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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मामला मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने उठाया है. सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा ना हो.
नई दिल्ली /शौर्यपथ/
पंजाब में PM मोदी की सुरक्षा में हुई चूक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. गुरुवार को इस संबंध में एक याचिका डालकर शीर्ष अदालत से पीएम की सुरक्षा में चूक की गहन जांच की मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट मामले में सुनवाई को तैयार हो गया है. शुक्रवार को मामले की सुनवाई होगी. मुख्य न्यायधीश एन वी रमना ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह केंद्र और पंजाब सरकार को याचिका की कॉपी सौंपें. उधर प्रधानमंत्री के दौरे में हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है. जांच टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
बता दें कि लॉयर्स वॉयस संगठन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक का मामला मुख्य न्यायाधीश की बेंच के सामने उठाया है. सिंह ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह की घटना भविष्य में दोबारा ना हो.
याचिका में पंजाब के बठिंडा में पीएम के काफिले को रोकने में सुरक्षा उल्लंघन की गहन जांच की मांग की गई है. वहीं, पीएम की यात्रा के लिए पुलिस बंदोबस्त से संबंधित सभी सबूतों को बठिंडा जिला जज को अपने कब्जे में लेने का निर्देश देने की मांग भी की गई है.
याचिका में ये भी कहा गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार, मुख्य सचिव और DGP या उनके नामांकित अफसरों के लिए कार निर्धारित की जाती है और उन्हें काफिले में शामिल होना चाहिए. हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री के आने के दौरान न तो मुख्य सचिव/प्रतिनिधि और न ही डीजी/प्रतिनिधि काफिले में शामिल हुए. घटनाओं से यह स्पष्ट है कि निजी व्यक्तियों को प्रधान मंत्री के मार्ग तक पहुंच प्रदान की गई थी. अन्य व्यक्तियों को नाकाबंदी में शामिल होने के लिए उकसाया गया था, जो राज्य तंत्र और राजनीतिक प्रतिष्ठान द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर और अक्षम्य उल्लंघन का संकेत देता है.
याचिका में क्या-क्या कहा गया है
याचिका में कहा गया है कि पंजाब राज्य के सचिव और पुलिस महानिदेशक ने विशेष सुरक्षा समूह को आश्वासन दिया कि रास्ता साफ है. यह पाया गया कि यह सच नहीं था जिसके परिणामस्वरूप एक अनिश्चित स्थिति पैदा हुई. यह निवेदन है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक पंजाब पुलिस की मिलीभगत से स्पष्ट रूप से हुई थी.
यह केवल पंजाब सरकार थी जो प्रधान मंत्री के सटीक मार्ग को जानती थी जिसे उच्च सुरक्षा कारणों से कभी साझा नहीं किया जाता. यह बताया गया है कि हाल के वर्षों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की सुरक्षा में यह सबसे बड़ी चूक हो सकती है. प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने की समग्र जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और निकटवर्ती सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी एसपीजी अधिनियम 1988 के अनुसार विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की होगी.
इसके विपरीत, क्या चौंकाने वाला था कि मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस कर्मियों को उन हुड़दंगियों के साथ भाग लेते देखा गया, जिन्होंने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को खतरे में डाला था. घटनाओं का क्रम और ऊपर वर्णित तथ्य स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं कि राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रधान मंत्री के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रदान करने में पूरी तरह से विफल रही है.
राजनीति /शौर्यपथ/
कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने अपने 'हाउज द जोश' ट्वीट पर सफाई देते हुए कहा कि वह उनका ट्वीट सुरक्षा में चूक के बारे में मजाक नहीं था.
पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले में राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में चूक की घटना को "साजिश" करार देते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस ने इस पर चुटकी ली, जिसमें कांग्रेस के एक नेता का विवादित ट्वीट 'How's the Josh' भी शामिल था. इस ट्वीट पर केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने फिल्म "उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक" के एक लोकप्रिय डायलॉग का हवाला देते हुए अपने पोस्ट में लिखा, "मोदीजी, हाउज द जोश?"
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, "किस बात का उत्सव है उनका... किस बात का जोश है... देश के प्रधानमंत्री को मौत की कगार पर ले गए थे."
उन्होंने सवाल किया, ‘‘किस बात का इंतजार कर रही थी कांग्रेस की सरकार पंजाब में? शायद इसीलिए लौटते वक्त प्रधानमंत्री ने चन्नी जी (मुख्यमंत्री) के लिए संदेश दिया कि ‘जिंदा लौट रहा हूं'.''
