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April 05, 2026
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शौर्यपथ

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‘छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021’ की अधिसूचना जारी
कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रूपए और कक्षा 9वीं से 12वीं तक एक हजार रूपए
प्रति माह की छात्रवृत्ति

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कोरोना महामारी से राज्य के मृत व्यक्तियों के बेसहारा बच्चों को निःशुल्क स्कूली शिक्षा के साथ ही छात्रवृत्ति भी प्रदाय करने राज्य शासन द्वारा ‘छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021’ प्रारंभ की जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस योजना के क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।
जारी अधिसूचना के अनुसार योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत ऐसे पात्र स्कूलों में प्रवेशित छात्रों को कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रूपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12वीं तक एक हजार रूपए प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विगत 18 मई को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में महतारी दुलार योजना लागू करने के संबंध में निर्णय लिया गया था।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महतारी दुलार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में पत्र जारी कर सभी जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021 शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू की जा रही है। योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी परिवारों से संबंधित बेसहारा बच्चों को मिलेगा। इस योजना की पात्रता शर्तों में ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई हो। इसके अलावा बेसहारा बच्चे स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के लिए पात्रता रखते हों और जिनके घर में कमाने वाले व्यस्क सदस्य न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई हो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शासकीय शालाओं में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पात्र बच्चों को राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। ऐसे बच्चे जिनके कमाने वाले माता-पिता की मृत्यु हो गई उन्हें निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। पात्र छात्रों को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रतिभावान छात्रों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बेसहारा बच्चों के संबंध में किसी भी स्त्रोत से कलेक्टर को जानकारी प्राप्त होने पर, कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा छात्र स्वयं या अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सीधे आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के एक-एक अधिकारी नामांकित होंगे। समिति की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। अभिलेखों के रख-रखाव के लिए पंजी का संधारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। योजना की समीक्षा जिला कलेक्टर द्वारा समय-समय पर की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जनसामान्य में कोविड-19 के प्रभावों को कम करने एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशव्यापी वर्चुअल योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम का किया शुभारंभ
वर्चुअल योगाभ्यास कार्यक्रम के माध्यम से योग की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा
योग की निःशुल्क वर्चुअल कक्षाएं आगामी एक वर्ष तक अनावरत चलती रहेंगी
इच्छुक व्यक्ति योग कक्षाओं से लाइव जुड़कर इनका लाभ उठा सकेंगे

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि योग एक सरल, सस्ता और सुलभ माध्यम है, जिसे अपनाकर हम वर्तमान और भविष्य के खतरों से खुद को बचा सकते हैं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशव्यापी वर्चुअल योगाभ्यास एवं योग परामर्श कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उपरोक्त बातें कही।
