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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
क्रिकेट प्रतियोगिता के शुभारंभ में पहुंचे जिला उपाध्यक्ष संजय सोनवानी । मुंगेली शौर्यपथ// राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता 2021 रॉयल्स इलेवन क्रिकेट क्लब फरहदा द्वारा आयोजित जिसके उदधाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री संजय सोनवानी (जनपद सदस्य पदमपुर एवं उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली) जी ने रिबन काट कर शुभारंभ किया इस अवसर पर श्रीमती उषा भरत सोनवानी (सरपंच), श्री दिलीप साहू (उपसरपंच), अजय बंजारे (पांच), श्री राजेश साहू, श्री नानक कश्यप, श्री दयाराम साहू, डॉ. फागू सोनवानी, श्री सुरेंद्र सिंह मरकाम (पोस्ट मास्टर फरहदा), श्री मालिक राम साहू, एवं रॉयल्स इलेवन क्रिकेट क्लब फरहदा के अनिल कुमार साहू ( अध्यक्ष ),डॉ. जलेश्वर साहू ( उपाध्यक्ष), श्री शत्रुहन साहू (सचिव), श्री रितेश साहू (सहसचिव), श्री शानू द्विवेदी ( कोषाध्यक्ष), श्री गगन कुमार साहू ( उपकोषाध्यक्ष) एवं समस्त खिलाड़ी गण उपस्थित रहे ।
मुंगेली शौर्यपथ// राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिये छत्तीसगढ़ के सरकार ने दिये निदैश आज दिनाँक 01/12/2021 दिन बुधवार को ग्राम पंचायत फरहदा के धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ पर क्षेत्रीय जनपद सदस्य प्रतिनिधि श्री संजय सोनवानी जी किसानों का धान तौल कर धान खरीदी प्रारंभ किया । किसानो से अपील करते हुये काहा की किसान अपने धान खरीदी केन्द्र जाकर टोकन लेकर धान बेचे और बरदाना की राशी 25 रूपये किसानों को सरकार ने दिये । निदैश दिये है यह सभी जानकारी आसपास से किसानों को दिये उपाध्यक्ष ने दिये जानकारी । श्री अनिल कुमार साहू ( पूर्व सरपंच ), श्री भरत सोनवानी (सरपंच), श्री दिलीप साहू (उपसरपंच), श्री राजेश साहू, श्री नानक कश्यप, श्री अजय बंजारे, श्री शत्रुहान साहू, श्री नरेंद्र साहू, अशोक सोनवानी, धरमलाल पोर्ते, ( कृषि विस्तार अधिकारी) एवं किसान जन उपस्थित रहे ।
रायपुर/ शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस की महिला सांसद फूलोदेवी नेताम और छाया वर्मा सहित अन्य सभी राज्यसभा सांसदों का शीत कालीन सत्र से निलंबन बिना शर्त वापस लेने की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि सांसदों के निलंबन समाप्ति के लिये माफी मांगने की शर्त अलोकतांत्रिक है। सांसद किस बात की माफी मांगें? लोकतंत्र के मंदिर में जनता के हित में आवाज उठाना कोई गुनाह नहीं है। माफी मांगने की शर्त पर सांसदों का निलंबन वापस लेने संबंधी बात लोकतंत्र की आवाज को दबाना है कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रही है और उठाती रहेगी। लोकतंत्र का गला घोंटने, जनता की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस डटकर मुकाबला करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आसंदी से उम्मीद की जाती है कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए विपक्ष को संरक्षण दे लेकिन राज्यसभा में जो हुआ, उसने जाहिर कर दिया कि सरकार के दबाव में विपक्ष को आवाज़ उठाने से रोका जा रहा है। लोकतंत्र की मूल भावना को खूंटी पर टांगकर सरकार के इशारे पर कंग्रेस सहित विपक्ष के सांसदों का निलंबन किया गया है और अब सरकार के अहंकार की तुष्टि के लिए हमारे सांसदों से माफी मांगने कहा जा रहा है। मोदी सरकार यह जान ले कि उसका अहंकार उसे ही ले डूबेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ से भाजपा के सभी सांसदों को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनमें छत्तीसगढ़ की मातृ शक्ति के प्रति जरा भी सम्मान है, छत्तीसगढिय़ा होने का स्वाभिमान है और थोड़ी सी भी गैरत बाकी रह गई है तो छत्तीसगढ़ की दो बेटियों के साथ राज्यसभा में हुए अन्याय का प्रतिकार करने की हिम्मत दिखाएं औऱ मोदी सरकार के एजेंट जैसी भूमिका प्रदर्शित करने वाली व्यवस्था का विरोध करते हुए फूलोदेवी नेताम और छाया वर्मा के निलंबन की बिना शर्त वापसी की मांग का समर्थन करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ महतारी की संतानें उन्हें सबक सिखाने तैयार हैं।
