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नई दिल्ली / एजेंसी / समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक एवं तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव की अस्थियों को उनके पुत्र अखिलेश यादव ने यहां गंगा एवं यमुना के संगम पर बुधवार को विसर्जित किया. मुलायम सिंह का अस्थि कलश लेकर सैफई हवाई पट्टी से चार्टर्ड विमान से प्रयागराज पहुंचे. अखिलेश के साथ उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव, आदित्य यादव, पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप सिंह यादव और अनुराग यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य माैजूद थे.
संगम स्थल में बनाये गए अस्थायी प्लेटफॉर्म पर मुलायम सिंह यादव की अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरे विधि विधान से संपन्न हुई. जल पुलिस के स्टीमर से अखिलेश ने परिजनों के साथ संगम में जाकर अस्थियों काे प्रवाहित किया. इस दौरान संगम पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा. पार्टी कार्यकर्ता मुलायम सिंह की याद में नारे लगा रहे थे.
मुलायम सिंह के दूसरे पुत्र प्रतीक यादव ने कहा कि यह समय उनके परिवार के लिए बेहद दुखदायी है. इस मुश्किल घडी में परिवार का प्रत्येक सदस्य एक साथ है. उन्होने कहा कि नेता जी की विरासत को परिवार का हर सदस्य मिलकर आगे बढायेगा. इसके लिए जो भी मदद बन सकेगी अखिलेश की मदद की जाएगी.
गौरतलब है कि गत 10 अक्टूबर को यादव का लंबी बीमारी के बाद गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था. सोमवार को अखिलेश ने उत्तराखंड स्थित हरिद्वार में गंगा नदी में यादव की अस्थियां विसर्जित की थीं.
नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं दी हैं. पीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा, "मल्लिकार्जुन खड़गे जी को अध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए मेरी शुभकामनाएं. कांग्रेस में उनका आगे का कार्यकाल फलदायी हो." बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने पर मल्लिकार्जुन खड़गे को बधाई दी है. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारी मतों से जीत हासिल की है. खड़गे को 7897 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को सिर्फ 1072 वोट ही मिल पाए. इसके अलावा 416 वोट निरस्त कर दिए गए. ऐसे में देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को अपना नया अध्यक्ष मिल गया है.
इस चुनाव में जीत के साथ ही खड़गे कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले 65वें नेता हो गए हैं. वे कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले दूसरे दलित नेता हैं. बाबू जगजीवनराम कांग्रेस अध्यक्ष बनने वाले पहले दलित नेता थे. आजादी के बाद 75 साल में से 42 साल तक पार्टी की कमान गांधी परिवार के पास रही. वहीं, 33 साल पार्टी अध्यक्ष की बागडोर गांधी परिवार से अलग नेताओं के पास रही.
चुनावी नतीजों के बाद शशि थरूर ने अपनी हार स्वीकार कर ली और खड़गे को बधाई दी. उन्होंने कहा कि भले ही इन चुनावों का नतीजा जो कुछ भी रहा हो, मगर यह चुनाव पार्टी को मजबूत जरूर करेगा. शशि थरूर ने बकायदा एक नोट लिखा. इसमें उन्होंने कहा कि चुनाव का नतीजा मल्लिकार्जुन खड़गे के पक्ष में आया है. मैं उन्हें इस जीत के लिए बधाई देता हूं. पार्टी प्रतिनिधियों का निर्णय अंतिम होता है और मैं उसे स्वीकार करता हूं. मुझे गर्व है कि एक ऐसी पार्टी का सदस्य होने का, जो अपने कार्यकर्ताओं को अपना अध्यक्ष चुनने का मौका दे.
