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राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले की स्वसहायता समूह की महिलाओं ने अपनी मेहनत एवं लगन से ईंट बनाकर आर्थिक सशक्तिकरण की बुनियाद रखी है। बिहान योजना के माध्यम से 17 हजार 552 स्वसहायता समूह की 1 लाख 92 हजार 959 ग्रामीण महिलाओं को शामिल करने के पश्चात अब उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। स्वसहायता समूह की महिलाएं आजीविका अंतर्गत उन्नत कृषि, पशुपालन एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं किन्तु पिछले कुछ वर्षो से उनके लिए ईट निर्माण गतिविधि बेहतर आय का जरिया साबित हो रही है। प्रति वर्ष जनवरी से मई-जून की अवधि में समूह की महिलाएं ईट निर्माण का कार्य करती हैं निर्मित ईट की बिक्री से उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो जाती है, साथ ही समय का सदुपयोग भी हो जाता है।
कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य के निर्देशानुसार जिला पंचायत की सीईओ श्रीमति तनूजा सलाम द्वारा लगातार इसकी समीक्षा कर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। महिलाएं ईंट निर्माण के लिए खेत की मिट्टी एवं धान के छिल्के का उपयोग ईट निर्माण करती हैं एवं ईट पकाने के लिए घर में उपलब्ध लकड़ी का उपयोग करती हैं। घर पर लकड़ी उपलब्ध न होने पर खरीद भी लेते हैं साथ उपलब्धता के अनुसार पकाने के लिए कोयले का भी उपयोग करते हैं जिले भर में लाल ईट की मांग अधिक होने से अधिकतर समूह की महिलाओं द्वारा लाल ईट का निर्माण किया जाता है जबकि 3 समूहों द्वारा फ्लाई ऐश ब्रिक का भी निर्माण किया जाता है। वैसे तो जिले भर में ईट का निर्माण किया जाता है किन्तु वनांचल मोहला, मानपुर एवं अम्बागढ़ चौकी में बड़ी मात्रा में स्वसहायता समूह की महिलाएं ईट निर्माण का कार्य करती हैं पिछले 3 वर्षो से लगातार ईट निर्माण का आंकड़े में इजाफा हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना में भी ईट की सप्लाई की जा रही है।
बिहान योजना के तहत ईट निर्माण में संलग्न समूह की महिलाओं के पास पर्याप्त पूंजी की उपलब्धता के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सामुदायिक निवेश कोष की राशि भी समूह की महिलाओं द्वारा ईट निर्माण में लागत के तौर पर खर्च की जा रही है पर्याप्त वित्तीय सुविधा एवं आवास योजना में अच्छी मांग के कारण समूह की महिलाएं ईट निर्माण कर समृद्धि के नए आयाम की ओर बढ़ रही हैं। इस वर्ष कोविड-19 के लॉक डाउन पीरियड में भी इस वर्ष समूह की महिलाओं में ईट निर्माण के प्रति उत्साह में कोई कमी नहीं आई है, जो काबिले तारीफ है। वित्तीय वर्षं 2019-20 में जिले के कुल 733 स्वसहायता समूह की 1983 महिलाओं ने कुल 3 करोड़ 58 लाख ईट का निर्माण किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु ईट की आपूर्ति से 2 करोड़ 57 लाख रूपए की शुद्ध आय स्वसहायता समूह की महिलाओं को प्राप्त हुई एवं आवास निर्माण में ईट की आपूर्ति में भी सहूलियत हुई है। लगातार ईट का निर्माण किया जा रहा है और इस तरह ईट निर्माण गतिविधि से समूह की महिलाओं की आय वृद्धि हो रही है।
० युवक कांग्रेस ने दी स्व. मुदलियार एवं अल्लानुर को श्रद्धांजलि
० लगातार पांच दिनों तक युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान
राजनांदगांव / शौर्यपथ / प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष पूर्णचंद्र कोको पाढ़ी के निर्देशानुसार एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेन्द्र मुदलियार के मार्गदर्शन में युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव सुनील आहुजा एवं युवक कांग्रेस अध्यक्ष चेतन भानुशाली के नेतृत्व में शहीद स्व. उदय मुदलियार एवं स्व. अल्लानुर भिंड़सरा के पुण्य तिथि में स्थानीय पोस्ट ऑफिस चौक स्थित प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इसके पश्चात युवक कांग्रेस द्वारा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहंुचकर रक्तदान किया गया। युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि से लेकर आज शहीद स्व. उदय मुदलियार एवं अल्लानुर भिंड़सरा के पुण्यतिथि तक लगाकर पांच दिनों तक रक्तदान किया गया। जिसमें युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
