October 30, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    मौसम की चेतावनी के मद्देनजर जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश, शासकीय-निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में रहेगा अवकाश

    दुर्ग, शौर्यपथ। चक्रवाती मौसम के संभावित प्रभाव, भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के बीच विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दुर्ग जिले में 29 और 30 अक्टूबर को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

    जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा कलेक्टर के अनुमोदन से जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में दो दिन छुट्टी रहेगी।

    मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनी में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। ऐसे में विद्यार्थियों को आवागमन के दौरान संभावित जोखिम से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

    जारी आदेश में राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का उल्लेख करते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले।

      रायपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों को आजीविका का साधन बनाने की पहल के तहत धमतरी जिले में महिलाओं को मत्स्य पालन से जोड़ा जा रहा है। वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत सीएसआर सहयोग से 55 आजीविका डबरियों के माध्यम से महिलाओं को मछली और झींगा उत्पादन की गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसके अलावा 90 नई आजीविका डबरियां बनाई जा रही हैं।

    भूखापारा, माडमशिल्ली, बिन्द्रापाली, डबरीनाला, चनागांव और छिन्दौरी सहित जिले के विभिन्न गांवों में यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। आजीविका डबरियों में वर्षा जल का संरक्षण करने के साथ मत्स्य पालन और जरूरत के अनुसार सिंचाई में पानी का उपयोग भी किया जा सकता है।

    एक डबरी में 1,600 झींगा और 320 मछली बीज

    योजना के तहत प्रत्येक डबरी में 1,600 झींगा तथा 320 भारतीय प्रमुख कार्प मछलियों के बीज डाले गए हैं। आगामी छह माह में प्रति डबरी औसतन 50 हजार रुपये लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक लाभ उत्पादन, जल की गुणवत्ता, देखरेख और बाजार मूल्य पर निर्भर करेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मछलियों की वृद्धि 800 ग्राम से एक किलोग्राम तक दर्ज की गई है।

    महिलाओं को गांव में ही रोजगार का अवसर

    इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक आजीविका के साथ आय का अतिरिक्त साधन उपलब्ध कराना है। मत्स्य पालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की संभावनाएं हैं। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, उचित आहार, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच महत्वपूर्ण होगी।

    धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जल संसाधनों के योजनाबद्ध उपयोग से महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने तकनीकी मार्गदर्शन, नियमित निगरानी और बेहतर विपणन व्यवस्था पर जोर दिया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसी गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं।

    19 महिला संकुल संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत, 94 सोलर सिस्टम स्थापित; 415 प्रकरण प्रक्रियाधीन

    रायपुर, शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए संचालित द्वीप्ति योजना के तहत 801 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हांकित किया गया है। अब तक 19 महिला संकुल स्तरीय संगठन सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि 94 सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और 415 स्थापना प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित यह पहल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की महिलाओं को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर ऊर्जा उद्यमी बनाने पर केंद्रित है। इसके तहत महिलाएं सोलर सिस्टम की स्थापना, हितग्राहियों के पंजीयन, तकनीकी सेवाओं और रखरखाव से जुड़े कार्यों में भागीदारी निभा रही हैं।

    महिलाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

    द्वीप्ति योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के संकुल संगठनों को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिलाओं को सौर ऊर्जा, सब्सिडी, बिजली बिल में संभावित बचत और सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बिजली वितरण कंपनी, जिला प्रशासन और बिहान मिशन के सहयोग से तकनीकी क्षमता विकास तथा वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की प्रक्रिया में भी सहयोग दिया जा रहा है।

    कबीरधाम में दिखी पहल की शुरुआत

    कबीरधाम जिले में कवर्धा के वंदेमातरम् महिला संकुल संगठन को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया है। ग्राम समनापुर में शुरुआती रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना भी की गई। योजना के तहत प्रत्येक स्थापना पर सोलर दीदी को 500 से 1,000 रुपये तक आय होने का अनुमान है। महिला संकुल संगठनों के लिए भी अतिरिक्त आमदनी के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।

    योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रखकर तकनीक आधारित रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उम्मीद है।

    28-29 अक्टूबर को कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की आशंका, किसानों को पकी धान फसल काटने और सुरक्षित भंडारण की सलाह

    रायपुर । बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी की है। विभाग ने धान सहित अन्य खरीफ फसलों, सब्जियों, बागवानी फसलों और पशुधन की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाने की अपील की है।

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 28 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे और कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। 29 अक्टूबर को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच भी कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