नई दिल्ली / एजेंसी / केंद्रीय जांच ब्यूरो ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट पुलिस थाना क्षेत्र के बोगतुई गांव में भादु शेख की हत्या के आरोप में बीरभूम जिले के टोलोया गांव से गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में गिरफ्तार आरोपी को भादु शेख पर बम फेंकते हुए देखा और पहचाना गया. वह अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था और मामले की शुरुआत से ही फरार था. इस घटना के बाद पेट्रोल बम फेंकने की वारदात हुई थी जिसमें नौ लोग जिंदा जल गए थे.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना था कि बोगतुई नरसंहार का मामला भादु शेख की हत्या का प्रत्यक्ष परिणाम था. इसीलिए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि भादु शेख की हत्या के मामले की भी सीबीआई द्वारा जांच की जाए. गिरफ्तार आरोपी को रामपुरहाट की अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने उसको छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
सीबीआई ने पश्चिम बंगाल में हुई बीरभूम हिंसा के सिलसिले में अप्रैल में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था और इसके साथ इस मामले में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई थी. इससे पहले सीबीआई ने चार आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया था. पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता भादु शेख की हत्या के बाद 21 मार्च को रामपुरहाट शहर के पास बोगतुई गांव में कई घरों पर हमलावरों द्वारा पेट्रोल बम फेंके गए थे. इससे नौ लोगों की जलने से मौत हो गई थी. राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल पहले मामले की जांच कर रहा था. बाद में इसकी जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई को सौंप दी गई थी.
नई दिल्ली / एजेंसी / रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 82 रुपये 95 पैसे के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. ब्लूमबर्ग ने बताया कि 82.36 रुपये के पिछले दिन बंद होने की तुलना में आज 82.30 रुपये पर खुला और फिर बढ़कर 82.93 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स में ट्रेजरी के प्रमुख अनिल कुमार भंसाली ने कहा, "संभावित रूप से आरबीआई कल मुद्रा वायदा में डॉलर खरीद रहा था, जो आने वाली चीजों का संकेत दे रहा था. यह केवल एक समय था जब 82.40 का उल्लंघन हुआ होगा. इसलिए रुपये के लिए कोई भी स्तर नहीं लगता है और इसलिए 83.00 के बैरियर को तोड़ने के बाद अगला लक्ष्य 83.50 हो गया."
घरेलू मुद्रा 82.9450 के अपने सबसे कमजोर स्तर पर गिर गया, जब जोखिम वाली संपत्ति ने हाल के लाभ को उलट दिया और रुपया गिर गया. आंकड़ों से पता चला है कि आसमान छूती खाद्य कीमतों ने ब्रिटिश मुद्रास्फीति को 40 साल के उच्च स्तर 10.1 प्रतिशत पर वापस भेज दिया. जिससे बैंक ऑफ इंग्लैंड पर आक्रामक तरीके से दरों में बढ़ोतरी का दबाव बना रहा है.
नई दिल्ली / एजेंसी / कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं. करीब 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना गया. इससे पहले सीताराम केसरी गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मतदान हुआ था. इस बार मुकाबला वरिष्ठ पार्टी नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच था. जिनमें से शशि थरूर को पछाड़ने में मल्लिकार्जुन खड़गे कामयाब रहे. कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खड़गे से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी.
बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए कुल 9,385 वोट डाले गए, जिनमें से 416 मतों को अवैध घोषित किया गया. 8,969 वैध मतों में मल्लिकार्जुन खड़गे को 7,897 वोट हासिल हुए, जबकि शेष 1,072 वोट शशि थरूर को मिले.इस पर शशि थरूर ने कहा, 'कांग्रेस का अध्यक्ष बनना बड़े सम्मान, बड़ी जिम्मेदारी की बात है, मैं मल्लिकार्जुन खरगे को इस चुनाव में उनकी सफलता के लिए बधाई देता हूं. अंतिम फैसला खरगे के पक्ष में रहा, कांग्रेस चुनाव में उनकी जीत के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देना चाहता हूं.'
साथ ही उन्होंने कहा, 'सर्वाधिक संकटपूर्ण स्थितियों में पार्टी का संबल बने रहने और नेतृत्व प्रदान करने के लिए हम निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ऋणी हैं. कांग्रेस अध्यक्ष पद का स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपना योगदान देने के लिए मैं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का धन्यवाद करता हूं.'