दुर्ग भिलाई /शौर्यपथ/
दुर्ग जिले के रिसाली में भी कांग्रेस की शहर सरकार बन गई है। पार्षदों ने वार्ड-9 से पार्षद चुनी गईं शशि सिन्हा शहर की नई मेयर होंगी। इसके साथ ही सभापति पद के लिए केशव बंछोर काे चुना गया है। शशि सिन्हा पहली बार जीत कर आई हैं, जबकि केशव तीन बार के पार्षद हैं। ।
महापौर पद के लिए 3 उम्मीदवारों और अध्यक्ष पद के लिए 2 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। मेयर पद के लिए निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर, भाजपा से रमा साहू और कांग्रेस से शशि सिन्हा दावेदार थीं। जबकि अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से धर्मेंद्र भगत और कांग्रेस से केशव बंछोर दावेदार थे। कांग्रेस उम्मीदवार शशि सिन्हा को 27 वोट मिले, जबकि भाजपा की रमा साहू को महज 9 और निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर को 4 वोट से संतोष करना पड़ा। वहीं अध्यक्ष के लिए कांग्रेस को 27 और भाजपा को 13 वोट मिले।
इससे पहले निगम के पहले चुनाव में नव निर्वाचित पार्षदों ने बुधवार सुबह अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली। निर्वाचन अधिकारी डॉ. एसएन भुरे ने कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पांच-पांच पार्षदों को शपथ दिलवाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम पूरा होने के बाद कांग्रेसी पार्षद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के साथ निकल गए थे। थोड़ी देर बाद लौटे तो मेयर और सभापति पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया को पूरा किया गया।
भिलाई से अलग होकर पहली बार अस्तित्व में आए 40 सीटों वाले इस निगम में कांग्रेस 21 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत में है। जबकि सात में से पांच निर्दलीय भी साथ होने का दावा कांग्रेस ने किया था। वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद विजय बघेल ने कहा था कि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है इसके बाद भी वह निर्दलियों का सहारा ले रही है। कांग्रेस को अपने ही पार्षदों पर विश्वास नहीं है। इसीलिए वह उन्हें लेकर अज्ञातवास में घूम रही है। उनको पूरे घेराबंदी के साथ ही शपथ ग्रहण में ले जाया जा रहा है। यह पार्षदों का अपमान है।
भाजपा नेताओं का कहना था कि वह अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी और नॉकआउट नहीं करेगी। बीजेपी की बात करें तो उसके पास अभी 15 पार्षद ही हैं। उसे बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए 6 पार्षदों की और जरूरत पड़ेगी। रिसाली नगर निगम में महापौर और सभापति पद अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित किया गया है।
देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में प्रदेश चौथे क्रम पर
सीएमआईई ने जारी किये आंकड़े : छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर मात्र 2.1 प्रतिशत, जबकि देश में 7.7 प्रतिशत
रायपुर /शौर्यपथ/
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी संगठन द्वारा हाल ही में जारी किये गये बेरोजगारी के आंकड़ों ने एक बार फिर विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता का परचम बुलंद कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ 2.1 प्रतिशत के साथ देश में सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में चौथे क्रम पर आया है। दिसंबर 2021 की स्थिति के अध्ययन के बाद सीएमआईई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार देश में सबसे कम बेरोजगारी दर कर्नाटक में 1.4 प्रतिशत और सर्वाधिक बेरोजगारी दर हरियाणा में 34.1 प्रतिशत बताई गई है।
छत्तीसगढ़ ने समावेशी विकास का लक्ष्य निर्धारित करते हुए तीन साल पहले महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के अनुरूप नया मॉडल अपनाया था, जिसके तहत गांवों और शहरों के बीच आर्थिक परस्परता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी मॉडल के अंतर्गत गांवों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुराजी गांव योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी कार्यक्रम, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, रूरल इंडस्ट्रीयल पार्कों की स्थापना, लघु वनोपजों के संग्रहण एवं वैल्यू एडीशन, उद्यमिता विकास जैसी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान भी देशव्यापी आर्थिक मंदी से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अछूती रही। तब भी छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर पूरी तरह नियंत्रित रही। अब नये आंकड़ों के मुताबिक जहां देश में बेरोजगारी दर में लगातार चिंताजनक उछाल है, वहीं छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर केवल 2.1 प्रतिशत है।
