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नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोविड -19 महामारी के कारण, NEET PG 2021 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश अनिश्चित काल के लिए विलंबित हो गया है. जिसके बाद केन्द्र द्वारा संचालित दिल्ली के तीन अस्पताल- आरएमएल, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग - के रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग आयोजित करने में बार-बार हो रही देरी के विरोध में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं शनिवार को रोक दीं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी हुई. यह कदम फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोरडा) द्वारा 27 नवंबर से अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं रोकने के लिए किए गए राष्ट्रव्यापी आह्वान के बाद उठाया गया है.
ओपीडी सेवाएं निलंबित रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने अस्पताल प्रशासन को लिखे पत्र में कहा, “कोविड-19 महामारी के कारण, नीट पीजी 2021 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश अनिश्चित काल के लिए विलंबित हो गया है. रेजिडेंट डॉक्टर पिछले डेढ़ वर्षों में कोविड और गैर-कोविड दोनों सेवाओं को अथक रूप से आगे बढ़ा रहे हैं और शारीरिक और मानसिक रूप से थक गए हैं.”
इसमें कहा गया, “वे पहले से ही विलंबित नीट पीजी 2021 काउंसलिंग के मामले में उच्चतम न्यायालय में चल रही सुनवाई का सकारात्मक परिणाम आने को लेकर अब तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा कर रहे थे. हालांकि, उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी से कोई राहत नहीं मिली है और अदालत की अगली सुनवाई 6 जनवरी, 2022 को निर्धारित की गई है.”
पत्र में कहा गया, “इस बार-बार की देरी और काउंसलिंग टलने के खिलाफ विरोध दर्ज करने के लिए हम एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने रविवार की ओपीडी सेवाओं सहित, शनिवार 27 नवंबर से बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं रोकने का फैसला लिया है.'' चिकित्सकों के संघों ने सरकार और शीर्ष अदालत से नीट पीजी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया में तेजी लाने और अदालती कार्यवाही को तेज करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की. अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के समक्ष जमा हुए और अपनी चिंता जाहिर की. इन छात्रों में ज्यादातर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के स्नातकोत्तर के छात्र थे.
डॉक्टर ने बताया कि इससे एलएनजेपी में ओपीडी सेवा प्रभावित नहीं हुई. उन्होंने बताया, ‘‘करीब 70-80 छात्र एमडी कार्यालय के बाहर पोर्टिको में एकत्र हो गए और अपनी चिंता जाहिर की.'' इस बीच, शनिवार को फोरडा ने ट्वीट किया कि उसके अध्यक्ष ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से भेंट कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन अभी जारी है. उसे ट्वीट किया, ‘‘फोरडा के अध्यक्ष और मनसुख मांडविया के बीच आज बैठक हुई. हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा, सभी राज्यों के आरडीए के साथ आज डिजिटल बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.''
फोरडा ने एक बयान जारी करके दावा किया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय से उसे संदेश प्राप्त हुआ है कि ‘‘आरक्षण नीति के लंबित मुद्दे की समीक्षा प्रक्रिया अगले बुधवार तक (चार सप्ताह के स्थान पर) पूरी कर ली जाएगी और मामले को अगले सप्ताह उच्चतम न्यायालय के पास रखा जाएगा.'' बयान में कहा गया है, ‘‘लेकिन, हम प्रदर्शन जारी रखेंगे.''
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) आरडीए ने भी इस मुद्दे पर समर्थन व्यक्त करते हुए भारत सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और काउंसलिंग प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया. उसने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि नीट-पीजी 2021 काउंसलिंग में अनिश्चितकाल के लिए देरी हो रही है, इस तथ्य के बावजूद कि प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित हुए लगभग दो महीने से अधिक का वक्त हो गया है. आमतौर पर कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में होने वाली प्रवेश परीक्षा कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप पहले ही कई महीनों तक विलंबित हो गई. एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि इस अत्यधिक देरी से पूरे भारत के मेडिकल कॉलेजों में श्रम शक्ति की कमी हो गई है.
