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राजनांदगॉव/शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदेश के कर्मचारियों अधिकारियों के लिये केन्द्र शासन के समान डी.ए. और सॉतवे वेतनमान अनुसार गृहभाड़ा भत्ते की मांग को लेकर पुन: आवाज बुलंद करते हुए चार चरण में आंदोलन करने का ऐलान किया है। फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, प्रांतीय सचिव एवं प्रभारी दुर्ग संभाग राजेश चटर्जी के नेतृत्व में राजनांदगॉव जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर, जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, ने संयुक्त बयान जारी कर अवगत कराया है कि जनवरी 2020 से अप्रेल 2022 की अवधि में राज्य शासन द्वारा मंहगाई भत्ता के किस्तों को देय तिथि से स्वीकृत नहीं करने की नीति के कारण प्रदेश के कर्मचारियों को हुये आर्थिक नुकसान पर विभिन्न संगठनों ने शासन के आदेश को कर्मचारियों के हितों के विपरीत बताया है। फेडरेशन ने बताया है कि शासन द्वारा 01 जुलाई 2019 से 5 प्रतिशत मंहगाई भत्ता किश्त को 01 जुलाई 2021 से प्रभावशील करने तथा 01 जुलाई 2019 से 30 जून 2021 तक कुल 02 वर्षो की अवधि का एरियर्स पर मौन रहने की नीति से कर्मचारी/अधिकारियों का जबरदस्त आर्थिक नुकसान हुआ है जो आज पर्यन्त लगातार हो रहा है। शासन के इस निर्णय से राज्य शासन की मंशा स्पष्ट है, जिससे प्रदेश के हम सभी शासकीय सेवकों के वेतन भुगतान में लगातार कटौती हो रही है, जो कि हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है।
अत: राज्य के शासकीय सेवकों को केन्द्र के समान देय तिथि अनुसार निर्धारित महॅगाई भत्ता स्वीकृति हेतु एवं केन्द्र के अनुरूप 34 प्रतिशत मंहगाई भत्ता देय तिथि से व सॉतवे वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृत करने की मांग को लेकर फेडरेशन चरणबद्ध हड़ताल के लिये संकल्पित है। फेेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सभी जिलो में चार चरण में हड़ताल किया जाना है, जिसकी रूपरेखा इस प्रकार है - प्रथम चरण में फेडरेशन द्वारा 30 मई 2022 को हड़ताल का नोटिस जिला, ब्लाक एवं तहसील स्तर पर शासन प्रशासन को सौंपा जायेगा। द्वितीय चरण 30 जून 2022 को अवकाश लेकर रायपुर में महारैली का आयोजन किया जायेगा। तृतीय चरण 25 से 29 जुलाई 2022 तक अवकाश लेकर कलम बंद-काम बंद हड़ताल का आयोजन किया जावेगा और चौथे चरण के रूप में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आयोजन तत्कालीन परिस्थितियों के दृष्टिगत किया जावेगा। छ.ग. कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राजनांदगॉव के जिला संरक्षक राजेश मालवे, जिला संरक्षक एस.के.ओझा, जिला संयोजक डॉ. के.एल.टाण्डेकर एवं जिला महासचिव सतीश ब्यौहरे, जिला सहसंयोजक रफीक खान, कोषाध्यक्ष बी.एस.मंडावी, जिला प्रवक्ता बृजभान सिन्हा, जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्षगण मुकुल साव, रामनारायण बघेल, भीषम ठाकुर, सी.एल.चन्द्रवंशी, पूरन लाल साहू, संतोष चौहान, डॉ. बी.पी चन्द्राकर, जिला महामंत्रीगण अरूण देवांगन, संजय तिवारी, पी.आर.झाड़े, विनोद मिश्रा, राज्य शेखर मेश्राम, अजीत दुबे, उत्तम फंदियाल, जिला संगठन सचिवगण हरीश भाटिया, महेश साहू, पी.एल.साहू, सुश्री गीता जुरेशिया, विनोद यादव, शिव देवांगन, जिला सहसचिवगण संजय सिंह, एन.एल.देवांगन, शैलेष श्रीवास्तव, उपेन्द्र रामटेके, सुदेश यादव, हरीशचंद यादव, एवं अन्य साथियों ने शासन प्रशासन से बकाया एरीयर्स एवं लंबित गृहभाड़ा के संबंध में शीघ्र निर्णय लेने हेतु मांग किया है अन्यथा फेडरेशन अपनी जायज लंबित मांगों को लेकर आंदोलन करने के लिये संकल्पित है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ /
गोड़वाना समाज अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ ब्लॉक मानपुर के द्वारा रविवार 22 मई को गोड़वाना भवन मानपुर में ब्लॉक स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में संसदीय सचिव एवं क्षेत्रीय विधायक इन्द्रशाह मंड़ावी सहित ब्लॉक अध्यक्ष श्री दिनेश उसेंडी, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के महासचिव श्री जागेश्वर मंड़ावी, अधिकारी-कर्मचारी के ब्लॉक अध्यक्ष श्री धनऊ राम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे। इस ब्लॉक स्तरीय बैठक में वरिष्ठ प्रभाग के अलावा अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ गोड़वाना समाज संभाग मोहला द्वारा संभागीय अध्यक्ष चन्द्रेश ठाकुर एवं संभागीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार निरंतर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। जिससे कि सर्कल से लेकर संभाग स्तर तक संगठन के विस्तार के अलावा समाज हित में रचनात्मक कार्यक्रमों अमलीजामा पहनाया जा सके।
संसदीय सचिव इन्द्रशाह मंड़ावी ने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ की बैठक शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सामाजिक संगठन में जुड़कर समाज के विकास में अपना बहुमुल्य योगदान देने की अपील की।
मंड़ावी ने कहा कि समाज के लोगों को जब भी उनकी आवश्यकता होगी वे हर समय उनके मदद एवं समाज सेवा के लिए उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम को अधिकारी-कर्मचारी के प्रकोष्ठ के संभागीय महासचिव श्री जागेश्वर मंड़ावी एवं ब्लॉक अध्यक्ष धनऊ राम नेताम, उपाध्यक्ष श्री आशा राम नुरेटी, पालसिंह मंड़ावी एवं अलका नरेटी सहित अन्य समाज प्रमुखों ने भी संबोधित करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को संगठन से जुड़कर समाज के सेवा में योगदान देने को कहा। बैठक में सर्वसम्मति से ग्राम, केन्द्र एवं ब्लॉक स्तर तक संगठन का विस्तार करने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर सभी अधिकारी-कर्मचारियों को संगठन में जोडऩे का निर्णय लिया गया। इसके अलावा समाज हित में सभी अधिकारी-कर्मचारियों से प्रतिमाह अंशदान लेकर कोष का भी निर्माण करने के अलावा समाज हित में निरंतर कार्य करने आदि अनेक निर्णय लिया गया।