कांग्रेस के करीब 9900 डेलीगेट पार्टी प्रमुख चुनने के लिए मतदान करने के पात्र थे. कांग्रेस मुख्यालय समेत लगभग 68 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9500 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया था.
कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं. इस बार पूरे 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है.
इसी बीच, मतगणना के दौरान शशि थरूर की टीम ने पार्टी के मुख्य निर्वाचन प्राधिकारी को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान “अत्यंत गंभीर अनियमितताओं” का मुद्दा उठाया और मांग की कि राज्य में डाले गए सभी मतों को अमान्य किया जाए. थरूर की प्रचार टीम ने पंजाब और तेलंगाना में भी चुनाव के संचालन में “गंभीर मुद्दे” उठाए थे.
टीम ने कहा था, पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को लिखे पत्र में थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने कहा है कि तथ्य “हानिकारक” हैं और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया में “विश्वसनीयता और प्रमाणिकता की कमी” है.
वहीं, राहुल गांधी ने आधिकारिक ऐलान होने से पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का ऐलान कर दिया था. राहुल गांधी से पार्टी में उनकी भूमिका से जुड़ा सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था, 'कांग्रेस अध्यक्ष मेरी भूमिका तय करेंगे... खड़गे जी से पूछिए. कांग्रेस अध्यक्ष ही सुप्रीम हैं. मैं अध्यक्ष को ही रिपोर्ट करूंगा. पार्टी के नए अध्यक्ष ही पार्टी में मेरी भूमिका तय करेंगे.'
नई दिल्ली / एजेंसी / भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने 12 राज्यों में 249 विभिन्न स्थानों पर 111.125 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) भंडारण क्षमता वाले आधुनिक स्टील गोदामों के निर्माण की योजना बनाई है। लगभग 9236 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ इन्हें सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत हब एंड स्पोक मॉडल के अनुसार तैयार किया जाएगा। इन गोदामों को तीन चरणों में बनाकर अगले 3-4 वर्षों में कार्यान्वित कर दिया जायेगा।
भारतीय खाद्य निगम द्वारा हब एंड स्पोक मॉडल के तहत पहले चरण में 80 स्थानों पर 34.875 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 14 स्थानों पर 10.125 एलएमटी क्षमता के गोदाम डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण- डीबीएफओटी मोड के तहत तथा 24.75 एलएमटी के गोदाम 66 स्थानों पर डिजाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व एवं संचालन- डीबीएफओओ मोड के अंतर्गत तैयार किये जायेंगे। डीबीएफओओ मोड के तहत निविदा 31.10.2022 को शुरू की जानी है, जबकि डीबीएफओटी मोड के लिए निविदा पहले से ही 10.08.2022 को खोली जा चुकी है। एक परियोजना एक निर्माणकर्ता को आवंटित की जा चुकी है और अन्य परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रिया जारी है। इन आधुनिक गोदामों में विशाल आकार की बनावट प्रबंधन सुविधाओं के साथ खाद्यान्नों के भंडारण का एक वैज्ञानिक तरीका है, जो खाद्यान्नों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित करता है।
पहले से ही उपलब्ध कराई गई और वर्तमान में चल रही साइलो परियोजनाओं में से 31 स्थानों (सर्किट मॉडल सहित) पर 17.75 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता पूरी हो चुकी है / उपयोग में आ चुकी है और 31 स्थानों पर 15.50 लाख मीट्रिक टन की साइलो परियोजनाओं का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में हैं।
इनके विकास का प्रस्तावित मॉडल डीबीएफओटी (डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण) तथा डीबीएफओओ (डिजाइन, निर्माण, वित्त, स्वामित्व और संचालन) के अनुसार है, जिसमें पूर्व निर्धारित अवधि के लिए इन आधुनिक गोदामों के निर्माण एवं संचालन हेतु निजी संस्थाएं जिम्मेदार होंगी। डीबीएफओटी के इस सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के माध्यम से आवश्यक भूमि एफसीआई द्वारा प्रदान की जानी है जबकि डीबीएफओओ मोड के अंतर्गत भूमि का अधिग्रहण निजी संस्थाओं द्वारा किया जाना है।
