September 29, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली / एजेंसी / भारत और इटली ने पर्यटन क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। पर्यटन संबंधी दूसरे भारत-इटली संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक में फिल्म-पर्यटन, पर्यटन गंतव्यों के युग्मीकरण, कौशल विकास, पर्यटन आंकड़ों के आदान-प्रदान तथा कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) सहभागिता बढ़ाने सहित कई विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

    बैठक की सह-अध्यक्षता भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार और इटली के पर्यटन मंत्रालय की महासचिव इमानुएला ट्रिपी ने की। दोनों देशों के पर्यटन, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ भारत स्थित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।

    बैठक में दोनों देशों के बीच कम ज्ञात पर्यटन गंतव्यों को बढ़ावा देने, फिल्म निर्माण के माध्यम से पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन क्षेत्र में कौशल एवं क्षमता निर्माण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

    सहयोग को जमीन पर आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने चिन्हित क्षेत्रों में लक्षित तकनीकी समूह गठित करने और संपर्क बिंदु नामित करने पर सहमति व्यक्त की। इसका उद्देश्य संबंधित सरकारी एवं उद्योग हितधारकों के बीच निरंतर संपर्क और सहयोग को सुगम बनाना है।

    2027 में संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष

    दोनों पक्षों ने प्रस्तावित भारत-इटली संस्कृति एवं पर्यटन वर्ष 2027 के संदर्भ में भी पर्यटन सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी आदान-प्रदान को और मजबूत करना है।

    संयुक्त कार्य समूह की बैठक से पर्यटन क्षेत्र में भारत और इटली के बीच संस्थागत तथा उद्योगगत संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में सहयोग का नया आधार तैयार हुआ है।

    स्रोत : प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), दिल्ली

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में संपन्न हुआ। ट्रायल के लिए 373 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 223 खिलाड़ी मैदान पर उतरे। खिलाड़ियों के प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के मूल्यांकन के बाद 130 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
    प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे खिलाड़ियों ने लीग में स्थान बनाने के लिए अपना दमखम दिखाया। चयन प्रक्रिया के दौरान खेल कौशल, प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया गया।
    उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव लगातार दूसरे दिन ट्रायल स्थल पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों का खेल देखा, उनसे मुलाकात की और निरंतर अभ्यास व मेहनत से खेल को निखारने के लिए प्रोत्साहित किया।
    श्री साव ने कहा कि चयन ट्रायल का सफल आयोजन राज्य की हॉकी प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। 373 खिलाड़ियों का पंजीकरण और विभिन्न क्षेत्रों से भागीदारी प्रदेश में हॉकी के प्रति उत्साह को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अब शॉर्टलिस्ट 130 खिलाड़ियों को प्लेयर ड्राफ्ट के जरिए लीग की छह टीमों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल, अनुभव और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

    8 अक्टूबर को प्लेयर ड्राफ्ट
    चयन ट्रायल के बाद अब 8 अक्टूबर को रायपुर में सीएचएल प्लेयर ड्राफ्ट आयोजित होगा। इसमें शॉर्टलिस्ट 130 खिलाड़ी शामिल होंगे और छह फ्रेंचाइजी टीमें अपने-अपने खिलाड़ी दल का चयन करेंगी। इसके साथ ही लीग के पहले सीजन के लिए टीमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
    इस दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव और सचिव फिरोज अंसारी मौजूद रहे।

    मुल्ला अफरोज की हिरासत रद्द, यूपी सरकार पर 10 लाख रुपये की लागत; कैंसर दवा की खरीद कीमत और MRP में भारी अंतर पर केंद्र से मांगा जवाब

    नई दिल्ली / सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अलग-अलग मामलों की सुनवाई के दौरान नागरिक अधिकारों और आम मरीजों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए। एक ओर अदालत ने संभल हिंसा मामले में मुल्ला अफरोज की हिरासत रद्द करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की लागत लगाई, वहीं दूसरी ओर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में भारी अंतर पर गंभीर सवाल उठाए।

    संभल मामले में हिरासत रद्द, यूपी सरकार पर 10 लाख की लागत

    संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज की हिरासत को रद्द कर दिया। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये की लागत भी लगाई। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष हुई।

