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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
*बाइक और स्कूटी में रैली का नेतृत्व विधायक यशोदा वर्मा, कलेक्टर गोपाल वर्मा और एस पी अंकिता शर्मा ने किया*
*संगठन अध्यक्ष रॉकी रेनाल्ड ने श्रीफल तोड़कर और हरी झंडी दिखाकर किया रैली को रवाना*
*यातायात जागरूकता रैली का आरंभ पुलिस अधीक्षक कार्यालय और समापन सर्किट हाउस में हुआ*
*रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, संगठन सदस्य, अधिकारी और नागरिक हुए शामिल*
खैरागढ़ / शौर्यपथ / नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में जनप्रतिनिधियों और जिला व पुलिस प्रशासन के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन इकाई खैरागढ़ ने मंगलवार को यातायात जागरूकता बाइक रैली निकाली। इस दौरान बाइक और स्कूटी में हेलमेट के साथ सवार होकर रैली का नेतृत्व विधायक यशोदा वर्मा, कलेक्टर गोपाल वर्मा और एस पी अंकिता शर्मा ने किया। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा, संगठन सदस्य, अधिकारी और नागरिक शामिल हुए।
*रैली का नेतृत्व विधायक यशोदा वर्मा, कलेक्टर गोपाल वर्मा और एस पी अंकिता शर्मा ने किया*
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के बैनर तले यातायात जागरूकता रैली मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से रवाना हुई। यह रैली शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए बस स्टैंड चौक, जयस्तंभ चौक, इतवारी बाजार, अमलीपारा चौक, दाऊचौरा चौक आदि का भ्रमण करते हुए अंत मे सर्किट हाउस खैरागढ़ पहुँची। यहां पर आयोजकों की और से रैली का विधिवत समापन किया गया। जागरूकता बाइक रैली की मुख्य अतिथि के रूप में यशोदा नीलाम्बर वर्मा, जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस प्रशासन की ओर से एसपी अंकिता शर्मा ने रैली का नेतृत्व किया।
*संगठन का मुख्य उद्देश्य समाजसेवा, जागरूकता और न्याय दिलाना है- रॉकी रेनॉल्ड एन्थोनी, अध्यक्ष *
यातायात जागरूकता रैली का आयोजन करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रॉकी रेनॉल्ड एन्थोनी ने बताया कि-संगठन का उद्देश्य जनता के मन से पुलिस का भय निकालकर मित्र भाव उजागर करना है, पीड़ित व्यक्ति को हर संभव न्याय दिलवाना है, मानव अधिकारों के हनन को रोकने के लिए कार्य करना है। जनमानस की समस्या को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और मानव अधिकार के हितों के लिए कार्य करना है। इसके साथ समय समय पर नशा मुक्ति अभियान चलाना, जन जागरूकता अभियान को बढ़ाना, स्कूल कॉलेजों में शिविर लगाकर मानव अधिकार के बारे में जानकारियां प्रदान करना, मानव अधिकार के हनन को रोकना, समाज के हित में कार्य करना आदि है।
*संगठन अध्यक्ष रॉकी रेनाल्ड ने श्रीफल तोड़कर और हरी झंडी दिखाकर किया रैली को रवाना*
जागरूकता कार्यक्रम की रूपरेखा राष्ट्रीय पदाधिकारियों के निर्देशन में प्रदेश अध्यक्ष और जिला टीम द्वारा तय किया गया है।अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह तथा राष्ट्रीय महासचिव ईश्वर जोशी राष्ट्रीय प्रभारी बृजेश पाठक जी एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रॉकी रेनॉल्ड एंथोनी के निर्देशानुसार जिला अध्यक्ष रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला मुख्यालय खैरागढ़ से यातायात रैली की शुरुआत की गई। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न शहरों और कस्बों में यातायात जागरूकता अभियान और बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में उपस्थित होकर सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, जिला और पुलिस प्रशासन, नागरिकों तथा मीडिया को संगठन की ओर से आभार ज्ञापित किया गया।