युवा कांग्रेस के चेतन भानुशाली ने कहा कि राजनांदगांव के पूर्व विधायक उदय मुदलियार जी ने राजनंादगांव को एक विकास के मुख्यधारा से जोड़ने के लिए और सभी कांग्रेसजनों को एकजुट कर कार्य करते हुए पार्टी निर्देश के पालन करते हुए बस्तर जैसे नक्सल क्षेत्र के प्रभारी बनने का निर्णय लिया और प्रदेश कांगे्रस के परिवर्तन यात्रा के दौरान प्रदेश कांगे्रस के शीर्ष नेतृत्व नंदकुमार पटेल, विद्याचरण श्ुाक्ला, बस्तर टाईगर महेन्द्र कर्मा के साथ भाजपा सरकार के नीतियों और छग में अमन शांति की सरकार लाने के लिए निकले थे, 25 मई को झीरम घाटी में कांग्रेस के काफिले पर नक्सली नरसंहार हुआ, जिसमें कांग्रेस नेतृत्व को समाप्त करने की साजिश उजागर हुई।
उस हमले में हमनें शीर्ष नेताओं के साथ राजनांदगांव के लाड़ले नेता उदय मुदलियार, कांग्रेस के कर्मठ सिपाही अल्लानुर भिंड़सार को खोया है, उनकी शहादत को हम शत शत नमन करते है, और उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लेते है। उपस्थित कांगे्रसजनों ने उदय मुदलियार अमर रहे, अल्लानुर भाई अमर रहे के गगनभेदी नारे लाये।
तत्पश्चात युकांईयों ने टीम ने जिला हॉस्पिटल पहंुचकर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान भी किया और कांग्रेस के नेताओं ने अपने खून से छग के माटी को सींचा है, उसके प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए निरंतर रक्तदान करने का कार्य कर रहे है।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे, पप्पू धकेता, मामराज अग्रवाल, अशोक पंजवानी, प्रेम रुचंदानी, रोहित चंद्राकर, महेन्द्र बहादुर सिंह, एजाजुर रहमान, प्रज्ञा गुप्ता, नितिन बत्रा, अमित कुशवाहा, एन्नी मखीजा, दिगंत अवस्थी, दिलु साहू, पवन राजपूत, दीपक साहू, टिंकू साहू, उमर सिंह, विपत साहू, राकेश चन्द्राकर, गजेन्द्र सिंह राजपूत, अभिषेक यादव, लक्ष्मण साहू, महेश यादव, मुकेश साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के एवं युवक कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने छुरिया विकासखंड के ग्राम आमगांव में रात 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर क्वारेन्टाईन सेंटर का निरीक्षण किया और उन्होंने ग्रामवासियों से बातचीत की। उन्होंने सभी ग्रामवासियों को सावधानी एवं सचेत रहने के लिए कहा। कलेक्टर ने ग्रामवासियों से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए हमें जागरूक रहना पड़ेगा। सोशल डिस्टेसिंग का सभी पालन करें और मॉस्क का उपयोग करें, सेनेटाईजर का उपयोग करें, साबुन से अपना हाथ समय-समय पर हाथ धोते रहें।
कलेक्टर ने कहा कि संक्रमित मरीज भी हास्पिटल में इलाज के बाद ठीक होकर गांव वापस आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र अतिसंक्रमित प्रतिबंधित क्षेत्र होगा और यहां किसी का भी आवागमन नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी कोरोना संक्रमित मरीजों की ट्रेव्हल हिस्ट्री की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मनरेगा के काम बंद रहेंगे। गांव में किसी भी को सर्दी, खांसी, बुखार हो तत्काल एएनएम को सूचित करें। क्वारेन्टाईन सेंटर को समय-समय पर सेनेटाईज करते रहे। सरपंच एवं सचिव सजग रहें तथा सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षणों का परीक्षण करवाते रहें।
सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों को मेडिकल कॉलेज पेंड्री (कोविड-19 हॉस्पिटल) एम्बुलेंस से भेजा गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मिथलेश चौधरी, एसडीएम डोंगरगांव वीरेन्द्र सिंह एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / लॉकडाउन में अप्रवासी मजदूरों की बदहाल हालत को दुरूस्त करने के लिए बाघनदी बार्डर में तैनात आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी ने सेवाभाव दिखाते हुए मजदूरों की सुध ली है। बार्डर में बड़े पैमाने पर थके-प्यासे पहुंच रहे मजदूरों के प्रति उदारता का परिचय देते हुए आईटीबीपी के जवान पूरी शिद्दत के साथ मदद के लिए