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April 05, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में विशेष पुलिस महानिदेशक आर के विज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल ने आज वर्ष 2021 के अंतिम दिवस पर 31 दिसम्बर को शासकीय सेवा से सेवानिवृत हो रहे  विज को पुलिस सेवा के लंबे कार्यकाल में अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने पर बधाई दी और नए वर्ष में सेवानिवृत्ति उपरांत उनके सुखमय जीवन की कामना की।

 

रायपुर /शौर्यपथ/ 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गाली देने के चलते विवादित हुए महाराष्ट्र के संत कालीचरण महाराज को 13 जनवरी तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। अब उनके नए साल की सुबह जेल में ही होगी। रायपुर पुलिस ने उन्हें शुक्रवार शाम को कोर्ट में पेश किया था। कालीचरण महाराज पर धर्म संसद में महात्मा गांधी के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के केस में यह पेशी हुई है। उनके ऊपर राजद्रोह का केस भी दर्ज है।

करीब 2 घंटे चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने कालीचरण महाराज को जेल भेजने का आदेश दे दिया। इससे पहले उनको लेकर वकीलों ने अपनी दलीलें पेश की। सुनवाई के दौरान कालीचरण के समर्थक कोर्ट के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। मंदिर हसौद थाने से कालीचरण को कोर्ट ले कर पुलिस पहुंची थी।। कोर्ट परिसर में मुस्कुराते हुए कालीचरण दाखिल हुआ था

 

कोर्ट ने 1 जनवरी तक दी थी पुलिस रिमांड

इससे पहले गुरुवार को लगभग 2 घंटे चली बहस के बाद कालीचरण को रायपुर पुलिस ने 1 जनवरी तक रिमांड पर मांगा था। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था। दिनभर चली पूछताछ के बाद दोपहर बाद पुलिस ने कालीचरण को अब कोर्ट में पेश किया। ।

महिलाओं के साथ मध्य प्रदेश में छिपा था कालीचरण

रायपुर पुलिस ने MP के छतरपुर से कालीचरण को गुरुवार सुबह पकड़ा था। वहां होम स्टे में ठहरे राजेश शर्मा नाम के शख्स ने बताया कि मंगलवार रात बाबा 6 लोगों के साथ आया था। बाद में दो महिलाएं भी आई थीं। कालीचरण ने मास्क लगा रखा था, इसलिए लोग उसे पहचान नहीं सके। वो महिलाएं कौन थीं और अब कहां गईं ये जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

धर्म संसद में किया था महात्मा गांधी का अपमान

अकोला महाराष्ट्र के रहने वाले कालीचरण ने 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में कहा था- 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने इस बयान का विरोध करते हुए मंच छोड़ दिया था।

 

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ किया कि जैन से बरामद हुआ पैसा भाजपा का नहीं है. सीतारमण ने कहा, "यह भाजपा का पैसा नहीं है."

नई दिल्ली /शौर्यपथ/

 उत्तरप्रदेश के इत्र कारोबारी पीयूष जैनके घर पर पड़ी टैक्स छापेमारी ने राजनैतिक रूप ले लिया है. जहां एक तरफ विपक्ष इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहा है वहीं, कुछ पार्टियां पीयूष जैन और उनके यहां से जब्त कैश को भाजपा से संबंधित बता रही हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ किया कि जैन से बरामद हुआ पैसा भाजपा का नहीं है. सीतारमण ने कहा, "यह भाजपा का पैसा नहीं है."

 अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने कहा, "कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​छापेमारी में कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी पर काम करती हैं. क्या कर अधिकारी कार्रवाई के बाद खाली हाथ लौटे? आयकर विभाग ने कदम उठाने लायक खुफिया जानकारी के आधार पर कन्नौज से समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य समेत उत्तर प्रदेश में छापे मारे."

