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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
- मछली उत्पादन, पैराकुट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन व बायोफ्लॅाक्स कार्य कर सशक्त हो रही हैं महिलाएं
दुर्ग / शौर्यपथ / जिले के गौठानों में विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित हो रही है इसी कड़ी में ग्राम पंचायत चंदखुरी के 6 महिला स्व सहायता समूहों द्वारा गौठान में विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। शासन की नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत जिले के ग्राम चंदखुरी के गौठान में विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें मछली उत्पादन, पैराकुट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन व बायोफ्लॅाक्स का कार्य जोरो से किया जा रहा है।
गौठान में मछली पालन- जय अम्बे स्व सहायता समूह के अध्यक्ष श्रीमती दीपिका चंद्राकर के अनुसार अक्टूबर माह से अब तक गौठान में 400 से 500 रंगीन मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है। अब तक 29 हजार की रंगीन मछलियां बेची जा चुकी है। मछली उत्पादन से 9 हजार रूपए का व्यय हुआ है। इसी प्रकार श्री सिन्धुजा स्व सहायता समूह के माध्यम से फिंगर फिश का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकों बड़ा होने पर तालाब व ढबरी में छोड़ दिया जाता है, जिसे किसान इसे बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं। अभी तक 7 हजार की फिंगर फिश बेची जा चुकी है।
पल्लवी स्व सहायता समूह के माध्यम से 5 बायोफ्लॅाक्स का निर्माण किया गया, जिसमें एक बायोफ्लॅाक्स 2500 किलो मछलियां उत्पादित की जा रही है। यह बायो जनवरी माह में स्थापित किया गया था। भविष्य में 12 हजार 500 किलो मछलियां बेचने की संभावना है।
गौठान में वर्मी कम्पोस्ट- गौठान में अब तक स्व सहायता समूह के माध्यम से 1800 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है, जो अब तक लगभग 5 लाख 38 हजार का वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचा गया। साथ ही केचुंआ का उत्पादन कर लगभग 4 लाख का केंचुआ बेचा गया। आसपास के ग्राम पंचायतों में खाद बनाने के लिए केचुंआ विक्रय किया गया। इसके अलावा आंध्रप्रदेश के श्रीमती रजनी राव द्वारा 10 किलो केंचुआ क्रय कर खाद बनाने का कार्य कर रही है। चंदखुरी गौठान से पाटन विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मे भी खाद बनाने के लिए केंचुआ बेचा जा रहा है। इसके अलावा 25 हजार का डिकम्पोजर तथा 22 हजार का कीटनाशक बेचा गया। इसके साथ गौमूत्र से वृद्धिवर्धक का उत्पादन किया जा रहा है, जो फसलों के लिए उपयोगी है। गौमूत्र वृद्धिवर्धक 9 हजार रूपए तक का बेचा जा चुका है।
गौठान में राईस मिल- गौठान में मिनी राईस मिल लगाया गया है, जिसमें दाल व चावल पिसाई की जाती है।
गौठान में गाय पालन- गौठान में पूजा स्व सहायता समूह के माध्ये से गौठान में 5 गाय का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक गाय 10 से 12 लीटर दुध देती है, जिसे बेचकर समूह द्वारा लगभग 60 हजार रूपए महीने का आय अर्जित कर रही हैं।
गौठान में बकरी पालन- गौठान में प्रजा स्व सहायता समूह द्वारा बकरी पालन भी किया जा रहा है, जिसमें 10 बकरी पाली जा रही है।
गौठान में मुर्गी पालन- जागृति क्रास फांउडेशन स्व सहायता समूह के अध्यक्ष श्रीमती टोमिन चंद्राकर के माध्यम से गौठान में मुर्गी पालन किया जा रहा है। समूह द्वारा अब तक 2328 मुर्गीयां बेची गई है, जिसमें 3 लाख 19 हजार का मुनाफा प्राप्त किया।
