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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
जगदलपुर /शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार 18 दिसम्बर को गुरू घासीदास जंयती के अवसर पर अवकाश घोषित करने के उपरांत शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल ने 18 दिसम्बर को ’’गुरू घासीदास जंयती’’ के अवसर पर बस्तर जिले में शुष्क दिवस घोषित किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने बस्तर जिले में स्थित सभी प्रकार की मदिरा दुकानें एवं लायसेंस अर्थात् देशी मदिरा सी.एस.2 (घघ), विदेशी मदिरा एफ.एल.1 (घघ), एफ.एल. 3 (होटल बार), एफ.एल. 7 (सैनिक कैंटिन) एवं मद्य भण्डारण भण्डागार जगदलपुर कोे गुरू घासीदास जंयती के अवसर पर 17 दिसम्बर को निर्धारित समयावधि के पश्चात 18 दिसम्बर को पूर्णतः बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने धान उपार्जन केन्द्र चरौदा में धान बेचने आए किसानों से चर्चा की
महासमुंद /शौर्यपथ /
कलेक्टर डोमन सिंह ने बागबाहरा विकासखण्ड के धान उपार्जन केन्द्र चरौदा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान उपार्जन केंद्रों में धान बेचने आए किसानों से मुलाकात कर उनसे धान उपार्जन केन्द्र में लाये गये धान की मात्रा, धान का उत्पादन, धान का समर्थन मूल्य इत्यादि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने पुराने बारदाने की कीमत प्रति बारदाने 18 रूपये से बढ़ाकर 25 रूपये प्रति बारदाने कर दी है। किसानों को स्वयं के बारदाने में धान बेचने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए।
कलेक्टर ने उपार्जन केन्द्र में आर्द्रता मापी के माध्यम से धान की नमी मापी। उन्होंने शासन के नियमानुसार धान के सूखत होने पर किसानों से धान खरीदने को कहा। धान खरीदी केन्द्र के लिए गठित निगरानी समिति, कैप कव्हर, ड्रेनेज सिस्टम, लाईट, पेयजल, छांव, कम्प्यूटर, इंटरनेट, धान खरीदी केन्द्र में गाड़ी आने-जाने की व्यवस्था एवं बारदानें की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को धान का उठाव (परिवहन) शीघ्र करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राकेश कुमार गोलछा, डिप्टी कलेक्टर डॉ. नेहा कपूर, नेहा भेड़िया सहित जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
जांजगीर-चांपा /शौर्यपथ /
संचालनालय, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा सौर जनजाति का फोटो हैण्डबुक तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिले यदि इस जनजाति के लोग निवासरत हैं तो उन्हें अपने निवास की जानकारी देने फोन नंबर जारी किया गया है।
जनगणना 2011 के अनुसार जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिले में यह जनजाति निवासरत है। स्थानीय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग और मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी में इन जनजाति से संबंधित परिवार के निवासरत् होने संबंधी प्रमाण नही मिले हैं।
सौर जनजाति से संबंध रखने वाले परिवार / व्यक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे कार्यालय, आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान क्षेत्रीय इकाई बिलासपुर छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर- 8889729886 और 9993646048 से सम्पर्क करें ताकि उक्त जनजाति की फोटो हैण्डबुक तैयार की जा सके।
महासमुंद /शौर्यपथ /
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में सोमवार 06 दिसम्बर को सी.जी. स्वान कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये महासमुन्द जिले के बसना नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 09 में पार्षद पद के उप निर्वाचन हेतु तहसील स्तरीय मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। जिला मास्टर ट्रेनर्स तोषण गिरी गोस्वामी ने तहसील स्तर के मास्टर ट्रेनर्स को मतदान तथा मतगणना प्रक्रिया के संबंध में पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा भेड़िया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
धमतरी /शौर्यपथ/