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा, एडिशनल एसपी नेहा पांडे, संयुक्त कलेक्टर प्रकाश राजपूत, ट्रेफ़िक डीएसपी प्रतिमा लहरें , एसडीओपी लालचंद मोहले, टी आई राजेश देवदास, संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रॉकी रेनॉल्ड एन्थोनी, सूरज सिदार, डॉ. मक़सूद, प्रदेश उपाध्यक्ष देव चंदेल , प्रदेश महासचिव शिव टेम्भुरकर ,प्रदेश लीगल एडवाइजर बारस्कर,प्रदेश मीडिया प्रभारी अंबरीश टांडिया, जिलाअध्यक्ष रानी राजलक्ष्मी तिवारी,जिला महासचिव रैना सिंह ,जिला उपाध्यक्ष कोयल श्रीवास्तव, हेमलता जैन , मीनाक्षी जंघेल, जिला सचिव अंजू शर्मा. सिमरन खजांची , निशा अग्रवाल जिला इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर, लक्ष्मी लता जैन जिला विधिक सलाहकार, जिला वक्ता स्मिता चौरे, जिला मीडिया प्रभारी शिवानी परिहार आदि अन्य उपस्थित थे।
कोरिया / शौर्यपथ / जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बैंकुण्ठपुर के महाप्रबंधक ने बताया कि जिले के शिक्षित बेरोजगार युवक, एवं युवतियों से स्वरोजगार हेतु मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में ऋण आवेदन पत्र आमंत्रित किया जाएगा जिसमें बेरोजगार युवक एवं युवतियों को व्यवसाय हेतु- 2 लाख, सेवा के लिए 10 लाख एवं उद्योग स्थापना हेतु 25 लाख अधिकतम सीमा तक अपना आवेदन जमा कर सकते है। इसी प्रकार इस योजनांतर्गत सामान्य वर्ग 10 प्रतिशत अधिकतम 1 लाख, पिछड़ा वर्ग 15 प्रतिशतअधिकतम 1.50 लाख, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग 25 प्रतिशत अधिकतम 1.50 लाख, मार्जिन मनी अनुदान राशि ऋण स्वीकृति उपरांत आवेदक के खाता में देय होगा।
उन्होंने बताया कि इस योजना की पात्रता रखने वाले इच्छुक आवेदक-
www.kviconline.gov.in/PMEGP
वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कलेक्ट्रेट में कक्ष कमांक 62 में सम्पर्क कर 15 जून 2023 तक आवेदन पत्र एवं परियोजना प्रतिवेदन कार्यालयीन समय में प्राप्त कर जमा कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कलेक्ट्रेट में कक्ष कमांक 62 में सम्पर्क कर 15 जून 2023 तक आवेदन पत्र एवं परियोजना प्रतिवेदन कार्यालयीन समय में प्राप्त कर जमा कर सकते है।
बेमेतरा / शौर्यपथ / बच्चे हमारे देश का भविष्य होते हैं। इसलिए सरकार बच्चों के परवरिश और भविष्य को लेकर कई तरह की योजनाएं संचालित करती रहती है। इसी क्रम में बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य, बच्चों को कुपोषण से बचाने और अनेक प्रकार की सुविधाए प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुपोषण योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 6 साल की आयु वाले बच्चों को कुपोषण एवं एनीमिया से और 15 साल से लेकर 49 वर्ष की आयु की महिलाओं को एनीमिया से मुक्त कराया जाएगा।
बेमेतरा जिले में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना का प्रारंभ 2 अक्टूबर 2019 को किया गया। प्रारंभ में 2683 कुपोषित बच्चों को लक्षित किया गया था। बेमेतरा जिले में अक्टूबर 2021 से गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म खिचड़ी एवं सप्ताह में तीन दिवस अण्डा/केला एवं सप्ताह में तीन दिवस चना व गुड़ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना अंतर्गत बेमेतरा जिले में गर्म खिचड़ी एवं अण्डा/केला का भुगतान विभागीय मद से एवं गुड़ चना का भुगतान डी.एम.एफ. मद से किया जा रहा है।
बेमेतरा अनुविभाग के बेमेतरा एवं खण्डसरा परियोजना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 39 गांवों में “पोट्ठ लईका अभियान की शुरुआत नवंबर 2022 से की गई है। इसके अन्तर्गत 183 गंभीर कुपोषित बच्चों तथा 924 मध्यम कुपोषित बच्चों सहित कुल 1107 बच्चों को लक्षित किया जाकर इसे मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इसमें प्रत्येक शुक्रवार को चिन्हांकित केन्द्रों में पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, सक्रिय महिला सदस्य, मितानिनों, पंच, सरपंच आदि की सहभागिता से बच्चों (06 माह से 59 माह आयु) गर्भवती/शिशुवती माताओं एवं सभी बच्चों के पालकों को पोषण एवं स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया जाता है। अभियान के दौरान पृथक से अन्य खाद्य सामग्री न देकर आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली रेडी टू ईट, सुपोषण अभियान अन्तर्गत प्राप्त पोषण आहार के उपयोग को सही तरीके से लाभार्थी तक पहुंचाते हुए तिरंगा भोजन के महत्व को बताया जाता है।