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कार्यरत सभी अधिकारी व कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के कारण योजना अंतर्गत संचालित कार्यों का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत परिवारों के वयस्क सदस्यों द्वारा रोजगार की मांग करने पर 15 दिवस के भीतर काम उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है। कार्य उपलब्ध न कराये जाने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। किसी भी पंजीकृत श्रमिक द्वारा काम मांगने की स्थिति में निर्धारित समय-सीमा में उन्हें काम उपलब्ध न कराया जाना अधिनियम का उल्लंघन है। इसके बावजूद भी शासकीय कर्तव्य की अवहेलना की जा रही है। अपने कर्तव्य पर उपस्थित न होना, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत लोकेश चंद्राकर ने समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत सभी रोजगार सहायकों को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने हेतु पत्र जारी करने कहा है। कर्तव्य पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में सेवा समाप्त करते हुए, ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने कहा गया है।
राजनांदगांव/शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ राज्य में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आते जा रहे हैं वैसे-वैसे सरकार कुंभकरण की नीद से जाग रहे हैं, जिस उम्मीद और सपने दिखाकर छत्तीसगढ़ के आम जनता को झूठी घोषणा पत्र के सहारे सत्ता में काबिज होने के बाद साढ़े 3 साल तक कांग्रेस गांव गरीब जनता को भूलकर अपने झोली भरने में मस्त थे, लेकिन अब कांग्रेस सरकार के साथ डोगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक भुनेश्वर बघेल भी अपने सरकार के निर्देश पर साढ़े 3 साल के कुंभकरण की नींद से जाग कर तुंहर विधायक-तुंहर द्वार जैसे कार्यक्रम आयोजित करना सिर्फ अब नौटंकी के सिवा और कुछ नहीं है।
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक-9 के जिला सदस्य व भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेश श्यामकर ने डोगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक भुनेश्वर बघेल सहित प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए बताया कि जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ राज्य का विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, वैसे-वैसे बिन पानी मछली जैसे तड़प रहे हैं, क्योंकि साढ़े 3 साल तक चुनाव जीतने के बाद गांव, गरीब और जनता की सुख-दुख उसने और परखने की आवश्यकता महसूस नहीं कि, लेकिन कुछ विशेष समय के बाद विधानसभा चुनाव होने के कारण पुन: विधायक और सत्ता में काबिज होने के लिए नौटंकी कार्यक्रम करके आम जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
श्यामकर ने आगे बताया कि क्षेत्रीय विधायक बघेल से पूछना चाहते हैं साढ़े 3 साल में कितना करोड़ रुपए का विकास अपने विधानसभा क्षेत्र में किए हैं जरा यह भी अपने नौटंकी कार्यक्रम में आम जनता को बताएं डोगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में जितना भी विकास कार्य आज तक हुआ है, वहां पूर्व भाजपा सरकार एवं डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री के कार्यकाल के साथ केंद्र सरकार की अहम महत्वकांक्षी योजना के तहत विकास कार्य होना बताया जो अपने आप में एक आम जनता के सामने दिख भी रहा है। भुनेश्वर बघेल सिर्फ विधायक बनने के बाद आज तक पूर्व सरकार की योजनाओं व निर्माण कार्य भूमिपूजन और उद्घाटन के सिवाय कुछ नहीं किया है विधायक बघेल के कार्यक्रम तुंहर विधायक-तुंहर द्वार कार्यक्रम को प्रश्न उठाते हुए यहां बताया साढ़े 3 साल तक तुंहर विधायक-तुंहर द्वार कार्यक्रम क्यों नहीं हुआ आज विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही और अपनी कमजोरी को समझते घर द्वार पर विधायक कार्यक्रम चलाने का एक नौटंकी करते हुए क्षेत्र के आम जनता को गुमराह करने का प्रयास किए जा रहे हैं, अगर बघेल वास्तव में विधायक बनने के बाद आम जनता की पीड़ा और विकास के लिए विधायक बने होते तो अपने विधानसभा क्षेत्र में निवास करते शहर भिलाई पर नहीं क्षेत्र के आम जनता विधायक के पास किसी काम के लिए ढूंढना पड़ता है,
क्या डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विधायक से अपनी पीड़ा बतलाने के लिए भिलाई शहर में जाना उचित है क्या श्री बघेल ग्राम पंचायतों में अभी तक अपने निधि व सरकार की कितने फंड से विकास कार्य हुआ है, यहां भी अपने तुंहर विधायक-तुंहर द्वार कार्यक्रम में बतलाए विधायक बनने के बाद अपने साढ़े 3 साल के कार्यकाल सिर्फ अपने प्रतिनिधि के भरोसे से समय गुजार चुके हैं।
अवशेष समय के लिए आम जनता के सामने अपने आप को आम जनता के बीच हमदर्दी जताने के लिए आम जनता के बीच में एक बेहतर अच्छा विधायक साबित होने के लिए पुन: विधायक बनने का सपना देख रहे हैं, लेकिन क्षेत्र के आम जनता भी ऐसे विधायक को भूल कर भी अपने द्वार पर आने नहीं देने का संकल्प लिए है। श्री बघेल ने विधायक रहते अगर कांग्रेस सरकार में विकास हो रहे हैं, तो डोगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विकास शुन्य क्यों है और आगामी चुनाव की तैयारी के लिए अभी से झूठी घोषणा और नौटंकी कार्यक्रम दिखाने की क्या जरूरत है। नौटंकी कार्यक्रम में झूठे घोषणा और भूमिपूजन के कार्यक्रम भी गांव-गांव में रख सकते हैं, इसके बाद भी आम जनता इतनी समझ चुके हैं दोबारा अपने द्वार पर आने नहीं देंगे। डोंगरगढ़ में विधानसभा क्षेत्र के किसानों की पीड़ा को समझते हुए क्षेत्रीय विधायक पर निष्क्रिय विधायक होना बताया क्षेत्र के किसान, मजदूर, नौजवान अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