दुर्ग-जामुल / शौर्यपथ /
जिले के चार नगरीय निकायो में हो रहे चुनाव में जामुल नगर पालिका में जीतने योग्य प्रत्याशियों के लिए कांग्रेस व भाजपा के नेताओं ने अपने अपने क्षेत्र में प्रत्याशियों की नब्ज टटोल रहे हैं। इसी कड़ी में जामुल नगर पालिका के चुनाव प्रभारी के रूप में पहुंचे लाभचंद बाफना, सुरेंद्र पाटनी और नीलू शर्मा ने जामुल के 20 वार्डों के 70 आवेदनकर्ताओं से सीधे तौर पर रूबरू हुए। इस संबंध में तीनों नेताओं ने हमारे प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए कहा कि इस बार जामुल में भाजपा का अध्यक्ष होगा। भाजपा के जीत के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं के पास जीत के लिए पर्याप्त आधार है ।
पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना ने कहा कि हम सब यह चुनाव कांग्रेस पार्टी के 3 वर्ष की नाकामी व पिछले 15 वर्ष में डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के दम पर लड़ रहे हैं जनता ने अपना मूल्यांकन शुरू कर दिया है। उन्होंने डॉ रमन सिंह के कार्यों को भी करीब से देखा है रमन सिंह के द्वारा कराए गए विकास कार्य के बाद इस राज्य सरकार में एक भी नया काम और विकास कार्य नहीं दिख रहा है। संगठन जीतने योग्य प्रत्याशियों को ही टिकट देगा। वहीं सुरेन्द्र पाटनी ने कहा कि संगठन ने आंतरिक सर्वे भी पूर्व में कराया है जिसमें हर वार्ड से तीन से चार दावेदारों के नाम सामने आए हैं क्योंकि हम अभी भी विपक्ष में है फिर भी पूरे दमखम के साथ हम चुनाव लड़ रहे हैं पिछले कार्यकाल में भाजपा के 11 प्रत्याशी जीते थे।
वार्डों में बेहतर पकड़ रखने वाले वह जीतने वाले प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा। बड़े नेताओं का भी पूरा सहयोग व आशीर्वाद रहेगा राज्य सरकार ने जो अपने घोषणा पत्र में जो वादे किए वह पूरी तरह से फेल है मूलभूत सुविधाएं जनता को नहीं मिल पा रही है । सरकार इतना डर गई है चुनाव भी अप्रत्यक्ष प्रणाली से करा रही है । जामुल में सभी पार्षद जीते सभी नेता उन्हें जिताने में लगे हुए हैं। अध्यक्ष पद का चयन पार्षद दल आरक्षण के आधार पर तय करेगा।
तत्कालीन अध्यक्ष रेख राम बंछोर अच्छे प्रत्याशी व भाजपा के नेता है पूर्व में पालिका अध्यक्ष भी रह चुके हैं एक बार उन्हें हार का भी सामना करना पड़ा लेकिन कभी समीकरण जीत और हार के बन जाते हैं । इससे निराश होने की आवश्यकता नहीं।
वहीं निलु शर्मा ने कहा कि इस बार का पालिका चुनाव पूरी एकजुटता के साथ कांग्रेस की नाकामी के खिलाफ हम लड़ रहे हैं शहरी मतदाता सब देख रहा है और भाजपा के 15 वर्ष के कार्यकाल को भी देखा समझा है। हम जनता से वोट की अपील करेंगे कि वे भाजपा के प्रत्याशी को अपना वोट दें भाजपा के केडर बेस पार्टी है। प्रत्याशियों का चयन मैं पूरी सावधानी बरती जा रही है । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों को भी जनता के बीच ले जाकर वोट की मांग हम करेंगे।
पेंच के कारण चार वार्डोँ के उम्मीदवारों की नही हुई है घोषणा, इन वार्डोँ के लिए चल रहा है मंथन
आधे से अधिक सरोज पाण्डेय के समर्थकों को मिला टिकिट
रिसाली निगम / शौर्यपथ /
एक ओर जहां कांग्रेस ने कल जामुल नगर पालिका के प्रत्याशियों की सूची जारी की वही बुधवार को देर शाम भारतीय जनता पार्टी नें नगर पालिक निगम रिसाली के पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। जिसमें आधे से अधिक राज्य सभा सांसद सरेाज पाण्डेय के समर्थकों को टिकिट दिया गया है। भाजपा ने आज कुल 36 वार्डो के प्रत्याशियों की घोषणा की है लेकिन पेंच के कारण 4 वार्ड क्रमांक 12, वार्ड 22 एवं 23 और वार्ड 27 के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा रोक कर रखे हुए है।