 सीतारमण ने कहा, "इत्र कारोबारी पर GST इंटेलिजेंस के लोगों ने रेड की. इसके ऊपर कई गलतफहमियां और तोहमत लगाई गई, लेकिन सही घर में गए तभी इतना कुछ निकला है. हालांकि यह कहना कि गलत घर में गए ये ठीक नहीं है. जहां पैसा मिला वो क्या आपका पैसा है? क्या पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इससे डर गए हैं? अखिलेश यादव की क्या दिलचस्पी है? इतना पैसा पकड़ा गया फिर ये सारे आरोप लगा रहे हैं. रेड अभी चल रही है.

उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव को तो व्यापारी के घर में इतना पैसा रखने की निंदा करना, न कि सरकारी ऐजेंसी पर गलत आरोप लगाना चाहिए. अखिलेश यादव को यह कैसे पता कि किसका पैसा रखा हुआ है. अगर वो बोल रहे हैं कि बीजेपी का पैसा है तो अखिलेश को कैसे पता शायद वो इत्र कारोबारी के पार्टनर हैं तभी इतना पता होगा. चुनाव के वक्त रेड इस आरोप का क्या मतलब है, जब चोरी होगी तभी चोर को पकड़ा जाएगा."

 

 

 

- अपराधियों की शरणस्थली बन गया है मध्यप्रदेश 

- कवर्धा में प्रायोजित हिंसा फैलाने के बाद धर्मसंसद में विवादित बयान के जरिये अशांति फैलाने का षड्यंत्र रच रही भाजपा

 

    दुर्ग । शौर्यपथ । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने संत कालीचरण की गिरफ्तारी के मामले में भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया पर तीखा पलटवार किया है। राजेंद्र ने कहा कि मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति करना दुर्भाग्यजनक है। नरोत्तम मिश्रा के बयान से साफ झलक रहा है कि वे कालीचरण को संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।  

राजेंद्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक अपराधी को मध्यप्रदेश से पकड़ा था जिसका बाद में एनकाउंटर कर दिया गया। उस समय नरोत्तम मिश्रा ने कोई बयान नहीं दिया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार होने के कारण इस मामले में हुई कार्रवाई से नरोत्तम मिश्रा सहित अन्य भाजपा नेता तिलमिला गए हैं। 

राजेंद्र ने सवाल किया कि अपराधी विकास दुबे से लेकर महात्मा गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण तक सारे अपराधी मध्यप्रदेश में ही शरण क्यों ले रहे हैं। क्या मध्यप्रदेश अपराधियों की शरणस्थली बन गई है। कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा के इशारे पर ही कालीचरण ने बापू के खिलाफ बयान दिया है। नरोत्तम मिश्रा सहित भाजपा नेता गोडसे को मानने वाले हैं। इसी कारण वे कालीचरण को प्रश्रय दे रहे हैं।  

 

राजेंद्र ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने युवाओं को रोजगार दिया है। किसानों आदिवासियों, मजदूरों, महिलाओं की आमदनी बढ़ाने का काम सफलता पूर्वक किया है। लेकिन भूपेश सरकार द्वारा कराए जा रहे समग्र विकास से भाजपा को तकलीफ हो रही है। छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों से घटे घटनाक्रमों से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा को छत्तीसगढ़ के विकास और गरीबों, आदिवासियों, किसानों के हित में लिए गए फैसले रास नहीं आ रहे हैं। 

राजेंद्र ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा हरेक नागरिक के खाते में 15 लाख, महंगाई कम करने, हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे वादों को पूरा करने में विफलता को छुपाने के लिए देश में गलत बयानबाजी कर अशांति का माहौल पैदा कर रहे हैं। कवर्धा में प्रायोजित तरीके से हिंसा फैलाने के बाद अब रायपुर में धर्मसंसद के आयोजन में महात्मा गांधी के खिलाफ की गई घृणित बयानबाजी से राज्य में हिंसा और अशांति फैलाने की साजिश भाजपा द्वारा रची जा रही है। भाजपा के इन हथकंडों को पूरा देश अच्छी तरह समझ रहा है। देश और प्रदेश की समझदार जनता भाजपा के मंसूबे कभी पूरे नहीं होने देगी।   