महात्मा गांधी रूरल इंड्रस्ट्रियल पार्क योजना के अंतर्गत रीपा में मिल्क प्रोडक्ट बनाए जाने की संभावना है। रीपा योजना के अंतर्गत 30 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किया जाएगा, जिसमें उनके द्वारा सोयाबीन बड़ी, सोया टॉफी, सोया पनीर, आलू चिप्स व दोना पत्तल तैयार किया जाएगा। डोम के अंदर 30 लोगों को रोजगार देने की संभावना है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत दुध से बनी पनीर, मिठाई, खोवा व अन्य सामग्री तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही रीपा में मोबाइल और सायकल रिपेरिंग की दुकान के साथ चाय, नाश्ते की दुकान प्रारंभ की जाएगी।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत पोटियाकला के करीब आनंद नगर में अधिकारियों द्वारा निरीक्षण में पाया गया कि अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे सड़क क्षेत्र एवं अन्य भूमि प्रभावित होना प्रतीत हो रहा है।आयुक्त लोकेश चन्द्राकर के निर्देश पर भवन अधिकारी प्रकाशचंद थवानी के मार्ग दर्शन में आज भवन निरीक्षक विनोद मांझी द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य की इस नगर निगम से अनुमति है अथवा नही के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट नही है। अतिक्रमणकर्ता को निर्माण कार्य अनुमति एवं भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने व नोटिस दिया गया था,अतिक्रमण कर्ता द्वारा न ही नोटिस का जवाब दिया न ही दस्तावेज प्रस्तुत विभाग को नही किया गया।इस स्थिति में नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 में वर्णित धाराओं के तहत किये गये निर्माण को कार्रवाही कर अवैध मानते हुए जेसीबी की मदद से तोड़कर हटाया गया।आनंद नगर के समाने नाले से लगाकर अवैध रूप से कब्जा नाले की सफाई कार्यो में बाधा आ रही थी।कार्यवाही के दौरान नायाब तहसीलदार ढालसिंग बिसेन, नोडल अधिकारी अतिक्रमण दुर्गेश गुप्ता,सहायक भवन निरीक्षक विनोद मांझी,संजय सतनामी के अलावा टीम मौजूद रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। जब नई संसद की नींव रखी गयी तब भी राष्ट्रपति को दूर रखा गया और अब नए संसद भवन के उद्घाटन से भी राष्ट्रपति को दूर रखा जा रहा है, यह न्यायोचित नहीं है। अनुच्छेद 79 के मुताबिक संघ के लिये एक संसद होगी, जिसमें दो सदन और एक राष्ट्रपति होंगे, जिन्हें क्रमशः राज्यों की परिषद और लोगों की सभा के रूप में माना जाएगा। राष्ट्रपति न केवल भारत में देश का प्रमुख होता है बल्कि संसद का अभिन्न अंग भी होता है, फिर प्रधानमंत्री ने उनको संसद के उद्घाटन में नहीं बुलाया, यह अशोभनीय है और राष्ट्रपति के उच्च पद का अपमान है। एक व्यक्ति के अहंकार ने राष्ट्रपति को नए संसद भवन के उद्घाटन के अधिकार से वंचित किया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह दलीय प्रतिबद्धता और मोदी को खुश करने की नीयत से गलत बयानी कर छत्तीसगढ़ की विधानसभा के शिलान्यास और राज्यपाल से जोड़कर मोदी सरकार की गलती पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शिलान्यास में राज्यपाल और नेता प्रतिपक्ष दोनों ही आमंत्रित थे। राज्यपाल व्यस्तता के कारण नहीं आई थी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक शामिल हुये थे। रमन सिंह मोदी सरकार के असंवैधानिक कृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा विधायक रंजना साहू के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधायक रंजना साहू का बयान चोरी और सीनाजोरी वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। रमन सरकार एवं भाजपा नेताओं के संरक्षण में प्रदेश में कुकुरमुत्ता की तरह खुले चिटफंड कंपनियों ने प्रदेश की जनता को लूटने काम किया और लूटपाट किया। रमन सरकार और भाजपा नेताओं के सहयोग से छत्तीसगढ़ से फरार हो गये।