जिले के जामुल, भिलाई, चरोदा के साथ ही रिसाली के बचे 4 वार्डोँ के प्रत्याशियों पर मंथन चल रहा है। सूची के अनुसार रिसली निगम के लिए पहली बार हो रहे चुनाव को देखते हुए कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है।
भाजपा ने इन पर जताया विश्वास और दिया टिकिट
भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार वार्ड 1 ताल पुरी से संजय धवस, वार्ड दो रूआबांधा उत्तर से जग्गू यादव, वार्ड 3 रूआबांधा से अंजू यादव, वार्ड 4 रूआबांधा पूर्व से सीमा यादव, वार्ड 5 से माया यादव, वार्ड 6 से प्रीति चंद्राकर वार्ड 7 से सुरेंद्र कुमार ठाकुर, वार्ड 8 से कालूराम धुर्वे, वार्ड 9 से चंद्र किरण मिश्रा, वार्ड 10 से फुलेश्वरी ठाकुर, वार्ड 11 से उजियार सिंह पवार, वार्ड 13 से रामकृष्ण यादव, वार्ड 14 से रामेश्वरी देशमुख, वार्ड 15 से बालमुकुंद साहू, वार्ड 16 से नरेंद्र गोडसे व वार्ड 17 से गजेंद्र कोठारी को टिकट दिया गया है।
इसी तरह वार्ड 18 से श्रीमती चंदाबाई शर्मा, वार्ड 19 से संतोष साहू, वार्ड 20 से अनिल राय, वार्ड 21 से ममता सिन्हा, वार्ड 24 से प्रताप सिंह, वार्ड 25 से मनीष यादव, वार्ड 26 से संध्या अचार्य, वार्ड 28 से सोमनाथ पहाड़, वार्ड 29 से भूपेंद्र दास, वार्ड 30 से ममता, वार्ड 31 से शैलेंद्र साहू, वार्ड 32 से गोकर्ण मांडले, वार्ड 33 से भागवत बुंदेला, वार्ड 34 से लक्ष्मीचंद्र डहरे, वार्ड 35 से खिलेंद्र चंद्राकर, वार्ड 36 से दुर्गेश साहू, वार्ड 37 से हरीश नायक, वार्ड 38 से चंदा बारिक, वार्ड 39 से ओमप्रकाश व वार्ड 40 से ममता मोहनराव को मौका दिया गया है।
कल नामांकन का अंतिम दिन, कांग्रेस ने जामुल और भाजपा ने की रिसाली के ही प्रत्याशियों की घोषणा
जिन्हें टिकिट मिलना है दोनो ही पार्टी के बड़े नेता अपने उन समर्थकों को नामांकन भरने कर दिया है ईशारा
पार्टी प्रत्याशी नहीं बनाने पर निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी में कईं दावेदार
अनेक वार्ड में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बिगाड़ेगी जीत का समीकरण
दुर्ग / शौर्यपथ /
प्रदेश सहित जिले के तीनों निकायो के लिए 3 दिसंबर को नामांकन का अंतिम है। समाचार लिखे जाने तक केवल कांग्रेस द्वारा जामुल के प्रत्याशियों की और भाजपा द्वारा रिसाली निगम की घोषणा की गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनो ही पार्टियों द्वारा बुधवार को देर रात तक कुछ प्रत्याशियों की सूची जारी करने की जानकारी मिल रही है। लेकिन सूत्रों की माने तो भाजपा और कांग्रेस दोनो ही पार्टियां बगावत के डर से प्रत्याशियों की सूची जारी करने में विलंब की है। हालांकि यह करीब करीब फायनल हो चुका है कि किस किसको कहां से टिकिट दिया जाना है। इसी आधार पर दोनो पार्टियों के बड़े नेताओं ने अपने अपने उन समर्थकों को पहले से ही नामंाकन भरने का इशारा कर दिया है।
कुछ प्रत्याशियों की घोषणा दोनो ही पार्टियां बुधवार से लेकर गुरूवार 2 दिसंबर की देर रात और शेष की घोषणा नामंाकन के अंतिम दिन 3 दिसंबर को पहले पहर तक प्रत्याशियों की घोषणा कर सकती है।
टिकिट की घोषणा होने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा को अपनों के बगावत की बवंडर का सामना करना पड़ सकता है। पार्टी से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने की स्थिति में कईं दावेदार चुनाव मैदान में निर्दलीय ताल ठोकने की तैयारी पहले से ही करके रखे है। टिकट के लिए अनेक वार्ड में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति से राष्ट्रीय पार्टियों के जीत का समीकरण बिगडऩे की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
