August 15, 2026
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    भारत

    भारत (1082)

    पंजाब / एजेंसी / पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बेअदबी मामले पर आज पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू की आलोचनाओं के बीच सरकारी कानूनी टीम का समर्थन किया. सिद्धू ने बीते शुक्रवार को कांग्रेस को एक अल्टीमेटम दिया था. पंजाब में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले 2015 के बेअदबी मामले और पुलिस फायरिंग पर विवाद बढ़ता जा रहा है. इन मामलों को लेकर सत्ताधारी पार्टी में अब भी दो मत बने हुए हैं.
       एक कार्यक्रम के दौरान सीएम चन्नी ने ड्रग्स के मुद्दे को उठाते हुए कहा, "हमारी कानूनी टीम गुरमीत राम रहीम से बेअदबी मामले में पूछताछ करने की अनुमति प्राप्त करने में कामयाब रही. हमारे वकील भी अदालत में ड्रग्स के मामले में लड़ रहे हैं और उम्मीद है कि 18 नवंबर को सीलबंद रिपोर्ट खोली जाएगी."
        नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को पद से अपना इस्तीफा वापस लेते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी को एक अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा, जब तक शीर्ष सरकारी वकील एपीएस देओल को हटाया नहीं जाता, तब तक वह वापस नहीं आएंगे.
      बेअदबी मामले में पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी सुमेध सैनी का प्रतिनिधित्व करने वाले देओल ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किय था. इसके चलते सिद्धू ने एक बार फिर चन्नी नेतृत्व पर हमला तेज कर दिया है.
      सिद्धू ने नाराजगी जताते हुए कहा, "जब नया महाधिवक्ता नियुक्त किया जाएगा तो मैं पार्टी कार्यालय जाऊंगा और कार्यभार संभाल लूंगा. सुमेध सैनी के लिए जमानत पाने वाला वकील महाधिवक्ता कैसे हो सकता है और आईपीएस सहोता जैसा व्यक्ति डीजीपी कैसे हो सकता है."
      सिद्धू ने कहा, "मैं इन मुद्दों के बारे में नए मुख्यमंत्री को याद दिलाता रहा हूं. ड्रग्स और बेअदबी के मुद्दे को उजागर करने में अग्रणी कौन था? यह हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी थे. हमें इन मुद्दों को हल करना चाहिए."
      देओल ने आज पलटवार करते हुए कहा कि हमले कुछ और नहीं बल्कि "कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश" थे. देओल ने संक्षिप्त बयान में लिखा, "पंजाब में आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक लाभ के लिए कांग्रेस पार्टी के कामकाज को खराब करने के लिए निहित स्वार्थों द्वारा पंजाब के महाधिवक्ता के संवैधानिक कार्यालय का राजनीतिकरण करने का एक ठोस प्रयास किया जा रहा है."
      पंजाब में चुनावों से पहले काफी ड्रामा देखने को मिल रहा है. कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों को सुलझाने का प्रयास अब भी जारी है. सिद्धू ने पहले अमरिंदर सिंह के खिलाफ खुले तौर पर विद्रोह किया था.

    मुंबई / एजेंसी / महाराष्ट्र के अहमदनगर के सिविल अस्पताल में कोरोना के ICU वार्ड में आग (Aगने की दर्दनाक घटना सामने आई है. यह घटना शनिवार सुबह की है. आग लगने की वजह से जान गंवाने वाले मरीजों की संख्‍या 11 हो गई है. आईसीयू में भर्ती अन्य मरीजों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया है. वहीं, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. जानकारी के मुताबिक, आग लगने का कारण अब तक साफ नहीं हो पाया है, लेकिन कहा जा रहा है कि आग की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है.
    जानकारी के मुताबिक, जिस वार्ड में आग लगी थी वह कोविड वार्ड था. फिलहाल, दमकल विभाग की जांच जारी है. आग पर काबू पा लिया गया. घटना सुबह 10:30 बजे के करीब की बताई जा रही है. लगभग 11:30 बजे आग पर काबू पाया गया.
    अहमदनगर के जिला कलेक्टर डॉक्टर राजेंद्र भोसले ने संवाददाताओं को बताया कि मरीजों को दूसरे अस्पताल के कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि अस्पताल की इमारत का 'फायर ऑडिट' किया गया है.
    भोसले ने कहा कि आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता था.एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि घटना की आधिकारिक जांच होगी.
      केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदनगर में आग की घटना पर दुख जताया है. शाह ने कहा, "महाराष्ट्र के अहमदनगर के सिविल अस्पताल में आग लगने से हुई हृदयविदारक दुर्घटना से अत्यंत व्यथित हूं. दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं व ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं."