जलजीवन मिशन के तहत जिला जल एवं स्वच्छता समिति की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आज सुबह कलेक्टर पी.एस. एल्मा की अध्यक्ष्ता में आहूत की गई, जिसमें उन्होंने रेट्रोफिटिंग जलप्रदाय योजना, सिंगल विलेज योजना, सोलर आधारित पेयजल योजना की कार्य-प्रगति की जानकारी ली। बैठक में कार्यपालन अभियंता एवं सदस्य सचिव ने तकनीकी स्वीकृति प्राप्त 05 सिंगल विलेज योजना के अनुमोदन का प्रस्ताव रखा, जिस पर कलेक्टर ने अपनी सहमति दी। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर ने गौठानों में पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रस्ताव तैयार करने निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए, साथ ही निविदा की समस्त प्रक्रिया पूर्ण हो चुके कार्यों को जल्द से जल्द प्रारम्भ कराने के लिए निर्धारित समय-सीमा में ठेकेदारों से कार्य प्रारम्भ कराने के लिए भी कहा। साथ ही यह भी निर्देशित किया कि योजना के दायरे में छूटे हुए स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और सामुदायिक भवनों का शत-प्रतिशत कव्हरेज हो। इसके अलावा बैठक में कलेक्टर ने योजना के तहत सभी जलप्रदाय योजनाओं की सिलसिलेवार समीक्षा करते हुए अप्रारम्भ कार्यों को शीघ्रता के साथ शुरू कराने के लिए निर्देशित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत की सी.ई.ओ. प्रियंका महोबिया सहित संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर सहयोग राशि प्रदान कर गृह मंत्री ने सैनिकों के पराक्रम को किया याद
रायपुर /शौर्यपथ /
सैनिकों के साहस और वीरता से मिलती है देश प्रेम की सीख: गृहमंत्री
सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सेना के पराक्रम को याद किया। अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री साहू ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सैनिकों के साहस और वीरता से हमें देश प्रेम की सीख मिलती है। सेना द्वारा समय-समय पर किए गए महान कार्य और राष्ट्र की रक्षा के लिए दी गई बलिदानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। सशस्त्र सेना झंडा दिवस का यह दिन भी हमें सैनिकों और उनकी भावनाओं से जुड़कर राष्ट्र प्रेम के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करता है। गृहमंत्री साहू ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवार के कल्याण के लिए सहयोग राशि भेंट करते हुए कहा कि देश की सेवा करने वालों के सहयोग के लिए हम सभी को हमेशा तत्पर रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर संचालक सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मैडल, सूबेदार मेजर वेद प्रकाश साहू, हवलदार बी रवि, सी एल साहू, के एस आर मूर्ति, हवलदार नवल कुमार सहित भूतपूर्व सैनिक आदि उपस्थित थे।
पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने फेमस सॉन्ग 'ये गलियां ये चौबारा' का रिक्रिएशन किया है. धमाका रिकॉर्ड्स और सारेगामा द्वारा प्रस्तुत इस ट्रैक को पद्मिनी ने खुद गाया है.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने फेमस सॉन्ग 'ये गलियां ये चौबारा' का रिक्रिएशन किया है. धमाका रिकॉर्ड्स और सारेगामा द्वारा प्रस्तुत इस ट्रैक को पद्मिनी ने खुद गाया है. धमाका रिकॉर्ड्स के प्रियांक शर्मा ने प्रेम रोग से पद्मिनी कोल्हापुरे का प्रतिष्ठित सॉन्ग 'ये गलियां ये चौबारा' रिलीज किया है.इस सॉन्ग को एक्ट्रेस ने खुद अपनी भावपूर्ण और सुरीली आवाज में गाया है. इससे पहले, धमाका रिकॉर्ड्स ने सभी म्यूजिक चार्ट्स में शीर्ष स्थान हासिल किया था और अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर, श्रद्धा कपूर, आदि सहित 15 दिग्गज कलाकारों द्वारा अभिनीत अपने शानदार सॉन्ग 'हम हिंदुस्तानी' के लिए सुर्खियां बटोरी. अब प्रियांक शर्मा के लेबल ने वर्ष का सबसे बड़ा दिल छू लेने वाला वेडिंग एंथम रिलीज किया है.
सॉन्ग के बारे में बात करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे कहती हैं, "इस सॉन्ग पर काम करना कुछ ऐसा था कि यह मुझे ओरिजिनल सॉन्ग की शूटिंग की यादों में ले गया. उस उत्साह को फिर से महसूस करके मुझे बहुत खुशी हो रही है और मैं इस प्रतिष्ठित सॉन्ग को रिक्रिएट करने में सक्षम होने के लिए बेहद उत्साहित हूं”.
