August 15, 2026
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    दुर्ग / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में 10 सार्वजनिक स्थान जिसमें जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट परिसर, मुक्तिधाम, नई गंज मंडी, इंदिरा मार्केट, पुलगांव गौठान मार्ग, शिवनाथ नदी पुराना पुल जैसे जर्जर हो चुकी सड़कें शामिल हैं। इन स्थानों को पक्की सड़क से मुख्य मार्ग से जोडऩे का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने के लिए विधायक अरुण वोरा ने कार्यपालन अभियंता अशोक श्रीवास से जल्द प्रस्ताव बना कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने हेतु चर्चा की। इन स्थानों पर हजारों लोगों का आवागमन दिन रात लगा रहता है किन्तु पिछले कई वर्षों से गड्ढा युक्त हो चुकी सड़कों से आम जन एवं कार्यालयीन कर्मचारियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    वर्तमान में कांग्रेस सरकार ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में सार्वजनिक स्थानों में पहुंच मार्ग बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रु की राशि का बजट आबंटन किया है। श्री वोरा ने 64 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नेहरू नगर चौक से मिनीमाता चौक तक के मार्ग चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की भी जानकारी ली जिसपर कार्यपालन अभियंता ने बताया कि अगस्त माह के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कर लिया जाएगा साथ ही 14 करोड़ की लागत से बन रहे ऑडिटोरियम का कार्य भी अंतिम चरण में है जिसे अतिशीघ्र लोकार्पित किया जाएगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी के डॉ. अम्बेडकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल के अन्य संवेदनशील जगहों पर अब सफाई कर्मचारी पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट पहन कर कार्य करेंगे। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए 170 सफाई कर्मचारियों के लिए पीपीई किट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए हैं। पीपीई किट मिलने के बाद सफाई कर्मचारी और अधिक आत्मविश्वास के साथ सेवा का कार्य कर सकेंगे। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए सभी सफाई कर्मचारियों को मास्क, ग्लव्स और सैनेटाइजर्स उपलब्ध करवाए गए थे। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी सफाई कर्मचारियों के लिए अलग से ठहरने की व्यवस्था और प्रोटीन युक्त भोजन की व्यवस्था भी किए गए हैं। कोविड-19 वार्ड में आइसोलेशन में कर्मचारियों और अन्य स्थानों पर सफाई कार्य में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए पीपीई किट अति आवश्यक थी।
    बता दें कि कोरोना से पीड़ित मरीजों का मेकाहरा में 7 जून से इलाज शुरु किया गया। अस्पताल में 500 बेड का कोविड-19 बार्ड बनाया गया है अब तक 1000 कोरोना पॉजिटिव मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हो गए हैं। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की ज़िम्मेदारी दुगुना हो गयी हैं ।
    भारतीय सफ़ाई कर्मचारी महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष निलेश लंगोटे का कहना है सफाई कर्मचारियों की स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरुरी है। ये हमारे फ्रंट लाइन करोना योद्धा है। रायपुर मेकाहारा के सफाई कर्मचारी की जरुरत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अलग से कपड़े का ड्रेस बनवाया है जिसके बाद महिला सफाई कर्मी पीपीई कीट को पहनते हैं। वहीं संक्रमण से बचाव के लिए सभी 170 सफाई कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से लगे मंगल भवन को क्वारेंटाइन सेंटर के रुप अस्थायी आवास व्यवस्था किया गया है। कोविड वार्ड में ड्यूटी के बाद ठनहें 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन भी किया जाता है। ताकि परिवार से दूर रहने वाले इन सभी कर्मचारियों के बेहतर स्वास्थ्य व परिजनों को भी वायरस से सुरक्षित रखा जा सके। इन सभी के लिए अच्छा प्रोटीन युक्त भोजन और नास्ता भी दिया जा रहा है। कोरोना काल के विपरीत परिस्थितियों में कोरोना वारियर्स का सम्मान पाने का असली हकदार सफाई कर्मचारी हैं।
    डॉ अंबेडकर अस्पताल के पीआरओ शुभ्रा सिंह ठाकुर ने कहा कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सफाई कर्मचारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। ऐसे में यह हम सब की जिम्मेदारी है कि उनकी सेहत और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। कोविड-19 वार्ड में तैनात सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरर्स, स्टाफ नर्स व अन्य सहयोगी स्टाफ को भी पीपीई कीट उपलब्ध कराया गया है। पीआरओ सुश्री ठाकुर ने बताया यदि भविष्य में और पीपीई किट या अन्य किसी संसाधन की कमी होती है, तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा।उन्होंने कहा कोरोना संकट के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी सफाई कर्मचारी आइसोलेशन, अस्पतालों, चिकित्साकर्मियों के अस्थाई निवास वाले होटल्स में दिन-रात पूरी कर्मठता और तत्परता से काम कर रहे हैं।
    उन्होंने बताया अस्पताल में तीन पालियों में 24 घंटे ड्यूटी पर सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। संबंधित ठेका कंपनी को निर्देश दिया गया है समय-समय पर कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाए। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, प्रोटेक्टिव गियर्स हैं, पर्सनल प्रोटेक्टिव किट पहनने से कोरोनावायरस पीड़ितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्स सहित सफाई कर्मचारियों आदि को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इन गियर्स को पहनने से डॉक्टर्स व मेडिकल स्टॉफ कीटाणु के संपर्क में आने से खुद को अधिक से अधिक बचा पाते हैं। पीपीई किट में चश्मे, फेस शील्ड, मास्क, ग्लव्स, गाउन, हेड कवर और शू कवर शामिल हैं।

