य से आरंभ की जा रही विकसित भारत संकल्प यात्रा का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 16 दिसम्बर को दोपहर चार बजे करेंगे। प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से देश भर में यात्रा के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से जुड़ेंगे और हितग्राहियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम के लिए जिलों से दोपहर 3 बजे कनेक्ट होंगे और यात्रा के संबंध में वर्चुअल संवाद करेंगे।
केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम आईईसी मोबाइल वैन के जरिए होगा। इसके जरिए प्रधानमंत्री मोदी का संदेश, योजनाओं की जानकारी और योजनाओं से संबंधित चलचित्र प्रदर्शित होंगे। इसके अलावा योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट, बुकलेट आदि वितरित करने के साथ-साथ योजनाओं के लाभ लेने के लिए आवेदन, लाभ वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। योजनाओं के संबंध में जागरूकता के लिए क्विज, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। लाभार्थियों की व्यक्तिगत सफलता की कहानियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए ‘मेरी कहानी-मेरी जुबानी‘ जैसे कार्यक्रम होंगे तथा धरती कहे पुकार के, स्वच्छता गीत आदि जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही प्राकृतिक खेती, स्वाईल हेल्थ कार्ड के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
स्वास्थ्य मेला और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए कैंप भी- ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा‘ के अंतर्गत स्वास्थ्य मेला, उज्जवला योजना, आधार कार्ड अपडेटेशन आदि के स्टॉल होंगे। इसके साथ ही नागरिक उपयोगी अन्य सभी योजनाओं का लाभ दिलाने भी इन स्टाल में व्यवस्था होगी।
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा‘ के अंतर्गत ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में संचालित योजनाएं सम्मिलित होंगी। ग्रामीण क्षेत्र में क्रियान्वित आयुष्मान भारत, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम आवास योजना, पीएम उज्जवला योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम किसान सम्मान योजना, क्रिसान क्रेडिट कार्ड, पीएम पोषण अभियान, हर घर जल-जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना, जन-धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, नैनो उर्वरक का उपयोग, स्वाइल हैल्थ कार्ड, उन्नत कृषि यंत्र आदि से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी।
शहरी क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम उज्जवल योजना, पीएम मुद्रा लोन योजना, स्टार्ट-अप इंडिया, स्टेंड-अप इंडिया, आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना शहरी, वंदे भारत ट्रेनें और अमृत भारत स्टेशन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, उजाला योजना, अमृत योजना, पीएम जन औषधि परियोजना, सौभाग्य योजना, डिजिटल भुगतान अधोसंरचना, आरसीएस योजना और खेलो इंडिया से संबंधित योजनाएं व गतिविधियाँ शामिल होंगी।
वेब पोर्टल से होगी मानिटरिंग- भारत सरकार और पीएमओ द्वारा इस यात्रा की मॉनीटरिंग वेब आधारित पोर्टल से की जाएगी। यात्रा से संबंधित सामग्री इस वेब पोर्टल में साझा की जाएगी। साथ ही हितग्राहियों को दिये जाने वाले लाभ की सूचना इस पोर्टल में होगी। शिविरों में आने वाले आवेदनों के संबंध में भी जानकारी इस पोर्टल में होगी।
शहरी क्षेत्रों में 4 और ग्रामीण क्षेत्रों में 70 लोकेशन में आयोजित होगा कार्यक्रम- छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में कार्यक्रम का आयोजन रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जिलों के 70 स्थलों का चयन कार्यक्रम के लिए किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रायपुर जिले में 2, दुर्ग जिले में 8, महासमुंद जिले में 1, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में 1, बिलासपुर जिले में 2, अंबिकापुर जिले में 5, जशपुर जिले में 5, सूरजपुर जिले में 5, मोहला-मानपुर जिले में 3, कोंडागांव जिले में 3, सुकमा जिले में 3, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-बैकुंठपुर जिला में 3, बस्तर जिले में 4, बीजापुर जिले में 4, जांजगीर जिले में 5, बलरामपुर जिले में 3, नारायणपुर जिले में 3, दंतेवाड़ा जिले में 4 तथा कोरिया जिले में 4 ग्रामीण क्षेत्रों के लोकेशन में यह कार्यक्रम होंगे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन इन दिनों दिल्ली प्रवास पर है . अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। और राज्य हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की ।
रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रदेश उन्नति के नए शिखर को प्राप्त करेगा।
2024 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी शाह की जोड़ी फिर सामने लाएगी अचंभित करने वाले नाम ...
