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नगरी। वार्ड क्रमांक 8 निवासी, पुणेद्र मोहन के घर बिजली वायर में शॉर्ट सर्किट होने से भयानक आग लग गई।
घर के जिस कमरे में आग लगी वहां रखे माइस्ट्रो टू व्हीलर जलकर खाक हो गई साथ में कमरे में रखे तीन तोता पंछीयों सहित फर्नीचर जल कर खाक में तभी तब्दील हो गए।
पड़ोसियों के सहयोग से भयानक आग को बुझाया गया।
अग्निशमन वाहन का आग बुझाने वाला यंत्र काम नहीं आया
आग लगने पर पड़ोसियों ने नगर पंचायत के अग्निशमन विभाग को फोन कर सूचित किया सूचना के तुरंत बाद अग्निशमन विभाग की वाहन मौके पर पहुंच भी गई पर आग बुझाने के लिए वाहन में लगे वाटर जेट को चालू करने का प्रयास किया गया पर वाटर जेट काम नहीं किया जिससे अग्निशमन वाहन को वापस भेजना पड़ा और वार्ड वासियों के अथक प्रयास से आग पर काबू पाया गया।
नगर पंचायत द्वारा वाहनों के रखरखाव के नाम से हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं उसके बाद भी अग्निशमन जैसे इमरजेंसी इस्तेमाल के वाहन व यंत्र आग लगने पर काम ना आना गंभीरता से लिया जाना चाहिए इन यंत्रों के रख-रखा व देखभाल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए ।
दुगली पुलिस की बड़ी कार्यवाही
नगरी। ग्राम नवा गांव,बोराई की रहने वाली पीड़िता के शिकायत पर दुगली पुलिस ने ग्राम बेधवापथरा थाना दुगली, निवासी प्रलेश नेताम, पिता मंगल नेताम उम्र 21 वर्ष को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर कुरूद न्यायालय में पेश किया।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नगरी, मयंकरण सिंह से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता 6 से 8 अगस्त के बीच अपने सहेली के भाई के विवाह में ग्राम
मुरूमतरा में मेहमानी गई थी ।
जहां आरोपी ने पीड़िता से नजदीकी बढ़ाकर शादी समाप्त होने के पश्चात पीड़िता के उस के घर नवागांव छोड़ दूंगा कहकर मोटरसाइकिल में बैठा कर अपने घर बेधवापथरा ले गया। आरोपी ने पीड़िता को शादी का प्रलोभन दिया और इस दरमियान यौन शोषण किया तथा जंगल में ले जाकर,अश्लील फोटो खींचकर वायरल करने की धमकी दी।
पीड़िता ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को दी व दुगली थाना जाकर लिखित में रिपोर्ट दर्ज कराई।
शिकायत के 7 घंटे के अंदर दुगली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 22/21, धारा 376(2)(ढ), 509, 509(ख) का भा.द.वि कायम कर कुरूद न्यायालय में पेश किया।
थाना प्रभारी डी.के.कुर्रे सहायक उपनिरीक्षक घनश्याम, प्रधान आरक्षक डोमार सिंह ध्रुव, आरक्षक हेमंत साहू ,घनश्याम साहू ,मानक साहू का विशेष योगदान रहा।
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा चिकित्सा विभाग की सहायक प्राध्यापक की अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई हैैे। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत चिकित्सा भौतिक, रेडियोडायग्नोसिस, रेडियोथेरेपी, फारेंसिक मेडिसिन, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजियोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री और एनाटॉमी के सहायक प्राध्यापकों के कुल 45 पद विज्ञापित किए गए थे।
आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक पद के लिए 25 अगस्त को साक्षात्कार आयोजन किया गया था। साक्षात्कार के बाद प्राप्त अंको के आधार पर मेरिट सूची जारी की गई है।
