February 05, 2026
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भारत (940)

  नई दिल्ली / शौर्यपथ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार को कई अहम गतिविधियाँ और बयान चर्चा में रहे। उन्होंने आंध्र प्रदेश स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की विशाख रिफाइनरी में ‘रेसिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी’ (RUF) के सफल कमीशनिंग की सराहना करते हुए इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी आधुनिक परियोजनाएँ देश की ईंधन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आयात पर निर्भरता कम करने में सहायक होंगी।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा पर बल देते हुए एक सुभाषितम साझा किया और ‘मधुर वाणी’ यानी सौम्य एवं संयमित भाषा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संकेत दिया कि सकारात्मक और शालीन संवाद न केवल व्यक्तिगत संबंधों को सुदृढ़ करता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।
इस बीच सरकारी गलियारों में आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर भी हलचल तेज रही। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे संबंधित फाइलों पर चर्चा आगे बढ़ी है, जिससे केंद्र सरकार के एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भविष्य में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री जनवरी के अंत में पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकते हैं, वहीं इसी माह असम में काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली / शौर्यपथ /किसानों को केंद्र में रखकर भारत सरकार की नीतियों को लागू करने, समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उर्वरक विभाग ने नई दिल्ली में चिंतन शिविर का आयोजन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों को हमेशा ही केंद्र में रखा है. इसीलिए हमारी नीतियों और फैसलों से किसानों का जीवन आसान बनना ही हमारी प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि तमाम विकट परिस्थितियों के बाद भी उर्वरक विभाग ने किसानों की उर्वरक जरूरतों को पूरा करने का कार्य समय पर किया है. उर्वरक विभाग के उठाए गए किसान हितैषी कदमों का ही परिणाम है कि हमने आयात के साथ-साथ उत्पादन में भी इस वर्ष रिकॉर्ड बनाया है.

उन्होंने कहा कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग और खेती के इतर उनके दुरुपयोग की समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार के अलग-अलग विभाग मिलकर काम करेंगे.
शिविर में राज्यमंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी चाहते हैं कि भारत दुनिया के लिए खाद्य भंडार का केंद्र बने। आगे उन्होंने कहा कि इस चिंतन से सरकार को कुछ ऐसे विचार मिलेंगे जो भारत को 2047 तक विकसित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार, पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर ने किसानों को मंथन के केंद्र में रखा है. ऐसे में हमें उम्मीद है कि बेहतर परिणाम मिलेंगे. हमने इस शिविर को एक ऐसा माध्यम बनाया है जिससे प्रत्येक विचार को मंच मिल सके.
राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान 15 अलग-अलग समूहों ने आपस में विचार विमर्श कर भारत सरकार को कुछ कारगर सुझाव दिए हैं. केंद्रीय उर्वरक और रसायन मंत्री, राज्य मंत्री और सचिव उर्वरक ने सभी समूहों के साथ अलग-अलग बैठकर चर्चा की और उनके सुझावों को सुना. इन समूहों ने नए दौर में उर्वरक, उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों से संवाद, उर्वरक इकोसिस्टम को डिजिटल तरीकों से बेहतर बनाने, पोषण आधारित सब्सिडी सहित 15 विषयों पर विमर्श किया.
चिंतन शिविर में उर्वरक विभाग के सभी 9 पीएसयू के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी कंपनियों, निजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे.

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026 की मेजबानी पर सीएम साय की केंद्रीय मंत्री मांडविया से भेंट
       रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री मनसुख मांडविया से सौजन्य भेंट कर “प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स–2026” के आयोजन पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, जिससे राज्य की जनजातीय खेल परंपराओं को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, फुटबॉल और तैराकी की प्रतियोगिताएँ होंगी, जबकि दो खेल डेमो स्वरूप आयोजित किए जाएंगे। सरगुजा में कुश्ती, तीरंदाजी व वेटलिफ्टिंग, रायपुर में हॉकी, फुटबॉल व तैराकी तथा बिलासपुर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएँ प्रस्तावित हैं। उद्घाटन समारोह 14 फरवरी 2026 को रायपुर में होगा।
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह और अवसर पैदा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईएसआईसी अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, खेल अधोसंरचना विकास और लेबर कोड जैसे ऐतिहासिक सुधारों के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।

     रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
   मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं एवं लोक जीवन से अवगत कराते हुए कहा कि बस्तर पंडुम राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसका अंतिम चरण फरवरी 2026 में बस्तर में संपन्न होगा।
 इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
 राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय संस्कृति से जुड़े इस आयोजन की सराहना करते हुए बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
 उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।

    नई दिल्ली। शौर्यपथ।

   साल 2025 में दुनिया भर में सेक्स स्कैंडल्स की बाढ़ ने समाज के हर वर्ग को झकझोर दिया। राजनीतिक हस्तियों से लेकर धार्मिक गुरुओं तक, ये कांड न केवल सुर्खियां बने बल्कि कानूनी सजाओं, इस्तीफों और सामाजिक बहस को जन्म दिए। भारत में प्रजवाल रेवन्ना का मामला सबसे बड़ा राजनीतिक घोटाला साबित हुआ। 

  प्रमुख कांडों की समयरेखा

  प्रजवाल रेवन्ना कांड (कर्नाटक): अप्रैल 2024 में 3,000 से अधिक वीडियो वायरल होने के बाद 2025 में जांच तेज। नवंबर 2025 में पूर्व सांसद को बलात्कार के लिए उम्रकैद सजा। घरेलू कामगारों से पुलिसकर्मियों तक शिकार। 

   थाईलैंड भिक्षु उगाही: जुलाई 2025 में 'मिस गोल्फ' गिरफ्तार, 80,000 न्यूड फाइलें जब्त। 102 करोड़ रुपये की ब्लैकमेल से 9 वरिष्ठ भिक्षु संन्यास त्याग चुके। 

  भारत VIP हनीट्रैप: 2025 में 4,000 अश्लील फाइलें लीक, VIPs के चैट-वीडियो से 'क्विड प्रो क्वो' स्कैंडल। 

विन्स मैकमाहन (USA): जनवरी 2025 में WWE संस्थापक पर ट्रैफिकिंग केस समाप्त, SEC फाइन। 

  UK एंटरटेनमेंट: पूरे साल मनोरंजन जगत के कई मामले। सामाजिक-कानूनी प्रभाव

  इन कांडों ने राजनीतिक इस्तीफे, धार्मिक सुधार और #MeToo जैसी बहसें छेड़ीं। भारत में चुनावी नतीजों पर असर पड़ा, जबकि थाईलैंड में बौद्ध प्रतिष्ठा डगमगाई। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में गोपनीयता और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। 

शौर्यपथ विशेष

साल 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अभूतपूर्व सम्मान का वर्ष रहा है। इस वर्ष उन्होंने विभिन्न महाद्वीपों की यात्रा की, जहाँ उन्हें कई देशों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा।
साल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी को निम्नलिखित देशों द्वारा सर्वोच्च सम्मान दिए गए:

// मॉरीशस (12 मार्च 2025): 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन" (Grand Commander of the Order of the Star and Key of the Indian Ocean)। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय नेता बने।
// श्रीलंका (अप्रैल 2025): राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायक द्वारा 'श्रीलंका मित्र विभूषणÓ (Sri Lanka Mitra Vibhushana) सम्मान।
// साइप्रस (16 जून 2025): 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस IIIÓ (Grand Cross of the Order of Makarios III) । यह साइप्रस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
// घाना (2 जुलाई 2025): 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घानाÓ (Officer of the Order of the Star of Ghana)।
// त्रिनिदाद और टोबैगो (4 जुलाई 2025): 'ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगोÓ (Order of the Republic of Trinidad and Tobago)।
 // ब्राजील (8 जुलाई 2025): 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉसÓ (Grand Collar of the National Order of the Southern Cross)  ।
// नामीबिया (9 जुलाई 2025): 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्सचिया मिराबिलिसÓ (Order of the Most Ancient Welwitschia Mirabilis) । वह इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय नेता हैं।
// इथियोपिया (16 दिसंबर 2025): 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपियाÓ (Great Honour Nishan of Ethiopia)।
// ओमान (18 दिसंबर 2025): 'ऑर्डर ऑफ ओमानÓ (Order of Oman)। यह ओमान का विशिष्ट नागरिक सम्मान है।
// बारबाडोस (2025): 'मानद ऑर्डर ऑफ फ्रीडमÓ (Honorary Order of Freedom)।

