August 15, 2026
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    भारत

    भारत (1082)

       नई दिल्ली / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। गृह मंत्री कार्यालय ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष श्री रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने चुनावों में RSP की जीत पर श्री लामिछाने को बधाई दी और नई सरकार की सफलता के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने का अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

    “भारत “विकसित भारत 2047” के विजन और एक सुदृढ़ जैव-अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है”

    ‘अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक' की थीम पर आधारित बायोपीएसएफ 2026 नई दिल्ली में संपन्न

      नई दिल्ली / भारत अपनी मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला, समृद्ध जैव विविधता और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के कारण, जैव अर्थव्यवस्था और जैव-आधारित कृषि-लागत क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरने की अपार क्षमता क्षमता रखता है।

    यह बात रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग(डीसीपीसी) के सचिव, श्री तेजवीर सिंह ने आज नई दिल्ली में दो दिवसीय संगोष्ठी-सह-कार्यशाला, 'बायोपीएसएफ 2026' के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा।

    “अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक” की थीम पर आधारित 'बायोपीएसएफ 2026' कार्यक्रम का आयोजन कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईपीएफटी), गुरुग्राम द्वारा किया गया था, जो रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के डीसीपीसी (रसायन और पेट्रो-रसायन विभाग) के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी), नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

    श्री सिंह ने कहा कि सतत कृषि के लिए बढ़ता नीतिगत समर्थन और जैव-अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाली लक्षित पहलों सहित अनेक सकारात्मक कारक भारत को जैव-अर्थव्यवस्था तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने के मार्ग पर अग्रसर करेंगे।

    डीसीपीसी के सचिव ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता, उद्योग–शैक्षणिक संस्थानों के बीच प्रभावी साझेदारी तथा उभरते युवा नवोन्मेषकों के तकनीकी योगदान भविष्य के सतत कृषि समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जैव-कीटनाशकों के व्यावहारिक पहलुओं और सफलता पर प्रकाश डालते हुए, श्री तेजवीर सिंह ने इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि जैव-कीटनाशकों की वास्तविक सफलता ऐसी मज़बूत फ़ॉर्मूलेशन प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी निर्भर करती है, जो उत्पाद की स्थिरता, खेतों में उसकी प्रभावशीलता, उपयोग में आसानी और किसानों के बीच उसकी समग्र स्वीकार्यता को बढ़ा सकें।

    इसके अलावा, डीसीपीसी के सचिव ने कहा कि जैसे-जैसे भारत “विकसित भारत 2047” और एक सशक्त जैव-अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा जैव-आधारित रसायनों, फसल संरक्षण प्रौद्योगिकियों और सतत कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में स्टार्टअप-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।

    यह दो दिवसीय कार्यक्रम आईपीएफटी के 36वें स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नियामकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, छात्रों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में हालिया विकास और सतत कृषि में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

      नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जब नागरिक एकता और पारस्परिक सहयोग के सूत्र में बंधे होते हैं, तब राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प के बल पर देश निरंतर प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा:
    "जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।
    धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"

    जिस प्रकार लकड़ी के टुकड़े अलग-अलग रहने पर अपनी पूरी ऊर्जा प्रदर्शित नहीं कर पाते, लेकिन एक साथ आने पर प्रज्वलित होकर प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, उसी प्रकार किसी राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और शक्ति उसके नागरिकों की एकता, पारस्परिक सहयोग तथा सामूहिक संकल्प पर निर्भर करता है।

    “Month of Solar” अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए मिलेगा पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड
    मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन में देश में दूसरा स्थान

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित “Month of Solar” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है।
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए राज्य का चयन पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सक्रियता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता का सकारात्मक परिणाम है।
    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, क्रेडा, विद्युत वितरण कंपनियों, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय छात्र की निर्मम हत्या से पूरे देश में आक्रोश, प्रशासन ने दिखाई सख्ती; एनकाउंटर, गिरफ्तारियां और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई जारी