वर्तमान में एस.डी.एम. बेमेतरा सुश्री सुरुचि सिंह के नेतृत्व में यूनिसेफ की सहयोग से पोट्ठ लइका अभियान चलाया जा रहा है। प्रारंभ से इस अभियान के परिणाम भी स्पष्ट दिखाई दे रहे है। जनवरी से सघन रूप से प्रारंभ “पोट्ठ लईका अभियान“ में आं.बा. कार्यकताओं, सहायिकाओं के लगभग डेढ़ माह के हड़ताल के बाद भी निरंतरता बनी रही। वर्तमान में 346 बच्चे सामान्य वर्ग में आ चुके है, इस तरह 31.2 प्रतिशत बच्चे सामान्य हो चुके हैं तथा 183 गंभीर कुपोषित बच्चों में से 95 बच्चों का ग्रेड परिवर्तन हो चुका है, इस तरह इसमें लगभग 52 प्रतिशत की कमी आयी है, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है। जिले में 2019-20 में 2683 लक्षित बच्चे थे जिसमें से 1800 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए है। 2020-21 में 1263 लक्षित बच्चे थे जिसमें से 648 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए है। 2021-22 में 12325 लक्षित बच्चे थे जिसमें से 4911 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए है। इसी तरह 2022-23 में 16201 लक्षित बच्चे है जिसमें से 4303 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए है।
रायपुर / शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा कोरबा जिले के हसदेव बांगो परियोजना अंतर्गत विभिन्न कार्यो के लिए 13 करोड़ 58 लाख 81 हजार रूपए स्वीकृत किये गये है। परियोजना के अंतर्गत बकाया बकेट एप्रॉक्सी ट्रीटमेंट कार्य किया जायेगा। कार्यो को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे द्वारा पटेल चौक एवं पुलगांव चौक में भीषण गर्मी में काम कर रहे मजदूरों को खाने की प्लेट,पानी बोतल एवं इलेक्ट्रॉल पाउडर वितरित किया गया।पूर्व एल्डरमैन डॉ. प्रतीक उमरे ने श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सजग रहने के संबंध में जानकारी दी एवं प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देना है ताकि असंगठित क्षेत्र के मजदूर वर्ग भी 60 साल की उम्र पार करने पर अपने जीवन यापन अच्छे से कर सके तथा केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा पहले से ही श्रमिकों के कल्याण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है।जिसका लाभ प्राप्त करने के लिए श्रमिकों को संबंधित विभाग में अपना निबंधन कराना चाहिए।
दुर्ग / शौर्यपथ / नगर निगम के क्षेत्र सीमा अंतर्गत शहर समस्त 60 वाडों के प्रत्येक घर में अमृत मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिए 153 करोड़ की योजना स्वीकृत कर डीपीआर D.P.R. तैयार किया गया, जिसके अंतर्गत पानी टंकी, पाईन लाईन व नये नल कनेक्शन इत्यादि को शामिल किया गया था,जो भा.ज.पा. शासन कार्यकाल के दौरान पूर्व महापौर के मार्गदर्शन मे व उस समय के एमआइसी मेम्बरों के सहमति से किया गया, जो प्रारंभ भी हो गया,पूर्व की टंकियों के अलावा 6 नई टंकियाँ बननी शुरू हुई किन्तु उन टंकियों को भरने के लिए न तो फिल्टर की क्षमता बढ़ाई गई और न ही शिवनाथ नदी इन्टेकवेल मोटर पम्पों की क्षमता बढ़ाई गई,इस कारण से टकियां भर नहीं पा रही है। ऐसी गंभीर लापरवाही के कारण अनेक वार्डो के नागरिकों को पानी की समस्या के जूझना पड़ रहा है।इस समस्या के निराकरण के लिए अमृत मिशन में किसी तरह का अतिरिक्त बजट भी नहीं होने के कारण वित्तीय समस्या बन गई थी.