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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की अपकमिंग फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' यह सुनिश्चित करती है कि यह एक प्रेम कहानी है.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की अपकमिंग फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' यह सुनिश्चित करती है कि यह एक प्रेम कहानी है. और पारिवारिक ड्रामा के साथ एक पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर होने का वादा करती है. प्रीतम-अमिताभ भट्टाचार्य की संगीत जोड़ी फिर से एक बार इस फिल्म में नजर आयेंगी. बता दें की इस जोड़ी ने करण जौहर की आखिरी फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' के लिए संगीत दिया था जिसे भारी सफलता मिली थी. अब इस पारिवारिक मनोरंजन फिल्म के लिए भी वह संगीतमय जादू चलाने के लिए तत्पर हैं. कहा जा है कि फिल्म में 8 से 9 गाने के सीक्वेंस हैं जिन्हें विस्तृत रूप से करण जौहर की शैली में शूट किया जाएगा.
करण जौहर इस बड़ी फिल्म के साथ वापसी करने जा रहे हैं. तकरीबन 7 साल बाद सशक्त एक्टर्स की तगड़ी टीम के साथ करण जौहर निर्देशक की कमान संभालने वाले हैं. रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, धर्मेंद्र, जया बच्चन और शबाना आजमी जैसी तगड़ी टीम एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएगी.
करण जौहर द्वारा निर्देशित, हीरू यश जोहर, करण जौहर और अपूर्व मेहता द्वारा निर्मित, इस फिल्म के स्टूडियो पार्टनर वायकॉम 18 है. कहानी और पटकथा इशिता मोइत्रा, शशांक खेतान और सुमित रॉय द्वारा लिखित 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' फिल्म के संवाद इशिता मोइत्रा ने दिए हैं. यह फिल्म 10 फरवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है.
दोनों सदनों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा बिल पेश किया गया, बिल पेश होने के कुछ मिनट के भीतर ही उसे पास भी कर दिया गया.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा से कृषि कानून वापसी बिल पास कर दिया गया है. दोनों सदनों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा बिल पेश किया गया, बिल पेश होने के कुछ मिनट के भीतर ही उसे पास भी कर दिया गया. वहीं, दूसरी ओर विपक्षी पार्टियां बिल पर चर्चा के लिए अड़ी रहीं. विपक्षी पार्टियों का कहना है कि बिना चर्चा के वापसी बिल पास करना संसद की परंपरा का उल्लंघन है. इस दौरान दोनों सदनों में जमकर हंगामा देखने को मिला.
संसद का शीतकालीन सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ. लोकसभा की कार्यवाही की शुरुआत ही हंगामे के साथ हुई. कुछ देर के बाद लोकसभा को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
दोपहर 12 बजे केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने लोकसभा में बिल पेश किया. पेश करने के 4 मिनट के भीतर ही बिल को पास कर दिया गया. वहीं, विपक्ष बिल पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा करता रहा. इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया. 2 बजे सदन की फिर कार्यवाही शुरु हुई, लेकिन हंगामे की वजह से ज्यादा देर तक नहीं चल सकी. इसके बाद सदन को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
लोकसभा के बाद दोपहर 2 बजे केंद्रीय मंत्री ने बिल को राज्यसभा में पेश किया. संसद के ऊपरी सदन में भी कुछ ही मिनट में बिल पास हो गया. इस दौरान भी विपक्षी दलों के सांसद बिल पर चर्चा की मांग करते रहे. लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई.
लोकसभा में पास होने के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि साल 1961 से 2020 के बीच संसद में 17 रिपील बिल विस्तार से चर्चा के बाद पारित किए गए थे. हम मांग करते हैं कि राज्यसभा में जब सरकार द फॉर्म लॉज रिपील बिल लेकर आए तो उस पर चर्चा हो. यह संसद की परंपरा है. राज्यसभा में जब रिपील बिल आएगा तो हम इस मसले को उठाएंगे.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आज सदन में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. इस विधेयक को चर्चा के बाद पारित कराने की बात कही गई लेकिन इस पर सरकार चर्चा क्यों नहीं करना चाहती है? कई अन्य विपक्षी सदस्यों को भी कुछ कहते देखा गया लेकिन शोर शराबे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि किसान कानून वापस लेने की मांग थी. विपक्ष ने भी कहा. जब हम वापस कर रहे थे तब उन लोगों ने हंगामा किया. क्यों विरोध कर रहे थे. जान-बूझकर हंगामा कर रहे थे.