किसानों को समय पर खाद बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, इसके बाद भी राज्य सरकार गोधन न्याय योजना को फाइल में सफल बनाने के लिए नौटंकी कर रहे हैं और महज मिट्टी मिक्स गोबर कंडा को पीसकर जैविक खाद किसानों को जबरन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। राज्य सरकार नरवा-घुरवा-बाड़ी योजना फाइलों में ही सफल होना बताया, अगर वास्तव में सरकार की किसी भी योजना सफल होते तो आज डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिलते हर ग्राम पंचायत में गोधन न्याय योजना जैविक खाद गौठान बनाने के लिए सिर्फ नौटंकी करते हुए महज पैसा खर्च किए हैं, लेकिन उसका रिजल्ट क्षेत्र में जीरो होना बताया है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मरकाकसा के आश्रित ग्राम कटेंगाटोला ग्रामवासियों को पिछले कई वर्षों की समस्या से अब मुक्ति मिल गई । गौरतलब है कि ग्राम कटेंगाटोला के ग्रामवासी अपनी जरुरत के लिए राशन लेने दस किलोमीटर का सफर कर उचित मूल्य की दुकान मरकाकसा जाने को मजबूर थे। पिछले कुछ दिनों से ग्रामीणों ने अपनी समस्याओ को खुज्जी विधायक छन्नी चंदू साहू को बताया,जिसके बाद तत्काल प्रभाव से मामले को संज्ञान में लेते हुए विधायक छन्नी चंदू साहू के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा तत्काल आदेश जारी अब कटेंगाटोला में शासकीय ऊचित मूल्य की दुकान खोलने का निर्णय लिया गया है।
इस बड़ी समस्या से मुक्त होने के पश्चात कटेंगाटोला के ग्रामवासियों ने विधायक छन्नी चंदू साहू के निज निवास पैरिटोला जा कर उनका आभार व्यक्त किया व् धन्यवाद ज्ञापित किया । इस दौरान प्रमुख रूप से ग्राम पटेल रामसुख, बिसनाथ, संतोष, रामफल ,हरसिंह, उदय कुमार, कलेश कुमार ,नरेश कुमार जयपाल, शिवकुमार, बली ,बलेसर ,गुड्डू ,राजू ,मोहित डेरहाराम, बसंत,शिसुपाल सलामे सहित अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे ।
राजनांदगांव/शौर्यपथ/
पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, ओएसडी पुलिस मोहला-मानपुर-चौकी अक्षय कुमार, अति. पुलिस अधीक्षक मानपुर पुपलेश कुमार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अंबागढ चौकी अर्जुन कुर्रे के दिशा-निर्देशन में चलाए जा रहे अवैध शराब की धर-पकड़ विशेष अभियान के तारतम्य में 21 मई 2022 को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अर्जुन कुर्रे के नेतृत्व में थाना प्रभारी थाना अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े एवं थाना स्टाफ द्वारा विशेष मुहिम चलाकर आरोपी के किराना दुकान तथा निवास पर छापा मारकर भारी मात्रा में शराब जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही कर जेल भेजा गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 21 मई 2022 को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री कुर्रे को मुखबीर सूचना प्राप्त हुआ था कि ग्राम बांधाबाजार में क्रमश: आरोपी हरिश शर्मा पिता स्व. अश्वनी शर्मा, प्रमोद जैन पिता स्व. रमेश जैन, दीपक जैन पिता स्व. रमेश जैन अपने किराना दुकान और मकान में काफी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर बिक्री करने रखे हैं। सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री कुर्रे के नेतृत्व थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े एवं स्टाफ रेड कार्यवाही हेतु ग्राम बांधाबाजार पहुंचा, रेड कार्यवाही पूर्व समस्त स्टाफगणों को एसडीओपी श्री कुर्रे द्वारा ब्रीफ कर तीन टीमों में बांटकर अलग-अलग दिशाओं में रेड कार्यवाही हेतु रवाना किया। रेड कार्यवाही दौरान आरोपी हरीश शर्मा पिता स्वर्गीय अश्वनी शर्मा उम्र 40 साल निवासी बांधा बाजार के कब्जे से 101 पौवा देसी प्लेन मदिरा, 35 पौवा गोवा स्पेशल व्हिस्की अंग्रेजी शराब जुमला मात्रा 24.480 बल्क लीटर कीमती 12,280 रूपये का जप्त किया गया।
इसी प्रकार आरोपी दीपक जैन पिता स्वर्गीय रमेश जैन उम्र 43 साल निवासी बांधा बाजार के मकान से 97 पौवा देसी प्लेन शराब, 18 पौवा गोवा स्पेशल व्हिस्की अंग्रेजी शराब मात्रा 20.700 बल्क लीटर कीमती 9920 रूपये जप्त किया गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर माननीय न्यायालय पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
इसी प्रकार आरोपी प्रमोद जैन पिता स्व. रमेश जैन उम्र 48 साल निवासी बांधा बाजार के कब्जे से 16 पव्वा देशी प्लेन शराब मात्रा 2.880 बल्क लीटर तथा शराब बिक्री के नगदी 850 रूपये जुमला 2130 रूपये जप्त किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुर्रे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अंबागढ़ चौकी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सहायक उपनिरीक्षक गणेश चौहान, हेमंत बोरकर, जीएस किरंगे, मोहम्मद नबी, आरक्षक रविकांत कलामे, विवेक सिंह राजपूत, अर्जुन वर्मा, विजय कुर्रे, सहायक आरक्षक ओम प्रकाश ताम्रकार एवं महिला सहायक आरक्षक अंजू शांडिल्य की सराहनीय योगदान रहा।
राजनांदगांव/शौर्यपथ /
सिनेमा लाइन अब अणुव्रत मार्ग के नाम से जाना जाएगा। महापौर हेमा देशमुख के मुख्य आतिथ्य में एवं सकल जैन संघ के अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर नरेश डाकलिया की अध्यक्षता में और पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, निगम के नेता प्रतिपक्ष किशन यदु, पार्षद मणि भास्कर गुप्ता, पार्षद मधु बैद, पार्षद शरद सिन्हा, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना तथा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पदम कोठारी के विशेष आतिथ्य में मानव मंदिर चौक में अणुव्रत मार्ग की पट्टिका का अनावरण हुआ। इस दौरान एक संक्षिप्त समारोह का आयोजन भी किया गया।
संक्षिप्त समारोह को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि वह बिलासपुर एक कार्यक्रम में गई थी, जहां उन्हें न्यायाधीश गौतम चौरडिया ने अणुव्रत की एक पुस्तिका दी थी, जिसे उन्होंने पढ़ा और उनके मन में आया कि यह बहुत अच्छे विचार हैं। इस पुस्तक में एक अणु विभा का भी उल्लेख है और वे चाहती हैं कि यह कार्यक्रम जैन समाज द्वारा किया जाए। अणुव्रत किसी एक जातीय सांप्रदायिक शेष के लिए नहीं, बल्कि सभी समाज के लिए है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री महाश्रमण का राजनांदगांव आगमन हुआ था, उस दौरान जैन समाज के लोग उनसे मिले और शहर के किसी एक मार्ग का नाम अणुव्रत मार्ग रखने का अनुरोध किया, ताकि यह याद चिरस्थाई रह सके। उन्होंने बताया कि सामान्य सभा में यह विचार रखा गया और सबने मिलकर इसकी सहमति दी। वे जैन समाज के लोगों का आभार मानती हैं कि इस दिन सुबह से लेकर शाम तक रहे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का संचालन करते हुए इंदरचंद कोठारी ने कहा कि अणुव्रत आचार्य श्री तुलसी के सभी समाज के लिए विचार थे और इस बारे में समाज के