
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
Google Analytics —— Meta Pixel
धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
स्वसहायता समूह की चार महिलाएं कैंटीन चलाकर रोज एक हजार से 1200 रूपए कमा रहीं
रायपुर /शौर्यपथ/
मनरेगा और ‘बिहान’ ने दिया कमाई का जरिया
इंद्राणी, उर्मिला, सुनीता और सातोबाई की जिंदगी अब बदल चुकी है। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) और ‘बिहान’ (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) ने उनका जीवन बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है। मनरेगा और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से निर्मित वर्क-शेड में स्वसहायता समूह की ये महिलाएं ‘बिहान कैंटीन’ संचालित कर रोज लगभग एक हजार से 1200 रूपए की कमाई कर रही हैं।
ये चारों महिलाएं कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के राजानवागांव के भारत माता स्वसहायता समूह की सदस्य हैं। इन महिलाओं ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित ग्राम संगठन से 30 हजार रूपए का कर्ज लेकर कैंटीन शुरू किया है। इनके हुनर और इनके बनाए नाश्ते के स्वाद से कैंटीन में भीड़ जुटने लगी है। प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल भोरमदेव पहुंचने वाले पर्यटक, कैंटीन के पास स्थित भोरमदेव आजीविका केन्द्र में काम करने वाले तथा नजदीकी धान खरीदी केन्द्र में आने वाले किसानों की भीड़ वहां लगी रहती है। इससे इनकी आमदनी बढ़ रही है। अक्टूबर-2021 के आखिरी सप्ताह में शुरू हुई इस कैंटीन से इन महिलाओं ने अब तक लगभग 60 हजार रूपए का नाश्ता बेचा है। इसमें से 30 हजार रूपए बचाकर उन्होंने आमदनी में हिस्सेदारी के साथ ग्राम संगठन से लिया गया कर्ज लौटाना भी शुरू कर दिया है।
‘बिहान कैंटीन’ संचालित करने वाली भारत माता स्वसहायता समूह की सचिव उर्मिला ध्रुर्वे बताती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उनके समूह का गठन हुआ है। समूह ने कैंटीन चलाने के लिए बर्तन और राशन खरीदने ग्राम संगठन से 30 हजार रूपए का ऋण लिया है। समूह की चार महिलाएं इस कैंटीन का संचालन कर रही हैं। उर्मिला आगे बताती है कि समूह की कोशिश रहती है कि कैंटीन में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को गरमा-गरम चाय-नाश्ता परोसा जाए। दिनभर की मेहनत के बाद चारों सदस्यों को 300-300 रूपए की आमदनी हो जाती है। मनरेगा और ‘बिहान’ के सहयोग से वे अब आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो रही हैं।
राजानवागांव के सरपंच गंगूराम धुर्वे स्व सहायता समूह के लिए मनरेगा अभिसरण से बने इस वर्क-शेड के बारे में बताते हैं कि ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर वर्ष 2020-21 में इसकी स्वीकृति मिली थी। भोरमदेव आजीविका केन्द्र से लगा यह शेड सात लाख आठ हजार रूपए की लागत से जुलाई-2021 में बनकर तैयार हुआ। गांव के मनरेगा श्रमिकों को इसके निर्माण के दौरान 335 मानव दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ जिसके लिए उन्हें करीब 64 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया। मनरेगा और 14वें वित्त आयोग के अभिसरण से निर्मित इस परिसम्पत्ति ने कैंटीन के रूप में महिलाओं को आजीविका का नया साधन दिया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने राजधानी के नारायणा अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। गृहमंत्री साहू ने हिरवानी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और उनके परिजनों से भी चर्चा की।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बेमेतरा के ग्राम सिलघट-भिंभौरी में आयोजित जिला स्तरीय गर्भ संस्कार महोत्सव में शामिल हुए।