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/ 

रायपुर में कांग्रेस के तमाम नेता मौन धरने पर बैठ गए। गांधी मैदान में खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मौन धरने में शामिल होने पहुंचे। यहां पार्टी के अध्यक्ष मोहन मरकाम भी मौजूद रहे। गांधी को धर्म संसद में अपशब्द कहे जाने के बाद पार्टी ने 'गांधी हमारे अभिमान' कार्यक्रम रखा था। यहां रघुपति राघव राजा राम, गांधी मेरा अभिमान सबको सन्मति दे भगवान जैसे भजन गाए गए। कुछ छोटे बच्चे मंच पर गांधी की वेशभूषा में थे।

कार्यक्रम में कुछ देर मौन धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंच से सभी को संबोधित किया। उन्होंने कहा वो कालीचरण है या गालीचरण है, गाली देने के लिए भेजा गया था क्या? छत्तीसगढ़ में उन्हें कभी नहीं देखा गया, अचानक प्रकट हुए और महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे की प्रशंसा करने लगे। महात्मा गांधी के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। धर्म संसद में इस तरह की बातें की गईं।

भूपेश बघेल 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में महाराष्ट्र के संत कालीचरण द्वारा दिए गए बयान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया मंच से दे रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि धर्म संसद में जो बातें होती हैं सब जानते हैं, धार्मिक बातें होती हैं। वहां राजनीति और महात्मा गांधी के खिलाफ बातें हुईं। सन् 1934-35 में जब महात्मा गांधी रविंद्र नाथ टैगोर के आश्रम में गए, तो टैगोर ने उनके स्वागत में गीत लिखा एकला चलो रहे..। तब उन्होंने स्वागत भाषण में महात्मा शब्द का प्रयोग किया। तो ये लोग जो खिलाफ बोल रहे हैं, क्या रविंद्र नाथ टैगोर से बड़ा गालीचरण हो गया है?

अमेरिका भी मानता है गांधी को

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि महात्मा गांधी के कातिल गोडसे की विचारधारा के लोग आज भी हमारे बीच हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति भी कहते हैं कि हमें गांधी के बताए रास्तों पर चलना होगा। जब चुनाव आते हैं ऐसे लोग देश की जनता को गुमराह करते हैं। सरकारें आती रहेंगी, लेकिन देश का स्वाभिमान रहना चाहिए।

 26 दिसंबर को रायपुर की धर्म संसद में अकोला महाराष्ट्र के रहने वाले कालीचरण ने कहा था 1947 में मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया। विवादित बयानों को देखकर पहले धारा 294, 505(2) के तहत मामला दर्ज हुआ था। अब धारा राजद्रोह के मामले में 153 A (1)(A), 153 B (1)(A), 295 A ,505(1)(B) , 124A केस दर्ज है। कालीचरण 1 जनवरी तक रायपुर की पुलिस कस्टडी में है। कांग्रेस इन्हीं बयानों का विरोध कर रही है।

 

 

 


मुंबई में आम लोगों के समुद्र तट, खुले मैदानों, उद्यानों, पार्कों या इसी तरह के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शाम 5 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.

मुंबई /शौर्यपथ/

देश में ओमिक्रॉन  का कहर अब दिखना शुरू हो गया. कई राज्य पाबंदियों की ओर बढ़ रहे हैं. महाराष्ट्र और दिल्ली में कोरोना  के मामलों में अचानक आई तेजी ने परेशानी बढ़ा दी है. इस बीच, मुंबई में लोगों के समुद्र तट, खुले मैदानों, उद्यानों, पार्कों या इसी तरह के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शाम 5 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. मुंबई पुलिस ने नए साल की पूर्व संध्या पर यह आदेश जारी किया. यह आदेश 15 जनवरी तक लागू रहेगा.

