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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
कबीर धाम । शौर्यपथ । धान खरीदी केंद्र लम्बी होने के चलते किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था जिसके सम्बन्ध में ग्राम कान्हाभैरा के ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच एवं कांग्रेस नेता गोपाल चन्द्रवँशी के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री मो, अकबर को अपनी समस्याओं को बताया जिसे गम्भीरता से लेते हुए उन्होंने जिले में 6 धान खरीदी केंद्र खोले जाने की स्वीकृति राज्य शासन को भेजे जिसकी स्वीकृति मिल जाने से ग्रमीणों में हर्ष की लहर है ग्राम कान्हाभैरा के ग्रमीणों ने खुशी जाहिर करते हुए केबिनेट मंत्री मो• ,अकबर के रायपुर स्थित बंगले पहुच कर उनकी आभार ब्यक्त किये जिसमे प्रमुख रूप से कांग्रेस नेता गोपाल चन्द्रवँशी ,ग्राम पटेल अशोक चन्द्रवँशी , चन्द्रवँशी ,बैजू चन्द्रवँशी ,मन्नु चन्द्रवँशी ,पुराणिक चन्द्रवँशी ,कुलेश चन्द्रवँशी के कोमल चंद्रवंशी ,रतन चन्द्रवँशी ,झगराम चन्द्रवँशी,नेवारीगुड़ा से लालबहादुर चंद्रवंशी राघव चन्द्रवँशी ,इस कुमार चन्द्रवँशी ,दुल्लापुर से किरण शर्मा उपस्थित थे
बिना चर्चा के बिल पारित करने के आरोपों का सरकार ने जवाब दिया है और कहा है कि बिलों को संसदीय समितियों के पास भेजना लोकतंत्र मापने का पैमाना नहीं है.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
बिना चर्चा के बिल पारित करने के आरोपों का केंद्र सरकार ने जवाब दिया है और कहा है कि बिलों को संसदीय समितियों के पास भेजना लोकतंत्र मापने का पैमाना नहीं है. केंद्र सरकार ने बिलों को संसदीय समितियों को न भेजने के आरोपों पर कहा कि संसदीय समितियों की स्थापना साल 1993 में हुई थी यानी 41 वर्षों तक बिल बिना संसदीय समितियों की चर्चा के संसद में रखे जाते थे. क्या इसका ये मतलब है कि देश में 41 वर्षों तक लोकतंत्र नहीं था और पंडित नेहरु, राजीव गांधी के समय बनाए गए कानून गलत थे. बाबा साहब आंबेडकर का बनाया गया संविधान भी सेलेक्ट कमेटी को नहीं भेजा गया था.
सरकार का कहना है कि 2014 के पहले 25 वर्षों तक केंद्र में बनी सरकारें कमजोर थीं और गठबंधन की सरकारें थीं. इसलिए आम राय के अभाव में सत्तारूढ़ दल के भीतर ही विभिन्न विचारों और मतभेद के कारण बिलों को संसदीय समितियों को भेजा जाना जरूरी थी. लेकिन 2014 के बाद से सत्तारूढ़ दल को पूर्ण बहुमत है. इसलिए जब कोई बिल चर्चा के लिए आता है. तो बहुसंख्यक सदस्यों में आम राय होती है. इसलिए इन्हें संसद की स्थायी समितियों को भेजने की गुंजाइश कम रह जाती है.
दरअसल केंद्र सरकार पर आरोप लगे हैं कि बिना चर्चा के बिल पारित कराए जा रहे हैं. जहां 2004-2009 के बीच 60 प्रतिशत बिल संसदीय समितियों के पास भेजे गए. वहीं साल 2009-2014 में 71 प्रतिशत बिल समितियों के पास भेजे गए. लेकिन मोदी सरकार आने के बाद से ये संख्या तेजी से गिरी है.