इन पुरस्कारों के साथ ही 2025 के अंत तक प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मानों की संख्या 29 तक पहुँच गई है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

शौर्यपथ विशेष 

वर्ष 2025 में भारतीय राजनीति में उस वक्त एक बड़ा संवैधानिक शून्य और आश्चर्य पैदा हुआ, जब 21 जुलाई 2025 को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे का कारण: उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपे अपने पत्र में "स्वास्थ्य संबंधी कारणों" और "चिकित्सीय सलाह का पालन करने" को मुख्य वजह बताया। हालांकि, उनके इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं और अटकलों को भी जन्म दिया।
अपूर्ण कार्यकाल: अगस्त 2022 में निर्वाचित हुए श्री धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन उनके इस निर्णय के कारण कार्यकाल के बीच में ही मध्यावधि चुनाव की स्थिति बनी।
नए उपराष्ट्रपति का चुनाव (सितंबर 2025)
उपराष्ट्रपति पद के खाली होने के बाद निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा की, जो 9 सितंबर 2025 को संपन्न हुए।
सी.पी. राधाकृष्णन की जीत: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (हृष्ठ्र) के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का नया (15वां) उपराष्ट्रपति चुना गया।
चुनावी परिणाम: उन्होंने विपक्षी 'इंडियाÓ (ढ्ढहृष्ठढ्ढ्र) गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार को 300 वोट प्राप्त हुए।
शपथ ग्रहण: सी.पी. राधाकृष्णन ने 12 सितंबर 2025 को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में शपथ ली।

फ्लैशबैक 2025: न्याय, राजनीति और मैदान-ए-जंग में भारत का बुलंद परचम

शौर्यपथ विशेष

वर्ष 2025 भारत के इतिहास में एक ऐसे कालखंड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जहाँ देश ने एक तरफ अंतरिक्ष और खेल के मैदान में नई ऊंचाइयों को छुआ, तो दूसरी ओर जटिल भू-राजनीतिक और न्यायिक चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया। यह वर्ष 'विकसित भारतÓ के संकल्प की ओर बढ़ते कदमों का गवाह बना।

1. खेल और राष्ट्रीय गौरव: स्वर्णिम क्षण
भारतीय खेल इतिहास में 2025 का साल महिलाओं के नाम रहा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला icc वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं, पुरुष टीम ने भी ढ्ढष्टष्ट चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर क्रिकेट जगत में भारत का दबदबा कायम रखा।

2. न्यायपालिका और संवैधानिक घटनाक्रम
न्याय के क्षेत्र में यह वर्ष बड़े बदलावों का रहा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (cji) के रूप में कार्यभार संभाला। इसी दौरान न्यायपालिका की शुचिता तब और बढ़ गई जब सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी, जिससे यह संदेश गया कि जघन्य अपराधों में कानून की पकड़ ढीली नहीं होगी।

3. चुनाव सुधार और राजनीतिक हलचल
निर्वाचन आयोग (eci) ने चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का आरंभ किया, ताकि मतदाता सूची से विसंगतियों को दूर किया जा सके।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: साल के अंत में हुए बिहार चुनाव इस वर्ष की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना रही। नवंबर 2025 में घोषित परिणामों में भाजपा नीत NDA ने 202 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया। नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10 वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि भाजपा पहली बार राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
RSS का शताब्दी वषर्: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 वर्ष पूरे किए, जो सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श का केंद्र बना रहा।
दिल्ली चुनाव: दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिणामों ने देश की राजनीतिक दिशा में एक नया मोड़ दिया।

