August 15, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    बलोदाबाज़ार / शौर्यपथ / बलोदाबाज़ार जिले में पदस्थ सामुदायिक चिकित्सा अधिकारियों (CHO) की बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण हुआ । यह प्रशिक्षण डॉ प्रियंका शुक्ल,मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व राज्य नोडल अधिकारी हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर (HWC) डॉ.सुरेन्द्र पामभोई के निर्देशन पर किया गया । राज्य सलाहकार डॉ.नरेंद्र सिन्हा के माध्यम से जिले मे नवाचार के रूप मे इन सीएचओ की ऑनलाइन Continuous Medical Education (सीएमई ) ट्रेनिंग हुई।
    इस CME का उद्देस्य CHOs को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की 12 सेवाओ के बारे में जागरूक करना था जिससे वह अपने स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें ।

    प्रशिक्षण के पहले माड्यूल में सामान्य मानसिक रोग व शराब – तंबाकू की आदत के विषय में डॉ. राकेश कुमार, राज्य मास्टर ट्रेनर, मानसिक स्वास्थ्य व जिला नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम) डॉ. सुजाता पाण्डेय, द्वारा ``गूगल मीट” के माध्यम से प्रदान किया गया ।
    प्रशिक्षण में मानसिक रोग जैसे अवसाद (depression), उन्माद (मेनिया), bipolar, और शिज़ोफ्रेनिया के लक्षण के बारे मे विस्तार से बताया गया जिससे CHOs रोग के लक्षण को पहचान कर रोगी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) रिफ़र कर पाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेंगलुरु-स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS) के Champ Project से प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सा सहायक द्वारा उनका उपचार व दवा उपलब्ध हो पाएगी।
    बलोदा बाज़ार जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.खेमराज सोनवानी एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री श्रृष्टि मिश्रा के नेतृत्व में आयुष्मान भारत के अंतर्गत 63 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर संचालित हैं जिनमें 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 46 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनमें 18 उप स्वास्थ्य केन्द्रों में सामुदायिक चिकित्सा अधिकारी (CHO) पदस्थ हैं।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा के निर्देश पर आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब परिवहन एवं भण्डारण करने वालों पर सतत कार्रवाई की जा रही है। सहायक आयुक्त आबकारी राजनांदगांव श्री नवीन प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि 29 जुलाई 2020 कोआबकारी विभाग राजनांदगांव द्वारा आटरा से भकुर्रा मार्ग में नाका लगाकर वाहन चेकिंग के दौरान मोटर साइकिल हीरो ॥स्न स्रद्गद्यह्व3 वाहन क्रमांक सीजी 08 एजे 3249 में अवैध मदिरा परिवहन करते हुए कुमरदा थाना डोंगरगांव निवासी लोमेश रावटे एवं सुमित रावटे के पास 75 पाव देशी दारू संत्री नंबर 1 केवल महाराष्ट्र में विक्रय के लिए वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल कुल मात्रा 13.5 बल्क लीटर तथा मोटरसाइकिल जप्त कर आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 59 (क) का प्रकरण दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है।
    एक अन्य रेड कार्रवाई दौरान हाटबंजारी चौक में वाहन चेकिंग दौरान वाहन मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 08 एके 9577 में 63 पाव देशी मदिरा संत्री नंबर वन महाराष्ट्र राज्य निर्मित अवैध मदिरा परिवहन करते हुए जोशी लमती थाना गेंदाटोला निवासी पीताम्बर निषाद को अवैध परिवहन करते हुए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) 34(2) 36 एवं 59क के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। कार्रवाई दौरान आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त चिचोला-अंबागढ़ चौकी सीपी सिंह, आबकारी आरक्षक सुरेन्द्र कुमार झारिया, आबकारी आरक्षक अनिल सिन्हा उपस्थित थे।
    इसी तरह ग्राम बोदेला में अवैध मदिरा धारण करने पर बोदेला थाना तुमडीबोड निवासी ललित कुमार साहू को 92 पाव देशी दारू संत्री नंबर 1 केवल महाराष्ट्र में विक्रय के लिए वैध का लेबल लगा प्रत्येक पाव में 180 एमएल कुल मात्रा 16.56 बल्क लीटर जप्त कर आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 59 (क) का प्रकरण दर्ज कर विवेचना किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी वृत्त राजनांदगांव (ब) निरूपमा लोन्हारे तथा आबकारी आरक्षक लाल सिंह राजपूत व संतोष अहिरवार उपस्थित थे।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती रेणु प्रकाश ने अंबागढ़ चौकी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा वितरित टेक होम राशन एवं सूखा राशन के संबंध में निरीक्षण किया और हितग्राहियों से जानकारी ली। हितग्राहियों ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से टेक होम राशन एवं सूखा राशन दिया जा रहा है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को जमीनी स्तर पर इसके संबंध में निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
    कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेणु प्रकाश ने तुलसी मां बम्लेश्वरी स्वसहायता समूह कोडूटोला सेन्टर, सामग्री मिक्सिंग एवं पैकेजिंग कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं सक्रियतापूर्वक कार्य कर रही है और मास्क का उपयोग कर रही है। उन्होंने सभी को एप्रन एवं ग्लब्स का उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री को और भी सुव्यवस्थित तरीके से रखा जा सकता है। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा सामग्री को भुनने एवं पीसने के नवाचार की सराहना की। सभी रिकार्ड का संधारण भलीभांति होने पर उन्होंने संतोष जाहिर किया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / राखी के इस पवित्र त्यौहार में कई भाई ऐसे भी है जो देश की सेवा कर रहे है और अपने परिवार से दूर है ऐसे सैनिक भाई जो देश के अंदर है और देश की सीमा में . इन्ही भाइयो के लिए दुर्ग एनएसयुआई की महिला विंग द्वारा भियो को आज राखी भेजी गयी . कोरोना आपदा के वैश्विक महामारी के बावजूद भी हिन्दू धर्म के इस पवित्र त्यौहार में किसी भी सैनिक भाइयो की कलाई सुनी ना रहे इसी मंशा से आज दुर्ग की एनएसयुआई महिला विंग द्वारा दुर्ग के बीएसएफ केम्प , एसटीऍफ़ बटालियन में पोस्ट द्वारा राखी भेजी गयी . कोरोना आपदा में ड्यूटी कर रहे इन सैनिक भाइयो को राखी के साथ एनएसयुआई की बहनों ने शुभकामनाये सन्देश देते हुए कहा कि ..
    हमारे देश के सैनिक और सुरक्षा बल सलामत रहे
    हम सब की दुवाए और प्यार आपके साथ है ,
    इस रक्षाबंधन के त्यौहार पर राखी के माध्यम से आप सभी को शुभकामनाये सन्देश भेज रही हूँ
    ये राखी का पवित्र बंधन आप सभी की सदैव रक्षा करेगी यही इश्वर से प्रार्थना करती हूँ ..
    आपकी बहना मनीषा, गीतांजलि , पूर्वी , महेश्वरी , नंदनी एवं अन्य .
    एनएसयुआई की महिला विंग के साथ शहर अध्यक्ष हितेश सिन्हा , अमन दुबे , गोल्डी कोसरे व कार्यकारी अध्यक्ष सोनू साहू का विशेष सहयोग रहा .

