August 18, 2026
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    धमतरी। राजशेखर नायर

    अर्जुनी थाना के ग्राम बॉर्डर में पुल के पास दो मोटरसाइकिल में आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है । एक युवक घायल बताया जा रहा है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है । मौके पर पहुंची अर्जुनी थाने की पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। तो वहीं शवों का पंचनामा करवाकर उनको पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
    कैसे हुआ हादसा
    पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अर्जुनी थाना के ग्राम बॉर्डर निवासी प्रभु राम 70 वर्ष अपने पुत्र परसराम ध्रुव के साथ बाइक क्रमांक सीजी 05 वी 0894 पर सवार होकर बैंकिंग कार्य के चलते सहकारी बैंक सांकरा आया हुआ था । यहां से काम निपटाने के बाद दोनों अपने घर लौट रहे थे, तभी बोडरा के पास सामने से आ रही बाइक के साथ उनकी भिड़ंत हो गई । भिड़ंत के बाद वे दोनों वहीं गिर गए। गंभीर चोट लगने के कारण प्रभु राम ध्रुव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई । वहीं अन्य बाइक चालक बाना पानी नरहरपुर निवासी गंगाराम नेताम ने भी गंभीर चोट लगने के कारण वही पर दम तोड़ दिया।

    इस दुर्घटना के बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई । किसी ने तत्काल 108 वाहन को सूचना दी । वहीं सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई । घायल और मृतकों को 108 के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया है परसराम के सिर में गंभीर चोटे आई है जिसका इलाज चल रहा है। अर्जुनी थाना पुलिस मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

    धमतरी/ राजशेखर नायर

    कलेक्टर श्री जयप्रकाश मौर्य ने आज राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर निर्देशित किया कि जिले में गिरदावरी का काम पूर्ण हो चुका है, किन्तु इसके लिए सहकारी समितियों में शत-प्रतिशत किसानों से निर्धारित प्रारूप में स्वघोषणा पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके अभाव में किसानों से धान क्रय करना संभव नहीं होगा, इसलिए प्रत्येक किसान से आवश्यक रूप से भरा हुआ घोषणा पत्र प्राप्त करें। इसके अलावा कलेक्टर ने अविवादित बंटवारा, नामांतरण फर्द बंटवारा जैसे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक तहसील में दो-तीन साल से अनेक मामले लंबित हैं। इनके समुचित निबटारे के लिए जरूरी होने पर राजस्व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। उन्होंने हरहाल में प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिए।
    गंगरेल जलाशय में स्थित जल संसाधन विभाग के विश्राम गृह में आज सुबह 11 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कोरोना संक्रमण की व्यापकता को देखते हुए कार्यालयों में आवश्यक उपाय करने के लिए कहा। इसके तहत कार्यालय के स्टाफ सहित वहां आने वाले लोगों के लिए गुणवत्ता वाले मास्क की अनिवार्यता, सैनिटाइजर का नियमित उपयोग तथा कार्यालयों की सफाई के लिए सोडियम हाइपोक्लोराइट का उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही नस्ती से संबंधित कार्य बार-बार न करके एक ही समय में करते हुए हाथों को सैनिटाइज करने के लिए कहा। कलेक्टर ने बताया कि जिले में हुई अब तक 40 मौतों में सिर्फ तीन मौतें ही कोरोना वायरस से हुई हैं, जबकि शेष 37 मरीज को-माॅर्बिडिटी (अन्य गम्भीर बीमारी जैसे मधुमेह, रक्तचाप, अस्थमा, टीबी, हृदय विकार आदि से ग्रसित) के चलते हुई है। उन्होंने आमजनता की सहुलियतों को दृष्टिगत करते हुए छोटे राजस्व प्रकरणों के निबटारे के लिए संबंधित हल्का पटवारी के साथ कैम्प लगाने के भी निर्देश दिए, जहां पर नामांतरण, बंटवारा जैसे प्रकरणों