कांग्रेस और भाजपा में भिलाई, रिसाली व भिलाई-चरोदा नगर निगम चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन को लेकर लगातार मंत्रणा जारी है। जिले के जामुल नगर पालिका के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा मंगलवार को कर दिया है। वही बुधवार को देर शाम भाजपा ने रिसाली निगम क्षेत्र के 40 में से 36 वार्ड के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है जबकि 4 वार्डोँ में पेंच फंसने के कारण अभी रोक कर रही है। बचे हुए तीनों नगर निगम के लिए आज शाम तक कांग्रेस के साथ ही भाजपा के भी प्रत्याशियों की घोषणा संभावित है। इस दौरान जिस तरह की परिस्थिति नजर आ रही है उसे देखते हुए प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही दोनों राष्ट्रीय पार्टी को टिकट से वंचित अपने दावेदारों के बागी तेवर का सामना करना पड़ेगा।
नगर निगम भिलाई सहित रिसाली और भिलाई-चरोदा में कुछ ऐसे वार्ड है जहां टिकट के लिए कांग्रेस व भाजपा में घमासान मची हुई है। ऐसे वार्ड में एक को टिकट मिलने से बाकी के दावेदारों में नाराजगी उभरना स्वाभाविक है। संकेत है कि टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस और भाजपा के कईं दावेदार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं। यह स्थिति कांग्रेस और भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है। इससे जीत का समीकरण बिगडऩे की संभावना से राजनीति के जानकार इंकार नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब रहे कि दुर्ग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला है। ऐसे में यहां के जिन चार निकाय में चुनाव हो रहे हैं। उनमें कांग्रेस के प्रत्याशी चयन में मुख्यमंत्री के पसंद-नापसंद के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा रिसाली निगम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई-चरोदा नगर निगम में पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार और भिलाई नगर निगम में विधायक व पूर्व महापौर देवेन्द्र यादव की सहमति भी अहम मानी जा रही है। इसी तरह भाजपा में सुश्री सरोज पाण्डेय समर्थित संगठन खेमा और सांसद विजय बघेल सहित पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय व विधायक विद्या रतन भसीन की तिकड़ी में अपने समर्थकों को टिकट दिलाने की चल रही रस्साकशी आगे चलकर बगावत के बवंडर के रूप में सामने आ सकती है।
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा (Deepender Singh Hooda)ने विरोध-प्रदर्शन (Farmers Protest) के दौरान किसानों की मौत का कोई डेटा नहीं संबंधी बयान के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. हुड्डा ने सवाल किया कि क्या ये बात सरकार सच्चे और शुद्ध मन से कह रही है? उन्होंने कहा, 'अगर सरकार के पास किसान आंदोलन में जान की कुर्बानी देने वाले करीब 700 किसानों का आंकड़ा नहीं है तो मैं सरकार को ये आंकड़ा देने को तैयार हूं. सरकार सभी दिवंगत किसानों को श्रद्धांजलि दे और किसान परिवारों को मुआवजा व नौकरी दे. '
बातचीत में दीपेंद्र ने कहा, 'इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कोई जवाब नहीं हो सकता. सरकार चाहे तो मैं खुद यह लिस्ट सरकार को दे सकता हूं. यह लिस्ट संयुक्त किसान मोर्चा ने भी जारी की है. तमाम प्रदेशों में ऐसे लोग हैं जिन्होंने इस लिस्ट को लेकर लोगों को मदद पहुंचाने का काम किया है.हरियाणा में हुड्डा साहब के नेतृत्व में कांग्रेस विधायी दल ने लोगों को सहायता राशि पहुंचाई है. मैं खुद इन लोगों के घर गया हूं. पंजाब सरकार की ओर से भी ऐसी मदद की गई है. सरकार चाहे तो तमाम प्रदेश सरकारों से यह लिस्ट ले सकती है. समस्या यह है कि सरकार की इनकी मदद करने की नीयत नहीं है. न तो ये स्वीकारना चाहते हैं कि इतने लोगों की जान गई और न ही उनको मान्यता देना चाहते हैं लेकिन किसानों की कुर्बानी को हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे.'