साल 2014-2019 में केवल 27 प्रतिशत बिल संसदीय समितियों के पास भेजे गए और 2019 क बाद से अभी तक केवल 12 प्रतिशत बिल संसदीय समितियों के पास गए हैं. वहीं सरकार का कहना है कि संसदीय समितियां संसद का हिस्सा हैं. वे किसी बिल को पारित नहीं कर सकती. संसद सर्वोच्च है. सारे कानून संसद ही पारित करती है. सारे बिल संसदीय समितियों को नहीं भेजे जाते. उदाहरण के लिए बिलों की जगह लाए जाने वाले अध्यादेश, मनी बिल और महत्वपूर्ण संवैधानिक बिल.
सरकार पर आरोप लगाते समय आंकड़ों का मनमाना उपयोग किया गया. साल 2014-19 के बीच राज्यसभा में केवल 18 विधेयक लाए गए और इनमें से 11 बिल यानी 61 प्रतिशत बिल राज्यसभा की समितियों को भेजे गए. 5 बिल यानी 28 प्रतिशत बिल लोकसभा की स्थाई समिति को भेजे गए. यूपीए एक में 2004-09 में राज्यसभा में 100 बिल रखे गए और इनमें से 48 बिल यानी 48 प्रतिशत राज्यसभा की स्थायी समिति को भेजे गए. जबकि 30 बिल यानी 30 प्रतिशत लोकसभा की स्थायी समिति को भेजे गए. यूपीए-2 में 2009-14 में 78 बिल राज्यसभा में रखे गए जिनमें से 40 बिल यानी 51 प्रतिशत राज्यसभा की और 21 बिल यानी 27 प्रतिशत लोकसभा की स्थायी समिति को भेजे गए.
केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ' कई देशों ने ऑमिक्रान प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानें बंद कर दी हैं. हम देरी क्यों कर रहे हैं? पहली वेव में भी हमने विदेशी उड़ानें रोकने में देरी कर दी थी.'
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
कोविड-19 के नए वेरिएंट Omicron के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने पूरी तैयारी की है. दिल्ली सरकार ने LNJP अस्पताल को नए वैरिएंट Omicron के लिए डेडिकेटेड अस्पताल बनाया. इसके तहत LNJP में Omicron से संक्रमित मरीजों के आइसोलेशन और ट्रीटमेंट के लिए एक या दो वार्ड रिजर्व रखने का आदेश दिया गया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने (CM Arvind Kejriwal) मंगलवार सुबह एक ट्वीट करते हुए Omicron प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानें तुरंत बंद करने का आग्रह पीएम नरेंद्र मोदी से किया है. केजरीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा, ' कई देशों ने ऑमिक्रान प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानें बंद कर दी हैं. हम देरी क्यों कर रहे हैं? पहली वेव में भी हमने विदेशी उड़ानें रोकने में देरी कर दी थी. अधिकतर विदेशी उड़ानें दिल्ली में आती हैं, दिल्ली सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है. PM साहिब कृपया उड़ानें तुरंत बंद करें.'
इससे पहले, दिल्ली के सीएम ने नए वेरिएंट के मुद्दे पर पीएम को लेटर भी लिखा था, इसमें उन्होंने लिखा था कि कोरोना के नए वैरिएंट को भारत में घुसने से रोकने के लिए हम सभी को हर संभव प्रयास करना चाहिए. यूरोप समेत कई देशों ने कोरोना के नए वेरिएंट से प्रभावित इलाकों में यात्रा पर रोक दी है. भारत में भी इस वेरिएंट से प्रभावित जगहों से आने वाली फ्लाइट पर रोक लगा दी जानी चाहिए. इस संबंध में थोड़ी भी देरी नुकसानदेह साबित हो सकती है.
गौरतलब है कि Omicronवैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में मिला था. वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि संक्रमण की दर बहुत तेज हो सकती है और मरीजों में गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए वैरिएंट में कम से कम 10 म्यूटेशन हैं. जबकि डेल्टा में सिर्फ दो तरह के म्यूटेशंस पाए गए थे. म्यूटेट होने का मतलब है वायरस के जेनेटिक मटेरियल में बदलाव होना. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक समिति ने कोरोना वायरस के इस नये स्वरूप को ‘ओमीक्रॉन' नाम दिया है और इसे ‘बेहद संक्रामक चिंताजनक स्वरूप' करार दिया है.