नई दिल्ली / शौर्यपथ / हाल ही में हुए पांच प्रदेशों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ राजस्थान और मध्य प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना ली है अब सरकार के मुखिया कौन होंगे इस पर मंथन जारी है । प्रदेश के नेताओं और संगठन के पदाधिकारी के साथ बैठकों का दौर खत्म होने के बाद सभी प्रदेशों के प्रमुख नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं . दिल्ली में भी उनकी बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हो चुकी है .
ऐसी जानकारी मिल रही है कि बैठकों का दौरा लगभग खत्म हो गया और अब नाम की घोषणा के इंतजार में तीनों प्रदेश के आम जनता के साथ उन भाजपा नेताओं को भी है जो मुख्यमंत्री की रेस में शामिल है । जैसा कि सभी को मालूम है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी के फैसले हमेशा अचंभित करने वाले होते हैं चाहे वह उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुखिया चुनने का हो या गुजरात में मुखिया चुनने का वही महाराष्ट्र में सरकार को मजबूत बनाने की दिशा में लिए गए फैसले सभी फैसले अचंभित करने वाले ही निकले .
ऐसे में अब एक बार फिर से चर्चा चल रही है कि भारतीय जनता पार्टी ने जिन तीन प्रदेशों में बहुमत प्राप्त किया है उन प्रदेशों में कोई ऐसे नाम होंगे जो सभी को अचंभित कर देंगे वैसे तो राजस्थान में वसुंधरा राजे प्रमुख दावेदार के रूप में है वही मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान तथा छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह प्रबल दावेदार के रूप में माने जा रहे हैं किंतु चुनावी सभा में केंद्रीय स्तर के नेता कह चुके हैं कि प्रदेश का मुखिया ऐसा होगा जो आपको अचंभित कर देगा . ऐसी बातें कोई अन्य दल के नेता करते तो आम जनता उस पर बमुश्किल विश्वास करती परंतु भारतीय जनता पार्टी में जब से मोदी साहब की जोड़ी ने कमान संभाली है तब से ही भाजपा देश में अपनी एक मजबूत छवि के साथ आगे बढ़ती जा रही है और उनके पूर्व के फैसले को देखा जाए तो सभी फैसले अचंभित करने वाले ही होते हैं .
छत्तीसगढ़ की बात ले तो 2 से 3 महीने पहले तक छत्तीसगढ़ में ही भाजपा नेता को यह विश्वास नहीं था कि प्रदेश में उनकी सरकार फिर बनेगी परंतु एक महीने पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने सूची जारी कर सभी को अचंभित कर दिया सूची जारी होने के बाद भी भाजपा के कार्यकर्ताओं में कहीं-कहीं मायूसी देखी जा रही थी परंतु इन सभी बातों को दरकिनार करते हुए मोदी शाह की जोड़ी ने तीनों ही राज्यों में जिस तरीके से चुनावी कमान का संचालन किया और तीनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाने में कामयाब हुई हर प्रदेश में भाजपा पीएम मोदी के चेहरे के साथ चुनाव लड़ी ऐसे में उनके द्वारा कहे गए अचंभित करने वाले नाम पर प्रदेश की जनता को भी बेसब्री से इंतजार है कि प्रदेश का मुखिया कौन होगा .
