
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में ओडिशा राज्य की हैंडलूम, टेक्सटाइल एंड हैंडीक्राफ्ट्स विभाग की मंत्री श्रीमती रीता साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। श्रीमती साहू ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की प्रतिनिधि के तौर पर ओडिशा में आयोजित होने वाले हॉकी विश्व कप के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री बघेल को आमंत्रित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को गमछा, पुष्पगुच्छ, वर्ल्ड कप की जर्सी और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने श्रीमती साहू को भेंट एवं आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया। गौरतलब है कि ओडिशा में 13 से 29 जनवरी 2023 तक एफआईएच ओडिशा मेन्स वर्ल्ड कप आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भुवनेश्वर और राउरकेला में सम्पन्न होगी।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत द्वारा जी-20 की अध्यक्षता की तैयारी को लेकर आज वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक ली, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केन्द्रीय विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके सहित सभी राज्यों के राज्यपाल, उप राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री शामिल हुए।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जी-20 की अध्यक्षता करने का भारत को उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ है। इस दौरान हमें ‘अतिथि देवो भव’ की सांस्कृतिक परंपरा एवं विविधता में एकता की भावना को विश्व को प्रदर्शित करना है। इस आयोजन को वैश्विक नजरिए से देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसमें सभी राज्यों को अपनी कला, संस्कृति, अपनी विशिष्टता दिखाने का अवसर मिलेगा। जी-20 देशों के एक लाख से भी अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति, भारत देश के विभिन्न राज्यों में बैठकों, सम्मेलनों में शामिल होंगे। साल भर चलने वाले इन कार्यक्रमों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके अलावा सभी राज्यों को अपनी ओर से कुछ नये कार्यक्रम भी जोड़ना चाहिए। राज्य के विश्वविद्यालयों एवं स्कूली विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों को भी जी-20 के कार्यक्रमों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने क्षेत्र की महिलाओं द्वारा किये गये विकास के कार्यों को विशेष रूप से प्रदर्शित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर ऐसा आयोजन करना है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक हो। यहां से जाने के बाद अतिथि हमारे देश की मधुर स्मृति लेकर जाएं, यह हमें सुनिश्चित करना होगा।
बैठक को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केन्द्रीय विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, जी-20 के शेरपा श्री अमिताभ कांत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित अन्य 12 राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों ने भी संबोधित किया।
उल्लेखनीय है कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 का 18वां शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में अगले वर्ष 2023 में आयोजित होगा। यह सम्मेलन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के आदर्श पर आयोजित किया जाएगा। 09 और 10 सितंबर 2023 को नई दिल्ली में अगला जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा तथा भारत के सभी राज्यों के कुल 56 स्थानों पर 215 बैठकें होंगी, जिनमें छत्तीसगढ़ राज्य भी शामिल है।
रायपुर / शौर्यपथ /
भारत निर्वाचन आयोग ने हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा के आम निर्वाचन तथा देश के कई राज्यों में विभिन्न उप निर्वाचनों के मद्देनजर एग्जिट पोल करने एवं इसके परिणामों के प्रकाशन व प्रसारण को 5 दिसम्बर, अपराह्न 06.30 बजे तक प्रतिबंधित किया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 5 दिसम्बर को मतदान होना है।