बालोद जिला में दिव्यानी प्रॉपर्टी लिमिटेड नामक चिटफंड कंपनी के शुभारंभकर्ता और सहयोगी भी रमन सरकार के मंत्री और भाजपा नेता ही थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह उनकी धर्मपत्नी वीना सिंह तत्कालीन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल तत्कालीन विधायक श्री चंद सुंदरानी तत्कालीन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल सहित भाजपा के नेतागण चिटफंड कंपनियों के प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते थे चिटफंड कंपनियों के लिए प्रदेश भर में रोजगार मेला का आयोजन किया जाता था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार चिटफंड कंपनियों पर कड़ी कार्यवाही कर रही है उनके डायरेक्टरों की गिरफ्तार कर रही है और उनके प्रॉपर्टी को नीलाम कर के चिटफंड कंपनी में निवेश किये छत्तीसगढ़ के भोले भाले जनता की पैसे को लौटा रही है। भूपेश बघेल की सरकार में दिव्यानी चिटफंड कंपनी के डायरेक्टरों की गिरफ्तारी हो रही है कम्पनी की प्रॉपर्टी को नीलाम कर के 9866 निवेशको के 4 करोड़ 14 लाख 928 हजार 500 रू. निवेशकों को लौटा चुकी है तो भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है भाजपा डर रही है कि चिटफंड कंपनी अब भाजपा नेताओं को जो सहयोग की है उसका भी पर्दाफाश कर देगी तो भाजपा के कई नेताओं की बेनामी सम्प्पति भी कुर्क हो जायेगी और उन्हें जेल की हवा खाने पड़ेगी। पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र अभिषेक सिंह और पूर्व सांसद मधुसूदन यादव के खिलाफ चिटफंड कंपनी के निवेशकों ने एफआईआर दर्ज करवाई है उस पर भी कार्रवाई हो रही है।
रिसाली / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम रिसाली का पहला चैपाटी व पौनी पसारी का लोकार्पण दुर्ग ग्रामीण विधायक व गृह एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया। मंत्री ने नगर पालिक निगम द्वारा तैयार परिचय पत्र का वितरण भी किया। लोकार्पण अवसर पर मंत्री ने कुल लगभग 2 करोड़ 91 लाख का भूमिपूजन भी किया।
मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मैने 45 साल पहले से मरोदा को देखते आ रहा हूँ। आज मरोदा की तस्वीर बदल चुकी है। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्र में हमने फुटकर व्यापारियों को बेहतर व्यवसाय देने निगम का पहला चैपाटी तैयार किया है। साथ ही सड़क किनारे पसरा लगाकर व्यवसाय करने वालों के लिए पौनी पसारी तैयार किया है। रिसाली निगम बनने के बाद हमारी कोशिश है कि हर क्षेत्र में विकास हो।
लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री जितेन्द्र साहू, महापौर परिषद के सदस्य चन्द्रभान सिंह ठाकुर, गोविंद चतुर्वेदी, अनुप डे, सनीर साहू, सोनिया देवांगन, चन्द्रप्रकाश सिंह निगम, ईश्वरी, परमेश्वर, ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुकुंद भाऊ, पार्षद रेखा देवी, ममता सिन्हा, विनय नेताम, गजेन्द्री कोठारी, डोमन लाल बारले, सीमा साहू, सरिता देवांगन, विलास बोरकर, जमुना ठाकुर, जाहिर अब्बास, अनिल कुमार, एल्डरमेन संध्या वर्मा, संगिता सिंह, शिशिर साहू, अजीत यादव, संतू दास, मो. निजाम, आदि उपस्थित थे।
मंत्री ने खरीदा मुनगा
पौनी पसारी का उद्घाटन करने के बाद गृहमंत्री ने फुटकर सब्जी व्यापारियांे से चर्चा की। साथ ही पौनी पसारी में पसरा लगाने वाले सब्जी विक्रेताओं से मुनगा, खीरा, टमाटर व भाजी की खरीददारी की।