वहीं, किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अभी मामला सुलझा नहीं है. इसके आगे MSP का मुद्दा है, फसलों के वाजिब दाम का मुद्दा है, 10 साल पुराने ट्रैक्टर का मुद्दा है, सीड बिल का मुद्दा है. सरकार को हमसे बात करनी चाहिए. सरकार ने हमसे संपर्क नहीं किया.
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एनडीटीवी से कहा कि सरकार ने गलत किया है. इससे पहले कानून को रिपील करने के लिए लाए गए बिल पर लोकसभा में चर्चा हुई थी. हम किसानों के लिए एमएसपी कानून, आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई है उनके परिवारजनों को मुआवजा जैसे मसले संसद में उठाना चाहते थे. लेकिन सरकार ने हमें मौका नहीं दिया. यह बहुत गलत हुआ है.
पीएम मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से रूबरू होते हुए कहा था कि संसद में सरकार हर सवाल का जवाब देगी. साथ ही कहा था कि सरकार हर विषय पर चर्चा करने को तैयार है. सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठे लेकिन सदन और स्पीकर की गरिमा का ख्याल रखें.
वहीं, विपक्षी दलों ने सत्र से पहले बैठक करके संसद में सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई थी. सत्र से पहले उन्होंने संसद परिसर में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया था.
बीते 24 घंटों की बात करें तो दिल्ली में इस अवधि में 34 केस सामने आए और कोरोना संक्रमण दर 0.08 फीसदी हो गई है. कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या दिल्ली में इस समय 285 हैं, इसमें से होम आइसोलेशन में 122 मरीज हैं.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
Delhi corona Update : देश की राजधानी दिल्ली में कोराना संक्रमण (Covid-19) के कारण लगातार तीसरे दिन 1 मौत दर्ज की गई है, इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना के कारण हुई मौतों का आंकड़ा 25,098 तक पहुंच गया है. बीते 24 घंटों की बात करें तो दिल्ली में इस अवधि में 34 केस सामने आए और कोरोना संक्रमण दर 0.08 फीसदी हो गई है. कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या दिल्ली में इस समय 285 हैं, इसमें से होम आइसोलेशन में 122 मरीज हैं. सक्रिय कोरोना मरीजों की दर 0.19 फीसदी है. रिकवरी दर 98.23 फीसदी है. वहीं 24 घंटे में 36 मरीज डिस्चार्ज हुए, वहीं अब तक ठीक होने का आंकड़ा 14,15,517 है. 24 घंटे में हुए 43,399 टेस्ट हुए. टेस्ट का कुल आंकड़ा 3,08,68,725 है (RTPCR टेस्ट 39,916 एंटीजन 3483). कंटेनमेंट जोन्स की संख्या 105 है. वहीं कोरोना डेथ रेट 1.74 फीसदी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने कोविड-19 के नए वेरिएंट Omicron (ओमिक्रॉन ) को लेकर चेतावनी जारी की है. WHO का कहना है कि Omicron को लेकर लेकर जोखिम बहुत अधिक (very high) है. WHO की ओर से कहा गया है कि Omicron वेरिएंट के दुनियाभर में फैलने की आशंका है. कुछ क्षेत्रों में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी टेक्निकल नोट में कहा गया कि यदि Omicron वेरिएंट के मामले में बड़ा उछाल देखने को मिला तो इसके बेहद गंभीर परिणाम हो सकते हैं, हालांकि इस वेरिएंट के कार अब तक कोई मौत नहीं हुई है.WHO ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि उसने कोविड के एक नए स्ट्रेन B.1.1.529 की पहचान की है, यह स्ट्रेन/वेरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया है.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) के लिए अगर ये कहा जाए कि वो मल्टी टैलेंटेड एक्टर हैं तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी. ये हम सभी जानते हैं कि अपनी लाजवाब एक्टिंग से फिल्मों में छा जाने वाले आयुष्मान खुराना बहुत अच्छे सिंगर भी हैं. कई फिल्मों में आयुष्मान खुराना ने अपनी आवाज दी है जिसे लोगों का बेतहाशा प्यार मिला है. अब अपनी अपकमिंग फिल्म 'चंडीगढ़ करे आशिकी' रिलीज से पहले आयुष्मान खुराना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपना जादू बिखेर रहा है. इस वीडियो में आयुष्मान गिटार हाथ में लिए हुए 'चंडीगढ़ करे आशिकी' का मोस्ट अवेटेड सॉन्ग 'कल्ले कल्ले' गाते हुए नजर आ रहे हैं.