भारत निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के तहत एक्जिट पोल एवं इसके परिणामों के प्रकाशन और प्रसारण पर प्रतिबंध लगाया है। अधिनियम में यह निर्दिष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति कोई निर्गम मत सर्वेक्षण (श्व&द्बह्ल क्कशद्यद्य स्ह्वह्म्1द्ग4) नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का, ऐसी अवधि के दौरान जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति में प्रसार नहीं करेगा। साधारण निर्वाचन की दशा में यह अवधि मतदान के पहले दिन को मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे तक जारी रह सकेगी।
किसी उप निर्वाचन या एक साथ कराए जाने वाले अनेक उप निर्वाचनों की दशा में यह अवधि मतदान के पहले दिन से ही मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और मतदान समाप्त होने के पश्चात आधे घंटे तक जारी रह सकेगी। परंतु भिन्न-भिन्न दिनों में एक साथ कराए जाने वाले अनेक उप निर्वाचनों की दशा में यह अवधि मतदान के पहले दिन को मतदान के लिए नियत समय के आरंभ होने से प्रारंभ हो सकेगी और अंतिम मतदान समाप्त होने के पश्चात आधे घंटे तक जारी रह सकेगी। इस प्रतिबंध का उल्लंघन ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दंडनीय होगा।
आयोग ने पूर्व में हिमाचल प्रदेश और गुजरात की विधानसभाओं के वर्तमान साधारण निर्वाचनों के संबंध में 12 नवम्बर, पूर्वाह्न 8 बजे से 5 दिसम्बर, अपराह्न 5.30 बजे तक की अवधि को ऐसी अवधि के रूप में अधिसूचित किया था जिसमें किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का आयोजन करने तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इसके परिणाम के प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से उसका प्रचार-प्रसार करना प्रतिबंधित था। आयोग ने कई राज्यों में हो रहे विभिन्न उप निर्वाचनों के मद्देनजर इस संबंध में पूर्व में जारी अधिसूचना को अधिक्रमित करते हुए एग्जिट पोल और उसके परिणामों पर प्रतिबंध की अवधि को अब 5 दिसम्बर, अपराह्न 06.30 बजे तक प्रतिबंधित अवधि के रूप में अधिसूचित किया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात की विधानसभाओं के साधारण निर्वाचनों एवं विभिन्न राज्यों में उप निर्वाचन से संबंधित मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटों के दौरान किसी भी इलेक्ट्रानिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा।
नई दिल्ली / एजेंसी / मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एक सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गए. सारंग की कार गुजरात के कांकरेज विधानसभा क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई. एक ट्रक ने सारंग की कार को टक्कर मार दी. गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सारंग गुजरात में हैं और बीजेपी में प्रचार में जुटे हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश के कई मंत्री और बीजेपी नेता गुजरात में डेरा जमाए हैं. पार्टी के प्रचार में मध्य प्रदेश के नेता भी बढ़चढ़कर के हिस्सा ले रहे हैं.
सारंग भी गुजरात के कांकरेज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं की मीटिंग से लौट रहे थे. इस दौरान उनके वाहन को गलत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी. हालांकि गनीमत रही कि दुर्घटना में उन्हें चोट नहीं आई. कार को मामूली नुकसान हुआ है.
बता दें कि विश्वास सारंग के पिता कैलाश सारंग का निधन हो चुका है और वे भाजपा से सांसद रहे थे. वहीं विश्वास सारंग भोपाल की नरेला सीट से तीसरी बार विधायक हैं. उन्हें गुजरात के बनासकांठा जिले की चार विधानसभा सीटों पर प्रचार अभियान के समन्वय का काम सौंपा गया है.
मुंबई / शौर्यपथ / महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के एक बयान से फिर विवाद पैदा हो गया है. उन्होंने अब छत्रपति शिवाजी को पुराने जमाने का बताया है और डॉ आंबेडकर व नितिन गडकरी को मौजूदा समय का आदर्श या हीरो बताया है. कोश्यारी के इस बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए कहा- ''हम जब पढ़ते थे, मिडिल में, हाईस्कूल में तो हमारे टीचर पूछते थे - 'हू इज योर फेवरेट हीरो?' आपका फेवरेट लीडर कौन है? तो हम लोगों में से उस समय किसी को सुभाषचंद्र बोस, किसी को नेहरू जी और किसी को गांधी जी अच्छे लगते थे. मुझे ऐसा लगता है कि यदि कोई आपसे कहे कि 'हू इज योर आइकॉन, हू इज योर फेवरेट हीरो', बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है, यहीं महाराष्ट्र में आपको मिल जाएंगे. शिवाजी तो पुराने युग की बात है, नए युग की बात बोल रहा हूं. यहीं मिल जाएंगे डॉ आंबेडकर से लेकर नितिन गडकरी तक सब यहीं मिल जाएंगे.''