सब्जियों से तौला मंत्री को
गुरूवार को गृहमंत्री ने शासन की योजना के तहत रिसाली नगर पालिक निगम द्वारा तैयार पौनी पसारी का उद्घाटन किया। निगम ने पौनी पसारी का चबूतरा स्थानीय लोगों को आबंटित किया है। वर्षो से सड़क किनारे पसार लगाकर व्यवसाय करने वाले सब्जी विक्रेताओं ने आभार व्यक्त करते हुए गृहमंत्री को सब्जी से तौलकर सब्जी का वितरण किया।
इन कार्यो का हुआ भूमिपूजन, लोकार्पण
वार्ड 18 दुर्गा मंदिर के पास विद्युतीकरण 4.20 लाख, वार्ड 19 इंदिरा चैक से विजय चैक तक विद्युतीकरण 8.40 लाख, उमरपोटी रोड तालाब का सौंदर्यीकरण 16.58 लाख, पटेल पारा आंगनबाड़ी के पास उद्यान निर्माण 3.89 लाख, वार्ड 21 मिनीमाता आंगनबाड़ी केन्द्र 9 अधुरे भवन को पूर्ण करने 3 लाख, बजरंग पारा जर्जर आंगनबाड़ी भवन को डिस्मेंटल कर पुनः निर्माण कार्य 7 लाख, तालाब निर्माण 6.18 लाख, वार्ड 16 में आंगनबाड़ी भवन निर्माण 6.50 लाख, वार्ड 20 में मरोदा चैपाटी कार्य 28 लाख, पौनी-पसारी कार्य 15 लाख, चैक सौंदर्यीकरण 4 लाख, स्टेशन मरोदा गार्डन निर्माण 20 लाख, शंकरपारा तालाब जीर्णोद्धार 20 लाख, वार्ड 32 दशहरा मैदान के पास उद्यान निर्माण 19.98 लाख, जलाराम चैक के पास उद्यान निर्माण 19.98 लाख, वार्ड 30 सांई मंदिर के बाजू में उद्यान निर्माण 5.55 लाख, ई.वी. जनरल एवं स्टेशनरी स्टोर्स के सामने उद्यान निर्माण 5.55 लाख, भूषण सदन से नमेदी किराना स्टोर्स तक सीसी रोड निर्माण 7.20 लाख, वार्ड 17 शीतला तालाब के पास उद्यान निर्माण 19.98 लाख, वार्ड 33 गतवा तालाब का संधारण कार्य 16.09, डबरी तालाब का संधारण 16.09 लाख, वार्ड 34 दशहरा मैदान में उद्यान निर्माण 18.50 लाख, वार्ड 28 में व्ही.आई.पी. नगर मोड़ के पास उद्यान निर्माण 7.40 लाख, गणेश पंडाल के पास उद्यान निर्माण 5.55 लाख, शक्ति विहार में उद्यान निर्माण कार्य 6.29 लाख।
रायपुर / शौर्यपथ / प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में झीरम घाटी के शहीद नेताओं की पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजली आयोजन किया गया जिसमे उपस्थित कांग्रेसजनों ने शहीद नेताओं को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, प्रभारी महामंत्री संगठन अमरजीत चावला, महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, मछुआ कांग्रेस अध्यक्ष एम.आर. निषाद, प्रदेश कांग्रेस सचिव अजय साहू, उर्दु अकादमी अध्यक्ष इंदरीश गांधी, गोरेलाल बर्मन, मदन लाल देवांगन, डॉ. कमलनयन पटेल, मेहमूद अली, सुंदर लाल जोगी, दिलीप चौहन, नंद कुमार पटेल, कुंज पटेल, अमित द्विवेदी, अमितभ घोष, तिलक राज जानकार, सुनील बाजारी, किशन लाल बाजारी, दिनेश फुटान, बालेश्वर सोना, जागेन्द्र पाण्डेय, सहित कांग्रेसजन उपस्थित थे।
कोरबा / शौर्यपथ / शहर से लगभग 70 किलोमीटर दूर एक गांव है, जिसका नाम है चिर्रा। शहर से इस गांव तक की यात्रा में अनिगनत मोड़ और पड़ाव है, पहाड़ है, घने जंगल है, किसानों के खेत है और ग्रामीणों के घर भी। इस राह से गुजरते हुए गांव तक पहुंचना हर किसी को भाता है, कुछ तो प्रकृति के नजारों के बीच स्वमेव ही अपने ख्यालों में खो भी जाते हैं। इस बीच जैसे ही वे सफर तय कर चिर्रा पहुंचते हैं, उन्हें गांव में प्रवेश से पहले एक अदभुत और मन को मोह लेने वाला नजारा दिखता है। पूरे रास्ते प्रकृति को देखकर अपने ही ख्यालों में गुम लोगों के मन में इस नजारे को देखते ही सवाल उत्पन्न हो जाता है। वे कौतुहलवश जानना चाहते हैं, कौन सा गांव है यह ? किसका खेत है ? क्या पास में कोई बड़ी नदी भी है ? और क्या-क्या फसल इन्होंने अपने खेत में उगाए हैं ?