जारी परिणाम के अनुसार सहायक प्राध्यापक रेडियोडायग्नोसिस के 4 अभ्यर्थी सुश्री शुभकीर्ति अग्रवाल, श्री श्रेयस जायसवाल, श्री मनीष कुमार मेशराम तथा श्री मुकेश पटेल, रेडियोथेरेपी के 2 अभ्यर्थी श्री राजेंद्र प्रसाद पटेल तथा श्री हेमु टंडन, फारेंसिक मेडिसिन के 2 अभ्यर्थी श्री भोज कुमार साहू तथा श्री किशोर सिंह ठाकुर, पैथोलॉजी के 4 अभ्यर्थी श्री अनुभव चंद्राकर, सुश्री वनिता भास्कर, श्री शंकर मार्शल टोप्पो तथा सुश्री काजल चंद्राकर का चयन किया गया है।
इसके अलावा माइक्रोबायोलॉजी के 2 अभ्यर्थी सुश्री नीजा मोंगा तथा सुश्री सुचिता नेताम, फार्माकोलॉजी के 01 अभ्यर्थी श्री टीकाम सिंह धु्रव, फिजियोलॉजी के 01 अभ्यर्थी श्री मनीष कुमार मार्तण्डेय, बायो केमेस्ट्री के 02 अभ्यर्थी श्री तृप्ति बरादिया, सुश्री विभा टण्डन तथा एनाटॉमी के 03 अभ्यर्थी श्री कुशाल चक्रवर्ती, श्री अविनाश थवाईत तथा सुश्री मंजुलता गनवारे चयनित हुए हैं। सहायक प्राध्यापक चिकित्सा भौतिक के लिए 2 पदों के लिए साक्षात्कार हेतु किसी भी अभ्यर्थी का चिन्हांकन नहीं किया जा सका था।
रायपुर / शौर्यपथ / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार 27 अगस्त शुक्रवार को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री गुरू रूद्रकुमार राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास सतनाम सदन से दोपहर एक बजे प्रस्थान कर अपरान्ह 3 बजे बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम अमेरीकांपा (ताला) पहुचेंगे। वे वहां आयोजित गुरु बालक दास जयंती एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री गुरु रुद्रकुमार कार्यक्रम के पश्चात शाम 4 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे।
रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज ‘मिशनरी ऑफ चेरेटी आश्रम’ में संत मदर टेरेसा जी के 111वें जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समाज में निःस्वार्थ भाव से मानवीय संवेदना के साथ असहाय और गरीबों की सेवा करता है उसे पूज्यनीय माना जाता है। समाज में कई लोग ऐसे होते हैं जो बिना किसी अपेक्षा के लोगों की सेवा करते हैं, उनमें संत मदर टेरेसा का नाम प्रमुख है। उनके कार्यों की वजह से उन्हें पूरा संसार सम्मान की नजरों से देखता है।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन के कई क्षणों में जरूरत पड़ने पर वे किन्हीं के समक्ष मदद मांगने गई और अपेक्षा अनुरूप कार्य न होने पर या मदद न मिलने पर उन्हें बड़ी पीड़ा हुई। तब उन्होंने संकल्प लिया कि जब भी मेरे पास कोई आएगा तो उसकी मैं हरसंभव सहायता करूंगी। उन्होंने कहा कि जब-जब मुझे कोई दायित्व मिला और मेरे समक्ष कोई समस्या लेकर आया तो मैंने हर प्रकार से उनकी मदद की और यह प्रयास किया कि वह संतुष्ट होकर जाए।
राज्यपाल ने कहा कि मदर टेरेसा अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। उनकी कार्यों की वजह से उन्हें नोबल पुरस्कार और भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उनके द्वारा स्थापित संस्थाएं विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रही हैं। राजधानी में भी उनके द्वारा स्थापित इस संस्था द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए किया गया कार्य सराहनीय है।
राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन मानवता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने तन-मन से दीन दुखियों की सेवा की। वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहती थी। इसके लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। वे कहती थीं कि ‘दया और प्रेम छोटे हो सकते हैं लेकिन वास्तव में उसकी गूंज अनंत होती है।’ उनका कहना था कि ‘यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आपने कितना दिया बल्कि यह कि देते समय आपने कितने प्रेम से दिया। किसी को दान करना उतना ही मायने रखता है, जितना कि किस भाव से, विचार से, आपने दान किया।