80 स्थानों पर ये गोदाम 9 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में तैयार किये जायेंगे, इनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल तथा जम्मू और कश्मीर शामिल हैं। इनके निर्माण में 2,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं की कल्पना राज्य सरकारों, नीति आयोग, वित्त मंत्रालय, रेल मंत्रालय, इस्पात मंत्रालय के परामर्श से की गई है।
खेतों के पास बनने वाले ये आधुनिक गोदाम, खरीद केंद्र (मंडी) के रूप में कार्य करेंगे। इससे किसानों के लिए बाजार की दूरी कम होगी और इनसे परिचालन कठिनाइयों तथा जटिलताओं को काफी कम कर दिया जायेगा। आधुनिक मशीनों से संचालित ये गोदाम चौबीसों घंटे कार्य करते हैं और कृषि-उत्पादों के भंडारण के लिए आने-जाने में लगने वाले समय को भी कम करते हैं। इनके अधिक निर्माण से दक्षता में समग्र सुधार होगा। इसके अलावा, इन आधुनिक स्टील गोदामों को पारंपरिक भंडारण गोदामों की तुलना में लगभग 1/3 भूमि की आवश्यकता होती है।
नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के त्रिमंदिर, अडालज में उत्कृष्ट मिशन स्कूलों (मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस) का शुभारंभ किया। मिशन की परिकल्पना कुल 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ की गई है। त्रिमंदिर में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग 4260 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। यह मिशन गुजरात में नई कक्षाओं, स्मार्ट कक्षाओं, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं की स्थापना और राज्य में स्कूलों के बुनियादी ढांचे के समग्र आधुनिकीकरण से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गुजरात अमृत काल की अमृत पीढ़ी के निर्माण की तरफ बहुत बड़ा कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह अवसर विकसित भारत और विकसित गुजरात के लिए मील का पत्थर साबित होगा।" उन्होंने मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस के लिए सभी नागरिकों, शिक्षकों, युवाओं और गुजरात की भावी पीढ़ियों को बधाई दी।
5जी प्रौद्योगिकी के हालिया विकास पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि यद्यपि हमने इंटरनेट की पहली से चौथी पीढ़ी तक का उपयोग किया है, अब देश में 5जी बड़ा बदलाव लाने वाला है। "हर पीढ़ी के साथ, प्रौद्योगिकी ने हमें जीवन के हर छोटे पहलू से जोड़ा है।" श्री मोदी ने आगे कहा, "इसी तरह हमने स्कूलों की विभिन्न पीढ़ियों को देखा है।" 5जी प्रौद्योगिकी की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शिक्षा प्रणाली को स्मार्ट सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं और स्मार्ट शिक्षण से आगे ले जाएगी और इसे अगले स्तर पर पहुंचाएगी। "हमारे युवा छात्र अब स्कूलों में वर्चुअल वास्तविकता और इंटरनेट ऑफ थिंग्स की ताकत का अनुभव कर सकेंगे।" प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से गुजरात ने पूरे देश में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की टीम को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने पिछले दो दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात में हुए बदलावों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने गुजरात में शिक्षा क्षेत्र की बदहाल स्थिति को याद किया और बताया कि 100 में से 20 बच्चे कभी स्कूल नहीं गए। उन्होंने आगे कहा कि जो छात्र स्कूल गए वह 8वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देते थे। उन्होंने यह भी बताया कि जिन बालिकाओं को स्कूल जाने से रोक दिया गया, उनकी हालत बाकियों से भी बदतर है। जनजातीय क्षेत्रों में शैक्षिक केन्द्रों की