सामने आ रहे हैं। आईटीबीपी के मददगार रूख ने मजदूरों की भूख और प्यास को दूर करने का काम किया है। सिविक एक्शन प्लान के तहत 38वीं वाहिनी की ओर से भोजन के पैकेट के साथ-साथ मठा भी मजदूरों को दिया जा रहा है। आईटीबीपी की ओर से मजदूरों को बार्डर में प्रवेश करते ही भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा शारीरिक परेशानी से त्रस्त मजदूरों को चिकित्सकों की सलाह के पश्चात दवाई भी दी जा रही है। इस संबंध में डिप्टी कमांडेंट रंजन कुमार ने कहा कि कमांडेंट नरेन्द्र सिंह के दिशा-निर्देश पर सिविक एक्शन प्लान के तहत मजदूरों को मदद की जा रही है। आईटीबीपी सामाजिक सरोकार से जुड़ते हुए यह प्रयास कर रहा है। इधर बाघनदी बार्डर में आईटीबीपी की ओर से सूखे खाद्य पदार्थ भी दिए जा रहे हैं। मजदूरों की तकलीफ को दूर करने की कोशिश में जुटे आईटीबीपी के आलाधिकारी और अन्य जवान हरसंभव मजदूरों की दशा को सुधारने में मदद कर रहे हैं। आईटीबीपी के इस प्रयास की जमकर सराहना हो रही है। आईटीबीपी 24 घंटे बार्डर में मजदूरों की देखभाल के लिए डटा हुआ है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / करोना संक्रमण काल के इस वैश्विक संकट में मजदूर साथियों को अपने कार्य क्षेत्र को छोड़कर घर आने की आपाधापी में भूखे-प्यासे मजदूरों की सेवा करने के लिए जिला भाजपा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडे के आवाहन पर जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव के नेतृत्व में जिला भाजपा द्वारा खाद्यान्न सामग्री के पैकेट प्रवासी मजदूरों को बांटे गए।
महाराष्ट्र सीमा एवं अन्य राज्यों से आने वाले कई मजदूर बसों के द्वारा अन्य जिलों की ओर जा रहे थे, उन्हें रोककर रायपुर नाका के पास राम दरबार के समीप तथा ठाकुरटोला टोल प्लाजा के पास 600 पैकेट का वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, रमेश पटेल, भरत वर्मा, रेखा मेश्राम, शोभा सोनी, सावन वर्मा, हीरेन्द्र साहू, रविन्द्र सिंह, शिव वर्मा, राजेश श्यामकर, तरूण लहरबानी, किशुन यदु, सुमित भाटिया, दिनेश गुप्ता, योगेश खत्री, प्रखर श्रीवास्तव, रघुवीर वाधवा, दिनेश गुप्ता, बंटी भाटिया, सुनील साहू, नागेश यादव, चंद्रभान जंघेल, आकाश चोपड़ा, आशुतोष सिंह, जय शर्मा, अरुण शुक्ला, बलवंत साहू, शेखर यादव, मनीष जैन, सरस्वती यादव, अकरम कुरैशी, हकीम खान आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव ने बताया कि पैकेट वितरण का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से मजदूरों के प्रवास तक जारी रहेगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / लॉकडाउन में अप्रवासी मजदूरों की बदहाल हालत को दुरूस्त करने के लिए बाघनदी बार्डर में तैनात आईटीबीपी की 38वीं वाहिनी ने सेवाभाव दिखाते हुए मजदूरों की सुध ली है। बार्डर में बड़े पैमाने पर थके-प्यासे पहुंच रहे मजदूरों के प्रति उदारता का परिचय देते हुए आईटीबीपी के जवान पूरी शिद्दत के साथ मदद के लिए सामने आ रहे हैं। आईटीबीपी के मददगार रूख ने मजदूरों की भूख और प्यास को दूर करने का काम किया है। सिविक एक्शन प्लान के तहत 38वीं वाहिनी की ओर से भोजन के पैकेट के साथ-साथ मठा भी मजदूरों को दिया जा रहा है। आईटीबीपी की ओर से मजदूरों को बार्डर में प्रवेश करते ही भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा शारीरिक परेशानी से त्रस्त मजदूरों को चिकित्सकों की सलाह के पश्चात दवाई भी दी जा रही है। इस संबंध में डिप्टी कमांडेंट रंजन कुमार ने कहा कि कमांडेंट नरेन्द्र सिंह के दिशा-निर्देश पर सिविक एक्शन प्लान के तहत मजदूरों को मदद की जा रही है। आईटीबीपी सामाजिक सरोकार से जुड़ते हुए यह प्रयास कर रहा है। इधर बाघनदी बार्डर में आईटीबीपी की ओर से सूखे खाद्य पदार्थ भी दिए जा रहे हैं। मजदूरों की तकलीफ को दूर करने की कोशिश में जुटे आईटीबीपी के आलाधिकारी और अन्य जवान हरसंभव मजदूरों की दशा को सुधारने में मदद कर रहे हैं। आईटीबीपी के इस प्रयास की जमकर सराहना हो रही है। आईटीबीपी 24 घंटे बार्डर में मजदूरों की देखभाल के लिए डटा हुआ है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / करोना संक्रमण काल के इस वैश्विक संकट में मजदूर साथियों को अपने कार्य क्षेत्र को छोड़कर घर आने की आपाधापी में भूखे-प्यासे मजदूरों की सेवा करने के लिए जिला भाजपा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह एवं सांसद संतोष पांडे के आवाहन पर जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव के नेतृत्व में जिला भाजपा द्वारा खाद्यान्न सामग्री के पैकेट प्रवासी मजदूरों को बांटे गए।