का मौके पर निराकरण कराया जा सके। उन्होंने जिले की सभी तहसीलों में ऐसे प्रकरणों की लम्बी फेहरिस्त पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पेशी को तारीख दर तारीख आगे बढ़ाने के बजाय सभी पक्षकारों की मौजूदगी में आम राय तैयार करें। पिछली बैठक में दिए गए निर्देश के अनुसार एक माह के भीतर पटवारी प्रतिवेदन प्राप्त करने व इश्तहार का प्रकाशन करने के लिए तहसीलदारों व नायब तहसीलदारों को निर्देशित किया। इसके लिए प्रक्रिया का अध्ययन कर फौरी तौर पर निर्णय देने पर जोर दिया, जिससे कि आवेदकों को वाद-प्रतिवाद के लिए अनावश्यक रूप से बार-बार परेशानी उठानी न पड़े। कलेक्टर ने कहा यह भी कहा कि कोर्ट में बैठने की निर्धारित तिथि में वह प्रत्येक तहसील का दौरा कर फर्द बंटवारे के लंबित प्रकरणों पर की जाने वाली कार्रवाई को स्वयं उपस्थित रहकर परीक्षण करेंगे। जरूरत पड़ने पर लंबित प्रकरणों के निष्पादन के लिए राजस्व अधिकारियों को पृथक् से प्रशिक्षण देने की बात भी उन्होंने कही। इसके अलावा सभी प्रकरणों की सुनवाई इस माह से ई-कोर्ट के माध्यम से ही करने तथा आदेश जारी वहीं से करने के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया। साथ ही आरबीसी 6-4 के प्रकरणों में जहां तक संभव हो, हितग्राहियों को अविलम्ब सहायता राशि का पूरा लाभ मिल सके, ऐसा प्रयास करने की बात कही। इसी तरह पंचायती राज अधिनियम के तहत धारा-40 की सही व्याख्या करने के लिए इसमंे निहित प्रावधानों व नियमों का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए।
    इसके अलावा कलेक्टर ने बैठक में डायवर्सन, नजूल पट्टा निर्माण एवं वितरण, अतिक्रमण एवं नियमितिकरण, नामांतरण, सीमांकन, विवादित एवं अविवादित बंटवारा, ई-कोर्ट में प्रकरण, पटेल एवं कोटवार नियुक्ति सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा तहसीलवार करते हुए शीघ्रता से निष्पादित करने के निर्देश उपस्थित राजस्व अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत की सी.ई.ओ. श्रीमती नम्रता गांधी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे सहित तीनों अनुभाग के अनुविभागीय (राजस्व) अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार मौजूद थे।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशानुसार निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज सभी जोन के वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान में रोड की सफाई, रोड की धुलाई, नालियों की सफाई, विभिन्न कार्यालयों में सैनिटाइजिंग, सड़क किनारे पड़े हुए मलबा, सड़कों की धुलाई इत्यादि कार्य किया गया! पूरे जोन क्षेत्र में 1480 कर्मचारी इस अभियान में जुटे रहे, जोन क्रमांक 1 में 400, जोन क्रमांक 2 में 390, जोन क्रमांक 3 में 280 और जोन क्रमांक चार में 410 स्वच्छता कर्मचारी ने इस अभियान को अंजाम दिया! इनके कार्यों की मॉनिटरिंग निगम के अधिकारियों ने की!
    निगमायुक्त ने शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली मौजूद रहे! टोटल लॉकडाउन में विशेष अभियान के तहत प्रमुख सड़कों के किनारे, खेल मैदान और शासकीय भवनों के परिसर में बिखरे पड़े पालीथिन, थर्माकोल के कचरे को एकत्र किया गया। रोड किनारे की कंटीली झाडिय़ों की कटाई की गई। जोन-1 के सफाई कर्मियों की टीम ने नेशनल हाइवे के किनारे और दक्षिण गंगोत्री सर्कस मैदान में बिखरे पड़े पॉलीथिन, थर्माकोल और टायर सहित अन्य कचरे को एकत्र किया। संजय नगर सार्वजनिक शौचालय, दक्षिण गंगोत्री उत्तर गंगोत्री एवं होजियारी मार्केट सुपेला रोड किनारे उग आई झाड़ियों की कटाई की। नालियों की सफाई के साथ डस्टबिन से कचरा खाली किया गया। वार्ड-4 राधिका नगर में विशेष अभियान चलाकर सड़क, नाली की सफाई कर ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव किया गया!