रायपुर /शौर्यपथ/
छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एक दिसम्बर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सबेरे 10.30 बजे रायपुर से मंदिरहसौद जायेंगे। डॉ. डहरिया यहां सबेरे 11 बजे से दोपहर एक बजे तक धान खरीदी महोत्सव और भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे मंदिरहसौद से दोपहर एक बजे प्रस्थान कर रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम रीवां जायेंगे और यहां पर दोपहर 1.25 बजे से 3 बजे तक धान खरीदी एवं लोकार्पण और भूमिपूजन के कार्यक्रम में भाग लेगें। इसके बाद वे ग्राम चंदखुरी जायेंगे और वहां पर भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शाम 5.30 बजे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे
संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) ने मंगलवार सुबह ट्वीट करकहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार को मजबूरी में निलंबन का यह प्रस्ताव सदन के सामने रखना पड़ा.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन की हंगामेदार शुरुआत हुई. संसद के मॉनसून सत्र के दौरान हंगामा करने के लिए राज्य सभा से 12 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित (Suspension) कर दिए गए हैं. संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi)ने मंगलवार सुबह ट्वीट करकहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सरकार को मजबूरी में निलंबन का यह प्रस्ताव सदन के सामने रखना पड़ा. लेकिन यदि ये 12 सांसद अभी भी अपने दुर्व्यवहार के लिए सभापति और सदन से माफी मांग लें, तो सरकार भी उनके प्रस्ताव पर खुले दिल से सकारात्मक रूप से विचार करने को तैयार है. उन्होंने यह भी कहा, 'सरकार हर मुद्दे पर नियमानुसार बहस करने और हर सवाल का जवाब देने को तैयार है. कल से सदन में कई महत्वपूर्ण बिल सदन में पेश किए जाने हैं. मैं एक बार फिर सभी पार्टियों से सदन को चलने देने और इन सभी बिलों पर सार्थक एवं स्वस्थ चर्चा करने की अपील करता हूं. 'विपक्ष चाहता हैं कि 12 सांसदों का निलंबन वापस हो, इस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस की ओर से बुलाई गई बैठक के बाद राज्यसभा के चेयरमैन से भी मुलाकात की है.
इस बीच, उधर, मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने वॉक आउट किया. शोरशराबे के बीच उनको अपनी बात कहने का मौका नही मिला. हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ीगौरतलब है कि मॉनसून सत्र में हंगामा करने के लिए सांसदों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है.उच्च सदन के जिन 12 सांसदों को सोमवार को सस्पेंड किया गया उनके नाम एल्मारम करीम (माकपा), फुलो देवी नेताम (कांग्रेस), छाया वर्मा (कांग्रेस), रिपुन बोरा (कांग्रेस), बिनोय विस्वाम (भाकपा), राजमणि पटेल (कांग्रेस), डोला सेन ( तृणमूल कांग्रेस), शांत छेत्री ( तृणमूल कांग्रेस), सैयद नासिर हुसैन ( कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी ( शिवसेना), अनिल देसाई (शिवसेना) और अखिलेश प्रसाद सिंह ( कांग्रेस) शामिल हैं. उपसभापति हरिवंश की अनुमति से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस सिलसिले में एक प्रस्ताव रखा जिसे विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन ने मंजूरी दे दी.