    ० 200 रूपये रूपये के रिचार्ज की बात को लेकर हत्या
    ० एक नाबालिक सहित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

      राजनांदगांव / शौर्यपथ / थाना डोंगरगांव के ग्राम कोहका नाला पुल के पास हुयी हत्या को सुलझाते हुए डोंगरगांव पुलिस ने एक आरोपी सहित 1 विधि से सपसरत बालक को गिरफ्तार किया है। प्रार्थी एवलाल मेश्राम पिता स्व. उमेद राम मेश्राम उम्र 53 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव, जिला राजनांदगांव ने थाना हाजिर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि बीते गुरूवार को लगभग 15.30 बजे अज्ञात व्यक्ति द्वारा इसके मझला भाई प्रेमलाल मेश्राम की हत्या कर शव को कोहना नाला पुल के नीचे फंेक दिया है । घटना स्थल पर मृतक का टीवीएस मोटर सायकल पुलिया के रेलिंग में खड़ा है। मोटर सायकल के पास ही उसका चश्मा तथा एक अज्ञात व्यक्ति का चप्पल एवं बीयर बोतल का कॉच का छोटा-छोटा तुकडा पड़ा हुआ है कि रिपोर्ट पर थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमंाक 133/20 धारा 302 भादंवि का अपराध कायम कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया।
    प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये थाना प्रभारी केपी मरकाम द्वारा श्रीमान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी घनश्याम कामड़े अं. चौकी से दिशा-निर्देशन प्राप्त कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के लिये सायबर टीम तथा थाना डोंगरगांव कि पुलिस टीम रवाना किया गया। घटना स्थल पर मिले साक्ष्य व गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कि संदेही मुकेश वैष्णव तथा विधि से संघसरत बालक को मौके पर देखा गया है। पतासाजी दौरान मौके पर मिला साक्ष्य एवं टॉवर लोकेश से पता चला कि आरोपी मुकेश वैष्णव अपने साथी विधि से संर्घसरत बालक के साथ होकर मृतक प्रेम लाल मेश्राम से वाद-विवाद करते हुए प्रेमलाल मेश्राम की घटना स्थल पर पत्थर से वार कर हत्या कर फरार हो गया है। आरोपी पुलिस से छिपते-छिपाते दिगर राज्य भागने के फिराक में थे, जिन्हें टॉवर लोकेशन व गुप्त सूत्रों से पतासाजी कर आरोपी मुकेश वैष्णव पिता ओमकार वैष्णव उम्र 26 साल निवासी कोहका थाना डोंगरगांव का विधि से संधर्सरत बालक के साथ कुष्ट जिला दुर्ग में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों से पुछताछ करने पर जुर्म स्वीकार करते हुये बातया की 200 रूपये की रिचार्ज की बात को लेकर तीनों में विवाद हुआ था। वाद-विवाद के दौरान मृतक द्वारा मारपीट करने पर दोनों ने एक राय होकर प्रेमलाल मेश्राम के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या कर दिया तथा शव का पुल के नीचे फंेक दिये तथा वहां से मोटर सायकल से भाग गये थे। आरोपी तथा विधि संघसरत बालक से घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल तथा हत्या में प्रयुक्त पत्थर को जप्त किया गया है। आरोपीद्वय को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा जा रहा है।
    संपूर्ण कार्यवाही के दौरान निरीक्षक केपी मरकाम, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक बसंतराव, आरक्षक प्रवीण मेश्राम, आरक्षक मनीष मानिकपुरी, आरक्षक राकेश धु्रव, थाना से सउनि मेघनाथ सिन्हा, सउनि गोवर्धन देशमुख, प्रधान आरक्षक मोहन चंदेल, जय सोनवानी, आरक्षक योगेश साहू, आरक्षक राणा प्रसन्ना, आरक्षक जानेन्द्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

    दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग cmo कार्यालय (स्वास्थ्य अधिकारी )  के सामने पुराने कुएं की सफाई के दौरान कटा हुआ सर मिलने से हड़कम्प मच गया । खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस व सिटी एस पी मौके पर पहुंच गए व कटे हुए सर को कब्जे में लेकर कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश की जा रही है । 

    केभर लिखे जाने तक पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में कुएं में शरीर के बाकी हिस्से की तलाश जारी है । कटा हुआ सर किसका है इस बारे में कोई जानकारी प्राप्त नही हुई ।

     दुर्ग । शौर्यपथ । दुर्ग निगम प्रशासन की कार्यवाही हमेशा से विवादित रही है । कार्यवाही के नाम पर मनमानी का पर्याय बनी दुर्ग निगम में वर्तमान समय मे पूर्ण लॉक डाउन घोषित है । इस लॉक डाउन में शासन ने सिर्फ किराना , राशन व अतिआवश्यक वस्तुओं की छूट दी है त्योहार को देखते हुए किराना राशन की दुकानों व सेवई , राखी के स्टाल को पहले दी दिन की छूट दी गई उसके बाद यह 2 दिन और बढ़ा दी गई । किन्तु इस छूट का नियमो को ताक में रख कर फायदा उठाया जा रहा है इंदिरा मार्केट में आनन्द डेयरी के सामने संचालित डिस्पोजल दुकान द्वारा । इस डिस्पोजल दुकान  के संचालक सतीश गोयल है जो लगातार तीन दिनों से दुकान खोल भी रहे हैं व व्यापार भी कर रहे है वो भी प्रतिबंधित प्लास्टिक के क्रय विक्रय का । 

      शासन के नियमानुसार प्लास्टिक गिलास प्रतिबंधित है जिसकी जानकारी निगम प्रशासन के स्वास्थ्य व बाजार अधिकारी दुर्गेश गुप्ता सहित निगम आयुक्त बर्मन को भी है किंतु शायद गोयल प्लास्टिक से खास लगाव है अधिकारियों का जो लगातार तीन दिनों से अवैध तरीके से दुकान तो खोल ही रहे है साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक का व्यापार भी कर रहे है । क्या निगम प्रशासन मामले को कानूनी रूप से संज्ञान लेकर कार्य वाही करेगा या निजी रूप से टेबल के नीचे वाली कार्यवाही होगी ?