    धान की पकी फसल जल्द काटें, खेतों में जल निकासी रखें

    कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि पक चुकी धान, मक्का और तिलहन फसलों की शीघ्र कटाई कर उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। पहले से कटी फसलों को बारिश से बचाने के लिए ढंककर रखें और खेतों में पानी जमा न होने दें। तेज हवाओं से फसलों के गिरने की आशंका को देखते हुए खेतों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।

    विभाग ने मौसम साफ होने तक गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की बुआई टालने तथा मौसम अनुकूल होने पर नवंबर के पहले सप्ताह से बुआई शुरू करने की सलाह दी है। बारिश के दौरान कीटनाशक और खरपतवारनाशक का छिड़काव नहीं करने को भी कहा गया है।

    सब्जियों, बागवानी और पशुधन की सुरक्षा पर जोर

    तेज हवाओं से नुकसान की आशंका को देखते हुए तैयार सब्जियों और बागवानी फसलों की शीघ्र तुड़ाई करने की सलाह दी गई है। लौकी, करेला जैसी बेल वाली फसलों को सहारा दें तथा केले के पौधों को बांस से सहारा देकर सुरक्षित करें। बारिश के बाद फसलों में रोगों के लक्षणों की निगरानी करें और मौसम साफ होने पर आवश्यक उपचार करें।

    पशुपालकों को पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थानों पर रखने, पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचाने तथा चारा और पशु आहार सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    भंडारण में बरतें सावधानी

    किसानों को अनाज को अच्छी तरह सुखाकर साफ, हवादार और सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि नमी से उपज की गुणवत्ता प्रभावित न हो। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने पर भी जोर दिया गया है।

    कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने किसानों से अपील की है कि तेज बारिश, बिजली गिरने और तूफानी हवाओं के दौरान खेतों में जाने से बचें तथा मौसम की परिस्थितियों के अनुसार ही कृषि कार्य करें। समय पर सावधानी बरतने से फसलों, कृषि उपज और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।

     

    रायपुर/लोरमी / लोरमी के डबरी पारा तालाब का जल्द ही जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। मिशन अमृत 2.0 के तहत राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने इसके लिए ₹2 करोड़ 57 लाख 62 हजार की स्वीकृति दी है। परियोजना के तहत तालाब की सफाई, गहरीकरण, जल गुणवत्ता में सुधार, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं के विकास सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे।

    उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर स्वीकृत इस परियोजना का उद्देश्य तालाब परिसर को स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। कार्यों को नौ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्ष तक संचालन-संधारण भी परियोजना में शामिल है।

    टहलने के लिए पाथवे, बैठने को बेंच और तीन घाट

    परियोजना के अंतर्गत तालाब के किनारों पर पाथवे, नागरिकों के बैठने के लिए बेंच तथा तीन घाट बनाए जाएंगे। किनारों को मजबूत और सुरक्षित करने के लिए आरसीसी रिटेनिंग वॉल का निर्माण होगा। परिसर में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी और हरियाली विकसित की जाएगी।

    तालाब के पुनर्जीवन के लिए गहरीकरण, डी-सिल्टिंग, साफ-सफाई और जलकुंभी हटाने का काम भी होगा। पानी की उपलब्धता के लिए बोरवेल और पंप की व्यवस्था की जाएगी।

    पानी की गुणवत्ता सुधारने लगेंगे चार फ्लोटिंग एरेटर

    तालाब के पानी की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए चार फ्लोटिंग एरेटर और दूषित जल के उपचार के लिए 10 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।

    बारिश और अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए नालियां, बायो-स्वेल तथा ओवरफ्लो पाइपलाइन बनाई जाएगी। परियोजना का कुल क्षेत्रफल 7,026 वर्गमीटर है, जिसमें 4,615 वर्गमीटर जल क्षेत्र शामिल है।

    गुणवत्ता के साथ समय-सीमा पर जोर

    उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि तालाब का जीर्णोद्धार नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि लोगों को टहलने, बैठने और बेहतर वातावरण में समय बिताने की सुविधा मिल सके।

    विभागीय सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने, नियमित निगरानी रखने और सभी कार्य निर्धारित नौ माह में पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जल शोधन और निकासी की तकनीकी गुणवत्ता के साथ निर्माण के बाद पांच वर्ष तक उचित संचालन-संधारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

    विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार पर मंथन; धार्मिक आस्था व पूजा-पद्धतियों में हस्तक्षेप नहीं होगा—शत्रुघ्न सिंह

    30 अक्टूबर तक वेबसाइट और ई-मेल से आम नागरिक भी दे सकेंगे सुझाव

    बिलासपुर/ शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप तैयार करने के लिए बिलासपुर में संभाग स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव रखे।