चूंकि नदी के मोटरों की क्षमता बढ़ाया जाना अति आवश्यक था, जिसके लिए विधायक अरुण वोरा के मंशानुरूप एव महापौर धीरज बाकलीवाल,प्रभारी संजय कोहले के अथक प्रयास से डीएमएफ ( D.M.F ) के माध्यम से 1.60 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो गई व 4 नग मोटर पम्पों को बदलने के लिए खरीदने की प्रक्रिया पूर्ण कर कम्पनी को तत्काल प्रदाय करने की आदेश दी जा चुकी है।जो शीघ्र ही एक दो माह के भीतर नगर निगम को मिल जायेगा व एक-एक कर बदलना प्रारंभ किया जावेगा। तत्पश्चात् सभी टंकियां पर्याप्त मात्रा में भरा जा सकेगा। व सभी नागरिकों को भरपूर पानी मिलने लगेगा।इसके अलावा अनके वार्डो में पाईप लाईन को नल कनेक्शन को डीपीपी D.P.P. में शामिल नहीं किया गया है।जिससे अनेक वार्ड पानी से वंचित हो रहे हैं। उनके समस्या का निदान के लिए अतिरिक्त योजना तैयार कर राशि के लिए शासन को लिखा गया है. शीघ्र प्राप्त होते ही शेष बचे पाईप लाईन व नल कनेक्शन का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा।कहने का अर्थ है कि,अमृत मिशन योजना को बिना भेदभाव व सही ढंग से गंभीरता पूर्वक विचार करके बनाया जाता तो वर्तमान में समस्या नहीं होती, इनकी गंभीर गलती की सुधार करने के लिए पूरी ईमानदारी के साथ प्रयास किया जा रहा है।इन्हें भी समझ में आ गया कि अतिरिक्त राशि प्राप्त कर 4 नग मोटर पम्प शीघ्र उपलब्ध होते हैं पानी का समस्या का स्थायी समाधान हो जायेगा। इसलिए श्रेय की राजनीतिक कर रहे है। हमारी सरकार व परिषद बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।वही पूर्व पार्षद विजयंत पटेल ने बताया कि वार्ड क्रमांक 05 मरार पारा अन्य वार्डो से ऊँचाई में बसी हुई है।जबकी आस पास क्षेत्र वार्डो नीचे स्तर पर बसा गया है।वार्ड क्रमांक 05 में पहले पानी की समस्या थी।उन्होंने बताया कि जबसे नवनिर्माण पानी टंकी शुरू किया गया है पर्याप्त मात्रा में वार्ड नागरिको को मिल रहा है।
गोठान में मिले काम से थमा पलायन
एक योजना जिससे ग्रामीणों की बदल रही है जिंदगी
रायपुर / शौर्यपथ / किसने सोचा था कि कभी ऐसा दिन भी आएगा कि जब गोबर बेचकर आमदनी की जा सकेगी। गोबर से जिंदगी बदल जाने की कल्पना भी किसी ने नहीं की थी लेकिन छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना से ऐसे ही लाखों लोगों की जिंदगी बदल रही है.....संवर रही है। इसकी बानगी बिलासपुर जिले के कोटा ब्लॉक के शिवतराई गांव में देखने को मिली। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर गोठानों में गोबर खरीदी की अभिनव योजना शुरू की गई।ग्राम शिवतराई के आदिवासी किसान श्री गौरीशंकर सिरसो भी इस योजना का लाभ उठा रहे है। उन्होंने गोबर की आमदनी से एक ट्रैक्टर भी खरीद लिया है। जिससे खेती-किसानी में सहूलियत हो रही है। बकौल श्री गौरीशंकर गोधन न्याय योजना ने उनके परिवार की जिंदगी बदलने का काम किया है।
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री गौरीशंकर सिरसो ने बताया कि योजना शुरू होने के बाद उन्होंने गोबर बेचने की सोची। उनके पास लगभग एक दर्जन मवेशी है। दो से ढाई क्विंटल गोबर मिल जाता है। उन्होंने बताया कि योजना शुरू होने के बाद से अब तक 55 हजार 676 किलो गोबर बेच चुके है। श्री सिरसो ने बताया कि पहले चार महीने खेती-किसानी करने के बाद मजदूरी के लिए पलायन करना पड़ता था, लेकिन अब गोधन न्याय योजना के चलते परिस्थितियां बदल गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की इस योजना से ‘‘पलायन के रद्दा मुंदा गे हे’’। अब हमे रोजगार के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ रहा है। उनकी पत्नी भी गोठान में संचालित गतिविधियों से जुड़ी हुई है। सब्जी उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण जैसी आर्थिक गतिविधियों से उन्हें भी आमदनी हो रही है। गोबर बेचकर मिले पैसे से परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी हो रही है। उनके घर का पूरा खर्च गोबर बेच के मिले पैसों से ही चलता है। उन्होंने जिंदगी बदलने वाली इस योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
