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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
पिछले कुछ दिनों से दुनिया भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने आखिरकार भारत में भी दस्तक दे ही दी. कर्नाटक में इसके दो मरीज सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पिछले कुछ दिनों से दुनिया भर में हड़कंप मचा रहे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने आखिरकार भारत में भी दस्तक दे ही दी. कर्नाटक में इसके दो मरीज सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. दोनों में से एक मरीज की उम्र 66 साल है जबकि दूसरे की 46 साल. दोनों में ही फिलहाल कोई गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे.
घबराएं नहीं, भारत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आने के बाद केंद्र की अपील : 5 बातें
केंद्र सरकार की जानकारी से जुड़ी 5 बातें
ये मामले दो विदेशी नागरिकों में मिले हैं जो 11 और 20 नवंबर को बेंगलुरू आए थे.
10 यात्रियों के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं. 1 दिसंबर की मध्यरात्रि से लेकर आज सुबह 8 बजे तक 7976 यात्रियों के RT-PCR टेस्ट हुए हैं.
ये मामले सामने आने के बाद सरकार ने कहा है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन जागरुकता जरूर है. लोग कोविड उचित व्यवहार जारी रखें और भीड़भाड़ से बचें.
सरकार ने कहा कि इस वेरिएंट के गंभीर मामले दुनियाभर में कहीं भी अब तक सामने नहीं आए हैं.
दुनिया भर के 29 देशों में सार्स CoV-2 के ओमिक्रॉन वेरिएंट के 373 मामले अब तक सामने आए हैं. भारत हालात पर नजर बनाए हुए हैं
भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था.
नई दिल्ली/शौर्यपथ/
भारत में कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ऐसा होना अप्रत्याशित नहीं था. इससे यह साफ होता है कि हर देश को इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए और चौकन्ना रहने की जरूरत है. गौरतलब है कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन के दो मामलों की पुष्टि होने के साथ ही यह भी पुख्ता हो गया है कि इस वेरिएंट ने भारत में भी दस्तक दे दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि इन दोनों के कॉन्टेक्ट की पहचान कर ली गई है. दोनों में लक्षण मामूली हैं. दुनिया में अब तक इस वेरिएंट के जितने भी केस सामने आए हैं, उनमें गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं.
डॉ. सिंह ने कहा, “भारत द्वारा आज ओमिक्रॉन वैरिएंट के चिंताजनक होने की पुष्टि करना और देश में दो मामलों का सामने आना अप्रत्याशित नहीं था. यह सभी देशों को निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देता है, और उन्हें सतर्क रहने व वायरस के अधिक प्रसार को कम करने के उपाय करने की ओर इशारा करता है. Omicron सहित सभी वेरिएंट के लिए प्रतिक्रिया उपाय SARs CoV2 के समान ही है. सरकारों द्वारा व्यापक और अनुरूप सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपाय, और व्यक्तियों द्वारा निवारक और एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन करना आवश्यक है."
उन्होंने कहा, “लोगों को अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनना चाहिए जो उनकी नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढके, दूरी बनाए रखें, खराब वेंटीलेशन या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, हाथ साफ रखें, खांसी और छींकते समय मुंह को ढकें और वैक्सीन लगाएं. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सभी एहतियाती उपाय करते रहें. सभी यात्रियों को हर समय सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का पालन करना चाहिए और COVID-19 के लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए."
डॉ. सिंह ने आगे कहा कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के म्यूटेशंस बड़ी संख्या में हैं, जिनमें से कुछ चिंताजनक भी हैं. दुनिया भर के शोधकर्ता ओमिक्रॉन की संप्रेषण क्षमता, गंभीरता और प्रतिरक्षा से बचने की क्षमताओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए अध्ययन कर रहे हैं. डब्ल्यूएचओ उन देशों की सराहना करता है जिन्होंने नए वेरिएंट के मामलों का शीघ्रता से पता लगाया और इसे रिपोर्ट किया.