    अदालत के इस आदेश का सीधा संबंध मुल्ला अफरोज की हिरासत की वैधानिकता से था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिरासत रद्द किए जाने और सरकार पर लागत लगाए जाने से संबंधित आदेश को मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कैंसर दवाओं की कीमतों पर अदालत की गंभीर चिंता

    इसी दौरान कैंसर और जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दवा के खरीद मूल्य और MRP के बीच भारी अंतर पर सवाल उठाए। द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई में एक उदाहरण सामने आया, जिसमें किसी कैंसर दवा की निर्माता से खुदरा स्तर तक कीमत करीब 2,700 रुपये बताई गई, जबकि उसकी MRP करीब 27,000 रुपये थी।

    कीमत में इस बड़े अंतर पर अदालत ने गंभीर टिप्पणी की और इसे “carnage” शब्द से संबोधित किया। अदालत ने केंद्र सरकार से दवाओं की कीमतों और इस तरह के मूल्य अंतर से जुड़े मुद्दे पर जवाब मांगा।

    सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर महंगी दवाओं के आर्थिक प्रभाव और दवाओं के मूल्य निर्धारण की व्यवस्था से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण रूप से सामने आए। अदालत द्वारा केंद्र से जवाब मांगे जाने के बाद अब सरकार का पक्ष और आगे की न्यायिक कार्यवाही इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

    आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की सेहत की जांच, पौष्टिक आहार और मुनगा के महत्व की दी जानकारी

       राजनांदगांव / शौर्यपथ / सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गठुला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-6 में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों एवं ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
    कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्र में संचालित प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं बौद्धिक विकास के महत्व पर चर्चा करते हुए अभिभावकों को बच्चों की नियमित देखभाल और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया।

    बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जांच
    कार्यक्रम के दौरान बच्चों के वजन और ऊंचाई का माप लिया गया तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। उपस्थित लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में बताया गया। साथ ही बाहरी खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को घर पर तैयार पौष्टिक एवं स्थानीय खाद्य पदार्थ देने की सलाह दी गई।
    विभिन्न गतिविधियों और संवाद के माध्यम से बच्चों तथा परिवारों को पोषण एवं स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी संदेश दिए गए।

    ‘हर घर मुनगा’ का भी दिया संदेश
    कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत मुनगा पौधे का रोपण किया गया। ग्रामीण परिवारों को मुनगा के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी देते हुए घरेलू स्तर पर इसके उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
    कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सरपंच, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ विकास के साथ परिवारों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

       राजनांदगांव / शौर्यपथ / श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एसओपी अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों के वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में मोबाईल कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। मोबाईल कैम्प के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा पात्र आवेदक को योजनाओं से लाभान्वित करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे है। इसी क्रम में डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम चारभांठा एवं राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सोमनी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का आयोजन किया गया। इन मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर में 197 श्रमिक उपस्थित हुए। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत 8 श्रमिकों का पंजीयन हेतु आवेदन किया गया। शिविर में 26 वैधता अवधि समाप्त होने वाले श्रमिक पंजीयन का नवीनीकरण आवेदन किया गया एवं 2 हितग्राहियों के संशोधन एवं 2 योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। शिविर में 23 श्रमिकों का ई-केवायसी सत्यापन किया गया। शिविर में 220 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई एवं ब्रोसर का वितरण किया गया। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों से जिले में आयोजित मोबाईल कैम्पों में शामिल होकर नवीन श्रमिक पंजीयन एवं श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। मोबाईल कैम्पों में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

    कहा—संजू की उपलब्धि ने देश के साथ पूरे छत्तीसगढ़ को किया गौरवान्वित, अनुभव से प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ

    रायपुर/शौर्यपथ। जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली छत्तीसगढ़ की खिलाड़ी संजू देवी से उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर, अटल नगर स्थित शासकीय आवास/कार्यालय में मुलाकात की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने संजू देवी की माता अमरीका बाई और पिता रामजी से भी भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संजू देवी को देश और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संजू देवी की उपलब्धि ने भारत के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के करोड़ों लोगों को गौरवान्वित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की बेटी का उत्कृष्ट प्रदर्शन राज्य के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