कमी पर टिप्पणी करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि विज्ञान शिक्षा के लिए कोई योजना नहीं थी। श्री मोदी ने रेखांकित किया, "इन दो दशकों में गुजरात के लोगों ने अपने राज्य में शिक्षा प्रणाली में बदलाव दिखाया है।" प्रधानमंत्री ने बताया कि इन दो दशकों में गुजरात में 1.25 लाख से अधिक नए क्लासरूम बनाए गए और 2 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई। श्री मोदी ने कहा, “मुझे आज भी वह दिन याद है जब शाला प्रवेशोत्सव और कन्या केलवानी महोत्सव जैसे कार्यक्रम शुरू किए गए थे। कोशिश यह थी कि जब बेटा और बेटी पहली बार स्कूल जाएंगे तो इसे एक त्योहार की तरह मनाया जाएगा।”
प्रधानमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता पर केंद्रित त्योहार 'गुणोत्सव' को भी याद किया। इस योग्यता में, छात्रों के कौशल व क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया और उचित समाधान सुझाए गए। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि गुजरात में विद्या समीक्षा केन्द्र में 'गुणोत्सव' का अधिक उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित संस्करण काम कर रहा है। “गुजरात हमेशा से शिक्षा के क्षेत्र में कुछ अनोखे और बड़े प्रयोगों का हिस्सा रहा है। हमने शिक्षक शिक्षा संस्थान की स्थापना की, जो गुजरात में पहला शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय है।
प्रधानमंत्री ने उस समय को याद किया जब वह राज्य के मुख्यमंत्री थे। श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने एक गांव से दूसरे गांव की यात्रा की और सभी लोगों से अपनी बेटियों को स्कूल भेजने का अनुरोध किया। "नतीजा यह हुआ है कि आज गुजरात में सभी बेटे-बेटियां स्कूल और उसके बाद कॉलेज जा रहे हैं। उन्होंने उन माता-पिता की भी सराहना की जिन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के उनके अनुरोध पर ध्यान दिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि एक दशक पहले भी गुजरात के 15,000 स्कूलों में टीवी, 20 हजार से अधिक स्कूलों में कंप्यूटर की सहायता से अध्ययन की व्यवस्था हो चुकी थी और इस तरह की अनेक प्रणालियां कई वर्षों से गुजरात के स्कूलों का अभिन्न अंग बन गई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज गुजरात में 1 करोड़ से अधिक छात्र और 4 लाख से अधिक शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराते हैं। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि आज गुजरात में 20 हजार स्कूल शिक्षा के 5जी युग में प्रवेश करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने मिशन स्कूल्स ऑफ एक्सीलेंस के तहत शामिल परियोजनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि इन स्कूलों में 50 हजार नए क्लासरूम और एक लाख से अधिक स्मार्ट क्लासरूम बनने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इन स्कूलों में न केवल आधुनिक, डिजिटल और भौतिक बुनियादी ढांचा होगा, बल्कि यह बच्चों के जीवन और उनकी शिक्षा में बड़ा बदलाव लाने का अभियान भी है। उन्होंने कहा, "यहां बच्चों की क्षमता बढ़ाने के लिए हर पहलू पर काम किया जाएगा।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सभी उपायों से 5जी के आने से काफी फायदा होगा। चूंकि यह सुदूरवर्ती क्षेत्रों सहित सभी के लिए सर्वोत्तम सामग्री, शिक्षाशास्त्र और शिक्षक उपलब्ध कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, "शैक्षिक विकल्पों की विविधता और लचीलापन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाएगा।" प्रधानमंत्री ने आगामी 14.5 हजार पीएमश्री स्कूलों की चर्चा की, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के लिए मॉडल स्कूल होंगे। इस योजना पर 27 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने बताया, "नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करने और प्रतिभा एवं नवाचार को बढ़ावा देने का एक