    नई दिल्ली । शौर्यपथ । आज के जमाने में गिरगिट भी सोचता होगा कि रंग बदलने का जो खिताब उसके पास है वो ज्यादा दिन नहीं रहेगा । वर्तमान दिनों में पंजाब कांग्रेस के नेता जिस तरह बार बार रंग बदल रहे है उससे कांग्रेस की परेशानी थमने का नाम ही नही ले रही । 

    नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में कांग्रेस आलाकमान की गले की हड्डी बनते जा रहे हैं क्योंकि ऐसा लगने लगा है कि सिद्धू के रहते हुए पंजाब कांग्रेस का सियापा खत्म ही नहीं हो सकता। दो-तीन दिन पहले ही राहुल गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने पंजाब कांग्रेस पद से इस्तीफा वापस ले लिया था। हालांकि, अब सिद्धू ने सोनिया गांधी को खुली चिट्ठी लिखकर नया बवाल पैदा कर दिया है। सिद्धू ने सोनिया को चिट्ठी लिखकर अब चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाए जाने पर भी सवाल किए हैं और साथ में पंजाब सरकार को 13 मुद्दों पर काम करने के लिए निर्देश देने को भी कहा है। 

    सिद्धू की चिट्ठी से यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी से मिलने के बावजूद उनकी नाराजगी बनी हुई है। सिद्धू ने सोनिया को खुली चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया है कि वह पंजाब सरकार को 13 मुद्दों पर काम करने का निर्देश दें। साथ ही सिद्धू ने इन मुद्दों पर चर्चा के लिए सोनिया से मिलने का समय भी मांगा है। सिद्धू ने चिट्ठी में खुद को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बतात हुए कहा कि उनके पास सरकार पर नजर रखने की जिम्मेदारी है। 

    नई दिल्ली। शौर्यपथ । ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) पर भारत की रैंकिंग (Ranking of India) बेहद खराब होने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स में देश की खराब रैंकिंग को लेकर पीएम मोदी (PM Modi)पर सीधे निशाना साधा है। सिबल ने कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी को बधाई दी है और गरीबी, भूख मिटाने और भारत को वैश्विक शक्ति बनाने के सरकार के दावों पर ट्वीट किया है। 

    यह है मामला 

    ग्लोबल हंगर इंडेक्स पर भारत अपने 2020 के 94वें स्थान से फिसलकर 101वें स्थान पर आ गया है, जो पाकिस्तान सहित अपने पड़ोसियों से बहुत पीछे है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट ने भारत में भूख के स्तर को "खतरनाक" करार दिया है। भूख और कुपोषण को ट्रैक करने वाले ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) के अनुसार, चीन, ब्राजील और कुवैत सहित अठारह देशों ने पांच से कम के स्कोर के साथ टॉप पर हैं।

    भारत की स्थिति खराब होती जा रही

    2020 में भारत 107 देशों में 94वें स्थान पर था। अब सूची में 116 देशों के साथ यह 101वें स्थान पर आ गया है। भारत का GHI स्कोर भी गिर गया है। यह 2000 में 38.8 से 2012 और 2021 के बीच 28.8 - 27.5 के बीच आ गया है।

    हालांकि नेपाल (76), बांग्लादेश (76), म्यांमार (71) और पाकिस्तान (92) जैसे पड़ोसी देशों ने भारत की तुलना में अपने नागरिकों को खिलाने में बेहतर प्रदर्शन किया है, इन देशों को रिपोर्ट के अनुसार 'खतरनाक' भूख श्रेणी में रखा गया है। .

    रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बच्चों में वेस्टिंग का हिस्सा भी 1998-2002 के बीच 17.1 प्रतिशत से बढ़कर 2016-2020 के बीच 17.3 प्रतिशत हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है, "लोग COVID-19 और भारत में महामारी संबंधी प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, दुनिया भर में सबसे अधिक बाल बर्बादी दर वाला देश है।"

    इन मामलों में सुधार भी किया है भारत ने

    हालांकि, भारत ने अन्य संकेतकों में सुधार दिखाया है जैसे कि अंडर -5 मृत्यु दर, बच्चों में स्टंटिंग की व्यापकता और अपर्याप्त भोजन के कारण अल्पपोषण की व्यापकता, रिपोर्ट में कहा गया है।

    मुंबई: एजेंसी : बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई के बहाने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी पर हमला बोला है और चुनौती दी है कि अगर हिम्मत हो तो महाविकास अघाडी सरकार गिराकर दिखाओ. उन्होंने एनसीबी पर भी अपनी भड़ास निकाली है.
    उद्धव ने कहा, "फिलहाल जो खेल चल रहा है, उसमें इनके मन में जो आता है, वो करते हैं, बस इन्हें सत्ता चाहिए. ड्रग्स के नशे का इलाज किया ही जाना चाहिए, लेकिन सत्ता का नशा भी एक तरह का ड्रग्स ही है. छोटे से छोटे चुनावों से लोकसभा चुनाव तक, हर जगह मेरी ही जीत होनी चाहिए, यह भी एक तरह का नशा ही है. इस नशा का इलाज कौन करेगा? अगले महीने हमारे इस सरकार को दो साल पूरे हो रहे हैं. हमें तोड़ने का अनेक प्रयत्न किया गया. मैं आज भी कहता हूँ, अगर हिम्मत है तो सरकार गिराकर दिखाओ."
    शिवसेना नेता इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा, "पुरी दुनिया में मेरे महाराष्ट्र में ही गांजा- चरस का तूफान व्यापार चल रहा है, ऐसा सब जगह बताया जा रहा है.'' उन्होंने कहा- ''मैं फिर से बता रहा हूं, कि जो हमारी संस्कृति है आंगन में तुलसी लगाने की है. लेकिन ऐसा दिखाया जा रहा है जैसे अब तुलसी की जगह गांजा लगाया जा रहा है. और ऐसा जान बुझकर किया जा रहा है."