महाराष्ट्र सीमा एवं अन्य राज्यों से आने वाले कई मजदूर बसों के द्वारा अन्य जिलों की ओर जा रहे थे, उन्हें रोककर रायपुर नाका के पास राम दरबार के समीप तथा ठाकुरटोला टोल प्लाजा के पास 600 पैकेट का वितरण किया गया। वितरण कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, रमेश पटेल, भरत वर्मा, रेखा मेश्राम, शोभा सोनी, सावन वर्मा, हीरेन्द्र साहू, रविन्द्र सिंह, शिव वर्मा, राजेश श्यामकर, तरूण लहरबानी, किशुन यदु, सुमित भाटिया, दिनेश गुप्ता, योगेश खत्री, प्रखर श्रीवास्तव, रघुवीर वाधवा, दिनेश गुप्ता, बंटी भाटिया, सुनील साहू, नागेश यादव, चंद्रभान जंघेल, आकाश चोपड़ा, आशुतोष सिंह, जय शर्मा, अरुण शुक्ला, बलवंत साहू, शेखर यादव, मनीष जैन, सरस्वती यादव, अकरम कुरैशी, हकीम खान आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।
जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव ने बताया कि पैकेट वितरण का यह कार्यक्रम अनवरत रूप से मजदूरों के प्रवास तक जारी रहेगा।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / महापौर श्रीमती हेमा सुदेश देशमुख की अध्यक्षता में महापौर परिषद की बैठक निगम स्थित महापौर कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में आय-व्यय अनुमान पत्रक 2020-2021 पर विचार विमर्श उपरांत स्वीकृति हेतु सामान्य सभा को प्रेषित किया गया एवं वित्तीय वर्ष 2019-2020 के आय-व्यय को पुनरीक्षण की अनुशंसा सहित सामान्य सभा को भेजा गया। साथ ही नगर निगम के विभिन्न विभागों के लिये आमंत्रित वार्षिक निविदा में प्राप्त दर की स्वीकृति प्रदान की गई।
महापौर श्रीमती देशमुख ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये बजट के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुये अनुशंसा सहित स्वीकृति हेतु समान्यसभा को प्रेषित किया गया और दिग्विजय महाविद्यायल में निर्मित आडिटोरियम में ईको-साउंड सिस्टम स्थापना के लिये प्राप्त न्यूनम दर की स्वीकृति के अलावा बूढा सागर के उत्तरी भाग में स्थित फूड कोर्ट के संचालन के संबंध में निर्णय लिया गय तथा पेयजल परिवहन हेतु एवं निस्तारी कार्य के लिये प्राप्त दर की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिये स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न वार्डो के लिये सफाई कार्य ठेके के माध्यम से कराये जाने प्राप्त न्यूनतम दर की स्वीकृति प्रदान की कई।
साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण लाक डाउन की स्थिति में शासन द्वारा गरीब परिवारों को सुखा राहत समाग्री महापौर व पार्षद निधि से वितरण करने दी गयी स्वीकृति की पुष्टि की गई तथा नगर निगम की आय में वृद्धि करने शिवनाथ नदी के किनारे निगम सीमाक्षेत्र से रेत निकालने शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।
बैठक में महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य मधुकर बंजारी, सतीश मसीह, संतोष पिल्ले, विनय झा, भागचंद साहू, गणेश पवार,राजा तिवारी,श्रीमती सुनीता फडनवीस, राजेश गुप्ता चंपू, श्रीमती बैना बाई तुर्राटे,कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी व यू.के. रामटेके, लेखा अधिकारी यू.एस. वर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव, राजस्व अधिकारी श्रीमती सीमा बक्शी, समाज कल्याण अधिकारी भूपेन्द्र वाडेकर, लेखापाल राकेश नंदे सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से पलकों पर बढ़ता है प्रतिवर्ष बोझ
राजनांदगांव / शौर्यपथ / भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष परवेज अहमद पप्पू ने कहा कि कोरोना कॉल के दौरान बंद रही निजी स्कूलों ने अब छूट मिलने के बाद दो महीने में हुए नुकसान की भरपाई करने का नया तरीका निकाला है। निजी स्कूलों के संचालकों ने बुक डिपो संचालक के साथ मिलकर किताबों के दाम बढ़ा दिए हैं।