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री की रेस में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ,प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ,केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह , पूर्व आईएएस अधिकारी और रायगढ़ से विधायक भाजपा के यूथ आइकॉन ओपी चौधरी आदिवासी नेता विष्णु देव सहाय के नाम की चर्चा से राजनीतिक बाजार गर्म है परंतु इन सब नाम से हटकर भी किसी के नाम सामने आ जाए तो आश्चर्य की कोई बात नहीं होगी ऐसे में प्रदेश की जनता अब बेसब्री से इंतजार कर रही है कि प्रदेश का मुखिया कौन होगा और भाजपा केंद्रीय संगठन से किसके नाम की मोहर लगेगी . वैसे तो प्रदेश के नेता दिल्ली की ओर दौड़ लगा रहे हैं परंतु प्रदेश में मुखिया कौन होगा इस पर फैसला संगठन ही लेगा जो सभी को मान्य होगा ।
राजनितिक जानकार बताते हैं कि तीनों ही प्रदेशों के मुख्यमंत्री के रूप में संगठन ऐसा चेहरा सामने लाएगा जो स्थानीय गुट वाजी पर भी लगाम लगा सके और आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हर लोकसभा से बढ़त दिला सके साथ ही आम जनता कि उस उम्मीद पर भी खरा उतर सके जिस उम्मीद के साथ जनता ने भारतीय जनता पार्टी को इतना बड़ा समर्थन दिया है . भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में काफी घोषणाएं की है ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर भी ध्यान रखेगा की प्रदेश का मुखिया ऐसा हो जो घोषणा पत्र पर भी गंभीरता से अमल करें और उसे जमीनी स्तर पर जल्द से जल्द लागू करें ताकि जिस घोषणा पत्र के सहारे आम जनता ने भाजपा को पूर्ण बहुमत दिलाई वही जनता लोकसभा चुनाव में पूर्व में किए हुए घोषणा पत्र के पूर्ण होने / क्रियान्वित होने की दिशा में देश के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के पक्ष में ही अपने मत का प्रयोग करें ।
विचार : एजेंसी से प्राप्त खबरों के आधार पर (sharad pansari )
दुर्ग / शौर्यपथ / भरत के नव रत्नों में से एक भिलाई स्टील प्लान की गुणवत्ता की बात की जाये तो प्लांट से निकले उत्पाद विश्व भर में सर्वोत्तम की श्रेणी में आते है अब इस श्रृंखला में एक और अध्याय जुड़ गया .भिलाई इस्पात संयंत्र की क्वालिटी सर्कल टीमों ने अपनी सृजनशीलता को ऊंची उड़ान देने में कामयाबी हासिल की है। चीन के बीजिंग में 30 अक्टूबर से 02 नवम्बर के मध्य आयोजित क्वालिटी कंट्रोल सर्कल के इंटरनेशनल कन्वेंशन में बीएसपी की बीआरएम विभाग की क्वालिटी सर्कल टीम 'सारथीÓ ने गोल्ड अवार्ड जीतने में कामयाबी हासिल की है।
04 दिसम्बर को भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता को, सभी कार्यपालक निदेशकगणों की उपस्थिति में इस गोल्ड अवार्ड को सुपुर्द किया। निदेशक प्रभारी सभागार में आज आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में विजेता टीम के सदस्यों ने संयंत्र के निदेशक प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया। यह प्रस्तुतिकरण बीजिंग में भी आयोजित क्वालिटी सर्कल सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया था और इसे ही स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ था।
इस अवसर पर संयंत्र के कार्यपालक निदेशक अंजनी कुमार, कार्यपालक निदेशक परियोजनाएं, एस मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक वित्त एवं लेखा, डॉ ए के पंडा, कार्यपालक निदेशक सामग्री प्रबंधन ए के चक्रवर्ती, कार्यपालक निदेशक रावघाट समीर स्वरूप, कार्यपालक निदेशक माइंस बी के गिरी,कार्यपालक निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन पवन कुमार, मुख्य महाप्रबंधक बीआरएम एम के गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक एचआरडी एवं बीई श्रीमती निशा सोनी और महाप्रबंधक बीई एम के दुबे उपस्थित थे।
इस प्रतियोगिता में बीएसपी की टीम ने अपने विभाग में किए गए सृजनशील कार्यों पर केस स्टडी प्रस्तुत किया। बार रॉड मिल की टीम 'सारथीÓ ने 16 एमएम सेक्शन को रोल करने के लिए स्टैंड-18 में प्रयुक्त होने वाले रोल में नंबर ऑफ ग्रूव्स की संख्या को बढ़ाकर स्टैंड चेंज में समय की बचत, को अपने प्रोजेक्ट के रूप में लिया था। इस प्रतियोगिता में चीन, भारत,मलेशिया, इंडोनेशिया, कोरिया, थाइलैंड, मॉरिशस सहित विभिन्न देशों की टीमों ने भाग लिया था।
