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दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/
दंतेवाड़ा का नाम सुनकर लोगों के ज़हन में नक्सलवाद, आर्थिक सामाजिक, पिछड़ापन, घने जंगल दुर्गम पहाड़ी एवं नदी-नालों में बसे गांव आ जाते हैं। परंतु प्रकृति ने इन्ही घनी जंगलों की गोद में महुआ का पेड़ वरदान स्वरूप दिया है। महुआ विशेष रूप से जिले के ग्रामीण जीवन का सांस्कृतिक एवं आर्थिक आधार है। यह न केवल दैनिक जीवन में भोजन और पेय के लिए उपयोग किया जाता है, बल्कि इसे बेचकर आर्थिक आय भी प्राप्त किया जाता है। जंगलों से बीनकर घरों में रखा हुआ महुआ एक संपत्ति के समान होता है, जिसे कभी भी नगदी में बदला जा सकता है। वर्षों से ग्रामीण महुआ संग्रहित कर कम दामों में व्यापारियों को बेच देते है
व्यापार कर कमाएं 1 लाख 35 हजार रुपए
प्रशासन की पहल से आदिवासी महिलाओं के जीवन मे आ रहा बदलाव
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अब शासन की योजनाओं एवं जिला प्रशासन की पहल से जिले महिलाओं का जन-जीवन बदल रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग एवं मार्गदर्शन में क्षेत्र की किशोरी एवं महिलाएं नए-नए सफल प्रयोग कर रोजगार सृजन करने का काम कर रहें है। ऐसा ही नया और बेहतर कार्य दंतेवाड़ा वन परिक्षेत्र केन्द्रीय काष्ठागार दंतेवाड़ा के प्रसंस्करण केन्द्र व प्रशिक्षण केन्द्र में महुआ के स्वादिष्ट- हलवा, चंक्स, जैम, जेली, कुकीज, बनाकर व्यापार कर रही है। वर्तमान में 30 महिलाएं कार्य कर रही हैं जिनके द्वारा व्यापार कर 1,35,000 रुपए का लाभ कमा चुकी है।
महिलाओं को मिल रहा महुआ उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण
महिलाओं को मिल रहा महुआ उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण
बाजार में ’महुआ’ के हलवा, चंक्स, जैम, जेली, कुकीज के ज्यादा मांग एवं स्वास्थ्य वर्धक ( कैलोरी, प्रोटीन, फैट, शुगर, आयरन एव विटामिन सी ) होने के कारण जिला प्रशासन द्वारा डी०एम०एफ० फण्ड से ’महुआ’ से खाद्य पदार्थों के हेतु प्रसंस्करण केन्द्र व प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की गई है। इन इकाइयों के अधिक उत्पादन के लिए मशीनों की सुविधा दी गई है। वन विभाग के द्वारा इन महिलाओं को प्रशिक्षित कर महुआ को प्रसंस्करण कर इनके पाँच उत्पादों (हलवा, चंक्स, जेम, जेली एवं लड्डू, कुकीज) बना रहे है।
कुपोषण को हराने में मददगार सिद्ध हो रहा महुवा से बना उत्पाद
वर्तमान में प्रतिदिन प्रति उत्पाद 20 कि०ग्रा० हैं. इस तरह प्रतिदिन 100 किग्रा तक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। इन उत्पादों के पैकेजिंग मटेरियल प्रारंभिक स्तर देश के विभिन्न शहरों ( मुंबई, हैदराबाद, रायपुर ) से मंगाए जा रहे है। इकाई को ISO 22000 तथा FSSAI सर्टिफिकेशन की प्राप्ति हो चुकी है, एवं इन सारे उत्पादों का लैब जाँच NABl Accreditateda प्रयोगशालाओं से कराई जा चुकी है, जांच में अच्छे परिणाम प्राप्त हुए है। इन योजना का लाभ लेकर महिलाएं ग्रामीण अंचल से साफ महुवा खरीद कर, उनके उत्पाद को बाजार में बेचकर अपना व्यवसाय कर रही है। जिला प्रशासन के सहयोग से इन उत्पाद को एनएमडीसी, सीआरपीएफ कैंटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं मुख्यमंत्री सुपोषण योजना में विक्रय किया जा रहा है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। एवं जिले के कुपोषण दर में कमी में महुवा से बने उत्पाद मील का पत्थर साबित हो रही है।
कोण्डागांव / शौर्यपथ /
कहते हैं कि मनुष्य की आंखें भगवान के द्वारा मनुष्यों को दिये गये सबसे अनमोल उपहारों में से एक है। आंखों से ही हम इस दुनिया का अनुभव कर पाते हैं परंतु कुछ लोग को जन्म से या किसी दुर्घटनावश अपनी आंखों से इस दुनिया को देखने में असक्षम हो जाते हैं। ऐसे में उनकी जिंदगीयों में दोबारा रौशनी लाने नेत्रदान अभियान चलाया जाता है। इन अभियानों से प्रेरित होकर बड़ेराजपुर विकासखण्ड के ग्राम सलना निवासी शोभाराम पटेल ने भी कुछ वर्षों पहले नेत्रदान का संकल्प लेते हुए अपने परिवारजनों को अपने निर्णय के संबंध में बताया था।
