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April 05, 2026
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राजनांदगांव

राजनांदगांव (1743)

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  श्री भूपेश बघेल ने आज  मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 106 करोड़ 27 लाख 95 हजार रूपए के 54 कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। जिसमें 52 करोड़ 16 लाख 8 हजार रूपए के 42 कार्यों का भूमि पूजन एवं 54 करोड़ 11 लाख 87 हजार रूपए के 12 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने 103 हितग्राहियों को 12 लाख 10 हजार रूपए की सामग्री का वितरण भी किया।

- मुख्यमंत्री के आगमन और कार्यक्रम की तैयारी का अधिकारियों ने लिया जायजा
- कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड, कलेक्टोरेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का किया निरीक्षण
 
राजनांदगांव / शौर्यपथ / राजनांदगांव जिले से अलग होकर बनाए जा रहे राज्य के 29वें जिले का आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विधिवत शुभारंभ करेंगे। मोहला में आयोजित कार्यक्रम का संसदीय सचिव श्री इंद्रशाह मंडावी, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे, कलेक्टर श्री डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के ओएसडी श्री एस जयवर्धने सहित अधिकारियों ने कार्यक्रम आयोजन की तैयारी का जायजा लिया। संभाग आयुक्त श्री महादेव कावरे ने यहां मुख्यमंत्री की आगमन को लेकर बनाए गए हेलीपैड, मुख्य मंच, कार्यक्रम स्थल सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कहा कि क्षेत्र की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग मूर्त रूप लेने जा रहा है। यह क्षेत्र की जनता के लिए ऐतिहासिक और उल्लेखनीय क्षण साबित होगा। इसके लिए उन्होंने बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता की कार्यक्रम स्थल पर शामिल होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थल, कार्यक्रम में आने वाले क्षेत्र की जनता के लिए बैठक व्यवस्था सहित अन्य सुविधा संसाधन की जानकारी लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर श्री डोमन सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर ने कार्यक्रम आयोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मोहला- मानपुर विधायक एवं संसदीय सचिव श्री इंद्रशाह मंडावी ने कार्यक्रम आयोजन से जुड़ी सभी बारीकियों की जानकारी से अवगत होकर कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जरूरी मार्गदर्शन और निर्देश दिए।

राजनांदगांव / शौर्य्पथ / जय भवानी व्यायाम शाला के संचालक अमित आजमानी ने बताया कि राजनांदगांव शहर की सबसे पुरानी जय भवानी व्यायाम शाला जो की सन् 1973 से संचालित है और कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय भारत्तोलन खिलाड़ी देने वाली संस्था है। इसी व्यायामशाला में भारत्तोलन करने वाली राष्ट्रीय भारत्तोलन खिलाड़ी कुमारी कोमल गुप्ता 1 सितम्बर को कोन बनेगा करोड़पति में प्रसिद्ध कलाकार श्री अमिताभ बच्चन के साथ नजर आयेगी। अप्रैल माह में केबीसी में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद कुमारी कोमल में गुप्ता को के.बी.सी. से कॉल आया था जिसके बाद से उन्हें बहुत से चयन प्रणाली से गुजरना पड़ा कोमल गुप्ता शहर के प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर रवि गुप्ता की पुत्री है। केबीसी में चयन होने के बाद कुमारी • कोमल गुप्ता भोपाल गई जहां पर उन्होंने सारे प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी जगह केबीसी में सुनिश्चित की आगे अमित आजमानी ने बताया है कि कोमल शुरू से ही काफी समझदार एवं मेहनती रही है। कोमल अनेकों बार राष्ट्रीय भारत्तोलन प्रतियोगिता में गोल्ड एवं सिल्वर मैडल ला चुकी है। कोमल खेल के साथ- साथ पड़ाई में भी उतनी ही तेज है और बहुत हद तक उनका यहीं अंदाज उन्हें केबीसी के मंजर तक लेकर गया। कोमल खेल से जुड़ी एवं बाहरी गतिविधियों का वीडियो केबीसी टीम ने राजनांदगांव आकर रिकार्ड की थी जो की जय भवानी व्यायाम शाला में सूट किया गया था एवं कुमारी कोमल गुप्ता के घर में भी माता-पिता के साथ उनका वीडियो बनाया गया है। यह पूरा वीडियो आप सब को 1 सितम्बर को केबीसी में देखने को मिलेगा। आगे अमित आजमानी ने और कुछ कहने से पहले सभी राजनांदगांव एवं देश की जनता से अपील की है कि सब एक सितम्बर को केबीसी जरूर देखे एवं कुमारी कोमल गुप्ता को अपना आर्शीवाद उसकी उज्जवल भविष्य के लिए कुमारी कोमल गुप्ता को इस सफलता पर भवानी व्यायाम शाला के सभी सदस्यों ने बधाई दी है जिनके नाम इस प्रकार है जिला भारत्तोलन संघ अध्यक्ष एवं जिला जिम एसोसिएशन अध्यक्ष अमित आजमानी, अजय श्रीवास्तव, शेख वसीम, बसंत मैगी, मनीष तिवारी, तामेश्वर बंजारे, नीरज शुक्ला, जग्गू ठाकुर, विवेक रंजन सोनी, अशोक श्रीवास, अजय लोहार, दीपक यादव, दाउत खान, दीपक ठाकुर, मनोज यादव, रामअवतार, चोवाराम साहू, अंतराष्ट्रीय भारत्तोलन महिला खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव एवं बॉडी टेक के सभी सदस्यों ने बधाई दी। गुप्ता परिवार जय भवानी व्यायाम शाला परिवार बेहद खुश है एवं गर्व है कि उन्हें कुमारी कोमल गुप्ता पर जिन्होंने राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया।