अब एक सेकेण्ड मे जारी होगी भवन अनुज्ञा
मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली का किया शुभारंभ
शहरों के विकास में आएगी तेजी, आवेदकों को नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगमों में लागू होगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली
500 वर्गमीटर (5382 वर्ग फीट) के आवासीय भू-खण्डों पर निर्माण हेतु तुरंत मिलेगी भवन अनुज्ञा
सभी दस्तावेजों के सही होने पर एक सेकेण्ड में जारी होगी भवन अनुज्ञा: आवेदकों को एक रूपए आवेदन शुल्क जमा करना होगा
पन्द्रह दिनों के रिकार्ड समय में तैयार हुआ पोर्टल
मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने इस प्रणाली द्वारा जारी प्रथम भवन अनुज्ञा रायपुर की दलदलसिवनी निवासी आवेदक चेतन देव साहू को प्रदान की
रायपुर /शौर्यपथ/
अब एक सेकेण्ड मे जारी होगी भवन अनुज्ञा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कर्यालय में आयोजित कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्रों मे 500 वर्गमीटर (5382 वर्ग फीट) तक के आवासीय प्लाट्स पर भवन निर्माण के लिए मानव हस्तक्षेप रहित ऑनलाईन डायरेक्ट भवन अनुज्ञा सिस्टम की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि गांव और शहरों के विकास के लिए हमने लगातार 3 वर्षों तक कार्य किया है, इस सूची में एक और सुविधा जोड़ने जा रहे हैं जिससे राज्य के शहरों के विकास में तेजी आयेगी और नागरिकों को एक बड़ी समस्या का प्रभावी समाधान मिलेगा। राज्य के नागरिक जो अपना घर बनाना चाहते हैं उनके लिए भवन अनुज्ञा एक अहम प्रक्रिया है, लेकिन ये प्रक्रिया इतनी आसान नहीं थी नागरिकों को इस सुविधा प्राप्ति के लिए काफी परेशानी हुआ करती थी। क्योंकि ये प्रकिया पूरी होने में लंबा समय लगा करता था नक्शा पास कराने के लिए यह प्रकिया कई अधिकारियों तक पहुंचा करती थी और उसके बाद नागरिक को घर बनाने के लिए भवन अनुज्ञा मिलती थी। लेकिन अब ये प्रकिया सब मानव हस्तक्षेप रहित होगी और जल्द जल्द से पूर्ण होगी। यदि आपके पास सभी दस्तावेज हैं तो अब आपको अपना घर बनाने के लिए कहीं भी चक्कर लगाने की जरूरत नहीं। घर बनाने के लिए नागरिकों इससे बड़ी सुविधा और कहां प्राप्त होगी।
विभाग को निर्देश - मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्या को देखते हुए उसके समाधान हेतु मैंने 15 दिन पहले अधिकारियों को निर्देश दिया था और विभाग ने 15 दिन के भीतर ही कार्य को पूर्ण कर लिया। इस कार्य के लिए सभी बधाई के पात्र हैं। साथ ही नागरिकों को भी मैं बधाई देता हूं कि उनके घर निर्माण का कार्य भी अब जल्द पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस प्रणाली के द्वारा जारी की गई प्रथम भवन अनुज्ञा रायपुर के दलदलसिवनी निवासी आवेदक चेतन देव साहू को प्रदान की।
इस अवसर पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी, सूडा के सीईओ सौमिल रंजन चौबे, एडिशनल सीईओ आशीष टिकरिहा एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सभी नगर निगम आयुक्त, महापौर एवं जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर महापौर रायपुर एजाज ढेबर, बिलासपुर महापौर रामशरण यादव और दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल द्वारा वर्चुअल माध्यम से बात कर भवन अनुज्ञा जारी करने की इस आसान प्रणाली को शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