शोभाराम की 29 मई को निधन होने पर परिवार की सूचना पर नेत्रदान संग्रहण केन्द्र कोण्डागांव द्वारा दल गठित कर त्वरित कार्यवाही करते हुए रात्रि 11.00 बजे सलना के दानीपारा स्थित उनके निवास पहुंचे। जहां नेत्र सहायक अधिकारी अनिल बैध, सीएचसी विश्रामपुरी के डॉ. दुर्गा दास, डीपीएम कमल गिलहर, पीएचसी चिपावण्ड के अशोक कश्यप, पीएचसी सलना के महावीर मरकाम सहित स्टॉफ नर्स नंदा शील एवं आरती महानंद द्वारा नेत्रदान हेतु आवश्यक कार्यवाही की गई। जिसके पश्चात् संग्रहित नेत्र को रात्रि 11.30 बजे ही पं0 जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर स्थित नेत्र बैंक में भेज दिया गया। जहां से नेत्रहीनों को नया जीवन देने हेतु आंखों को लगाया जायेगा।
इसके संबंध में नेत्र सहायक अधिकारी के पद पर जिला बस्तर में कार्यरत् पुत्र दयानंद पटेल ने बताया कि नेत्रदान अभियान के संबंध में मेरे पिता द्वारा मुझसे जानकारी पाकर जीवित रहते हुए नेत्रदान की घोषणा की थी। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए पिता का वृद्धावस्था के कारण निधन होने पर नेत्रदान संग्रहण केन्द्र कोण्डागांव को सूचना दी गई थी। जिसपर नेत्रदान दल द्वारा रात को ही घर पहुंच नेत्रदान हेतु कॉर्निया को संग्रहित कर लिया गया था। इसके आगे दयानंद ने कहा कि उनके पिता ने अपने जाने के बाद भी अंधेरी जिंदगीयों में रौशनी भर कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य किया है। जिसपर उन्हें गर्व है। उन्होंने अन्य लोगों को भी नेत्रदान करने की अपील की।
इसके संबंध में नेत्र सहायक अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी अनिल बैध ने बताया कि कोण्डागांव में नेत्रदान संग्रहण केन्द्र स्थापित किया गया है। जिसके पश्चात् यह पहला अवसर था जब सीएचएचओ डॉ0 टीआर कुंवर, सिविल सर्जन डॉ0 संजय बसाख एवं नेत्र विशेषज्ञ डॉ कल्पना मीणा, अंधत्व निवारण नोडल डॉ0 हरेन्द्र बघेल के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए राज्य के एकमात्र शासकीय नेत्र बैंक रायपुर भेजा जा सका है। नेत्रदान को महादान की उपाधि दी जाती है क्योंकि इससे दूसरों को जीने की उम्मीद प्राप्त होती है। उन्होंने लोगों को नेत्रदान के प्रति प्रेरित करते हुए बताया कि व्यक्ति की मृत्यु उपरांत 06 घण्टे तक आंखों को दान किया जा सकता है। नेत्रदान में केवल 10 से 15 मिनट का वक्त लगता है एवं इससे शरीर को किसी प्रकार की हानि नही होती न ही किसी सामाजिक मान्यता को प्रभाव पड़ता है। बल्कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों की जिंदगी को रौशनी एवं उनके परिवारों को खुशियां प्राप्त होती है।
उत्तर बस्तर कांकेर / शौर्यपथ /
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर संभाग में भेट-मुलाकात के दौरान 03 जून को कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर पहुंचे थे। समाज प्रमुखों से भेंट-मुलाकात के दौरान तुडग़े निवासी मोतिराम मैतिल ने मुख्यमंत्री से भेंट किया और अपनी समस्या बताया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कलेक्टर चन्दन कुमार को मोतिराम की समस्या को निराकरण कराने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर श्री चन्दन कुमार द्वारा समाज कल्याण विभाग के उप संचालक को मोतिराम की समस्या का निराकरण कराने के लिए निर्देश दिया गया।
निर्देशन के परिपालन में त्वरित कार्यवाही करते हुए समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने ग्राम तुडग़े पहुंचकर मोतिराम को फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर माना रायपुर कृत्रिम अंग पैर का नाप दिलाने के लिए अपने साथ ले गये तथा कृत्रिम अंग लगाने के लिए उनके पैर का नाप ली गई, तत्पश्चात उनके गांव में उन्हें वापस उनके घर पहुंचा दिया गया है। एक माह पश्चात कृत्रिम पैर तैयार हो जायेगा तब उन्हें पुन: रायपुर ले जाकर उनके पैर कृत्रिम अंग लगवाया जायेगा।
दंतेवाड़ा/शौर्यपथ/