नई दिल्ली। शौर्यपथ। भारत के नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को होना है। नये संसद भवन के उद्घाटन के पहले ही उद्घाटन का मुद्दा विवादों मे घिर गया। नये संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होने वाला है उद्घाटन की तारीख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन का विरोध करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों होना चाहिए। संवैधानिक स्थिति में राष्ट्रपति का पद प्रधानमंत्री से बड़ा होता है ऐसे में भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद भवन का उद्घाटन भी भारत की प्रथम नागरिक के द्वारा हो।
नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को होने वाला है किंतु इसके विरोध में 19 राष्ट्रीय दलों ने संयुक्त रूप से इस उद्घाटन के बहिष्कार का एलान कर दिया है. सभी विरोध करने वाले राष्ट्रीय दलों का क्या कहना है कि संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों हो वही 28 मई की तारीख को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं. बता दें कि 28 मई को भारतीय जनता पार्टी सावरकर जयंती के रूप में मनाती है ऐसे में 28 मई का दिन चुनने पर विपक्षी पार्टी का विरोध जारी है ।
28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन होना है यह तय है और उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ही होगा उद्घाटन की तैयारियां भी जोरों पर चल रही है इसी बीच खबर निकल कर आ रही है कि मामले मे विपक्ष के विरोध को शांत करने के उद्देश्य से भारत की राष्ट्रपति के द्वारा भी यह संदेश दिया गया है कि नये संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो. सूत्रों कि माने तो संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति को निमंत्रण नहीं भेजा गया है. वही सोशल मीडिया और कई मीडिया चैनलों द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो इस बारे में पीएम मोदी के पक्ष मे खबर चलाने का कार्य शुरू भी हो चुका है. एक मीडिया चैनल में तो सिर्फ इस खबर को प्रमुखता से चलाना शुरु कर दिया है कि पिछले 3 सालों में निर्माण के दौरान तीन बार पीएम मोदी निरीक्षण के लिए गए इसलिए सबसे पहला हक उनका ही बनता है ने संसद भवन के उद्घाटन का. खैर मीडिया अपने अपने स्तर पर अपने अपने संबंधों के आधार पर समाचार प्रकाशित करना अपने अधिकारों के तहत कर रही है. वही आपको बता दें कि भारत के राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति क्या होती है और राष्ट्रपति के पास क्या-क्या शक्तियां हैँ....
भारत का राष्ट्रपति देश की सियासी और सैन्य दोनों शक्तियों से संबंध रखता है. तीनों सेनाओं का कमांडर इन चीफ भी देश का राष्ट्रपति ही होता है. देश की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के लिए मैडम प्रेसिडेंट हैं, तो तीनों सेनाओं के लिए मैडम सर.
वैसे हमारे देश में राष्ट्रपति पद को रबर स्टैंप कह दिया जाता है. दरअसल इसके पीछे वजह ये है कि भारतीय संविधान में राष्ट्रपति की शक्तियां सीमित हैं. लेकिन ये इतनी भी सीमित नहीं हैं कि इन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया जाए या इनकी गरिमा को हल्के में लिया जाए.
देश की संसद से पास हुआ कोई भी बिल, तब तक कानून नहीं बनता, जब तक राष्ट्रपति उस पर हस्ताक्षर नहीं करते. राष्ट्रपति अपने चुने गए 12 उम्मीदवारों को राज्यसभा भी भेज सकते हैं. इन्हें नामित सदस्य कहा जाता है.
संसद से पास हुए Money Bill के अलावा राष्ट्रपति किसी भी बिल को पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं. इसे राष्ट्रपति के कड़े संदेश के तौर पर देखा जाता है. हालांकि दोबारा वही बिल भेजने पर राष्ट्रपति को हस्ताक्षर करने ही होते हैं.
देश के प्रधानमंत्री को पद की शपथ दिलाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है. मुख्य न्यायाधीश को भी राष्ट्रपति ही शपथ दिलाते हैं. किसी भी अपराधी की मौत की सज़ा को माफ करने का एकमात्र अधिकार राष्ट्रपति के पास है.