बॉलीवुड में फैंस जितना आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की एक्टिंग पर फिदा हैं उतना ही प्यार वो उनकी आवाज से भी करते हैं. यही वजह है कि अक्सर फैंस को आयुष्मान खुराना के गानों का इंतजार रहता है. सोशल मीडिया पर फैंस के इस इंतजार को खत्म करते हुए बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना ने अपने ऑफिशियल इंस्टा हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में आयुष्मान गिटार बजाकर गाना गाते हुए नजर आ रहे हैं. आयुष्मान ने अपनी आने वाली फिल्म 'चंडीगढ़ करे आशिकी' का मोस्ट अवेटेड सॉन्ग, 'कल्ले कल्ले' गाया और कैप्शन ने बताया कि उन्हें इस गाने से प्यार हो गया है. इस वीडियो में आयुष्मान शर्टलेस हैं और शॉर्ट्स पहने हुए दिखाई दे रहे हैं. आयुष्मान ने उल्टी टोपी लगा रखी है और आंखों पर चश्मा लगा हुआ है. हमेशा की तरह आयुष्मान हैंडसम हंक लग रहे हैं आपको बता दें कि फिल्म में इस गाने को सचिन-जिगर और प्रिया ने गाया है और फ़िल्म 10 दिसंबर को रिलीज होने वाली है.
आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) ने जिम के बाद अपना ये वीडियो बनाकर अपलोड किया है. आयुष्मान को गाते हुए देखकर इस गाने के सिंगर जिगर सरवैया खुद को आयुष्मान की तारीफ करने से रोक नहीं पाए. जिगर ने आयुष्मान खुराना के कमेंट बॉक्स पर लिखा, 'भाई कितना दिल से गाते हो यार आप'. वहीं इस गाने की फीमेल सिंगर प्रिया सरवैया ने कमेंट बॉक्स पर लिखा 'M gonna cry, need full male version in ur voice'. वहीं इस गाने को सुनकर फैंस आयुष्मान खुराना पर प्यार की बरसात कर रहे हैं. एक फैन ने लिखा कास्ट में आयुष्मान खुराना बन पाता वहीं दूसरी फैन ने लिखा कि, 'आप और आपकी आवाज दोनों से मुझे बार-बार प्यार हो जाता है'. एक फैन ने ये भी लिखा कि, 'आपके इस गाने ने मेरा दिन बना दिया है.
गरियाबंद /शौर्यपथ/
देवभोग तहसील अंतर्गत राजस्व निरीक्षक तुलसिंह नेताम को शासकीय कार्यो एवं कर्तव्यों की उपेक्षा करने के कारण कलेक्टर निलेश क्षीरसागर द्वारा निलंबित कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार तुलसिंह नेताम को शराब के नशे में पाये जाने की पुष्टी सीएचसी देवभोग द्वारा भी किया गया है। फसस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में नेताम का मुख्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा नियत किया गया है तथा इन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
गरियाबंद /शौर्यपथ/
प्रदेश के खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं संस्कृति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत 30 नवम्बर, मंगलवार को जिले के दौरे पर रहेंगे। प्रोटोकॉल से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभारी मंत्री भगत 30 नवम्बर को पूर्वान्ह 11ः05 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा पुलिस परेड ग्राऊण्ड हेलीपेड रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 01 बजे देवभोग विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम चिचिया पहुंचेंगे। जहां वे नवीन धान खरीदी केन्द्र एवं खाद्य गोदाम का उद्घाटन करेंगे। तत्पश्चात भगत हेलीकॉप्टर से ग्राम चिचिया से प्रस्थान कर अपरान्ह 2.30 बजे मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सरनाबहाल पहुंचकर नवीन धान खरीदी केन्द्र का उद्घाटन करेंगे। प्रभारी मंत्री भगत कार्यक्रम पश्चात अपरान्ह 3.10 बजे ग्राम सरनाबहाल से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
अम्बिकापुर/शौर्यपथ/
कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पीएस सिसोदिया के मार्गदर्शन में जिले में हर घर दस्तक कैंपेन के तहत टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 100 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शनिवार को घुनघुट्टा नदी को पार करके मैनपाट विकासखंड में स्थित कदनई गांव पहुंचे। कदनई गांव दूरस्थ वनांचल क्षेत्र है जहां कच्ची पगडंडी से पैदल चलकर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम के द्वारा गांव में डोर-टू-डोर भ्रमण कर 50 लोगों को कोविड का टीका लगाया गया। इसके साथ ही निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर 43 लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया तथा अन्य उपस्थित लोगों का स्वास्थ्य जांच सह उपचार किया गया।
ग्राम पंचायत कदनई एक आदिवासी बाहुल्य पहुंचविहीन क्षेत्र है जो जिला मुख्यालय अम्बिकापुर से लगभग 65 किमी की दूरी पर स्थित है। डॉक्टर की टीम ने शिविर में बीपी, शुगर, एचबी, मलेरिया, डेंगू, वायरल फीवर, सर्दी, खाँसी तथा अन्य रोगों का जांच सह उपचार किया गया। शिविर के माध्यम से लोगों का निःशुल्क इलाज कर दवा वितरण किया गया। इस अवसर पर लोगों से कोरोना से सावधान रहने तथा सामाजिक दूरी का पालन करने की समझाइश दी गई साथ ही ग्रामीणों को मौसमी बीमारी से सावधान रहने तथा अपने आस-पास साफ-सफाई रखने की अपील की गई। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दूरस्थ इलाके में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगने से ग्रामीण खुश हुए।
स्वास्थ्य शिविर के दौरान लैब टेक्नीशियन रामकृपाल कुशवाहा, लक्ष्मी पैकरा, करदना की एएनएम संगीता केरकेट्टा, कदनई की एएनएम ओमेत्रि पैकरा तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
अम्बिकापुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने रविवार को लखनपुर जनपद के ग्राम पंचायत गुमगराकला में 16 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 2 लाख 20 हजार रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अत्तिरिक्त कक्ष निर्माण तथा 5 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बनने वाले सीसी रोड का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम पंचायत की कई निर्माण एवं विकास कार्यो के मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री सिंहदेव ने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन से ही जनता से किए वादे को पूरा करने का काम किया है और जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने लगातार प्रयास निरंतर जारी है। किसानों से लेकर कर्मचारियों एवं युवाओं के लिए कई लाभकारी योजनाएं शुरू की गई है। लेकिन फिर भी अभी भी कई वादों को पूरा नही किया जा सका है जिसमें मितानिनों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि प्रमुख है। इनके मानदेय में वृद्धि के लिए प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय वृद्धि कर उनकी जिम्मेदारी बढ़ाने का भी काम किया है। अब सरपंच चेक में साइन कर सकेंगे। सिंहदेव ने कहा कि कोरोना के नए-नए वेरिएंट के आने से अभी खतरा टला नही है। मास्क का उपयोग करने में लापरवाही न बरतें। टीकाकरण के लिए जो भी छूट गए है ओ जरूर टीका लगवाएं। टीकाकरण लगने से कोरोना से जनहानि की संभावना बहुत कम है।
मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि गांवों में जो भी निर्माण कार्य होते है उसपर सभी जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन कड़ी नजर रखें ताकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। एक बार निर्माण हो जाने में बाद लंबे समय के बाद ही दुबारा निर्माण होता है इसलिए गुणवत्ता में कतई समझौता न करें।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष मोनिका पैकरा, सरपंच लोकनाथ कुर्रे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
जगदलपुर /शौर्यपथ/
