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April 06, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

सुकमा /शौर्यपथ/

पढ़ई तुहंर दुआर-2.0 के तहत पठन, लेखन, गणितीय कौशल एवं सामाजिक विज्ञान तथा विज्ञान के प्रोजेक्ट की प्रतियोगिता का विकासखण्ड स्तरीय आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोण्टा में सम्पन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखण्ड कोण्टा के संकुल स्तर पर चयनित प्रतिभागी शामिल हुये।

प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एस. के. दीप ने किया। इस अवसर पर खण्ड स्त्रोत समन्वयक महेन्द्र बहादुर सिंह, सहायक खण्ड शिक्षा अधिकारी पी. श्रीनिवास राव, प्राचार्य सहदेव सिंह, दुसन लाल मार्गे, वरिष्ठ शिक्षक बी. विश्वेश्वर राव, सुश्री बी. शैल कुमारी, सुशील कुमार श्रीवास, टी. श्रीनिवास वासू, डी.व्ही.एस. प्रसाद एवं अन्य शिक्षक उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक जगमोहन, जी. मलेश ने किया। बच्चों के द्वारा बनाये गये मॉडल, सृजनात्मक लेखन एवं पठन, गणित कौशल के प्रस्तुतीकरण पर अधिकारियों ने संतोष जाहिर करते हुए प्रोत्साहित कर जिला स्तर की प्रतियोगिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

विकासखण्ड स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में सृजनात्मक लेखन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. वेट्टी सानिया ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. इस्मिता राय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

विज्ञान प्रोजेक्ट प्रदर्शन की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के छात्र दिवाकर यादव ने प्रथम एवं संकुल केन्द्र कोण्टा के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा के छात्र यश मण्डल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

पठन कौशल की विधा में संकुल केन्द्र पेण्टा के कन्या आश्रम नागलगुण्डा के विद्यार्थी कु. शेख जास्मिन ने प्रथम एवं कु. मड़कम कविता ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। गणित कौशल की विधा में संकुल केन्द्र कोण्टा-1 के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोण्टा के विद्यार्थी निखिल कुमार प्रथम एवं तरुण सलवम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

सामाजिक विज्ञान प्रोजेक्ट फाईल की विधा में संकुल कोण्टा के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कोण्टा की छात्रा कु. खुशी मण्डल ने प्रथम एवं शासकीय कन्या माध्यमिक शाला अंग्रेजी माध्यम कोण्टा की छात्रा कु. शिवानी नाग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्य स्तर पर 18 छात्र-छात्राओं का चयन

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन कला उत्सव में छत्तीसगढ़ के दो प्रतिभागियों ने आज एकलवादन शास्त्रीय संगीत में तबलावादन प्रस्तुत कर देशवासियों का मन मोह लिया। रायपुर के जे.एन. पाण्डेय स्कूल के जयंत चौहान और जांजगीर चांपा जिले से साधना साहू ने यह प्रस्तुति दी। इस अवसर पर समग्र शिक्षा अभियान के प्रबंध संचालक  नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने जयंत चौहान और साधना साहू को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग के  अजय पिल्ले,  प्रशांत पाण्डेय, नीलम कुशवाहा,  शैलेन्द्र वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के कला एवं सौन्दर्य बोध विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन कला उत्सव का आयोजन 01 से 6 जनवरी तक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान की ओर से दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम साईंस कॉलेज के मंच से ऑनलाइन प्रस्तुति दी जा रही है। एक जनवरी को केपीएस भिलाई स्कूल की कुमारी अनुपमा बेनर्जी और पेण्ड्रा रोड की कृष्णम शुक्ला ने एकल गायन शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में राज्य के 18 छात्र-छात्राओं का राज्य स्तर पर चयन किया गया। इन विधाओं में गायन, वादन, पारंपरिक लोक संगीत, नृत्य, दृश्य कला प्रिंटिंग, मूर्तिकला, स्थानीय खेल एवं खिलौने सहित कुल 9 प्रकार की विधाओं में प्रत्येक विधा से एक बालक और एक बालिका को मिलाकर 18 छात्र-छात्राओं का चयन प्रदेश स्तर पर किया गया।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से कुमारी दिव्या महंत,  भूपेश देवांगन, कु.रूमा,  उपेन्द्र यादव, कुं. परिधि गजेन्द्र, दुर्गा प्रसाद, कु. भूमिका, डोमेश पाल, कु. तुलिका बनर्जी, विवेक राजवाड़े, कु. अनिता यादव,  ताम्रध्वज साहू, कु. सलमिता एक्का,  चेतन डिगरे अपनी प्रस्तुति देंगे।