गांव में प्रवेश के पहले ही अनेक सवालों में उलझ जाना शायद हर किसी के लिए लाजिमी भी है, क्योंकि इस गांव के कुछ परिश्रमी किसानों ने काम ही ऐसा कर दिखाया है कि कोई इनका नाम लिए और इनकी सराहना किए बिना आगे जाना नहीं चाहेगा। दरअसल कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाला यह गांव चिर्रा है, जहां पहले पानी की भारी समस्या थीं। किसान फसल तो लेते थे, लेकिन सबकुछ बारिश पर ही निर्भर होता था। बारिश अच्छी हुई तो फसल होती थीं, वर्ना सूखे की वजह से धान का एक दाना भी नहीं मिल पाता था। कहने को तो इस गांव में और गांव के आसपास कोई बड़ी नदी भी नहीं है, लेकिन कुछ किसानों ने जल संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नरवा, गरवा, घुरवा, बारी जैसी योजनाओं से प्रेरित होकर बरसाती नाले को बांधने का काम किया। उनकी मेहनत का ही परिणाम है कि अब किसानों के खेतो में साल भर पानी पहुंचता है। उन्हें बारिश पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ता। गर्मी के दिनों में जहां कोरबा ब्लॉक के पहाड़ी क्षेत्र वाले अन्य खेत सूखे हुए नजर आते हैं, वहीं चिर्रा के गांव में आने से पहले खेतों में हरियाली सभी को आकर्षित करती है। यहां फसल लेने वाले किसान कल्याण सिंह करम सिंह घासीराम, विलास पटेल सहित अन्य लोगों का नाम भी अनेक लोग पूछते हैं। आम लोगों के मन में उठने वाले सवालों की तरह जब यह सवाल हमारे मन में भी उत्पन्न हुआ तो हमने किसान से बातें की। यहां फसल लेने वाले किसान कल्याण सिंह ने बताया कि गर्मी के दिनों में उनका और अन्य कई किसानों का खेत हरा भरा रहता है। बारिश के दिनों में वे फसल तो लेते ही है, गर्मी में भी धान का फसल आसानी से ले पाते हैं। उन्होंने बताया कि पास ही किरकिला झरिया बांध और बरनमुड़ा नाला को बांधने के पश्चात किसानों के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध हो पाता है। किसान का कहना है कि पहले पानी व्यर्थ बह जाता था, हमने नाला को बांधकर खेतों के लिए पानी की व्यवस्था की है, इससे हम सिर्फ धान की दुगनी फसल ले पाते हैं, जिससे हमें आर्थिक फायदा मिलता है। कल्याण सिंह ने बताया कि बाहर से आने वाले अनेक लोग दूर-दूर तक हरियाली देखकर कुछ पल के लिए ठहर जाते हैं। उन्हें गर्मी के दिनों में लहलहाती फसल भी खूब भाती है और इस नजारे को वे सेल्फी के रूप में भी कैद कर ले जाते हैं।
नक्सलवाद और हिंसा के विरुद्ध ली शपथ
रायपुर / शौर्यपथ / आज झीरम श्रद्धांजलि दिवस के अवसर पर राजभवन सचिवालय के अधिकारियों- कर्मचारियों ने नक्सल हिंसा में शहीद हुए जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पदाधिकारी, सुरक्षाबलों के जवान एवं अन्य भाई-बहनों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन धारण किया और नक्सलवाद और सभी प्रकार की हिंसा के विरुद्ध शपथ ली।
इस अवसर पर समस्त कर्मचारियों को राज्यपाल के उपसचिव दीपक कुमार अग्रवाल ने राज्य में अहिंसा एवं सहनशीलता पर दृढ़ विश्वास रखते हुए, नक्सलवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने की निष्ठापूर्वक शपथ दिलाई। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य को पहले की तरह शांति का टापू बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित रहने की शपथ ली।
बस्तर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज यहाँ शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कुम्हरावंड जगदलपुर में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा)के बस्तर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए।