    जोन-2 वैशाली नगर की टीम ने कंप्रेसर मशीन से पानी का छिड़काव कर गौरवपथ और डिवाइडर की सफाई कराई। ओम शांति ओम चौक को पानी से धुलाई किया। नंदनी रोड की झाड़ू से सफाई की गई। वार्ड-13 राजीव नगर की सड़क नालियों की सफाई के साथ सैनिटाइज किया गया। वार्ड-11 शांति नगर रोड किनारे और वार्ड-16 स्थित कुरूद स्थित बिजली ऑफिस परिसर की जंगली घास और कंटीली झाडिय़ों की कटाई की गई। वार्ड-18 के सड़क नालियों की सफाई की। जोन-3 की टीम ने वार्ड-21 जेपी नगर, भोला किराना स्टोर्स, कर्मा भवन, मन्नू मोबाइल के सामने, जेपी नगर स्कूल रोड, गुप्ता होटल के पास , महिला सुलभ शौचालय परिसर की सफाई कर खाली जगहों पर बिखरे पड़े कचरे को उठाया। व्यंक्टेशवर टॉकीज के सामने पार्किंग स्थल और रोड किनारे की झाड़ियों की कटाई की। वार्ड-23 तालाब परिसर की सफाई में टीम जुटी हुई है।
    जोन-4 की टीम ने वार्ड- 29 संजय नगर लाइन, बापू नगर, श्री राम चौक, वार्ड-33 क्रांति मार्केट बस्ती, नेशनल हाइवे के सर्विस रोड, केनाल रोड, शिव मंदिर, वार्ड-36 मुस्लिम बस्ती, लोहार बस्ती, होंडा शो रूम, गौतम नगर चौक, वार्ड-37 नंदनी रोड, वार्ड-35 शासकीय नवीन महाविद्यालय का सफाई किया! जोन की टीम ने वार्ड-9 कोहका स्थित प्राथमिक चिकित्सालय, श्री शंकराचार्य कोविड अस्पताल और वार्ड-29 शासकीय चिकित्सालय को सैनिटाइज किया गया। कलेक्टर भुरे ने सभी नगरीय निकायों को सड़क, नालियों की सफाई के साथ डिवाइडर, चौक-चौराहे, तालाब, मार्केट, मंडी, सावर्जनिक भवनों की सफाई और सैनिटाइज करने कहा है। सड़कों के किनारे डंप बिल्डिंग मटेरियल और मलबा को हटाने के निर्देश दिए हैं। इसी तारतम्य में भिलाई निगम ने टोटल लॉकडाउन में विशेष सफाई अभियान चलाया!
    संक्रमण से मुक्त रखने व्यापक स्तर पर सैनिटाइजिंग अभियान कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के लिए निगम क्षेत्र में व्यापक सैनिटाइजिंग अभियान चलाया गया! थाना, सार्वजनिक क्षेत्र, व्यवसायिक क्षेत्रों, अस्पतालों, मार्केट एरिया, मकानों, अस्पतालों एवं दुकानों को सैनिटाइज किया गया!

    कचांदूर स्थित कोविड केयर सेंटर में अब तक 2117 मरीज स्वस्थ होकर लौटे घर


    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना महामारी की लड़ाई में कई ऐसे अनगिनत योद्धा हैं। जो अपना तो फर्ज निभा ही रहे हैं, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर बड़ा काम भी कर रहे हैं। वे अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड केयर सेंटर में भर्ती बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीजों का परिवार के सदस्य की तरह देखभाल कर रहे है। इनकी सेवा भावना से ही कोविड केयर सेंटर कचांदुर में भर्ती संक्रमित मरीज रोग से लड़ने के लिए अपना हौसला बड़ा रहे हैं। चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचांदुर में संचालित कोविड केयर सेंटर में सामान्य मरीजों के साथ बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीज भर्ती हैं। जिनका इलाज मेडिकल स्टॉफ कर रहे हैं। इनकी देखभाल मेडिकल ऑफिसर के सुपरविजन में चिकित्सीय स्टाफ में सम्मिलित वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मी और नर्स कर रहे हैं। वे अपने हाथों से दृष्टिहीन दिव्यांग मरीजों का सुबह- शाम चाय नाश्ता देते हैं, खाना खिलाते हैं। समय पर उन्हें दवाइयां देते हैं।
    ये कोरोना योद्धा दिव्यांग मरीजों की एक आवाज में पीपीई किट पहनकर सरपट वार्ड पहुंच जाते हैं। उनको टायलेट, बाथरूम तक हाथ पकड़कर लेकर जाने और वापस बेड तक छोड़ने का पूरा ख्याल रख रहे हैं ऐसी ही एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भर्ती है जिसकी दृष्टि कमजोर है इनकी संपूर्ण देखरेख की जा रही है। कोविड केयर सेंटर में ऐसे दिव्यांग मरीजों की संख्या 3 है। जिनमें 1 महिला और 2 पुरुष मरीज हैं। शिफ्ट के अनुसार वार्ड ब्वाय और नर्स देखभाल कर कोरोना को हराने और मरीज को जल्द स्वास्थ्य लाभ दिलाने में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। 4 शिफ्ट में मेडिकल स्टाफ एवं उनकी टीम मरीजों की देखभाल कर रही है! मरीजों को उनके बेड तक नाश्ता से लेकर भोजन मुहैया कराया जा रहा है!