रायपुर /शौर्यपथ/

राज्यपाल  अनुसुईया उइके से राजभवन में गायत्री शक्तिपीठ हरिद्वार के प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्डया ने मुलाकात की। राज्यपाल ने डॉ. पण्डया का श्रीगणेश जी की प्रतिमा भेंटकर, शाल से स्वागत एवं सम्मान किया। इसके साथ ही अन्य उपस्थित प्रमुखों का भी शॉल से सम्मान किया।

इस दौरान गायत्री शक्तिपीठ हरिद्वार द्वारा प्रदेश एवं देश में चलाए जा रहे जन जागृति एवं समाज सुधार के कार्यों पर चर्चा हुई एवं युग निर्माण योजना की गतिविधियों पर चर्चा की। राज्यपाल को डॉ. पण्डया द्वारा हरिद्वार आश्रम आने का आमंत्रण भी दिया गया। इस अवसर पर दुर्ग सांसद  विजय बघेल,  सुखदेव निर्मलकर, जोन प्रभारी शांतिकुंज  मोहितराम गुरूवंश उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ/

हाथकरघा से जुड़े बुनकर अपनी जिंदगी के ताने-बाने तो बुन ही रहे हैं। इसी तारतम्य में टाई डाई साड़ियों की बुनाई करके  संजय की जिंदगी भी खुशहाल हो गई है। यह कहानी महासमुंद जिले के सरायपाली तहसील के ग्राम सिंघोड़ा निवासी श्री संजय मेहेर की है। जो बचपन से ही अपने परंपरागत व्यवसाय बुनाई कार्य कर रहे हैं। उनके द्वारा तैयार की गई मयूरी साड़ी की बाजार में बड़ी अच्छी मांग है। इस साड़ी की विशेषता यह है कि साड़ी के किनारे में डाबी डिजाईन, पल्लू में फूल और साड़ी में जीव-जंतुओं की आकृति को डिजाईन देकर दो दिन में साड़ी तैयार की जाती है। इसकी बुनाई से उन्हें 1200 रूपए की बुनाई मजदूरी मिलती है।

उन्होंने बताया कि उनके पिताजी और दादा जी के समय से दो साड़ियों की बुनाई कर उसे गांव-गांव में जाकर बेचा करते थे। इससे उन्हें 500 से 1000 तक की आय होती थी, जिससे उनके पूरे परिवार का बड़ी मुश्किल से खर्च चलता था। श्री संजय ने बताया कि आज वे विभिन्न प्रकार की साड़ियों की डिजाईन जैसे- पेपर, महाली, बाबता, डिजाईन की टाई डाई साड़ियों की बुनाई कर रहे हैं। इन साड़ियों की बुनाई से प्रति साड़ी ढाई से तीन हजार रूपए तक की बुनाई मजदूरी मिलती है, जिसके कारण आज वे अपने एक पुत्र और दो पुत्री की पढ़ाई-लिखाई और अपने परिवार का गुजारा बुनाई कार्य से हाने वाले आमदनी से बड़ी आसानी से कर रहे हैं। उनके पास आज 4 एकड़ कृषि योग्य भूमि, मोटर सायकल और उनका खुद का पक्का मकान है, यह सब बुनाई कार्य से हुई आमदनी से ही संभव हुआ है। श्री संजय मेहेर ने बुनकर समिति में 2010-11 से सदस्यता ग्रहण कर विभिन्न डिजाइनों की साड़ियों की बुनाई कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे विगत 40 वर्षों से उड़िया टाई डाई साड़ी का बुनाई कार्य कर रहे है। आज उनके द्वारा 1000 से 10,000 रूपए तक की टाई डाई सम्बलपुरी साड़ी तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि ग्रामोद्योग विभाग के वरिष्ट अधिकारियों द्वारा उन्हें छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में ओडिसा प्रांत से संबंधित पैटर्न के वस्त्र का प्रचलन है, इन पैटर्न की साड़ियों के उत्पादन करने के निर्देश प्राप्त हुए थे। जिसके तहत विरेन्द्र बहादुर बुनकर सहकारी समिति मर्यादित सलडीह के बुनकर सदस्यों द्वारा कादम्बनी साड़ी तैयार कर प्रस्तुत किया गया। जिसे बिलासा हैण्डलूम में बिक्री हो रही है। इससे बुनकरों को उनकी आय में आर्थिक बढ़ोत्तरी हो रही है।