नये आंकड़ों के मुताबिक गुजरात 1.6 प्रतिशत के साथ कम बेरोजगारी वाला दूसरा राज्य है, जबकि पड़ोसी ओड़िशा 1.6 प्रतिशत के साथ तीसरे क्रम पर एवं मध्यप्रदेश 3.4 प्रतिशत के साथ 07 वें क्रम पर है। उत्तरप्रदेश में 4.9 प्रतिशत की बेराजगारी दर है। असम 5.8 प्रतिशत के साथ 12 वें क्रम पर है। राजस्थान में 27.1 प्रतिशत, झारखंड में 17.3 और बिहार में 16 प्रतिशत बेरोजगारी की दर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल जनवरी 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी दर 6.52 फीसदी थी जिसमें शहरी बेरोजगारी 8.9 प्रतिशत और ग्रामीण बेरोजगारी 5.81 प्रतिशत थी, वहीं दिसंबर 2021 की स्थिति में देश में बेरोजगारी की दर 7.7 प्रतिशत रही जिसमें शहरी बेरोजगारी 9.1 प्रतिशत और ग्रामीण बेरोजगारी 7.1 प्रतिशत रही।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनॉमी संगठन 45 वर्षों से भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा, कृषि, उद्योग आदि क्षेत्रों में सतत अध्ययन करके डेटाबेस का निर्माण करता आया है और इसके द्वारा जारी आंकड़ों को प्रामाणिक माना जाता है।
मुंगेली नगर पालिका अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी बने मुंगेली शौर्यपथ // नगर पालिका में कांग्रेस को मिला 13 वोट भाजपा को 5 वोट रिजेक्ट हुये 3 वोट टोटल मत पडे 21 मत का हुआ मतदान । एक ओर लम्बे समय के खिंचतान के बाद भी कांग्रेस ने भाजपा से अध्यक्ष पद को अपने पक्ष मे किया काबीज है। मुंगेली नगर पालिका में 11 पार्षद बीजेपी के थे और 10 पार्षद कांग्रेस थे उसके बाद से ही आकडा लगाया जा रहा था की फिर से बीजेपी का अध्यक्ष नगरपालिका रहेगा । उधर कांग्रेस की 10 पार्सद होने के बाद भी नगरपालिका के अध्यक्ष बनने के के लिये अपनी तैयारी में जुट हुये थे दोनो प्राट्री के कार्यकताओं रिजल्ट आने की उत्साह मे थे कुछ समय के बाद मतगडना हुआ तो कांग्रेस पाट्री के पक्ष मे 13 पार्सदो ने मतपत्र दिया गया । वही बीजेपी पाट्री के पक्ष मे 5 मतपत्र मिला 3 मतपत्र रिजेक्ट हुये । नगरपालिका अध्यक्ष के लिये कांग्रेस पाट्री ने कब्जा कर हमेन्द्र गोस्वामी नगर पालिका अध्यक्ष चुन लिए गए । जीत हासिल होने के बाद गोस्वामी ने प्रभारी मंत्री से जाकर आशीर्वाद लिया गया कांग्रेश के सभी नेतागण समस्त कार्यकर्ता एक साथ होकर मुंगेली पड़ाव चौक से लेकर गोल बाजार होते हुए भव्य रैली निकालकर खुशी इजहार किया गया । बीजेपी पाट्री मे 11 पार्षद होने के बाद भी 5 वोट मिलने बीजेपी पाट्री मे हडकंप मचा हुआ है कर रहे समिकक्षा
दुर्ग /शौर्यपथ/
दुर्ग जिले में भी कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को यहां सबसे अधिक 90 कोरोना संक्रमित पाए गए। एक ही दन में शतक के करीब आंकड़ा पहुंचने से यहां के हालात चिंताजनक हो गए हैं। कलेक्टर ने जिले में धारा 144 लगा दी है। यहां सभी निजी और सार्वजनिक आयोजनों में बंदिशें लगा दी गई हैं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य किया गया है।
दूसरी लहर के बाद 4 जनवरी को दुर्ग जिले में महज 1940 की जांच में अब तक के सबसे ज्यादा केस आए हैं। 2 और 3 जनवरी को जो यहां का आंकड़ा 33 और 43 पर था, वह बढ़कर मंगलवार को 90 पहुंच गया। इसके साथ ही यहां संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 237 पहुंच गई है। वहीं पॉजीटिविटी रेट 4.81 दर्ज किया गया। जिले के डॉक्टर भी अब तीसरी लहर की बात कहने लगे हैं।
इन इलाकों से मिले मरीज
वैशालीनगर, आदर्श नगर दुर्ग, शांतिनगर, सुपेला, मोहन नगर दुर्ग, हुडको, सीआईएसएफ उतई, सेक्टर-4, कुबेर इन्क्लेव, आनंद नगर दुर्ग, फरीदनगर, कुरुद स्थित कॉलेज के हॉस्टल में, रामनगर मुक्तिधाम, बटंग, दल्लीराजहरा, पावर हाउस, दशहरा मैदान भिलाई, कैंप-1, सेक्टर-5, जवाहर नगर, आदर्श नगर दुर्ग, सेक्टर-1, कोहका पुरानी बस्ती, भटगांव, रिसाली एनएसपीसीएल, पदुमनगर भिलाई-3, सुभाष चौक भिलाई-3 चरोदा, ब्राम्हणपारा दुर्ग, पंचशील सोसाइटी दुर्ग, सीआईएसएफ आरटीसी, बैकुंठधाम पावर हाउस में कोरोना मरीज मिले हैं।
सभी जिलों में जुलूस, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर लगाई जाए रोक
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले जिलों में सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए: रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाएं
सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करें
सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए
सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम टेस्टिंग के निर्देश
आवश्यतानुसार माइक्रो और मिनी कंटेनमेन्ट जोन बनाएं
होम आईसोलेशन वाले मरीजों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स संचालित हों
कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ आयोजित की जाएं बैठकें
हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता की डेली रिपोर्टिंग के निर्देश
चार प्रतिशत या अधिक पॉजिटिव रेट वाले स्थानों में मॉल, सिनेमा, स्वीमिंग पूल, मेरिज पैलेस, होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम पर प्रतिबंध लगाने और अन्य जिलों में एक तिहाई क्षमता से संचालित करने के निर्देश
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश मेें कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना।
इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए, जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए। ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4ः से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे।
सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड-19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चेम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, मॉल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल-रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।
कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड, दवाईयों के स्टॉक, पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुपुत्र चैतन्य बघेल की आज ख्याति वर्मा के साथ सगाई रस्म संपन्न हुई। इस अवसर पर उपस्थित परिवारजनों तथा अतिथियों ने उन्हें बधाई तथा शुभकामनाएं दी।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं संगठनों के पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर करोना संक्रमण की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के निर्देश
रायपुर /शौर्यपथ/
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सभी मंत्रीगणों से अपने-अपने प्रभार के जिलों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए हर संभव प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्तमान समय में पूरे विश्व एवं देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि चिन्ताजनक है। उन्होंने मंत्रीगणों को अपने प्रभार वाले जिलों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की अतिशीघ्र वर्चुअल बैठक लेकर कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति एवं रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के प्रसार को नियंत्रित रखने हेतु उन्होंने मंत्रीगणों से अपने प्रभार वाले जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति, मरीजों में देखे जा रहे लक्ष्यणों की तीव्रता, अस्पताल में भर्ती मरीज, होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज और उनके स्वस्थ होने की अवधि के बारे में जानकारी लेने को कहा है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक पाबंदियां लगाई जाने के संबंध में जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों, किसान मजदूर संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों सहित अधिक से अधिक लोगों से चर्चा करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने मंत्रीगणों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं संक्रमितों के इलाज के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की भी समीक्षा के साथ-साथ कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए लोगों को कोरोना गाईड लाईन का कड़ाई से पालन करने और सावधानियां बरतने की समझाईश देने को भी कहा है।
कोरबा /शौर्यपथ/
कोरोना वायरस के संक्रमण के बने मौजूदा हालातों में कोरबा शहर में कोरोना सक्रमण की रोकथाम के लिए घर में रहें, सुरक्षित रहे | के संदेश के साथ पुलिस और प्रशासन की टीम ने आज फ्लैग मार्च निकाला। आज शाम कलेक्टर रानू साहू एवं एसपी भोजराम पटेल के नेतृत्व में कोरबा शहर में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के प्रति आमजनों को जागरूक करने के लिए विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने और अनावश्यक घर बाहर नहीं निकलने का संदेश दिया गया।
यह फ्लैग मार्च एसपी कार्यालय से शुरू हुआ। कोसाबाड़ी चौक से होते हुए सुभाष चौक, घंटाघर, महाराणा प्रताप चौक, बुधवारी, मुड़ापार, टीपी नगर रेल्वे क्रासिंग से सुनालिया होते हुए पुराना कोरबा, पुराना बस स्टैंड, सीतामणी से वापस टीपी नगर चौक, सीएसईबी चौक, बुधवारी, आईटीआई चौक से सिविल लाईन डिंगापुर, तहसील कार्यालय से वापस कलेक्टोरेट तक फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान घरों की छतों और बालकनियों से लोग फ्लैग मार्च के फोटो तथा वीडियो अपने मोबाइल फोनों में बनाते दिखे। फ्लैग मार्च में शामिल वाहनों से माईकिंग सिस्टम द्वारा लोगों से अपने-अपने घरों में रहने की अपील की जाती रही।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