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से संसद में कहा गया है कि उसके पास किसान आंदोलनके दौरान मरने वाले किसानों और उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी नहीं है. ऐसे में किसी को वित्तीय सहायता यानी मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) में एक सवाल के जवाब में लोकसभा में ये लिखित जवाब दिया.संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार के पास आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई आंकड़ा है और क्या सरकार उनके परिजनों को वित्तीय सहायता देने की सोच रही है? इसके जवाब में कृषि मंत्री का ये जवाब आया है. मंत्री ने ये सदन को ये भी बताया कि केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 राउंड की बातचीत की थी लेकिन बात नहीं बनी.
19 नवंबर को प्रधानमंत्री ने कहा था, "देश से माफी मांगते हुए मैं सच्चे और शुद्ध मन से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या (समर्पण) में कुछ कमी थी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को सच्चाई नहीं समझा सके." उन्होंने तब प्रदर्शनकारी किसानों से घर लौटने की अपील भी की थी.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
केंद्र सरकार ने कहा है कि उसके पास किसान आंदोलन (Farmers Protest) के दौरान मरने वाले किसानों और उनके ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की जानकारी नहीं है. ऐसे में किसी को वित्तीय सहायता यानी मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठता है. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) में एक सवाल के जवाब में लोकसभा में ये लिखित जवाब दिया है.
संसद में सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार के पास आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों का कोई आंकड़ा है और क्या सरकार उनके परिजनों को वित्तीय सहायता देने की सोच रही है? इसके जवाब में कृषि मंत्री का ये जवाब आया है. मंत्री ने ये सदन को ये भी बताया कि केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 राउंड की बातचीत की थी लेकिन बात नहीं बनी.
उधर, किसान संगठनों का दावा है कि आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई है. बता दें कि 11 दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में तीनों कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान किया था और किसानों से इसके लिए माफी मांगी थी.
19 नवंबर को प्रधानमंत्री ने कहा था, "देश से माफी मांगते हुए मैं सच्चे और शुद्ध मन से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या (समर्पण) में कुछ कमी थी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को सच्चाई नहीं समझा सके." उन्होंने तब प्रदर्शनकारी किसानों से घर लौटने की अपील भी की थी.
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य कुलवंत सिंह ने कहा कि पंजाब के ज्यादातर किसान संगठन चाहते हैं कि दिल्ली की सीमाओं से किसानों को लौटना चाहिए .
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
तीनों कृषि कानून ( FARM LAWS) रद्द होने के बाद दिल्ली की सीमाओं से जाने के मामले पर किसान संगठनों में दो अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं. ज्यादातर किसान संगठन चाहते हैं कि दिल्ली की सीमाओं से किसानों को लौट जाना चाहिए. MSP की गारंटी को लेकर अपने राज्यों में जाकर आंदोलन करना चाहिए. इस संबंध में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि सरकार ने तीनों कृषि कानून रद्द कर दिए हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि आंदोलन का स्वरूप बदला जाए. ज्यादातर पंजाब के किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं से जाना चाहते हैं. हम सब लोगों को एकमत में लाने की कोशिश कर रहे हैं. हम 4 तारीख की बैठक में दिल्ली की सीमाओं से जाने के लिए एकमत फैसला लाने की कोशिश करेंगे. कुलवंत सिंह ने कहा कि हम जब भी उठेंगे, साथ में ही उठेंगे. उन्होंने कहा कि अब कुछ ही किसान संगठन हैं, जो रूकना चाहते हैं.