इस पर एनसीपी ने वीडियो ट्वीट करते हुए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निशाना बनाया.
एनसीपी ने कहा, राज्य के राज्यपाल महामहिम भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र के श्रद्धा के केंद्र छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में कुछ भी बोलने की आदत हो गई है. इससे पहले भी उनके बयानों से राज्य की सामाजिक शांति भंग हो चुकी है.
एनसीपी ने राज्यपाल के वक्तव्य को एक तरह से छत्रपति शिवाजी महाराज के खिलाफ बयान बताया है.
नई दिल्ली / एजेंसी / मंगलुरु (कर्नाटक) तटीय कर्नाटक के मंगलुरु में शनिवार को ऑटोरिक्शा में हुए विस्फोट में दो लोग घायल हो गए हैं. पुलिस ने लोगों से शांति की अपील की है. विस्फोट किस कारण से हुआ ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. पुलिस इस घटना की जांच कर रही है.मंगलुरु के पुलिस प्रमुख एन शशिकुमार ने कहा कि घटना में चालक और एक यात्री घायल हो गए. उन्होंने लोगों से नहीं घबराने को कहा.घटना के वीडियो में दिख रहा है कि ऑटो रिक्शा सड़क पर एक इमारत के पास जहां निर्माण कार्य चल रहा था, वहां आकर रुकी और उसमें विस्फोट हो गया.
एक यात्री कथित तौर पर एक प्लास्टिक की थैली लेकर जा रहा था, जिसमें आग लग गई और ये वाहन में फैल गई.मंगलुरु पुलिस ने कहा है कि वो पूरी घटना की जांच कर रहे हैं और यात्री द्वारा ले जाए जा रहे बैग की सामग्री की भी जांच हो रही है.घटना शाम करीब पांच बजे की है. यात्री के पास बैग था. ऑटो चालक ने कहा कि आग यात्री के बैग में लगी थी. दोनों को चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है.एफएसएल और स्पेशल टीम भी मौके से सबूत जुटा रही है. वे बैग में मौजूद सामग्री की जांच कर रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई प्रथम दृष्टया नहीं है. ऑटो चालक का आरोप है कि उसने आग देखी. उनका इलाज चल रहा है और फिलहाल वे बोल नहीं पा रहे हैं. जनता से अनुरोध है कि अफवाह ना फैलाएं. शांत रहें और घबराएं नहीं. उनसे बात करने के बाद हम अपडेट करेंगे.
केंद्र करे छत्तीसगढ़ पुलिस बल के आधुनिकीकरण की राशि में वृद्धि
प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के सामने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ने रखी अपनी बात
पड़ोसी राज्यों से छत्तीसगढ़ में आता है नशे का सामान, 3 वर्षों में 1 लाख किलो से अधिक गांजा की हुई है जप्तीः श्री साहू
महिला सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ की प्रत्येक थाना और चौकी में है महिला सेल का गठन नक्सली उन्मूलन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़
रायपुर / शौर्यपथ / हरियाणा राज्य के सूरजकुंड में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में देश के सभी राज्यों के गृहमंत्री दो दिवसीय चिंतन शिविर में शामिल हुए। चिंतन शिविर के दूसरे दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए और अपना संबोधन दिया. छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी इस चिंतन शिविर में शामिल हुए। चिंतन शिविर में मुख्य रूप से नागरिक सुरक्षा, पुलिस का आधुनिकीकरण, महिलाओं की सुरक्षा, शत्रु संपत्ति, सीमा प्रबंधन, अवैध विदेशियों संबंधी मुद्दे, साइबर, जेल और फोरेंसिक, ड्रग्स तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, नागरिक पंजीकरण, दोष सिद्धि दर में वृद्धि आदि एजेंडों को शामिल किया गया था।
केंद्र सरकार से नहीं मिल रही है पुलिस आधुनिकीकरण के लिए पर्याप्त राशि
