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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
दुर्ग /शौर्यपथ/
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम धौराभाठा के जे एस फॉर्म पहुंचेे। राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने धौराभाठा पहुंचते ही 450 एकड़ जे एस फॉर्म और जे एस डेयरी का भ्रमण किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जे एस फॉर्म के संस्थापक वजीर सिंह लोहान द्वारा ’जहर मुक्त खेती, जहर मुक्त रसोई’ विषय पर आयोजित किसान संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने आम जनों और किसान भाइयों से इंटरएक्टिव लेवल पर चर्चा की। उन्होंने खेती को लेकर अपने विगत वर्षों के अनुभव को किसानों के साथ साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 200 एकड़ खेत में 100 एकड़ में उनके द्वारा खेती की जाती थी और बचे 100 एकड़ अन्य को खेती के लिए दिए थे। 3 वर्षों के बाद अन्य पक्ष के द्वारा वहां खेती बंद कर दी गई और उन्हें उस भूमि को बंजर बना कर सौंपा गया। जब उन्होंने भूमि के मिट्टी का परीक्षण कराया तो उस मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन 0.54 आया, जिसे बंजार धरती माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी कि संतुलित रासायनिक खाद के द्वारा भूमि को 10-15 वर्षों में रिवर्स किया जा सकता है, परंतु आचार्य देवव्रत द्वारा प्रकृति के सिद्धांत का पालन करते हुए जीवामृत खाद का प्रयोग कर खेती की गई, जिसमें 2 वर्ष के अंतराल में ही मिट्टी में सभी उर्वरक तत्व प्राप्त हुए और बहुत अच्छी फसल भी प्राप्त हुई।
राज्यपाल ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ किसान आधुनिक खेती से कैसे तालमेल बैठाए और जैविक खेती को कैसे बढ़ावा दिया जा सके, यही उनकी चर्चा का मुख्य विषय था। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि कोई भी चीज अच्छी मिले तो उससे तत्काल जुड़े और अपनी विवेक का प्रयोग करें, इससे सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने किसान भाइयों से कहा कि लोकल गायों को घरों में स्थान दें, उनमें 300 से 500 करोड़ बैक्टीरिया बनाने की क्षमता होती है जो कि मिट्टी के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होती है। उन्होंने खेती में केंचुए के महत्व को बताया लोगों से अपील की कि फसल विविधता द्वारा वह पर्यावरण में भी योगदान दे सकते हैं, फसल विविधता से आच्छादन की स्थिति निर्मित होती है। आच्छादन से धरती का तापमान नहीं बढ़ता है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक खेती के माध्यम से धरती को जितना कम छेड़ेंगे हमारे लिए उठना बेहतर होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बंजर भूमि ना छोड़े इसके लिए आवश्यक है कि जो नियम जंगल में काम करता है, वही हमारे खेत में भी काम करें।
राज्यपाल ने कहा कि जैविक खेती के लाभ को समझाते हुए किसान भाइयों से अपील की कि वह अपना कदम इस ओर आगे बढ़ाएं-देश को आर्थिक मजबूती दे, वाटर रिचार्ज कर आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएं, देसी गाय को बचाएं, अपने परिवार को जहर मुक्त खेती और रसोई उपलब्ध कराकर उन्हें अस्पतालों से बचाएं और ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्या पर भी अपना योगदान दें। इस अवसर पर अनिल चौहान, प्रगतिशील किसान और आमजन उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों को किफायती दर पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने शुरू की गई
धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के दूसरे चरण में अब लोगों को दवाइयों के मूल्य में 72 प्रतिशत की छूट मिलेगी पहले चरण की दुकानों में अभी 62 प्रतिशत तक की छूट मिल रही थी।
रायपुर नगर निगम अंतर्गत सेवा प्रदाताओं की ओर से अधिकतम 72 प्रतिशत तक एमआरपी में छूट दिए जाने का प्रस्ताव शासन को मिला है। यह दर रायपुर नगर निगम को अभी तक प्राप्त दरों में सबसे अधिक है। योजना की बढ़ती लोकप्रियता के कारण नए मेडिकल स्टोरों के लिए न केवल बड़ी संख्या में सेवा प्रदाता आगे आ रहे हैं। बल्कि दवाओं के मूल्य में छूट को लेकर उनमें प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है।
धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के पहले चरण में रायपुर नगर निगम के अंतर्गत दो दुकानें खोली गई थी। जिनमें सेवा प्रदाताओं द्वारा 62 प्रतिशत तक छूट के साथ दवाईयां ग्राहकों को दी जा रही है। दूसरे चरण में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल, डॉ. भीम राव अंबेडकर अस्पताल के पास, केनाल रोड में जन सुविधा केन्द्र, आयुर्वेदिक कॉलेज के पास, रोहणीपुरम तालाब के पास, शीतला मंदिर बुढ़ातालाब के पास मेडिकल स्टोर्स के संचालन के लिए सेवा प्रदाताओं से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसमें पांच सेवा प्रदाताओ ने भाग लिया। नए प्रस्तावों के बाद उपभोक्ताओं को अब दवाओं की खरीदी में 10 प्रतिशत का और फायदा होगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीत अक्टूबर माह में इस योजना के तहत राज्य में 84 धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के साथ इस योजना का शुुभारंभ किया था। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना में आने वाले समय में प्रदेश के 169 शहरों में 188 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ किये जा रहे है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य रखी गई है। इसके अलावा वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार आदि का भी विक्रय का प्रावधान है। इन मेडिकल स्टोरों से मिलने वाली जेनेरिक दवाईयां सिपला, एलेम्बिक, रेनबैक्सी, केडिला, फाईजर जैसी 20 ब्रांडेड प्रतिष्ठित कंपनी की होंगी, जो सस्ती होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण भी है। इन मेडिकल स्टोर्स में दर्द और ज्वर नाशक, मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाई, महिलाओं के मासिक धर्म, गर्भावस्था की दवाई, एलर्जी, आंख, कान, नाक, गला रोग, हृदय रोग, सर्दी-खाँसी- बुखार, लोकल एवं जनरल अनेसथेसिया, थायराइड की दवाइयां, एंटीफंगल दवा, विटामिन की गोलियां एवं त्वचा संबंधी रोगों की दवाई उपलब्ध है।
रायपुर /शौर्यपथ/
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार सोमवार 29 नवम्बर को रायगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गुरू रूद्रकुमार पुलिस ग्राउंड हेलिपेड से दोपहर 12 बजे हेलिकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.50 बजे मिनी स्टेडियम रायगढ़ पहुचेंगे। वे वहां से दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट के पास ऑडिटोरियम पहुचेंगे और वहां आयोजित अखिल भारतीय सतनामी समाज सम्मेलन एवं गुरुदर्शन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात् मंत्री गुरू रूद्रकुमार हेलिकॉप्टर से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत वन मंडल महासमुंद के अंतर्गत छापामार कार्रवाई निरंतर जारी है। इस तारतम्य में आज 28 नवंबर को ग्राम बिजातीपाली तथा तिलाईपाली में विभागीय टीम द्वारा दो घरों में तलाशी कर लगभग एक लाख रूपए की कीमत के सागौन, खम्हार तथा शीशम लकड़ी के चिरान की जब्ती की गई है। इनमें 143 नग सागौन के चिरान, 26 नग खम्हार के चिरान तथा 4 नग शीशम लकड़ी के चिरान शामिल है।
गौरतलब है कि विगत 27 नवम्बर को वन मंडल महासमुंद के अंतर्गत ग्राम पोड़ापाली तथा बिजातीपाली में विभागीय टीम की छापामार कार्रवाई में लगभग 2 लाख 25 हजार रूपए की कीमत के सागौन चिरान तथा लट्ठा जब्त की गई है। मुख्य वन संरक्षक जे.आर. नायक के दिशा-निर्देशन तथा वन मण्डलाधिकारी महासमुंद पंकज राजपूत के मार्गदर्शन में उप-वनमंडलाधिकारी सरायपाली ए.के. विन्ध्यराज के कुशल नेतृत्व में टीम द्वारा आज दोनों ग्राम तिलाईपाली तथा बिजातीपाली के 2 अलग-अलग घरों में तलाशी ली गई। आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई जारी है। उक्त कार्रवाई में वन परिक्षेत्र सरायपाली के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी संतोष कुमार पैंकरा, श्री अनिल प्रधान, सतीश कुमार पटेल, योगेश्वर कर आदि विभागीय अमले का सराहनीय योगदान रहा
साहू समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए गृह एवं पर्यटन मंत्री
रायपुर /शौर्यपथ/