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा कोविड-19 की चिकित्सा से स्वस्थ हुए व्यक्तियों, होम आइसोलेशन एवं क्वारेंटाइन में रह रहे व्यक्तियों, उनके परिवार के सदस्यों, वैक्सीन का प्रथम डोज ले चुके व्यक्तियों एवं वरिष्ठ नागरिकों सहित जन सामान्य में कोविड-19 के प्रभावों को कम करने एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। योग की निःशुल्क वर्चुअल कक्षाएं 31 मई से आगामी एक वर्ष तक चलेंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण मंत्री एवं छत्तीसगढ़ योग आयोग की अध्यक्ष श्रीमती अनिला भेंड़िया ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, सचिव समाज कल्याण विभाग श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले उपस्थित थीं। संचालक समाज कल्याण पी. दयानंद सहित छत्तीसगढ़ योग आयोग और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न जिलों से नागरिक, योग प्रशिक्षक भी इस कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस है। इस दिवस को मनाने के मूल में सभी के स्वास्थ्य की चिंता ही है। इसके साथ ही साथ अब कोरोना-वायरस के कारण हो रहे नुकसान की भी चिंता शामिल हो गई है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हम सभी के स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंचाया है। जो लोग संक्रमण से बच गए हैं, उन्हें भी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी लहर पर नियंत्रण पाया जा चुका है, लेकिन तीसरी लहर की आशंका भी सामने है। उस तीसरी लहर का सामना करने के लिए भी हमें शारीरिक और मानसिक रूप में तैयार रहना होगा। कोरोना की दूसरी लहर के समय हम सबने देखा कि जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर रही, उनके प्राण संकट में पड़ गए थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग एक ऐसा सरल, सस्ता और सुलभ माध्यम है, जिसे अपनाकर हम वर्तमान और भविष्य के खतरों से खुद को बचा सकते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर शासन ने आज से वर्चुअल योगाभ्यास कार्यक्रम शुरु करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से योग की शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। जो लोग कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं, जो लोग अब भी होम क्वारंटाइन में हैं, जो लोग टीके का पहला डोज ले चुके हैं, जो लोग बुजुर्ग हैं, जिन लोगों को अपनी सेहत को लेकर चिंता है, जो लोग नशा मुक्त होना चाहते हैं, ऐसे सभी लोग इस वर्चुअल योगाभ्यास कार्यक्रम का लाभ उठा सकते हैं। आज से योग कक्षाएं अनवरत चलती रहेंगी। सोशल मीडिया पर इन कक्षाओं का लाइव प्रसारण होगा, साथ ही इनकी रिकार्डिंग भी उपलब्ध रहेगी। कोई भी, कभी भी, इन कक्षाओं का लाभ उठा सकता है।
जूम एप, गूगल मीट, सिस्को वेब एक्स आदि के माध्यम से इन योग कक्षाओं से लाइव जुड़कर भी इनका लाभ उठाया जा सकता है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रहने वाले लोग तो इन कार्यक्रमों का लाभ ले ही सकेंगे, जो लोग छत्तीसगढ़ के बाहर रहते हैं, वे भी सोशल प्लेटफार्म के माध्यम से इसका लाभ ले सकेंगे। उन्होंने इस कार्यक्रम को शुरू करने के लिए समाज कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ योग आयोग को बधाई दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि आज नशा करने की प्रवृत्ति विश्व स्तर पर भयावह हो गई है। ऐसी स्थिति में जन सामान्य को योग विशेषज्ञों के द्वारा नियमित योगाभ्यास कराकर नशे से दूर रखा जा सकता है। योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य धरोहर रही है। योग लोगों के मन, विचार, कर्म को संयमित रखते हैं। योग विद्या का उद्भव हजारों वर्ष प्राचीन है। वर्तमान समय में योगाभ्यास को चिकित्सकों द्वारा वरीयता दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं अत्यंत विशिष्ट विज्ञान पर आधारित ज्ञान है, जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित कर रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं आत्मबल में वृद्धि कराता है। आगामी 1 वर्ष तक चलने वाले इस कार्यक्रम के जरिए योग प्रशिक्षकों एवं विभाग के अंतर्गत कार्यरत फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा योगाभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के समस्त नागरिकों से इस महा अभियान में सम्मिलित होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांकेर के वरिष्ठ नागरिक संजय काशी, छत्तीसगढ़ योग आयोग के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. शरद तिवारी, योग प्रशिक्षक पुष्कर चौबे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा भी की। इस अवसर पर योगाभ्यास का वर्चुअल प्रदर्शन भी किया गया। समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। संचालक, समाज कल्याण पी. दयानंद ने भी कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / फरवरी 2020 से लेकर आज तक देश की मजदूर जनता कोरोना रूपी महामारी से लगातार जुझ रहे है और इस आपदा से हमेशा के लिए अपने परिजन को खो रहे है। यह आरोप जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ने लगाया है। जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस महामारी से लाखों लोगों की जिंदगी तबाह हो गई है। बहुत से लोग बेरोजगार और आर्थिक मार झेल रहे है, तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग शारीरिक कष्ट कष्ट में है। महामारी को रोकने का कारगर उपाय केवल टीकाकरण ही है, जिसकी रफ्तार उपलब्धता की कमी से धीमे और रूक कर चल रही है। इस संकट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कोरोना संबंधी गलत नीतियों को जिम्मेदार माना जा रहा है।