प्राइवेट स्कूलों में पुस्तक कॉपी को लेकर भारी गहमागहमी का माहौल प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की पुस्तकें बहुत ही महंगी लॉक डाऊन की स्थिति में महंगी पुस्तकें और कॉपी से पालक हो रहे परेशान इस दौरान अभी पूरे भारत सहित छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन के चलते छत्तीसगढ़ राज्य में सभी स्कूल व कॉलेज बंद है, राज्य सरकार के द्वारा शिक्षा विभाग के माध्यम से आदेश जारी करते हुए सभी स्कूलों मैं ऑनलाइन पढ़ाई करने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन इसी बीच पुस्तकें व कॉपी महंगी होने से पालकगण बहुत ही परेशान है, क्योंकि कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन का दंश लोग झेल रहे हैं। वहीं नर्सरी की किताबें 1400 रुपये की आ रही है, एक तरफ अभिभावक जीवन जीने संगर्ष कर रहा है। दूसरी ओर महंगी शिक्षा का बोझ, सरकार को गंभीरता से इस ओर ध्यान देना चाहिए और पालकों को मुनाफाखोर शिक्षा ववस्था से को विषम परिस्थितियों में बचाने की आवश्कता हैं।
अहमद ने आगे बताया कि प्रतिवर्ष पुस्तकों में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि कंपनी के द्वारा किया जाता है, जिसका बोझ पलकों पर पड़ता है। राजनांदगांव शहर की एक बुक डिपो से बात करने पर पता चला कि हर वर्ष पुस्तकों में वृद्धि पब्लिशर्स पुस्तक कंपनी की सांठगांठ से प्राइवेट स्कूलों को प्रति पुस्तक 25 प्रतिशत व बुक डिपो है। 10 से 15 प्रतिशत प्राइवेट स्कूलों को जाता है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि 400 की पुस्तक से प्राइवेट स्कूल को कमीशन के रूप में 160 मिलता है, जबकि उस पुस्तक की कास्ट लिया जाए तो उक्त पुस्तक की कीमत सिर्फ 200 रुपये होगा, लेकिन कमीशन की खेल बाजी में उक्त पुस्तक की कीमत बुक डिपो तक पहुंचते ही 400 रुपए का आंकड़ा पार कर जाता है। परवेज अहमद पप्पू ने इस विषय पर चिंता करते हुए शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों, बुक डिपो और पुस्तक कंपनी पर अंकुश लगाते हुए उचित कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई केन्डू पर्वत फाउंडेशन के चेयरमेन व भाजयुमों नेता अतुल पर्वत के द्वारा आज भिलाई से सीधे बाघनदी पहुंचकर पूर्व मुख्यंत्री रमन सिंह, सांसद संतोष पाण्उेय, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह एवं सांसद मधुसूदन यादव, खूबचंद पारख, लीलाराम भोजवानी, पूर्व महापौर शोभा सोनी की मौजूदगी में बाहर से छग आ रहे प्रवासी मजदूरों को एक हजार चप्पल और गमछा का वितरण किया गया। इस दौरान डॉ. रमन सिंह ने अतुल पर्वत की पीठ थपथपाते हुए इस संकट की घड़ी में मजदूरों के प्रति संवेदना रखने वाले इस कार्य की भूरि भूरि प्रंशसा की। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ये समय राजनीतिक करने का नही है बल्कि हम सभी को मिलकर स्वच्छा से कार्य करना होगा। उन्हेांने कहा कि सिख समाज के लोग, सरपंच, व बाघनदी के आस पास के लोग बढचढ कर लोगों की मदद कर रहे हैं, वैसे भी राजनांदगांव को संस्कारधानी के रूप में माना जाता है।
रमन सिंह ने आगे कहा कि जो लोग बाहर से आ रहे है, शासन उनका थर्मल टेस्ट करवाये, जिन पंचायतों और सरपंचो को जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें शासन फंड दें ताकि वह कोरोना वायरस से पीडित मजदूरों की क्वांरंटाईन सेंटर में लोगों की मदद कर सके। उन्हेांने आगे कहा कि विपक्ष की भूमिका निभाता रहूंगा और मैं लगातार लोगों की फोन आने पर वेस्ट बंगाल, जम्मूकाश्मीर, गुजरात के गांधी नगर सहित कवर्धा और छग के अन्य लोगों की मैं मदद कर रहा हूं, मेरे दरवाजे रात 12 भी लोगों के लिए खुले है। राज्य सरकार अपने दायित्वों से अलग न हों। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर जनता को बेहतर सुविधा दे सकते हैं, रेल मंत्री पियुष गोयल ने चैलेंज करते हुए कहा था कि छग से मेरे पास कोई भी रेल सेवा के लिए आवेदन पेंडिग नही है। उस पर रमन सिंह ने कहा कि भूपेश सरकार ने रेल सेवा के लिए पैसा रविवार को जमा किया है। उन्हेांने कहा कि एक रेल गाड़ी के लिए 1 लाख 60 हजार रूपये जमा करना रहता है, यदि एक करोड़ रूपये राज्य सरकार रेल के लिए जमा कर देती जो बाहर फंसे हुए मजदूर है, उनको सीधा रेल सेवा का लाभ मिल जाता।