राज्यपाल ने कहा कि जीवन में जब किसी की मदद करने का अवसर मिले तो हमें यथासंभव मदद करनी चाहिए। राज्यपाल बनने के बाद भी मैंने यह प्रयास किया कि जो भी राजभवन के दरवाजे आए उनकी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास करूं। जब हम बिना अपेक्षा के किसी की मदद करते हैं तो जो संतुष्टि मिलती है, वह किसी अन्य कार्य में नहीं मिलती है। अतः हम सबको जीवन का कुछ समय दीन दुखियों की सेवा में लगाना चाहिए। कोविड महामारी के दौरान यह और भी अधिक आवश्यक हो गया है कि हम दूसरों के प्रति सहानुभूति रखें, दयालु बनें और दूसरों की मदद करें।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र छाबड़ा ने कहा कि हमें जब कभी भी दीन दुखियों की सेवा करने का मौका मिले, तो अवश्य करनी चाहिए। हमें प्रतिदिन दो व्यक्ति की सेवा करने का प्रयास करना चाहिए। संत मदर टेरेसा और उनकी संस्था द्वारा किए गए सेवा कार्यों से पूरे समाज को प्रेरणा मिलती है। श्री छाबड़ा ने कहा कि राज्यपाल सुश्री उइके के समक्ष जो भी मिलने जाता है वह संतुष्ट होकर आता है। जबसे उन्होंने यह दायित्व संभाला है, छत्तीसगढ़ के आम व्यक्ति को अपनत्व की भावना महसूस होती है।
कार्यक्रम को राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सिस्टर मारिया, फॉदर जोस फिलिप, चर्च कोर्ट के अध्यक्ष एवं समाजसेवी श्री जॉन राजेश पॉल, होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश मसीह, मिशनरी ऑफ चेरेटी की सिस्टर, अन्य सेविका बहनें और आश्रम की महिलाएं उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ/ प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका के निर्माण में छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं रोजगार संबंधी विषयों का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कलेवा, लोक गीत और लोक कथा का समावेश होना चाहिए। शब्द ज्ञान के लिए शब्द कोष का सहारा भी लिया जा सकता है। मड़ाई की संपादक एवं लेखिका श्रीमती सुधा वर्मा ने इस आशय के विचार राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रौढ़ शिक्षार्थियों के लिए प्रवेशिका निर्माण हेतु आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। कार्यशाला का आयोजन 25 अगस्त से 27 अगस्त तक राज्य साक्षरता केंद्र एससीएल, राज्य शैक्षिक अनुसंधान केंद्र एवं प्रशिक्षण परिषद, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वधान किया जा रहा है।
सहायक संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण एवं नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पांडे ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं पर पाठों का निर्धारण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी एरिया को ध्यान में रखकर सामग्री निर्माण सरल और भाषा में होना चाहिए। जिसमें बातचीत जनउला एवं अन्य विधाओं का उपयोग हो। राज्य शिक्षा केन्द्र की प्रकोष्ठ प्रभारी श्रीमती प्रीति सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों के बारे में बताया। जिला परियोजना अधिकारी कोरिया उमेश कुमार जायसवाल ने आईपीसीएल पद्धति से शिक्षार्थियों को सीखने की बात कही। डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि गणित में रोजमर्रा का इस्तेमाल होने वाले विषय वस्तु को भी ध्यान में रखा जाए। श्रीमती ज्योति चक्रवती ने कहा कि पाठों को प्रस्तुत करने हेतु नवाचारी तरीके अपनाकर ऐसी सामग्री का निर्माण होना चाहिए, जो आने वाले 10 सालों तक कारगर साबित हो।