    2117 मरीज स्वस्थ होकर लौट चुके हैं घर बिना लक्षण वाले मरीजों को रखकर उनका उपचार कर कोविड के दायरे से बाहर लाने में कोविड केयर सेंटर कचांदूर स्थित केंद्र ने लगभग 2117 मरीजों को स्वस्थ कर दिया है! सबसे सुंदर सेंटर से विदाई का क्षण होता है, स्टाफ विदा करता है और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देता है, ऐसे ही पत्रकारिता जगत से जुड़े हुए उमेश पांडे कचांदूर स्थित कोविड सेंटर से स्वस्थ होकर घर लौट गए है उन्होंने बताया कि समय पर भोजन मिला, भोजन की गुणवत्ता अच्छी है, स्वास्थ्य देखभाल अच्छी हुई मैं व्यवस्था से संतुष्ट हूं! 5 अगस्त से यहां कोविड केयर सेंटर आरंभ किया गया था! इसके बाद से यहां पर 2291 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है! कोविड केयर सेंटर के प्रभारी डॉ अनिल शुक्ला ने बताया कि अभी 103 मरीज भर्ती है! प्रत्येक 6 घंटे में टीम बदली जाती है, कोविड वारियर की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है! इन सभी के रहने के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई है! आइसोलेशन की सुविधा के लिए रिटायरिंग रूम भी उपलब्ध है!
    निगमायुक्त ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि ऑक्सीजन लेवल की नियमित मॉनिटरिंग करते रहे! ऐसे 69 मरीज जिन्हें ऐसी समस्या आई उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर किया गया! नोडल अधिकारी रघुवंशी समय-समय पर स्वयं भोजन की गुणवत्ता जांच परख रहे हैं! खाना रिच प्रोटीन डाइट का उपलब्ध कराया जा रहा है! अस्पताल की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए सेंट्रल मॉनिटरिंग कमांड सेंटर बनाया गया है! मरीजों की भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक के सारे कार्य इसी के माध्यम से किए जाते हैं, मरीजों तक सूचना पहुंचाने का यह एक बेहतर माध्यम है! सीसीटीवी कैमरे से मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इस पर नजर रखी जा रही है!
    ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए 44 बेड की व्यवस्था कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त रघुवंशी के निर्देश पर ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था कोविड केयर सेंटर में की गई है! कमांडिंग सेंटर का कार्य देख रहे आशीष चंद्राकर ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में मरीजों का ऑक्सीजन लेवल निरंतर चेक किया जा रहा है, ऑक्सीजन लेवल कम होने पर मरीजों को प्राथमिक तौर पर ऑक्सीजन बेड में रखा जाता है, स्थिति सुधार नहीं होने पर तत्कालिक रूप से हायर सेंटर में रेफर किया जाता है! महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के प्रयास से शुरू किए गए इस कोविड सेंटर की मॉनिटरिंग लगातार उच्च अधिकारी कर रहे है! कोविड सेंटर के सभी वार्ड में स्वच्छ पानी के लिए आरओ वाटर, हास्पिटल की साफ-सफाई, सेनिटाइजिंग और सुबह शाम चाय-नाश्ता, काढ़ा, गरम पानी और खाने की व्यवस्था का प्रबंध किया है। यहां पर भर्ती मरीजों को जल्द स्वास्थ्य लाभ दिलाने हर संभव प्रयास किया जा रहा है!