263 करोड़ की लागत से सिद्ध बाबा जलाशय के निर्माण होगा

समाज सुधारक सावित्री बाई फूले के व्यक्तित्व का संक्षिप्त विवरण
पाठ्यक्रम में होगा शामिल

सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रूपए की घोषणा की

गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी एवं हाई-टेक नर्सरी के निर्माण की घोषणा की

साल्हेवारा में तत्काल तहसीलदार पदस्थापना के निर्देश

छुईखदान के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति,

ब्लड बैंक, हमर लैब, सोनाग्राफी मशीन स्थापित किए जाने की घोषणा

रायपुर /शौर्यपथ/

साल्हेवारा में तत्काल तहसीलदार पदस्थापना के निर्देश

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज राजनांदगांव जिले के गण्डई में समाज सुधारक सावित्री बाई फुले जयंती एवं सम्मान समारोह, मां भगवती शाकम्भरी पूजा-अर्चना कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  बघेल ने इस अवसर पर छुईखदान एवं गण्डई क्षेत्र को 58 करोड़ 89 लाख रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने छुईखदान एवं गण्डई में  धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री  बघेल ने इस अवसर पर सावित्रीबाई एवं ज्योतिबा फुले के सामाजिक कार्यों का उल्लेख किया और कहा कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में मुझे ज्योतिबा फुले सम्मान का मिलना है। सावित्रीबाई एवं ज्योतिबा फुले का योगदान समाजोत्थान में कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार मजदूर, किसान और हर वर्ग की सरकार है। हमारी सभी योजनाएं जनहित और आम जन की सुविधा और उन्हें अच्छी व्यवस्था देने के लिए ही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी मौजूद लोगों को नए साल की बधाई दी। कार्यक्रम में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री एवं राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री  अमरजीत भगत, मध्यप्रदेश के लांजी-किरनापुर की विधायक  हिना कांवरे विशेष रूप से उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम में गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी

मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम में गंडई में हाई-टेक सब्जी मण्डी, गंडई में उद्यानिकी हाईटेक नर्सरी, मरार समाज के लिए सावत्री बाई फूले के नाम पर एक एकड़ भूमि, सामाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रूपए स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने 263 करोड़ रूपए की लागत से सिद्ध बाबा जलाशय का निर्माण कराए जाने की भी स्वीकृति दी। इस जलाशय के निर्माण से 34 गांवों के किसानों को लगभग 2500 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए जलापूर्ति होगी। मुख्यमंत्री  बघेल ने इस मौके पर प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में सावित्री बाई फूले की फोटो लगाने एवं उनके व्यक्तित्व का संक्षिप्त विवरण पाठ्यक्रम में शामिल करने, छुईखदान-गण्डई क्षेत्र में भी कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने टिकरापारा-खैरागढ़ मार्ग में एवं जालबांधा-खैरागढ़ मार्ग में नैरो ब्रिज के निर्माण, ग्राम भुरभुंदी, लिमो एवं ढाबा हाई स्कूल भवन निर्माण तथा गंडई में 2 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री  बघेल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया

मुख्यमंत्री  बघेल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया और कहा कि यहां स्त्री एवं बाल रोग विशेषज्ञ की शीघ्र नियुक्ति एवं विभिन्न प्रकार के टेस्ट के लिए हमर लैब, ब्लड बैंक, सोनोग्राफी मशीन भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने गंडई नगर पंचायत में बस स्टैण्ड एवं यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराए जाने तथा खैरागढ़ एवं छुईखदान विकासखण्ड में पी.एम. आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की बकाया राशि शीघ्र दिए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मांग अनुसार निर्माण कार्य हेतु 10 करोड़ रूपये, छुईखदान एवं गण्डई नगर पंचायत को विकास कार्य के लिए 3-3 करोड़ रूपए की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने साल्हेवारा अंचल के लोगों की सहूलियत के लिए कल 4 जनवरी से उप-तहसील साल्हेवारा में तहसीलदार पदस्थ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नगर पंचायत गण्डई के वार्ड क्रमांक-7 में 25 लाख 3 हजार रूपए की लागत