4. रक्षा, सुरक्षा और अंतरिक्ष में बढ़ता कद
ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने सीमा पार आतंकी शिविरों पर 'सटीक हमलोंÓ(Precision Strikes) के जरिए अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई।
गगनयान और ISS: भारत के शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचकर अंतरिक्ष विज्ञान में भारत का परचम लहराया।

5. वैश्विक कूटनीति और चुनौतियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं ने भारत के सामरिक हितों को मजबूत किया, लेकिन वैश्विक पटल पर चुनौतियां भी कम नहीं रहीं:
अमेरिका के टैरिफ: अमेरिका द्वारा आयात शुल्क (ञ्जड्डह्म्द्बद्घद्घह्य) बढ़ाए जाने के फैसले ने वैश्विक व्यापार और भारतीय निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां पेश कीं।
बांग्लादेश संकट: पड़ोसी देश बांग्लादेश में बढ़ते जनांदोलनों और अस्थिरता ने भारत की विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंताएं बढ़ाईं।

6. बुनियादी ढांचा और आर्थिक सुधार
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा में 253 त्रङ्ख की क्षमता हासिल की और सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में बड़ी प्रगति की। प्रयागराज के महाकुंभ ने जहाँ भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया, वहीं बुनियादी ढांचे के विस्तार ने अर्थव्यवस्था को गति दी।

7. चुनौतियां और प्राकृतिक आपदाएं
सफलता के बीच 2025 ने कुछ गहरे जख्म भी दिए। एयर इंडिया विमान दुर्घटना और चक्रवात 'मोंथाÓ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने देश को झकझोर दिया, लेकिन आपदा प्रबंधन के त्वरित कार्यों ने राहत प्रदान की।

संक्षेप में, साल 2025 भारत के लिए केवल एक कैलेंडर वर्ष नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम रहा। चाहे वह महिला आरक्षण की तैयारी हो, डिजिटल हेल्थ मिशन की सफलता हो, या अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मुखर आवाज़; 2025 ने सिद्ध किया कि भारत हर परिस्थिति में अपनी प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने में सक्षम है।

 

कर्नाटक निकाय चुनाव: बैलेट पर कांग्रेस की करारी हार, भाजपा का क्लीन स्वीप!

    कर्नाटक। शौर्यपथ । कर्नाटक में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, जहां भाजपा ने चार टाउन पंचायतों—बजपे, किन्निगोली, मानकी और बसेट्टीहल्ली—में सभी वार्ड जीत लिए। बैलेट पेपर से हुए इन चुनावों को भाजपा ने कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन के खिलाफ जनादेश बताया।

प्रमुख परिणाम

बजपे (दक्षिण कन्नड़): भाजपा ने 11 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 4 मिलीं।

दो अन्य टाउन पंचायतें: भाजपा ने पूर्ण कंट्रोल हासिल किया, जहां कांग्रेस पहले दो पर काबिज थी।

उपचुनाव: दोद्दाबल्लापुर और तुर्विहाला में भाजपा की जीत।

भाजपा का दावा

राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र येदियुरप्पा ने इसे कांग्रेस की नाकामियों का सबूत ठहराया, जबकि बीएल संतोष ने पूरे देश में भाजपा की लगातार जीतों का जिक्र किया। भटकल जैसे क्षेत्रों में भी कांग्रेस को शिकस्त मिली, जहां उनका मंत्री विधायक है।

राजनीतिक प्रभाव

ये नतीजे सिद्धरामैया सरकार के लिए चेतावनी हैं, खासकर आंतरिक कलह के बीच। BBMP जैसे बड़े चुनाव लंबित हैं, जो आगे की चुनौतियां बढ़ा सकते हैं।

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