    सेंटर से 100 लोग डिस्चार्ज हुए
    कोरोना पीडि़त मरीजों को मिली नि:शुल्क सुविधाएं
    स्वस्थ होकर नागरिकों ने आभार व्यक्त किया

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका का सामना करने में जिले की उदयाचल एवं श्री शांति विजय सेवा समिति ने आगे बढ़कर लोगों की मदद की है। उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से अभी 100 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। उदयाचल समिति के भावेश बैद ने कहा कि कोविड-19 केयर सेंटर की संचालन के दरम्यान यह बात महसूस हुई कि मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। लोगों की दुआ एवं स्नेह से हमें ऐसी गंभीर स्थिति में सेवाभावी कार्य के लिए प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने कहा कि उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर के प्रेरणा स्रोत कलेक्टर श्री टोपेश्वर वर्मा है। उन्होंने हमें आगे बढ़कर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कुछ तकलीफे और समस्याएं भी सामने आई। जिनका हम समय पर समाधान खोज पाए और सभी के लिए सुचारू व्यवस्था कर पाएं। उनकी प्रेरणा से ही यह सेंटर इतने सफलता पूर्वक कार्य कर रहा है।
    केशर नगर के मेहुल मारू ने बताया कि कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद इस केयर सेंटर में भर्ती हुए। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में उदयाचल सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवाभावी कार्य के लिए धन्यवाद देने के लिए शब्द नहीं हैं। सेंटर में केटली, थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, बीपी मशीन एवं अन्य व्यवस्था की गई है। वे प्रतिदिन के पौष्टिक आहार की प्रशंसा करते हुए बताते हैं कि उपमा, पोहा एवं अन्य नाश्ते के साथ पनीर एवं विविध प्रकार की सब्जी खिचड़ी, हल्दी मिला दूध, नारियल पानी, फल आदि सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही है। उन्होंने लोगों से कहा है कि कोरोना के जरा भी लक्षण दिखे तो सबसे पहले टेस्ट कराएं और बिल्कुल न डरे। सिर्फ सकारात्मक सोच रखे तभी कोरोना से लड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले हार्ट की भी तकलीफ थी लेकिन अब वे पूर्णत: स्वस्थ है और अपने घर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के परामर्श से कोविड-19 केयर सेंटर में आ सकते है।
    उदयाचल कोविड-19 केयर सेंटर से ठीक होकर जाने के बाद महेश शर्मा ने समिति के भावेश से अपने परिजनों से बात करवाकर धन्यवाद दिया और कृतज्ञता ज्ञापित की। सहदेव नगर की प्रियल पाल ने बताया कि सेंटर में सभी सुविधाएं नि:शुल्क दी जा रही हंै।

    भिलाई नगर / शौर्यपथ / संपत्तिकर दाताओं के द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली स्व विवरणी जो उनके स्वयं के द्वारा भरकर प्रस्तुत की जाती है इसके आधार पर संपत्तिकर की राशि जमा की जाती है! स्व विवरणी प्रस्तुतकर्ता की रेंडम जांच के लिए आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने निर्देश दिए थे! आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त एवं संपत्तिकर प्रभारी तरुण पाल लहरें ने जोन क्रमांक 1 के सहायक राजस्व अधिकारी को छत्तीसगढ़ नगर पालिका भवनों/भूमियों के वार्षिक भाड़ा मूल्य का अवधारण नियम 1997 के अधीन सूर्या ट्रेजर आईलैंड जुनवानी द्वारा 18 मई 2018 को प्रस्तुत संपत्ति कर स्व विवरणी की स्थल पर सत्यता जांच कर माप एवं गणना सहित प्रतिवेदन देने के लिए दिनांक 30 जुलाई 2020 को पत्र प्रेषित किया था!