    देवकी नंदन दीक्षित सभागृह में हुई बैठक में विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने संहिता के पक्ष-विपक्ष में विचार रखते हुए सामाजिक परंपराओं, व्यक्तिगत अधिकारों और कानूनी सुधारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा।

    महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर

    समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्री शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि देश में पारिवारिक मामलों से जुड़े विभिन्न कानूनों और प्रावधानों में समानता लाने तथा महिलाओं और बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से इस विषय पर विचार किया जा रहा है।

    उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का संबंध विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे नागरिक एवं पारिवारिक मामलों से है। इस प्रक्रिया में किसी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक आस्था और रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

    सुझावों के आधार पर तैयार होगा प्रारूप

    बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और नागरिकों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की मौजूदा कानूनी व्यवस्था के साथ अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्थाओं का भी विश्लेषण कर प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट और आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगी।

    बैठक में समिति के सदस्य श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती ज्योति रानी सिंह, रायपुर संभागायुक्त एवं समिति सचिव श्री श्याम धावड़े तथा बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    30 अक्टूबर तक ऑनलाइन सुझाव आमंत्रित

    आम नागरिक और संगठन समान नागरिक संहिता से संबंधित अपने सुझाव 30 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in पर दे सकते हैं। सुझाव ई-मेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर भी भेजे जा सकते हैं।

    भिलाई में कथित अवैध वसूली का मामला; 3.79 लाख नकद, ब्लैंक चेक, कोरे स्टाम्प पेपर और लेन-देन की डायरी जब्त

    भिलाईनगर / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के वैशालीनगर थाना क्षेत्र में कथित तौर पर अत्यधिक ब्याज वसूली और रकम चुकाने के बाद भी अतिरिक्त पैसे मांगकर धमकाने के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बबली साहू उर्फ बबली निरंजन (42) और ज्योति निरंजन (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल ₹3,79,900 नकद के साथ ब्याज के लेन-देन की डायरी, विभिन्न बैंकों के ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर जब्त किए हैं।

    ₹50 हजार के बदले ₹72,500 चुकाए, फिर भी अतिरिक्त मांग

    पुलिस के अनुसार, वैशालीनगर निवासी पूनम मनोज कुमार ने 27 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने वर्ष 2024 में ₹50 हजार ब्याज पर लिए थे और सुरक्षा के तौर पर ब्लैंक चेक व हस्ताक्षरित कोरा स्टाम्प पेपर दिया था। प्रार्थिया का आरोप है कि उन्होंने 29 सप्ताह में ₹2,500 प्रति सप्ताह के हिसाब से कुल ₹72,500 चुकाए, इसके बावजूद उनसे ₹1.50 लाख की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। भुगतान में देरी पर गाली-गलौज और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का भी आरोप है।

    दूसरी महिला से भी वसूली के बाद धमकाने की शिकायत

    इसी मामले में पूनम की सहेली सुमिता तब्बोली ने भी शिकायत में बताया कि उन्होंने ₹1 लाख उधार लिए थे और 28 सप्ताह में ₹5,000 प्रति सप्ताह के हिसाब से कुल ₹1.40 लाख चुका दिए थे। इसके बावजूद उन्हें कथित रूप से परेशान किया जा रहा था और धमकियां दी जा रही थीं।

    तलाशी में नकदी और दस्तावेज बरामद

    पुलिस ने अपराध क्रमांक 402/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 308(5), 3(5) तथा कर्जा एक्ट की धारा 4 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, बबली साहू के कब्जे से ₹99,900 नकद और एक मकान की तलाशी में करीब ₹2.80 लाख बरामद किए गए। इसके साथ लेन-देन की डायरी, ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर भी जब्त किए गए।

    पुलिस ने बताया कि बबली साहू उर्फ बबली निरंजन के विरुद्ध सुपेला थाने में कर्जा एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत पहले भी दो प्रकरण दर्ज हैं। दोनों गिरफ्तार महिलाओं को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

    दुर्ग पुलिस की अपील: अवैध ब्याज वसूली, धमकी या ब्लैंक चेक व हस्ताक्षरित कोरे स्टाम्प पेपर के जरिए दबाव बनाए जाने पर नागरिक तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत करें।

    34,604 अभ्यर्थी होंगे शामिल, 4 नवंबर तक तीन पालियों में होगी सीबीटी परीक्षा; गलत जवाब पर ¼ अंक कटेंगे

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 1,812 रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) 31 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार प्रदेश के 24 परीक्षा केंद्रों में कुल 34,604 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं।