संसद के मॉनसून सत्र में राज्यसभा में हंगामे के दौरान धक्का-मुक्की करने और सदन की मर्यादा का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोपों के बाद राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की थी. इस समिति की सिफारिशों के आधार पर इन सांसदों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई की गई. संजय सिंह, प्रताप सिंह बाजवा वगैरह को इसलिए सस्पेंड नहीं किया गया क्योंकि उनका मामला दस अगस्त का था. जिन्हें सस्पेंड किया गया उनका मामला 11 अगस्त का है जो मॉनसून सत्र का अंतिम दिन था, इसीलिए उनके खिलाफ आज कार्रवाई की गई है. दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि 12 सांसदों का निलंबन नियमों के खिलाफ है. नियम 256 के अनुसार सदस्य को सत्र के बाकी बचे समय के लिए निलंबित किया जाता है. चूंकि मॉनसून सत्र 11 अगस्त को ही समाप्त हो चुका है ऐसे में इस सत्र में सदस्यों का निलंबन गलत है. विपक्ष इस मामले में सरकार के खिलाफ सामूहिक रूप से रणनीति बनाकर 'हमले' की तैयारी कर रहा है.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
विक्की कौशल इन दिनों कैटरीना कैफ संग शादी की खबरों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. दोनों की शादी से जुड़ी आए दिन कोई न कोई खबर वायरल हो रही है. इन्ही खबरों के बीच सोमवार को विक्की कौशल को बांद्रा स्थित कैटरीना कैफ के घर के बाहर स्पॉट किया गया. तस्वीरों में विक्की ब्लू टी-शर्ट और मैचिंग शेड्स में काफी हैंडसम दिख रहे थे. एक्टर इस दौरान अपनी कार में बैठे हुए थे. रिपोर्ट्स ये कहते हैं कि विक्की कौशल और कैटरीना कैफ अगले महीने राजस्थान में शादी रचाने वाले हैं.
विक्की कौशल और कैटरीना कैफ को लेकर ये भी बताया जा रहा है कि दोनों राजस्थान में शादी से पहले मुंबई में कोर्ट मैरिज भी करेंगे. दोनों की शादी राजस्थान के सिक्स सेंस बरवाड़ा फोर्ट होटल में होने की उम्मीद है. दिलचस्प यह है कि इस शादी को लेकर कैटरीना और विक्की ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, न ही इस बात को माना है. कई मीडिया रिपोर्टों में ये भी कहा जा रहा है कि कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी के लिए रणथम्भोर में 45 होटल बुक किए गए हैं.
कई रिपोर्ट्स में ये भी खबरें हैं कि कैटरीना कैफ और विक्की कौशल 9 दिसंबर को शादी रचाएंगे. जबकि, उनकी सगाई, मेहंदी और संगीत सेरेमनी क्रमश: 7 और 8 दिसंबर को होगी. संगीत सेरेमनी की फराह खान और करण जौहर मिलकर कोरियोग्राफ करेंगे.
पराग अग्रवाल भारतीय मूल के सिलिकॉन वैली सीईओ के समूह में शामिल हो गए हैं, जिसमें सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे नाम शामिल हैं.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
आईआईटी-बॉम्बे से स्नातक पराग अग्रवाल ने ट्विटर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में जैक डोर्सी की जगह ली है. डोरसी ने सोमवार शाम इस्तीफा दे दिया और निदेशक मंडल ने सर्वसम्मति से मुख्य तकनीकी अधिकारी अग्रवाल को सीईओ के पद पर नियुक्त किया.
IIT बॉम्बे से ग्रेजुएट पराग अग्रवाल बने ट्विटर के नए सीईओ, जानिए 5 खास बातें
ट्विटर ने पराग अग्रवाल को 2017 में अपना मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नियुक्त किया था
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
पराग अग्रवाल ने आईआईटी-बॉम्बे से ग्रेजुएशन किया है और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पीएचडी की है
उन्होंने अक्टूबर 2011 में एक विज्ञापन इंजीनियर के रूप में ट्विटर ज्वाइन किया और इसके तुरंत बाद कंपनी के 'प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर इंजीनियर' की उपाधि धारण की.
ट्विटर ने पराग अग्रवाल को 2017 में अपना मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नियुक्त किया था.