- शासन द्वारा गौमूत्र के महत्व एवं उपयोगिता को देखते हुए की जा रही गौमूत्र की खरीदी
- नेेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इर्फोमेंशन के अनुसार आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोनिक एसिड, पोटाश सहित विभिन्न पोषक तत्व से भरपूर है गौमूत्र
- फसलों के लिए गौमूत्र है एक अच्छा ग्रोथ प्रमोटर
- गौमूत्र से बने जैविक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाई होगी उपयोगी


राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन द्वारा गौमूत्र के महत्व एवं उपयोगिता को देखते हुए प्रदेश भर में गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। शासन की सुराजी गांव योजना के तहत व्यापक पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है। किसानों का रूझान जैविक खेती की ओर बढ़ा है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने गौठानों में गौमूत्र की खरीदी प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि गौमूत्र की खरीदी के दौरान गुणवत्ता की जांच करें और इसके लिए समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित करते रहें।
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. बीरबल राजपूत ने बताया कि गौमूत्र में बहुत अधिक औषधीय गुण होते हैं। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इर्फोमेंशन के अनुसार गौमूत्र में आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोनिक एसिड, पोटाश, नाइट्रोजन, अमोनिया, मैगनीज, सल्फर, फास्फेट, पोटेशियम, यूरिक एसिड, एमिनो एसिड सहित विभिन्न पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। इसके अलावा इसमें पानी 95 प्रतिशत, यूरिया 2.5 प्रतिशत, एन्जाइम 2.5 प्रतिशत पाया जाता हैं। गौमूत्र एंटीऑक्सीडेंट गुण से भी भरपूर होता है। गौमूत्र का महत्व कृषि में अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिना गौमूत्र व गोबर के प्राकृतिक एवं जैविक खेती संभव नहीं है। इसका फसलों में फफूंद नाशक दवाओं के रूप में भी उपयोग किया जाता है। साथ ही गौमूत्र फसलों में ग्रोथ प्रमोटर का कार्य भी करता है। बीजामृत, जीवामृत, घनामृत, संजीवक, पंचगव्य के अलावा गौमूत्र से जैविक कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाई भी बनाई जाती है। नीमास्त्र, ब्रहामास्त्र, आग्नेयास्त्र, दशपर्णी अर्क, अमृतयानी उत्पाद है। गौमूत्र कैंसर से बचाव में मदद करता है। वजन घटाने के लिए उपयोगी होने के साथ ही मधुमेह की समस्या को खत्म करता है। लीवर संबंधित बीमारियों को दूर करता है तथा पेट दर्द की समस्या को दूर करता है। इसके अलावा किडनी स्टोन से राहत, थायराइड व आयोडीन की कमी में सुधार, एसिडिटी की समस्या को दूर करता है। शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। शरीर पर जख्म व घाव भरते हैं। कई त्वचा संबंधी बीमारियों को दूर करता है। बालो में एंटी हेयरफॉल, एंटी डैंड्रफ की समस्या को भी दूर करता है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा गौमूत्र की खरीदी से इसके कई तरह के उत्पाद बनाये जा सकते हैं। जिससे जैविक खेती के साथ ही अन्य उत्पादों का भी लाभ जनसामान्य को मिलेगा।