रीपा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों एवं उत्पादन के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में इस पार्क की स्थापना की गई है। योजनांतर्गत 2 करोड़ रु प्रति औद्योगिक पार्क के मान से राशि स्वीकृत की गई है। बस्तर संभाग के बस्तर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर सुकमा ,एवं कोंडागांव जिले के प्रतिभागी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने रीपा से जुड़े महिला स्वसहायता समूह को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की।
बस्तर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान कुमरावंड स्थित शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय परिसर में भूमपाल विद्रोह के जननायक रहे वीर गुंडाधुर की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बस्तर के आदिवासी जननायक में से एक रहे वीर गुंडाधुर ने भूमकाल जैसे महान विद्रोह का नेतृत्व किया। आज उनकी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को चिरस्थाई बनाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में प्रतिमा स्थापित होने से हमारे युवा भी उनके अदम्य साहस और वीरता से परिचित हो सकेंगे। बस्तर क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए बस्तर के आदिवासी नायक सदैव मुखर रहे और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। सरकार भी बस्तर सहित समूचे छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को सहेजने लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत राशि दस लाख से निर्मित शहीद वीर गुण्डाधुर की मूर्ति के अनावरण के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ग्राम नेतानार से पहुंचे वीर गुंडाधुर के परिजनों में उनके परपोते जयदेव नाग, पुनु नाग, दुलारू नाग, परदेसी नाग से भी मुलाकात की।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, बविप्रा के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, बविप्रा के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी,पूर्व सांसद नंद कुमार साय, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप, संजरी बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा,महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू,इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, संभागायुक्त श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
शहीद वीर गुण्डाधुर-
शहीद वीर गुंडाधुर ने आदिवासियों की धरती को बचाने के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध ‘भूमकाल’ आंदोलन 1910 का नेतृत्व किया था । भूमकाल आंदोलन भूमकाल का अर्थ भूमि में कम्पन या भूकंप से है। भूमकाल एक ऐसा आंदोलन था जिसने सम्पूर्ण बस्तर को हिलाकर रख दिया था। इस आंदोलन के पीछे अनेक कारण थे इनमें वन नीति, अनिवार्य शिक्षा, धर्म परिवर्तन, बेगारी प्रथा, नौकरशाही आदि प्रमुख था। भूमकाल विद्रोह की इतनी सूक्ष्म योजना तैयार की गई थी कि आदिवासियों ने तीर-धनुष और भाला-फरसा के साथ अंग्रेजी सेना का डटकर मुकाबला किया। यही कारण है आज छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरा देश वीर गुंडाधुर के शौर्य को जानने लगा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वीर गुण्डाधुर की स्मृति में साहसिक कार्य और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधुर सम्मान स्थापित किया है।
रायपुर / शौर्यपथ / निक्षय मित्र टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत 6 माह तक मरीजों का ईलाज चलने के दौरान पोषण आहार दिया जाएगा जिसमें जनभागीदारी के द्वारा टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रति माह 1 हजार रुपये के दर पोषण किट दी जा रही है निक्षय रथ के माध्यम से जागरूक किया जा रहा.