कोरोना वायरस महामारी के कारण उपजे मौजूदा हालातों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. मुंबई समेत महाराष्ट्र में कोरोना के नए मामले में लगातार वृद्धि हो रही है. ओमिक्रॉन वेरिएंट के केस भी महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा हैं.

पुलिस उपायुक्त (अभियान) एस चैतन्य ने इस संबंध में आदेश जारी किया, जो शुक्रवार दोपहर एक बजे से प्रभावी हो गया और अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो यह 15 जनवरी तक लागू रहेगा.

 आदेश में कहा गया, "कोरोना मामलों में वृद्धि और नए ओमिक्रॉन स्ट्रेन के उभरने से शहर में कोविड​​-19 महामारी का खतरा अब भी बना हुआ है.” इसमें कहा गया है कि मानव जीवन और स्वास्थ्य को होने वाले खतरे तथा वायरस के ट्रांसमिशन को रोकने के लिए यह निषेधाज्ञा जारी की गई है. नए साल से पहले अधिकारियों ने सभी बड़े समारोहों पर जरूरी पाबंदियां लगा दी हैं.

महाराष्ट्र सरकार ने मामलों में वृद्धि को देखते हुए खुले या बंद स्थानों पर आयोजनों में लोगों के एकत्रित होने की संख्या 50 तक सीमित कर दी है. पहले विवाह समारोह या सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक सभा में बंद स्थानों में 100 और खुले स्थानों में 250 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति थी. आदेश में यह भी कहा गया है कि अंतिम संस्कार में केवल 20 व्यक्ति ही शामिल हो सकते हैं.

 महाराष्ट्र में गुरुवार को संक्रमण के 5368 मामले सामने आए, जो एक दिन पहले सामने आए मामलों से 1468 अधिक हैं. इससे राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 66,70,754 हो गई. राज्य में फिलहाल 18,217 एक्टिव केस हैं. वहीं, राज्य में कल ओमिक्रॉन वेरिएंट के 198 नए मामले सामने आए, जिसमें अकेले मुंबई में 190 मामले शामिल हैं.

 

 

 

 

कन्नौज से समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी के ठिकानों पर आज आयकर विभाग ने छापेमारी की है. इस छापेमारी को लेकर जहां सपा ने बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.

 लखनऊ /शौर्यपथ/

  उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग के छापों के बाद समाजवादी पार्टी और बीजेपी के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. बता दें कि कन्नौज से समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी के ठिकानों पर शुक्रवार आज आयकर विभाग ने छापेमारी की है. इस छापेमारी को लेकर जहां सपा ने बीजेपी पर केंद्रीय एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सपा पर पलटवार करते हुए कहा है कि समाजवादी इत्र की दुर्गंध आज पूरे प्रदेश में फैल गई है. आज जब इत्र वाले मित्र के काले धन पर रेड पर रही है, तो इनके पेट में उबाल हो रहा है.

 बता दें कि कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) के घर आयकर विभाग ने छापा मारा था. छापेमारी (Tax Raids) में करीब 200 करोड़ की राशि बरामद हुई थी. साथ ही कई किलो सोना की जब्ती हुई थी. टैक्‍स चोरी के आरोप में पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके बाद से इत्र कारोबारी पीयूष जैन से संबंध को लेकर बीजेपी और सपा के नेता एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं.

 पीयूष जैन से संबंध को लेकर सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा था कि गलत पहचान की वजह से बीजेपी ने अपने ही व्यवसाई के यहां छापा मरवा दिया है. उन्होंने कहा था कि समाजवादी इत्र सपा एमएलसी पुष्पराज जैन द्वारा लांच गया था न कि पीयूष जैन ने लांच किया था. वहीं बीजेपी ने आरोप लगाया था कि पीयूष जैन ने हाल ही में "समाजवादी परफ्यूम" लॉन्च किया था.