- समूह की महिलाओं ने व्यापक पैमाने पर नेपियर घास लगाया तो आमदनी के लिए बनी एक नई राह
- जिले में तेजी से चारागाह किये जा रहे विकसित

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / जब विकास की रोशनी दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचती है, तब सफलता के नए आयाम खुलने लगते हैं। इसकी एक बानगी है मोहला विकासखंड के जय श्री राम स्वसहायता समूह ग्राम मोहला गौठान की महिलाएं। शासन की सुराजी गांव योजना के तहत मवेशियों की सुरक्षा और चारा-पानी के लिए गौठान में ही चारागाह विकसित किये जा रहे हैं। नेपियर एवं मक्के की फसल ली जा रही है। चारागाह के महत्व को समझकर जब मोहला गौठान के समूह की महिलाओं ने व्यापक पैमाने पर नेपियर घास लगाया तो उनके आमदनी के लिए एक नई राह बनी। समूह की महिलाओं ने नेपियर रूट्स का विक्रय किया। जिससे उन्हें लगभग 1 लाख 50 हजार रूपए की आय हुई। पशुओं के लिए नेपियर घास की खासी डिमांड है और यही समूह की महिलाओं के लिए आय बढ़ाने का जरिया बना। शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री डोमन सिंह के मार्गदर्शन में जिले के गौठान में प्राथमिकता से चारागाह विकसित किये जा रहे हैं। उन्होंने सभी गौठान में चारागाह में नेपियर एवं मक्का लगाने कहा है। नेपियर घास संरक्षित कर रखा जा सकता है और चारे के लिए कभी भी मवेशियों को दिया जा सकता है। जिले में तेजी से चारागाह विकसित किये जा रहे हैं।

- अब तक 167 अमृत सरोवर आकार ले रहे
- तालाबों का उपयोग आजीविका, कृषि कार्य के लिए होगा
- अमृत सरोवर के निर्माण से मनरेगा के तहत श्रमिकों को मिला कार्य

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जल संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में जिले में अमृत सरोवर निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। अब तक 167 अमृत सरोवर आकार ले रहे हैं। अमृत सरोवर निर्माण कार्यों के अंतर्गत सभी अमृत सरोवर के लिए स्थानीय, स्वसहायता समूह, कृषक ग्रुप की पहचान यूजर ग्रुप के रूप में करते हुये उनका अमृत सरोवर के अभियान में सहभागिता सुनिश्चित की गई है। ताकि यूजर ग्रुप निर्माण के पश्चात तालाबों का उपयोग आजीविका, कृषि कार्य के लिए करते हुए उसकी देख-रेख कर सकें। अमृत सरोवर के निर्माण से मनरेगा के तहत श्रमिकों को कार्य मिला है।
   कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कहा कि अमृत सरोवर निर्माण कार्यों में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए शिलान्यास स्वतंत्रता सेनानी या उनके परिवार के सदस्य, शहीद के परिवार द्वारा या स्थानीय पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्ति या वरिष्ठ सम्मानीय नागरिक द्वारा किया जाएगा। कार्य स्थल पर 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया जाएगा। 15 अगस्त 2022 को अमृत सरोवर निर्माण स्थल पर ध्वजारोहण करने वाले सम्मानीय नागरिक के नेतृत्व में वृक्षारोपण कराया जाए। जिला पंचायत सीईओ श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि कम से कम 10 कार्य स्थलों पर वृक्षारोपण न्यूनतम प्रतीक के रूप में कुछ परंपरागत पौधे- बरगद, नीम पीपल इत्यादि कार्यों की स्वीकृति प्रदान करते हुए 15 अगस्त तक आवश्यक तैयारी सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि ऐसे जिले जहां वर्षा कम हुई है, उन जिलों में अमृत सरोवर निर्माण के कार्य को विशेष ध्यान देते हुए पूर्ण करने का प्रयास किया किया गया है। इससे प्रोजेक्टों के निकट के अमृत सरोवर के खुदाई से प्राप्त मिट्टी के उपयोग के संबंध में एनएचएई तथा रेलवे के सक्षम अधिकारी से समन्वय करते हुए कार्य करने कहा गया है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए अमृत सरोवर की प्रभावी पहल से जनसामान्य को लाभ मिलेगा।

राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला अपर न्यायालय में आज दो दिव्यांगजन विवाह बंधन में बंधे। अतिरिक्त दण्डाधिकारी एवं विवाह अधिकारी श्री सीएल मारकण्डेय ने परिवारजनों की सहमति एवं उपस्थित में यह विवाह संपन्न कराया। शिवकुमारी पिता श्री लखन सूर्यवंशी उम्र 32 वर्ष निवासी वार्ड 7 तहसील खैरागढ़ एवं श्री सचिन कुमार भगत पिता श्री रामजी भगत उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम धरमपुरा तहसील खैरागढ़ दोनों कमर से नीचे पूर्णत: दिव्यांग है। दोनों ने आज कोर्ट मैरिज कर दाम्पत्य  जीवन के लिए एक दूसरे का हाथ थामा। विवाह अधिकारी श्री मारकण्डेय ने उन्हें विवाह प्रमाण पत्र देकर उन्हें आशीर्वाद व शुभकामनाएं दी।
  विवाह होने पर दोनों दम्पति के चेहरे पर मुस्कान झलक रही थी। उन्होंने कहा कि वे दोनों दिव्यांग है। इससे होने वाली तकलीफ में वे एक दूसरे के लिए हमराही बनकर एक दूसरे का साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें एकाकीपन की पीड़ा से नहीं गुजरना पड़ेगा। वे एक दूसरे की सुख-दुख में साथ निभाएंगे। दिव्यांगजनों के इस विवाह की घड़ी में कलेक्टोरेट आने वाले लोगों ने उनके इस निर्णय और विवाह के लिए शुभकामनाएं दी। इस दौरान दोनों के परिजन और रिश्तेदार कुछ पल के लिए भावुक हो गए।

राजनांदगांव /शौर्यपथ / अमन और ख़ुशहाली की दुआ लिए 40 दिनों की मुकद्दस पाक सफर के बाद जायरीन (हाजियों) की हुई वतन वापसी हाजियों से मिलने और मुबारकबाद देने शहरवासियों मुस्लिम समाज और परिवार के लोग ख़ुशी की भीगी आंख लेकर बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशन पर फूल मालाओं के साथ आये। हाजियों ने आस्ताना ए रसूल अल्लाह पर दी हाजरी, गुम्बद ए खजरा का दीदार कर मांगी गई खास देश के लिए अमन की दुआएं।
हज करने वालो में हाजी सलीम रजा तहसीनी, हाजी अनीश भाई, हाजी हनीफ बीबा, हाजी इसहाक अहमद, हाजी ईमरान खान, हाजी हनीफ मोहहमद, हाजी इकरामुद्दीन निर्वाण, हाजी आजम शेख एवं छह मस्तूराते (महिलायें) की वापसी हुई। हाजियों ने मदीने की गलियों का दीदार कर सरकारे-दो-आलम के रोजा ए मुबारक पर हाजरी दी, और नम आंखों से खुशी का इजहार किया, मस्जिद ए नबवी में इबादत के साथ साथ मदीने शरीफ की मस्जिद इबादतगाहो में नमाजे अदा की।
सैय्यद अफजल अली ने कहा हाजी वतन वापसी की इबादत के बाद कुछ समय में मदीने की मार्किट में जाते हैं और अपने अजीजदारों के लिये खरीदारी करते हैं जिसमें खजूर, जा नमाज टोपी, तस्बीह टॉफी आदि चीजों की खरीदारी करते हैं, ताकि जमजम के साथ-साथ अपने अजीजदारों को तोहफे दे में सकें। हाजियों की इस्तकबाल में मुख्य रूप से हाजी तनवीर अहमद, हाजी अब्दुल रज्जाक बड़गुजर, हाजी मंसूर अंसारी, रसीद भाई बैरिंग, जलालुद्दीन निर्वाण, सैय्यद अफजल अली, राजा खान, नईम भाई, अब्दुल कादिर भाई शोहेल रजवी, आसिम अहमद, रेहान कुरैशी आदि ने फूलों के हार पहनाकर गले मिलकर स्वागत किया। उक्त जानकारी मुस्लिम समाज के सैय्यद अफजल अली ने दी।