भारत शासन द्वारा एकीकृत न्यायदर्श सर्वेक्षण कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में दूध, अण्डा, ऊन एवं मांस के उत्पादन के आंकलन के लिए जिलों में चयनित ग्रामों एवं शहरी वार्डो में सर्वेक्षण कार्य किया जाता है, इस हेतु वर्ष 2021-22 में उक्त सर्वेक्षण कार्य भारत सरकार के निर्देशानुसार eLISS ऐप सॉफ्टवेयर के माध्यम से कराया जाना है।संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, जगदलपुर (सांख्यिकी शाखा) द्वारा 27 नवम्बर को शहर के एक हॉटल में प्रशिक्षण दिया गया। ऐप की जानकारी एकीकृत न्यादर्श सर्वेक्षण की ट्रेनिंग पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ पीयूष जैन द्वारा बस्तर संभाग के समस्त जिलों से आये हुए अधिकारी व कर्मचारियों को ट्रेनिंग सफलतापूर्वक दी गई।साथ ही एकीकृत न्यादर्श सर्वेक्षण eLISS ऐप में ऑनलाइन सर्वेक्षण कार्यकर डाटा एंट्री का कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया
चैनपुर के भुनेश्वर सिंह ने धान छोड़ सब्जी की खेती से लिया दोगुने से ज्यादा लाभ
कोरबा /शौर्यपथ/
धान की खेती छोड़ सब्जी की खेती से चैनपुर गांव के किसान भुनेश्वर सिंह ने दोगुना से ज्यादा लाभ कमाया है। खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और बारह महीने रोजगार के साधन के रूप में विकसित करने का यह सबसे अच्छा उदाहरण बन गया है। कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड के चैनपुर गांव के किसान भुनेश्वर सिंह ने अब अपनी सब्जी की खेती का रकबा दो एकड़ से बढ़ाकर 10 एकड़ कर लिया है और पिछले आठ-नौ महीने में ही उन्होंने पांच लाख रूपए से अधिक कमा लिये हैं। खुद भुनेश्वर बताते हैं कि अभी भी खेत में सब्जी लगी है और रबी का मौसम खत्म होते तक चार से पांच लाख रूपए की और आय होने की संभावना है। आमदनी बढ़ने से भुनेश्वर सिंह और उनके परिवार का जीवन स्तर भी सुधर गया है।
भुनेश्वर सिंह के पास कुल 10 एकड़ खेत है। माली हालत ठीक नहीं होने के कारण वे पहले परंपरागत रूप से ही इस भूमि के कुछ हिस्से में धान की खेती करते थे। धान का उत्पादन कम होने के कारण उन्हें इससे कुछ खास फायदा नहीं हो पा रहा था। भुनेश्वर सिंह बताते हैं कि उद्यान विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन, तकनीकी सलाह और प्रोत्साहन से उन्होंने शुरू में दो एकड़ रकबे में सब्जी की खेती की। शासकीय योजनाओं के तहत उन्हें बरबट्टी, फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, करेला, भिण्डी जैसी सब्जियों के बीज मिनी किट मिले। डीएमएफ और अन्य शासकीय योजनाओं के समन्वय से खेत पर फेंसिंग, मल्चिंग और पॉवर स्प्रेयर भी उन्हें दिलाया गया। दो एकड़ में सब्जी की खेती से भुनेश्वर को धान की खेती से ज्यादा फायदा हुआ। इसने भुनेश्वर को सब्जी की खेती की तरफ मोड़ दिया। भुनेश्वर ने धान की खेती छोड़कर 10 एकड़ खेत में सब्जी लगाना शुरू किया। फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, करेला, लौकी, बरबट्टी, भिण्डी, खीरा की खेती समयानुसार करके भुनेश्वर ने इसे स्थानीय बाजार में बेचा। सब्जी के थोक व्यापारी खेत से ही भुनेश्वर के द्वारा उगाई सब्जियों को अच्छे दामों पर उठा रहे हैं। पिछले साल भुनेश्वर ने सब्जी की खेती से दो लाख रूपए कमाए थे। इस साल 10 एकड़ में सब्जी की खेती की है समयानुसार एक सब्जी की फसल खत्म होने पर दूसरी फसल लगा देते हैं। अभी तक भुनेश्वर ने आठ-नौ महीने में ही सब्जी बेचकर पांच लाख रूपए से अधिक कमा लिए हैं। भुनेश्वर बताते हैं कि खेतों में लगी रबी मौसम की सब्जी से भी लगभग चार से पांच लाख रूपए की आय हो जाएगी।
रायपुर /शौर्यपथ/