    पत्र प्राप्त होते ही नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 1 की तीन सदस्यीय टीम जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि के साथ 4 अगस्त 2020 को सूर्या ट्रेजर आईलैंड पहुंची और प्रबंधन से दस्तावेज प्राप्त कर सूर्या मॉल भवन की नाप जोख कर स्व विवरणी के अनुसार स्थल पर सत्यापन किया और सत्यापन कार्य पूर्ण कर सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे ने पूरी विस्तृत रिपोर्ट संपत्ति कर अधिकारी को सौंप दी है! तीन सदस्यीय टीम में उप अभियंता अरविंद शर्मा, आलोक पसीने एवं सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे ने जांच की कार्रवाई शुरू की थी! सुबह से शाम तक सूर्या मॉल में नक्शा के अनुसार नापजोख किया गया था इस दौरान भवन निर्माण अधिकारी हिमांशु देशमुख, सहायक राजस्व अधिकारी संजय वर्मा, बाल कृष्ण नायडू भी मौजूद थे! भवन के पूरे मंजिलों का स्वीकृत मानचित्र के आधार पर सत्यापन करने के बाद स्व विवरणी के राशि गणना की सत्यता परखने के लिए सहायक अभियंता अनिल सिंह को जिम्मेदारी दी गई !
    सहायक अभियंता ने अपने रिपोर्ट में बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल संपत्ति कर 4410436 रुपए गणना की गई थी परंतु जांच उपरांत 4924456 रुपए देय राशि पाया गया है जिसमें 514020 रुपए का अंतर है यानी कि इस अंतर की राशि की 5 गुणा राशि को सूर्या ट्रेजर आईलैंड के प्रबंधन को जमा करना होगा!
    करो के भुगतान के लिए स्क्वायर फिट में भी अंतर जांच में यह भी पाया गया है कि सूर्या ट्रेजर आईलैंड के द्वारा कुल 432086.31 वर्ग फीट के अनुसार से कर का भुगतान किया जाता रहा है परंतु जांच के उपरांत 493644.70 वर्ग फीट स्थल पर पाया गया है और इसके अंतर की बात करें तो 61558.39 वर्ग फीट है जो कि 10त्न से अधिक का अंतर है!
    अब प्रतिवर्ष अंतर की राशि के साथ जमा करना होगा संपत्ति कर सूर्या ट्रेजर आइलैंड के द्वारा पूर्व में 4410436 रुपए संपत्तिकर का भुगतान किया जा रहा था! अब 4924455.82 रुपए संपत्तिकर प्रतिवर्ष जमा करना होगा! जांच के उपरांत इन दोनों की राशि का अंतर की बात करें तो 514020 रुपए की राशि निकलती है!यह भी पाया गया जांच में इसलिए 2570100 रुपए की होगी वसूली
    पूर्व में हुई गणना में ग्राउंड फ्लोर पर आर्टियम का एरिया नहीं लिया गया था एवं प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम एवं षष्टम तल पर भवन पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर गणना किया गया था! जबकि गणना कुल निर्मित क्षेत्र के आधार पर की जानी थी! अब सही गणना के अनुसार 514020 रुपए का अंतर प्राप्त हुआ है! छत्तीसगढ़ नगर पालिका नियम 1997 की कंडिका 11 के अनुक्रम में कंडिका एक में उल्लेखित है कि पुन:निर्धारण में किसी ओर 10त्न की फेरफार को ध्यान में नहीं लिया जाएगा परंतु फेरफार 10त्न से अधिक हो वहां पर भूमि/भवन का स्वामी ऐसे शक्ति का भुगतान करने के दायित्वाधीन होगा जो ऐसे स्वामी द्वारा किए गए स्व निर्धारण तथा नगर पालिका द्वारा किए गए पुन:निर्धारण के अंतर की राशि के 5 गुणा के बराबर होगी! इस आशय से अब अंतर की राशि 514020 का 5 गुणा राशि 2570100 सूर्या ट्रेजर आईलैंड जुनवानी से वसूली की जाएगी!