    रायपुर-बिलासपुर में सर्वाधिक केंद्र

    परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में 6-6, दुर्ग और भिलाई में 4-4, जगदलपुर में 2 तथा जांजगीर-चांपा और सरगुजा में एक-एक केंद्र निर्धारित किया गया है।

    तीन पालियों में होगी परीक्षा

    परीक्षा प्रतिदिन तीन पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 8:30 से 10:30 बजे, दूसरी दोपहर 12:30 से 2:30 बजे और तीसरी शाम 4:30 से 6:30 बजे तक निर्धारित है।

    अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पहुंचना होगा। प्रवेश पहली पाली के लिए सुबह 7 बजे, दूसरी के लिए 11 बजे और तीसरी के लिए दोपहर 3 बजे से मिलेगा। परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश नहीं मिलेगा।

    100 अंकों का प्रश्नपत्र, गलत उत्तर पर कटेंगे अंक

    प्रत्येक प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि दो घंटे रहेगी। प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक मिलेगा, जबकि गलत उत्तर पर 0.25 अंक की निगेटिव मार्किंग होगी।

    अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ मूल पहचान पत्र ले जाना अनिवार्य है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने और निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की अपील की है। परीक्षा के बाद मॉडल उत्तर जारी किए जाएंगे।

    बलरामपुर को ₹202.65 करोड़ के 2,009 विकास कार्यों की सौगात; शंकरगढ़ में नया स्कूल, चांदो में सामुदायिक भवन और प्रतिमा स्थल पर बनेगा स्मृति द्वार

    रायपुर / शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में स्वर्गीय लरंग साय के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
    मुख्यमंत्री ने जिले को ₹202 करोड़ 65 लाख के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें ₹156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

    क्षेत्र के विकास के लिए तीन घोषणाएं
    मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ के जर्जर बालक हायर सेकेंडरी स्कूल भवन के स्थान पर नया भवन बनाने, चांदो में बड़े सामुदायिक भवन का निर्माण कराने तथा स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा स्थल के समीप भव्य स्मृति द्वार बनाने की घोषणा की।
    श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय लरंग साय ने विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में जनहित तथा जनजातीय समाज के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका सरल व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने उनके साथ अपने आत्मीय संबंधों को भी याद किया और कहा कि सरगुजा सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास सरकार का संकल्प है।

    किसानों, गरीबों और जनजातीय परिवारों पर जोर
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए 360 नए खरीदी केंद्र भी शुरू किए जा रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति मानक बोरा की गई है। भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष ₹10 हजार की सहायता भी दी जा रही है।
    मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ई-ऑफिस तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य शासकीय सेवाओं को आम नागरिकों के लिए सरल और सुलभ बनाना है।
    कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने स्वर्गीय लरंग साय के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विकास संबंधी सपनों को साकार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी उनके व्यक्तित्व और जनसेवा को प्रेरणादायी बताया।
    इस अवसर पर विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रामकिशुन सिंह, बब्रुवाहन महाराज, ओम प्रकाश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

    ओम ज्वैलर्स के अतिक्रमण और बस स्टैंड पर चतुर्भुज राठी के कब्जे को लेकर उठे सवालों के बीच महापौर अलका बाघमार की निष्पक्षता पर रहेगी नजर; समृद्धि बाजार और इंदिरा मार्केट में कार्रवाई से तय होगी निगम की सक्रियता

    दुर्ग। दीपावली 2026 के मद्देनजर दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने जिला शिक्षा कार्यालय के पास स्थित मैदान में लगने वाली अस्थायी पटाखा दुकानों के आवंटन के लिए ड्रॉ प्रक्रिया संपन्न कराई। निगम की प्रेस विज्ञप्ति में बाजार को व्यवस्थित रखने की बात कही गई। इस प्रक्रिया में बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा भी शामिल रहे। अब सवाल यह है कि क्या यह व्यवस्था केवल निर्धारित मैदान तक सीमित रहेगी या शहर के अन्य क्षेत्रों में बिना आवश्यक अनुमति लगने वाली पटाखा दुकानों पर भी इसी तरह सख्ती दिखाई जाएगी?