बता दें कि कुलवंत सिंह संधू का बयान तब आया है, जब किसान नेता राकेश टिकैत अभी भी आंदोलन पर अड़े हुए हैं. राकेश टिकैत ने हाल ही में कहा था कि उनके पास और भी कई मुद्दे हैं. इसके आगे MSP का मुद्दा है, फसलों के वाजिब दाम का मुद्दा है. 10 साल पुराने ट्रैक्टर का मुद्दा है और सीड बिल का मुद्दा है. राकेश टिकैत ने कहा था कि हमें वो सरकार मिल नहीं रही है, जिससे बैठकर बात की जाए. सरकार ने हमको बातचीत के लिए एप्रोच नहीं किया है.
राकेश टिकैत ने कहा था कि अभी फिलहाल मामला नहीं सुलझा है. सरकार मीडिया वालों से बात कर रही है. तो फिर मीडिया वाले ही आंदोलन वापस ले लें. हमे सरकार ने कुछ नहीं कहा है. सरकार हमसे बात करे.आंदोलन के दौरान जो मुकदमे हुए उनको वापस लेने के बारे में कौन बात करेगा? राकेश टिकैत ने सरकार पर मामलों को उलझाने का आरोप भी लगाया था.
LPG Cylinder Price Hike : LPG यानी Liquefied petroleum gas सिलिंडर की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. शुक्र की बात बस इतनी है कि इस बार घरेलू गैस सिलिंडर के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. मार पड़ी है कॉमर्शियल गैस सिलिंडर इस्तेमाल करने वालों पर.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
LPG Cylinder Price : देश में पेट्रोलियम उत्पादों के दामों पर कोई लगाम नहीं है. LPG यानी Liquefied petroleum gas सिलिंडर की कीमतें बढ़ा दी गई हैं. शुक्र की बात बस इतनी है कि इस बार घरेलू गैस सिलिंडर के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं. मार पड़ी है कॉमर्शियल गैस सिलिंडर इस्तेमाल करने वालों पर. 1 दिसंबर से कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की कीमतों में 100.50 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि हो गई है. इसके बाद अब राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम का एक LPG गैस सिलिंडर 2,101 रुपये में मिलेगा. अब तक एक गैस सिलिंडर की कीमत 2,000.50 रुपये चल रही थी. इसके पहले 1 नवंबर को कीमतों में 266.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
मुंबई में 19 किलो का कॉमर्शियल गैस सिलिंडर अब 1,950 रुपये से महंगा होकर 2,051 रुपये में मिलेगा. कोलकाता में कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर का रेट 2,177 रुपये में हो गया है. वहीं, चेन्नई में एक कॉमर्शियल सिलिंडर 2,234.50 रुपये का हो गया है.
देश में कुकिंग गैस सिलिंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं. इसके पहले सब्सिडी वाले गैस सहित सभी कैटेगरी वाले गैस सिलिंडरों की कीमत में 6 अक्टूबर, 2021 को 15-15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. उसके पहले 1 अक्टूबर को ही सब्सिडी और नॉन-सब्सिडी वाले गैस सिलिंडरों की कीमत 25 रुपये तक बढ़ाई गई थी.
अगर घरेलू गैस सिलिंडर के दामों की बात करें तो गैर-सब्सिडाइज़्ड 14.2 किलोग्राम के एक सिलिंडर की कीमत दिल्ली मे ं899.50 रुपये प्रति सिलिंडर चल रही है.
बता दें कि सरकार देश में हर घर को एक साल में सब्सिडी के तहत 14.2 किलोग्राम क 12 एलपीजी सिलिंडर देती है. इन 12 रीफिलंग पर सब्सिडी का अमाउंट हर महीने अलग-अलग हो सकता है. हर महीने एलपीजी के दामों में संशोधन किया जाता है.