जिला राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस अध्यक्ष गोलू नायक ने कहा है कि कोरोना पर केंद्र के मोदी सरकार की लापरवाही से लाखों जनता की जान चली गई। हजारों परिवार बिखर गए। प्रेस वार्ता एवं ट्विटर के माध्यम से राहुल गांधी द्वारा कोरोना के दुष्प्रभाव और संक्रमण के फैलाव के बारे में बार-बार मोदी सरकार को आगाह किया गया, किन्तु मोदी ने न कुछ कहा सुना और न ही कोई अमल किया।

नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार में टकराव के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलप्पन बंदोपाध्याय ने पद और सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया है और वे 'टीम ममता' से जुड़ गए हैं. केंद्र सरकार द्वारा 31 मई तक दिल्ली आने के फरमान के बीच यह फैसला लिया गया. ममता बनर्जी ने बंदोपाध्याय को तीन साल के लिए अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है. ममता ने इस फैसले के साथ साफ संकेत दिया कि वे इस सियासी टकराव के बीच झुकने वाली नहीं हैं. हालांकि केंद्र के रुख से संकेत मिलता है कि तूफान यास को लेकर पश्चिम बंगाल में हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक से ममता बनर्जी की गैरहाजिरी का मसला अभी ठंडा नहीं पड़ा है. केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने के कारण बंदोपाध्याय को चार्जशीट का सामना करना पड़ेगा.एचके द्विवेदी अब बंगाल के नए मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं.
ममता बनर्जी ने शह-मात के इस सियासी खेल के बीच केंद्र सरकार पर हमला भी बोला. ममता ने कहा कि यह प्रतिशोध की राजनीति है. ऐसा क्रूर व्यवहार उन्हें कभी नहीं देखा. वो ममता बनर्जी पर हमला करना चाहते थे, इसलिए मुख्य सचिव को निशाना बनाया गया. ममता बनर्जी ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की सहमति के बिना किसी अफसर को वापस अपनी प्रतिनियुक्ति में लेने के लिए मजबूर नहीं कर सकती. बंगाल के मुख्य सचिव को दिल्ली आकर 31 मई तक रिपोर्ट करने के अल्टीमेटम पर उन्होंने यह तीखी प्रतिक्रिया दी. ममता बनर्जी ने कहा, हमारे मुख्य सचिव अलप्पन बंदोपाध्याय आज रिटायर हो गए हैं, लेकिन वे मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार के तौर पर 3 साल तक सेवाएं देंगे.
ममता ने कहा कि आपने इस बारे में कोई विचार-विमर्श राज्य से नहीं किया गया. केंद्र शायद यह नहीं जानता है कि बंदोपाध्याय ने सेवानिवृत्ति ले ली है और अब वह केंद्र सरकार की सेवा के लिए उपलब्ध नहीं हैं. लेकिन कोरोना महामारी के कारण उनकी हमें जरूरत है.कोविड और साइक्लोन यास को देखते हुए उनकी गरीबों की सेवा जारी रखने की आवश्यकता है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी नौकरशाहों के साथ बंधुआ मजदूरों की तरह सलूक करते हैं. अगर पूरी जिंदगी काम के प्रति समर्पित नौकरशाह का अपमान किया जाता है तो केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री क्या संदेश देना चाहते हैं. बंगाली कैडर के कई अफसर केंद्र सरकार में हैं. क्या मैं उन्हें बिना सलाह-मशविरे के बुला सकती हूं. बेहद नाराज ममता ने कहा, आप नौकरशाही को डराना चाहते हैं. हम डरते नहीं हैं. हम आपसे नहीं डरते हैं. जो डरते हैं वो टूट जाते हैं, हम लड़ेंगे और जीतेंगे.
ममता बनर्जी ने यहां तक कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह तानाशाह हिटलर और स्टालिन की तरह व्यवहार कर रहे हैं. ममता ने कहा कि वो सभी राज्य सरकारों, विपक्षी नेताओं, आईएएस-आईपीएस अफसरों और एनजीओ से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील कर रही हैं.
गौरतलब है कि तूफान यास को लेकर दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी. लेकिन सरकार के सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी और मुख्य सचिव बंदोपाध्याय ने उन्हें 30 मिनट तक इंतजार कराया.ममता बनर्जी चक्रवात संबंधी दस्तावेज पेश करने के बाद दूसरे कार्यक्रम का हवाला देकर वहां से चली भी गईं.