दंतेवाड़ा में भी छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों तथा यहां की कला और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन का ही सार्थक परिणाम है कि लोगों में आज उत्साह दिखायी दे रहा है। खेती-किसानी से लेकर परंपरागत व्यवसाय को बल मिला है। आधुनिकता के इस दौर में विलुप्त होती टेराकोटा कला को फिर से छत्तीसगढ़ में जीवंत हो उठी है। कुम्हारी के परम्परागत व्यवसाय से दूर हो रहे कुम्हार फिर से अपने हुनर को तराशने और अपने पुरखों के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में जुट गए है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप माटी कला बोर्ड ने कुम्हारों को विभिन्न प्रकार की सहायता देकर उन्हें उनके परम्परागत व्यवसाय से जोडऩे में जुटा हैं।
कुम्हाररास निवासी जम्मू धर नाग का कहना है कि शुरुआत दौर में ये सिर्फ मटका बनाने का कार्य करते थे।पहले इन्हें बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था हांडी निर्माण से उतना आय नही मिल पाता था जिससे घर की आजीविका चल बनाने लगे। जिसे जम्मू धर ने तैयार उत्पाद की बिक्री अपने राज्य के साथ अन्य राज्यों में भी बिक्री करने लगे। उन्होंने बताया कि आज से 3 साल पहले कुछ भी नहीं था लेकिन अब अच्छी आमदनी प्राप्त होने से अपने बच्चों की शिक्षा दिला रहे है। आर्थिक स्थिति सुधरते ही बाइक खरीदी। और इन 3 सालों में इन्हें 5-7 लाख की आमदनी हुई जिससे अब वे बेहतर जिंदगी जी रहे है। माटी कला केन्द्र बनने से जिले के कुम्हारों के द्वारा परंपरागत तरीके से मिट्टी के बर्तन एवं अन्य सजावटी सामान अपने घरों पर बनाते थे। माटी कला केन्द्र बनने से उक्त ग्रामीणों को मशीनों के द्वारा नई तकनीक एवं कुशल कारीगरों के द्वारा प्रशिक्षण देकर बेहतर सामान बनाने से जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। उक्त बर्तन को विक्रय के लिए भी बाजार उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन के देखरेख में सहयोग प्रदान किया जायेगा। इस केन्द्र से लगभग 100 से अधिक परिवारों को रोजगार का सीधा अवसर मिलेगा तथा अपनी कलाओं का प्रदर्शन कर अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगें।
उत्तर बस्तर कांकेर /शौर्यपथ /
इंद्रावती नदी मे डूबने, मधुमक्खी और सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में कलेक्टर चन्दन कुमार द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 में दिये गये प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए मृतक के आश्रित के लिए चार-चार लाख रूपये के मान से बारह लाख रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है।
कांकेर तहसील के ग्राम किरगोली निवासी 47 वर्षीय ललिता पूर्राम की चित्रकोट जल प्रपात इंद्रावती नदी में डूबने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम वारिस दिलीप के लिए चार लाख रूपये, सरोना तहसील के ग्राम बुदेली निवासी 88 वर्षीय केजऊ राम टेकाम को मधुमक्खी काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम वारिस ललित, जैतराम, उर्मिला और अजनो के लिए चार लाख रूपये तथा नरहरपुर तहसील के ग्राम अमोड़ा निवासी 54 वर्षीय रमेसिंह कुंजाम को सर्प काटने से मृत्यु होने के प्रकरण में उनकी पत्नी सामबाई के लिए चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान संबधित क्षेत्र के तहसीलदार द्वारा हितग्राही के बैंक खाते में डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के माध्यम से किया जायेगा।
कोंडागांव /शौर्यपथ /
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन के आवाहन पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की 8 साल बेमिसाल होने पर गरीब कल्याण योजना के तहत झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ जिला संयोजक संतोष नाग के द्वारा लाभान्वित परिवार के मुखिया को मंगल तिलक लगाकर व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया प्रधानमंत्री जी की महत्ती योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, नल जल योजना ,के साथ-साथ स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई कर्मियों का भी मंगल तिलक लगाकर श्रीफल भेंट कर सम्मान किया ।