रमन सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि यूपी में दो से ढाई सौ से अधिक मजदूर रेल सेवा का लाभ लेकर अपने घरेों तक पहुंच रहे हैं। जो लोग जरूरतमंद है, मजदूर है, उन्हें सही समय पर मदद मिले, ये सब हम सबको मिलकर करना है। मैं कोई सरकार की आलोचना नही कर रहा हूं, आगे क्या कर सकते हैं, ये चिंता करने का समय है। लोग दूर दूर से पांच सौ से आठ सौ किलोमीटर पैदल चलकर आ रहे है। शासन प्रशासन को उनको बेहतर व्यवस्था देना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में रैपिड किट भी नही है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में प्रीतपाल सिंह भाटिया राजा, गोल्डी भाटिया, छोटू भाटिया, जुग्नू भाटिया, बंटी भाटिया, इन्दर सिंह, अखिलेश तिवारी, कीमत लहरी, शिव ताम्रकार गुड्डू भैय्या सहित बड़ी संख्या में भाजयुमों समर्थक उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आज लोगों के लिए जारी अपील में बताया कि कोरोना (कोविड-19) अत्यधिक संक्रमित वायरस जनित रोग है। यह बीमारी मुख्य रूप से हाथ, मुंह, नाक, आंख के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचती है। राजनांदगांव जिला महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से लगता है।
प्रतिदिन जिले की सीमाओं में हजारों की संख्या में प्रवासी आ रहे हैं। कुछ सामाजिक संगठनों द्वारा मानवता के नाते प्रवासी मजदूरों को भोजन पैकेट भी प्रदान किया जा रहा है, जो सराहनीय कार्य है। लेकिन सहयोग करते समय कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों को अपनाना अत्यंत जरूरी भी है। उन्होंने कहा कि गीला खाद्य पदार्थ, केला, पानी पाऊच देने पर श्रमिक या प्रवासी खाद्य पदार्थ का उपयोग करने के बाद रोड या बसाहट के आसपास फेंक देते हैं। इन पैकेटों में मजदूरों से संपर्क/लार इत्यादि होने से कोरोना संक्रमण का मुख्य कारण हो सकता है। जिससे जिले में संक्रमण फैल सकता है। समाजसेवियों को सामग्री वितरण में प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
समाजसेवियों को संबंधित एसडीएम को लिखित सूचना के पश्चात् ही सामग्री का वितरण करना चाहिए। बिना सूचना के भोजन वितरण का कार्य न करें। यह भी कोशिश करें कि सूखा खाद्य पदार्थ (चना, मुर्दा, नमकीन, बिस्किट, गुड़ इत्यादि) का वितरण हो। यदि फल वितरण करना है तो ऐसे फल दें, जिसके खाने के बाद अवशेष नहीं बचता है। यदि गरम खाना/लंगर चलाया जाता है तो आवश्यक प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। प्रोटोकाल का उल्लंघन होने पर समाजसेवी संगठन के विरूद्ध कार्रवाई की जा सकती है। खाना पैकेट में दें, खाना लंगर में निर्धारित स्थल में पैकेट में देना चाहिए। लंगर स्थल चारों ओर से घिरा होना चाहिए। पैकेट का कचरा लंगर/भोजन वितरण स्थल में रखी पेटी में ही डाला जाय। लंगर/भोजन वितरण स्थल में पैकेट एक टेबल में रखें। जरूरत मंद व्यक्ति पैकेट उठाएंगे और वहीं खाएंगे डस्टबिन में डालेंगे तभी वहां से जाएंगे।
डस्टबिन में सोडियम हाइपोक्लोराईट का छिड़काव स्प्रे से किया जाए। इसके लिए लंगर संचालकों को स्प्रे की व्यवस्था करनी होगी। डस्टबिन के पैकेट को डिस्पोज करने वाले व्यक्तियों को मास्क (एन-95), ग्लव्स, पीपीई किट का उपयोग करना होगा। कचरे को किसी भी स्थिति में खुले स्थान में न फेंके बल्कि गहरे गड्ढे में फेंके तथा मिट्टी से ढकें। जिस वाहन में कचरा का परिवहन किया गया है, उसे प्रत्येक चक्र के पश्चात सोडियम हाइपोक्लोराईट से सैनिटाईज करना जरूरी है। कचरे का निराकरण करने वाले कर्मियों का प्रत्येक सप्ताह रेपिड किट से जांच करें। जहां तक संभव हो सूखा खाद्य पदार्थ का वितरण ही करें। कचरे के निपटान के लिए सीएमओ या आयुक्त से संपर्क करें। रेन बसेरा राजनांदगांव का भ्रमण कर इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं।