बयान में कहा गया, “अगर काउंसलिंग टलती रही तो हजारों स्नातकोत्तर सीटें इस साल रिक्त रह जाएंगी. दुनिया के कई देशों में कोविड-19 के मामले बढ़ने के साथ, यह जरूरी है कि हमारा देश वैश्विक महामारी की एक और लहर के लिए तैयार रहे.” इसमें कहा गया, “रेजिडेंट डॉक्टरों के मौजूदा कार्य बल पर पहले से ही अधिक बोझ है, जिसका स्वास्थ्य सेवाओं के सर्वोत्तम वितरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए रेजिडेंट डॉक्टरों के नए बैच की प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी और देरी के पूरी की जानी चाहिए.”
लखनऊ / शौर्यपथ / समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज में उत्तर प्रदेश पिछड़ गया है. सबका काम छिन गया है. किसान को धान की कीमत नहीं मिली. नौजवान के पास रोजगार नहीं है. बिजली कारखाने नहीं लगे. भाजपाई जीप चढ़ाते हैं और जीभ चलाते हैं. अंग्रेज 'बांटो और राज करो की नीति' पर चलते थे, भाजपाई 'डराकर' कर रहे हैं. जनता इनको पहचान गई है. जनता बदलाव चाहती है. सन् 2022 के चुनावों में जनता भाजपा का सफाया करेगी. उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से अपील की, कि वह भाजपा के खिलाफ मतदान करें, भाजपा की इस बार ऐसी ऐतिहासिक हार होगी जिसका उन्हें अंदाज भी नहीं होगा.
अखिलेश यादव आज हरदोई जनपद में महाराजा सल्हीय सिंह अर्कवंशी के 15वां मूर्ति स्थापना दिवस समारोह पर सण्डीला के सागरगढ़ी झावर मैदान में आयोजित 'भागीदारी संकल्प मोर्चा' की विशाल रैली को सम्बोधित कर रहे थे. इस रैली की अध्यक्षता सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने की. राजभर ने जनता से अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्प लेकर जाने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के तमाम वर्गों को समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर मदद दी जाएगी.
अखिलेश यादव ने कहा कि किसान की आय दुगनी नहीं हुई. धान बेचने में उसकी जान तक चली गई. लखीमपुर की घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड की तरह है. इलाहाबाद में एक परिवार में 4 लोग मारे गए. परिवार न्याय के लिए भागता रहा, सरकार से न्याय नहीं मिला. 30 नवंबर को हम हाथरस की बेटी की याद करेंगे. उन्होंने कहा सण्डीला अपने लड्डुओं के लिए मशहूर था, वह कारोबार भी बंद हो गया है. बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वाले समाजवादियों के काम से अपना काम चला रहे हैं. कोरोना काल में लोगों को भाजपा सरकार ने अनाथ छोड़ दिया था. तब समाजवादी सरकार में बनी 108 एम्बुलेंस सेवा ही काम आई.
डायल 100 का नाम बदला गया तो पुलिस भी बदल गई. पुलिस को सबसे ज्यादा मदद भी समाजवादी सरकार में मिली थी. महंगाई की मार से लोग त्रस्त हैं. भाजपा सरकार जातीय जनगणना से भाग रही है. समाजवादी सरकार गिनती कराकर आबादी के हिसाब से भागीदारी और सम्मान देंगे. यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज होगा. मुफ्त विशेष खाद्यान्न योजना प्रारंभ की जाएगी. 1500 रुपए माताओं-बहनों के बैंक खातों में जाएगा. भाजपा सरकार जेवर में जो एयरपोर्ट बना रही है, वह बेचने के इरादे से बनाया जा रहा है. समाजवादी लोग दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जिस रास्ते से अपनी सरकार बनाई उस रास्ते को हम बंद कर रहे हैं.
किसान, नौजवान सभी मिलकर भाजपा को सबक सिखाएंगे. पश्चिम बंगाल में 'खेला होबे' का नारा था उत्तर प्रदेश में सन् 2022 के चुनावों में भाजपा के लिए 'खदेड़ा होबे' का नारा है. अखिलेश यादव के समक्ष पूर्व विधायक अनिल वर्मा और सत्य नारायण ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर डॉ. राजपाल कश्यप, ऊषा वर्मा, बाबू रामपाल, जितेन्द्र वर्मा जीतू, राममूर्ति अर्कवंशी, प्रेमचन्द्र प्रजापति, अरविंद राजभर, गया प्रसाद राजवंशी, बाबू खां, घनश्याम अर्कवंशी, अभिषेक दीक्षित एवं अश्विनी पटेल आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय है.