नई दिल्ली। शौर्यपथ । भारत के नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को होना है। भारत सरकार ने उद्घाटन के अवसर पर होने वाली तैयारियां को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सभी प्रमुख लोगों को निमंत्रण भेजा जा चुका है। भारत के नए संसद भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा। एक और जहां भारत के नए संसद भवन का उद्घाटन हो रहा है किंतु वही इस उद्घाटन के पहले ही नया संसद भवन उद्घाटन विवाद में घिर गया है.
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों होने की बात कहकर एक राजनीतिक बहस छेड़ दी जिसके बाद सभी राजनीतिक दलों ने यह मांग शुरू कर दी कि लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन का उद्घाटन भारत के राष्ट्रपति के हाथों हो. वहीं सत्तापक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन की बात पर जोर देना शुरू कर दिया . इसी बीच खबर आ रही है कि भारत के लगभग 19 राष्ट्रीय दलों ने संयुक्त रूप से नए संसद भवन के उद्घाटन का बायकाट का एलान कर दिया है।
नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है. 19 राजनीतिक दलों ने कार्यक्रम का संयुक्त रूप से बहिष्कार कर दिया है. उन्होंने बिल्डिंग का उद्घाटन पीएम से करवाने पर बीजेपी को घेर लिया है. वह इसे राष्ट्रपति का अपमान बता रहे हैं. वहीं उन्होंने उद्घाटन की तारीख पर भी सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि इस दिन सावरकर की जयंती है.
शौर्यपथ समाचार |
थाना केरेगांव के अंतर्गत सियादेही केरेगांव जंगल में जुआ खेलने की मुखबिर सूचना पर सायबर प्रभारी एवं टीम थाना प्रभारी केरेगांव पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सूचना की तस्दीक के लिए रवाना हुए।
उक्त टीम के द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर सियादेही केरेगांव के जंगल में घेराबंदी करते हुए दबिश देकर 08 जुआरियों को रुपए पैसे के हार जीत की बाजी लगाकर जुआ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़कर उनके कब्जे तथा फड़ से *जप्त संपत्ति*-:
(1) नगदी 91520/- रुपये कुल
(2) 3 बंडल पत्ती ताश एवं
(3) 08 नग मोबाईल,
(4) 01 नग दरी
(5) 17 नग मोटरसाइकिल जुमला कीमती लगभग 836020/-रूपये का
बरामद किया गया।
मौके पर पकड़े गए आरोपियान धमतरी जिले के आसपास के निवासी हैं जिनके विरुद्ध थाना केरेगांव के अपराध क्र.22/23 धारा 3 (2)छ.ग.जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।
*पकड़े गए जुआरियों के नाम-:*
*01* अक्षय कोर्राम पिता देवनाथ कोर्राम उम्र 27 वर्ष सा.-शकरवारा थाना रूद्री,जिला धमतरी
*02*- रेनिश साहू,पिता परमानंद साहू,उम्र 22 वर्ष,सा.-दर्री थाना-अर्जुनी,जिला-धमतरी
*03*- लक्ष्मण सागरवंशी, पिता स्व. श्री तिहारूराम उम्र 40 वर्ष, हाउसिंग बोर्ड कालोनी चौक धमतरी
*04* संजु आहुजा पिता पिंजुमल आहुजा,उम्र 52 वर्ष सा. आमापारा धमतरी
*05*- घनश्याम संकलेचा पिता हेमचंद संकलेचा,उम्र 32 वर्ष सा.आमापारा धमतरी,
*06*-राजू ध्रुव पिता धरम सिंग ध्रुव, उम्र 32 वर्ष,सा.कुरुद जिला धमतरी
*07* विमल साहू पिता संतोष साहू उम्र 28 वर्ष सा.तेंदुकोन्हा,थाना-अर्जुनी जिला धमतरी,
*08*- नरेश कुमार साहू पिता शोभाराम साहू उम्र 43 वर्ष सा. लिमतरा, थाना-अर्जुनी,जिला धमतरी।
एवं कुछ आरोपी अपनी मोटरसाइकिल सायकल मौके पर छोड़ भाग गए जिनकी मोटर सायकल जप्त कर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।
संपूर्ण कार्यवाही में सायबर प्रभारी उप निरी.नरेश बंजारे,थाना प्रभारी केरेगांव उप निरी. संतोष साहू,
सायबर टीम से प्रआर. देवेंद्र राजपूत,आरक्षक कृष्णा पाटिल, आनंद कटकवार,युवराज ठाकुर,दीपक साहू,मुकेश मिश्रा,बीरेंद्र सोनकर एवं थाना केरेगांव से प्रआर. कांति साहू,आर.जीवन साहू
हीरु मंडावी का विशेष योगदान रहा।
राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में आयोजित हो रहा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह
रायपुर । शौर्यपथ । पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षांत समारोह का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में शुरू हो गया है । दीक्षांत समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल हरिचंदन एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल शामिल हुए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय राज्य का सबसे पुराना तथा सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। छह दशकों से विश्वविद्यालय ने गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं । शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।बस्तर, सरगुजा के वनांचलों में जहां जरूरी हुआ वहां महाविद्यालय खोले गए ।
मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता प्रो. वाई.एस. राजन का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि प्रॉफेसर राजन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) को अपने नवाचारों द्वारा नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया । हमारा सौभाग्य है कि भारतरत्न ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के निकटतम सहयोगी रह चुके प्रसिद्ध अन्तरिक्ष वैज्ञानिक पद्म श्री प्रो. राजन आज के दीक्षांत समारोह में हमारे बीच हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है, जिसके जरिये हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री सभा को संबोधित कर रहे हैं देखें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने क्या कहा...