प्रयास है।" प्रधानमंत्री ने अफसोस व्यक्त कि अंग्रेजी भाषा को ज्ञान के उपाय के रूप में लिया गया, जबकि भाषा केवल संपर्क का माध्यम है। लेकिन इतने दशकों से भाषा एक ऐसी बाधा बन गई थी कि देश को गांवों और गरीब परिवारों में प्रतिभा पूल का लाभ नहीं मिल सका। “अब इस स्थिति को बदला जा रहा है। अब छात्रों को भारतीय भाषाओं में भी विज्ञान, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा का अध्ययन करने का विकल्प मिलने लगा है। गुजराती समेत कई भारतीय भाषाओं में पाठ्यक्रम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की 'किसी को पीछे नहीं छोड़ना' की भावना को भी दोहराया, क्योंकि यह एक विकसित भारत के लिए 'सबका प्रयास' का समय है।
विज्ञान और ज्ञान के क्षेत्र में भारत के पूर्वजों के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की, "शिक्षा, पुरातन काल से ही भारत के विकास की धुरी रही है।" उन्होंने कहा कि भारत कुदरती तौर पर ज्ञान का समर्थक रहा है और सैकड़ों वर्ष पहले हमारे पूर्वजों ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों का निर्माण किया और सबसे बड़े पुस्तकालयों की स्थापना की। प्रधानमंत्री ने उस काल पर खेद व्यक्त किया जब भारत पर आक्रमण किया गया था और भारत की इस संपदा को नष्ट करने का अभियान चलाया गया था। प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप किया, "हमने शिक्षा पर अपने मजबूत आग्रह को नहीं छोड़ा है।" यही कारण है कि आज भी ज्ञान और विज्ञान की दुनिया में नवाचार में भारत की एक अलग पहचान है। श्री मोदी ने कहा, "आजादी का अमृत काल अपनी प्राचीन प्रतिष्ठा वापस पाने का अवसर है।"
संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने दुनिया में एक महान ज्ञान अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया, "21वीं सदी में, मुझे यह दावा करने में कोई संकोच नहीं है कि विज्ञान से संबंधित अधिकांश नवाचार, प्रौद्योगिकी से संबंधित अधिकांश नवाचार, भारत में होंगे।" प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि गुजरात के लिए एक बड़ा अवसर खुलने वाला है। उन्होंने कहा, 'अभी तक गुजरात को व्यापार और कारोबार के लिए जाना जाता है, यह विनिर्माण के लिए है। लेकिन 21वीं सदी में गुजरात देश के ज्ञान केंद्र, नवोन्मेष केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। मुझे विश्वास है कि उत्कृष्ट मिशन स्कूल इस भावना को बढाएंगे।"
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत और गुजरात सरकार के मंत्री श्री जीतूभाई वघानी, श्री कुबेरभाई डिंडोर और श्री किरीटसिंह वाघेला उपस्थित थे।
नई दिल्ली / एजेंसी / विभिन्न व्यापार एवं निर्यात फोरमों के सहयोग से मसाला बोर्ड इंडिया (भारत सरकार का वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय) द्वारा आयोजित मसाला सेक्टर का विश्व का सबसे बड़ा विशिष्ट व्यवसाय मंच 14वां विश्व मसाला काँग्रेस (डब्ल्यूएससी) का आयोजन 16-18 फरवरी, 2023 के दौरान महाराष्ट्र के नवी मुंबई के सिडको प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र में किया जाना निर्धारित है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।
मसाला बोर्ड इंडिया द्वारा आयोजित यह द्विवार्षिक कार्यक्रम मसाला इस क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं पर विचार विमर्श करने के लिए वैश्विक मसाला उद्योग को एक साथ लाने वाला प्रमुख प्लेटफॉर्म बना हुआ है। इस कार्यक्रम में वर्तमान परिस्थितियों में मसालों के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य वर्धन, गुणवत्ता एवं सुरक्षा, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसे पहलुओं पर विचार विमर्श किए जाने की उम्मीद है। प्रमुख आयातक देशों के विनियामकीय प्राधिकारियों तथा जी-20 सदस्य देशों के व्यापार मंत्रालय और निर्यात संवर्धन एजेंसियों के भारतीय मसाला उद्योग के साथ विचार विमर्श किए जाने की उम्मीद है।