सभी लोगों को जानना चाहिए। उन्होंने तेरापंथ सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सुराणा को इस संबंध में अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया। श्री सुराणा ने कहा कि चार मार्च 2021 को तेरापंथ धर्म संघ के 11वें आचार्य श्री महाश्रमण जी राजनांदगांव पधारे थे। उनके आगमन की याद को चिरस्थाई बनाए रखने के लिए महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने सिनेमा लाइन को अणुव्रत मार्ग नामकरण करने की घोषणा की थी। इस मार्ग के नामकरण के लिए पूर्व महापौर सुदेश देशमुख, सकल जैन श्री संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर नरेश डाकलिया तथा नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, सहित पार्षदों का सहयोग मिला और मानव मंदिर चौक से लेकर आजाद चौक तक की सड़क का नाम अणुव्रत मार्ग रखा गया जिसकी पट्टिका का आज अनावरण होने जा रहा है।
पूर्व महापौर एवं सकल जैन संघ के अध्यक्ष नरेश डाकलिया ने कहा कि अणुव्रत मार्ग का नाम केवल कागजों तक ही सीमित ना रह जाए, बल्कि यह व्यवहार में भी आए और यहां के व्यापारी अपने पत्र व्यवहार में अणुव्रत मार्ग का उल्लेख करें। उन्होंने सुझाव दिया कि कार्यक्रम के बाद उपस्थितजन मानव मंदिर से लेकर आजाद चौक तक पदयात्रा करें और यहां के व्यापारियों से अनुरोध करें कि वे अपने पत्र व्यवहार में तथा बोर्ड में अणुव्रत मार्ग का उल्लेख करें। पद्मश्री पुखराज बाफना ने कहा कि अणुव्रत मार्ग एक सराहनीय पहल है और यह सभी समाज के लोगों के लिए है। उन्होंने आचार्य तुलसी की बातों को याद करते हुए कहा कि आचार्य तुलसी ने कहा था कि वे संप्रदाय से हैं किंतु वे संप्रदाय में नहीं हूं। अणुव्रत की भावना व्यापक है। इसके अनुसार किसी छोटे से छोटे प्राणी से भी अनावश्यक हिंसा न की जाए और जियो और जीने दो के सिद्धांत पर चला जाए। अणुव्रत का पालन सभी धर्म एवं समाज के लोगों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबेरा संकेत के संपादक सुशील कोठारी जी भी यहां बैठे हुए हैं और उनकी इच्छा है कि वे अपने समाचार पत्र में अणुव्रत के संबंध में एक लेख छापे, ताकि लोग इसके संबंध में जाने और आचरण करें। संबोधन से पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ।
पट्टिका अनावरण के पश्चात उपस्थित जैन समाज के लोग मानव मंदिर से लेकर आजाद चोक तक पदयात्रा कर दुकानदारों से अपने पत्र व्यवहार में तथा अपनी दुकान की बोर्ड में अणुव्रत मार्ग करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम के दौरान सुशील कोठारी, तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष शैलेंद्र कोठारी, सचिव विनय डड्ढा, भवन प्रभारी दीपक कोठारी, पार्षद अमीन हुड्डा, मधुकर बंजारी, मूर्तिपूजक संघ के ट्रस्टीराजेंद्र कोटडिया (गोमा), पंकज बांधव, सूर्यकांत जैन, शंकर कोठारी, ज्ञानचंद बाफना, उत्तम बाफना, बालचंद पारख, ओम कांकरिया, संजय छाजेड़, संजय गोलछा, अशोक मोदी, प्रकाश श्रीमाल, संजय श्रीमाल, तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष प्रभा जैन एवं महिला मंडल की सदस्याएं, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष सौरभ सुराणा, विजय कांकरिया, संतोष कोठारी, संतोष कांकरिया, शांतिलाल सुराणा, महेंद्र सुराणा सहित बड़ी संख्या में तेरापंथ समाज एवं सकल जैन संघ के लोग एवं आमजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्चुअल माध्यम से बटन दबाकर राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राजनांदगांव जिले के 2 लाख 11 हजार 153 किसानों के खाते में पहली किश्त 156 करोड़ 33 लाख 38 हजार रूपए की राशि अंतरित की। पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के 19 हजार 786 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख 72 हजार रूपए की राशि तथा गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 लाख 71 हजार 254 रूपए की राशि उनके खातों में अंतरित की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से किसानों, भूमिहीन कृषि मजदूरों, पशुपालकों एवं महिला समूह को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां न्याय योजना के माध्यम से लोगों के सामाजिक और आर्थिक अधिकार को सुनिश्चित किए जा रहे हंै। मुख्य अतिथि के रूप में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखा था। वह साकार हो रहा है। उनकी बनाई राह हमेशा याद रहेगी। छत्तीसगढ़ की पहचान धान के कटोरे के रूप में है। किसान हितैषी सरकार के योजनाओं के माध्यम से अन्नदाताओं के चेहरों पर खुशी झलक रही है। 10 हजार किसानों की कर्ज माफी की गई। वहीं 2500 रूपए समर्थन मूल्य में धान की खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसानों को मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर हमें गर्व है। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं। कोविड संक्रमण के दौरान शासन द्वारा जनसामान्य को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ ही उपचार का कार्य प्रतिबद्धतापूर्वक किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दलेश्वर साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में अब संस्कृति से जुड़ाव महसूस होता है। राम वन गमन पथ, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए। किसानों के हित में बहुत सी योजनाएं प्रारंभ की गई है। शासन की सुराजी गांव योजना गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश्वर बघेल ने कहा कि शासन ने छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी नरवा, घुरवा, गरवा और बाड़ी को बढ़ाने का कार्य किया है। गौठान रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित हो रहे हैं। किसानों के हित में लगातार कार्य किए गए हैं वहीं महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं। विधायक खुज्जी श्रीमती छन्नी साहू ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना से जमीनी स्तर पर किसानों को मजबूती मिली है। योजना से किसानों की आमदनी बढ़ी है । योजना से किसानों की दशा और दिशा सुधरी है। खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना गोधन योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों का मान बढ़ाया है। किसानों की उपज का सही दाम मिल रहा है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।
अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नवाज खान ने कहा कि राजनांदगांव जिले में प्रदेश में सर्वाधिक धान खरीदी की गई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आए हैं। मुख्यमंत्री ने ठेठरी, खुरमी, चिला, फरा और बासी को ब्रांड देने का कार्य किया है। महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने कहा कि स्वर्गीय श्री राजीव गांधी ने डिजिटल क्रांति और पंचायती राज के क्रियान्वयन का सपना देखा था। उनकी सोच को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण कर आज समूह की महिलाएं सशक्त बन रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर समाज सेवी पदम कोठारी एवं प्रगतिशील किसान एनेश्वर वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सभी ने आतंकवादी विरोधी दिवस की शपथ ली।
कार्यक्रम में किसानों तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों को चेक का वितरण किया गया। छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला, युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, राजगामी संपदा न्याय के अध्यक्ष विवेक वासनिक, पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, कुलबीर छाबड़ा एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम अरूण वर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ /
स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सोमवार को शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले इस विशेष स्वास्थ्य शिविर के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैंए जिसके अनुरूप शिविर लगाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ ही स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार सेवा भी प्रदान की जाएगी।
शिविर में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के कान-नाक-गला, हृदय, मस्तिष्क, हड्डी व नेत्र रोग से संबंधित जांच की जाएगी। शिविर में फिजियोथेरेपी के साथ ही दवा वितरण भी किया जाएगा। शिविर हेतु आवश्यक तैयारियों के व्यवस्थापन की कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत सभी चिरायु दलों को निर्देशित किया गया है कि उनके द्वारा चिन्हांकित सभी बच्चों को 23 मई को आयोजित होने वाले कैंप में अनिवार्य रूप से लाया जाए तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही आवश्यक जांच व उपचार उपलब्ध कराया जाए।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया: बदलते मौसम में स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी होना आम बात है। इसलिए मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए समस्या आने से पहले ही सावधानी के साथ सतर्कता बरतने से स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियों पर सहजता से नियंत्रण किया जा सकता है। विशेषकर गर्मी के मौसम में बच्चों व किशोर-किशोरियों को भी कई तरह की स्वास्थ्यगत परेशानियां होने लगती हैं तथा इससे बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। जिले में विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन में 23 मई को जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत चिन्हांकित बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक, आयुष्मान भारत अंतर्गत अनुबंधित निजी चिकित्सालय पल्स हॉस्पिटल दुर्ग के हृदय रोग विशेषज्ञ एवं न्यूरोलॉजिस्ट सेवाएं देंगे। शिविर में शून्य से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोर-किशोरियों के साथ ही शिशु रोग संबंधी समस्या होने पर भी परिजन शिविर में उपस्थित होकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एवं उपचार सेवा ले सकते हैं।
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दुर्ग नेशनल हाईवे में स्थित एक ढाबा में रविवार सुबह मुस्लिम युवकों की चाय की कीमत को लेकर उठा विवाद उस वक्त हिंसक रूप ले लिया, जब इस भीड़ ने ढाबा में जमकर तोडफ़ोउ़ करते उत्पात मचाया। दरअसल पूरा मामला चाय पीने के बाद ढाबा मालिक के द्वारा मांगे गए पैसे को लेकर शुरू हुआ था। आज सुबह लगभग 5.30 बजे कुछ युवक चाय पीने के लिए ढाबा में रूके। चाय पीने के बाद जब बिल की रकम युवकों ने देखी तो उन्होंने महंगी चाय बेचने के नाम पर ढाबा संचालक के साथ विवाद शुरू कर दिया, उस दौरान तकरीबन 15.20 से युवकों की ढाबा मालिक के साथ बहस हुई। ढाबा मालिक के चाय के दाम पर अडऩे से मामला कुछ देर के लिए शांत हुआ।
तकरीबन डेढ़ से दो घंटे बाद एकाएक भीड़ के शक्ल में मुस्लिम युवकों ने ढाबा में धावा बोल दिया। भीड़ देखकर ढाबा मालिक दीपक बिहारी और उसके भाई के होश उड़ गए। इससे पहले बातचीत हो पाती, भीड़ ने ढाबा के कुर्सी और अन्य सामानों को तहस-नहस करना शुरू कर दिया। ढाबा के बाहर रखे प्लास्टिक के कुर्सियों को पूरी तरह से तोड़ दिया। भीड़ के हिंसक रूख को देखते हुए ढाबा में काम कर रहे छोटे बड़े कर्मचारी जान बचाकर भागे, लेकिन ढाबा मालिक दीपक और उसके भाई को मुस्लिम युवकों ने पकड़ लिया और उनकी बेतहाशा पिटाई की। इस दौरान भीड़ में से किसी एक युवक ने ढाबा मालिक पर धारदार हथियार से हमला भी कर दिया, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि शहर के नजदीक एक धार्मिक स्थल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुस्लिम युवक पहुंचे थे। सुबह वापसी के दौरान इन्हीं युवकों का ढाबा में विवाद हुआ और घटना ने हिंसक रूख अख्तियार कर लिया।
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जन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता में रखकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए जिला अस्पताल में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा उनको आवश्यक परामर्श दिया गया। इसी तरह जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्तर पर रंगोली, चित्रकला व पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता के माध्यम से जन-जागरुकता का प्रयास करते हुए उच्च रक्तचाप के कारण, लक्षण तथा इससे बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार किया गया।