 
अभी ये मामला थमा भी नहीं था कि आयकर विभाग की टीम ने सपा नेता पुष्पराज जैन के ठिकानों पर छापा मारा है. समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को निशाना बनाते हुए ट्वीट किया है, 'पिछली बार की अपार विफलता के बाद इस बार BJP के परम सहयोगी IT ने सपा MLA पुष्प राज जैन और कन्नौज के अन्य इत्र व्यापारियों के यहां पर आख़िर छापे मार ही दिए हैं. डरी BJP द्वारा केंद्रीयएजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग, यूपी चुनावों में आम है. जनता सब देख रही है वोट से देगी जवाब.' पुष्पराज जैन कन्नौज के बड़े कारोबारी हैं. इत्र, पेट्रोल पंप, कोल्ड स्टोरेज का कारोबार करते हैं. समाजवादी पार्टी के पुष्पराज जैन MLC हैं. उन्होंने 9 नवंबर 2021 को 'समाजवादी इत्र' लॉन्च किया था.

 

 

 

 

 

रायपुर /शौर्यपथ/

नये साल में बनेंगे सड़कों के साथ पुल-पुलिया

सड़कें वह नहीं जो किसी मुसाफिर को सिर्फ मंजिल तक पहुचायें। सड़कें तो विकास का वह माध्यम भी है, जो मंजिल पर पहुचने वाले मुसाफिरों को विकास से जोड़कर उनकी समस्याएं दूर कर दें।
आवागमन का जरिया और मुसाफिरों को मंजिल पर पहुचाने से लेकर उन्हें विकास की सीढ़ी चढ़ाने और विश्वास कायम करने वाली सड़कें यदि खराब हो तो सफर बोझिल और पीड़ादायक बन जाता है, साथ ही मंजिल तक सही सलामत और समय पर पहुचने का अविश्वास भी मन में उत्पन्न हो जाता है। जिंदगी के उतार चढ़ाव की तरह सड़कों का उतार चढ़ाव हमें बहुत कुछ सीखने का मौका देती हैं, और मुकाम को पाने साहस। सड़कविहीन मार्ग अविश्वास को जन्म देता है, वहीं सड़क वाले मार्ग, उसमें चलने वालों के भीतर विश्वास का भाव जगा देते हैं। सकारात्मक माहौल बना देते हैं। ठीक इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रघ्वज साहू के नेतृत्व और मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग लम्बी और छोटी दूरियों के सफर को सहज और सुगम बनाने वाली सड़कों के विकास में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। वह चाहे नक्सलियों से प्रभावित जिला हो या प्रदेश का कोई दूरस्थ अन्य जिला, गाँव हो या शहर। जहाँ जैसी जरूरत है, सड़कों के लिए सरकार के खजाने पूरी तरह से खुले हुए हैं। कोरोना की वजह से प्रभावित हुए साल 2020-21 के बाद नये साल 2022 में प्रदेश की अनेक अपूर्ण सड़कों के साथ नये सड़क और पुल-पुलियों के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन कार्यों की पूर्णता से छत्तीसगढ़ में आवागमन बेहतर होने के साथ समय की बचत और विकास के द्वार भी खुल जायेंगे।

छत्तीसगढ़ के विकास में सहभागी लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य के सभी क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार कर काम किया जा रहा है। राज्य मद से विगत 3 साल में लगभग 5974 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और उन्नयन किया गया है। सितम्बर 2021 तक 3790 कार्यों के लिये 7161 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ सड़क अधोसंरचना विकास निगम अंतर्गत भी प्रदेश के नक्सल प्रभावित सहित अन्य इलाकों में सड़क पुल-पुलिया निर्माण के 504 कार्यों के लिए 5543 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।
नक्सल प्रभावित सहित अन्य जिलों में बिछेगा सड़कों का जाल