नई दिल्ली / एजेंसी / माइक्रो फाइनेंस कंपनियां लोगों को तुरंत लोन देने के लालच में डालकर अधिक ब्याज दर वसूलती हैं. इससे लोन चुकाने में कर्जदारों को मुश्किल होती है और उन्हें अधिक भुगतान करना पड़ता है या नहीं करने पाने की स्थिति में उत्पीड़न झेलना पड़ जाता है. लोगों को झांसे में लेकर लोन के नाम पर उगाही करने वाली ऐसी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर असम सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है. राज्य सरकार ने लोगों से कहा है कि लोन देने वाली ऐसी कंपनियों या संस्थानों से बचना है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य की महिलाओं से माइक्रो फाइनेंस संस्थानों से लोन लेने से परहेज करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इन संस्थानों द्वारा लोन पर ली जाने वाली ब्याज दरें अव्यवहारिक रूप से अधिक हैं और लोनधारक के लिए इससे अपना लोन चुकाना लगभग असंभव है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के एनपीए घोषित किए गए खातों के एवज में राज्य सरकार लोन देने वाले माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को मुआवजे के रूप में कुल 291 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है. इस कदम से राज्य के लगभग 2.2 लाख लोनधारकों को ऐसे संस्थानों के चंगुल से मुक्त होने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 के असम विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान कई महिलाएं लोन चुकाने में असमर्थता के कारण लोन देने वाले संस्थानों द्वारा उत्पीड़न की शिकायत करने उनके पास आई थीं. उन्होंने माइक्रोफाइनेंस संस्थानों से लोन लेने वाली महिला उधारकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान देने का वादा किया था और उन्होंने अब उन्हें राहत दे दी है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने महिलाओं से राज्य सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रत्येक सदस्य को प्रदान की जाने वाली 10,000 रुपये की राशि का उचित उपयोग करके आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भी अपील की. सरमा ने कहा कि जो लोग प्रोडक्टिविटी उद्देश्यों के लिए राशि का उपयोग करते हैं उन्हें 15,000 रुपये और प्रदान किए जाएंगे.
नई दिल्ली / एजेंसी /
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्थित सिल्क्यारा सुरंग में पिछले 12 दिन से फंसे 41 मजदूरों को निकालने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं.उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में 41 मजदूरों को फंसे हुए आज 12 दिन हो गए हैं. इन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से ऑपरेशन चल रहा है. यहां मौजूद नोडल अफसर नीरज खैरवाल ने बताया कि सारे मजदूर ठीक हैं और मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट लगातार उनसे बात कर रहे हैं.
उत्तरकाशी के सिलक्यारा गांव में निर्माणाधीन सुरंग धंसने के बाद पिछले 12 दिनों से उसमें 41 मजदूर फंसे हुए हैं. अब इन श्रमिकों को बचाने का अभियान अपने अंतिम चरण में है. बुधवार को मजदूरों से केवल 10 मीटर दूरी तक मलबे में छेद करने का काम बाकी रह गया था. हालांकि गुरुवार को कुछ देर काम के बाद ड्रिलिंग का काम रोकना पड़ा. अभी जिस मशीन से ड्रिलिंग का काम हो रहा है, वह एक घंटे में तीन मीटर छेद करती है. इसलिए मजदूरों के जल्द बाहर निकलने की बड़ी खबर किसी भा वक्त आ सकती है.
मजदूरों को बाहर लाने में कितना वक्त लगेगा.
1. बचाव दल के अनुसार, मजदूरों को बाहर निकालने के लिए जिस पाइप को अंदर भेजा जा रहा था उसके आगे का हिस्सा लोहे की सरिया से टकराकर मुड़ गया था. लिहाजा अब उस आगे के हिस्से को गैस कटर से काटकर अलग किया जा रहा है. बाद में उस हिस्से को छोटे टुकड़ों में काट कर पाइप से वापस निकाला जाएगा. इसके चलते पाइप को अंदर भेजने की प्रक्रिया फिलहाल के लिए रुकी हुई है.