ट्विटर के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एटी एंड टी, माइक्रोसॉफ्ट और याहू में रिसर्च इंटर्नशिप की थी.
कंपनी के सीईओ के रूप में नियुक्ति के साथ ही पराग अग्रवाल उस भारतीय मूल के सिलिकॉन वैली सीईओ के समूह में शामिल हो गए हैं, जिसमें सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे नाम शामिल हैं.
वहीं आज कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के नेताओं की राज्यसभा में मल्लिकाअर्जुन खड़गे के दफ्तर में सुबह 10 बजे बैठक होगी. वहीं टीएमसी के सांसदों की बैठक 10.15 संसद भवन के अपने दफ्तर में अलग होगी. दोनों बैठकों का मकसद शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरना है, पर एक साथ दिखना नहीं है.
नईदिल्ली /शौर्यपथ/
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर टकराव देखने को मिला. पहले कृषि बिल बिना चर्चा के पास करवाने को लेकर फिर 12 सांसदों के निलंबन को लेकर. दरअसल, अगस्त में मॉनसूत्र सत्र में हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ इस सत्र में कार्रवाई हुई है. विपक्षी सांसदों का कहना है कि ये निलंबन पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है. उनका कहना है कि सदस्य को सत्र के बाकी बचे समय के लिए निलंबित किया जाता है और मॉनसून सत्र 11 अगस्त को ही समाप्त हो गया था ऐसे में इस सत्र में निलंबन गलत है. यहां तक कि पूरे सत्र के बहिष्कार तक की बात कर रहे हैं विपक्षी सांसद. वहीं अब संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि अगर अपने बर्ताव के लिए सांसद माफी मांगें तो निलंबन वापसी पर विचार हो सकता है.
वहीं आज कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के नेताओं की राज्यसभा में मल्लिकाअर्जुन खड़गे के दफ्तर में सुबह 10 बजे बैठक होगी. वहीं टीएमसी के सांसदों की बैठक 10.15 संसद भवन के अपने दफ्तर में अलग होगी. दोनों बैठकों का मकसद शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरना है, पर एक साथ दिखना नहीं है. सोमवार को भी कांग्रेस की बुलाई बैठक में टीएमसी शामिल नहीं हुई. यह नही गांधी प्रतिमा के सामने किसानों को लेकर कांग्रेस और टीएमसी ने अलग-अलग प्रदर्शन किया. साफ है कि टीएमसी बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस के साथ नहीं दिखना चाहती.
संसद के शीतकालीन सत्र के शुरुआत की 'हंगामेदार' हुई है. राज्य सभा से 12 सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गए हैं. मॉनसून सत्र में हंगामा करने के लिए सांसदों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है. इसे लेकर विपक्षी सांसदों का कहना है कि निलंबन पूरी तरह नियमों के खिलाफ है. वे इस पूरे सत्र के बहिष्कार की बात कर रहे हैं, जिसके बाद अब संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि अगर अपने बर्ताव के लिए सांसद माफी मांगें तो निलंबन वापसी पर विचार हो सकता है.