गृह, लोक निर्माण एवं पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू संतोषी नगर रायपुर के कर्मा धाम में आयोजित साहू समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मंत्री साहू ने इस तरह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि समाज द्वारा राजधानी में युवक-युवती परिचय सम्मेलन का बड़ा आयोजन कर सामाजिक एकता की न सिर्फ मिसाल दी जा रही है अपितु सामूहिक शादी का आयोजन कर अनावश्यक आडम्बर की प्रथा को भी दूर करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए साहू समाज प्रशंसा के पात्र है। उन्होंने कहा कि परिचय सम्मेलन में समाज के युवक-युवती अपना परिचय देकर अपनी पसंद का रिश्ता जोड़ सकते हैं। इस तरह के सम्मेलन का आयोजन होते ही रहने चाहिए। इससे सामाजिक स्तर पर एकजुटता और पहचान बनने के साथ सामाजिक स्तर पर मजबूत रिश्तें भी बनते हैं।
मंत्री साहू ने आगे कहा कि बहुत से युवा साथी नौकरी या सेटल होने के चक्कर में समय पर विवाह नहीं कर पाते। वर्तमान दौर में सरकारी नौकरी सभी को मिल पाना संभव नहीं है। सरकारी नौकरी के चक्कर में विवाह को टालना अपने पारिवारिक जिम्मेदारी को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने कहा कि जीवन-यापन के बहुत विकल्प है। समाज के युवाओं को व्यापार एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपना कदम बढ़ाना होगा। व्यापार और स्वरोजगार के साथ निजी क्षेत्र में नौकरी करके एक सुखद पारिवारिक जिम्मेदारी का निर्वहन आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज उत्थान में वे और उनके साथी वर्षों से जुड़े हुए हैं। समाज को आगे बढ़ाने में सभी की सहभागिता जरूरी है। मंत्री श्री साहू ने कहा कि गरीब और प्रतिभाशाली बच्चों को शिक्षा सहित रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ जरूरतमंद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाकर स्थापित करने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे लोगों की सहायता के लिए कर्मा कोठी की स्थापना करने और सबकों इसमें सहयोग करने की अपील की। मंत्री साहू ने कर्मा कोठी के लिए अपनी ओर से एक लाख रूपए की राशि देने की घोषणा भी की।
सम्मेलन में मंत्री साहू ने समाज में अपनी पहचान स्थापित करने वाले लोगों और व्यापार से जुड़कर आत्मनिर्भर की राह में आगे बढ़ने वालों को सम्मानित किया और स्टॉल का अवलोकन भी किया। इस दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, छग दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष विपिन साहू, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष संदीप साहू, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू, समाज के मोतीलाल साहू, याद राम साहू, मेघराज साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
जाने पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमान तल पर माता जिजाऊ ग्रुप की महिलाओं और अन्य नागरिकों द्वारा भरपूर उत्साह के साथ स्वागत-अभिनन्दन किया गया। आज शाम मुख्यमंत्री बघेल के विमान तल पर आगमन होते ही महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें उक्त पुरस्कार से नवाजे जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
महात्मा फुले समता पुरस्कार से नवाजे जाने पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमान तल पर माता जिजाऊ ग्रुप की महिलाओं और अन्य नागरिकों द्वारा भरपूर उत्साह के साथ स्वागत-अभिनन्दन किया गया। आज शाम मुख्यमंत्री बघेल के विमान तल पर आगमन होते ही महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें उक्त पुरस्कार से नवाजे जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ज्योतिबा फुले जी ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, छत्तीसगढ़ की सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है। यह सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान है। इस अवसर पर रायपुर नगरपालिक निगम के सभापति प्रमोद दुबे, राकेश धोतरे, दिशा धोतरे सहित माता जिजाऊ ग्रुप की अनेक महिलाएं उपस्थित थीं।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों एवं भाषाविदों के सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति, हमारी अस्मिता और पहचान है। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे अपनी इसी अस्मिता और पहचान को बनाए रखने की ललक थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन सालो में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और भाषा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है, इसमें छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों और भाषाविदों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी राजभाषा के 19 साहित्यकारों-भाषाविदों को राज गमछा और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया और उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी। सम्मान समारोह की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद भी छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को बचाएं रखने के लिए जैसा काम होना चाहिए था, वैसा काम नहीं हो पाया था। छत्तीसगढ़ी राजभाषा जरूर बन गई, लेकिन छत्तीसगढ़ी बोलने और लिखने को लेकर हिचक दूर नहीं हुई थी। बीते तीन सालों में स्थिति बदली है, अब मंत्रालय से लेकर बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बोली जाने लगी है। वर्ष 2019 में अरपा-पैरी के धार... हमारा राजगीत बना। स्कूलों में अब छत्तीसगढ़ी एवं स्थानीय बोलियों में पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के गौरव को पुनः स्थापित करने का काम किया है। छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारों पर अवकाश देकर हमनें लोगों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति को लेकर आत्म गौरव को जगाया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को इस मौके पर साहित्यकारों एवं भाषाविदों ने महात्मा फुले समता पुरस्कार से सम्मानित होने की गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मिला महात्मा फुले समता पुरस्कार वास्तव में छत्तीसगढ़ का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महात्मा ज्योतिबा फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के वंचितों, पीड़ितो और तिरस्कृत लोगों को जीवन की राह दिखाई और उन्हें समाज में सम्मान दिलाया। महात्मा फुले आजीवन समाज में समानता की स्थापना के लिए कार्य किये। वह महान समाज सुधारक थे। ऐसे महापुरूष के नाम पर उन्हें सम्मान मिलना, छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है।
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़िया लोगों के स्वाभिमान को जगाया है। हमारी भाषा, संस्कृति एवं परम्परा को मुख्यमंत्री के प्रयासों से एक नई पहचान मिली है। उन्होंने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ की फिल्म नीति बनी है। कलाकारों को आगे बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत छत्तीसगढ़ी फिल्मो के लिए क्रमशः एक करोड़ और 5 करोड़ रूपए के पुरस्कार का प्रावधान किया गया है। संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. ने कहा कि आज राजभाषा दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ी भाषा को आगे बढ़ाने के संबंध में साहित्यकारों एवं भाषाविदों ने गहन विचार-विमर्श किये।
इस मौके पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बिहारी लाल साहू, हर प्रसाद निडर, डॉ. अनुसुईया अग्रवाल, डॉ. सुरेश देशमुख, पुनूराम साहू, अरूण निगम, डॉ. कुसुम माधुरी टोप्पो, गिरवरदास मानिकपुरी, रमेश विश्वहार, बंधु राजेश्वर खरे, श्याम वर्मा, गुलाल वर्मा, डॉ. दीनदयाल साहू , संदीप अखिल, नवीन देवांगन , लता राठौर, डॉ. सुधीर पाठक, जयमति कश्यप और तृप्ति सोनी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार श्री विजय मिश्रा ने किया । इस अवसर पर संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव अनिल भतपहरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि उन्होंने तीन कृषि कानून वापस लेने में देरी लगाई है. एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में भगवंत मान ने कहा कि हमने पहले दिन से कहा था. ये मौत के बारे में है. इसमें संशोधन नहीं हो सकता है. ये सिर्फ वापस लिए जा सकते हैं. एक साल लगा दिए प्रधानमंत्री ने कानून वापस लेने में. उन्होंने आगे कहा कि 750 किसानों की इस आंदोलन में जान चली गई. हम मांग करेंगे सबसे पहले इनको श्रद्धांजलि दी जाए. एक साल के दौरान किसानों को देशद्रोही, माओवादी, मवाली और गुंडा सब कहा गया. उसके लिए सरकार माफी मांगे और इसके बाद बिल वापस लें.