प्रत्येक वर्ष 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिवस मेजर योर ब्लड प्रेशर एक्यूरेटली, कंट्रोल इट, लाइव लांगर यानि अपने रक्तचाप को सही तरीके से मापें इसे नियंत्रित करें, अधिक समय तक जीवित रहे, की थीम पर मनाया गया। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा व जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर ने कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंचकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी की मौजूदगी में बीपी व शुगर की जांच कराई। वहीं जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकासखंड स्तर पर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में जन-जागरुकता के लिए रंगोली, चित्रकला व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में भी विशेष रूप से ओपीडी में आने वाले 30 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों के ब्लड प्रेशर व शुगर लेबल की जांच की गई।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया: अनियमित दिनचर्या और अनुचित खान-पान की वजह से स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता है। अनुचित खान-पान व भाग-दौड़ भरी दिनचर्या की वजह से रक्तचाप पर भी इसका असर पड़ता है और तभी व्यक्ति उच्च रक्तचाप या फिर निम्न रक्त चाप का मरीज बन जाता है। इसीलिए विशेषकर 30 वर्ष की आयु के बाद स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ ही ब्लड प्रेशर व मधुमेह की जांच भी सभी को कराना ही चाहिए, ताकि इससे संबंधित बीमारियों को शुरुआत में ही नियंत्रित किया जा सके। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर भी जिले में लोगों को उच्च रक्तचाप से उत्पन्न होने वाली समस्याएं, कारण, लक्षण तथा इससे बचाव संबंधी जानकारी देते हुए इस दिशा में जागरुक करने का प्रयास किया गया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर लगाकर रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग की गई तथा आवश्यक परामर्श दिया गया।
रक्तचाप या उच्च रक्तचाप के प्रमुख कारण व लक्षण
रक्तचाप या उच्च रक्तचाप कई कारणों से होता है जिनमें से कुछ कारण शारीरिक और कुछ मानसिक होते हैं। रक्तचाप से तेज सिरदर्द, थकान, भ्रम, देखने में समस्या, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अनियमित रूप से बढऩे वाली दिल की धड़कन, यूरिन में ब्लड आना ऐसे लक्षण हो सकते हैं। इससे बचने के लिए जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए तथा अनियमित जीवन शैली में सुधार लाना चाहिए। जीवन में मानसिक तनाव को कम करने व शरीर को सक्रिय बनाए रखने के लिए डॉक्टर की सलाह से व्यायाम को नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए ताकि स्वस्थ व निरोग रहें।
रोकथाम व उपचार
हरी साग-सब्जियों का सेवन ज्यादा करना, नमक का कम उपयोग करना, नशीली और धूम्रपान जैसी चीजों का सेवन ना करना, समय पर डॉक्टर से जांच कराकर और परामर्श लेना, डॉक्टर की सलाह से नियमित रूप से व्यायाम कारगर है।
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कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के साथ साथ लंबित पत्रों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में खाद बीज का पर्याप्त भंडारण है। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 2 हजार मीट्रिक टन अधिक खाद का भंडारण जिले को मिला है। आज की स्थिति में जिले में पूर्व वर्ष की तुलना में 2000 मीट्रिक टन अधिक खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अभी भी वर्तमान में सभी सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद बीज का भंडारण है। कलेक्टर ने जिले के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि किसान अपनी आवश्यकता और मांग के अनुसार खाद बीज का अग्रिम उठाव कर भीड़ से होने वाली असुविधा से बचें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि कहीं भी खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा है कि खाद-बीज की कमी को लेकर फैलाई जा रही है अफवाह से बचें। किसान भ्रामक अफवाह में न आये। कलेक्टर ने सभी नगरीय निकाय के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी निकाय क्षेत्रों में शासन की मंशा अनुसार 1 एकड़ की भूमि में कृष्ण वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं नगरीय निकाय के अधिकारियों को भूमि का चीन्हाकन करने कहा है। भूमि चिन्हित हो जाने पर यहा पौध रोपण किया जाएगा। शासन की मंशा अनुसार नगरीय निकाय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा का संकल्प लेते हुए नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण को शुद्ध बनाने के लिए नगरीय निकाय क्षेत्रों में 1 एकड़ भूमि पर कृष्णा वाटिका बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि नियमित रूप से राजस्व प्रकरणों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका के लंबित प्रकरणों का निराकरण अविलंब करें। इसके लिए उन्होंने राजस्व अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर नागरिकों को राजस्व के लंबित प्रकरणों का निराकरण कर उन्हें लाभान्वित करने कहा है। उन्होंने कहा के आमजन सबसे अधिक राजस्व के मामले को लेकर परेशान होते हैं। समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण होने से आम जनता को काफी राहत मिलती है। इसके लिए उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित राजस्व अमला को संवेदनशीलता के साथ राजस्व के मामलों का निराकरण करने कहा है। कलेक्टर ने सी-मार्ट में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं और स्वसहायता समूह की महिलाएं अपनी अथक मेहनत और परिश्रम से गुणवत्तापूर्ण सामग्रियों का निर्माण किया है। स्वसहायता समूह और ग्रामीण महिलाओं के परिश्रम का सम्मान हम सब को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी सी-मार्ट जाकर अपनी आवश्यकतानुसार सामग्रियों का क्रय कर उनके मेहनत और हुनर का सम्मान करें। कलेक्टर श्री सिन्हा ने कुपोषण पर गंभीर चिंतन करते हुए कहा कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पूर्व जिले को पूर्ण रूप से कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए सतत प्रयास की आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने हर सप्ताह कुपोषित बच्चों और एनीमिक महिला के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से कराने कहा है। उन्होंने सुपोषण अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करते हुए अभियान को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं की सार्थक भूमिका और सहयोग अपेक्षित हैं। कलेक्टर ने राजीव मितान क्लब संचालन और गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ आवश्यक गतिविधियों का आयोजन करें। उन्होंने सभी मिनी स्टेडियम में राजीव युवा मितान क्लब का कार्यालय प्रारंभ करने कार्यालय की रंग रोगन करने कहा है।