राजनांदगांव/शौर्यपथ / हनफ़ी मस्जिद गोलबाजार में मोहर्रम पर 1 अगस्त से 8 अगस्त तक रात 10 बजे से तक़रीर जारी है बरेली उत्तरप्रदेश से आये मुफ़्ती मोहम्मद तनविरुल क़ादरी साहब ने कहा मोहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना होता है, इस्लामिक साल की जो "इब्तेदा"शुरुआत होती है, यह मुहर्रम से होती है यह महीना मुसलमानों के लिए बहुत यादगार महीना होता है, इस्लाम की हिस्ट्री में इस महीने की बहुत बड़ी अहमियत है यह महीना हजरत इमाम हुसैन की शहादत से मशहूर है इसीलिए इस महीने को शहादत्ते हुसैन का महीना भी कहते हैं। मोहर्रम शरीफ का इतिहास यह है हजरत ए हुसैन इस्लाम के आखरी पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो वाले वसल्लम के प्यारे नवासे और लाडले हैं हजरत ए हुसैन और उनके साथियों ने दुनिया से आतंकवाद को मिटाने के लिए इंसानियत को जिंदा रखने के लिए कर्बला के मैदान में भूखे प्यासे अपने सर को दिया और अपने परिवार की कुर्बानियां दी और दुनिया को बताया है कि इस्लाम कभी भी ना गलत राह पर चलने का हुक़्म देता है और ना साथ देता है, बल्कि इमाम हुसैन ने जो कुर्बानी कर्बला के मैदान में दी थी मोहर्रम के महीने में उसका मकसद यही था कि दुनिया के सामने हक्कानीयत (हक सच्चाई)को उजागर कर दिया जाए और बता दिया जाए के अगरचे बातिल (झूठा मक्कार) कितना भी ज्यादा तगड़ा हो बड़ा हो मजबूत हो लेकिन कभी हक से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए हजरत इमाम हुसैन ने 22000 लश्कर के सामने अपनी हार नहीं मानी बल्कि कहा मैं अपना सर को दे सकता हूं लेकिन कभी गलत का साथ नहीं दे सकता, हजरत ने कहा के मोहर्रम पर इस्लाम मे नाच गाने ढोल ताशे और मन्नती शेर वगैरह का कोई हुक़्म मतलब नहीं है। इमाम हुसैन ने अपनी और अपने पूरे घर की कुर्बानियां इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए दी थी, मोहर्रम गमी का महीना है हज़रत हुसैन से मोहब्बत करने वाले उन दर्दनाक दोनों को याद करके मोहर्रम के इन खास दिनों को अपनी इबादत नमाजो में गुजारे। उक्त मौक़े पर शोहदा-ए-करबला कमेटी के अध्यक्ष रशीद भाई बेरिंग, हाजी मंसूर अंसारी, हाजी रज्जाक बड़गुजर, हनफ़ी मस्ज़िद के सदर जनाब जावेद अंसारी, हाजी तनवीर अहमद तन्नू भाई ) कब्रस्तान कमेटी के सदर जलालुद्दीन निर्वाण, मौजूद रहें उक्त जानकारी मुस्लिम समाज के सैय्यद अफज़ल अली ने दी।

राजनांदगांव/शौर्यपथ राजा की संपत्ति को कौडियों के दाम में बेचा जा रहा है जबकि राज्य शासन के आदेशानुसार संपदा की जमीन की व्यवस्था हेतु न्यास का गठन दिनांक 25/01/1989 को किया गया था। हैरत की बात यह है कि लालबाग, राजनांदगांव राजगामी जमीन खसरा न. 369(नया 183 एंव 184), रकबा 1,50,000 के चार हकदार है। पहला-रायपुर धर्मप्रदेशिय समाज, रायपुर, पं.क्र. 4180, पंजीयन दिनांक 01/03/1975 दुसरा- रायपुर डायोसिस, एज्युकेशन सोसायटी, रायपुर पंजीयन क्रमांक 5261, पंजीयन दिनांक 27/01/1977 तीसरा- शिक्षा प्रचार एंव प्रसार समिति, रायपूर, पजीयंन क्रमांक 5400, पंजीयन दिनांक 30/03/1999 और चौथा- वाइडनेयर मो. हा. से. स्कूल, लालबाग, राजनांदगांव, जबकि राजगामी संपदा ट्रस्ट के अनुमोदित बायलास दिनांक 25/01/1989 में भूमि हस्तांतरण का प्रावधान नही है। इसके बावजूद इन संस्थाओं के द्वारा अपने स्वयं के अधिकार से इस संपदा की जमीन को दिनांक 19/07/2003 को शिक्षा प्रचार एंव प्रसार समिति, रायपुर, पजीयंन क्रमांक 5400, पंजीयन दिनांक 30/03/1999 को हस्तांतरित कर दिया गया जबकि इसकी जानकारी संपदा के जिम्मेदार अधिकारीयों को दी जा चूकी है इसके बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नही की गई। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल के द्वारा बुधवार को कलेक्टर और एसडीएम को लिखित शिकायत कर चारों संस्था के प्रबंधको के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

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