इन विषयों पर छत्तीसगढ़ की तरफ से बात रखते हुए राज्य के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने पुलिस आधुनिकीकरण के मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री के सामने अपनी बात रखी। श्री साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन नक्सलियों के खिलाफ पुलिस को आधुनिक हथियार, सुरक्षा उपकरण, आवश्यक प्रशिक्षण एवं वाहन उपलब्ध करा रही है। श्री साहू ने कहा कि केंद्र की तरफ से वर्ष 2013-14 में छत्तीसगढ़ राज्य को पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 50 करोड़ मिले थे जबकि वर्तमान में यह राशि 20 करोड़ से भी कम हो गई है जिसमें वृद्धि करने की आवश्यकता है।
नक्सली उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़
श्री साहू ने केंद्रीय गृहमंत्री को जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पिछले साढ़े तीन वर्षों में नक्सली उन्मूलन को लेकर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बंद पड़े स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया, ऐसे क्षेत्रों में अस्पताल खोले गए, ग्रामीणों के लिए पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गयीं। प्रत्येक गांव में राशन दुकान खोले गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को वन अधिकार पट्टों का वितरण किया गया है और आदिवासियों को उनकी जमीन वापसी कराई गई है।
जेल सुविधाओं में किया जा रहा है विस्तार
श्री साहू ने चिंतन शिविर में जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कुल 33 जेल हैं जिसमें 05 केन्द्रीय, 20 जिला और 8 उपजेल हैं। जेलों में नई बैरकों का निर्माण किया जा रहा है साथ ही रायपुर और बिलासपुर में नए जेल भी शुरू करने के साथ ही जेल अदालतों का भी आयोजन किया जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि कैदियों के अच्छे व्यवहार को देखते हुए 885 कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा किया गया है तथा छत्तीसगढ़ में आदिवासी अत्याचार के 321 प्रकरणों में 643 अभियुक्तों का विचारण कराया गया है।
पड़ोसी राज्यों से आ रही है नशे की सामग्री, 3 वर्षों में 1 लाख किग्रा से ज्यादा गांजा जप्त
नशा उन्मूलन के एजेंडे पर चर्चा करते हुए श्री साहू ने केंद्रीय गृहमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य में कहीं भी गांजा की खेती नहीं होती बल्कि ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से नशे की सामग्री राज्य में आती है। श्री साहू ने कहा कि इसको रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के 23 थानों को चिन्हांकित किया है और लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में विगत 3 वर्षों मे 1 लाख किलोग्राम से अधिक गांजा तथा 20 लाख से अधिक नशीली सीरप, टेबलेट, केप्सूलव इंजेक्शन जप्त करते हुए नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा राज्य में भारत माता वाहिनी और निजात अभियान के माध्यम से नशामुक्ति हेतु जनजागरण अभियान भी चलाया जा रहा है।
महिला सुरक्षा के प्रति राज्य गंभीर, जागरूकता फैलाने का काम कर रही है महिला पुलिस