कार्यक्रम मुख्य रूप से मौजूद राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रदेश उपाध्यक्ष सम्माननीय लता उसेंडी जी प्रदेश संयोजक झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ आदरणीय महेंद्र पंडित जी भाजपा जिला अध्यक्ष दीपेश अरोरा जी जिला संयोजक संतोष नाग जी के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कोण्डागांव / शौर्यपथ /
जिला कोण्डागांव में पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल , भा 0 पु 0 से 0 के निर्देशन में अति 0 पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में दिनांक 05.06.2022 को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कोण्डागांव श्री निमितेश सिंह के नेतृत्व में कोण्डागांव पुलिस ने चाकु मारकर हत्या का प्रयास करने वाले 02 आरोपियों आरोपी को किया गिरफतार 7 मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 05/06/2022 को प्रार्थी रोहित पाण्डेय गुपचुप ठेला गार्डन के पास लगाया था , उसके बाजू में विनोद चौधरी सांवरीया आईसक्रीम ठेला लगाया था कि रात करीबन 09.00 बजे आरोपी रवि शंकर मिश्रा आया और सांवरीया आईसक्रीम ठेला से 40 रू 0 का बादाम सेक मांग कर पीया और बिना पैसा दिये जाने लगा तब विनोद चौधरी ने बादाम सेक का पैसा मांगा तो रवि शंकर मिश्रा ने मेरे से पैसा मांगता है बोल कर गंदी गंदी अश्लील गली गलौच किया और रवि शंकर मिश्रा ने विनोद चौधरी को मारपीट करने लगा तब प्रार्थी द्वारा जाकर बीच बचाव करने लगा तो उसके साथ हाथपाई कर जान से मारने का धमकी देकर वहां से चला गया । प्रार्थी अपना ठेला बंद कर अपने घर चला गया और घर पर लेटा हुआ था करीब 09.30 बजे रात्रि को आरोपी रवि शंकर मिश्रा उसका लड़का शिवम मिश्रा और अन्य लोग प्रार्थी के घर अन्दर घुस कर गंदी गंदी अश्लील गाली गलौच करते हुए प्रार्थी रोहित पाण्डे को हाथ लात मुक्का से मारपीट करने लगे और आरोपी शिवम मिश्रा अपने हाथ में रखे चाकु से हत्या करने के नीयत से प्रार्थी के सिर में और दाहिने हाथ में मार कर चोट पहुंचाया है जिस उसके सिर में एवं दाहिने हाथ में चोट लगा है । प्रार्थी के रिपोर्ट पर थाना कोण्डागांव में अपराध क्रमांक 216 / 2022 धारा 294 , 458 , 307 , 34 भा 0 द 0 वि 0 कायम कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के दौरान दिनांक 06.06.2022 को आरोपी 01. रविशंकर मिश्रा पिता विजय शंकर मिश्रा उम्र 45 वर्ष निवासी अम्बेडकर वार्ड थाना व जिला कोण्डागांव छ 0 ग 0 एवं 02 शिवम मिश्रा पिता श्री रवि शंकर मिश्रा उम्र 19 वर्ष निवासी अम्बेडर वार्ड कोण्डागांव थाना व जिला कोण्डागांव छ 0 ग 0 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है । उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही निरीक्षक भीमसेन यादव , थाना प्रभारी कोण्डागांव , सउनि प्रभुलाल डहरिया , लोकेश नाग , सुरेन्द्र बघेल , प्र 0 आर 0 हेमु साहू , रामचन्द्र मरकाम , आर . वेदराम चंदेल द्वारा किया गया
कांकेर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ में चल रहे भेंट मुलाकात कार्यक्रम अन्तर्गत अपने 2 दिवसीय प्रवास के दौरान कांकेर पधारे मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने जिले के सर्वांगीण विकास के लिए घोषणाओं की झडी लगा दी है, जिससे जिले के लोगों में खुशी का माहौल है । 05 जून रविवार को जिले के ग्राम बादल और कोदागांव में भेंट कार्यक्रम पश्चात कांकेर नगर के विश्राम गृह में सभी समाज के पदाधिकारियों ने अपने समाज के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात की जिसमे बंजारा समाज सरोना परिक्षेत्र के सामाजिक पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सौजन्य भेंट की वहीं बंजारा समाज के संरक्षक जितेंद्र नायक एवं अध्यक्ष नेकराम नायक, उपाध्यक्ष माखन नायक, संरक्षक राजाराम नायक, कृष्णा नायक, शंकर नायक द्वारा मुख्यमंत्री से समाज भवन निर्माण के लिए मांग किया गया जिस पर मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने समाज को 10 लाख रुपए भवन निर्माण के लिए देने की घोषणा की, जिस के लिए बंजारा समाज द्वारा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया जा रहा है ।
इस मौके पर संसदीय सचिव कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी, संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमंत ध्रुव उपस्थित रहे । जिले के सभी समाजों को सामाजिक सामुदायिक भवन हेतू अपना खजाना खोल दिया जिसमें बंजारा समाज को भवन हेतू 10 लाख रुपए देने की घोषणा की गई ।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही ,अस्तला कश्यप को मिला नया राशन कार्ड
उत्तर बस्तर कांकेर/ शौर्यपथ / नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम शामतरा के अस्तला कश्यप अब बहुत खुश है, जिला प्रशासन कांकेर द्वारा उन्हें नया राशन कार्ड बनाकर दे दिया गया है, अब वह राशन की चिंता से मुक्त हो चुकी है। नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम बादल में 05 जून को भेंट-मुलाकात कार्यकम आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की फीडबैक लिया जा रहा था, साथ ही ग्रामीणों की समस्या भी सुनी जा रही थी, उस समय अस्तला बाई कश्यप ने अपनी दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि हम लोग पति-पत्नी अलग रह रहे हैं, हमारे पास राशन कार्ड नहीं है, जिससे हमें दिक्कत हो रही है, हमें राशन कार्ड दिलाया जाये। मुख्यमंत्री के पूछने पर उन्होंने बताया कि पहले हम संयुक्त परिवार में रहते थे, जिसमें सास-ससुर, जेठ-जेठानी और उनके दो बच्चे, इस प्रकार कुल आठ सदस्यों का परिवार था। अब हम लोग पति-पत्नी अलग रह रहे हैं तथा मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।
उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अस्तला बाई और उनके पति बलराम कश्यप के नाम पर नया राशन कार्ड बनाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला प्रशासन द्वारा दूसरे दिन ही राशन कार्ड बनाकर हितग्राही को दे दिया गया है। ग्राम पंचायत शामतरा के वार्ड पंच ने अस्तला बाई कश्यप के घर जाकर उन्हें राशन कार्ड सौंपा। राशन कार्ड मिलने से अस्तला कश्यप की चिंता दूर हो गई है, अब उन्हें भी उचित मूल्य दुकन से राशन की सुविधा मिलेगी। नया राशन कार्ड मिलने पर अस्तला बाई ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।
टैक्सी की स्टेयरिंग थाम दी अपने जीवन को नई दिशा
दंतेवाड़ा /शौर्यपथ/
जिले के ग्राम मटेनार के निवासी लक्ष्मण गावड़े के पुत्र दीपक गावड़े जिनकी उम्र 21 वर्ष हैं और उन्होंने जिला कौशल विकास प्राधिकरण दंतेवाड़ा द्वारा प्रायोजित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिला प्रोजेक्ट लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी दंतेवाड़ा ’टैक्सी ड्राइवर’ में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। दीपक गावड़े बताते हैं कि उन्हें नौकरी तलाशने के लिए बहुत ही जद्दोजहद का सामना करना पड़ा। अपने हालातों को सुधारने के लिए कई जगह काम के लिए भटकना पड़ा पर कहीं भी बात नही बनी। फिर उनके दोस्त ने बताया कि जिले में आजीविका महाविद्यालय दंतेवाड़ा रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान कर रहा है।इसके बाद श्री दीपक ने तुरंत आवेदन किया और उनका चयन हो गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें अपने ही गांव मटेनार में निजी नौकरी मिल गई। आज वे काम कर रहे हैं और लगभग 6000 हज़ार रुपए मासिक आय कमा रहे हैं। और अपने परिवार का आर्थिक मदद कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज दंतेवाड़ा और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का आभार जताया।मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसमे युवक-युवतियां अपनी इच्छानुसार क्षेत्र चयन कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। और जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