ग्वालियर / शौर्यपथ / आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार को एक कार्यक्रम को संबोधित किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने इस कार्यक्रम में हिन्दुओं को एकजुट रहने और हिन्दुत्व के बारे में कई बातें कहीं. मोहन भागवत ने कहा, आप देखेंगे कि हिन्दुओं की संख्या कम हो गई है. हिन्दुओं की ताकत कम हो गई है. हिन्दुत्व का भाव कम हो गया है. अगर हिन्दू को हिन्दू रहना है तो भारत को अखंड रहना ही पड़ेगा. अगर भारत को भारत रहना है तो हिन्दू को हिन्दू रहना ही पड़ेगा.
आरएसएस प्रमुख ने भारत-पाक बंटवारे पर निशाना साधते हुए कहा कि हिन्दू के बिना भारत नहीं, भारत के बिना हिन्दू नहीं रहेगा, भारत हिन्दुस्तान है, भारत और हिन्दू अलग हो नहीं सकते. उन्होंने हिन्दू राष्ट्र का नाम न लेकर भी साफ कहा कि भारत को भारत रहना है तो भारत को हिन्दू रहना ही पड़ेगा, हिन्दू को हिन्दू रहना है तो भारत को एकात्म अखंड रहना ही होगा. हिन्दू समाज मनुष्यों का बना है, मनुष्यों को ध्यान रखना पड़ता है, देखो भारत नहीं रहा तो हम नहीं रहेंगे.उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी देख लो जो अखंड भारत में था जो आज नहीं है.
उन्होंने इशारे ही इशारे में धार्मिक जनसंख्या का जिक्र करते हुए कहा कि अपने देश में देख लो कहां-कहां सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता है ? कहां-कहां देश की अखंडता और एकात्मता को खतरा है?कहां कहां पर सामाजिक और आर्थिक समस्याएं तगड़ी हैं? आप देखेंगे हिंदुओ की संख्या व शक्ति कम हो गई या हिंदुत्व के भाव कम हो गया है.
सर संघचालक ने ये बातें संघ से जुड़े दैनिक स्वदेश के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहीं. कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया. भागवत रविवार शाम उस्ताद अमजद अली खां के पैतृक निवास में उनके पिता की स्मृति में बने उस्ताद हाफिज अली खान स्मृति सरोद घर का अवलोकन कर सकते है . इस दौरान अमजद अली खां के सपरिवार मौजूद रहने की संभावना है.
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत शुक्रवार को मध्य प्रदेश में ग्वालियर शहर पहुंचे थे. भागवत यहां चार दिनी ‘घोष शिविर' में शामिल हो रहे हैं. संघ के मध्य भारत प्रांत के संघचालक अशोक पांडे ने कहा कि यह चार दिवसीय प्रांतीय स्वर साधक संगम (घोष शिविर) 25 नवंबर को सरस्वती शिशु मंदिर केदारधाम परिसर ग्वालियर में शुरू हुआ है.
मोहन भागवत भारत, हिन्दुत्व और हिन्दू धर्म को लेकर पहले भी अपनी राय प्रकट करते रहे हैं. इसको लेकर विपक्षी दलों और बुद्धिजीवियों की ओर से मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है. हालांकि एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी उनके हिन्दुत्व को लेकर बयानों की तीखी आलोचना करते रहे हैं.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
सुप्रीम कोर्ट के संविधान दिवस समारोह में अटार्नी जनरल के के वेणुगापाल ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के पूरे ढांचे को बदलने का वक्त आ गया है. अटार्नी जनरल ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अपना दायरा बढ़ा दिया है. यह सिर्फ एक संवैधानिक न्यायालय नहीं है. यह एक अदालत है जो सभी मामलों की सुनवाई करती है. सुप्रीम कोर्ट आपराधिक, जमीन, पारिवारिक मामले आदि की सुनवाई करता है. इसे कम किया जाए. एजी ने कहा, यह सभी मुद्दों पर विभिन्न हाईकोर्ट की अपील सुनता है. हाईकोर्ट के फैसलों की वैधता की जांच करता है.तो यह सही मायने में संवैधानिक न्यायालय नहीं है. पीएम मोदी ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया.