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि जब दो व्यक्तियों में परस्पर अभिव्यक्ति होती है तो अंदर से भाषायी उद्गार होता है। अर्थात् अंदर की भाव की अभिव्यक्ति की भाषा होती है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, परम्परा, बोली भाखा, तीज-त्यौहार, रहन-सहन, खान-पान, वेश-भूषा जैसे अनेक विविधताओं से भरे पारंम्परिक, संस्कृति एवं लोककला को सहेजने और संवारने का काम कर रहे है। संस्कृति मंत्री भगत ने आज राजभाषा आयोग द्वारा महंत घासीदास संग्राहालय सभागार में छत्तीसगढ़ी राज भाषा दिवस पर साहित्यकारों-भाषाविदों के सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
संस्कृति मंत्री भगत ने कहा कि कोई भी भाषा एक दिन में नहीं सीखी जा सकती। यह नियमित चलने वाली प्रक्रिया है। बच्चा सर्वप्रथम अपने मां के द्वारा बोले जाने वाली बोली अथवा भाषा को सिखते हैं। अर्थात माता ही बच्चों के प्रथम पाठशाला होती है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर छत्तीसगढ़ी भाषा को और आगे ले जाने की जरूरत है। भगत ने कहा कि गत माह राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय महोत्सव में प्रदेश के 27 राज्य, 6 केन्द्र शासित प्रदेश सहित 7 विभिन्न देशों के कलाकार और प्रतिनिधि नृत्य महोत्सव में शामिल हुए। महोत्सव में चारों ओर ‘‘छत्तीसगढ़ीया, सबले बढ़िया’’ के नारे गूंज रहे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदृष्टि सोच और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन से छत्तीसगढ़ की नृत्य, कला और संस्कृति सहित छत्तीसगढ़ी बोली भाखा को आदिवासी नृत्य के माध्यम से देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम माता कौशल्या की जन्म भूमि है। यह कण-कण में राम है, छत्तीसगढ़ में लोग भांजे को राम के रूप में पूजते हैं, ऐसे गौरवशाली धरती के गौरवशाली छत्तीसगढ़ी भाषा को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता।
सम्मान समारोह को संस्कृति विभाग के सचिव अल्बंगन पी. और संचालक विवेक आचार्य ने भी सम्बोधित किया है। स्वागत भाषण राजभाषा आयोग के सचिव डॉ. अनिल कुमार भतपहरी ने दिया। सम्मान समारोह के पश्चात उपस्थित भाषाविदों-साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के मानिकीकरण निर्माण, छत्तीसगढ़ी भाषा को राज-काज और पाठ्यक्रम के विषयों में शामिल करने आदि विषयों पर परिचर्चा विस्तार पूर्वक परिचर्चा की। भाषाविदों और साहित्यकारों ने परिचर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ी भाषा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी भाषा मानकीकरण, राज-काज में शामिल करने, पाठ्यक्रम के विषयों में शामिल करने महापुरूषों के लेखन आदि पर विचार विमर्श सहित छत्तीसगढ़ी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयासो के संबंध में अपने-अपने सुझाव दिए। सम्मान समारोह में विधायक गुलाब कमरो विशेष रूप से उपस्थित थे। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर लेखक, कवि, कलाकर तथा अन्य कला के क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
संस्कृति मंत्री भगत प्रदेश के जिन साहित्यकारों-भाषाविदों को सम्मानित किया। उनमें रायगढ़ के सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. बिहारी लाल साहू, नवापारा खैजा के सेवानिवृत्त व्याख्याता हर प्रसाद निडर, शासकीय महाविद्यालय महासमुंद की प्राध्यापक डॉ. अनुसुईया अग्रवाल, सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं चंदैनी गोंदा के उद्घोषक डॉ. सुरेश देशमुख, मगरलोड के वरिष्ठ साहित्यकार पुनूराम साहू, दुर्ग के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व बैंक प्रबंधक अरूण निगम, कुडुख, सादरी एवं हिन्दी कविता और कहानी लेखक एवं सहायक प्राध्यापक जशपुर डॉ. कुसुम माधुरी टोप्पो, दुर्ग के वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार गिरवरदास मानिकपुरी, रायपुर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार तथा नगरीय प्रशासन संचालनालय में निज सचिव रमेश विश्वहार, महासमुन्द के पूर्व सहायक पशु चिकित्सा परिक्षेत्राधिकारी बंधु राजेश्वर खरे, वरिष्ठ छत्तीसगढ़ी उद्घोषक एवं कार्यक्रम अधिकारी आकाशवाणी रायपुर के श्याम वर्मा, रायपुर के वरिष्ठ पत्रकार पहट पत्रिका गुलाल वर्मा, हरिभूमि चौपाल के सम्पादक डॉ. दीनदयाल साहू दुर्ग, न्यूज 24 म.