    ड्रॉ के बाद असली परीक्षा बाजार विभाग की

    पटाखा दुकानों के लिए 50 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया के बाद समृद्धि बाजार, इंदिरा मार्केट और अन्य क्षेत्रों में बाजार विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। समृद्धि बाजार में दीपावली के दौरान चार-पांच दिनों के लिए अस्थायी पटाखा दुकानें लगने की बात सामने आती रही है। ऐसे में निगम को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन दुकानों के लिए क्या अनुमति ली जाती है और निर्धारित स्थल के बाहर दुकानें संचालित होने पर क्या कार्रवाई की जाएगी।

    बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा की भूमिका भी इसी कसौटी पर परखी जाएगी। शिकायतों पर नोटिस जारी करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन उनका प्रभावी निराकरण और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। इस बार निगम की सक्रियता का आकलन वास्तविक निरीक्षण, कार्रवाई और बाजार में दिखाई देने वाले परिणामों से होगा।

    ओम ज्वैलर्स और चतुर्भुज राठी के मामले भी चर्चा में

    शहर की बाजार व्यवस्था में निष्पक्षता का सवाल उठता है, तो ओम ज्वैलर्स से जुड़े अतिक्रमण संबंधी मामले और बस स्टैंड क्षेत्र में चतुर्भुज राठी से संबंधित कब्जे का मुद्दा भी प्रासंगिक हो जाता है। इन मामलों में संबंधित दस्तावेजों, स्वीकृतियों और निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।

    ओम ज्वैलर्स के संबंध में अतिक्रमण की शिकायतों तथा चतुर्भुज राठी के मामले में समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी कब्जा बने रहने के आरोपों को लेकर निगम की कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित पक्ष कोई भी हो, नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा स्वाभाविक है।

    इन मामलों के संदर्भ में महापौर अलका बाघमार और संबंधित पक्षों के बीच सार्वजनिक कार्यक्रमों में मंच साझा करने अथवा बैठकें होने को अपने आप में किसी अनुचित संरक्षण का प्रमाण नहीं माना जा सकता। हालांकि, नागरिकों के मन में उठने वाले सवालों का समाधान तभी होगा, जब निगम संबंधित मामलों में की गई कार्रवाई, उपलब्ध अनुमतियों और नियमों की स्थिति स्पष्ट करेगा। जनता के लिए महत्वपूर्ण यह है कि कार्रवाई का आधार व्यक्ति की पहचान या प्रभाव नहीं, बल्कि नियम और उपलब्ध तथ्य हों।

    महापौर की कार्यशैली पर उठते सवालों का जवाब कार्रवाई से

    महापौर अलका बाघमार के नेतृत्व में निगम प्रशासन के सामने बाजार व्यवस्था सुधारने का अवसर है। ठेला व्यवसायियों के साथ व्यवहार, इंदिरा मार्केट में अतिक्रमण संबंधी शिकायतों और सार्वजनिक स्थलों के उपयोग को लेकर उठने वाले सवालों पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।

    यदि छोटे व्यवसायियों को नियमों का हवाला देकर हटाया जाता है, तो बड़े प्रतिष्ठानों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में भी वही नियम लागू होते दिखाई देने चाहिए। यही वह बिंदु है, जहां निगम की निष्पक्षता और प्रशासनिक जवाबदेही का आकलन होगा। किसी मामले में कार्रवाई हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाब से की जानी चाहिए।

    बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा की कार्यप्रणाली पर पहले उठे सवालों के बीच महापौर की जिम्मेदारी केवल व्यवस्था संबंधी निर्देश देने तक सीमित नहीं है। शिकायतों की समीक्षा, कार्रवाई की निगरानी और लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट कराने से ही प्रशासनिक व्यवस्था में भरोसा बढ़ेगा।

    शौर्यपथ समाचार रखेगा निगरानी

    दीपावली तक शौर्यपथ समाचार निर्धारित मैदान के अलावा समृद्धि बाजार, इंदिरा मार्केट और अन्य क्षेत्रों में लगने वाली पटाखा दुकानों की स्थिति पर नजर रखेगा। उपलब्ध तस्वीरों और तथ्यों को महापौर अलका बाघमार, सभापति श्याम शर्मा, निगम आयुक्त लीना कोसाम तथा बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा के संज्ञान में लाकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की जाएगी।

    साथ ही, ओम ज्वैलर्स और चतुर्भुज राठी से संबंधित मामलों में निगम की कार्रवाई तथा आधिकारिक स्थिति की जानकारी भी मांगी जाएगी, ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति पाठकों के सामने रखी जा सके।

    पटाखा दुकानों का ड्रॉ व्यवस्था की शुरुआत है, उसकी सफलता का प्रमाण नहीं। असली परीक्षा तब होगी, जब निर्धारित स्थल के बाहर लगने वाली दुकानों, अतिक्रमण संबंधी शिकायतों और सार्वजनिक स्थलों पर कब्जे के मामलों में बिना भेदभाव नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्ग की जनता को घोषणाओं से अधिक ऐसी कार्रवाई की अपेक्षा है, जिसके परिणाम जमीन पर दिखाई दें।

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