मसाला बोर्ड के सचिव आईएफएस श्री डी सथियान ने बताया कि ‘‘इस बार, मसाला बोर्ड दिसंबर, 2022 से नवंबर, 2023 की अवधि के दौरान भारत की जी-20 प्रेसीडेंसी के दौरान एक जी-20 कार्यक्रम के हिस्से के रूप में विश्व मसाला काँग्रेस का आयोजन कर रहा है जिसमें जी-20 देशों के साथ भारत के व्यापार संबंधों को और सुदृढ़ बनाने पर और अधिक फोकस किया गया है। ‘‘डब्ल्यूएससी 2023 में प्रमुख आयातक देशों के नियामकीय प्राधिकरणों के साथ परस्पर बातचीत होने तथा जी-20 सदस्य देशों के व्यापार मंत्रियों एवं उद्योग संगठनों के भाग लेने की उम्मीद है। ‘‘डब्ल्यूएससी‘‘ का 14वां संस्करण केवल ‘स्पाइसेज‘ के बारे में ही होगा।
उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएससी के वर्तमान संस्करण के लिए जिस थीम का चुनाव किया गया है, उसका नाम है ‘विजन 2030 : स्पाइसेज (स्थायीत्व - उत्पादकता- नवोन्मेषण - सहयोग - उत्कृष्टता एवं सुरक्षा)।
सबसे पहले 1990 में डब्ल्यूएससी का आयोजन किया गया, उसके बाद से तीन दशकों के दौरान 13 सफल संस्करणों के माध्यम से डब्ल्यूएससी ने एक परंपरा की स्थापना की है जिससे दुनिया भर में मसाला हितधारकों को लाभ पहुंचा है और यह वैश्विक मसाला समुदाय के बीच बहुत अधिक पसंदीदा कार्यक्रम बना हुआ है। यह नए व्यवसाय अवसरों को बढ़ावा देगा तथा व्यापार संबंधों में मजबूती लाएगा।
व्यवसायिक सत्रों के अतिरिक्त, डब्ल्यूएससी में उत्पाद रेंज, औषधीय/स्वास्थ्य क्षेत्रों में अनुप्रयोगों, नवोन्मेषणों एवं अत्याधुनिक प्रौद्योगिकीयों सहित भारतीय मसाला उद्योग की शक्तियों और क्षमताओं को दर्शाने वाली प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाएगा। 14वें डब्ल्यूएससी में सहभागिता के लिए पंजीकरण खुला हुआ है तथा इच्छुक हितधारक वेबसाइट www.worldspicecongress.com के माध्यम से अपनी सहभागिता पंजीकृत कर सकते हैं।
नई दिल्ली । शौर्यपथ । पेट्रोल और डीजल की कीमतें मंगलवार को सीधे 143 दिनों तक समान रहीं क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में किसी संशोधन की घोषणा नहीं की। ओएमसी में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) शामिल हैं।
शहरों में पेट्रोल और डीजल 21 मई से स्थिर हैं, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डीजल पर उत्पाद शुल्क में 6 रुपये और पेट्रोल पर 8 रुपये की कटौती की थी।
दिल्ली एनसीआर में नवीनतम पेट्रोल, डीजल की कीमत
राष्ट्रीय राजधानी में मौजूदा पेट्रोल की कीमत 96.72 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल की कीमत 89.62 रुपये प्रति लीटर है। वहीं नोएडा में पेट्रोल की कीमत 96.79 रुपये प्रति लीटर है जबकि डीजल 89.96 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. गुरुग्राम में पेट्रोल 97.18 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है जबकि डीजल 90.05 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पेट्रोल की मौजूदा कीमत 96.58 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 89.75 रुपये प्रति लीटर है।
अन्य मेट्रो शहरों में ईंधन की नवीनतम कीमतें
मुंबई में पेट्रोल की कीमत 106.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 94.27 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 92.76 रुपये लीटर है जबकि डीजल की कीमत 106.03 रुपये लीटर है। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.63 रुपये और डीजल की 94.24 रुपये प्रति लीटर तय की गई है।
अपने शहर में पेट्रोल, डीजल की कीमतों की जांच कैसे करें?
कोई भी व्यक्ति एसएमएस भेजकर आसानी से अपने शहर में ईंधन दरों की जांच कर सकता है। इंडियन ऑयल के ग्राहक अपने फोन पर आरएसपी टाइप करके 9224992249 पर भेज दें, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहकों को एचपीपीआरआईसी टाइप करके 9222201122 पर भेजना होगा। भारत पेट्रोलियम ग्राहक आरएसपी टाइप कर 9223112222 पर भेज सकते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