विभागीय मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने इस अवसर पर कहा कि भवन अनुज्ञा प्रणाली से संबंधित सभी समस्याओं एवं उनके समाधानों पर चर्चा कर इस सिस्टम में जनप्रतिनिधियों आयुक्त एवं इंजीनियर हेतु अलग अलग डेशबोर्ड बनाया गया है, जिसमें दैनिक प्राप्त आवेदन स्वीकृति अनुज्ञा एवं लम्बित प्रकरण की जानकारी उपलब्ध होगी। दस्तावेज की मांग वाले सभी 100 प्रतिशत केस का ऑडिट एवं भवन अनुज्ञा निरस्त होने वाले प्रत्येक केस का निकाय से राज्य स्तर तक एसएमएस द्वारा सूचना एवं उच्चस्तरीय समीक्षा का प्रावधान है। डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्रणाली के संबंध में राज्य स्तरीय कार्यशाला के माध्यम से सभी नगर निगमों के आयुक्तों, भवन अधिकारियों, बिल्डिंग इंस्पेक्टर एवं अन्य अधिकारियों को नवीन सिस्टम के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है। इस नवीन प्रणाली में हमने नागरिकों पर भरोसा जताया है और आवेदक द्वारा दिए गए दस्तावेजों एवं शपथ पत्र के आधार पर ही अनुज्ञा जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री जी द्वारा अपील की गयी है कि आम नागरिक इस सेवा का लाभ सही तरीके से लेंगे और सही जानकारी के आधार पर ही भवन अनुज्ञा प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विभागीय सचिव अलरमेलमंगई डी. द्वारा अनुज्ञा प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया गया। कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए महापौर एवं जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक इस सिस्टम का प्रचार प्रसार करते हुए नागरिकों को भवन अनुज्ञा प्राप्त कर ही अपने घर का निर्माण करने प्रोत्साहित करेंगे और शहरों के अनुशासित विकास एवं भवन के अव्यवस्थित निर्माण पर नियंत्रण में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में अध्यक्ष के.पी. खांडे के नेतृत्व में आए गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री बघेल को नव वर्ष की बधाई देते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। मुख्यमंत्री ने भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी लोगों को नव वर्ष 2022 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की और अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के महासचिव डॉक्टर जे आर सोनी, सुंदरलाल जोगी, चेतन चंदेल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दूरभाष पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर सोनिया गांधी ने जताई चिंता
रायपुर /शौर्यपथ/
देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से चिंतित सोनिया गांधी ने आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना की तीसरी लहर एवं ओमिक्रॉन संक्रमण की रोकथाम की तैयारियों के संबंध फोन पर चर्चा कर जानकारी ली।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि राज्य के कुछ शहरी इलाकों जैसे रायगढ़ एवं रायपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ओमिक्रॉन की टेस्टिंग का सेंटर ओडिशा निर्धारित किया गया है। सैम्पल टेस्टिंग के लिए ओडिशा भेजे जा रहे हैं, परन्तु वहां सेंपल की संख्या अधिक होने के कारण टेस्टिंग में विलंब हो रहा है। बघेल ने बताया कि राज्य में अभी तक ओमिक्रॉन का कोई भी केस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संक्रमण की रोकथाम और प्रभावितों के इलाज की सारी व्यवस्था की गई है। राज्य में आरटीपीसीआर टेस्ट लगातार तेजी से कराए जा रहे हैं और पॉजिटीव पाए गए लोगों का इलाज भी लगातार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी को आश्वस्त किया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने की समझाईश देने के साथ ही सार्वजनिक स्थलों एवं कार्यक्रमों में भीड़-भाड़ की रोकथाम तथा मास्क लगाने