    संजू ने साझा किए एशियन गेम्स के अनुभव

    मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री ने संजू देवी से एशियन गेम्स में उनके अनुभवों की जानकारी ली। संजू ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम की अजेय यात्रा और मुकाबलों के दौरान अपनाई गई रणनीतियों एवं खेल तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह टीम ने प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के खेल को समझते हुए रणनीति बनाकर मुकाबलों में सफलता हासिल की।

    अरुण साव ने कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच का अनुभव संजू देवी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने से मिलने वाला अनुभव प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर अपनी प्रतिभा निखारने में मदद करेगा।
    उन्होंने संजू देवी के उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

    परिवहन संघ के पदाधिकारियों को दी यातायात नियमों की समझाइश, अव्यवस्थित पार्किंग से बचने की अपील

    नरेश देवांगन
    जगदलपुर, शौर्यपथ। आगामी त्योहारों के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए बस्तर पुलिस ने सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था के लिए जागरूकता और शपथ कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक बस्तर शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर परिवहन संघ के पदाधिकारियों, वाहन मालिकों और चालकों को यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।
    कार्यक्रम में बस्तर परिवहन संघ के अध्यक्ष प्रदीप पाठक, उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह नयन, रोशन यादव, सचिव सुखदेव सिंह जोशी, ज्वाइंट सेक्रेटरी संतोष यादव, रामबाबू सिंह ठाकुर तथा कोषाध्यक्ष जगन लाल उर्फ राजू झंवर सहित करीब 180 वाहन मालिक एवं चालक शामिल हुए।

    अव्यवस्थित पार्किंग से बचने की दी समझाइश
    त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए वाहन चालकों को यातायात सुचारु बनाए रखने में सहयोग करने की समझाइश दी गई। पुलिस ने वाहनों को निर्धारित एवं व्यवस्थित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने तथा मुख्य मार्गों एवं सड़क किनारे असुरक्षित ढंग से वाहन पार्क नहीं करने पर विशेष जोर दिया।
    इस अवसर पर उपस्थित परिवहन संघ के पदाधिकारियों, वाहन मालिकों और चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए संकल्प पत्र की शपथ भी दिलाई गई।
    कार्यक्रम में यातायात उप पुलिस अधीक्षक जयराम चेरमाको, यातायात प्रभारी मधुसूदन सिंह नाग, निरीक्षक कमलेश देवांगन सहित यातायात विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    त्योहारों से पहले पुलिस द्वारा केवल नियमों की सख्ती के बजाय जागरूकता, संवाद और सहभागिता पर जोर देने की पहल से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में परिवहन संघ और वाहन चालकों के सहयोग की उम्मीद बढ़ी है। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।

    भोजराज सिन्हा बोले—SIR समेत प्रमुख फैसलों पर तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति, संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना बंद करे विपक्ष

       भिलाई / शौर्यपथ / चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच भिलाई जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने मंगलवार को संयुक्त पत्रकार वार्ता की। दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस के उन दावों पर सवाल उठाए, जिनमें आयोग के भीतर मतभेद होने की बात कही गई थी।

    नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के संयुक्त बयान से स्पष्ट हो गया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाला है।

    सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयोग की चुनावी प्रक्रिया को लेकर देश और दुनिया में उसकी संस्थागत भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन गया है।

    अंग्रेजी अखबार में कैबिनेट सचिव को लिखे कथित पत्र के संबंध में सिन्हा ने कहा कि जिस पत्र का उल्लेख किया गया है, वह किसी नीतिगत विषय या SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि सामान्य प्रशासनिक विषय से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति संवैधानिक रूप से जिम्मेदार है, इसलिए इसे किसी नीतिगत मामले से जोड़ना उचित नहीं है।

    भोजराज सिन्हा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर प्रमुख निर्णयों पर सर्वसम्मति की स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा SIR प्रक्रिया को लेकर दिए गए आदेश के बावजूद विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

    भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने भी पत्रकार वार्ता में चुनाव आयोग के संयुक्त बयान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवाद का केंद्र बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