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग निगम खेतर में 20 से 30 सितंबर तक लॉक डाउन है ऐसे में जहाँ प्रशासन द्वारा लॉक डाउन के नियमों को पालन करने की अपील की जा रही वही कुछ संचालकों द्वारा अभी भी नियम विरुद्ध व्यापार किया जा रहा है ऐसे स्थिति में दुर्ग निगम बाजार विभाग भी सक्रिय हो गया । आज दुर्ग निगम बाजार विभाग द्वारा लॉक डाउन के नियमो का कड़ाई से पालन करवाने निगम आयुक्त के निर्देश पर निरीक्षण के दौरान कई दुकानदारों द्वारा व्यापार संचालन किया जा रहा था जिसे बन्द करवाया गया और जुर्माना वसूला गया । इस कार्यवाही में गायत्री मंदिर के समीप संचालित मुकेश मोबाइल शॉप को निगम प्रशासन के बाजार विभाग द्वारा सीलबंद की कार्यवाही की साथ ही सांझा चूल्हा , शिमला टायर्स , दीपक ट्रेडर्स , शांति किराना स्टोर्स , एसके जैन , भिलाई बेकरी , सुखदेव पंजवानी सहित अन्य लोगो से लॉक डाउन का उल्लंघन करने पर जुर्माने की कार्यवाही की और जुर्माना राशि 10500 रुपये वसूला गया । बाजार विभाग की इस कार्यवाही में निगम के अधिकारी थानसिंग यादव एवम उनकी टीम शशिकांत यादव , संजय यादव , भूषण साहू , ईश्वर वर्मा , भारती आदि मौजूद थे । निगम आयुक्त बर्मन ने शहर की जनता और व्यापारियों से अपील की कि लॉक डाउन के नियमो का पालन करे बाजार विभाग की कार्यवाही व जुर्माने से बचे लॉक डाउन शहर को सुरक्षित रखने की दिशा में एक प्रयास है जिसमे सफलता आम जनों और व्यापारियों के सहयोग से ही मिलेगी साथ ही आयुक्त ने बताया कि अगले 30 सितंबर तक यह कार्यवाही निरंतर चलेगी किसी को भी लॉक डाउन के उल्लंघन करने पर बख्शा नही जाएगा और शासन के नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी ।

    दुर्ग / शौर्यपथ /कृषि विधेयक को किसानों के लिए विनाशकारी बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। राजेंद्र ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार अगर सचमुच किसानों की हितैषी हैं तो पूरे देश में धान और गेहूं का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपए घोषित करे। राजेंद्र ने कहा कि गेहूं का समर्थन मूल्य मात्र 50 रुपए बढ़ाने वाले भाजपा नेता किस मुंह से कांग्रेस पर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं।
    राजेंद्र ने सवाल किया कि 6 साल से केंद्र में भाजपा सत्तारूढ़ है। मोदी सरकार ने 6 साल तक स्वामीनाथन रिपोर्ट क्यों दबाए रखा? सच ये है कि कांग्रेस ने आयोग की रिपोर्ट को कभी अनदेखा नहीं किया, बल्कि किसानों के हित में फैसले लिए हैं। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने आयोग और किसान हित को ध्यान में रखकर 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा, जिसका मोदी सरकार ने खुला विरोध किया।
    राजेंद्र ने कहा कि अगर मोदी सरकार में हिम्मत है तो भूपेश सरकार की तरह पूरे देश में धान और गेहूं का समर्थन मूल्य 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल घोषित करे। किसानों के हितैषी बनने का दावा कर रही मोदी सरकार ने रबी की उपज के समर्थन मूल्य में मात्र 3 से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है जो किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। किसान हित में कोई भी फैसला न करने वाले भाजपा नेताओं का स्वामीनाथन आयोग की दुहाई देना हास्यास्पद है। राजेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता देश को बताएं कि कृषि विधेयक से आखिर किसानों को क्या फायदा होगा? वास्तविकता ये है कि देश के किसान समझ चुके हैं कि कृषि विधेयक कार्पोरेट घराने को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है। भाजपा सरकार इस विधेयक के माध्यम से किसानों के साथ छल कर रही है।
    राजेंद्र ने कहा कि कोरोना संकट काल में अचानक लॉकडाउन से लाखों असंगठित मजदूरों, छोटे उद्योगों, छोटे व्यवसाइयों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई लोगों की अकाल मौत हो गई। लोगों के सामने जबर्दस्त आर्थिक संकट है। लोगों को राहत देने केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की, लेकिन देश की जनता को पैकेज का लाभ नहीं मिला है। 20 लाख करोड़ का पैकेज शायद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।