रायपुर /शौर्यपथ/
राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा निरीक्षक इमानुएल लकड़ा को विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा पर उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षक, कंपनी कमांडर, निरीक्षक रेडियो, रक्षित निरीक्षक और निरीक्षक एम संवर्ग को उप पुलिस अधीक्षक संवर्ग में निरीक्षक इमानुएल लकड़ा को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर वेतन बैड रूपए 15600-39100 ग्रेड वेतन रूपए 5400 (वेतन मेट्रिक्स-12 रूपए 56100-177500) में पदोन्नत किया गया है। इमानुएल लकड़ा के पदस्थापना संबंधी आदेश पृथक से जारी किए जाएंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा रबी सीजन में किसानों को प्रदाय किए जा रहे बीज, उर्वरक एवं पौध संरक्षण औषधि की गुणवत्ता की जांच का अभियान सभी जिलों में शुरू कर दिया गया है। कृषि विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी अपने-अपने इलाकों में लगातार बीज, खाद और औषधियों के सेम्पल ले रहे हैं, जिसकी जांच गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में की जा रही है। रबी सीजन 2021 में 29 नवम्बर की स्थिति में बीज के 19 नमूने तथा रासायनिक उर्वरक के 8 नमूने अमानक पाए गए हैं, जिनके लाट के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के साथ ही संबंधित फर्मों को कृषि विभाग द्वारा नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी सीजन 2021 में बीज के अब तक 445 नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं, अब तक विभाग को प्राप्त 309 सैम्पलों की जांच में से 19 सैम्पल अमानक पाए गए हैं, 136 सैम्पल की रिपोर्ट अभी प्राप्त होना शेष है। इसी तरह रासायनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जांच-पड़ताल के लिए कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा 242 नमूने विभिन्न संस्थानों से लिए गए हैं। जिसमें से 214 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जिसमें से 206 नमूने मानक स्तर के तथा 8 अमानक पाए गए हैं। 25 नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है। अमानक बीज एवं खाद के लाट के विक्रय को विभाग द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के साथ संबंधित संस्थाओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज अपने निवास पर दलदल सिवनी मोवा रायपुर की कुमारी भाविषा वर्मा को शिक्षा हेतु मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से स्वीकृत 50 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि का चेक प्रदान किया। गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन मंत्री की अनुशंसा पर यह राशि स्वीकृत की गई है।
रायपुर /शौर्यपथ/
गौठानों में किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों से आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रही महिलाएं अपने परिवारांे का संबल बनने के साथ ही समाज के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। दुर्ग जिले के मतवारी गांव की महिलाओं ने वनराज प्रजाति की मुर्गियां का पालन शुरू किया। दो महिने के भीतर ही मुर्गियां तैयार हो गई और इन्हें विक्रय करने पर 63 हजार रूपए का लाभ इन महिलाआंे को हुआ है। ग्राम मतवारी के गौठान में जिला प्रशासन ने मुर्गी शेड का निर्माण कराया। पशुधन विकास विभाग की बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत मिली सहायता से पहली बार महिलाओं ने वनराज प्रजाति की मुर्गियां पाली। लाभ से उत्साहित महिलाएं पुनः चूजों को खरीदकर इनका पालन कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी नरवा, गरुवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत गौठानों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है। आराधना स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बसंत बाई ने बताया कि हमें गौठान में मुर्गी शेड मिला है। उन्होंने बताया कि मुर्गियों के चूजे दो महीने के भीतर तैयार हो जाती है और अब तक बेचने पर 63 हजार रुपए की कमाई हो चुकी है। उन्होंने शासन से मिली मदद के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें चूजों के पालन सबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। मुर्गी शेड के साथ ही पंखे और बिजली की सुविधा हमें शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई है। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि इस बार उन्होंने पुनः 300 चूजे खरीदे हैं और इनका पालन कर रही हैं। उम्मीद है वनराज फिर अच्छी कीमतों में बिकेंगे।