प्रोटोकाल का पालन नहीं करने तथा संक्रमण फैलाने के कारण ऐपिडैमिक एक्ट आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की जा सकती है। आप से अनुरोध है, जरूरतमंद की मदद करें तथा खुद को और समुदाय को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / संस्कारधानी में जिस पदमश्री गोविंदराम निर्मलकर के नाम पर ऑडिटोरियम है, बेहद ही आर्थिक तंगी से जूझ रही उनकी पत्नी दुलारी बाई निर्मलकर लॉकडाउन में आभावों के बीच आज दम तोड़ दी। श्रीमती दुलारी बाई निर्मलक कुछ दिनों पूर्व दुर्ग आई थी और लोकमंच से तथा छॉलीवुड से जुड़े एक कलाकार के पास आकर उन्होंने अपनी व्यथा बताई थी कि बाबू,, पद्मश्री परिवार मन बर सरकार कोनो मदद करही का,, कुछु सरकारी योजना होही तो मोला दवाई पानी बर घलो मदद देवा देतेस,और चली गई। क्येांकि वो कुछ दिनों से बीमार चल रही थी, और इसी बीच शनिवार को खबर आई कि उनका निधन हो गया।
पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर भी जब तक जीवित रहे तब तक वे भी बेहद आर्थिक तंगी से जूझते रहे, टूटी फूटी खप्पर वाले मकान जिसको छवाने की बात तो दूर बल्कि दाने दाने के लिए मोहताज थे और आभावों के बीच ही वो भी इस संसार से बिदा हो गये।
आर्थिक तंगी के कारण पदमश्री लौटाने की खबर मिलने पर राज्यपाल ने की थी गोविंदराम की मदद
ज्ञातव्य हो कि पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर जो देश के प्रसिद्ध नाटयमंच हबीब तनवीर के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे और कला को अपनी जीवन पूरा समर्पित कर दिये थे, श्री निर्मलकर जी का कला के क्षेत्र में बहुत ही अहम योगदान था। गोविंदराम निर्मलर का निधन चार पांच वर्ष पूर्व हो गया था, पदमश्री मिलने के बाद भी वे बेहद आर्थिक तंगी से जुझ रहे थे, आर्थिक तंगी के कारण शासन प्रशासन को कई बार जानकारी देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नही हुई तो वे दुर्ग के बहुत पुराने लोककला मंच के कलाकार नकुल महलवार को पास आये और अपनी आर्थिक तंगी के कारण अपना फांके भरी कट रही जिंदगी के बारे बताया और कहा कि बाबू सरकार द्वारा पद्मश्री तो दे दिया गया है लेििकन कलाकारों की कोई वेल्यू सरकार नही कर रही है,कोई सुध नही ले रही है, मैं बहुत दुखी हूं मैं पदमश्री लौटा दूंगा, बताओ इसको कहां कब और कैसे लौटाया जाये, जब इस बात की जानकारी लोककलाकार एवं समाजसेवी नकुल महलवार के माध्यम से एक न्यूज चैनल को मिली और आर्थिक तंगी के कारण पदमश्री लौटाने की बात जब सामने आई तब तत्कालीन राज्यपाल बलराम दास टंडन ने सुध ली ओर पदमश्री गोविंगदराम निर्मलकर को बुलाकर एक लाख रूपये का चेक दिया था।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बागनदी बार्डर पर आकस्मिक एवं अनपेक्षित रूप से अन्य राज्यों से श्रमिकों को आवाजाही बढऩे पर श्रमिकों को उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सीमा के अंदर प्रवेश करने वाले प्रत्येक श्रमिक चाहे वह राज्य का निवासी हो या नहीं परिवहन, भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर मौर्य ने आज बागनदी चेक पोस्ट में लगी हुई बसों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार विनोद वर्मा एवं रूचिर गर्ग उपस्थित थे। चेक पोस्ट में श्रमिकों को पानी एवं सूखा भोजन दिया जा रहा है और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए काउंटर बनाया गया है। पुलिस सहायता केन्द्र में उन्हें मदद दी जा रही है। अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को उनके राज्य तक एवं छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को उनके जिलों तक पहुंचाने के लिए लगभग 100 बसे लगी हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 में स्थित बागनदी बार्डर में प्रतिदिन लगभग 10 से 15 हजार श्रमिक सीमा में प्रवेश कर रहे है। महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, मध्यप्रदेश से आने वाले यात्री लगातार आ रहे है। महाराष्ट्र एवं गुजरात परिवहन विभाग की बसों एवं उन राज्यों से आने वाले ट्रकों के माध्यम से बढ़ी संख्या में यात्रियों को बागनदी चेक पोस्ट के समीप उतार दिया जाता है। जिससे बागनदी चेक पोस्ट पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्र हो रही है। सीमा पर आने वाले यात्री छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडि़सा, पश्चिम बंगाल के निवासी है।