नक्सल प्रभावित सहित अन्य जिलों में बिछेगा सड़कों का जाल

सड़कें सिर्फ सबका बोझ ही नहीं ढोती है। वह फासलों को दूर कर विकास से भी जोड़ती है। छत्तीसगढ़ सरकार ने सड़कों के विकास के लिए जो योजनाएं बनाई है वह प्रदेश के लोगों को विकास से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होगी। कोरोना महामारी की वजह से प्रभावित हुए निर्माण कार्यों को साल 2022 में गति मिलंेगी। इसमें अनेक योजनाओं की सड़के शामिल है।प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत स्वीकृत 4079 मार्गों में से 472 कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। राज्य में इस योजना के 1577 कार्य प्रगति पर और 2030 कार्य निविदा स्तर पर है। इस योजना का उद्देश्य समस्त महत्वपूर्ण सार्वजनिक शासकीय भवनों एवं सार्वजनिक स्थलों को बारहमासी पहुंच मार्ग से जोड़कर लोक कल्याण एवं जनसुविधा के लिए सुगम बनाया जाना है।

पुलों का निर्माण

छत्तीसगढ़ सड़क अधोसंरचना विकास अंतर्गत प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़कों एवं पुलों के निर्माण एवं उन्नयन की योजना भी तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 504 कार्यों हेतु 5543 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य में एल.डब्ल्यू.ई. (आर.आर.पी.-1) योजना अंतर्गत 51 सड़कें जिसकी लंबाई 1992 किलोमीटर एवं 03 सेतु निर्माण के लिए 3170.95 करोड़ रुपये स्वीकृत है। इस योजना से अब तक 35 सड़क, 03 सेतु के कार्य पूरे किए जा चुके हैं और 16 कार्य प्रगति पर है। आरसीपीएलडब्ल्यू (आर.आर.पी.-2) अंतर्गत अभी तक दो चरणों में 291 सड़क (2478 कि.मी.) एवं 25 पुल हेतु कुल 1637.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 64 सड़क एवं 06 पुल निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया हैं। आरसीपीएलडब्ल्यू योजना (आर.आर.पी.-2) फेस-3 में 120 कार्य (104 सड़क, 16 पुल) की सैद्धांतिक सहमति प्राप्त है। सी.आर.एफ.योजना अंतर्गत कुल 96 कार्य (77 सड़क, 19 पुल) लंबाई 1825 कि.मी. एवं लागत 2214.20 करोड़ रुपये स्वीकृत है। जिसमें से अब तक 70 सड़क, 12 पुलों का काम पूरा किया जा चुका है और 6 सड़क, 7 पुलों का कार्य प्रगति में है। एशियन डेव्लपमेंट बैंक की सहायता कार्य के अंतर्गत कुल 24 मार्ग हेतु 3369.77 करोड रूपये़ की स्वीकृति प्राप्त है। राज्य में स्वीकृत सभी 24 कार्य प्रगति पर है।

इसी तरह प्रदेश में सेतु निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने की प्राथमिकता है। अभी तक 131 वृहद पुल पूर्ण और 141 वृहद पुलों के कार्य प्रगति पर है। दिसम्बर 2018 से सितंबर 2021 तक 06 रेल्वे ओव्हर ब्रिज भिलाई नेहरू नगर, शंकर नगर रायपुर, लालखदान बिलासपुर, गोंदवारा रायपुर एवं बिलासपुर कटनी रेलमार्ग गौरेला एवं खमतराई में पुराने आर.ओ.बी. का चौड़ीकरण कार्य तथा 05 रेल्वे अंडर ब्रिज भिलाई नेहरू नगर, बिलासपुर के चुचुहियापारा, भिलाई पावर हाऊस, दुर्ग दल्लीराजहरा एवं डोंगरगढ़ का कार्य पूर्ण किया गया है। जवाहर सेतु योजना अंतर्गत पुलों का निर्माण कर पहुंचविहीन गांवों तक आवागमन हेतु कनेक्टीविटी की योजना है। इसके लिए बजट वर्ष 2019-20 में 100 पुल एवं वर्ष 2020-21 में 94 पुल कार्य शामिल हैं। वर्तमान में 667 करोड़ रुपये और 90 पुल कार्य की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 4 कार्य पूर्ण, 58 प्रगति पर तथा 37 कार्य निविदा स्तर पर है।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