रायपुर /शौर्यपथ/
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने रायपुर जिले की चंदखुरी नगर पंचायत के अंतर्गत 5 करोड़ 20 लाख 55 हजार रूपए के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन कार्यों में मुख्यतः स्कूल भवन, सड़क, पंचायत भवन, रंग मंच, नाली निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल हैं। लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जनपद पंचायत आरंग के खिलेश देवांगन, नगर पंचायत चंदखुरी के अध्यक्ष रविशंकर धीवर भी मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनसरोकारों से जुडे़ सभी निर्माण एवं विकास के कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी महोत्सव और धान तिहार के तहत धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो गया है उन्होंने बताया कि राज्य शासन का यह सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। प्रदेश के किसानों से सरकार समर्थन मूल्य पर धान क्रय किया जा रहा है। सभी धान खरीदी केन्द्रों और उपार्जन केन्द्रों में समुचित प्रबंध किये गये हैं। किसानों को यहां पर किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके व्यापक इंतजाम किये गये हैं। उन्होने बताया नवगठित चंदखुरी नगर पंचायत के लिए पिछले दिनों करीब 6 करोड़ के अधोसंरचना के कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है, नगर पंचायत चंदखुरी द्वारा कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होंने चंदखुरी में सामुदायिक भवन के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। डॉ. डहरिया ने कहा कि चंदखुरी में पुलिस चौकी स्थापना के लिए आवश्यक पहल की जायेगी। इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, नागरिक अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुंगेली शौर्यपथ// आज दिनांक 2/12/ 2021 को ग्राम पंचायत फुलवारी व ग्राम तोताकापा में जनपद सदस्य श्रीमती माला संजय सोनवानी के द्वारा गोद लिए गए कुपोषित बच्चों को सुपोषण हेतु पौष्टिक आहार के खाद्य सामग्री की टोकरी देने पहुंची कुपोषित बच्चों की स्वस्थ होने की भगवान से प्रार्थना की उपस्थित पंचायत प्रतिनिधि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व ग्राम वासियों को बच्चे जो ननिहाल है उनकी देखरेख अच्छे से करना है के बारे में बताई और बच्चे ही हमारे भविष्य हैं इसका ख्याल हमको रखना है तथा छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा चलाया जा रहा जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी उपस्थित जनों को बताया छत्तीसगढ़ के हमारे मुख्यमंत्री सभी वर्ग के लोगों के लाभ के लिए कार्य कर रहे हैं चाहे वह धर्म का काम हो, समाज का काम हो, राजनीति का काम हो, या हमारे छत्तीसगढ़ की अस्मिता संस्कृति का काम हो,सब के बारे सोचने वाले हमारे मुख्यमंत्री जी का मैं आभार व्यक्त करती हूं कह कर सभी उपस्थित जनों को धन्यवाद ज्ञापित किया ।
रायपुर /शौर्यपथ/
समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने दिव्यांगजनों को 3 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं दी है। भेंड़िया ने कहा है कि दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समाज में सकारात्मक वातारण और दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से हर साल हम दिव्यांग दिवस मनाते हैं। राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। दिव्यांगजन को मुख्यधारा में लाने के लिए सामाजिक जागरूकता और सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता शारीरिक अक्षमता नहीं बल्कि विशेष सक्षमता है, जो दिव्यांगों को हर परिस्थितियों में आगे बढ़ने का हौसला देती है। दिव्यांगों में हौसले और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन कई बार शारीरिक कमी के कारण उन्हें बाधाओं का सामना पड़ता है। भेंड़िया ने कहा कि उन्हें हमारी सहानुभूति नहीं हमारे साथ की जरूरत है, जिससे दिव्यांगजन अपने हौसलों को उड़ान दे सकें।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा नई सुविधा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार’ का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इसके तहत केवल जून से नवम्बर तक 06 माह की अवधि में 04 लाख 44 हजार 683 स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र और ड्राइविंग लायसेंस आवेदकों के घर भेजे जा चुके हैं। इनमें 02 लाख 79 हजार 577 स्मार्ट कार्ड आधारित पंजीयन प्रमाण-पत्र तथा 01 लाख 65 हजार 106 ड्राइविंग लायसेंस शामिल हैं।
परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ के सुव्यवस्थित संचालन के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस तारतम्य में उन्होंने विगत दिवस राजधानी के पंडरी स्थित केन्द्रीकृत स्मार्ट कार्ड प्रिंटिंग केन्द्र का निरीक्षण भी किया और वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। इस अवसर पर आयुक्त परिवहन टोेपेश्वर वर्मा, अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा, संयुक्त परिवहन आयुक्त देवव्रत सिरमौर तथा सहायक परिवहन आयुक्त शैलाभ साहू सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
परिवहन विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार‘ योजना लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इसमें लोगों को परिवहन संबंधी 22 सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचाकर दी जा रही है। जन केन्द्रित इस सुविधा के अंतर्गत लोगों को न अब बार-बार परिवहन विभाग का चक्कर लगाना पड़ रहा है और न ही उन्हें कोरोना के भय का सामना करना पड़ रहा है।
परिवहन विभाग द्वारा बताया गया है कि ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए विभाग द्वारा एक हेल्पलाईन नम्बर 75808-08030 जारी किया गया है, जो सभी कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक कार्य करते हुए जानकारी प्रदान करता है। उक्त हेल्पलाइन नम्बर पर फोन करके आवेदक अपने ड्रायविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र के प्रेषण संबंधी समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अभी औसतन प्रतिदिन 125-150 कॉल आ रहे हैं। जिसमें मुख्य रूप से ड्रायविंग लाइसेंस एवं पंजीयन प्रक्रिया, टैक्स एवं फीस संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा ने आज बिलासपुर जिले के आदिवासी सेवा सहकारी समिति कोटा में हो रही धान खरीदी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अर्जुन जायसवाल, निर्मल सिंह गोंड, विमल कुमार, विष्णु देवांगन आदि किसानों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
अधिकारियों ने समिति प्रबंधक रूपवंत सिंह सोमवंशी से भी चर्चा की। आईजी और एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को खरीदी केंद्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने सूरजपुर जिले के चंदननगर धान खरीदी केंद्र का किया निरीक्षण
रायपुर/शौर्यपथ/
नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम विभाग तथा सूरजपुर जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने सूरजपुर जिले के धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान बिक्री करने आए किसानों के धान को तौल कर देखा तथा धान की गुणवत्ता को नमी मापी यंत्र से परीक्षण कर अवलोकन किया धान का तौल एवं नमी मापी यंत्र सही पाया गया। जिस पर मंत्री ने धान खरीदी प्रभारी की व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने किसानों से समस्याओं के बारे में पूछा तथा सभी किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा की सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा एवं बरदाना की किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
इस दौरान सरगुजा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रेमनगर विधायक खेल साय सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े, जनपद उपाध्यक्ष तुलसी यादव, जिला पंचायत सदस्य उषा सिंह, शशि सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, एसडीएम रवि सिंह, एसडीओपी प्रकाश सोनी, जनप्रतिनिधिगण, किसान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नगरीय प्रशासन एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया ने चंदननगर धान खरीदी केंद्र के तौल मापी यंत्र, नमी मापी यंत्र, बरदाना व्यवस्था, टोकन व्यवस्था, डेनेज एवं स्टैकिंग व्यवस्था, तिरपाल, पानी एवं बिजली व्यवस्था, कंप्यूटर, जनरेटर सहित अन्य व्यवस्थाओं से रूबरू हुए। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा धान खरीदी छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए त्यौहार की तरह है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा है कि हमेशा किसानों के हित में काम करेगी तथा छत्तीसगढ़ की निर्धारित धान खरीदी के मूल्य में खरीदेगी। मंत्री डॉ. डहरिया ने छोटे, मझौले एवं बड़े किसानों का प्राथमिकता के आधार पर खरीदी करना सुनिश्चित करने निर्देश दिए। पंजीकृत प्रत्येक किसान की धान खरीदेगी एवं बरदाना की किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। उन्होंने किसानों से चर्चा करते हुए कहां कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों को अधिक से अधिक है लाभ दिलाने बरदाना 25 रुपए करने की घोषणा कर दी है। उन्होंने किसानों से कहा की हमारी शासन ने वादा किया है कि हम पंजीकृत प्रत्येक किसान का धान खरीदेंगे अधिक से अधिक किसानों लाभान्वित करेंगे। चंदननगर खरीदी केंद्र में 17 किसानों ने 710 क्विंटल धान बिक्री कर चुके हैं।