यात्रियों के लिए उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए बस रूट चार्ट बनाया गया है। जिसके अनुसार बागनदी से बलरामपुर बार्डर रूट में सरगुजा, बलरामपुर तथा पश्चिमी झारखंड जिले के निवासी जाएंगे। बागनदी से लोदाम बार्डर रूट से होते हुए जशपुर तथा पूर्वी झारखंड जिले के निवासी जाएंगे। बागनदी से सराईपाली बार्डर रूट से होते हुए ओडि़सा, रायगढ़, महासमुंद के निवासी तथा बागनदी से रायपुर जोन के लिए गरियाबंद एवं रायपुर के निवासी, बागनदी से बिलासपुर जोन के लिए मुंगेली, पेंड्रा एवं बिलासपुर के निवासी जाएंगे। बागनदी से बलौदाबाजार रूट से होते हुए बलौदाबाजार के निवासी जाएंगे। बागनदी से जांजगीर की रूट में जांजगीर एवं कोरबा के निवासी, रैन बसेरा राजनांदगांव से कवर्धा, बेमेतरा एवं बालोद के निवासी, रैन बसेरा से कांकेर जोन के रूट में धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, जगदलपुर के निवासी जाएंगे।
झारखंड तथा बिहार के प्रवासी बलरामपुर बार्डर तक जाएंगे। बिहार जाने वाले सभी यात्री बलरामपुर बार्डर जाएंगे इसके अलावा झारखंड के गड़वा, पलामू, लातेहार, चतरा, हजारी बाग एवं कोडरमा जिले के यात्री भी बलरामपुर बार्डर जाएंगे। झारखंड के प्रवासी लोदाम सीमा तक जाएंगे। ऊपर लिखे जिलों को छोड़कर झारखंड राज्य के शेष यात्री लोदाम बार्डर जाएंगे। बिहार का कोई यात्री लोदाम बार्डर नहीं जाएगा।
बस से रायपुर जाने वाले श्रमिक ओमप्रकाश पटेल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज हम राहत महसूस कर रहे है और अब अपने घर रायपुर जा रहे है। सपरिवार रोजी-मजदूरी के लिए पुणे चले गए थे और वहां कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में फंस गए थे। पुणे से आ रहे श्री गेंदराम वर्मा ने बताया कि वे कमाने-खाने के लिए पूना गए थे और वहां लॉकडाउन में फंस गए थे। छत्तीसगढ़ शासन की मदद से वे अब अपने घर ओडि़सा भवानीपटना चले जाएंगे। श्री जोगिंदर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि नागपुर से आए है और अब बस से रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य के निर्देशानुसार जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. अरविन्द मरावी ने 18 से 31 मई 2020 तक जिले के विभिन्न आयुर्वेद चिकित्सकों की ड्यूटी बागनदी चेक पोस्ट पर लगाई है। चिकित्सकों द्वारा बागनदी चेक पोस्ट में कोरोना वायरस के रोकथाम एवं स्क्रीनिंग का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में जारी आदेश के अनुसार 18, 23 एवं 28 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. हर्षा दुबे, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. हर्षा चौरसिया तथा रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. तपेश्वर सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। 19, 24 एवं 29 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. आरती कावले, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. योगेश्वरी ठाकुर, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. हरीशशरण साहू की ड्यूटी लगाई गई है।
इसी तरह 20, 25 एवं 30 मई 2020 को प्रात:8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. प्रज्ञा सक्सेना, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. अन्नपूर्णा मिश्रा, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. सुरेन्द्र कुमार मेश्राम एवं 21, 26 एवं 31 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ: हर्षा बरैया, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. यामिनी शर्मा, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. नरोत्तम राम नेताम तथा 22 एवं 27 मई 2020 को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. वैशाली महाकालकर, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक डॉ. रूबिना शाहिन अंसारी, रात्रि 8 बजे से प्रात: 8 बजे तक डॉ. दिनेश कुमार सोनी की ड्यटी लगाई गई है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