सुप्रीम कोर्ट के संविधान दिवस समारोह में भूमि नियंत्रण, संपत्ति, वैवाहिक आदि जैसे मामलों का कोई संवैधानिक मूल्य नहीं है. ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट से एक आपराधिक मामले का फैसला आने में 30 साल लग जाते हैं. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा, संवैधानिक मामलों की सुनवाई के लिए 5 जजों के साथ 3 संवैधानिक बेंच स्थायी रूप से स्थापित की जाएं. मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के पूरे ढांचे को बदलने का वक्त आ गया है.
वहीं प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि सामान्य धारणा कि न्याय देना केवल न्यायपालिका का कार्य है. लेकिन यह सही नहीं है, यह तीनों अंगों पर निर्भर करता है. विधायिका और सरकारें (कार्यपालिका) की ओर से किसी भी तरह से इन बातों को नजरअंदाज से न्यायपालिका पर केवल अधिक बोझ पड़ेगा. कभी-कभी न्यायपालिका केवल कार्यपालिका को पुश करती है. लेकिन कार्यपालिका की भूमिका को हड़पती नहीं है.
एक संस्था को दूसरी संस्था के खिलाफ पेश करने या एक शाखा को दूसरे के खिलाफ रखने की उसकी शक्तियां केवल लोकतंत्र के लिए एक गलतफहमी पैदा करती हैं.यह लोकतंत्र की सेहत के लिए ठीक नहीं है. वहीं कानून मंत्री कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, संविधान शक्तियों के बंटवारे का प्रावधान करता है. यह सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय के लिए तीन अंगों यानी कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच संबंध की भी परिकल्पना करता है. लिहाजा मौलिक अधिकारों पर मौलिक कर्तव्य को प्रधानता मिलनी चाहिए.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पर्यावरण के नाम पर भारत पर कई तरह के दबाव डाले गए, ये औपनिवेशक मानसिकता का परिणाम है. यह बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के संविधान दिवस समारोह के कार्यक्रम के दौरान कहीं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम सभी अलग-अलग भूमिका निभाते हैं. हमारे काम की प्रकृति अलग है. लेकिन हमारा मार्गदर्शक स्रोत और दिशानिर्देश संविधान है. आज बहुत अच्छा दिन है. हमें अपने संविधान निर्माताओं के उस सपने को पूरा करने की जरूरत है, जिसकी उन्होंने परिकल्पना की थी. हमें बहुत कुछ हासिल करना है. हमारा संविधान समावेश की अवधारणा पर जोर देता है. हमने उन लोगों के लिए सबसे अच्छा करने की कोशिश की है, जिनके घरों में शौचालय या बिजली नहीं है. हमें और करने की जरूरत है. हम बहिष्करण को समावेश में बदलने की कोशिश कर रहे हैं. इसे ही मैं संविधान निर्माताओं का सपना पूरा करना कहता हूं.
पीएम ने कहा कि जब गरीबों को समानता और समान अवसर मिले तो इसे राष्ट्र निर्माण कहते हैं. दिव्यांगों के अधिकार, जब तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह अधिकारों को बढ़ाता है. यह कई बहनों की जीत है. सबका साथ, सबका विकास हमारा आदर्श वाक्य है. हम इसका सख्ती से पालन करते हैं.
उन्होंने कहा कि गुजरात में नर्मदा में सरदार पटेल बांध देखना चाहते थे. पंडित नेहरू ने इसका शिलान्यास किया. लेकिन पर्यावरण के नाम पर आंदोलन चलाया गया. अदालतों में भी मामला कई दशकों तक उलझा रहा, अदालतें भी आदेश जारी करने में हिचकिचाती रहीं.
औपनिवेशिक मानसिकता जारी है. भारत को पर्यावरण के नाम पर उपदेश दिए जाते हैं. भारत पर तरह तरह के दबाव बनाए जाते हैं. देश के भीतर भी कुछ लोग ऐसी मानसिकता वाले हैं. बोलने की आजादी के नाम पर कुछ भी करते हैं. ये औपनिवेशिक मानसिकता वाले देश के विकास में बाधा हैं, इनको दूर करना ही होगा.
पीएम मोदी ने कहा कि दुख की बात है कि हमारे देश में ऐसे लोग भी हैं, जो अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर बिना सोचे समझे देश के विकास को रोक देते हैं. इसका खामियाजा ऐसे लोगों को नहीं भुगतना पड़ता है. लेकिन उन माताओं को झेलना पड़ता है जिनके पास अपने बच्चे के लिए बिजली नहीं है.