इसके अगले ही दिन कार्मिक मंत्रालय ने चिट्ठी लिखकर बंदोपाध्याय को कार्यमुक्त करके वापस केंद्र सरकार की सेवा में भेजने का निर्देश जारी किया था. लेकिन ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें कार्यमुक्त करने से मना कर दिया था. केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही बंदोपाध्याय को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया था.

नई दिल्ली /शौर्यपथ / कोरोना महामारी के इस दौर में बच्चे भी लंबे वक्त से घरों में कैद हैं. ऑनलाइन क्लासेज का लंबा दौर उनके लिए सिरदर्द साबित हो रहा है. ऐसी ही एक शिकायत लेकर 6 साल की लड़की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना वीडियो ट्वीट किया. इसे सोशल मीडिया में खूब पसंद किया जा रहा है. ट्विटर पर 57 हजार से ज्यादा लोग इस वायरल वीडियो को देख चुके हैं और 5 हजार से ज्यादा लाइक इसे मिल चुके हैं.
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली लड़की घंटों चलने वाली ऑनलाइन क्लास को लेकर खुश नहीं है. औरंगजेब नक्शबंदी ने भी उसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने लिखा, 6 साल की कश्मीरी लड़की ऑनलाइन क्लासेज और स्कूल से मिलने वाले होमवर्क को लेकर अपना दर्द बयां किया है.
45 सेकेंड के वीडियो में लड़की कह रही है कि उसकी ऑनलाइन क्लास 10 बजे शुरू होती है और दो बजे तक चलती रहती है.लड़की ने कहा, इंग्लिश, मैथमैटिक्स, उर्दू और ईवीएस पढ़ना पड़ता है और फिर कंप्यूटर क्लास भी. उसने हाथों को हिलाते हुए बेहद मासूमियत से कहा, बच्चों पर काम का बहुत ज्यादा बोझ है. उसने बताया कि रोजाना उसे किस कदर तनाव झेलना पड़ता है.लड़की ने कहा, "मोदी साहेब अस्सलामवालेकुम, बच्चों पर आखिर इतना काम क्यों करना पड़ता है, कुछ सेकेंड के सन्नाटे के बाद उसने कहा, क्या किया जा सकता है."
Twitter पर पोस्ट इस वीडियो क्लिप को 57 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं और 5 हजार से ज्यादा लाइक मिल चुके हैं. 1200 से ज्यादा यूजर्स इसे रीट्वीट भी कर चुके हैं और बहुत से लोगों ने उसकी इस शिकायत पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. एक यूजर्स ने लिखा है कि बच्ची की शिकायत से ज्यादा उसकी मासूमियत सबको भा गई. प्रधानमंत्री को बच्चों को लेकर इस गंभीर शिकायत पर कुछ करना चाहिए.

नई दिल्ली / शौर्यपथ /जेरुशलम इजरायल के राष्ट्रवादी कट्टरपंथी नेता नफ्ताली बेनेट ने रविवार को कहा कि वह एक संभावित गठबंधन की सरकार में शामिल होंगे जो देश के सबसे लंबे समय तक प्रधान मंत्री रहने वाले बेंजामिन नेतन्याहू के शासन को समाप्त कर सकती है. दक्षिणपंथी नेतन्याहू का विरोध करने वाले सांसदों का गठबंधन बनाने की बुधवार को खत्म हो रही समय सीमा से पहले ही इस पर गहन बातचीत तेज हो गई है.
गाजा पट्टी में इस्लामिक समूह हमास के साथ नवीनतम घातक सैन्य संघर्ष के बाद हुए सीजफायर के बाद इजरायल में विपक्षी गतिविधियां तेज हुई हैं.
71 वर्षीय नेतन्याहू, जो धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और विश्वास के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे हैं, (जिससे वे इनकार करते रहे हैं) राजनीतिक उथल-पुथल की अवधि के दौरान सत्ता में रहे हैं. वहां दो साल के भीतर चार अनिर्णायक चुनाव हुए हैं.