शुरू से ही कृषि कानूनों का विरोध करने वालों भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो माफी मांगी है. वो शायद किसानों से नहीं मांगी है. वो उद्योगपतियों से मांगी है कि मुझसे गलती हो गई मैं माफी मांगता हूं. मुझसे ये कानून लागू नहीं हो पाए. एक साल में किसानों का जो नुकसान हुआ चाहे जान का या माल का. सरकार उनको मुआवजा दे. MSP गारंटी कानून संभव है और सरकार ने कोई पूरा अनाज नहीं खरीदना होता है. वहीं लखीमपुर खीरी की घटना पर उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषी मंत्री को बर्खास्त किया जाए.
पंजाब में आप पार्टी की ओर से किसे सीएम पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा, इस सवाल पर भगवंत मान ने कहा कि हर पार्टी की अपनी-अपनी रणनीति होती है. AAP पार्टी कांग्रेस, बीजेपी और दूसरी पार्टियों से पहले सीएम कैंडिडेट के नाम की घोषिणा करेगी.
कृषि कानूनों को वापस लेने में कथित देर और किसानों से जुड़े मसले पर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के बाहर प्रदर्शन किया. इस अवसर पर पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी विशेष रूप से मौजूद रहे.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी, केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं. कृषि कानूनों को वापस लेने में कथित देर और किसानों से जुड़े मसले पर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के बाहर प्रदर्शन किया. इस अवसर पर पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी विशेष रूप से मौजूद रहे.गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को संसद में पेश किए जाने से पहले, सोमवार को ट्वीट किया, इसमें उन्होंने लिखा, ' आज संसद में अन्नदाता के नाम का सूरज उगाना है.' राहुल ने इस ट्वीट में लिखा, ‘‘आज संसद में अन्नदाता के नाम का सूरज उगाना है.' गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ है और आज ही कृषि कानून निरसन विधेयक-2021 को लोकसभा में विचार किये जाने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की घोषणा के बाद इसके लिए एक विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की थी.
Sooryavanshi Box Office Collection Day 24: अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ और रोहित शेट्टी की 'सूर्यवंशी' ने फिर मचाया बॉक्स ऑफिस पर धमाल
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
Sooryavanshi Box Office Collection Day 24: अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ और रोहित शेट्टी की 'सूर्यवंशी' (Sooryavanshi) ने बॉक्स ऑफिस पर फिर से रंग जमाना शुरू कर दिया है. फिल्म की रिलीज को भले ही 24 दिन बीत गए हों, लेकिन इसकी कमाई में कोई फर्क नहीं आया है. तरण आदर्श के ट्वीट के मुताबिक फिल्म ने बीते शनिवार को 1.43 करोड़ की कमाई की थी. इस लिहाज से फिल्म ने रविवार को भी डेढ़ करोड़ तक बिजनेस किया होगा. वीकेंड आते ही अक्षय की फिल्म ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है.
अक्षय कुमार की 'सूर्यवंशी' (Sooryavanshi) ने 24वें दिन यानी रविवार को डेढ़ करोड़ की कमााई की होगी ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है. इस लिहाज से फिल्म ने अब तक 188 करोड़ से ऊपर की कमाई कर ली है. गौरतलब है कि बीते 5 नवंबर को दिवाली के मौके पर 'सूर्यवंशी' ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी.'सूर्यवंशी' देशभर में 4000 से ज्यादा स्क्रीन पर रिलीज हुई है, जबकि वर्ल्डवाइड इसे 5200 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है.
'सूर्यवंशी' (Sooryavanshi) की कहानी अक्षय कुमार यानी डीसीपी वीर सूर्यवंशी की है, जो अपनी धुन का पक्का है और वह आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ रहा है. इसी जंग के दौरान उसे एक बड़ी साजिश का पता चलता है और वह देश और मुंबई को बचाने के लिए निकल पड़ता है. उसके इस काम में साथ देते हैं सिंघम अजय देवगन और सिम्बा रणवीर सिंह. इस तरह फिल्म में एक्शन, ड्रामा और उड़ती हुई गाड़ियों के साथ हेलीकॉप्टर पर भी एक्शन सीन नजर आते हैं. रोहित शेट्टी की फिल्म की खासियत होती है ढेर सारे कैरेक्टर और वह सूर्यवंशी में भी हैं.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