मुख्यमंत्री ने धान और दाल की देसी किस्मों की मार्केटिंग के लिए स्टार्टअप शुरु करने वाले युवा तरुण साहू की सराहना की

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ के मुंगेली निवासी युवा कृषि स्नातक  तरुण साहू ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री  बघेल को बताया कि उन्होंने कुछ युवाओं के साथ मिलकर ‘कृषि युग’ नाम से एक स्टार्टअप प्रारंभ किया है, यह स्टार्टअप धान और दालों की देसी किस्मों को सहेजने, उनके संरक्षण और जैविक तरीके से उनका उत्पादन करने का काम कर रहा है। साथ ही देसी उपजों का परम्परागत रुप से प्रसंस्करण कर उन्हें मार्केट में उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री ने  तरुण साहू और उनके स्टार्ट अप द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

 साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके स्टार्टअप द्वारा धान, दालों की देसी किस्मों की पैकेजिंग और बिक्री का कार्य एक वर्ष से किया जा रहा हैै। देसी किस्मों की खुशबू, स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोग इन किस्मों को हाथों-हाथ ले रहे हैं। फसलों की हाईब्रिड किस्मों में उत्पादन तो ज्यादा होता है, लेकिन ऐसा स्वाद और खुशबू नहीं रहती। उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में उन्होंने स्टॉल लगाया था, जहां लोगों के बीच उनके उत्पाद काफी लोकप्रिय हुए। इस ट्रेड फेयर में हर माह 3-3 टन कोदो-कुटकी की सप्लाई का आर्डर प्राप्त हुआ है। कृषि युग स्टार्ट अप द्वारा स्थानीय किसानों को जोड़कर उन्हें देसी किस्मों की जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्टार्ट अप द्वारा धान की दुबराज, छत्तीसगढ़ देवभोग, जवाफूल, जीराफूल, लोकतीमांझी, तेलकस्तुरी, समुनचीन, ब्लैक राइस सहित अरहर और कोदो-कुटकी की देसी किस्मों के उत्पादन और मार्केटिंग का काम किया जा रहा है। इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त संचालक  आर. एल. खरे भी उपस्थित थे।

 

मुंगेली शौर्यपथ// 2 साल बाद सेमरकोना पंचायत से धर्मीन हीराकश्यप को 3 वोट से मिली जीत । गांव मे खुशी की लहर । मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सेमरकोना में चुनाव के दौरान पुर्व प्रत्याशी धर्मीन कशयप403 मत मिले थे बबली साहु को 404 वोट मिलने से 1 वोट से जीत हासिल की गई थी । 1 वोट से हार मिलने से पुर्व प्रत्याशी धर्मीन हीरा कशयप ने पुनः गढना के लिये हाईकोर्ट के शरण मे आवेदन प्रस्तुत किया गया था करोना काल व लाकडाउन के चलते लग-भग दो से तीन बार केंसिल होने के बाद पुनः गडना के लिये 31-12-2021 शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष पुनः गडना की तारीख तैय होने के बाद वर्तमान सरपंच बबली साहु व पुर्व में हार मिले प्रत्याशी धर्मीन हीरा कश्यप के समक्ष पुनः गडना मे सुबह 10.30 बजे से गडना चालु होने के बाद लगभग 3 राउंड के बाद बबली साहु को 400 वोट मिले और धर्मीन हीरा कश्यप को 403 वोट मिलने बाद अनुविभागीय अधिकारी ने धर्मीन हीरा कश्यप को 3 वोट से मीली जीत । और बधाई भी दी लगभग 2 साल के बाद जीत हासील के बाद गांव के सभी लोग बधाई देने के लिये जनपत पंचायत मे पहुंचे ।

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