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने नगर पंचायत गण्डई के वार्ड क्रमांक-7 में 25 लाख 3 हजार रूपए की लागत से पौनी-पसारी योजना के तहत निर्मित अधोसंरचना तथा छुईखदान ब्लॉक के ग्राम खैरबना में 77.23 लाख रूपए की लागत से निर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री  बघेल ने सुगम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित पहुंच मार्गों का भी लोकार्पण किया, जिसमें 19.99 लाख रूपए की लागत से गण्डई कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन पहुंच मार्ग, 19.99 लाख रूपए की लागत से हाई स्कूल भवन घिरघोली एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन जंगलपुर के लिए निर्मित पहुंच मार्ग, 10 लाख रूपए की लागत से हाई स्कूल भवन कुम्हरवाड़ा पहुंच मार्ग, 15.49 लाख रूपए की लागत से निर्मित हाई स्कूल भवन घोघा पहुंच मार्ग, 19.84 लाख रूपए की लागत से निर्मित माध्यमिक शाला भवन छुईखदान पहुंचमार्ग, 11.36 लाख रूपए की लागत से बने गण्डई थाना भवन पहुंच मार्ग, 19.94 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक केन्द्र गण्डई में पहुंच मार्ग तथा 19.55 लाख रूपए की लागत से खैरबना हाई स्कूल भवन एवं साल्हेकसा में पशु औषधालय तक निर्मित पहुंच मार्ग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गण्डई एवं छुईखदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गण्डई एवं छुईखदान क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार हेतु 5 करोड़ रूपए की लागत वाले कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 2.50 करोड़ की लागत से 30 बिस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण, छुईखदान ग्राम लक्ष्मणपुर, 74.56 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र छुईखदान एवं गण्डई में 10-10 बिस्तर वाले आईसोलेशन वार्ड का निर्माण, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पैलीमेटा में 28 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 2 नग एच टाईप स्टाफ क्वाटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घिरघोली में 90 लाख रूपए की लागत से बनने वाले 2-2 नग एच एवं जी टाईप क्वाटर तथा ग्राम धोधा एवं कोपरो में 55.46 लाख रूपए की लागत से बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री  बघेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम कुकुरमुड़ा में एक करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले हाईटेक उद्यान नर्सरी की भी आधारशिला रखी। जल जीवन मिशन के तहत छुईखदान गंडई क्षेत्र के 66 गांवों में 50 करोड़ 41 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाली नल जल प्रदाय योजनाओं का भी भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  जितेन्द्र मुदलियार

इस अवसर पर राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  जितेन्द्र मुदलियार, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष  नवाज खान, शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष  रामकुमार पटेल, आईजी दुर्ग संभाग  ओपी पॉल, कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा, समाज सेवी  पदम कोठारी सहित  टिकेश्वरी पटेल,  सुखदेव पटेल, विजय पाटिल, देवचरण पटेल, राजेन्द्र नायक, आत्माराम पटेल, पतिराम पटेल, बरतराम पटेल,  गजेन्द्र ठाकुर एवं जनसामान्य उपस्थित थे।

रायपुर /शौर्यपथ/ 

छत्तीसगढ़ पुलिस में मैदानी स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के 9 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। इनमें से 7 जिलों के पुलिस अधीक्षक भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल 6ठीं वाहिनी के सेनानी और मुख्यमंत्री सुरक्षा के SP भी इस फेरबदल की जद में आए हैं

 

रायपुर /शौर्यपथ/ 

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काेरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। इसलिए यह मानकर चलें कि तीसरी लहर आ चुकी है। सिंहदेव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों से बातचीत में यह बातें कहीं। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि कोरोना विदेशों से ही आया है।