कलेक्टर श्री सिन्हा ने बताया कि जिले में चिटफंड के विरूद्ध विशेष अभियान चलाया जा कर हितग्राहियों को उनके द्वारा निवेश की गई राशि वापस की जा रही है। इसके लिए उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राशि वापस करने के दौरान आवश्यक सतर्कता और सावधानी बरतें। जिससे वास्तविक पात्र व्यक्ति को उनके हक की राशि मिल सके। इसके लिए जरूरी सत्यापन करने कहा है। साथ ही हितग्राही द्वारा रकम वापसी के जमा किये गए आवेदन उनके द्वारा की गयी निवेश राशि की रसीद आदि की जांच के उपरांत वास्तविक पात्र व्यक्ति की पुष्टि होने पर ही उनके खाते में राशि जमा करने कहा है। बैठक में कलेक्टर ने अभियान चलाकर स्कूली छात्र-छात्राओं का जाति प्रमाण पत्र बनाने कहा है। जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए शाला प्रबंधक समिति और शाला के प्राचार्य आवश्यक समन्वय स्थापित करें। कलेक्टर ने जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि कोई भी स्वीकृत कार्य अविलंब ना रोका जाए। इसके लिए निर्माण एजेंसियों को रूचि लेकर कार्य को सफलतापूर्व कार्य करने कहा है। कलेक्टर ने शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी की समीक्षा करते हुए कहा कि गौठनों में सभी आवश्यक गतिविधियों का संचालन सुचारू रूप से जारी रखें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। कलेक्टर ने नए जिले के शुभारंभ और प्रक्रिया के संबंध में कहा कि नए जिले की सौगात यहां के नागरिकों को मिली है। जिला प्रारंभ होने और सुचारू रूप से संचालन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना के साथ ही उनकी महती भूमिका सार्थक साबित होगी। नया जिला प्रारंभ करने के लिए आने वाली संभावित कठिनाइयों को दूर करने के आपसी समन्वय से कार्य करने कहा है। उन्होंने एक बार फिर नये जिले में जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से 30 मई तक सूची उपलब्ध कराने कहा है। कलेक्टर ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत छूटे हुए सभी पात्र परिवार के सदस्यों का कार्ड अविलंब बनाया जाए। जिससे हितग्राही को समय पर स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेने में मदद मिल सके। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर श्री इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर श्री निष्ठा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव श्री अरूण वर्मा उपस्थित थे।
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मुख्य अतिथि महापौर हेमा देशमुख ने आज प्रेस क्लब में किचन कक्ष एवं अन्य निर्माण कार्य के लिए भूमि पूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर उपस्थित थे। महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किचन एवं अन्य निर्माण के लिए प्रेस क्लब को 20 लाख रूपए की राशि प्रदान की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। राजनांदगांव जिले की खुबसूरती यहां की लेखनी से है। प्रेस के सहयोग से जिले की बहुत सी अच्छी बातें निकलकर सामने आती है। यहां का प्रेस क्लब बहुत अच्छा बना है। उन्होंने कहा कि यहां के पत्रकार लेखन में ही नहीं सेवा में भी आगे हंै। कोरोना काल में मरीजों को खाना पहुंचाने से लेकर रात भर जागकर सेवा करने में भी प्रेस क्लब के सदस्य जुटे रहे और अपनी सेवा भावना का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि सभी को साथ मिलकर शहर को विकास की ओर ले जाना है।
कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि सकारात्मक आलोचना प्रजातंत्र का आधार है और कमियों को दिखाने का आईना है। यह आवश्यक है कि सभी पक्षों की बात सामने रखी जाए। समाज के विकास में सभी का सहयोग अपेक्षित होता है और उसी के अनुसार विकास की कल्पनाएं साकार होती हैं। निश्चित ही इसका निर्वहन राजनांदगांव जिले के पत्रकार अपनी लेखनी से कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि यहां का प्रेस हमेशा से सहयोगी रहा है और दिल से सभी का सकारात्मक सहयोग मिला है। समाज के विकास के लिए राजनीतिक, प्रशासनिक सभी का पारदर्शी और ईमानदार होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा कहीं प्रेस क्लब भवन नहीं है। यहां का प्रेस क्लब व्यवस्थित है। पत्रकार साथियों की मजबूती और उनकी भागीदारी इससे प्रदर्शित होती है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब विकास के नए आयाम प्राप्त करेगा। जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि शीघ्र ही प्रेस क्लब के सदस्यों को आवासीय कालोनी के लिए जमीन भी मिल जाये।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह ने कहा कि राजनांदगांव का प्रेस क्लब शानदार है और शहर के धरोहर के रूप इसकी में पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है। यह जरूरी है कि इसे मजबूती दी जाए। सर्व सुविधायुक्त प्रेस क्लब यहां है, यह बहुत अच्छी बात है। जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर ने कहा कि आज सभी का बहुप्रतीक्षित सपना पूरा होने जा रहा है। सब ने मिलकर इस दिशा में पहला कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब की ऐसी अधोसंरचना कभी नहीं देखी। इसमें आप सभी की मेहनत लगी है।