मार्च की वोटिंग में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिलीं थीं लेकिन वह फिर से सरकार बनाने में विफल रहे. विपक्षी नेता और पूर्व टीवी एंकर यायर लैपिड के पास अब बुधवार शाम तक विपक्षी दलों का गठबंधन बनाने का समय है.
57 वर्षीय लैपिड, एक विविधतापूर्ण गठबंधन की मांग कर रहे हैं, जिसे इजरायली मीडिया ने "परिवर्तन" के लिए एक गुट करार दिया है, जिसमें कट्टरपंथी नेता बेनेट के साथ-साथ अरब-इजरायल के दूसरे सांसद भी शामिल होंगे.
तेजतर्रार प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अपदस्थ करने के लिए लैपिड ने सत्ता साझा करने का फार्मूला भी पेश किया है, जिसके तहत रोटेशन क्रम में 49 वर्षीय बेनेट को पहले कार्यकाल की सेवा की पेशकश की गई है.
बेनेट ने अपनी धार्मिक-राष्ट्रवादी यामिना पार्टी के सदस्यों से मुलाकात के बाद रविवार को कहा: "मैं अपने दोस्त यायर लैपिड के साथ नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट बनाने के लिए सब कुछ करूंगा." एक बयान में कहा गया है कि लैपिड और बेनेट की पार्टियों ने गठबंधन सरकार बनाने के लिए रविवार की रात से औपचारिक बातचीत शुरू की है.
23 मार्च को हुए चुनाव में धार्मिक-राष्ट्रवादी यामिना ने सात सीटें जीतीं हैं, लेकिन एक सदस्य ने नेतन्याहू विरोधी गठबंधन में शामिल होने से इनकार कर दिया है. उधर, पीएम नेतन्याहू, जो पहले के तीन साल के कार्यकाल के बाद लगातार 12 वर्षों तक पद पर रहे हैं, ने अपने टेलीविज़न संबोधन में विपक्षी योजना को "इज़राइल की सुरक्षा के लिए खतरा" करार दिया है.

नई दिल्ली /शौर्यपथ / बीजिंग चीन ने अपनीचाइल्ड पॉलिसी में बदलाव कर अपने नागरिकों को अब तीन बच्चे पैदा करने की छूट दे दी है. कम्यूनिट पार्टी की पोलित ब्यूरो की बैठक के बाद यह घोषणा की गई. इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल थे. चीन की जनसंख्या नीति में ये बड़ा बदलाव माना जा रहा है. चीन ने कुछ साल पहले ही 2 बच्चे पैदा करने की नीति को मंजूरी दी थी, हालांकि इससे भी देश में तेजी से घटती जन्मदर और बूढ़ों की बढ़ती आबादी की रफ्तार कम नहीं हुई.
दरअसल, भारत की तरह चीन में भी हर दशक होने वाली जनगणना के नतीजे हाल ही में जारी किए गए हैं. इसके अनुसार, 2020 में 1.2 करोड़ बच्चों ने चीन में जन्म लिया. यह जन्म दर 1961 के बाद 50 सालों में सबसे कम आंकी गई है. 2020 की जनगणना के अनुसार, चीन की जनसंख्या पिछले एक दशक में महज 5.4 फीसदी की दर से ही बढ़ी है. तमाम प्रोत्साहनों के बावजूद वर्ष 2017 के बाद से ही लगातार चीन की जन्मदर में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.
गौरतलब है कि चीन में लंबे वक्त तक एक बच्चे की नीति लागू रही. इसका परिणाम हुआ कि चीन में महिला और पुरुषों की आबादी के बीच असंतुलन बेहद गड़बड़ा गया. चीन में करीब 30 करोड़ पुरुषों की आबादी को विवाह के लिए लड़कियां ही नहीं मिल रही हैं. चीन की कम्यूनिट सरकार ने 2016 में एक बच्चे की नीति में ढील देकर 2 बच्चे पैदा करने की इजाजत दी, लेकिन 2018 में जन्म दर 1000 लोगों पर जन्म बच्चों का अनुपात 2018 में 10.94 और 2019 में 10.48 रहा.