ओमिक्राॅन भी विदेशों से ही आ रहा है। बाहर से आने वालों पर अभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो यहां के बाॅर्डर पर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन बाॅर्डर पर चौकसी और जांच बढ़ाने की जरूरत है ताकि इसके फैलाव को रोका जा सके। सिंहदेव ने कहा कि ओमिक्रॉन का एक भी मरीज अभी तक छत्तीसगढ़ में नहीं मिला है, लेकिन यहां यह सुनामी की तरह आएगी। क्योंकि ओमिक्राॅन तेजी से फैलता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह जितनी तेजी से बढ़ेगा उतनी ही तेजी से उतर भी जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना की रफ्तार राेकने के लिए हमे कड़े फैसले लेने होंगे। यदि पॉजीटिविटी दर तीन प्रतिशत से ज्यादा होती है तो स्कूल, कॉलेज, जिम और सिनेमा को लेकर फैसला लिया जा सकता है। वैसे वर्तमान में रायपुर में ये दर 6 फीसदी तथा दुर्ग जिले में चार फीसदी है। यदि यह प्रदेश में 10 फीसदी तक हुआ तो लॉकडाउन ही विकल्प होगा। हालांकि सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में हमारे पास इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है।

 

रायपुर /शौर्यपथ/

दूसरी लहर के पीक के सात माह बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ और रायपुर में कोरोना विस्फोट जैसे हालात बन गए हैं। प्रदेश में एक दिन में 698 और राजधानी में 222 केस मिले हैं। रायपुर में पिछले साल 25 मई को एक दिन में 209 केस मिले थे, इसके पूरे 224 दिन बाद शहर में इतने केस मिले। राजधानी के आईआईटी सेजबहार हास्टल में 48 छात्र-स्टाफ पाजिटिव निकले हैं। इसी तरह, सुकमा में 38 जवान एक साथ पाॅजिटिव पाए गए हैं। हालात के मद्देनजर सीएम भूपेश बघेल ने सोमवार को दोपहर प्रदेश के सभी मंत्रियों और आला अफसरों की आपात बैठक बुला ली।

बैठक के बाद सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। सीएम समेत यहां के डाक्टरों ने इसे कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक करार दिया है। प्रदेश में संक्रमण ओमिक्रान के फैलाव जैसा है, हालांकि अब तक यहां से भेजे गए किसी सैंपल में नए वैरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। जिस तरह दुनियाभर में अभी 15 से 30 साल की उम्र के बच्चों और वयस्क में अभी केस ज्यादा निकल रहे हैं, वैसी ही स्थिति यहां भी है। राजधानी में केवल 8 दिन में 37 गुना रफ्तार से केस बढ़े हैं। 27 दिसंबर को जहां 6 केस दर्ज किए थे। वो केवल 8 दिन में बढ़कर 222 नए केस पर आ गए हैं।

अगर केवल चार दिन की स्थिति का आंकलन करें तो 31 दिसंबर को शहर में 51 नए केस मिले थे, उसमें चौगुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रायपुर में एक हफ्ते में मिले 425 से अधिक केस में करीब 45 लोग ही ऐसे हैं जिनको दोनों डोज लगे हैं। अर्थात ज्यादातर केस अब उन लोगों में आ रहे हैं जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाया है। या केवल एक ही डोज लगाया है। बच्चों में अचानक केस बढ़ने के पीछे जानकार वैक्सीन नहीं लगवाने को अहम वजह बता रहे हैं। राजधानी में अब तक 60 से अधिक बच्चे कोरोना की जद में आ चुके हैं। इसमें भी 20 से अधिक बच्चे 15 साल से कम उम्र के हैं। इसमें एक साल और एक साल से कम उम्र के बच्चे भी हैं। जो परिवार के लोगों के संक्रमित होने के बाद पॉजिटिव निकले

 