रायपुर /शौर्यपथ/
उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखण्ड के ग्राम कुंदनपाल, कांजीपानी और बिरसठपाल में नवीन धान केंद्रों का शुभारंभ किया। वर्षों पुरानी मांग पूरा होने पर किसानों में खासा उत्साह है। समीप में धान विक्रय केंद्र खुलने से किसानों को काफी सुविधा हो गई है। इससे पहले उन्हें 7 से 8 किलोमीटर की दूरी तय कर धान उपार्जन केंद्र जाना पड़ता था। मंत्री लखमा ने इन धान खरीदी केन्द्रों की स्थापना के लिए क्षेत्रीय किसानों को बधाई दी।
इस अवसर पर मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आम लोगों की समस्याओं की समाधान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। कुंदनपाल, कांजीपानी और बिरसठपाल क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा धान उपार्जन के दौरान होने वाली समस्याओं से अवगत कराते हुए यहां धान खरीदी केन्द्रों की मांग की गई थी, जिसे पूरा करते हुए उन्हें खुशी हो रही है। विगत वर्ष जिले के केरलापाल, नेतनार और एर्राबोर में भी धान खरीदी केन्द्र स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष और स्थानों पर भी धान खरीदी केन्द्र स्थापित किए जाएंगे।
कुंदनपाल क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले मिचवार, कुन्ना, पेदारास, पेंदलनार, डोलेरास, पुसगुन्ना तथा कुंदनपाल ग्राम पंचायत के पंजीकृत किसानों को अपना धान विक्रय करने के लिए विगत वर्ष कुकानार तक की दूरी तय करनी पड़ती थी। किन्तु अब स्थानीय तौर पर धान खरीदी केंद्र खुल जाने से उन ग्रामीणों को सुविधा हो गई है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। इस दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सहित सीईओ जिला पंचायत देवनारायण कश्यप, एसडीएम सुकमा प्रीति दुर्गम एवं अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारतरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को उनकी जयंती 3 दिसम्बर पर नमन किया है। बघेल ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के योगदान को याद करते हुए कहा है कि उन्होंने संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में देश को एक मजबूत संविधान दिया। डॉ.राजेन्द्र प्रसाद ने राष्ट्रपति रहते हुए स्वतंत्र तथा निष्पक्ष कार्य की मिसाल प्रस्तुत की। भारतीय स्वाधीनता संग्राम को मजबूत बनाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके द्वारा छोड़ी गई विचार-मूल्यों की विरासत हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगजनों को सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए सभी लोगों से दिव्यांग भाई-बहनों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक वातावरण बनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिव्यांग दिवस का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समाज में समानता का वातावरण निर्मित करने के साथ ही उनके लिए तरक्की और विकास के रास्ते सुनिश्चित करना है। शारीरिक अक्षमता के कारण कई बार दिव्यांगों को भेदभाव और उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। इसे दूर करने के लिए समाज में जागरूकता की जरूरत है। भावी पीढ़ी को दिव्यांगता से बचाने के लिए हमें उनके पोषण और स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि दिव्यांग भाई-बहनों के जीवन में सुविधा और सकारात्मक बदलाव के लिए हर प्रयास करने के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्पित है। यह गर्व और खुशी का विषय है कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर इस वर्ष दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ को तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहा है। उन्होंने सामाजिक संगठनों और समाज से दिव्यांगजन के लिए सक्रिय भागीदारी के साथ कानूनी, सामाजिक, आर्थिक और अन्य बाधाओं को दूर का आग्रह करते हुए कहा कि दिव्यांग दिवस की सार्थकता तभी होगी जब समाज में दिव्यांग अन्य नागरिकों के समान ही आर्थिक और सामाजिक परिस्थिति पा सकेंगे।
धान खरीदी का साल दर साल बन रहा नया कीर्तिमान
बीते 3 साल में लिए गए क्रांतिकारी फैसले: किसान हुए खुशहाल
बढ़ा खेती-किसानी का रकबा, बढ़ी आमदनी
डॉ. ओम प्रकाश डहरिया
रायपुर /शौर्यपथ/
गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने मेहनतकश किसानों-ग्रामीणों और मजदूरों के दुख-दर्द समझने वाली सरकार के रूप में छत्तीसगढ़ ने देश में एक अलग छवि बना ली है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में किसान हितैषी फैसलों और निर्णयों से महज 36 माह में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