मुख्यमंत्री बघेल ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का किया अनावरण
संभाग का पहला जिला कार्यालय जहाँ छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हुई स्थापित
बस्तर ? शौर्यपथ / मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिमा अनावरण के उपरांत कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान की प्रतीक है छत्तीसगढ़ महतारी। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगाई जा रही है ताकि लोगों में अपनी संस्कृति को लेकर चेतना जागृत की जा सके। अपने तीज-त्यौहार, लोक परम्पराओं को जानने-समझने का भावी पीढ़ी को पर्याप्त अवसर मिले, यही हमारा प्रयास है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत तिहारों का आयोजन किया जा रहा है। तीजा-पोरा, अक्ती, हरेली छेरछेरा जैसे लोक जीवन के तिहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की सार्थक पहल हुई है। बोरे-बासी को आज पूरा देश जानने लगा है। आदिवासी नृत्य महोत्सव, देवगुड़ी का कायाकल्प, आदिवासी परब सम्मान निधि जैसी पहल के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को सम्मान दिलाने का काम किया गया है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद दीपक बैज, बविप्रा के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, बविप्रा के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप, पूर्व सांसद नन्द कुमार साय, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिक निगम की अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण के अध्यक्ष मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर श्याम धावड़े, आई जी सुंदरराज पी., कलेक्टर विजय दयाराम के. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने झीरम घाटी शहादत दिवस पर झीरम मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कहा विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति से बस्तर में नक्सलवाद को चंद इलाकों में समेटा
परिजनों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी जान देकर अपनों को बचाने का शहीदों का संकल्प बहुत बड़ा
बस्तर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री बघेल सहित जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर झीरम के शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा और उपस्थित सभी लोगों को प्रदेश को पुनः शांति का टापू बनाने की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने झीरम घाटी के शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और शॉल-श्रीफल भेंट किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झीरम घाटी की घटना को दस बरस हो गए हैं। हर साल हम लोग झीरम के शहीदों को नमन करते है और जब भी 25 मई आता है, हम सब का दिल भर जाता है। जो बच गए उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा। वे बताते थे कि घटना कितनी भयावह थी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस घटना में शहीद हुए नेताओं ने परिवर्तन की बात कही थी। जिसका शुभारंभ सरगुजा से हुआ था। हमारे नेता कहते थे कि किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाना है। परिवर्तन का संकल्प लेने वाले हमारे सभी बड़े नेता हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने झीरम में अपनी शहादत दी है।
झीरम की घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी राज्यसभा की सदस्य श्रीमती फूलो देवी नेताम निकली और उन्होंने कहा कि यह बंद करो। वो एक बहादुर महिला हैं। जब हमारे नेताओं को चारों ओर से घेर लिया गया था। शहीद महेंद्र कर्मा निकले और नक्सलियों से कहा कि बेकसूरों को मारना बंद करो, गोलियां चलाना बंद करो। तुम्हारी दुश्मनी मुझसे है। मैं आत्मसमर्पण करता हूँ। मैं बस्तर टाइगर, मैं महेंद्र कर्मा इस प्रकार की बात उन्होंने कही। महेंद्र कर्मा ने माफी नहीं माँगी, अपने प्राणों की आहुति दे दी। किसके लिए, बस्तर के लिए, प्रदेश के लिए, लोकतंत्र के लिए, हम सबके लिए। अपनी जान देकर अपनों को बचाने का उनका संकल्प कितना बड़ा था, यह समझा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिस नव निर्माण के पवित्र उद्देश्य के लिए हमारे नेताओं ने परिवर्तन यात्रा की थी, उस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने लगातार परिश्रम किया है। हमने विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति से नक्सलियों को चंद इलाकों तक ही समेट दिया है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी योजनाओं और नीतियों से बस्तर का विकास सुनिश्चित किया। हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण सहित अन्य विकास कार्यों को गति दी और बेहतर कार्य कर दिखाया है।
झीरम घाटी शहादत दिवस की दसवीं बरसी पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा क्षेत्र बस्तर के सांसद श्री दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष श्री विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, विधायक श्री मोहन मरकाम, श्रीमती संगीता सिन्हा, श्री चंदन कश्यप, महापौर जगदलपुर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री सुंदरराज पी. कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
शहीदों के परिजनों से मुलाकात के दौरान भावुक हुए मुख्यमंत्री - मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत शहीदों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। शहीदों के परिजनों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने सभी का कुशल क्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि आप सभी ने बहुत बड़ा त्याग किया है। छत्तीसगढ़ सरकार हर पल आपके साथ खड़ी है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