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री सचिन अग्रहरि ने कहा कि 20 लाख रूपए की लागत से किचन एवं अन्य निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब की आवासीय कालोनी के लिए 10 एकड़ जमीन की तत्काल स्वीकृति दी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आवासीय कालोनी में गार्डन के लिए महापौर की ओर से 20 लाख रूपए प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेस प्रतिनिधियों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत जनसंपर्क विभाग द्वारा सहयोग हमेशा मिलता रहा है। इस अवसर पर नगर निगम एमआईसी के सदस्य श्री संतोष पिल्ले, नेता प्रतिपक्ष श्री किशुन यदु, पार्षद श्रीमती दुलारी बाई, श्री सतीश मसीह, प्रेस क्लब के संरक्षक श्री सीएल जैन सोना, प्रेस क्लब के सचिव श्री अनिल त्रिपाठी, प्रेस क्लब हाऊसिंग सोसायटी के उपाध्यक्ष श्री मिथिलेश देवांगन, श्री संदीप साहू, श्री वीरेंद्र बहादुर सिंह, डॉ. एसके मिश्रा, श्री दीपांकर खोबरागढ़े, श्री आलोक शर्मा, श्री बसंत शर्मा, श्री जयदीप शर्मा, श्री कमलेश सिमनकर, श्री अशोक श्रीवास्तव, श्री संजय सिंह, श्री अकांलू साहू, श्री कमलेश स्वर्णकार, श्री जितेंद्र सिंह जीतू, श्री उमाकांत शर्मा सहित प्रेस क्लब के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ राज्य अपने खानपान,रीति रिवाज,पर्व परंपराओंऔर विविध संस्कारों के कारण अपनी पृथक पहचान देश के अनगिनत राज्यों के बीच बनाने में कामयाब हुआ है। ऐसे कामयाब छत्तीसगढ़ में गड़बो नवा छत्तीसगढ़ के नारा को बुलन्द करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यहां के लोकप्रिय खाद्य सामग्री "बोरे-बासी "की चर्चा और इस्तेमाल को ऐतिहासिक बना दिया।इस वर्ष मजदूर दिवस1मई 2022 को उन्होंने बासी खाने और श्रमिकों का सम्मान बढ़ाने का आव्हान किया। समरसता का संदेश भरे इस आव्हान को अकल्पनीय अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला।मजदूर दिवस को बोरे बासी दिवस का नाम देकर एक और अभिनव पहल करने का श्रेय मुख्यमंत्री के नाम दर्ज हुआ। प्रदेश इतिहास में पहली बार आम जनता के साथ साथ मुख्यमंत्री,अन्य मंत्रियों,जनप्रतिनिधियोंऔर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बासी खाने का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया।विशेष रेखांकित करने लायक बात यह भी रही कि विदेशों में बसे छत्तीसगढ़ के निवासियों ने भी बासी खाकर इस नव अभियान में भागीदारी दी।
छत्तीसगढ़ के जनमन में बसी है बासी
बासी की महिमा का बखान करते छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा,महान समाज सुधारक डॉ खूबचंद बघेल जी ने भी लिखा है-
"बासी के गुण कहूं कहां तक इसे न टालो हांसी में
गजब बिटामिन भरे हुए हैं छत्तीसगढ़ के बासी में "।
छत्तीसगढ़ वासियों के खानपान मेंअनादिकाल से बासी का बोलबाला रहा है जो कि सदैव बना रहेगा।दरअसल छत्तीसगढ़ में भोजन के रूप में "भात"अर्थात पानी में पका हुआ चावल अधिकाधिक खाया जाता है।पके हुए चावल को रात में पानी में भीगा कर सुबह खाद्य पदार्थ के रूप में उपयोग किया जाता है।इसे ही बासी कहते हैं।बासी का स्वाद भात से अलग होता है।पानी में डूबे होने के कारण इसे खाते समय बड़ी मात्रा में "ताड़ो " अर्थात बासी का पानी पेट में पहुंचता है।बासी की तासीर ठंडी होती है।इसीलिए ग्रीष्म काल में इसे बड़े चाव से खाया जाता है।इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती।इसी तरह भीषण लू,गरमी से तपते तन मन को शांत करने ,दोपहर की भूख मिटाने छत्तीसगढ़ में बोरे खाने का रिवाज़ भी प्रचलित है।सुबह पकाए हुए भात को पानी डूबाकर दोपहर में उसे बोरे के रूप में खाया जाता है।बोरे बासी में नमक मिलाकर,उसे प्याज,अचार,दही के साथ खाने का मज़ा खाकर ही जान सकते हैं उसका बखान शब्दों में नहीं किया जा सकता।
लोकगीतों में रची बसी है बासी
छत्तीसगढ़ में यूं तो अमीर गरीब सभी बोरे बासी के मुरीद हैं,पर ख़ासकर निर्धन,मजदूर वर्ग के लोगों के लिए जीवन रक्षक,पोषक पालनहार के रूप में बासी बहूप्रतिष्ठित आहार है। छत्तीसगढ़ का किसान-मजदूर भोर भए हल-बैल के साथ खेती करने निकल पड़ता है।यहां की माटी में धान की खेती ही बहुतायत में होती है।इसलिए इसे धान का कटोरा भी कहा जाता है।खेतों में कठोर परिश्रम करते किसान-मजदूर अपनी थकान मिटाने के लिए "ददरिया" की तान छेड़ते हैं। ऐसे लोकगीतों में भी बासी को लेकर मनमोहक कर्णप्रिय गीत रचे गए हैं।जिसमें शेख हुसैन जी का गाया ददरिया "बटकी म बासी अउ चुटकी म नून,में ह गावत हंव ददरिया तें हर "छत्तीसगढिय़ों के दिल मे राज करता चलाआ रहा है।बासी को लेकर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध नाटककार टिकेन्द्र नाथ टिकरिहा लिखे हैं- अइसे हावय छत्तीसगढ़ के बासी,जइसे नवा बहुरिया के मुचमुच हांसी।
श्रम -समय- ईंधन को बचाए बासी
बासी को चूंकि रात के बचे हुए अथवा अतिरिक्त मात्रा में बनाए गए भात को पानी में डूबाकर बनाया जाता है। इसीलिए यह समय-श्रम और ईंधन की बचत में भी कारगर है।रात से सुबह तक पानी में डूबे होने के कारण किण्वन (फर्मेंटेशन) की प्रक्रिया हो जाती है।इसके अलावा यह तेल रहित(जीरो आइल फूड)होता है।इस दृष्टि से भी इसे सुपाच्य स्वास्थ्य वर्धक कहा गया है।आहार विशेषज्ञों ने माना है कि प्रोटीन,कार्बोहाइड्रेट,फाइबर से भरपूर बासी का सेवन तन मन को स्वस्थ बनाए रखने में कारगर है।भात की तुलना में इसमें कम कैलोरी होती है अत:इसका सेवन वजन कम करने मे भी सहायक है।
बासी का संदेश
बासी को उथली थाली में नहीं गहराई युक्त बर्तन (बटकी,सइकमा) में खाने की प्रथा है।गहराई में डूबी हुई छत्तीसगढ़ की बासी धीर-गंभीर बने रहने का संदेश देती है।इसकी महिमा को बनाए रखने के लिए इसे केवल एक मई का नहीं बल्कि एक जून (एक पहर)का आहार बनाना अधिक हितकारी है।बासी की महिमा का बखान करते हुए पद्मश्री श्याम लाल चतुर्वेदी जी ने उम्दा रचना की है।यह इस बात की साक्षी है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति खानपान में बासी रची बसी है।इसे लुप्त होने से बचाने हेतु मुख्य मंत्री जी की पहल ने सार्थक किया है इन पंक्तियों को *जिस गांव में पानी नहीं गिरता वहां की फसलें खराब हो जाती हैं,और जहां संस्कृति रीति रिवाजों का मान नहीं होता वहां की नस्लें खराब हो जाती हैं।
" साभार विजय मिश्रा "
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