छत्तीसगढ़ की मौसम और जलवायु के साथ-साथ लगभग 80 प्रतिशत लोगों की खेती-किसानी पर निर्भरता को देखते हुए नई सरकार ने खेती-किसानी को लाभकारी बनाने का निर्णय लिया। खेती-किसानी में आधुनिक तौर-तरीके के इस्तेमाल और किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी देने का फैसला क्रांतिकारी सिद्ध हुआ। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में इन 36 माह में समर्थन मूल्य में धान खरीदी का साल दर साल नए कीर्तिमान बनते गए।
छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती-किसानी के लिए सहकारी समिति से ऋण और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ-साथ इनपुट सब्सिडी देने का परिणाम यह हुआ कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 रिकॉर्ड 92 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की गई। ऐसे किसान जो खेती-किसानी छोड़ चुके थे, वे अब खेती-किसानी की ओर लौटने लगे हैं। राज्य में कुल कृषि का रकबा बढ़कर 29.85 लाख हेक्टेयर हो गया है। किसानों की माली हालत में भी काफी सुधार हुआ है। राज्य के किसान अब बेहतर ढंग से खेती-किसानी करने लगे हैं इसकी बानगी चालू खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान बेचने के लिए किसानों के पंजीकरण से देखा जा सकता है। इस वर्ष राज्य में 24 लाख 9 हजार 453 किसानों ने पंजीयन कराया है।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में चालू खरीफ सीजन में 105 लाख मीटरिक टन धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी का अनुमान है। राज्य सरकार के द्वारा किसानों से न केवल खरीदी की सुनिश्चित व्यवस्था की है, बल्कि उन्हें तत्काल भुगतान की व्यवस्था भी की गई है। किसानों को उनके बैंक खातों के जरिये ऑनलाईन भुगतान किया जा रहा है। धान खरीदी को लेकर किसी भी किसान को दिक्कत न हो इसके लिए सभी कलेक्टरों को निदेश दिए गए हैं।
किसानों-ग्रामीणों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 88 नवीन धान खरीदी केन्द्र प्रारंभ किए गए हैं। इस वर्ष 2 हजार 399 धान खरीदी केन्द्रों में धान उपार्जन की व्यवस्था की गई है। किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में भीड़भाड़ और लंबी लाईन से निजात मिलेगी, वहीं परिवहन व्यय भी कम होगा। समय व पैसे की बचत भी होगी।
चालू खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के तहत समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की नकद एवं लिंकिंग के माध्यम सें खरीदी एक दिसम्बर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक तथा मक्का की खरीदी एक दिसम्बर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक की जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के लिए औसत अच्छी किस्म के धान के लिए समर्थन मूल्य की दर, धान कॉमन 1940 रूपए प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 1960 रूपए प्रति क्विंटल तथा औसत अच्छी किस्म के मक्का का समर्थन मूल्य 1870 रूपए प्रति क्विंटल का दर निर्धारित है।
राज्य सरकार द्वारा खेती-किसानी को लगातार बढ़ावा दिए जाने के फलस्वरूप इस वर्ष खरीफ सीजन में करीब 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में विभिन्न् फसलों की बोनी हुई है। इनमें धान के अलावा दलहन, तिलहन, मक्का, सोयाबीन की फसल शामिल है। राज्य में 3.42 लाख हेक्टेयर में दलहन, 2 लाख हेक्टेयर में तिलहन, 1.50 लाख हेक्टेयर में साग-सब्जियों की खेती की गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनते ही सर्वप्रथम किसानों के हित में फैसला लेते हुए किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋण लगभग 10 हजार करोड़ रूपए माफ किया गया, वहीं किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर अंतर की राशि सब्सिडी अनुदान राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से देकर सीधे किसानों के जेब में पैसे डालने का काम किया। यही कारण है कि देश और दुनिया में आर्थिक मंदी होने के बावजूद भी छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव नहीं पड़ा।
कोरोना काल के दौरान भी राज्य खेती-किसानी, उद्योग-धंधे चलते रहे। सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को गतिमान रखने के लिए सभी सेक्टरों को विशेष रियायत और छूट दी गई है। इससे ग्रामीण के साथ-साथ शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। यही कारण है कि राज्य के अर्थव्यवस्था में अन्य राज्यों की तुलना में आर्थिक मंदी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