    राजेंद्र ने कहा कि मोदी सरकार हर मामले में जुमला सरकार साबित हुई है। 2014 के चुनाव में भाजपा ने 2 करोड़ लोगों को हर साल रोजगार देने, महंगाई कम करने, किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। बीते 6 साल में बेरोजगारी, महंगाई लगातार बढ़ी है। किसानों की आय दोगुनी करना तो दूर देश के अधिकांश राज्यों में किसानों की हालत बदतर है। सारे मुद्दे जुमले साबित हुए।
    राजेंद्र ने कहा कि नोटबंदी के समय भाजपा नेताओं ने नोटबंदी के फायदे गिनाए थे, लेकिन नोटबंदी के बाद बेरोजगारी बढ़ी और व्यवसाय चौपट हो गए। जीएसटी लागू करते समय एक देश एक टैक्स की बात कहते हुए महंगाई कम होने का दावा किया गया जो पूरी तरह फ्लाप साबित हुआ। अब कृषि विधेयक के फायदे बताए जा रहे हैं। यह विधेयक भी किसानों के लिए छलावा साबित होगा। यह सरकार पूरी तरह जुमलेबाज सरकार साबित हो चुकी है।

     

    दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग शहर में आज से फिर से जिला प्रशासन के आदेश अनुसार लॉक डाउन लगाया गया,किंतु जिलाधीश महोदय ने तर्क दिया कि महापौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मंडल व कुछ व्यवपारी संगठन के सलाह पर हम शहर को लॉक डाउन करने जा रहे हैं,ऐसे में मोदी आर्मी संगठन का मानना है दुर्ग शहर के महापौर स्वयं अस्वस्थ्य हैं जिन्हें फ़ूल भेंट कर हम उनके उत्तम स्वस्थ की कामना करते हैं,वरना वो ना ही उदासीन होते ना ही ऐसी सलाह जिलाधीश महोदय को देते,ज्ञात हो कि जिला प्रशासन दो सप्ताह के लिए पूर्व में भी लॉक डाउन घोषित कर चुका है,प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी ने कहा शहर खुलने के बाद से महापौर जी का मुख्य काम था शहर के इन्दिरा मार्केट सहित मुख्य बाजारों व वार्डो को दिनचर्या आरम्भ होने से पूर्व और बाज़ार बन्द होने के बाद सेनेटाइज करवाते,मगर यह उनसे नहीं हुआ,शहर में बने सामाजिक भवनों को कोविड सेंटर बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से चर्चा करते यह भी उनसे नहीं हुआ,अपनी सरकार से ही चर्चा कर शराब दुकानों को संचालन नहीं करने की मांग करते यह भी उनसे नहीं हुआ,यदपी सरकार नहीं सुनती तो जिला प्रशासन से अनुरोध करके शराब दुकानों में मास्क और सेनेटाइज अनिवार्य करवाते मगर यह भी उनसे नहीं हुआ,मगर बिना सोचे समझे उन्होंने लॉक डाउन की मांग प्रशासन से कर दी,एक परिवार का सदस्य मार्केट के दुकानों और उद्योगों में कार्य करना जाता है तो उसे मुश्किल उतना ही वेतन मिलता है जिससे उसका घर चल सके,अब लॉक डाउन लगने से क्या उन्हें उनका वेतन मिलेगा,क्या इस लॉक डाउन से कोरोना पर हम अंकुश लगा पाएंगे,जबसे यह आदेश लागू करने की घोषणा की गई बाजारों में दौगुनी भीड़ लग गई,लोगों में इस बात की भी शंका रही की दस दिनों का लॉक डाउन कहीं लंबा न हो,इसलिए शहर के हर निवासियों ने अधिक राशन लेने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को आवश्यक नहीं समझा और प्रशासन भी बाजार में मंहगे दामों पर मिल रहे वस्तुओं पर नियंत्रण नहीं कर सका,आज छोटे व्यापारी और शहर वासी तो घर में बैठ गए मगर जब यह लॉक डाउन हटेगा तो क्या शराब दुकानों में होने वाली भीड़ पर अंकुश लगेगा शायद नहीं,हम कोरोना से लड़ने के लिए न ही सही नियत ला पाए और न ही कोई नीति बना पाए,जबकि केंद्र सरकार के गाइड लाइन के अनुसार सिर्फ हमें कंटेंटमेंट जॉन ही घोषित करना था,मगर शहर के विभिन्न वार्डो में पीड़ित मिलते गए और कोई भी वार्ड कंटेंटमेट में तब्दील नहीं किया गया,इसलिए हमें लगता है शहर के प्रथम नागरिक ही अस्वस्थ हैं तो शहर कैसे स्वस्थ होगा,इस दौरान मोदी आर्मी के वरुण जोशी, मितेश पटेल,शुभम यादव,दुर्गेश रामटेके, धीरज,यज्ञकांत यादव उपस्थित रहे!

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