यूनिसेफ सलाहकार डॉ. मनीषा वत्स ने पाठ के निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से विषय वस्तु, पाठ का नाम, व्यंजन, मात्रा, शब्द आदि की जानकारी दी। उन्होंने महानदी, अरपा, इंद्रावती, शिवनाथ ग्रुप के सदस्यों के साथ इन जानकारियों को साझा कर समूह में कार्य करने के निर्देश दिये। कार्यशाला में जिलों के परियोजना अधिकारी, व्याख्याता डाइट, रिसोर्स पर्सन, शिक्षकों ने लेखन कार्य में अपना योगदान किया। कार्यशाला का संचालन राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के परियोजना सलाहकार श्रीमती निधि अग्रवाल ने किया। परियोजना सलाहकार सुश्री नेहा शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों के साथ कार्यशाला की नियमावली साझा की। यूनिसेफ सलाहकार विकास भदौरिया, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की सुश्री कविता लिखार, महेश वर्मा और डमरुधरदीप आदि उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मंत्री श्रीमती भेंडिय़ा ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री निवास में हर साल मनाए जाने वाले तीजा-पोरा तिहार की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल हर साल पोला तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की बहनों और माताओं को करू भात के लिए आमंत्रित करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक रूप से तीजा-पोरा तिहार मनाया जाता है, जिसमें प्रदेश भर से महिलाएं और महिला जनप्रतिनिधि शामिल होती हैं।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला में विशेष अभियान चलाकर 20 गर्भवती xमहिलाओं को कोविड-19 का टीका लगाया गया इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 के जोखिम को कम करना है ।
इस मौके पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ.मनोज कुमार बर्मन ने बताया, “रायपुर जिले में पहली बार एक साथ 20 गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 का टीका लगाया गया है । इसके लिए नियमित रूप से क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया गया है । लोगों के मन में मौजूद जिज्ञासा को शांत किया गया साथ ही उन्हें जानकारी दी गई है कि कोविड-19 वैक्सीनेशन से गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 होने का जोखिम कम होता है । साथ ही वैक्सीनेशन से बच्चे पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है । शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरला से इस अभियान की शुरुआत की गई है अब आने वाले समय में गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा”।
कोविड-19 का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है नियमित रूप से जिले में कोविड टीकाकरण का कार्य जारी है । कोविड टीकाकरण होने से कोविड-19 पॉजिटिव होने का जोखिम कम होता है। इसलिए 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण कराना चाहिए ताकि कोविड-19 के प्रसार को रोका जा सके ।
इसअवसर पर आयुक्त नगर निगम बिरगांव श्रीकांत वर्मा भी उपस्थित रहे साथ ही जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ आशीष वर्मा जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ज्योत्सना ग्वाल, सुपरवाइजर राजेन्द्र वैष्णव, सुपरवाइजर अखिलेश पांडे, उरला शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ और क्षेत्र की मितानिन आदि लोग मौजूद रहे।
गर्भवती महिला के कोविड-19 टीकाकरण हेतु दिशा निर्देश
कब देना है :- (पात्रता)