महिला सुरक्षा के मामले पर जानकारी देते हुए श्री साहू ने कहा कि हमर बेटी-हमर मान योजना में महिला पुलिस द्वारा राज्य के स्कूल-कॉलेज आदि स्थानों में जाकर गुड टच, बैड टच, साईबर अपराध, सोशल मीडिया जागरूकता, आत्म रक्षा और कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही अभिव्यक्ति महिला सुरक्षा एप द्वारा संकट में फंसी महिलाओं की मदद की जा रही है। श्री साहू ने बताया कि राज्य के प्रत्येक पुलिस थाना और चौकियों में महिला सेल का गठन किया गया है।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रयास, साइबर थाना एवं साइबर युनिट का गठन
साइबर अपराध के बारे में जानकारी देते हुए श्री साहू ने कहा कि वर्तमान में इंटरनेट के प्रचलन से साईबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और इस पर रोकथाम के लिए रायपुर में साईबर थाना संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही रायपुर-दुर्ग-बिलासपुर में एंटी क्राइम एवं साईबर यूनिट का गठन भी किया गया है। साइबर पुलिस द्वारा हेल्प लाईन नं. 1930 के माध्यम से अब तक साइबर अपराध के मामलों में 3.72 करोड़ रूपए की राशि होल्ड कराई जा चुकी है।
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में बिखेंरेगे अपने नृत्य की छटा
सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों समेत 9 देशों के कलाकार महोत्सव में होंगे शामिल
मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह है तैयार
रायपुर /नई दिल्ली / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में आयोजित तृतीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होने के लिए विदेशी राज्यों के मेहमान छत्तीसगढ़ आने के लिए अपने देशों से रवाना हो चुके हैं। ये विदेशी मेहमान अपने देशों के आदिम संस्कृति को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। 1 नवंबर से 3 नवंबर तक राजधानी रायपुर के साइंस कालेज ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों समेत मोजांबिक, मंगोलिया, टोंगो, रशिया, इंडोनेशिया, मालदीव, सर्बिया, न्यूजीलैंड और इजिप्ट के जनजातीय कलाकार शामिल होंगे।
नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल में दो कैटेगिरी में प्रतियोगिताएं होंगी। विजेताओं को कुल 20 लाख रुपए के पुरस्कारों का वितरण किया जाएगा। प्रथम स्थान के लिए 05 लाख रुपए, द्वितीय स्थान के लिए 03 लाख रुपए और तृतीय स्थान के लिए 02 लाख रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। 01 नवंबर को सुबह नृत्य महोत्सव का शुभारंभ होगा और शाम को राज्योत्सव के अवसर पर राज्य अलंकरण दिया जाएगा।
03 नवंबर को नेशनल ट्राइबल डांस फेस्टिवल का समापन होगा। इस महोत्सव के माध्यम से न केवल राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय कलाकारों के बीच उनकी कलाओं की साझेदारी होगी, बल्कि वे एक-दूसरे के खान-पान, रीति-रिवाज, शिल्प-शैली को भी देख-समझ सकेंगे। महोत्सव के दौरान संगोष्ठियां भी होंगी, जिनमें जनजातीय विकास के बारे में विमर्श होगा। जाने-माने विशेषज्ञ भी इसमें शामिल होंगे।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ी संस्कृति सभ्यता और लोक कला को बढ़ावा देने के साथ ही आदिम संस्कृति एवं कला को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास निरंतर जारी है। इसी कड़ी का हिस्सा छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव भी है। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का यह तीसरा आयोजन है, जिसमें छत्तीसगढ़ समेत देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी आदिवासी समुदाय के लोग अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति की छटा बिखेरने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जुटते हैं। इस बार यह आयोजन राज्योत्सव के साथ ही 1 से 3 नवंबर तक राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में किया जा रहा है। इस बार भी अनेक आदिवासी समूह अपनी पहचान के पर्याय और विशेष अवसरों पर प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी लोक नृत्यों को लेकर पहुंचेंगे। आयोजन के दौरान होने वाले कुछ खास नृत्यों से जुड़ी जानकारी यहां दे रहे हैं:-