अखिलेश ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘हम सब परिवार वाले लोग हैं, इसलिए जानते हैं कि अगर किसी मजदूर या किसान की जान चली गई तो उसके परिवार का क्या हाल होगा? '
बांदा (उत्तर प्रदेश)/शौर्यपथ/
UP Assembly polls 2022: परिवारवाद के आरोप को लेकर अक्सर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर रहने वाले समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बुधवार को पलटवार करते हुए कहा कि जिनके पास परिवार नहीं है, वे जनता का दर्द नहीं समझ सकते.अखिलेश ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बांदा में एक जनसभा में किसानों की आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन किसानों के परिवार की सिर्फ सपा ने ही मदद की है.उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘हम सब परिवार वाले लोग हैं, इसलिए जानते हैं कि अगर किसी मजदूर या किसान की जान चली गई तो उसके परिवार का क्या हाल होगा? अगर किसी परिवार के सामने संकट आया, तो हम खड़े हुए. परिवार वाले ही परिवार वालों का दुख दर्द समझ सकते हैं. जिनके पास परिवार नहीं है, वे आपकी परवाह नहीं करेंगे.''उन्होंने आरोप लगाया कि बांदा में शराब के नशे में एक गरीब को मार दिया गया, लेकिन राज्य सरकार ने पीड़ित के परिवार की कोई मदद नहीं की. सिर्फ समाजवादी पार्टी के लोगों ने ही उनकी सहायता की.
अखिलेश ने राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि दमदार सरकार चलाने का दावा करने वाले लोग झूठ बहुत ‘दमदार' बोलते हैं. बीजेपी ने शिक्षामित्रों से नौकरी का वादा किया था, लेकिन अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में इस पार्टी ने नौजवानों के नौकरी के सपने को ही खत्म कर दिया.उन्होंने कहा, ‘‘अब सुनने में आया है कि मुख्यमंत्री नौजवानों को स्मार्टफोन और टैबलेट देंगे. जो लैपटॉप नहीं चला सकता, वह आपको लैपटॉप नहीं दे सकता. क्या मुख्यमंत्री योगी लैपटॉप चला सकते हैं? अब तो सुनने में आया है कि वह स्मार्ट फोन भी नहीं चला सकते. अगर चला सकते होते तो हमारे नौजवानों के हाथ में अब तक राज्य सरकार ने स्मार्ट फोन दे दिया होता.आपको योगी सरकार चाहिए, या योग्य सरकार चाहिए?''
हाल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पर्चा लीक होने की घटना का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर जानबूझकर पर्चा लीक कराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार जानबूझकर पेपर लीक कराती है. वह ऐसा इसलिए करती है क्योंकि वह हमारे नौजवानों को रोजगार नहीं देना चाहती. बीटीसी और बीएड पास नौजवान रोजगार के लिए भटक रहे हैं. हम आपको भरोसा दिला रहे हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार लाइए और नौकरी तथा रोजगार पाइए.''अखिलेश ने कहा कि बुंदेलखंड के लोगों ने पिछले कई चुनावों में भाजपा को पूरा समर्थन दिया, लेकिन बुंदेलखंड को कुछ नहीं मिला. इस डबल इंजन की सरकार का इंजन बुंदेलखंड आते-आते फेल हो गया है. सरकार यहां के विकास का कोई इंतजाम नहीं कर पाई, आखिर यह किस बात की डबल इंजन की सरकार है.सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने महामारी के समय जनता को अनाथ छोड़ दिया. योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदेश को पीछे कर दिया. राज्य सरकार का विकास तो सिर्फ तस्वीरों में दिख रहा है और इस ‘विकास' की कलई तस्वीरों और विज्ञापनों ने ही खोल दी. भाजपा के लोग विज्ञापन में भी झूठ दिखाते हैं.नीति आयोग के मुताबिक बुंदेलखंड में 32 लाख से ज्यादा लोगों के गरीबी रेखा के नीचे होने का जिक्र करते हुए अखिलेश ने वादा किया कि विधानसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सरकारी बजट से इन गरीबों की मदद की जाएगी, समाजवादी पेंशन योजना से भी अच्छी योजना चलाई जाएगी और महिलाओं तथा परिवारों को पहले से दी जाने वाली 500 रुपए प्रतिमाह की धनराशि में तीन गुना इजाफा किया जाएगा.
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