प्रियांक शर्मा और पारस मेहता, जिन्होंने अपना म्यूजिक लेबल धमाका रिकॉर्ड्स लॉन्च किया है, कहते हैं, "मैं लेबल शुरू करने से पहले ही इस सॉन्ग को रिक्रिएट करना चाहता था. यह मेरी मां के लिए सबसे खास सॉन्ग रहा है और इसे रिक्रिएट करने और अपने लेबल पर रिलीज करने का मौका मिलना मेरे लिए विशेष से कहीं अधिक है. सारेगामा को दिल से धन्यवाद, हम आशा करते हैं कि हर कोई इसे उतना ही प्यार देगा, जितना उन्होंने ओरिजिनल को दिया था”.
सारेगामा और धमाका रिकॉर्ड्स द्वारा प्रस्तुत 'ये गलिययां ये चौबारा' प्रियांक शर्मा और पारस मेहता द्वारा निर्मित है. इस सॉन्ग में एमी मिसोबाह और अमायरा भाटिया अभिनय कर रहे हैं और इसे धमाका रिकॉर्ड्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया जा चुका है.
विपक्षी सांसदों ने कहा कि इस सरकार ने किसान से माफी मांगी है, अब हमसे भी माफी मांगेगी. खुद माफी मांगने के सवाल पर नेताओं ने कहा कि हमने लोगों की आवाज उठाई है तो हम माफी क्यों मांगे?
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
राज्यसभा के 12 निलंबित सांसदों का प्रदर्शन जारी है. संसद भवन परिसर में विपक्ष के तमाम नेताओं ने भी आज इनके समर्थन में गांधी प्रतिमा के सामने 'मोदी हटाओ, देश बचाओ' और 'लोकतंत्र बचाओ मोदी हटाओ' के नारे लगाए. निलंबित सांसद पिछले बुधवार से ही प्रदर्शन कर रहे हैं.
विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार का लोकतंत्र पर यकीन नहीं है, इसलिए तानाशाही कर रही है. विपक्षी सांसदों ने कहा कि इस सरकार ने किसान से माफी मांगी है, अब हमसे भी माफी मांगेगी. खुद माफी मांगने के सवाल पर नेताओं ने कहा कि हमने लोगों की आवाज उठाई है तो हम माफी क्यों मांगे?
सांसदों ने कहा कि ये कैसी सरकार है जो मॉनसून सेशन के दौरान घटित राजनीतिक कदमों पर विंटर सेशन में दंड दे रही है. विपक्षी सांसदों ने कहा, "ये गूंगी बहरी सरकार है. हमारे अधिकारों का हनन कर रही है. जिन MLA ने हमे चुना है, उसका अपमान है. सब जगह लोग मर रहे हैं. नोटबन्दी , सीएए और किसान के मुद्दे पर लोग मरे, अब इनको माफी मांगनी चाहिए."
गौरतलब है कि 12 विपक्षी सांसदों को अगस्त में आयोजित पिछले मॉनसून सत्र के दौरान उनके खराब आचरण के कारण सोमवार को संसद के पूरे शीतकालीन सत्र के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था. इनमें कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के दो-दो, और भाकपा तथा माकपा के एक-एक सदस्य शामिल हैं.
बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने कहा कि सदन में सभी सांसदों को रहना चाहिए. चाहे कोई बिल हो या ना हो. पीएम ने सख़्ती से कहा कि सांसद अपने में परिवर्तन लाएं नहीं तो परिवर्तन अपने आप हो जाएगा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ /
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र के दौरान सांसदों की गैरहाजिरी पर सख्त रुख अख्तियार किया है. बीजेपी संसदीय दल की बैठक में उन्होंने कहा कि सदन में सभी सांसदों को रहना चाहिए. चाहे कोई बिल हो या ना हो. पीएम ने सख़्ती से कहा कि सांसद अपने में परिवर्तन लाएं नहीं तो परिवर्तन अपने आप हो जाएगा. पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा, 'कृपया संसद और बैठकों में नियमित रूप से उपस्थित रहे. बच्चों की तरह इस बारे में लगातार जोर देना मेरे लिए अच्छा नहीं है. अगर आप खुद को नहीं बदलते हैं तो आने वाले समय में बदलाव होंगे. '
पीएम का यह सख्त रुख ऐसे समय सामने आया है जब संसद के शीत सत्र में विपक्ष एकजुटता दिखाते हुए सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है. विपक्ष की ओर से नगालैंड फायरिंग और सांसदों के निलंबन सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा जा रहा है. गौरतलब है कि इससे पहले, संसद के मॉनसून सेशन के दौरान भी राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की गैरहाजिरी के मसले पर पीएम ने नाराजगी जताई थी. सूत्रों ने यह जानकारी दी थी. मॉनसून सत्र के दौरान उच्च सदन में बिल पारित होते समय कई सांसद मौजूद नहीं थे, इसे लेकर पीएम ने सख्त रुख अपनाया था. यही नहीं, उन्होंनेसंसदीय दल की बैठक में राज्यसभा से गैरमौजूद रहे सांसदों के नाम भी मांगे थे.
मुख्यमंत्री राइस मिलर्स एसोसिएशन सम्मान सम्मारोह में हुए शामिल
राज्य में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रूपए से बढ़कर अब 120 रूपए प्रति क्विंटल
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज शाम राजधानी स्थित एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। समारोह में मुख्यमंत्री बघेल को राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा राज्य में कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रूपए से बढ़ाकर 120 रूपए किए जाने पर अभिनंदन करते हुए स्मृति चिन्ह सौंपा गया।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चन्द्राकर, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश रुंगटा, प्रमोद अग्रवाल, रोशन चन्द्राकर सहित प्रदेशभर से एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में किसानों के साथ-साथ राइस मिलर्स का भी अहम स्थान है। इसकी मजबूती के लिए हमारी सरकार द्वारा किसानों के साथ-साथ राइस मिलरों को भी मजबूत करने के लिए हरसंभव पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र के चौतरफा विकास के लिए कृत-संकल्पित है। इसका आशय हम केवल किसानों की उत्पादकता और आय में बढ़ोत्तरी के लिए ही काम नहीं कर रहे है, बल्कि कृषि क्षेत्र से जुड़े हर उद्योग और उद्यम के विकास के लिए भी काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने के बाद हर साल धान का उत्पादन बढ़ रहा है। वर्ष 2018 में हम लोगों ने 80 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की थी, 2019 में हमने 83 लाख मीटरिक टन धान खरीदा, 2021 में 92 लाख मीटरिक टन धान की रिकार्ड खरीदी हुई। इस साल हमारा अनुमान 01 करोड़ 05 लाख मीटरिक टन धान खरीदी का है। उन्होंने बताया कि हर बार की तरह कठिन चुनौतियों के बावजूद राज्य में रिकार्ड धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। प्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर सुचारू रूप से धान खरीदी के लिए केन्द्र सरकार सवा पांच लाख गठान जूट बारदाने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक केवल 86 हजार गठान जूट बारदाने की आपूर्ति की गई है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राइस मिलों का सीधा संबंध हमारे खेतों से हैं। राइस मिलों की समस्याएं भी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई समस्याएं ही हैं। इसीलिए हमने वादा किया था कि राइस मिलों से जुड़ी हर समस्या का निराकरण पूरी संवेदना और प्राथमिकता के साथ किया जाएगा। हमने अपने वादे को पूरा करते हुए कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि 40 रुपए से बढ़ाकर अब 120 रुपए कर दी है। इसी तरह बारदानों की कीमत भी 18 रुपए से बढ़ाकर 25 रुपए कर दी है। समारोह को सहकारिता मंत्री डॉ. टेकाम, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष अग्रवाल, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष देवांगन ने भी सम्बोधित किया।