दंडामी माड़िया नृत्य - छत्तीसगढ़: बस्तर के दंडामी माड़िया नृत्य को गौर माड़िया नृत्य के नाम से जाना जाता है। इस नृत्य में युवक अपने सिर पर गौर नामक पशु के सींग से बना मुकुट, कोकोटा पहनते हैं, जो कौड़ियों और कलगी से सजा रहता है। युवकों के साथ नृत्य करने वाली युवतियां अपने सिर पर पीतल का मुकुट (टिगे) पहनती हैं और हाथ में लोहे की सरिया से बनी एक छड़ी, गूजरी बड़गी रखती हैं, जिसके ऊपर घुंघरू लगे रहते हैं, जिसे जमीन पर पटकते हुए आकर्षक ध्वनि उत्पन्न करती है।
माओ पाटा नृत्य - छत्तीसगढ़: बस्तर के मुरिया जनजाति में अनेक प्रदर्शनकारी कलाएं प्रचलित हैं, जो अत्यंत मनोरम तथा लयात्मकता से परिपूर्ण हैं। माओ पाटा मुरिया जनजाति का एक ऐसा ही नृत्य है, जिसमें नाटक के भी लगभग सभी तत्व विद्यमान हैं। इस नृत्य को गौर मार नृत्य भी कहा जाता है। माओ पाटा का आयोजन घोटुल के प्रांगण में किया जाता है, जिसमें युवक और युवतियां सम्मिलित होते हैं। नर्तक विशाल आकार के ढोल बजाते हुए घोटुल में प्रवेश करते हैं। इस नृत्य में गौर पशु है तथा पाटा का अभिप्राय कहानी है, जिसमें गौर के पारंपरिक शिकार को प्रदर्शित किया जाता है। पोत से बनी सुंदर माला, कौड़ी और भृंगराज पक्षी के पंख की कलगी जिसे जेलिंग कहा जाता है, युवक अपने सिर पर सजाए रहते हैं और युवतियां पोत और धातुई आभूषण कंघियां और कौड़ी से श्रृंगार किए हुए रहती हैं। एक व्यक्ति गौर पशु का स्वांग लिए रहता है, जिसका नृत्य के दौरान शिकार किया जाता है।
हुलकी नृत्य - छत्तीसगढ़: हुलकी नृत्य बस्तर के कोंडागांव और नारायणपुर जिले में निवास करने वाली मुरिया जनजाति का पारंपरिक नृत्य है। इसमें स्त्री-पुरूष दोनों ही सम्मिलित होते हैं। हुलकी नृत्य के बारे में यह मान्यता है कि यह नृत्य आदि देवता लिंगोपेन को समर्पित है। इस नृत्य में सवाल-जवाब की शैली में गीत गाये जाते हैं, जिसमें दैवीय मान्यताओं, किंवदतियों एवं नृत्य की अवधारणाओं से संबंधित प्रसंग पर सवाल-जवाब होते हैं। इस नृत्य का मुख्य वाद्य यंत्र डहकी पर्राय है, जिसका वादन पुरूष नर्तक करते हैं और महिलाएं चिटकुलिंग का वादन करती है। इस नृत्य में इसके अलावा कोई और वाद्य यंत्र निषिद्ध है। पारंपरिक रूप से हुलकी नृत्य का आरंभ हरियाली त्यौहार के बाद युवागृह से प्रारंभ होता है जो क्वांर महीने तक चलता है।
छाऊ नृत्य - झारखण्ड: छाऊ नृत्य भारत के तीन पूर्वी राज्यों में लोक और जनजातीय कलाकारों द्वारा किया जाने वाला एक लोकप्रिय नृत्य रूप है, जिसमें मार्शल आर्ट और करतबों की भरमार रहा करती है। छाऊ नृत्य का नामकरण संबंधित क्षेत्र के आधार पर किया जाता है। पश्चिम बंगाल में पुरूलिया छाऊ, झारखंड में सराइकेला छाऊ और ओडिशा में मयूरभंज छाऊ। इसमें से पहले दो प्रकार के छाऊ नृत्यों में प्रस्तुति के अवसर पर मुखौटों का उपयोग किया जाता है, जबकि तीसरे प्रकार के मयूरभंज छाऊ में मुखौटे का प्रयोग नहीं होता है। इस नृत्य में रामायण, महाभारत और पुराण की कथाओं को कलाकारों द्वारा मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। इसमें गायन और संगीत का प्रमुख स्थ्ज्ञान है, किन्तु प्रस्तुति के समय लगातार चल रही वाद्य संगीत की विशेषता प्रधान रहती है। नृत्य में प्रत्येक विषय की शुरूआत नृत्य एक छोटे से गीत से होती है, जिसमें उस विषय वस्तु का परिचय होता है। छाऊ नृत्य केवल पुरूष कलाकारों द्वारा ही किया जाता है। छाऊ ने अपने कथावस्तु, कलाकारों की ओजस्विता, चपलता और संगीत के आधार पर न सिर्फ भारतवर्ष वरन विदेश में भी अपनी खास पहचान बनाई है।