खबरों के मुताबिक, चीन की शीर्ष नीति निर्माण इकाई पोलितब्यूरो ने इस फैसले के साथ कहा है कि इससे जनसंख्या के ढांचे में संतुलन कायम होगा और बुजुर्गों की बढ़ती तादाद को देखते हुए राष्ट्रीय जनसंख्या नीति को सक्रियता से लागू किया जा सकेगा.सस्ते श्रम की बदौलत दुनिया की मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुके चीन में कामगारों की आबादी भी तेजी से कम हुई है. चीन की कामगार आबादी में हर साल 34 लाख की कमी आ रही है. जन्म दर में कमी के कारण कामगार आबादी में अपेक्षित बढ़ोतरी भी देखने को नहीं मिल रही है.
चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के डेटा में कहा गया है कि 2015 के अंत तक देश में 70.4 करोड़ पुरुष और 67 करोड़ महिला नागरिक हैं. लेकिन पुरुषों और महिलाओं की संख्या के बीच अनुपात इतना ज्यादा हो गया है कि करीब 3 करोड़ चीनी पुरुषों के लिए अगले कुछ दशकों में शादी के लिए लड़कियां मिल पाना बेहद मुश्किल होगा. चीन में औसतन 114 लड़कों पर 100 लड़कियों का जन्म हो रहा है. जबकि दुनिया में यह अनुपात 103 लड़कों के मुकाबले 107 लड़कियों का है. चीन के परिवारों में भी लड़के की चाह बेइंतहा है और गर्भधारण के बाद भ्रूण हत्या के लाखों गैरकानूनी मामले सामने आते हैं.

नई दिल्ली /शौर्यपथ / मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के काम को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद सरकार अब इस मुद्दे पर फ्रंटफुट पर आने की कोशिश में दिखाई दे रही है. शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने आज इस विषय पर प्रेस कांफ्रेंस कर विरोधियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से सेंट्रल विस्टा पर फॉल्स नैरेटिव फैलाया जा रहा है, सरकार पर झूठे इल्जाम लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर एक गलत कहानी गढ़ी जा रही है. इस पर महामारी के बहुत पहले फैसला ले लिया गया था. संसद का नया भवन बनाना इसलिए जरूरी है क्योंकि पुराना भवन सेस्मिक ज़ोन 2 में आता था, अगर तेज भूंकप आए तो अब ये भवन सेस्मिक ज़ोन 4 में है. बताते चलें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंट्रल विस्टा पर सुनवाई करते हुए इसके जरूरी बताया और कहा कि इसका काम जारी रहेगा. कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 1 लाख का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने जुर्माना लगाते हुए कहा कि यह याचिका 'किसी मंशा से प्रेरित लगती है, न कि किसी सच्चे कारण से.'
पुरी के अनुसार आजादी के समय हमारी जनसंख्या 350 मिलियन के करीब थी. संसद भवन में हमें जगह की जरुरत होती है ताकि संसद सदस्य बैठ सकें. राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब से यह मांग की जा रही है. कुल खर्चा 1300 करोड़ रुपये के आसपास है. विपक्ष के सवालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है 20,000 करोड़ रुपये मरामारी के दौरान खर्च कर रहे हैं, ये वैक्सीनेशन कार्यक्रम में लगाइये. केंद्र ने वैक्सीनेशन के लिए 35,000 करोड़ आवंटित किया है. बकौल हरदीप पुरी, वैक्सीनेशन के लिए पैसे की कमी नहीं है, पर्याप्त पैसा है. वैक्सीन की उपलब्धता दूसरी बात है.
उन्होंने कहा कि 2022 में हम आजादी के 75 साल पूरे होने तक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करना चाहते हैं. उन्होंने 2012 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 2012 में उस वक्त की लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के ओएसडी ने शहरी विकास मंत्रालय के सचिव को चिट्ठी लिखकर बताया कि एक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करने का फैसला लिया गया है. साथ ही जयराम रमेश के उस आर्टिकल का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने एक बार के जरिए मौजूदा संसद की इमारत को आउटडेटेड बताते हुए नई बिल्डिंग की वकालत की थी.