    नई दिल्ली / एजेंसी /
    उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र स्थित नवनीत विहार में 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की नृशंस हत्या के बाद पुलिस और प्रशासन ने अभूतपूर्व तेजी दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। महज कुछ दिनों के भीतर मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, साजिशकर्ता पिता की गिरफ्तारी और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी ने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
    क्या था पूरा मामला?
    28 मई 2026 को 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान पर कुछ आरोपियों ने चाकुओं से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
    मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर
    पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का मुख्य आरोपी असद था। 31 मई की तड़के गाजियाबाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान उसे रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।
    हत्या का मास्टरमाइंड निकला आरोपी का पिता
    जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे आरोपी असद का पिता नवाब मुख्य साजिशकर्ता था। पुलिस के अनुसार उसी ने बेटे को हत्या के लिए उकसाया और पूरी योजना बनाई। पुलिस ने नवाब समेत फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
    अवैध संपत्ति पर चलेगा बुलडोजर
    गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने आरोपी असद तथा उसके परिवार की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में अवैध निर्माण पाए जाने पर नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने परिवार को जवाब देने और स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
    'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' के तहत बड़ी कार्रवाई
    हत्याकांड के बाद खोड़ा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। ड्रोन कैमरों, आधुनिक तकनीक और पुलिस टीमों की सहायता से हिस्ट्रीशीटरों एवं संदिग्ध अपराधियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
    अफवाहों से सावधान रहने की अपील
    सोशल मीडिया पर सूर्या हत्याकांड के दिन गाजियाबाद में एक अन्य हत्या की अफवाह भी फैलाई गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो जनवरी 2025 की एक पुरानी घटना का था, जिसे वर्तमान मामले से जोड़कर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया। पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
    पीड़ित परिवार को सहायता
    राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। सूर्या चौहान के बड़े भाई को नौकरी देने तथा क्षेत्र के किसी प्रमुख मार्ग अथवा चौराहे का नाम सूर्या चौहान के नाम पर रखने की घोषणा भी की गई है।
    शौर्यपथ विशेष
    सूर्या चौहान हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की परीक्षा बन गया है। जिस तेजी से पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की है, उसने स्पष्ट संदेश दिया है कि निर्दोष की हत्या करने वालों के लिए कानून के शिकंजे से बच पाना आसान नहीं होगा। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है।

    पुलिस थाने के बाहर हंगामा, सिर में चोट लगने का दावा; टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला कराने का आरोप, भाजपा ने कहा— ‘सहानुभूति पाने की कोशिश’

    हुगली (पश्चिम बंगाल),। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है। हुगली जिले के चंडीतला थाना परिसर के बाहर शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के घायल होने की घटना ने राज्य की राजनीतिक फिजा को और गर्म कर दिया है। घटना को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जबकि पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी अपने समर्थकों के साथ हाल ही में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। यहां उन्हें पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपना था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसी दौरान पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग और विरोधी राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कुछ लोगों ने सांसद को काले झंडे दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई।


    टीएमसी का आरोप: ‘सिर पर किया गया हमला’

    घटना के बाद टीएमसी ने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला किया। पार्टी के अनुसार, उनके सिर के पिछले हिस्से पर पत्थर, क्रिकेट गेंद या किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी और रक्तस्राव होने लगा।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कल्याण बनर्जी सड़क पर बैठे और बाद में सिर पर कपड़ा लगाए दिखाई दिए। टीएमसी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया।

    पार्टी का कहना है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था।


    भाजपा का पलटवार: ‘राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कोशिश’

    दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

    भाजपा नेताओं का कहना है कि सांसद को कोई गंभीर चोट नहीं लगी और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देकर सहानुभूति हासिल करने का प्रयास है।

    भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि जिस समय कल्याण बनर्जी सड़क पर गिरे हुए दिखाई दे रहे थे, उस समय वे मोबाइल फोन पर बातचीत भी कर रहे थे। भाजपा का कहना है कि इससे टीएमसी के गंभीर हमले के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।


    अभिषेक बनर्जी प्रकरण के बाद बढ़ी राजनीतिक संवेदनशीलता

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर क्षेत्र में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान भी विरोध प्रदर्शन और कथित हमले की खबरें सामने आई थीं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल में बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण और तनावपूर्ण माहौल का संकेत हैं।


    इलाके में सुरक्षा कड़ी

    घटना के बाद चंडीतला और आसपास के क्षेत्रों में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। थाना परिसर और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


    जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सांसद कल्याण बनर्जी को चोट किस परिस्थिति में लगी और क्या यह वास्तव में हमला था या झड़प के दौरान हुई कोई अन्य घटना। मामले की सच्चाई पुलिस जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज के विश्लेषण के बाद ही सामने आ सकेगी।

    मुख्य बिंदु

    • हुगली के चंडीतला थाना परिसर के बाहर हुआ विवाद।
    • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के घायल होने का दावा।
    • टीएमसी ने भाजपा समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया।
    • भाजपा ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक नाटक बताया।
    • इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात।
    • मामले की जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार।

    (नोट: घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के दावे अलग-अलग हैं। स्वतंत्र जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने तक किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती।)

    नई दिल्ली ।
    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर आज सुनवाई और फैसले को लेकर राजनीतिक तथा कानूनी हलकों में व्यापक चर्चा रही। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक आदेश की प्रमाणित प्रति और सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत आदेश का परीक्षण आवश्यक माना जा रहा है।

    उपलब्ध दावों और सामने आई जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने चुनाव आयोग की शक्तियों को संवैधानिक दायरे में मानते हुए SIR प्रक्रिया को वैध बताया है।

    फैसले से जुड़ी प्रमुख बातें (दावों के अनुसार)

    1. चुनाव आयोग की संवैधानिक शक्तियों को समर्थन

    बताया जा रहा है कि अदालत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार प्राप्त है।

    पीठ ने माना कि आयोग ने अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के भीतर रहते हुए कार्य किया और प्रक्रिया को “अल्ट्रा वायर्स” नहीं माना जा सकता।