पाइका नृत्य - झारखण्ड: मुंडा झारखंड की एक प्रमुख जनजाति है। मुंडा जनजाति झारखंड के अतिरिक्त पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम में भी निवास करती है। वर्तमान में मुख्यतः कृषि पर आधारित जीविकोपार्जन करने वाले मुण्डा लोगों को प्रदर्शनकारी कलाओं में पाइका नृत्य का विशेष स्थान है। पाइका युद्ध कला से संबंधित नृत्य है जिसे मुण्डा, उरांव, खड़िया आदि आदिवासी समाजों के नर्तकों द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में केवल पुरूष ही हिस्सा लेते हैं। नर्तक योद्धाओं के पोषाक धारण करते हैं और अपने हाथों में ढाल, तलवार आदि अस्त्र लिए रहते हैं। नृत्य के अवसर पर प्रयोग होने वाले वाद्य ढाक, नगाड़ा, शहनाई, मदनभैरी आदि है। पाइका नृत्य विवाह उत्सवों के साथ ही अतिथि सत्कार के लिए सामान्यतः किया जाता है।
दमकच नृत्य - झारखण्ड: दमकच झारखंड राज्य के आदिवासी और लोक समाजों का एक लोकप्रिय नृत्य है। यह नृत्य मुख्यतः विवाह के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य है जिसमें महिलाएं और पुरूष दोनों ही सम्मिलित होते हैं। पुरूष वर्ग इस नृत्य में गायक वादक और नर्तक के रूप में महिलाओं का साथ देते हैं। इस नृत्य में कन्या और वर को भी पारंपरिक रूप से सम्मिलित किया जाता है। दमकच नृत्य में उपयोग किए जाने वाले वाद्य में ढोल, नगाड़ा, ढाक, मांदर, बांसुरी, शहनाई और झांझ आदि सम्मिलित है। यह नृत्य कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के देवउठनी एकादशी से शुरू होकर आषाढ़ मास के रथयात्रा तक किया जाता है।
बाघरूम्बा नृत्य - असम: बाघरूम्बा असम की बोडो जनजाति का एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय नृत्य है। बोडो असम का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है, जो वहां की कुल जनजातीय जनसंख्या का लगभग 40 प्रतिशत है। बोडो जनजाति की ज्ञान परंपराओं में अनेक सर्जनात्मक और प्रस्तुतिकारी कलाएं सम्मिलित हैं, जिनमें बाघरूम्बा नृत्य का उल्लेखनीय स्थान है। बाघरूम्बा नृत्य महिलाओं द्वारा त्यौहारों के परिधान धारण करती है। इस नृत्य में ढोल जिसे स्थानीय भाषा में खाम कहा जाता है, प्रमुख वाद्य है, जिसे सिफुंग अर्थात् बांसुरी और बांस में बने गोंगवना और थरका आदि वाद्यों के साथ बजाया जाता है। बोडो लोगों का प्रकृति प्रेम इस नृत्य में भी मुखरित होता है, जिसे इस नृत्य में पेड़, पौधे, पशु, पक्षी, तितली, बहती हुई नदी की धारा, वायु आदि को दर्शाती नृत्य रचनाओं में देखा जा सकता है।
मरयूराट्टम नृत्य - केरल: मरयूराट्टम केरल की माविलन जनजाति का एक नृत्य है, जिसे केरल और तमिलनाडू के सीमा क्षेत्र में स्थित मरायूर नामक स्थान में निवास करने वाली माविलन जनजाति के लोगों के द्वारा किया जाता है। मरायूर केरल के पल्ल्ककाड़ जिले में स्थित है, जहां इस नृत्य को मुख्यतः विवाह समारोहों और उत्सवों के अवसर पर किया जाता है। इस नृत्य में स्त्री और पुरूष दोनों ही सम्मिलित होते हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