प्र-छ.ग. के सम्पादकीय सलाहकार संदीप अखिल रायपुर, न्यूज 36 वेब चैनल के सम्पादक नवीन देवांगन बिलासपुर, बिलासपुर की वरिष्ठ साहित्यकार लता राठौर, सरगुजिहा भाषा की पत्रिका के प्रकाशक एवं सेवानिवृत्त बैक अधिकारी डॉ. सुधीर पाठक अंबिकापुर, गोंडी भाषा की साहित्यकार जयमति कश्यप कोण्डागांव और रायपुर की वरिष्ठ छत्तीसगढ़ी उद्घोषिका तृप्ति सोनी शामिल हैं।
दुर्ग /शौर्यपथ/
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम धौराभाठा के जे एस फॉर्म पहुंचेे। राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत ने धौराभाठा पहुंचते ही 450 एकड़ जे एस फॉर्म और जे एस डेयरी का भ्रमण किया।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत जे एस फॉर्म के संस्थापक वजीर सिंह लोहान द्वारा ’जहर मुक्त खेती, जहर मुक्त रसोई’ विषय पर आयोजित किसान संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने आम जनों और किसान भाइयों से इंटरएक्टिव लेवल पर चर्चा की। उन्होंने खेती को लेकर अपने विगत वर्षों के अनुभव को किसानों के साथ साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 200 एकड़ खेत में 100 एकड़ में उनके द्वारा खेती की जाती थी और बचे 100 एकड़ अन्य को खेती के लिए दिए थे। 3 वर्षों के बाद अन्य पक्ष के द्वारा वहां खेती बंद कर दी गई और उन्हें उस भूमि को बंजर बना कर सौंपा गया। जब उन्होंने भूमि के मिट्टी का परीक्षण कराया तो उस मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन 0.54 आया, जिसे बंजार धरती माना जाता है। कृषि वैज्ञानिकों ने सलाह दी कि संतुलित रासायनिक खाद के द्वारा भूमि को 10-15 वर्षों में रिवर्स किया जा सकता है, परंतु आचार्य देवव्रत द्वारा प्रकृति के सिद्धांत का पालन करते हुए जीवामृत खाद का प्रयोग कर खेती की गई, जिसमें 2 वर्ष के अंतराल में ही मिट्टी में सभी उर्वरक तत्व प्राप्त हुए और बहुत अच्छी फसल भी प्राप्त हुई।
राज्यपाल ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ किसान आधुनिक खेती से कैसे तालमेल बैठाए और जैविक खेती को कैसे बढ़ावा दिया जा सके, यही उनकी चर्चा का मुख्य विषय था। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि कोई भी चीज अच्छी मिले तो उससे तत्काल जुड़े और अपनी विवेक का प्रयोग करें, इससे सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने किसान भाइयों से कहा कि लोकल गायों को घरों में स्थान दें, उनमें 300 से 500 करोड़ बैक्टीरिया बनाने की क्षमता होती है जो कि मिट्टी के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होती है। उन्होंने खेती में केंचुए के महत्व को बताया लोगों से अपील की कि फसल विविधता द्वारा वह पर्यावरण में भी योगदान दे सकते हैं, फसल विविधता से आच्छादन की स्थिति निर्मित होती है। आच्छादन से धरती का तापमान नहीं बढ़ता है, जिससे हम ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ने से रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक खेती के माध्यम से धरती को जितना कम छेड़ेंगे हमारे लिए उठना बेहतर होगा। उन्होंने आगे कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बंजर भूमि ना छोड़े इसके लिए आवश्यक है कि जो नियम जंगल में काम करता है, वही हमारे खेत में भी काम करें।
राज्यपाल ने कहा कि जैविक खेती के लाभ को समझाते हुए किसान भाइयों से अपील की कि वह अपना कदम इस ओर आगे बढ़ाएं-देश को आर्थिक मजबूती दे, वाटर रिचार्ज कर आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएं, देसी गाय को बचाएं, अपने परिवार को जहर मुक्त खेती और रसोई उपलब्ध कराकर उन्हें अस्पतालों से बचाएं और ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्या पर भी अपना योगदान दें। इस अवसर पर अनिल चौहान, प्रगतिशील किसान और आमजन उपस्थित थे।