जैसे ऐहतियाती कदम उठाए गए हैं। राज्य के अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में बेड, आईसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन आदि की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और मराठी कवयित्री स्वर्गीय सावित्री बाई फुले की 03 जनवरी को जयंती पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने कहा कि छुआछूत विरोध, महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के लिए फुले ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने महिला शिक्षा के लिए लोगों को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि कई महिलाओं को शिक्षा भी दी। फुले ने खुद की पढ़ाई के साथ दूसरी महिलाओं के लिए भी शिक्षा के दरवाजे खोले और उन्हें रूढ़ि और परम्पराओं की बेड़ियों को तोड़कर पढ़ने और आगे बढ़ने की राह दिखाई। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किये गए उनके उल्लेखनीय कार्र्यों ने उन्हें चिरस्मरणीय बना दिया है।
रायपुर /शौर्यपथ/
कार्टून फ़ेस्टिवल के दौरान बंगलोर में लगी केरिकेचर प्रदर्शनी में सबसे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को स्थान दिया गया है। यह प्रदर्शनी 21 दिनों तक चलेगी। गैलरी के संचालक वी जी नरेंद्रा ने बताया कि चूँकि यह कार्टून महोत्सव छत्तीसगढ़ से प्रकाशित होने वाली कार्टून पत्रिका के सहयोग से हो रहा है, हमने प्रदेश के मुख़िया को यह सम्मान प्रदान किया है। इस केरिकेचर को ननजुंदा स्वामी ने बनाया है। नरेंद्रा ने बताया कि इस गैलरी में अब तक 175 से अधिक प्रदर्शनी लग चुकी है लेकिन यह पहली बार है जब हमने तीन फ़ीट बाय दो फ़ीट के कार्टून लगाए हैं और यह भी पहली बार है कि हमने किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री को विशेष रूप से उल्लेखित किया है । उन्होंने कहा कि कार्टून वॉच पत्रिका ने लगातार 25 साल प्रकाशित होने और देश की एकमात्र पत्रिका होने के कारण आज छत्तीसगढ़ कार्टून कला की राजधानी बन गया है। ऐसे में इस प्रदेश का सम्मान तो होना ही चाहिए। इस प्रदर्शनी में डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम और बाला साहेब ठाकरे के केरिकेचर भी लगे हैं.
रायपुर /शौर्यपथ/
साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे रायपुर के नारायणा अस्पताल पहुंचकर वहां इलाज के लिए भर्ती साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री बघेल ने हिरवानी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा भी उपस्थित थे।
सिंगल क्लिक भवन अनुज्ञा प्रणाली का माननीय मुख्यमंत्री रायपुर से करेगे वर्चुअल शुभारंभ:
निवासी पांच सौ वर्ग मीटर भवन हेतु आवेदन शुल्क 1 रुपए में डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्राप्त कर सकेंगे
दुर्ग। शौर्यपथ । भवनअनुज्ञा मे नागरिकों को सुविधा देने एवम पूर्ण पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से अब भवन अनुज्ञा का सरलीकरण करते हुए प्रदेश के निवासी पांच सौ वर्ग मीटर भवन तक आवेदन शुल्क 1 रुपए में डायरेक्ट भवन अनुज्ञा प्राप्त कर सकेंगे। इस नवीतमऑनलाइन भवन अनुज्ञा प्रणाली लागू का माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी द्वारा 03 जनवरी दिन सोमवार को दोपहर 12 बजे वर्चुअल माध्यम से रायपुर से पूरे प्रदेश में डायरेक्ट बिल्डिंग परमिशन स्कीम और सॉफ्टवेयर सिस्टम का उद्घाटन करेंगे। वर्चुअल उद्घाटन में नगर निगम दुर्ग के डाटा सेंटर से मानननीय विधायक श्री अरुण वोरा,महापौर श्री धीरज बाकलीवाल,निगमायुक्त श्री हरेश मंडावी और सभापति श्री राजेश यादव समेत विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहेंगे।