रायपुर / शौर्यपथ / राज्य सरकार द्वारा रामायण मंडली प्रोत्साहन योजना के तहत संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत चयनित 4850 रामायण मानस मंडलियों को दो करोड़ 42 लाख 50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर विगत दो वर्षो से राज्य स्तरीय रामायण मंडली मानस गान प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। विजयी दल के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है। सरकार की इस पहल से हमारी प्राचीन संस्कृति को पुनः स्थापित करने में सफलता हासिल की है। रामायण मंडली के बीच मानस प्रतियोगिता में प्रदेश के रामायण मंडलियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में विजेता दल को राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला।
संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले के चयनित 243 मानस मंडलियो को 12 लाख 16 हजार रूपए, बलौदाबाजार-भाटापारा के 92 मानस मंडली, को 4 लाख 60 हजार रूपए, बेमेतरा के 185 मानस मंडली को 9 लाख 30 हजार रूपए, दुर्ग के 12 मानस मंडली को 10 लाख 60 हजार रूपए, रायपुर के 189 मानस मंडली को 9 लाख 50 हजार रूपए, सक्ति के 514 मानस मंडनी को 25 लाख 70 हजार रूपए, नारायणपुर के 31 मानस मंडली को 15 लाख 50 हजार रूपए, मुंगेली के 72 मानस मंडली को 3 लाख 60 हजार रूपए, मोहला-मानपुर-चौंकी के 59 मानस मंडली को 23 लाख 95 हजार रूपए, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 60 मानस मंडली को 30 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
इसी प्रकार महासमुन्द के 73 मानस मंडली को 3 लाख 65 हजार रूपए, कोरिया के 65 मानस मंडली को 3 लाख 25 हजार रूपए, कोरबा के 285 मानस मंडली को 14 लाख 25 हजार रूपए, बालोद के 113 मानस मंडली को 5 लाख 65 हजार रूपए, बलरामपुर के 54 मानस मंडली को 2 लाख 70 हजार रूपए, बस्तर के 9 मानस मंडली को 45 हजार रूपए, बिलासपुर के 225 मानस मंडली को 11 लाख 25 हजार रूपए, दंतेवाड़ा के 9 मानस मंडली को 45 हजार रूपए, धमतरी के 98 मानस मंडली को 4 लाख 90 हजार रूपए, कोंडागांव के 22 मानस मंडली को 1 लाख 10 हजार रूपए, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के मानस मंडली को 99 मानस मंडली को 4 लाख 95 हजार रूपए, कवर्धा के 54 मानस मंडली को 2 लाख 70 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।
इसके साथ ही कांकेर के 72 मानस मंडली को 3 लाख 60 हजार रूपए, जशपुर के 64 मानस मंडली को 3 लाख 20 हजार रूपएर, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही के 79 मानस मंडली को 3 लाख 95 हजार रूपए, सूरजपुर के 125 मानस मंडली को 6 लाख 25 हजार रूपए, सांरगढ़-बिलाईगढ़ के 122 मानस मंडली को 6 लाख 10 हजार रूपए, राजनांदगांव के 334 मानस मंडली को 1 लाख 67 हजार रूपए, रायगढ़ के 201 मानस मंडली को 1 लाख 5 हजार रूपए, सरगुजा के 98 मानस मंडली को 19 लाख 90 हजार रूपए, सुकमा के 1 मानस मंडली को 5 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा के 690 मानस मंडली को 34 लाख 50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है।
रायपुर / शौर्यपथ / स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ का भ्रमण किया। टीम ने वहां ट्रॉमा मैनेजमेंट कोर्स और लोक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों के साथ क्रोनिक डिसीज, संक्रमण तथा इम्युनोलॉजिकल समस्याओं के प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की। सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ आस्ट्रेलिया का पहला मेडिकल स्कूल है। अकादमिक प्रतिष्ठा से संबंधित क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग में यह संस्थान दुनिया में 19वें और ऑस्ट्रेलिया में दूसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूनिवर्सिटी में संचालित पब्लिक हेल्थ संस्थान का भी दौरा किया।
मधुमेह के विशेषज्ञों से रिसर्च एवं स्टडी पर हुई विशेष चर्चा