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोगों को किफायती दर पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने शुरू की गई
धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के दूसरे चरण में अब लोगों को दवाइयों के मूल्य में 72 प्रतिशत की छूट मिलेगी पहले चरण की दुकानों में अभी 62 प्रतिशत तक की छूट मिल रही थी।
रायपुर नगर निगम अंतर्गत सेवा प्रदाताओं की ओर से अधिकतम 72 प्रतिशत तक एमआरपी में छूट दिए जाने का प्रस्ताव शासन को मिला है। यह दर रायपुर नगर निगम को अभी तक प्राप्त दरों में सबसे अधिक है। योजना की बढ़ती लोकप्रियता के कारण नए मेडिकल स्टोरों के लिए न केवल बड़ी संख्या में सेवा प्रदाता आगे आ रहे हैं। बल्कि दवाओं के मूल्य में छूट को लेकर उनमें प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है।
धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना के पहले चरण में रायपुर नगर निगम के अंतर्गत दो दुकानें खोली गई थी। जिनमें सेवा प्रदाताओं द्वारा 62 प्रतिशत तक छूट के साथ दवाईयां ग्राहकों को दी जा रही है। दूसरे चरण में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल, डॉ. भीम राव अंबेडकर अस्पताल के पास, केनाल रोड में जन सुविधा केन्द्र, आयुर्वेदिक कॉलेज के पास, रोहणीपुरम तालाब के पास, शीतला मंदिर बुढ़ातालाब के पास मेडिकल स्टोर्स के संचालन के लिए सेवा प्रदाताओं से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसमें पांच सेवा प्रदाताओ ने भाग लिया। नए प्रस्तावों के बाद उपभोक्ताओं को अब दवाओं की खरीदी में 10 प्रतिशत का और फायदा होगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीत अक्टूबर माह में इस योजना के तहत राज्य में 84 धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर के साथ इस योजना का शुुभारंभ किया था। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना में आने वाले समय में प्रदेश के 169 शहरों में 188 मेडिकल स्टोर्स प्रारंभ किये जा रहे है। इन मेडिकल स्टोर्स में 251 प्रकार की जेनरिक दवाईयां तथा 27 सर्जिकल उत्पाद की बिक्री अनिवार्य रखी गई है। इसके अलावा वन विभाग के संजीवनी के उत्पाद, सौंदर्य प्रसाधन उत्पाद और शिशु आहार आदि का भी विक्रय का प्रावधान है। इन मेडिकल स्टोरों से मिलने वाली जेनेरिक दवाईयां सिपला, एलेम्बिक, रेनबैक्सी, केडिला, फाईजर जैसी 20 ब्रांडेड प्रतिष्ठित कंपनी की होंगी, जो सस्ती होने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण भी है। इन मेडिकल स्टोर्स में दर्द और ज्वर नाशक, मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाई, महिलाओं के मासिक धर्म, गर्भावस्था की दवाई, एलर्जी, आंख, कान, नाक, गला रोग, हृदय रोग, सर्दी-खाँसी- बुखार, लोकल एवं जनरल अनेसथेसिया, थायराइड की दवाइयां, एंटीफंगल दवा, विटामिन की गोलियां एवं त्वचा संबंधी रोगों की दवाई उपलब्ध है।
रायपुर /शौर्यपथ/
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार सोमवार 29 नवम्बर को रायगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गुरू रूद्रकुमार पुलिस ग्राउंड हेलिपेड से दोपहर 12 बजे हेलिकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.50 बजे मिनी स्टेडियम रायगढ़ पहुचेंगे। वे वहां से दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट के पास ऑडिटोरियम पहुचेंगे और वहां आयोजित अखिल भारतीय सतनामी समाज सम्मेलन एवं गुरुदर्शन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के पश्चात् मंत्री गुरू रूद्रकुमार हेलिकॉप्टर से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