1. गर्भावस्था की किसी भी अवधि में सभी गर्भवती महिलाओं (प्रथम तिमाही, द्वितीय तिमाही, तृतीय तिमाही हो) सभी अवस्था में कोविड टीकाकरण करवा सकती हैं ।
2. गर्भवती को लगने वाले टीडी वैक्सीन (TD Vaccine) के साथ या टीडी वैक्सीन (TD Vaccine) लगने के 15 दिन बाद भी लगवा सकते हैं ।
1.इनको लगाना है :-
गर्भवती महिलाओं को जिनकी उम्र 18 से ऊपर हो
अत्याधिक जटिलता वाली गर्भवती महिलाएं अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर अपना कोविड-19 का टीकाकरण करवा सकती हैं
2.कोविड-19 गर्भवती महिला पर क्या असर कर सकता है :-
90% से ज्यादा संक्रमित गर्भवती महिलाओं को घर पर रख कर के ठीक किया जा सकता है, किंतु कुछ की स्थिति बहुत जल्दी गंभीर हो सकती है । अतः उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है नहीं तो विपरीत परिणाम का जोखिम हो सकता है।
उदाहरण:-
1. सिजेरियन की जरूरत पड़ सकती है ।
2. समय से पूर्व डिलीवरी हो सकती है
उपरोक्त समस्त समस्या को टीका लगवा कर जोखिम से बचा जा सकता है।
गर्भवतियों का टीकाकरण के बाद भी कोविड-19 व्यवहारों का पालन करना है। कोविड टीकाकरण के बाद आम लोगों की तरह गर्भवतियों को भी टीका लगाने के पश्चात :-
1. बुखार
2. इंजेक्शन वाले स्थान में दर्द, सूजन
3. बदन दर्द
आदि लक्षण दिख सकते हैं यह सामान्य बात है यह दो-तीन दिन में ठीक हो जाते हैं ।
किसे नहीं लगाना है
1. पूर्व में प्रथम टीका लगाने के बाद जिसे कोई गंभीर दुष्प्रभाव हुआ हो ।
2. किसी भी अन्य तरीके से रिएक्शन हुआ हो ।
3. ऐसी गर्भवती महिला जो वर्तमान में कोविड-19 से ग्रसित हो और उपचारित हो।
कोविड-19 संक्रमण की परिस्थिति Condition
गर्भवती होने के पहले महिला कोविड-पाज़िटिव होती है तो ठीक होने के 03 माह / 84 दिन बाद कोविड टीकाकरण कराएं।
गर्भावस्था के दौरान अगर महिला कोविड-पाज़िटिव हो गई है या तो उसे पहला टीका लगा है या कोई टीका नहीं लगा है ऐसी स्थिति में डिलीवरी (जचकी) तक टीका न लगाये एवं प्रसव के बाद ही उसे टीका लगाएं ।
विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों में स्थित शालाओं की शैक्षणिक व्यवस्था में कसावट लाने के लिए दिनांक 25 अगस्त 2021 को विकास खंड शिक्षा अधिकारी नगरी श्री सतीश प्रकाश सिंह ने विकासखंड के विभिन्न शालाओं - प्राथमिक शाला सेमरा ,माध्यमिक शाला सेमरा, प्राथमिक शाला भेजरीरावन, प्राथमिक शाला बिरगुड़ी, हायर सेकेंडरी स्कूल बिरगुड़ी, माध्यमिक शाला बिरगुड़ी ,माध्यमिक शाला टांगापानी ,माध्यमिक शाला कोंगेरा तथा प्राथमिक शाला कोंगेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा संबंधित संस्था प्रमुख एवं शिक्षक शिक्षिकाओं को कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षा के लिए सभी प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए उत्तम रूप से शाला संचालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए । बी.ई.ओ. सतीश प्रकाश सिंह ने निरीक्षण के दौरान ऑफलाइन क्लास के बच्चों से एवं मोहल्ला क्लास के बच्चों से उनके विषय आधारित सवाल पूछे एवं बच्चों को नियमित रूप से पठन-पाठन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय के बच्चों को अपना कैरियर निर्माण कर राष्ट्र व समाज के हित में योगदान देने को कहा। वनांचल क्षेत्र स्थित आदिवासी विकास खंड नगरी के सभी शालाओं में ऑफलाइन कक्षा तथा ग्रामों में संचालित मोहल्ला कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की दिशा में उत्तरोत्तर प्रगति लाने के कार्य किए जा रहे हैं ।*
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