स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने प्रदेश में लगातार मधुमेह (डायबिटीज़) के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए इससे जुड़े तमाम पहलुओं पर प्रशिक्षण विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। उन्होंने इस पर रिसर्च एंड स्टडी पर विशेष रूप से चर्चा की। मधुमेह की देखभाल की बढ़ती आवश्यकता और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने के लिए सिडनी विश्वविद्यालय ने अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर मधुमेह प्रबंधन में नर्सिंग देखभाल का एक नवीन अभिनव मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल के माध्यम से डॉक्टरों के समय को कम कर नर्सों को मधुमेह मरीजों की देखभाल करने का अधिकार दिया गया है। सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ ने छत्तीसगढ़ के लिए भी इस तरह का मॉडल तैयार करने में गहरी रुचि दिखाई है जो मधुमेह देखभाल प्रबंधन में छत्तीसगढ़ के अनुकूल हो। सिडनी मेडिकल स्कूल के एंडोक्राइनोलॉजी की विभाग प्रमुख प्रो. स्टीफेन ट्वीगी और सहायक निदेशक प्रो. मार्गरेट मैकगिल ने इस पर प्रस्तुति दी और राज्य की टीम के साथ चर्चा की।
सिडनी विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम के डिजाइन में दिखाई रूचि
सिडनी विश्वविद्यालय स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर पीएचडी के साथ विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करता है। वहां स्लीप मेडिसिन, दर्द प्रबंधन, जिनोम अध्ययन आदि पाठ्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जा रहा है जिससे कम लगत में बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके। अधिकांश प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन व स्व-शिक्षण हैं। साथ ही पाठ्यक्रम में कुछ शारीरिक प्रशिक्षण का संयोजन भी किया गया है। प्रशिक्षण के माध्यम से वहां कार्यरत मानव संसाधनों का कौशल उन्नयन किया जाता है। सिडनी विश्वविद्यालय ने प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के कौशल उन्नयन की जरूरत की पहचान करने तथा स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी कर उपयुक्त पाठ्यक्रमों के डिजाइन में रूचि दिखाई है। सिडनी मेडिकल स्कूल में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कार्यक्रम के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सवलेशवारकर ने इस पर अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी।
ट्रॉमा मैनेजमेंट कोर्स और लोक स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी
ट्रॉमा केयर मैनेजमेंट पर प्रो. डॉ. क्रिस्टिन बोव्लेस के साथ चर्चा के दौरान प्रदेश में किस तरह ट्रॉमा केयर प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाए और ट्रॉमा केयर प्रबंधन के लिए मौजूदा मानव संसाधन का कौशल उन्नयन किया जाए, इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चर्चा की।
स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डीन प्रो. जेमी मिरांडा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए राज्य की टीम द्वारा किए जा रहे पहल की सराहना की। उन्होंने ग्राम पंचायतों के माध्यम से हेल्थ इंडिकेटर्स को प्राप्त करने में पंचायतों की भूमिका के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। उन्होंने भविष्य में इस विषय पर सहयोग की बात भी कही। सिडनी विश्वविद्यालय ने रायपुर में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है।
स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव तथा टीम के अन्य सदस्यों ने सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अस्पतालों के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, सिडनी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य सुविधाओं के सहायक निदेशक डेनियल सोमर्स और सिडनी मेडिकल स्कूल की सहायक निदेशक मार्गरेट मैकगिल भी मौजूद थीं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