    नई दिल्ली / एजेंसी / कांग्रेस कार्यसमिति की शनिवार को पार्टी मुख्यालय में बैठक हुई, जिसमें सांगठनिक चुनाव एक साल के भीतर पूरे करा लेने पर सहमति बनी. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के असंतुष्ट नेताओं पर निशाना साधा. जी-23 के असंतुष्ट नेताओं को नसीहत देते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि मैं पार्टी की पूर्णकालिक अध्यक्ष हूं और मुझसे बात करने के लिए मीडिया का सहारा लेने की जरूरत नहीं है. सोनिया गांधी ने पेट्रोल-डीजल औऱ घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों, अर्थव्यवस्था की हालत, किसान आंदोलन और लखीमपुर खीरी कांड  को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार सब कुछ बेचने पर तुली हुई है.
    सोनिया गांधी ने पार्टी के भीतर आलोचकों खासकर 'जी -23' की ओर इशारा करते हुए "पूर्णकालिक और सक्रिय कांग्रेस अध्यक्ष" के रूप में अपनी स्थिति को रेखांकित किया. जी-23 के नेता लंबे समय से संगठन में व्यापक बदलाव और प्रभावी नेतृत्व के लिए चुनाव की वकालत कर रहे हैं.
    उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘अगर आप मुझे बोलने की इजाजत दें तो मैं पूर्णकालिक और सक्रिय अध्यक्ष हूं..." उन्होंने जी 23 नेताओं को नसीहत देते हुए कहा, ‘‘मैंने सदा स्पष्टवादिता की सराहना की है. मुझसे मीडिया के जरिये बात करने की जरूरत नहीं है. इसलिए हम सभी यहां खुली और ईमानदार चर्चा करते हैं, लेकिन इस चारदीवारी से बाहर जो बात जाए वो सीडब्ल्यूसी का सामूहिक फैसला होना चाहिए.''
    सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए आत्मसंयम और अनुशासन की जरूरत है. सोनिया गांधी ने कहा कि पूरा संगठन कांग्रेस को दोबारा खड़ा करना चाहता है, लेकिन इसके लिए एकता और पार्टी के हितों को सर्वोपरि रखने की जरूरत है. इन सबसे बढ़कर आत्म-नियंत्रण और अनुशासन की आवश्यकता है.
    उन्होंने किसान आंदोलन, महामारी के दौरान राहत एवं सहायता तथा समाज के निचले तबके के खिलाफ अत्याचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "मैं इन मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने उठाया था जैसे डॉक्टर मनमोहन सिंह जी और राहुल गांधी ने किया... मैं समान विचारधारा वाले दलों से बातचीत कर रही हूं. हमने राष्ट्रीय मुद्दों पर संयुक्त बयान जारी किए हैं और संसद में भी अपनी रणनीति में समन्वय स्थापित किया है."
    उन्होंने बैठक में यह भी बताया कि अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण ही इसे टालना पड़ा तथा अब इसकी रूपरेखा पेश की जाएगी.
     सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया इस साल एक नवंबर से शुरू होगी, जो अक्टूबर 2022 तक चलेगी. सूत्र बताते हैं कि अक्टूबर 2022 तक कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिलेगा.
      कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘हमारे सामने कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन अगर हम एकजुट रहते एवं अनुशासित रहते हैं और सिर्फ पार्टी के हित पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि हम अच्छा करेंगे. सोनिया गांधी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं.

    नई दिल्ली: शौर्यपथ : सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पर एक युवक की बेरहमी से हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार शाम को याचिका दाखिल करते हुए मांग की गई है कि है कि सिंघु बॉर्डर को किसानों से खाली कराया जाए. बता दें, केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक साल से किसान सिंघु बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं. शुक्रवार सुबह प्रदर्शन स्थल पर एक बैरिकेड्स से लटका हुआ शव मिला. हाथ-पैर काटने के बाद शव को लटकाया गया था.
       युवक की हत्या का शक 'निहंग' सिखों पर जा रहा था. युवक पर आरोप लगाया गया था कि उसने पवित्र ग्रंथ का अपमान किया गया था. युवक की मौत से पहले निहंगों एक गुट को उससे पूछताछ करते हुए एक वीडियो में देखा गया था. हालांकि, शुक्रवार शाम को एक निहंग सिख ने हत्या की बात कबूल करते हुए वारदात की जिम्मेदारी खुद के सिर पर ले ली. उसके बाद उसने खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.
      सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन को गैरकानूनी करार दे सड़कों से हटाने की याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि अब एक दलित युवक की हत्या कर दी गई, इससे पहले एक महिला से भी रेप की घटना भी हुई है. इसके अलावा याचिका में 26 जनवरी को हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान हिंसा का जिक्र किया गया है.
      वकील शशांक शेखर झा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में गैरकानूनी तरीके से आंदोलन चल रहा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट से लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई है.