एक्सपर्ट व्यू; ओमिक्रॉन और डेल्टा के मेल का डर ज्यादा

विशेषज्ञों के अनुसार डेल्टा और ओमिक्रॉन के मेल से बनने वाले मिक्स वैरिएंट म्यूटेशन का डर ज्यादा है। अधिकांश देशों में जहां तेजी से केस बढ़ रहे हैं, वहां ये ट्रेंड भी देखा जा रहा है। प्रदेश में हालांकि अभी तक ओमिक्रॉन का एक भी मामला सामने नहीं आया है। लिहाजा फिलहाल की स्थिति में दोनों वैरिएंट के कॉकटेल जैसी स्थिति नहीं है। डेल्टा वैरिएंट की वजह से प्रदेश में अधिकतम मौतें दर्ज हुई थी। हालांकि बाद में मौत के मामले धीरे धीरे घटते गए हैं। वैरिएंट पॉजिटिव आए ज्यादातर वैरिएंट को वर्णक्रम में नंबर के आधार पर रखा गया है।

इंफेक्टिविटी अपने फुल फॉर्म में आई, सचेत नहीं रहे तो पॉजिटिव होने के चांस

आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश और रायपुर में अब इंफेक्टिविटी यानी संक्रमण के फैलने की रफ्तार अपने फुल फॉर्म में आ गई है। लगातार केस बढ़ रहे हैं ये ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा। स्थिति को भयावह होने से रोकने के लिए जरूरी है कि सब के सब सचेत हो जाएं। केस दो से तीन, तीन से चार, चार से पांच गुना रफ्तार से बढ़ रहे हैं। क्लिनिकल फीचर और आंकड़े यही बता रहे हैं कि तीसरी लहर अब आ चुकी है। देखने वाली बात यही होगी कि इसके पीक तक पहुंचने में कितने केस और बढ़ेंगे।

दुर्ग / शौर्यपथ /

    दुर्ग जिले में हाल ही में सम्पान्न हुए निकाय चुनाव के बाद सभी निउकायो में महापौर कौन बनेगा इसकी कशमकश व अराजनीतिक चर्चा लगातार चल रही है . उसी बीच आज भिलाई 3 चरोदा के पार्षद शपथ ग्रहण के बाद महापोर और सभापति का चुनाव संपन्न हुआ जिसमे सर्व समट्टी से दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष निर्मल कोसरे को महापौर पद के लिए चुना गया . भिलाई 3 निगम में शुरू से ही निर्मल कोसरे का नाम प्रमुखता से महापौर के दावेदार के रूप में चल रहा था .
   लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री और अहिवारा विधायक गुरु रूद्र कुमार से आज भिलाई-3 स्थित निवास कार्यालय में भिलाई-3 चरोदा नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और सभापति समेत कॉन्ग्रेस पार्षदों ने पहली मुलाकात की। मंत्री श्री गुरु रुद्र कुमार ने नवनिर्वाचित महापौर, सभापति और सभी पार्षदगण को निकाय चुनाव में उनकी जीत के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
   अहिवारा विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने नवनिर्वाचित महापौर एवं पार्षदों को जीत के साथ नववर्ष की बधाई देते हुए निगम के विकास में नई पारी की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने नवनिर्वाचित महापौर, सभापति एवं पार्षदों से पूरी विनम्रता के साथ सहानुभूतिपूर्वक निगम के विकास के लिए कार्य करने को कहा ताकि निगम को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके और नागरिकों को और ज्यादा बेहतर सुविधाएं मिल सके।
    मंत्री गुरु रूद्र कुमार ने कहा उनकी मांगों को पूरा करने ईमानदारी और निष्ठा से काम करें। ताकि आने वाले समय में आम जनता का पूरा सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ के मुखिया श्री भूपेश बघेल जी के कार्यक्रमों, नीतियों और जनहितकारी कार्यों के से प्रेरित होकर आम जनता ने हमारा साथ दिया है। नगरीय निकायों के पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे आम जनता की अपेक्षा के अनुरूप सतत संपर्क में रहते हुए अपने दायित्व को पूरा करें। इस दौरान उन्होंने कहा इस चुनाव की जीत का श्रेय क्षेत्र की जनता को जाता है इसलिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं।
   इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, पूर्व सभापति विजय जैन, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्री मनोज मढरिया,  राजेश दाडेकर समस्त नवनिर्वाचित पार्षद गण समेत सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

वार्ड न. 42 में लाखो रूपये के भ्रष्टाचार का खुलासा , किन्तु आयुक्त मंडावी फि र भी जिम्मेदार अधिकारियो पर नहीं कर पा रहे कार्यवाही ... दुर्ग / शौर्यपथ /…

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