सरकार की किसान हितैषी नीतियों से इन तीन सालों में छत्तीसगढ़ राज्य में खेती-किसानी खूब फली-फूली और समृद्ध हुई है। पहले साल लगभग 83 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की गई इसी प्रकार दूसरे साल रिकॉर्ड 92 लाख मीटरिक टन धान खरीदी हुई। इस वर्ष 105 लाख मीटरिक टन धान खरीदी की उम्मीद है। सरकार की इन नीतिगत फैसलों और कार्यों से समाज के सभी वर्गो का न्याय के साथ निरंतर विकास हो रहा है। गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी इन सभी वर्गो के हित में किए जा रहे कार्यों से नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का सपना साकार हो रहा है।
महासमुंद /शौर्यपथ/
कलेक्टर डोमन सिंह ने राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत प्राकृतिक आपदा से मृत्यु होने पर 10 मृतकों के निकटतम वारिसानों के लिए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इनमें विकासखण्ड महासमुन्द के ग्राम साकिन सोदिर निवासी योगेश ध्रुव की मृत्यु 23 सितम्बर 2019 को पानी में डूबने से होने पर उनके पिता ओंकार ध्रुव, ग्राम परसाडीह निवासी मनिषा ध्रुव की मृत्यु 19 दिसम्बर 2018 को आग में जलने से होने पर उनके पति दाउलाल ध्रुव, ग्राम परसकोल निवासी गायत्री यादव की मृत्यु 23 मई 2019 को आग में जलने से होने पर उनकी बहन परमेश्वरी यादव और संतन कुमार टंडन की मृत्यु 15 मार्च 2019 को पानी में डूबने से होने पर उनके पिता घसियाराम टण्डन, ग्राम बेलसोंडा निवासी ललित कुमार बघेल की मृत्यु 13 अप्रैल 2019 को पानी में डूबने से होने पर उनके पिता अमरदास बघेल एवं ग्राम तुमगांव निवासी राकेश कुमार की मृत्यु 12 मार्च 2018 को आग में जलने से होने पर उनके पिता गोवर्धन साहू के लिए आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम डोंगाखम्हरिया निवासी नरबदिया बाई की मृत्यु 09 अगस्त 2018 को अतिवृष्टि से होने पर उनकी नातिन त्रिवेणी बाई, ग्राम कौहाकुड़ा निवासी फत्तेसिंग नायक की मृत्यु 09 अक्टूबर 2020 को आग में जलने से होने पर उनकी पत्नी सानोबाई नायक, ग्राम अनवरपुर निवासी भोपेश साहू की मृत्यु 12 मार्च 2019 को पानी में डुबने से होने पर उनकी माता प्रीति साहू एवं ग्राम टेड़ीनारा निवासी बलीराम की मृत्यु 09 सितम्बर 2019 को सॉप के काटने से होने पर उनकी पत्नी नेेतबाई दीवान के लिए चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई हैं।
महासमुंद /शौर्यपथ/
कल शुक्रवार 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से दिव्यांग अपना दमखम दिखायेंगे। 1 और 2 दिसम्बर को विकासखण्ड स्तर पर खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अयोजन एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच हुई थी। इसमें निःशक्त कल्याण क्षेत्र की शासकीय संस्था, स्वैच्छिक संस्था एवं शिक्षा विभाग शालाओं में अध्ययनरत् दिव्यांग छात्र-छात्राओं के बीच आयोजित किए गए। कल शुक्रवार 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर जिला मुख्यालय महासमुंद के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अयोजन एवं सामान्य स्वास्थ्य जांच का आयोजन होगा। इस मौके पर दिव्यांग क्षेत्र में काम करने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा। खेलकूद प्रतियोगिता 10ः00 बजे से 2ः00 बजे तक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 2ः30 बजे से होगा। अंत में पुरूस्कार का वितरण किया जाएगा।
मालूम हो कि हर साल विश्व में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 3 दिसम्बर को मनाया जाता है। इसका मकसद दिव्यांगों के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलावा लाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। हर साल इस दिन दिव्यांगों के विकास, उनके कल्याणों के लिए योजनाओं, समाज में उन्हें बराबरी का अवसर मुहैया कराने पर गहन विचार विमर्श किया जाता है। इस दिन दिव्यांगों के उत्थान ,उनके स्वास्थ्य व सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिले में पिछले दो वर्ष से कोरोना के चलते लोगों के सेहत और बचाव की दृष्टि से आंशिक कार्यक्रम हुए थे।
उपरोक्त आयोजन राजीव गांधी शिक्षा मिशन, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं समाज कल्याण विभाग के समन्वय से आयोजित होगा। खेलकूद प्रतियोगिता में विभिन्न विधा मटका फोड़, थ्रो बॉल, बुक बैलेंसिंग, नींबू चम्मच दौड़ के अलावा 50 से 200 मीटर की दौड़ होगी। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बालक-बालिकाएॅ भाग लेंगे। इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रम में एकल और सामूहिक गीत का भी आयोजन होगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