    दोनों नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपने लगाए गए आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    टीचर्स एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 10 दिन अर्जित और 7 दिन आकस्मिक अवकाश देने की मांग

    कोण्डागांव / शौर्यपथ / अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ शिक्षकों एवं कर्मचारियों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप अतिरिक्त अवकाश का लाभ दिलाने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला कोण्डागांव ने जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान को ज्ञापन सौंपकर पात्र शिक्षकों-कर्मचारियों को 10 दिवस का अतिरिक्त अर्जित अवकाश एवं 7 दिवस का अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश प्रदान करने की मांग की।

    1981-84 के प्रावधानों का हवाला, नियमित लाभ नहीं मिलने की शिकायत

    संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ सभी विभागों एवं सभी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए शासन स्तर पर अतिरिक्त अवकाश का प्रावधान किया गया है। म.प्र. शासन वित्त विभाग के 11 जनवरी 1984 के ज्ञापन के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों को वर्ष में 10 दिन का अतिरिक्त अर्जित अवकाश दिए जाने का प्रावधान है।

    इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग के 25 जुलाई 1981 तथा 11 जनवरी 1984 के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ सभी श्रेणी के कर्मचारियों को सामान्य आकस्मिक अवकाश के अतिरिक्त 7 दिन का अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश दिए जाने का प्रावधान है। संगठन का कहना है कि इन प्रावधानों के बावजूद कर्मचारियों को इसका नियमित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

    कई जिलों में जारी हो चुके हैं आदेश

    टीचर्स एसोसिएशन ने बताया कि अनुसूचित क्षेत्र के बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, सुकमा, जशपुर, सरगुजा और बालोद जिलों के शिक्षा अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त अवकाश के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं। संगठन ने कोण्डागांव जिले में भी पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों को इसका लाभ दिलाने के लिए शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की।

    जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान ने संगठन के प्रतिनिधिमंडल को शीघ्र आवश्यक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया है।

    ये पदाधिकारी रहे मौजूद

    ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष ऋषिदेव सिंह, प्रदेश सहसचिव चंद्रकांत ठाकुर, प्रदेश संगठन मंत्री नीलम श्रीवास्तव, जिला संयोजक महिला प्रकोष्ठ श्रीमती दंतेश्वरी राव, जिला सचिव संजय राठौर, ब्लॉक अध्यक्ष कोण्डागांव मन्नाराम नेताम, आईटी सेल से अवध किशोर मिश्रा, मनोज फिलीप, राजेन्द्र पाण्डेय, लखीराम बघेल, दीपमाला वैष्णव, भानुप्रताप राव सहित जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    संगठन ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में पदस्थ शिक्षकों-कर्मचारियों को शासन के निर्धारित प्रावधानों का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तक मांग जारी रहेगी।

    गरियाबंद दूसरे, बिलासपुर तीसरे और दुर्ग चौथे स्थान पर; साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान

    रायपुर / शौर्यपथ / साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान में कोंडागांव जिले ने एक बार फिर प्रदेश में सर्वाधिक जागरूकता गतिविधियों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। अभियान के तहत लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी और डिजिटल अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    अभियान के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोंडागांव में 55,157 जागरूकता गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जिसके साथ जिला प्रदेश में शीर्ष पर है। गरियाबंद 46,930 गतिविधियों के साथ दूसरे स्थान पर है। वहीं बिलासपुर तीसरे और दुर्ग चौथे स्थान पर हैं।

    कोंडागांव पुलिस द्वारा लगातार स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आम नागरिकों को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना है।

    एक छोटी चूक, बड़ा नुकसान—पुलिस दे रही सतर्क रहने का संदेश

    जागरूकता अभियान के दौरान लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी, एटीएम/बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए संबंधित माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

    कोंडागांव का लगातार शीर्ष स्थान पर बने रहना जिले में चल रही साइबर जागरूकता गतिविधियों की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। पुलिस का प्रयास है कि डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाला प्रत्येक नागरिक साइबर अपराधों के संभावित खतरे को समझे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल सतर्क कदम उठाए।

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