लखनऊ । शौर्यपथ । यूपी में फिर से कमल खिलाने के लिए लगी भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। आजमगढ़ में शनिवार को इसका असर भी देखने को मिला। सीएम योगी के साथ स्टेट यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखने आजमगढ़ पहुंचे गृहमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर बरसे। अमित शाह ने अपने भाषणों की शुरुआत ही सपा पर निशाना साधकर की। यूपी की सियासत में आए जिन्ना का जिक्र करते हुए शाह ने जैम JAM का मतलब भी समझाया।
गृहमंत्री शाह ने कहा, जिस आजमगढ़ को सपा शासन में आतंकवाद के नाम से जाना था, आज यूनिवर्सिटी खुल रही है। उन्होंने कहा, ये परिवर्तन की शुरुआत है। उन्होंने कहा, समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान आजमगढ़ कट्टरपंथ के लिए जाना जाता था, अब अजामगढ़ में शिक्षा के लिए जाना जाएगा। उन्होंने महाराजा सुहेलदेव का जिक्र करते हुए कहा, आजमगढ़ में बन रही यूनिवर्सिटी महाराजा सुहेलदेव का नाम पर रखी जाएगी। केन्द्रीय मंत्री ने आजमगढ़ में सपा पर निशाना और योगी सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा योगी सरकार में बदलाव देखने को मिल रहा है, सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी में आज माफियाराज खत्म हुआ है। शाह चुनावी वादा याद दिलाते हुए बोले, हमने पिछले चुनाव में कहा था कि दस यूनिवर्सिटी बनाएंगे, आज दसवीं यूनिवर्सिटी बन रही है। इसके अलावा 40 मेडिकल बनाने का वादा किया था, जो 2017 से पहले यूपी में केवल 10 थीं। वादा पूरा करते हुए भाजपा ने प्रदेश को 40 मेडिकल कॉलेज दिए हैं।
यूपी की अर्थव्यवस्था देश की दूसरी अर्थव्यवस्था
अमित शाह ने योगी सरकार की भी जमकर तारीफ की। केन्द्रीय मंत्री ने कहा, यहां पहले जातिवाद परिवारवाद तुष्टिकरण होता था, उस पर योगी जी ने पूर्ण विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, 2015 से पहले यूपी की अर्थव्यवस्था देश में छठे स्थान पर थी ओर आज यह नंबर एक पर है। जीडीपी 10 लाख करोड़ थी आज 32 लाख करोड़ है। बेरोजगारी दर घटकर 4.1 प्रतिशत हो गई, मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या 3800 हो गई है। शाह ने यूपी सरकार में हुए कामों को गिनाते हुए कहा, पहले चार हवाई अड्डे थे आज आठ हैं, एक्सप्रेस वे दोगुने हो गई। माफिया यूपी छोड़कर चले गए हैं, अब कानून का राज है। हजारों एकड़ जमीन माफिया से खाली कराकर विकास कार्य कराए गए।
भाजपा ने सरकार ने बनाया राम मंदिर, हटाई धारा 370
तीन दिवसीय दौरे पर यूपी पहुंचे अमित शाह ने आजमगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी के कामों की भी सराहना की। शाह ने आजमगढ़ में अपने संबोधन के दौरान जैम JAM का मतलब भी समझाया। जिन्ना का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा मोदी जी जैम लाए, मतलब जनधन योजना, आधार कार्ड, मोबाइल। वो लोग भी JAM लाए, यानी जिन्ना, आजमगढ़, मुख्तार। विपक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, वो लोग पूछते थे मंदिर कब बनाएंगे, मोदी जी ने मंदिर का शिलान्यास किया। भव्य मंदिर बनाने का काम किया। धारा 370 पर भी पूछते थे, कब हटाएंगे, आपने बहुमत दिया तो मोदी जी ने धारा 370 को भी समाप्त कर दिया। आजमगढ़ से सीटें नहीं मिलती, बहुत हो गया, भाजपा के अलावा किसी का खाता न खुले, इसकी व्यवस्था कर दीजिए। आखिरी में भाषण समाप्त करते हुए अमित शाह ने यूपी चुनाव में भाजपा को 300 पार वाली सरकार बनाने का वादा भी लिया।
नई दिल्ली / एजेंसी / कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि मोदी के विकास की गाड़ी रिवर्स गियर में है और ब्रेक भी फ़ेल हैं. उन्होंने यह दावा भी किया कि एलपीजी के दाम बढ़ने से लाखों परिवार चूल्हा फूंकने को मजबूर हैं.
कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ‘‘विकास के जुमलों से कोसों दूर, लाखों परिवार चूल्हा फूंकने पर मजबूर. मोदी जी के विकास की गाड़ी रिवर्स गियर में है और ब्रेक भी फ़ेल हैं.''
राहुल गांधी ने जिस खबर का हवाला दिया है उसमें एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर बताया गया है कि रसोई गैस के सिलेंडर के दाम बढ़ने के कारण 42 प्रतिशत परिवारों ने खाना बनाने के लिए फिर से लकड़ी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है.
बता दें कि महंगाई के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी और उनकी पार्टी कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रही है. साथ ही कांग्रेस नेताओं ने ईंधन की कीमतों को और कम करने के लिए एक्साइज ड्यूटी में ज्यादा कटौती की भी मांग की है ताकि आम आदमी को महंगे तेल से ज्यादा से ज्यादा राहत मिल सके.
चंडीगढ़ / एजेंसी / हरियाणा के भाजपा सांसद अरविंद शर्मा ने शनिवार को कांग्रेस को धमकी देते हुए कहा कि वह पार्टी के सहयोगी मनीष ग्रोवर का विरोध करने वालों की "आंखें निकाल लेंगे और हाथ काट देंगे". भाजपा सांसद द्वारा सार्वजनिक कार्यक्रम में दी गई इस भयावह धमकी का वहां मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया. अरविंद शर्मा रोहतक से भाजपा के सांसद हैं.
याद दिला दें कि कल शुक्रवार को रोहतक जिले में भाजपा के वरिष्ठ नेता मनीष ग्रोवर को किलोई गांव के मंदिर परिसर में गुस्साए किसानों ने घेर लिया था और कई घंटे तक उन्हें बंधक बनाए रखा था.
ग्रोवर ने केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध करने वालों को "बेरोजगार शराबियों" और "बुरे तत्व" कहा था. उन्होंने कहा था कि ये लोग विरोध प्रदर्शनों को लंबा करने का इरादा रखते हैं. ग्रोवर के इस बयान पर किसान भड़क गए थे और उन्हें बंधक बना लिया था. भाजपा नेता और उनके समर्थक करीब आठ घंटे तक मंदिर के अंदर फंसे रहे, जिसके बाद ग्रोवर बाहर हाथ जोड़े नजर आए. इसके बाद ही बंधक बनाए गए लोगों को जाने दिया गया.
स्थिति से बचने के बाद ग्रोवर ने कहा कि उन्होंने माफी नहीं मांगी थी. उन्होंने कहा कि मैं जब चाहूंगा इस मंदिर में आऊंगा. मंदिर के अंदर बंधक बनाए गए अन्य लोगों में मंत्री रवींद्र राजू, रोहतक के मेयर मनमोहन गोयल और पार्टी नेता सतीश नंदल थे.
नई दिल्ली / एजेंसी / दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने पीएम मोदी से 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' को छह महीने बढ़ाने की मांग की है. अरविंद केजरीवाल ने लिखा है कि देश में इस वक्त कमरतोड़ महंगाई है. एक आम आदमी को दो वक्त की रोटी मिलना मुश्किल हो रहा है. कोरोना काल मे कई लोगों के रोजगार चले गए. उनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है. ऐसे में मेरी विनती है कि केंद्र सरकार लोगों को अतिरिक्त मुफ्त राशन देने की यह योजना छह महीने के लिए बढ़ा दे. दिल्ली सरकार लोगों को हर महीने मुफ्त राशन देने की योजना छह महीने के लिए बढ़ा रही है.
अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी को पत्र में लिखा है कि कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने देश भर में हर राशन कार्डधारक को हर महीने मिलने वाले राशन के अतिरिक्त उतनी ही मात्रा में फ्री राशन दिया था. दिल्ली सरकार ने अपनी तरफ से उसे मुफ्त कर दिया.
केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के इन कदमों से गरीबों को कोरोना काल में काफी राहत मिली. दोनों सरकारों की ये योजनाएं नवंबर में समाप्त हो रही हैं. केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि इस योजना को नवंबर के बाद आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा है कि मेरी आपसे विनती है कि केंद्र सरकार की लोगों को अतिरिक्त मुफ्त राशन देने की योजना छह महीने के लिए बढ़ा दें.
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