2. मजदूरों के करीब तक 80 सेंटीमीटर व्यास वाली मजबूत पाइप डाला गया है, जिसमें घुसकर मजदूर आसानी से रेंगते हुए वापस निकल सकेंगे. 12 दिनों से मजदूर अंदर फंसे हुए हैं, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उनका एनर्जी लेवल कम हो गया होगा. अगर वे खुद बाहर आने में सफल नहीं होंगे तो बाहर से एनडीआरएफ के जवान अंदर जाकर उन्हें लाएंगे.
3. आशंका ये भी है कि 12 दिनों से सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों के दिमाग पर मनोवैज्ञानिक असर भी हुआ होगा. उनको बाहर से जो भोजन दिया गया है, उसका क्या असर उनके शरीर पर हुआ है, इसका आंकलन पहले किया जाएगा. इसके लिए चिकित्सकों की टीम जांच करेगी.
4. एक बार जब बचाव पाइप श्रमिकों तक पहुंच जाएगा तो एनडीआरएफ का एक डॉक्टर अंदर जाएगा और उनकी स्थिति की जांच करेगा. वह मजदूरों को सिखाएंगे कि वेल्डिंग जोड़ों पर धारदार किनारों वाले पाइपों के जरिए कैसे निकलना है. बचाव दल ने कहा है कि बाहर निकलने वाले मजदूरों के लिए स्ट्रेचर की भी व्यवस्था की गई है.
5. अंदर फंसे मजदूर एनडीआरएफ की कड़ी निगरानी में पाइप के माध्यम से बाहर लाए जाएंगे. सुरंग के बाहर, श्रमिकों को चिन्यालीसौड़ में बने एक अस्थायी अस्पताल में ले जाने के लिए 41 एम्बुलेंस तैयार हैं. बचावकर्मियों ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर श्रमिकों की विस्तृत चिकित्सकीय जांच की जाएगी.
6. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद राहत और बचाव स्थल पर पहुंच गए हैं. उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग के मिनिस्टर ऑफ स्टेट जनरल वी के सिंह भी मौक पर होंगे. उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय (ष्टरूह्र) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने की तैयारी अंतिम चरण में है और सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद बुधवार (22 नवंबर) रात से ही उत्तरकाशी में मौजूद हैं.
7. सुरंग में कुल 10 पाइप डाले जाने थे, जिसमें अब तक नौ पाइप अंदर सुरंग में डाले जा चुके हैं. इसके पहले आगर मशीन में खराबी आ गई. इसे ठीक करने के लिए दिल्ली से एक्सपट्र्स को बुलाया गया.
8. पिछले 12 दिनों में, हिमालयी क्षेत्र की जियोलॉजिकल स्थिति और मिट्टी की प्रकृति के कारण बचाव अभियान में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इस कारण ऑपरेशन में बार-बार रुकावटें आई हैं. इन चुनौतियों के कारण ही बचाव दल अभी भी ऑपरेशन पूरा होने की सटीक समय-सीमा बताने से सावधानी बरत रहा है. उन्होंने कहा है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ घंटों में श्रमिकों को बाहर लाया जा सकता है.
9. सुरंग, केंद्र की महत्वाकांक्षी चार धाम परियोजना का हिस्सा है, जो उत्तरकाशी और यमुनोत्री को जोडऩे के लिए प्रस्तावित सड़क पर उत्तराखंड में सिल्क्यारा और डंडालगांव के बीच स्थित है. 4.5 किमी लंबी सुरंग का काम ज्यादातर पूरा हो चुका है. 12 नवंबर को भूस्खलन के बाद मजदूर सुरंग में फंस गए थे. जिस इलाके में वे फंसे हैं वह करीब 8.5 मीटर ऊंचा और 2 किलोमीटर लंबा है. सौभाग्य से निर्माणाधीन सुरंग के उस हिस्से में बिजली और पानी की आपूर्ति है.
10. सुरंग में फंसे मजदूरों तक पाइप के जरिए ड्राई फ्रूट्स, ओआरएस और ऑक्सीजन की आपूर्ति लगातार की गई है, जिसकी वजह से सारे मजदूरों के स्वस्थ होने के दावे किए जा रहे हैं. दुर्घटना को लेकर क्करू नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन को अपडेट लिया था.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