    भिलाई / शौर्यपथ / आने वाले दिनों में त्योहारों को देखते हुए मेयर व भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे को पत्र लिख कर मांग की है कि जिला प्रशासन जनता को त्योहारी सीजन में खरीदी करने का समय दे। शहर के बाजारों को दो दिन शुक्रवार और शनिवार तक और खोला जाए। ताकि त्योहार के लिए लोग खरीदी कर सके।
    गौरतलब है कि कोविड 19 के संक्रमण और बढ़ते केस को देखते हुए शासन के आदेशा नुसार शहर में लॉक डाउन कर दिया गया है। इस कारण से अधिकांश दुकानें व बेहद जरूरी सेवाओं को छोड़ कर सभी बंद रहेगी। लेकिन आने वाले दिनों में देश का बड़ा पर्व है। इन त्याेहारी सीजन को देखते हुए मेयर देवेंद्र यादव ने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे को पत्र लिख कर मांग की है कि प्रशासन त्योहारी सीजन में जनता को थोड़ी राहत दे और दो दिन शहर के बजारों को खुला रहने का आदेश जारी करें। साथ ही मेयर ने यह भी कहा कि दुकान खोलने के साथ ही सोसल डिस्टेंसिंग, मास्क आदि सावधानियों का सख्ती से पालन भी किया जाए ।

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम में केंद्र सरकार की पीएम आवास योजना का हाल बेहाल है। दो साल पहले तत्कालीन महापौर चंद्रिका चंद्राकर ने 88 परिवारों को कार्यक्रम आयोजित कर पक्के आवासों की चाबी सौंपी। यहां रहने आए लोग लौट गए क्योंकि आवासों में न तो पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं थी। करीब 25 करोड़ की लागत से 21 ब्लॉकों में बने 252 आवासों में सन्नाटा पसरा है। केंद्र सरकार की योजना में राज्य सरकार का भी पैसा लगा है। शासन के निर्देश पर नगर निगम की पिछली परिषद ने शहर में आवासहीन या किराए पर रहने वाले लोगों से आवेदन जमा कराए थे। सबको पक्के मकान देने का खूब शोर मचाया गया। दुर्ग शहर में कुल 25 हजार लोगों ने आवेदन जमा किया। पिछले पांच साल में कछुआचाल से चली योजना के पहले चरण में बनाए गए पक्के आवासों का न तो काम पूरा हुआ न आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो पाई है। बोरसी में कुल 24 करोड़ 83 लाख रुपए की लागत से बने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 252 आवास बनाने का काम पूरा करने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। यहां के 10 ब्लॉकों के 132 मकानों में किचन और टायलेट के काम अधूरे हैं। कहीं किचन का सिंक नहीं लगा है तो कहीं वाशरूम के नल ही नहीं लगे हैं। सभी आवासों में इलेक्ट्रिक कनेक्शन देने का काम भी अधूरा पड़ा है। यहां सबसे पहले ठगड़ा बस्ती की कच्ची झोपड़ी में रहने वालों को शिफ्ट करने का प्लान बनाया गया। करीब 88 लोगों को पक्के आवासों का आवंटन किया गया। यहां कई लोग सामान के साथ रहने के लिए पहुंचे। हकीकत पता चली तो सभी परिवार वापस लौट गए। वजह ये थी कि इन आवासों में पानी सप्लाई के लिए मेन पाइप से कनेक्शन जोडऩे का काम ही नहीं हुआ था। आवासों में लाइट फिटिंग थी लेकिन बिजली कनेक्शन जोडऩे का काम नहीं किया गया था। पक्के आशियाने का सपना लेकर पहुंचे लोग चंद घंटों में ही बैरंग अपनी झोपड़ी में लौट गए।
    इस मामले में विधायक अरूण वोरा ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि योजना पर 25 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। वोरा ने तल्ख लहजे में कहा कि अगर गरीबों को पक्के आवास बनाकर नहीं देना थाए तो इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की गई। भाजपा शासनकाल में सिर्फ वादे किए गए। इन वादों को पूरा नहीं किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आवासहीन परिवारों को मकान देने का काम प्राथमिकता से करने की घोषणा की है। यह काम सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने निगम प्रशासन के साथ.साथ जिला प्रशासन से भी आग्रह किया है कि योजना के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराएं और तत्काल पात्र हितग्राहियों को आवास आवंटित करें।

    दुर्ग / शौर्यपथ / ब्राम्हण पारा वार्ड 32 में गोस्वामी परिवार का कच्चा मकान लगातार बारिश और तूफान के कारण कमजोर और जर्जर हो गया था जो आज प्राकृतिक आपदा के तहत् गिर गया । इससे किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई । घटना की जानकारी मिलते ही निगम महापौर धीरज बाकलीवाल मौके पर पहुॅचें। उन्होनें प्रभावित परिवार के मुखिया से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और यथा संभव सहयोग का आश्वासन दिये। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती पार्वती पटेल, निगम कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी के अलावा भवन अधिकारी गिरीश दीवान, उपअभियंता विनोद मांझी, वार्ड निवासी अनिल ताम्रकार, दिलीप बाकलीवाल, दीपक तम्बोली आदि उपस्थित थे ।
    मौके पर उपस्थित निवासियों ने महापौर को जानकारी में बताया कि यह कच्चा मकान सतीश गोस्वामी का है। जहाॅ 4 परिवार के 18 लोग निवास करते हैं। महापौर ने परिवार के मुखिया से मुलाकात कर सांत्वना देते हुये अभी अस्थायी रुप से निगम की आईएचएसडीपी आवास में आवास देने की पहल की । उन्होनें कहा इस भूमि मकान का पारिवारिक समस्याओं को दूर करने के बाद यहाॅ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् आवास का निर्माण करा दिया जावेगा । उन्होनें उपस्थित निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिये। साथ ही उन्होनें कहा शहर के अंदर और भी एैसे ही पुराने कमजोर और जर्जर मकान होगें सभी का सर्वे किया जावे । और समय रहते उसे डिसमेंटल की कार्यवाही कर संबंधितों को योजनाओं के तहत् लाभ दिया जावे।

    इंदिरा मार्केट कुॅआ से शहर के कुॅओं की सफाई कार्य प्रारंभ किया गया ,बरसों बाद कुॅआ की हुई सफाई, निकाला गया 2 टेक्टर कचरा..

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम दुर्ग ने शहर में कुॅओं की सफाई कार्य इंदिरा मार्केट में स्थित कुॅआ की सफाई से प्रारंभ किया है। विधायक वोरा की मंशा और महापौर धीरज बाकलीवाल के निर्देश पर शहर के धरोवर को संरक्षित करने कार्य प्रारंभ किया गया है। कुॅआ सफाई कार्य के दौरान कार्यपालन अभियंता मोहनपुरी गोस्वामी उपस्थित थे।
    इस संबंध में महापौर बाकलीवाल ने बताया लम्बे समय से वार्ड पार्षद एवं इंदिरा मार्केट के व्यापारी संगठन द्वारा इंदिरा मार्केट में स्थित कुॅआ की सफाई की मांग कर रहे थे । इंदिरा मार्केट के कुॅआ के साथ शहर में सभी कुॅओं को जलसंरक्षण के तहत् सुरक्षित और संरक्षित किया जावेगा। इसकी शुरुआत यहाॅ से की गई है।
    उन्होनें बताया प्रदेश के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लोकवाणी के दौरान नरवा, घुरवा, बारी योजना के माध्यम से प्रदेश के जल स्त्रोतों को सुरक्षित ओर संरक्षित करने के निर्देश दिये गये हैं । जिसके तहत् शहर के कुॅआ, तालाब, बावली आदि को सुरक्षित और स्वच्छ रखने कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होने बताया जानकारी के तहत् दुर्ग शहर में शासकीय और निजी मिलाकर लगभग 130 कुॅआ था। स्थानीय लोगों की उदासीनता से बहुत से कुॅओं को लोगों ने पाट दिये। जो बचे कुॅएॅ हैं उसकी सुरक्षा की जाएगी। उन्होनें कहा प्राकृति रुप से कुॅआ, तालाब, बावली हमारा जल स्त्रोत हैं। इस धरोवर को सहेज कर रखना आवश्यक हैं।

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