बिल्डिंग परमिश स्किम और सॉफ़्टवेयर जिससे प्रदेश के नागरिकों को लाभ देने के उद्देश्य से पूर्व से प्रचलित भवन अनुज्ञा स्वीकृति व्यवस्था के सुचारु क्रियान्वयन से प्रदेश में मानवीय हस्तक्षेप रहित सिंगल क्लिक भवन अनुज्ञा प्रणाली' लागू किया जा रहा है, इससे नागरिकों को समय सीमा में, घर बैठे तत्काल भवन अनुज्ञा प्राप्त हो सकेगी,भवन अनुज्ञा का पूरे डाकुमेंट को अपलोड करते ही भवन अनुज्ञा तत्काल प्राप्त होगी, इस प्रकार भवन अनुज्ञा का सरलीकरण होगा।
नवागढ़। शौर्यपथ । मिश्रा पारा नवागढ़ में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथाव्यास पं अरुण दुबे (बिल्हा) ने द्वापर युग समाप्त होने और कलयुग के शुभारंभ की कथा सुनाई। कथा में बताया कि राजा परीक्षित ने शिकार के दौरान देखा कि एक पैर वाले बैल और गाय को कोई पीट रहा था। राजा परीक्षित क्रोधित हुए और उस व्यक्ति से कहा कि तुझे मृत्युदंड मिलना चाहिए। राजा का क्रोध देख कलयुग उनके चरणों में क्षमा-याचना करने लगा। राजा इस माया को समझ गए कि एक पैर वाला बैल धर्म है और गाय के रूप में धरती मां हैं। मारने वाला कलयुग है। राजा ने कलयुग को राज्य की सीमा से बाहर चले जाने का आदेश दिया। कलयुग ने कहा कि महाराज आपका शासन पूरी धरती पर है, ऐसे में मैं कहां जाऊं। आप ही कुछ उचित स्थान दें जहां मैं रह सकूं।
ऋषि पुत्र ने दिया श्राप
पं दुबे ने बताया कि कलयुग के गिड़गिड़ाने पर राजा परीक्षित ने उसे धरती पर रहने के लिए जुआं, मदिरा, परस्त्रीगमन और हिंसा जैसी चार जगह दे दी। कलयुग को मौका मिल गया और वह सूक्ष्म रूप में राजा के सिर पर स्वर्ण मुकुट में बैठ गया। राजा शिकार के लिए आगे बढ़े तो प्यास लगी। वे शमिक ऋषि के आश्रम में गए और जल के लिए आवाज लगाई। ऋषि शमिक ध्यान में लीन थे। सिर पर कलयुग के बैठे होने की वजह से राजा परीक्षित को लगा कि ऋषि उनका अपमान कर रहे हैं। वे क्रोधित हो गए और ऋषि शमिक के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया। उसी समय नदी से स्नान कर लौट रहे ऋषि शमिक के पुत्र श्रृंगी ने जब पिता के गले में मरा सांप देखा तो राजा परीक्षित को श्राप दे दिया कि सात दिनों के भीतर तक्षक नाग के डसने से उसकी मौत हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि श्राप मिलने पर राजा परीक्षित ने अपने पुत्र जन्मेजय को राजपाट सौंपकर गंगातट पर मृत्यु की प्रतीक्षा करने लगे। शुकदेव भगवान ने राजा को मुक्ति पाने के लिए भागवत कथा सुनने कहा। राजा ने सात दिन कथा सुनी और मुक्ति को प्राप्त हुए। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा को सुनने वाले को मुक्ति अवश्य प्राप्त होती है।
पहले दिन निकली कलशयात्रा
प्रथम दिवस संध्या बेला में मिश्रा पारा से महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर कलश यात्रा मानाबंद तालाब पहुंचे। पं. कमलेश शर्मा ने विधि विधान से वेदिका का निर्माण कर यजमान से पूजा अर्चना कराकर देवी देवताओं का आह्वान किया। कथावाचक ने गोकर्ण कथा के पूर्व भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भागवत सुनने वह कराने के लाभ को बताया तत्पश्चात गोकर्ण कथा की शुरुआत किया जो रात तक चलता रहा । इस अवसर पर महेश मिश्रा, राजेन्द्र मिश्रा, मनभर मिश्रा, राकेश जायसवाल, दारा मिश्रा, रामावतार, संतोष, दिनेश, बीरबल, सन्तु, विनोद, कृष्णकुमार, बबला, रमेश चौहान, तुलसीराम चौहान, सालिकराम श्रीवास्तव सहित भक्तजन उपस्थित रहे।
आज जड़भरत और प्रहलाद कथा
कथावाचक पं अरुण दुबे ने बताया कि सोमवार को जड़भरत चरित्र, कपिलो उपाख्यान, भक्त प्रहलाद, अजामिल चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