उन्होंने बताया कि अभी सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के तहत दो प्रोजेक्ट को इंप्लीमेंट किया जा रहा है. एक नई पार्लियामेंट बिल्डिंग और दूसरा सेंट्रल विस्टा एवेन्यू जिसके तहत राजपथ को चौड़ा किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री के अनुसार नई पार्लियामेंट बिल्डिंग तैयार करने पर प्रस्तावित खर्च 862 करोड़ का है जबकि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के तहत राजपथ को चौड़ा करने पर कुल बजट 477 करोड़ का है. हरदीप पुरी के अनुसार यानी अभी सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट के तहत 13 सौ करोड़ से कुछ ज्यादा के खर्च पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है

नई दिल्ली/ शौर्यपथ / अब कोविड-19 के इलाज के लिए सरकारी बैंकों से लोन लिया जा सकेगा. बैंक अब लोगों को कोविड संक्रमण के इलाज के लिए 25,000 से लेकर 5 लाख तक का अनसिक्योर्ड लोन देंगे. इंडियन बैंक असोसिएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इसे लेकर घोषणा की है. दरअसल, कुछ हफ्तों पहले केंद्रीय रिजर्व बैंक ने अपनी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत कोविड लोन बुक की योजना जारी की थी, जिसके तहत बैंकों को कोविड के इलाज के लिए अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन के साथ-साथ हेल्थकेयर बिजनेसेज़ को स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार करने के लिए लोन देने की बात थी.
किन्हें मिलेगा लोन
बैंक सैलरीड, नॉन-सैलरीड और पेंशन पाने वालों को कोविड के इलाज के लिए अनसिक्योर्ड लोन देंगे. इस कैटेगरी में आने वाला कोई भी शख्स लोन के लिए अप्लाई कर सकेगा. न्यूनतम लोन 25,000 से लेकर अधिकतम लोन 5 लाख तक का मिलेगा. लोन की अवधि पांच साल तक की रहेगी.
कितनी होगी ब्याज दर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कोविड अनसिक्योर्ड लोन के लिए ब्याज दर 8.5 फीसदी सालाना रखी है. प्रमुख सरकारी बैंक ने कहा है कि बाकी बैंक अपनी खुद की दर तय करने के लिए स्वतंत्र हैं.
स्वास्थ्य इंफ्रा के लिए बिजनेस लोन
IBA और SBI ने बताया कि बैंक अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने के लिए 2 करोड़ तक का लोन देंगे, जिसपर 7.5 फीसदी का ब्याज लगेगा. स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने या फिर हेल्थकेयर प्रॉडक्ट बनाने के लिए हेल्थकेयर फैसिलिटीज़ को 100 करोड़ तक का बिजनेस लोन मिलेगा.
बता दें कि आरबीआई ने कहा था कि वो इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 50,000 करोड़ के टर्म-लिक्विडटी की सुविधा देगा. पब्लिक सेक्टर बैंकों ने रेजॉल्यूश फ्रेमवर्क 2.0 के तहत मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योगों के लोन रिस्ट्रक्चरिंग का फॉर्मूला भी तैयार किया है.

मुंबई/शौर्यपथ / मुंबई में मेट्रो लाइन 2A और 7 पर आज से 20 किलोमीटर दूरी तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन शुरू हो गया. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रोटोटाइप ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. अंधेरी पश्चिम से दहिसर और दहिसर से अंधेरी पूर्व तक की मेट्रो लाइन पर पहले फेज का ट्रायल शुरू हो गया है. मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथारिटी के आयुक्त आरए राजीव के मुताबिक चार महीने तक ट्रायल चलेगा उसके बाद सभी सुरक्षा मानकों के परीक्षण के बाद अक्टूबर महीने से आम जनता इसमें सफर कर सकती है.
मुंबई में मेट्रो लाइन 2A और 7 पर आज से 20 किलोमीटर दूरी तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल शुरू हो गया. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज दोपहर 12.30 बजे कांदिवली हाईवे पर आकुर्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई.
MMRDA के आयुक्त आरए राजीव ने ट्रायल की पूरी प्रक्रिया बताई. उन्होंने कहा कि इससे जनता को राहत मिलेगी.

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