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि स्वसहायता समूहों को बैकयार्ड पोल्ट्री योजना के तहत सहायता दी गई है और मनरेगा के अंतर्गत शेड का निर्माण कराया गया है। पशुधन विकास विभाग के उपसंचालक ने बताया कि प्रत्येक ब्लाक में प्रमुख गौठानों में ऐसे मुर्गी पालन शेड बनाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग के सहायक शल्यज्ञ डॉ. मिश्रा ने बताया कि वनराज प्रजाति की मुर्गियां की इम्युनिटी अच्छी होती है और इनका लालन-पालन भी कठिन नहीं है और इनकी अच्छी कीमत मिलती है।
तीन लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का लक्ष्य
रायपुर /शौर्यपथ/
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव और
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव और सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज सुरजपुर जिले के विकासखण्ड प्रतापपुर के ग्राम केरता स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 का शुभारंभ विधिवत पूजा-पाठ कर किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े भी उपस्थित थे।
मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि किसानों के हित में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य सरकार ने गन्ना की दर 355 रूपए प्रति क्वींटल तय की है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वैकल्पिक कृषि करने की आवश्यकता है। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि शक्कर कारखाना में गन्ना की आपूर्ति के लिए किसान बड़ी संख्या में अपने खेत में इसका उत्पाद कर लाभ उठा सकते हैं।
प्रतापपुर के ग्राम केरता स्थित मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना पेराई सत्र 2021-22 का शुभारंभ विधिवत पूजा-पाठ कर किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री पारसनाथ राजवाड़े भी उपस्थित थे।
कारखाना स्थापना से क्षेत्र के गन्ना उत्पादक कृषकों की जीवन स्तर में सुधार आया है। कारखाना के पेराई सत्र एवं मरम्मत कार्य के दौरान प्रति दिवस आस-पास के गांवों के लगभग 300-400 मजदूरों, बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उनके आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। कारखाने में 20 केएलपीडी ईथेनॉल प्लांट स्थापना हेतु बसंतदादा शर्करा संस्थान पुणे से डीपीआर तैयार कराया जा चुका है। राज्य शासन से इसका प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिससे संस्था की आय में अतिरिक्त लाभ अर्जित होगी। कारखाने में 6 मेगावाट को-जनरेशन पावर प्लांट स्थापना हेतु राज्य शासन से 2 करोड़ 2 लाख अंशपूंजी के रूप में स्वीकृत किया गया है। कारखाने में 20 हजार मीट्रिक टन का नवीन स्थायी शक्कर गोदाम निर्माण एवं 5 हजार मीट्रिक टन मोलासिस टैंक निर्माण कार्य का भूमिपूजन मंत्री श्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा किया जा चुका है।
गन्ना पेराई सत्र 2020-21 में जिला सरगुजा, सूरजपुर एवं बलरामपुर के 15 विकाख खण्डों से गन्ना रकबा 8689.846 हेक्टेयर से 03 लाख मीट्रिक टन पेराई करने का लक्ष्य रखा गया था। जिसके विरूद्ध में गन्ना उत्पादक 10,600 कृषकों से कुल 2 लाख 2 हजार 617 मीट्रिक टन गन्ना की खरीदी की गई। गन्ने खरीदी पर 270. 75 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना मूल्य राशि 54 करोड़ 86 लाख रूपय भुगतान कृषकों के बैंक खाता के माध्यम से कर दिया गया है। किसानों को राज्य शासन द्वारा राशि 12 करोड़ 18 लाख 7 हजार 422 रूपए का गन्ना बोनस का भुगतान किया जा चुका है।
गन्ना पेराई सत्र 2021-22 में जिला- सूरजपुर, सरगुजा (अम्बिकापुर) एवं बलरामपुर के तीनों जिलों के 17 विकास खण्डों से गन्ना रकबा 9,374.874 हेक्टेयर से तीन लाख मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का अनुमानित लक्ष्य रखा गया है। पंजीकृत 15 हजार 310 कृषकों से गन्ना क्रय किया जायेगा। गन्ना पेराई वर्ष 2021-22 के लिए उचित और लाभकारी मूल्य का निर्धारण दर रिकव्हरी प्रतिशत 9.5ः पर निर्धारित रूपये 275.50 प्रति क्विंटल है। राज्य शासन द्वारा गन्ना प्रोत्साहन राशि रूपये 79.50 प्रति क्विंटल कुल 355 प्रति क्विंटल भुगतान किया जावेगा, साथ ही रिकव्हरी 9.5ः से अधिक होने पर 0.1ः पर 2.90 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान किया जावेगा।
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक सरगुजा रामदेव राम, अध्यक्ष श्रम कल्याण बोर्ड शफी अहमद, उपाध्यक्ष जितेन्द्र दुबे, अध्यक्ष मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना विद्यासागर सिंह अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, गन्ना उत्पाद किसान और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