    नई दिल्‍ली : शौर्यपथ : पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद अपनी इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने बैठक के बाद कहा, 'मैं सारे मुद्दों को लेकर राहुल गांधी से चर्चा की. अब सब ठीक हो गया है.'  पंजाब कांग्रेस में उभरे असंतोष के सुरों के बीच यह बैठक हुर्ई है. सिद्धू ने कल यानी गुरुवार को पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल और हरीश रावत से दिल्‍ली में भेंट की थी और कहा था कि वे गांधी परिवार की ओर से लिए जाने वाले किसी भी फैसले का पालन करेंगे. क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू ने गुरुवार की बैठक के बाद कहा था, 'मैंने पार्टी हाईकमान को अपनी चिंताओं से अवगत करा दिया है. मुझे पूरा यकीन है कि पार्टी अध्‍यक्ष (सोनिया गांधी), राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जो भी फैसला लेंगे, वह पंजाब के हित में होगा. मैं उन्‍हें सुप्रीम मानता हूं और उनके आदेश का पालन करता हूं. '
       बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने कहा, 'उन्होंने (सिद्धू) राहुल गांधी के साथ अपने सभी मुद्दे शेयर किए. हमने उनसे कहा है कि उनके दिक्कतों का ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने राहुल गांधी को आश्वासन दिया कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है और पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) अध्यक्ष के तौर अपनी जिम्मेदारियां दोबारा से निभाएंगे.
      इससे पहले, न्‍यूज एजेंसी एनआई ने हरीश रावत के हवाले से कहा था, नवजोत सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्‍नी की कुछ मुद्दों पर बातचीत हुई है और समाधान निकल आए. कुछ चीजें हैं जिनमें समय लगता है.'

    सिद्धू और पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी के बीच बढ़ती तल्‍खी के बीच यह मीटिंग हुई है. इस समय पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी रावत कहा था कि राज्‍य कांग्रेस से जुड़े संगठनात्‍मक मसलों पर यह बातचीत होगी. सिद्धू ने पिछले माह एक ट्वीट करते हुए पंजाब राज्‍य कांग्रेस प्रमुख पद से इस्‍तीफा दे दिया था. नए सीएम चन्‍नी की अगुवाइ वाली कैबिनेट के कुछ निर्णयों से नाखुश होकर उन्‍होंने यह कदम उठाया था.

    नई दिल्ली: शौर्यपथ : कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से गुरुवार को मुलाकात के बाद उनकी तस्वीर साझा करके हर नैतिक मूल्य और देश के पूर्व प्रधानमंत्री की निजता का हनन किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपाइयों के लिए हर चीज़ ‘फ़ोटो ऑप' है. शर्म आनी चाहिए देश के स्वास्थ्य मंत्री को, जिन्होंने एम्स में भर्ती पिता तुल्य पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाक़ात को पी.आर स्टंट बनाया. यह हर नैतिक मूल्य का उलंघन है, पूर्व प्रधानमंत्री की निजता का हनन है, स्थापित परम्पराओं का अपमान है. माफ़ी मांगें.''
       उधर, पूर्व प्रधानमंत्री की पुत्री दमन सिंह ने समाचार पोर्टल ‘द प्रिंट' से बातचीत में आरोप लगाया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के साथ एक फोटोग्राफर के भी उस वार्ड में घुस जाने से परेशान थीं, जिसमें मनमोहन सिंह भर्ती हैं. दमन सिंह ने कहा, “मेरी मां बहुत परेशान थीं. मेरे माता-पिता एक मुश्किल हालात से उबरने की कोशिश कर रहे हैं. वे बुजुर्ग हैं. वो कोई चिड़ियाघर में मौजूद जानवर नहीं हैं.'' मांडविया ने गुरुवार को सिंह से मुलाकात कर उनकी सेहत का हाल जाना था. उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘‘आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह जी से एम्स में मुलाक़ात की व उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली. मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.''
       गत बुधवार को 89 वर्षीय सिंह को एम्स के कार्डियो-न्यूरो केंद्र के निजी वार्ड में भर्ती कराया गया था और वह डॉक्टर नीतीश नाइक के नेतृत्व में ह्रदय रोग विशेषज्ञों की टीम की देख-रेख में हैं. सिंह को सोमवार को बुखार आ गया था और वह उससे उबर भी गए थे लेकिन उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी थी और वह केवल तरल चीजों का सेवन कर पा रहे थे.

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