कुलपति डॉ. एस.एस. सेंगर सहित डॉ. सक्सेना एवं वैज्ञानिक कौशिक हुए सम्मानित
रायपुर /शौर्यपथ /
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित किसान समिट एवं अवार्ड समारोह में ऑनलाईन कृषि बाजार ई-हाट एप विकसित करने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. एस.एस. सेंगर सहित डॉ. आर. आर. सक्सेना एवं वैज्ञानिक अभिजीत कौशिक को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि का चेक भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दी।
गौरतलब है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ई-हाट एप छोटे एवं भूमिहीन किसानों के लिए एक ऑनलाइन कृषि बाजार है, जहां यह फलों सब्जियों अन्य कृषि उत्पादों को खरीद सकते हैं या दे सकते हैं या विज्ञापन कर सकते हैं। यह ऐप कृषि उत्पादों रचनात्मक वस्तुओं और छोटे घरेलू उत्पादों को खरीदने के लिए एक बड़ा ऑनलाइन बाजार का अवसर उपलब्ध कराता है।
यह किसानों को अपने छोटे कृषि उत्पादों को बेचने के लिए प्रोत्साहित करता है और अपनी आप के साथ-साथ गैर-किसान उपयोगकर्ताओं को अपने कौशन को बदलने के लिए प्रोत्साहित करता है ताकि बाजार की समस्या के बारे में सोचे बिना बहुत छोटे प्रयासों के साथ पैसे कमा सके। इस ऐप की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि युवाओं को ऑनलाइन बाजार और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं के बीच संचार भी प्रदान करता है। इस एप्लिकेशन का मुख्य उद्देश्य किसानों को व्यापार के लिए प्रोत्साहित करना है और उन्हें अपने उत्पादों के लिए कीमत निर्धारित करने का प्लेटफार्म देता है। एप्लिकेशन में लेनदेन की पूरी प्रक्रिया में बिचौलिया को पूरी तरह से बाहर करता है।
रायपुर /शौर्यपथ /
कृषि के क्षेत्र में नवीनत्म तकनीक का समावेश कर कृषक लीलाराम साहू ने बैंगन की नई किस्म ईजाद की है। इसे निरंजन बैंगन का नाम दिया गया है। इसकी खासियत यह है कि देश मे उत्पादित विभिन्न प्रजातियों के बैंगन में से इसकी लंबाई सर्वाधिक हैं। इसकी लंबाई अधिकत्म दो फीट तक हो सकती है। धमतरी जिले के कुरूद निवासी लीलाराम को उसकी इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज राज्य स्तरीय कृषक सम्मान से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के द्वारा साहू को उनके ‘निरंजन‘ बैंगन के उत्पाद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है।
लीलाराम ने उत्कृष्ट सब्जीवर्गीय उत्पादन के क्षेत्र में कई नवाचार किए हैं, इनमें से एक निरंजन बैंगन है। इसमें बीज की मात्रा कम और पल्प अधिक होता है, जिसके कारण यह बेहद स्वादिष्ट होता है। सब्जी उत्पादक कृषक श्री लीलाराम साहू ने बताया कि इसे तैयार करने के लिए उन्होंने पारम्परिक रूप से देशी सिंघी भटा के बीज तैयार करने के लिए शुद्ध घी 100 ग्राम, शहद 200 ग्राम, बरगद के पेड़ की जड़ के पास की मिट्टी 500 ग्राम, गोमूत्र 2400 ग्राम, गोबर 1200 ग्राम में आवश्यक पोषक तत्व मिलाया जाता है। उपचारित बीज का प्रसंस्करण किया गया। इसके बाद बीजों में अंकुरण ज्यादा लाने, निरोग बनाए रखने, फल की लम्बाई में वृद्धि करने व गुदा की मात्रा बढ़ाने और स्वाद में बढ़ोतरी करने का कार्य भी किया गया। परिणामस्वरूप नवाचारी गुण से परिपूर्ण बैंगन की नई किस्म विकसित हुई। उन्होंने बताया कि इस बैंगन का नाम निरंजन उन्होंने अपने-अपने पिताजी के नाम पर किया है।
उक्त नवाचारी बैंगन के बीज को उनके द्वारा धमतरी सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के प्रगतिशील किसानों को हर साल निःशुल्क वितरण किया जाता है। आज निरंजन बैंगन की खेती छत्तीसगढ़ के अलावा मणिपुर, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, गुजरात, महाराष्ट्र सहित केरल राज्य में भी की जाती है। बैंगन की उक्त प्रजाति के लिए राष्ट्रीय नवप्रवर्तक संस्थान अहमदाबाद के द्वारा डॉक्यूमेंटेशन के उपरांत साल-2017 में पेटेंट भी किया गया था।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