    2. नागरिकता और वोटर लिस्ट पर अहम टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा यह महत्वपूर्ण टिप्पणी किए जाने की चर्चा है कि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटना उसकी नागरिकता समाप्त होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने कथित रूप से यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग केवल चुनावी पात्रता तय कर सकता है, नागरिकता पर अंतिम निर्णय देना उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है।

    3. “वोट चोरी” और “NRC जैसे अभियान” के आरोप खारिज

    याचिकाकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों—जिनमें SIR को “वोट चोरी” अथवा “NRC जैसी प्रक्रिया” बताया गया था—को अदालत ने स्वीकार नहीं किया।

    बताया जा रहा है कि कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन रहना आवश्यक है तथा प्रक्रिया में दावा, आपत्ति और अपील जैसे पर्याप्त वैधानिक प्रावधान मौजूद हैं।


    अन्य महत्वपूर्ण सुनवाई

    VVPAT स्लिप पर समय दर्ज करने वाली PIL खारिज

    एक अन्य जनहित याचिका में वीवीपैट पर्चियों पर वोट डालने का समय अंकित करने की मांग की गई थी। अदालत ने इसे चुनाव आयोग के तकनीकी अधिकार क्षेत्र का विषय मानते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया।

    जातिगत जनगणना संबंधी याचिका पर सुनवाई से इनकार

    जनसंख्या जनगणना में जातिगत गणना को बाहर रखने की मांग वाली PIL पर भी सुप्रीम कोर्ट ने विचार करने से इनकार किया। अदालत ने इसे सरकार की नीतिगत व्यवस्था का विषय बताया।


    राजनीतिक असर

    यदि यह फैसला आधिकारिक रूप से इसी स्वरूप में जारी हुआ है, तो इसे चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जाएगा। वहीं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे “मतदाता सूची में हेरफेर” संबंधी आरोपों को भी बड़ा झटका लग सकता है।

    साथ ही, अदालत की यह टिप्पणी कि “मतदाता सूची से नाम हटना नागरिकता समाप्त होने का प्रमाण नहीं है”, भविष्य की कानूनी और राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

     

    नई दिल्ली। C. Joseph Vijay सरकार ने एक बेहद संवेदनशील मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कोयंबटूर के सुलूर क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या के मामले में अधिकारियों के कथित असंवेदनशील व्यवहार को लेकर की गई।

    क्या है पूरा मामला?

    25 मई 2026 को इस जघन्य अपराध मामले को लेकर पुलिस द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। प्रेस वार्ता शुरू होने से ठीक पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में पुलिस महानिरीक्षक (IGP) R. V. Ramya Bharati सहित तीन वरिष्ठ अधिकारी हल्के-फुल्के अंदाज में हंसते और मुस्कुराते दिखाई दिए।

    यह दृश्य ऐसे समय सामने आया जब पूरा राज्य एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या से आक्रोशित एवं दुखी था। वीडियो वायरल होते ही जनता, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे प्रशासन की “संवेदनहीनता” करार देते हुए कड़ी आलोचना शुरू कर दी।

    मुख्यमंत्री का सख्त रुख

    जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने तत्काल प्रभाव से तीनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी कर दिए। साथ ही इनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक जांच भी प्रारंभ कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि ऐसे गंभीर और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, असंवेदनशीलता या गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोगों ने सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, वहीं कई लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि संवेदनशील मामलों में अधिकारियों के आचरण को लेकर प्रशासनिक प्रशिक्षण और जवाबदेही को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

    यह मामला केवल एक आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, सार्वजनिक जवाबदेही और पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर गया है।

    CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ा एक्शन, बेटी वीणा विजयन भी जांच के घेरे में

    नई दिल्ली। केरल की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास समेत राज्यभर के 12 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित CMRL (Cochin Minerals and Rutile Limited) मामले में की गई है।

    सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने तड़के ही तिरुवनंतपुरम, कोच्चि और कन्नूर में एकसाथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच एजेंसी का फोकस विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा विजयन से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर है। बताया जा रहा है कि CMRL से कथित फर्जी खर्चों और संदिग्ध सेवाओं के नाम पर कई संस्थाओं और व्यक्तियों को रकम ट्रांसफर की गई थी, जिनमें वीणा विजयन की कंपनी का नाम भी सामने आया है।

    क्या है पूरा मामला?

    ईडी की जांच उस कथित भुगतान श्रृंखला को लेकर है, जिसमें बिना स्पष्ट सेवा या कार्य के बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने के आरोप हैं। एजेंसी को शक है कि यह लेन-देन मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आ सकता है। इसी आधार पर विभिन्न दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

    पूर्व मुख्यमंत्री के घर पर ईडी की कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि वामपंथी खेमे की ओर से इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    ED की नजर किन बिंदुओं पर?

    CMRL से हुए संदिग्ध भुगतान

    कथित फर्जी कंसल्टेंसी और सेवा समझौते

    लाभार्थियों के बैंक ट्रांजेक्शन

    कंपनियों और संबंधित व्यक्तियों के वित्तीय दस्तावेज

    फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और एजेंसी ने आधिकारिक रूप से विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। मामले में आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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