    दुर्ग / शौर्यपथ / 22 अगस्त से गणेश उत्सव प्रारंभ हो रहा है . हिन्दू धर्म में गणेश उत्सव बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है गली मोहल्ले में झांकिया इस पर्व की विशेषता होती है किन्तु इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते यह उत्सव भी फीका ही मनाया जाएगा . गणेश उत्सव के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए है ताकि उत्सव में भीड़ की वजह से कोरोना का संक्रमण ना बढे .
    कंटेन्मेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी, यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी।मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान , विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के वाद्ययंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डी.जे. बजाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस(छोटा हाथी ) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा।मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी।
    विसर्जन में 4 से अधिक नहीं जा सकेंगे
    मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूट मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गो से मूर्ति विसर्जन वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सामान्य रूप से सभी वाहन रिंग रोड के माध्यम से ही गुजरेंगे।विसर्जन के मार्ग में कहीं भी स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी।
    7 दिवस पूर्व नगर निगम को देना होगा आवेदन- उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगर निगम के संबंधित जोन कार्यालय में निर्धारित शपथपत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी।
    इन सभी शर्तो के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश 04 जून 2020 के अंतर्गत जारी एस.ओ.पी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा।यह निर्देश तत्काल प्रभावशील होगा तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर ऐपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत् कठोर कार्यवाही किया जाएगा।

    शासन के निर्देशानुसार इस बार गणेश उत्सव में निम्न दिशा निर्देश जारी किये गए है ..

    मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 4&4 फिट से अधिक नही होना चाहिए।
    मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15&15 फिट से अधिक नही होना चाहिए।
    पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह हो।
    पंडाल एवं सामने 5000 वर्ग फिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो ।
    पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल नही होना चाहिऐ।
    दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेंगे ।
    किसी भी प्रकार एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक नही होना चाहिए।
    मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेंगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम पता एवं मोबाईल नम्बर दर्ज किया जाएगा। ताकि उनमें से कोई भी कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।
    मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाये जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जाएगा।
    मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सेनेटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग, आक्सीमीटर, हैण्डवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी।
    थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संक्रमित सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति का होगा।
    व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बास-बल्ली से बेरिकेटिंग कराया जाएगा।

    संक्रमित होने पर समिति को देना होगा इलाज का पूरा खर्च
    यदि कोई व्यक्ति जो मूर्ति स्थापना स्थल पर जाने के कारण संक्रमित हो जाता है तो ईलाज का संपूर्ण खर्च मूर्ति स्थापना करने वाला व्यक्ति अथवा समिति द्वारा किया जाएगा।

    रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य विजय जयसिंघानी ने कहा कि 29,30 जुलाई को ही क्यों किराना दुकानों को छूट दी जा रही है, जबकि 1, 2 अगस्त को भी छूट दी जानी चाहिए। क्योंकि राजधानी, रायपुर व प्रदेश भर में रक्षाबंधन त्यौहार को मनाया जाता है, एवं किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न हो इसके लिए नई गाइडलाइन बनाकर रक्षाबंधन पर्व के चलते 1 व 2 अगस्त को छूट देना अति आवश्यक है।
    साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी प्रकार की छूट का दुरुपयोग न करें, मात्र अपने त्योहारों के लिए आवश्यक सामग्री का क्रय करने के बाद तत्काल अपने घरों में लौटकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, क्योंकि हमारी सावधानी ही हमारी सुरक्षा है।

    भिलाई / शौर्यपथ / महापौर व भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव ने कचांदुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में कोविड केयर सेंटर का जायजा लिया। निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी और सीएमएचओ गंभीर ठाकुर के साथ मेडिकल कॉलेज के लैब, आईसोलेशन वार्ड, मेल-फीमेल वार्ड, डॉफिंग एरिया का निरीक्षण किया। हर वार्ड में बेड, पंखा, वेंटीलेशन, हैंड वाश और सेनिटाइजर सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखकर खुशी जाहिर की। चार दिनों में 900 बिस्तर सहित अन्य जरूरी सुविधाओं से युक्त कोविड केयर सेंटर तैयार करने के लिए जिला, निगम के अधिकारी/कर्मचारियों एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार जताया। महापौर यादव ने कहा कि चार दिन पहले शनिवार को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचांदुर को कोविड केयर सेेंटर बनाने के लिए अधिकारियों से चर्चा की थी।
    चार दिन बाद निगम प्रशासन की टीम ने मेडिकल कॉलेज के हर वार्ड को व्यवस्थित कर दिया। निगम के अधिकारी/कर्मचारियों ने कोरोना महामारी से लडऩे के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया। चार दिनों में 900 बिस्तर का सुविधायुक्त कोविड केयर सेंटर तैयार कर दिया। जबकि चार दिन पहले मेडिकल कॉलेज को कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए चर्चा की थी तब मरीजों का बेहतर इलाज के लिए हर वार्ड की साफ-सफाई, बिजली और पानी की सप्लाई सहित सुरक्षा व्यवस्था की बात सामने आई थी। इतने कम समय में इसे पूरा कर पाना संभव नहीं लग रहा था। लेकिन आयुक्त रघुवंशी के मार्गदर्शन में हमारे कोरोना वारियर्स ने रात दिन काम कर न केवल हास्पिटल परिसर को साफ-सुथरा किया, बल्कि संक्रमित लोगों का बेहतर इलाज की पूरी व्यवस्था ही तैयार कर लिया। हर वार्ड में एक निश्चित दूरी पर बेड की व्यवस्थाएं की गई है। मरीजों के हाथ धोने के लिए हैंडवाश, सैनिटाइजर, सहित अन्य जरूरी व्यवस्था की गई है। इससे यहां मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त तरूणपाल लहरे, अधीक्षण अभियंता सत्येन्द्र सिंह, जोन-2 की आयुक्त पूजा पिल्ले, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेन्द्र मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली सहित अन्य मौजूद रहे।
    विधायक ने चिकित्सकों का बढ़ाया हौसला
    महापौर ने कोविड केयर सेंटर में चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ का हौसला आफजाई किया। कोरोना पीडि़तों का बेहतर इलाज के लिए चिकित्सक और नर्सिंग स्टॉफ का आभार भी जताया। आगे भी कोरोना से महामारी से लडऩे के लिए इसी तरह से सेवाएं देने का आग्रह किया। सीएमएचओ डॉ ठाकुर और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से चिकित्सक, नर्सिंग स्टॉफ, लैब टेक्नीशियन की ड्यूटी चार्ट की जानकारी ली।

    दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज कंचादुर स्थित चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कालेज हास्पिटल पहुंचकर यहां कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था देखी। यहां शीघ्र ही कोविड मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर कलेक्टर ने इमरजेंसी की स्थिति में आक्सीजन सपोर्ट एवं अन्य आवश्यक मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था देखी। इसके अतिरिक्त पीपीई किट एवं अन्य कोविड संक्रमण से बचाने वाली सामग्री तथा दवाओं की स्थिति की जानकारी भी ली।
    कलेक्टर ने यहां ड्यूटी करने वाले स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी देखी। साथ ही मरीजों के भोजन के लिए की गई व्यवस्था एवं स्टाफ के भोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। वे सभी वार्डों में गये। वहां टायलेट की स्थिति, वेंटीलेशन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। यहां नियुक्त किए गए हेल्थ स्टाफ से भी कलेक्टर ने बातचीत की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंभीर सिंह ठाकुर से इनका शेड्यूल लिया। कलेक्टर ने पूरे अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों को रखने के निर्देश दिए। इस दौरान भिलाई नगर निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी थे। वे इस कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी भी हैं।
    उन्होंने निगम अमले को चिन्हांकित स्थलों पर कैमरे लगाने, कोविड मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी अलार्मिंग सिस्टम आदि के लिए निर्देशित किया। सीएमएचओ ने बताया कि पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। ड्यूटी आफिसर नियुक्त कर दिये गए हैं। स्टाफ के प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो गया है। पूरी व्यवस्था पर लगातार मानिटरिंग की जा रही है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / नगर के गंजपारा मेनरोड निवासी एक युवा स्टील कारोबारी ने डेढ वर्ष पूर्व हुई मां की मौत का स्वयं को जिम्मेदार ठहराते हुए बीती रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या की जानकारी तब मिली जब सुबह जब पति की आहट नहीं मिलने पर पत्नी ने देवर के साथ दरवाजा खोल कर देखा तो कमरे के अंदर उसका पति फंदे पर झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी राजेश बागड़े टीम के साथ पहुंचे। मृतक के पास से सुसाइड नोट पुलिस को मिला है जिसमें खुद को उसने जिम्मेदार ठहराते हुए डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का उल्लेख किया है।
    नगर पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने बताया कि मृतक आनंद राठी, उम्र 38 साल द्वारा आत्महत्या करने की आज सुबह सूचना मिली थी । आनंद राठी और उनके परिवार का माहेश्वरी स्टील के नाम से बड़ा कारोबार है। मृतक की पत्नी के अलावा घर में दो बच्ची और छोटे भाई का भी परिवार रहता है। परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वे काफी परेशान थे। अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में मृतक ने अपने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। इस मामले में किसी को भी दोषी करार नहीं दिया है। साथ ही डेढ़ वर्ष पूर्व मां की मृत्यु के पश्चात डिप्रेशन में रहने का भी उल्लेख मृतक द्वारा सुसाइडल नोट में किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision